युवा चेहरे के साथ भाजपा को मिलेगी और ज्यादा विधानसभा सीटें

भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा 20-21 अगस्त को दो दिवसीय उत्तराखंड दौरे पर रहेंगे। यंहा नड्डा देहरादून व हरिद्वार जनपद के पार्टी द्वारा आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेंगे। जिनमें देहरादून के रायवाला में में सैनिकों के सम्मान व उनसे संवाद एवं हरिद्वार में संतों का आशीर्वाद कार्यक्रम में शिरकत करेंगे।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने उक्त जानकारी काशीपुर में पत्रकारों को संबोधित करते हुए उक्त जानकारी दी। उन्होंने कहा कि चुनावों को दृष्टिगत रखते हुए 70 पूर्णकालिक विस्तारकों का प्रशिक्षण वर्ग काशीपुर में किया जा रहा है जिसमें राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बी० एल० संतोष राष्ट्रीय महामंत्री और उत्तराखंड प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम का मार्गदर्शन प्राप्त होगा।

प्रदेश अध्यक्ष कौशिक ने 20 और 21 अगस्त को हरिद्वार व देहरादून में भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के दो दिवसीय उत्तराखंड दौरे की जानकारी देते हुए कहा कि इस दौरान नड्डा प्रदेश पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों व कार्यकर्ताओं से मुलाकात के साथ-साथ सैनिक संवाद और संतो का आशीर्वाद कार्यक्रम में प्रतिभाग करेंगें।

कौशिक ने बताया कि कोरोना की तीसरी लहर के खतरे को देखते हुए भाजपा पूरे प्रदेश में 25,000 स्वास्थ्य स्वयंसेवक तैयार कर रही है जिनका प्रदेश स्तर पर प्रशिक्षण हो चुका है तथा अतिशीघ्र जिला और मंडल स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम किया जाएगा। साथ ही कहा रामनगर में हुए चिंतन शिविर में पार्टी ने अगामी कार्यकर्ताओं की रूपरेखा तैयार की है जिसके तहत 2365 शक्तिकेन्द्रों में कार्यक्रम आरम्भ हो चुके है।

कौशिक ने कहा कि बूथ समिति भाजपा की ताकत रही है और यही उसकी जीत का आधार है। उन्होंने कहा कि भाजपा संगठन द्वारा 11,235 बूथ समितियों का गठन किया जा चुका है और उनके सत्यापन का कार्य चल रहा है। भाजपा में बूथ समितियां पूरे 5 वर्ष कार्य करती है। बूथ समितियों के माध्यम से जनता की समस्याओं का समाधान होता है और संवाद बना रहता है। जबकि अन्य विपक्षी पार्टियो में चुनाव से कुछ समय पूर्व ही कार्यकर्ताओं की सुध ली जाती है।

कौशिक ने कहा कि आज हमारे पास लोकप्रिय और युवा मुख्यमंत्री है। 2022 में भाजपा 2017 से भी बड़ी विजय हासिल करेगी और 60 से प्लस विधानसभा क्षेत्रों में विजय प्राप्त करेंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा आगामी चुनावों में कमल के निशान तथा 60 प्लस के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरेगी।

इस दौरान जिलाध्यक्ष शिव अरोड़ा, विधायक काशीपुर हरभजन सिंह चीमा, मेयर काशीपुर उषा चौधरी, कुमाऊं सह मीडिया प्रभारी रवि कुरिया, जिला उपाध्यक्ष गुरविंदर चंडोक आदि उपस्थित रहे।

नारी शक्ति के मन में जो इच्छा होती है वह साकार करती है-पीएम

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज वीडियों कान्फ्रेन्सिंग के माध्यम से देश के विभिन्न प्रान्तो से जुड़ी महिला स्वंय सहायता समूह के साथ मन की बात में आत्म निर्भर नारी शक्ति से सीधे संवाद कर उनके द्वारा चलाये जा रहे ग्रोथ सेन्टर एवं अन्य क्षेत्र में किये जा रहे उत्पादों व उससे होने वाली आमदनी के बारे में विस्तार से जानकारी ली। उन्होने सभी महिलाओं को आगामी रक्षाबंधन की शुभकामनाऐं व बधाई दी।
उन्होने कहा कि इस योजना से देश के 8 करोड़ बहनो को जोड़ा गया है ताकि हमारी माता-बहने आत्म निर्भर बन सकें। प्रधानमंत्री ने ग्रोथ सेन्टरो से जुड़ी महिलाओं से अपने उत्पादो को ऑनलाईन के माध्यम से कम्पनियों के साथ तालमेल बनाये ताकि उत्पादित किये गये उत्पादों को अच्छा बजार मिल सकें। उन्होने कहा कि महिलाऐं अपने-अपने क्षेत्र में जो काम कर रही है उससे अलग भी समाज के लिये कोई नया कार्य करें जैसे स्वच्छता, कुपोषण, शिक्षा, आजीविका आदि के क्षेत्र में लोगों को जागरूक करें ताकि अधिक से अधिक महिलाऐं स्वरोजगार से जुड़े। प्रधानमंत्री ने कहा कि नारी शक्ति के मन में कुछ करने का इच्छाशक्ति है तो वे कर सकती है। आप लोगों के सहयोग से आने वाले समय में भारत को पूर्ण आत्म निर्भर बनाया जा सकता है।
इस दौरान प्रधानमंत्री ने आत्म निर्भर नारी शक्ति के अन्तर्गत जनपद के उदय स्वंय सहायता समूह की संचालिका चन्द्रमणी दास से बात की। संचालिका द्वारा प्रधानमंत्री से बात करते हुये बताया कि समूह में 35 महिलाएं द्वारा बेकरी में खाद्य उत्पादो को बनाने का कार्य किया जा रहा है। जिसके अन्तर्गत अभी तक 10 लाख से अधिक का समूह को लाभ हुआ है साथ ही कोविड-19 के दौरान महिलाओं द्वारा 08 माह में मंडुऐं से निर्मित 88 हजार बिस्कुट का पैकिट तैयार कर 89 लाख 32 हजार का टर्नओवर किया है। हर्ष जताते हुये समूह की संचालिका ने कहा कि आज समूह में काम करने के कारण प्रधानमंत्री से बात करने का सौभाग्य मिला है।
इस मौके पर जिलाधिकारी श्रीमती रंजना राजगुरू ने उपस्थित समूह की महिलाओं को बधाई दी। उन्होने कहा कि हमे यह गर्व की बात है कि प्रधानमंत्री ने जनपद की महिला स्वंय सहायता समूह की महिलाओं से सीधे बात कर उन्हे बधाई व शुभकामना देते हुये उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। उन्होने कहा कि इस संवाद से महिलाओं को एक अत्मबल एवं प्रेरणा मिलेगी और वे अपना काम और अधिक उत्साह के साथ करेंगी।
इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक राजकुमार ठुकराल, मेयर रामपाल सिंह, ब्लाक प्रमुख ममता जल्होत्रा, मुख्य विकास अधिकारी आशीष भटगई, पीडी हिमाशु जोशी, डीडीओ डा. महेश कुमार सहित समूह की महिलायें आदि उपस्थित थे।

लापता महिला का सामान और सुसाइड नोट त्रिवेणीघाट से बरामद

टिहरी जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां गुरूवार को त्रिवेणी घाट गंगा तट से लापता महिला का सामान और सुसाइड नोट बरामद हुआ है। बताया जा रहा है कि महिला थाना घनसाली क्षेत्र से बीते बुधवार को घर से लापता हो गई थी।
लेकिन महिला का अभी कुछ पता नहीं चल सका है। सुसाइड नोट में महिला ने सुसरालियों पर प्रताड़ित करने के आरोप लगाए है और मौत की वजह बताई है। वहीं मामले में पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कर रही है। साथ ही महिला की तलाश के लिए गंगा में सर्च आपरेशन शुरू कर दिया गया है।
बता दें कि थाना घनसाली टिहरी गढ़वाल, ग्राम तुंग पोस्ट बाजियाल गांव निवासी मंजू पंवार (24 वर्ष) पत्नी दीपक बुधवार की सुबह करीब छह बजे घर से लापता हो गई थी। महिला के पति ने महिला की काफी तालाश की जब मंजू का कहीं कुछ पता नहीं चल सका उसके पति ने थाना घनसाली में सूचना दी। पुलिस ने मामलें में मंजू का गुमशदी की रिपोर्ट दर्ज कर तलाश शूरू कर दी थी।
मोबाइल को सर्विलांस पर लगाया था। जिसकी मदद से पुलिस जांच में महिला के मोबाइल लोकेशन गुरुवार की सुबह करीब 6रू30 बजे त्रिवेणी घाट चौकी क्षेत्र में गंगा तट स्थित नाव घाट पर मिली। पुलिस ने मंजू के परिजनों को इसकी सूचना दी। जिसके बाद विवाहिता के स्वजन नाव घाट पहुंचे तो उन्हें वहां मंजू का ट्राली बैग मिला और उसके अंदर एक डायरी और सुसाइड नोट मिला। जिसकी सूचना त्रिवेणी घाट पुलिस चौकी को दी गई।
पुलिस ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि मंजू ने डायरी में सुसाइड नोट सहित काफी बातें लिखी हैं। जिसमें लिखा है कि शादी के बाद बच्चा ना होने पर उसकी सास और पति उसे ताना देते थे। मैं सब को छोड़ कर जा रही हूं। वहीं पुलिस ने इस मामले में अनहोनी की आशंका जताई है। जिसके चलते पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू की है। इसके साथ ही एसडीआरएफ की टीम भी गंगा में सर्च आपरेशन चला रही है। मौके पर मंजू की मां, चाचा सहित कई लोग मौजूद है। जिनका रो-रोकर बुरा हाल है।

एमडीडीए की कार्रवाई, सरकारी मुकदमा दर्ज

विवादित जूता घर प्रकरण ने अब एक नया मोड़ आया है, एमडीडीए ने अज्ञात के खिलाफ तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। कोतवाली ऋषिकेश पुलिस ने तहरीर के आधार पर लोक संपत्ति निवारण अधिनियम 1984 के तहत अज्ञात के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कर लिया है। अब पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। वही मौके पर जूता घर को तोड़ने के दौरान जो भी व्यक्ति, संस्थाएं और राजनीति व्यक्ति मौजूद रहा है, उनकी जांच करने की बात सामने आ रही है। इस कार्रवाई के बाद नगर के कुछ लोगों में खलबली मची रही। सूत्रों के मुताबिक उन्हें अब पुलिस कार्रवाई का डर सताने लगा है।

त्रिवेणी घाट ऋषिकेश में विवादित जूता घर को तोड़ने में जितनी तेजी दिखाई गई उतनी ही तेजी से एमडीडीए ने भी एक्शन ले लिया है। एमडीडीए के अवर अभियंता अनुज कुमार पांडे की तहरीर पर कोतवाली ऋषिकेश में मुकदमा दर्ज किया गया है। हालांकि यह मुकदमा अभी अज्ञात के खिलाफ हुआ है, मगर पुलिस जल्द ही सीसीटीवी फुटेज व आसपास के लोगों से पूछताछ के आधार पर नाम का खुलासा कर सकती है।

गौरतलब है कि एक कार्यक्रम में त्रिवेणी घाट जूता घर को लेकर एमडीडीए के अधिकारियों को चेतावनी दी गई थी। इसके बाद स्थानीय पार्षद रीना शर्मा ने एमडीडीए, विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर इसको तोड़ने के बजाय लॉकर के रूप में परिवर्तित करने की मांग की थी। उनका तर्क था कि लाखों रुपये की लागत से बने सरकारी निर्माण को एकाएक ध्वस्त करना उचित नही है। ऐसे में इसका सदुपयोग अन्य कार्य में किया जा सकता है। मगर स्थानीय लोगों का आरोप है कि एकाएक रात्रि के समय इस जूता घर को अपनी सस्ती लोकप्रियता के चलते जेसीबी की मदद से तुड़वा दिया गया। जिसके बाद इस मामले में एमडीडीए की ओर से कड़ी नाराजगी जताई गई थी। बीते रोज एमडीडीए के अवर अभियंता अनुज कुमार पांडे ने कोतवाली ऋषिकेश में तहरीर दी, वही पुलिस ने भी अज्ञात के खिलाफ लोक संपत्ति निवारण अधिनियम 1984 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। अब जूता घर तोड़ने के दौरान जो भी व्यक्ति वहां मौजूद रहा, उस पर पुलिस की क्या कार्रवाई होती है, इस पर सबकी नजर बनी हुई है।

राज्य के विकास के लिए धामी ने मांगा राजनाथ सिंह का सहयोग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को नई दिल्ली में केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जी से शिष्टाचार भेंट की। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से सामरिक महत्व को देखते हुए टनकपुर-बागेश्वर रेल लाईन ब्राडगेज (बीजी) की स्वीकृति के लिये रक्षा मंत्रालय के स्तर से भी संस्तुति करने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने जखोली, रुद्रप्रयाग में स्वीकृत सैनिक स्कूल की अवस्थापना सुविधाओं के लिए एमओयू में संशोधन करते हुए केन्द्रीय सहायता का भी अनुरोध किया।

सामरिक महत्व के दृष्टिगत टनकपुर-बागेश्वर ब्राडगेज लाईन जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के क्षेत्रीय सामाजिक सांस्कृतिक तथा पर्यटन के विकास और सामरिक दृष्टिकोण से रेल मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा टनकपुर और बागेश्वर के बीच नैरोगेज रेलवे लाईन हेतु सर्वे का आदेश निर्गत किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नैरोगेज रेलवे लाईन से न तो सामरिक महत्व के मसले हल होंगे और न ही यहां की यातायात व अन्य मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति होगी। यह लाईन ब्राडगेज में होनी चाहिये। चीन और नेपाल की अंतर्राष्ट्रीय सीमा के निकट स्थित होने के कारण यह रेल लाईन सामरिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण है। साथ ही यह नये व्यापार केन्द्रों को भी जोड़ेगी। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय रक्षा मंत्री से उनके स्तर से भी टनकपुर-बागेश्वर ब्राडगेज लाईन की स्वीकृति के लिये संस्तुति किये जाने का अनुरोध किया।

जखोली, रुद्रप्रयाग में स्वीकृत सैनिक स्कूल की अवस्थापना सुविधाओं के लिए केन्द्रीय सहायता का अनुरोध
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को अवगत कराया कि उत्तराखण्ड राज्य में एक अतिरिक्त सैनिक स्कूल जखोली, जनपद रुद्रप्रयाग में खोले जाने की स्वीकृति प्रदान की गयी थी। इसके लिए रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार तथा उत्तराखण्ड राज्य के मध्य एमओयू किया गया था। सैनिक स्कूल की स्थापना हेतु उत्तराखण्ड राज्य द्वारा अवस्थापना संबंधी सुविधायें उपलब्ध कराई जानी थी। मुख्यमंत्री ने राज्य के सीमित वित्तीय संसाधनों को देखते हुए एमओयू में संशोधन करते हुए अवस्थापना विकास हेतु वित्तीय सहायता भारत सरकार द्वारा प्रदान किये जाने का आग्रह किया।

हर खेत को पानी योजना में पर्वतीय राज्यों के अनुरुप हो नीति-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत से शिष्टाचार भेंट की। मुख्यमंत्री ने लखवाड़ बहुद्देशीय परियोजना की भारत सरकार से वित्तीय स्वीकृति प्रदान करवाने और किसाऊ परियोजना का संशोधित एमओयू किए जाने का अनुरोध किया। इस पर केंद्रीय जलशक्ति मंत्री ने कहा कि लखवाड़ बहुद्देशीय परियोजना की भारत सरकार से जल्द वित्तीय स्वीकृति दी जाएगी। किसाऊ परियोजना पर संबंधित राज्यों की संयुक्त बैठक की जाएगी। केंद्रीय मंत्री ने किसाऊ परियोजना के संशोधित एमओयू के लिये भी आश्वस्त किया। यह भी निर्णय लिया गया कि केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी उत्तराखण्ड में जल जीवन मिशन की जल्द ही संयुक्त समीक्षा करेंगे।
मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय मंत्री से पीएमकेएसवाई- हर खेत को पानी योजना के अन्तर्गत पर्वतीय राज्यों के लिये मानको में परिवर्तन या शिथिलीकरण प्रदान किये जाने का आग्रह किया। साथ ही प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना- “हर खेत को पानी“ अन्तर्गत 422 लघु सिंचाई योजनाओं की स्वीकृति निर्गत किए जाने का भी अनुरोध किया।

लखवाड़ बहुद्देशीय परियोजना
मुख्यमंत्री ने जनपद देहरादून में यमुना नदी पर स्थित 300 मेगावाट की लखवाड़ बहुउद्देशीय परियोजना पर चर्चा करते हुए कहा कि परियोजना निर्माण हेतु सभी वांछित स्वीकृतियां प्राप्त हैं तथा वित्तीय सहायता हेतु भारत सरकार की आर्थिक मामलों की मंत्रीमण्डलीय समिति से स्वीकृति एवं केन्द्रीय अनुदान प्राप्त होते ही इस राष्ट्रीय महत्व की परियोजना का निर्माण कार्य प्रारम्भ किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने केद्रीय मंत्री से भारत सरकार की आर्थिक मामलों की मंत्रिमण्डलीय समिति से लखवाड़ बहुउद्देशीय परियोजना की शीघ्र वित्तीय स्वीकृति प्रदान करने हेतु प्राथमिकता पर आवश्यक कार्यवाही करने का अनुरोध किया। इस पर केंद्रीय जलशक्ति मंत्री ने कहा कि लखवाङ बहुद्देशीय परियोजना की भारत सरकार से जल्द वित्तीय स्वीकृति दी जाएगी।
गौरतलब है कि जल संसाधन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा लखवाड बहुद्देशीय परियोजना (300 मेगावाट) की तकनीकी स्वीकृति दिनांक 3 जनवरी, 2013 तथा निवेश स्वीकृति माह अप्रैल, 2016 में निर्गत की गयी। भारत सरकार द्वारा निर्गत निवेश स्वीकृति के अन्तर्गत परियोजना की कुल अनुमानित लागत रू० 5747.17 करोड़ में से जल घटक रू0 4673.01 करोड (81.30 प्रतिशत) का वित्त पोषण भारत सरकार द्वारा 90ः10 के अनुपात में किया जाना है तथा शेष रू० 1074.00 करोड़ (18.70 प्रतिशत) जो कि ऊर्जा घटक है, का वित्त पोषण उत्तराखण्ड सरकार द्वारा किया जायेगा।

किसाऊ परियोजना
मुख्यमंत्री ने किसाऊ परियोजना पर चर्चा करते हुए कहा कि परियोजना की विद्युत घटक लागत एवं जल घटक लागत को भविष्य में परियोजना की कुल पुनरीक्षित लागत के सापेक्ष क्रमशः 13.3 प्रतिशत व 86.7 प्रतिशत पर स्थिर किया जाए। उत्तराखण्ड और हिमाचल प्रदेश को बिना किसी बाधवार सीमा के अपने जलांश का उपयोग किये जाने और अपने जलांश के अनुपयोगी जल को (यदि कोई हो) किसी भी राज्य को विक्रय किया जाने की अनुमति हो। उत्तराखण्ड राज्य को पूर्व में अपर यमुना रीवर बोर्ड द्वारा आवंटित जलांश 3.814 प्रतिशत से कम न किया जाए। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से किसाऊ बहुउद्देशीय बाँध परियोजना के कार्यान्वयन को गति प्रदान करने हेतु उक्त संशोधनों के साथ अंतर्राज्यीय समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किये जाने के संबंध में आवश्यक कार्यवाही करवाने का अनुरोध किया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि किसाऊ परियोजना पर संबंधित राज्यों की संयुक्त बैठक की जाएगी। केंद्रीय मंत्री ने किसाऊ परियोजना के संशोधित एमओयू के लिये भी आश्वस्त किया।

सीएसएस-एफएमपी
मुख्यमंत्री ने केन्द्रपुरोनिधानित बाढ़ प्रबन्धन कार्यक्रम (सीएसएस-एफएमपी) के अन्तर्गत निर्माणाधीन 12 योजनाओं के लिए अवशेष केंद्रांश 29.52 करोड़ रूपये की राशि अवमुक्त करने और 38 नई बाढ़ सुरक्षा योजनाओं अनुमानित लागत 1108.38 करोङ रूपये, की इन्वेस्टमेंट क्लीयरेंस की स्वीकृति देने का अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्रपुरोनिधानित बाढ़ प्रबन्धन कार्यक्रम के अन्तर्गत निर्माणाधीन 12 योजनायें जिनकी स्वीकृत लागत 158.67 करोड़ रूपए के सापेक्ष केन्द्रांश की धनराशि 29.52 करोड़ रूपये की राशि भारत सरकार के स्तर से अवमुक्त किया जाना शेष है। उपरोक्त सभी कार्यों की स्वीकृत लागत के सापेक्ष राज्यांश की सम्पूर्ण धनराशि पूर्व में ही राज्य सरकार द्वारा निर्गत की जा चुकी है। भारत सरकार द्वारा पूर्व में अवमुक्त केन्द्रांश की धनराशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र भी गंगा बाढ़ नियंत्रण आयोग, पटना, भारत सरकार को प्रेषित किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने अवशेष केन्द्रांश की धनराशि 29.52 करोड रूपए भारत सरकार के स्तर से अवमुक्त किये जाने का अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य की केन्द्रपुरोनिधानित बाढ़ प्रबन्धन कार्यक्रम के अन्तर्गत 38 नई बाढ़ सुरक्षा योजनायें, अनुमानित लागत 1108.38 करोड रूपए है, गंगा बाढ़ नियंत्रण आयोग, पटना, जल संसाधन नदी विकास एवं गंगा संरक्षण विभाग, जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा टेक्नो इकोनोमिक क्लीयरेंस प्रदान किया जा चुका है। इन्वेस्टमेंट क्लीयरेंस के लिये प्रस्ताव जल संसाधन नदी विकास एवं गंगा संरक्षण विभाग, जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार को प्रेषित है, जिन पर स्वीकृति अपेक्षित है।

पीएमकेएसवाई- हर खेत को पानी योजना
मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों की दुर्गम स्थिति को देखते हुए पीएमकेएसवाई- हर खेत को पानी योजना के अन्तर्गत पर्वतीय राज्यों के लिये मानको में परिवर्तन या शिथिलीकरण प्रदान किया जाना चाहिए। सर्फेस माइनर इरीगेशन स्किम में नहरों की पुनरोद्धार/जीर्णाेद्वार, सृदृढीकरण तथा विस्तारीकरण की योजनाओं को भी स्वीकृति प्रदान की जायें। पर्वतीय क्षेत्रों में नहर निर्माण की लागत अधिक होने के कारण वर्तमान प्रचलित गाईड लाईन 2.50 लाख रूपए प्रति हैक्टेयर लागत की सीमा को बढ़ाकर 3.50 लाख रूपये प्रति हैक्टेयर किया जाना चाहिए।
बैठक में उत्तराखण्ड के मुख्य स्थानिक आयुक्त ओमप्रकाश, स्थानिक आयुक्त डॉ बी वी आर सी पुरुषोत्तम भी उपस्थित थे।

टनकपुर-बागेश्वर ब्राडगेज रेल लाईन की धामी ने मांगी स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह से शिष्टाचार भेंट की। मुख्यमंत्री ने राज्य के कुमाऊं मण्डल में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की स्थापना के लिए गृह मंत्रालय के स्तर से संस्तुति किये जाने का अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृहमंत्री से देहरादून में भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान की स्थापना किये जाने और सामरिक महत्ता को देखते हुए टनकपुर-बागेश्वर ब्राडगेज रेल लाईन के लिये उनके स्तर से रेल मंत्रालय को संस्तुति करने का भी आग्रह किया।

कुमाऊं मण्डल में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान
मुख्यमंत्री ने कहा कि एम्स ऋषिकेश होने के पश्चात भी राज्य के पर्वतीय दूरदराज कुमाऊं मंडल के इलाके, भौगोलिक दूरी होने के कारण सुपरस्पेशियलिटी स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित हैं। राज्य के कुमाऊ मंडल में एम्स की स्थापना करने से कुमाऊं के नागरिकों के साथ ही उत्तर प्रदेश के निकटवर्ती जनपदों के लोगों को भी विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधायें उपलब्ध होगी। एम्स के लिए भूमि उत्तराखंड राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी। पूर्व में भी एक राज्य में दो एम्स जैसे विश्व स्तरीय संस्थान स्थापित किए गए हैं।

देहरादून में भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान की स्थापना
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार से भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान की स्वीकृति का अनुरोध किया गया है। इसके लिये जनपद देहरादून में निःशुल्क भूमि की व्यवस्था कर ली गयी है। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृहमंत्री से देहरादून में भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान की स्वीकृति के लिये संस्तुति किये जाने का अनुरोध किया।
इस अवसर पर उत्तराखण्ड के अपर प्रमुख सचिव अभिनव कुमार, स्थानिक आयुक्त डॉ बी वी आर सी पुरुषोत्तम, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव डॉ पराग मधुकर धकाते भी उपस्थित थे।

धामी की गडकरी से मुलाकात में राज्य को मिली कई सौगातें

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नीतिन गडकरी से शिष्टाचार भेंट की। केन्द्रीय मंत्री गडकरी ने कहा कि उत्तराखण्ड में नए राष्ट्रीय राजमार्गों के लिए 1000 करोड़ रूपए और केन्द्रीय सडक अवस्थापना निधि में अतिरिक्त 300 करोड़ रूपए की राशि दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने इस पर केंद्रीय मंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नीतिन गङकरी जी के मार्गदर्शन व सहयोग से पिछले चार वर्षों में उत्तराखण्ड में कनेक्टीवीटी के क्षेत्र में ऐतिहासिक काम हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क और सेतुओं के निर्माण में आने वाली अत्यधिक लागत को देखते हुए भारत सरकार द्वारा राज्य सरकार को प्रदान की गयी सहायता प्रदेश के आर्थिक विकास में मील का पत्थर सिद्ध होगी।
केंद्रीय मंत्री नीतिन गङकरी ने कहा कि सड़कों के लिये उत्तराखण्ड राज्य की प्रत्येक आवश्यकता को पूरा किया जाएगा। राज्य में रोपवे और केबिल कार के लिए भी सहायता दी जाएगी। गौरतलब है कि हाल ही में केन्द्रीय सड़क अवस्थापना निधि के अन्तर्गत राज्य सरकार के अनुरोध पर 615.48 करोड़ रूपये की लागत के 42 कार्यों को स्वीकृत किये गये थे। अब केन्द्रीय मंत्री गडकरी द्वारा इसमें 300 करोड़ रूपए और दिये जाने के प्रति आश्वस्त किया गया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून से टिहरी झील हेतु 2 लेन टनल के निर्माण की स्वीकृति का भी अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में उत्तराखण्ड की राजधानी देहरादून से विश्वस्तरीय टिहरी झील जाने हेतु मसूरी-चम्बा कोटी कालोनी मोटर मार्ग के द्वारा कुल 105 किमी० की दूरी तय करनी पड़ती है, जिसमें सम्पूर्ण मार्ग पर्वतीय क्षेत्र में होने के कारण लगभग 3ः30 घण्टे का समय लगता है। उक्त टनल देहरादून के राजपुर के निकट से प्रस्तावित है, जो कि टिहरी झील के निकट कोटी कालोनी में समाप्त होगी। टनल की कुल लंबाई लगभग 35 किमी० आयेगी। टनल के निर्माण की अनुमानित लागत 8750 करोड़ रूपए आयेगी।

सांसदों को अपने अनुभवों का लाभ संगठन को दिलाने के मिले संकेत

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली स्थित उत्तराखण्ड सदन में राज्य के सांसदों के साथ प्रदेश के विकास से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया। सूत्रों के अनुसार, विधानसभा चुनाव के दृष्टिगत संगठन के द्वारा शुरु किये जा रहे कार्यक्रमों पर चर्चा की गई। वहीं, राजनीति हालातों की जानकारी लेने के साथ ही सांसदों को उनके कार्य भी बताये गये। पार्टी सूत्रों की मानें तो संगठन ने सभी सांसदों को अनुभवों का लाभ दिलाने के निर्देश दिये है। वहीं, सांसदों के द्वारा अपने क्षेत्रों में सक्रियता बढ़ाने को भी कहा गया है। इस अवसर पर पार्टी के प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम, केन्द्रीय रक्षा एवं पर्यटन राज्य मंत्री अजय भट्ट, सांसद तीरथ सिंह रावत, अजय टम्टा, माला राज्य लक्ष्मी शाह, अनिल बलूनी, नरेश बंसल उपस्थित थे।

आज मोदी सरकार सिर्फ सत्ता की भूख मिटा रही है-प्रीतम सिंह

कांग्रेस ने देश के कई शहरों में पेट्रोल की कीमतें 100 रुपये प्रति लीटर से अधिक होने को लेकर केंद्र सरकार पर जनता को ‘लूटने’ का आरोप लगाया और कहा कि पेट्रोल-डीजल की कीमतें कम की जानी चाहिए।

चुनावी मोड पर चल रहे उत्तराखंड में भी इसको लेकर सियासत गरमाई हुई है। नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने कहा 2017 में हुए चुनाव में सत्ता में बैठे लोगों ने उत्तराखंड के लोगों से वादा किया था कि यदि डबल इंजन सरकार आई तो हम महंगाई को कम करने का कार्य करेंगे, लेकिन हालात बद् से बदतर हैं और महंगाई चरम पर है। जहां पेट्रोल 100 रुपये के पार और डीजल भी 95 रुपये पर पहुंच चुका है। रसोई गैस भी 400 रुपये से 1000 रुपये तक पहुंच चुकी है। जिस तरह महंगाई बढ़ रही है, उससे गरीब का जीना दूभर हो गया है।

प्रीतम बोले आज मोदी सरकार सिर्फ सत्ता की भूख मिटा रही है और कमरतोड़ महंगाई से 140 करोड़ देशवासियों की आय लूटती जा रही है। आज देश में पेट्रोल 100 रुपये के पार, खाने का तेल 200 रुपये के पार, रसोई गैस 850 रुपये के पार…मोदी सरकार सिर्फ बहाने बना रही है।

प्रीतम सिंह ने आरोप लगाया, ‘‘ भाजपा सरकार ने ‘प्रजातंत्र की परिभाषा’ ही बदल दी है। जनता को महंगाई की आग में झोंककर आमजन की आमदनी को मोदी सरकार नोच रही है और बस, अपने धन्ना सेठ दोस्तों की सोच रही है। सच यह है कि ‘महंगाई डायन’ अब भाजपाइयों को ‘‘अप्सरा’’ सी नज़र आने लगी है।’’

प्रीतम बोले कांग्रेस-संप्रग सरकार से तुलना की जाए तो मोदी सरकार के सात साल के कार्यकाल में कच्चे तेल के दाम साल दर साल घटते गए और 140 करोड़ देशवासियों की जेब काटकर पेट्रोल-डीज़ल के दाम बढ़ते गए। उन्होंने कहा, ‘‘देश की जनता की ओर से मोदी सरकार को हम यही कहेंगे कि कीमतें कम करो या कुर्सी खाली करो।’’