हरिद्वार की तरह भव्य होगा ऋषिकेश का देवय स्नान व शोभायात्रा

ऋषिकेश। में 24 अप्रैल 2021 को त्रिवेणी घाट ऋषिकेश व 25 अप्रैल को कुंभमेला सभा मंडप पंतदीप हरिद्वार में समिति द्वारा आयोजित होने वाले देवस्नान एवं शोभायात्रा कार्यक्रम हेतु यथासंभव सहयोग की अपेक्षा करते हुए उन्हें सपत्नी कार्यक्रम में निमंत्रित किया।

कृषि मंत्री ने कहा कि हम ऋषिकेश के देवय स्नान व शोभायात्रा के कार्यक्रम को हरिद्वार कार्यक्रम से भी अधिक भव्य बनायेगे उन्होंने कहा कि यहां पर्व भारत की देव संस्कृति व लोक संस्कृति के संरक्षण संवर्द्धन के साथ ही ‘सर्वे भवंतु सुखिनः सर्वे संतु निरामयाः’ की भावना को पुष्ट करता है।

केंद्रीय प्रवक्ता डॉ धीरेंद्र रांगड़ ने कृषि मंत्री को देवडोलियों के रूट की जानकारी देते हुए बताया कि देहरादून परिक्षेत्र की समस्त देवडोलियां वाया नटराज चैक तथा रुद्रप्रयाग,पौड़ी, चमोली, श्रीनगर आदि क्षेत्रों की डोलियां वाया तपोवन तथा टिहरी उत्तरकाशी की देवडोलियां वाया नरेंद्रनगर भद्रकाली मंदिर ढालवाला में एकत्र होंगी। जहां भोजन-प्रसाधन के पश्चात दो बजे सभी देवडोलियां एक साथ अपने वाहनो के द्वारा इन्द्रमणि बडोनी चैक, देहरादून रोड, आई.एस.बी.टी.से होते हुए केवलानंदआश्रम चैक, मायाकुंड से होकर त्रिवेणी घाट पहुंचेंगी। सभी वाहन श्रद्धालुओं को वहीं छोड़कर भरत बिहार (डिग्री कॉलेज के सामने)बनी पार्किंग में अपने वाहनों को खड़ा करेंगे। त्रिवेणी घाट ऋषिकेश में देवडोलियों, नेजा निशान, व छतोलियों का भव्य स्वागत-सम्मान, पूजन व सामुहिक दिव्य स्नान का कार्यक्रम होगा।

3 बजकर 30 बजे पारम्परिक वाद्ययंत्रों के साथ सभी देव डोलियां व श्रद्धालुगण नगर शोभायात्रा के लिये प्रस्थान करेगे। घाट रोड, भरत मंदिर झंडा चैक, देहरादून रोड, रेलवे रोड, तिलक रोड, हरिद्वार रोड से होते हुए शोभायात्रा भरत विहार में पहुंचेगी, जहां से सूक्ष्म जलपान के पश्चात 6 बजे सभी देवडोलिया हरिद्वार के लिए प्रस्थान करेगी। यात्रा मार्ग में अमित ग्राम, गुमानीवाला, श्यामपुर, नेपाली क्षेत्र, सत्यनारायण, रायवाला, हरिपुर कलां व शांतिकुंज में देवडोलियों पर पुष्प वर्षा के साथ श्रद्धालुजनों द्वारा भव्य स्वागत किया जाएगा।
इस अवसर पर आशाराम व्यास, विशालमणि पैन्यूली, घनश्याम नौटियाल आदि उपस्थित थे।

स्नान के दौैरान गंगा में फिसले दो युवक, बामुश्किल जल पुलिस ने निकाला

वाकई यदि गंगा तट पर जल पुलिस की तैनाती न हो तो गंगा में बह जाने वालों की संख्या को गिना भी न जा सके। आज दो युवक जो दिल्ली से ऋषिकेश पहुंचे थे। गंगा घाट पर स्नान के दौरान तेज धारा की चपेट में आकर फिसल गए। यह देख मौके पर चीख पुकार मच गई। लोगों की सेवा में तत्पर जल पुलिस के जवानों ने बिना कुछ सोचे गंगा नदी में छलांग लगा दी और दोनों की युवकों को समय रहते गंगा से बाहर निकाला। यह दोनों घटना अलग-अलग समय घटित हुई।

पहली घटना आज दोपहर 12ः35 मिनट की है, जब नाव घाट के समीप 18 वर्षीय दिल्ली नजफगढ़ निवासी गौरव पुत्र पवन कुमार गंगा नदी में नहा रहा था। वहीं, दूसरी घटना शाम 04ः40 मिनट की है, जब 30 वर्षीय मंगोलपुरी दिल्ली निवासी रतन चैहान पुत्र रतीश चैहान नावघाट पर गंगा में नहाते दौरान डूब गया। दोनों की युवकों को समय रहते जल पुलिस के जवानों ने बचा लिया। मौके पर लोगों ने जल पुलिस को देवदूत बताया। जल पुलिस के जवानों में कांस्टेबल हरीश गुंसाई, कांस्टेबल मुकेश नेगी, कांस्टेबल सत्यपाल और गोताखोर सुनील कुमार शामिल रहे।

आम जनमानस तक आजादी के अमृत महोत्सव का संदेश जाएः तीरथ सिंह रावत

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि आजादी का अमृत महोत्सव का संदेश आम जन तक जाए। इसके लिए ग्राम स्तर तक भी कार्यक्रमों का आयोजन किया जाए। स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृति को चिर स्थायी बनाने के लिए उनके योगदान के विवरण सहित चित्र उनके पैतृक गांवों के पंचायत भवनों में लगाए जाएं। प्रदेश में जहां भी महान विभूतियों की मूर्तियां लगी हैं, उनका उचित रखरखाव सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री सचिवालय में आजादी का अमृत महोत्सव के आयोजन के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों का सम्मान हमारे लिए सबसे बढ़कर है। इसीलिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के निर्देशों पर 15 अगस्त 2022 को भारत की स्वतंत्रता की 75 वीं वर्षगांठ से 75 सप्ताह पूर्व से आजादी का अमृत महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने आजादी के लिए जो बलिदान किए उससे युवा पीढी को अवगत कराया जाना चाहिए। महोत्सव में ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन हो जिनसे देशभक्ति की भावना का संचार हो। कार्यक्रमों के आयोजन में कोविड के नियमों का अनुपालन भी सुनिश्चित कर लिया जाए। अमृत महोत्सव कार्यक्रम से स्वयं सहायता समूहों को जोड़ते हुए वोकल फॉर लोकल व आत्मनिर्भर भारत की थीम पर आधारित कार्यक्रम भी शामिल किए जा सकते हैं।

संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि प्रदेश के स्वतंत्रता सेनानियों का विवरण संकलित कर उनका विभिन्न माध्यमों से जनता के बीच प्रचारित किया जाए। उनके चित्र भी प्रकाशित कराए जाएं ताकि युवा इन महान विभूतियों के बारे में जान सके।

सचिव संस्कृति दिलीप जावलकर ने बताया कि आजादी के अमृत महोत्सव कार्यक्रम में स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े महान विभूतियों के जीवन वृत्त पर प्रदर्शनियों का आयोजन किया जा रहा है। नशा मुक्ति कार्यक्रम, साईकिल रैली और मैराथन दौड़ का भी आयोजन किया जा रहा है। हर घर झंडा कार्यक्रम के अंतर्गत खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के माध्यम से महिला स्वयं सहायता समूहों से प्लास्टिक रहित तिरंगा झण्डा तैयार कराया जा रहा है।

केदार सिंह रावत पर्यावरण पुरस्कार से नवाजे गए लोक गायक नरेंद्र सिंह नेगी


मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने नरेन्द्र सिंह नेगी को केदार सिंह रावत पर्यावरण पुरस्कार प्रदान किया। सी.पी. भट्ट पर्यावरण एवं विकास केन्द्र द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में नरेन्द्र सिंह नेगी को गायन के माध्यम से पर्यावरण एवं वन संरक्षण के प्रति लोक चेतना विकसित करने के लिए यह पुरस्कार दिया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नरेन्द्र सिंह नेगी अपने गीतों के माध्यम से उत्तराखण्ड की ऐतिहासिकता, पौराणिकता, पर्यावरण संरक्षण को लेकर उत्तराखण्ड को विशेष पहचान दिलाई है। यह सबके लिए गर्व की बात है कि उन्हें केदार सिंह रावत पर्यावरण पुरस्कार दिया जा रहा है। अपने गीतों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण की उन्होंने अलख जगाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में पर्यावरण चेतना के प्रति लोगों में जागरूकता है, लेकिन पर्यावरण संरक्षण के लिए हमें और प्रयास करने होंगे। जल संरक्षण की दिशा में भी अनेक प्रयासों की जरूरत है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड जैव विविधताओं वाला प्रदेश है। जैव विविधता की वजह से उत्तराखण्ड की एक अलग पहचान है।

पर्यावरण संरक्षण के केदार सिंह रावत, चण्डी प्रसाद भट्ट और राज्य के अनेक लोगों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। लोक गायक नरेन्द्र सिंह नेगी ने कहा कि अपने गीतों के माध्यम से मैंने पर्यावरण चेतना से जागरूकता फैलाने का प्रयास किया। गीतों के माध्यम से उत्तराखण्ड की संस्कृति, लोक पंरपराओं एवं ऐतिहासिकता को उजागर करने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूकता के साथ इस दिशा में और प्रयास होने चाहिए।

इस अवसर पर बी.डी. सिंह, ओम प्रकाश भट्ट, गणेश खुगशाल, रमेश थपलियाल आदि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने राज्य समेकित सहकारी विकास परियोजना के अंतर्गत किया विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने राज्य समेकित सहकारी विकास परियोजना के अंतर्गत आँंचल बद्री गाय घी, पहाड़ी घी, आर्गेनिक घी, पनीर, डेरी ग्रोथ सेंटर एवं दुग्ध उत्पादक सेवा केन्द्रों का ई-लोकार्पण किया। उन्होंने कुपोषित बच्चों को दुग्ध उत्पादों से निर्मित पौष्टिक आहार का वितरण किया।

मुख्यमंत्री कहा कि दुग्ध सहकारी समितियों की मजबूती के लिए और प्रयास करने होंगे। दुग्ध और उससे बनने वाले उत्पादों की ब्रान्डिंग, पैकेजिंग और उनके लिए बाजार उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जाय। स्थानीय स्तर पर दुग्ध एवं उससे सबंधित उत्पादों को बढ़ावा देने के साथ ही, लोगों की आय में वृद्धि के लिए क्या प्रयास किये जा सकते हैं, इस ओर ध्यान दिया जाय। दुग्ध और उससे संबंधित उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए महिलाओं की भागीदारी बढ़ाई जाय। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जिन दुग्ध उत्पादों का लोकार्पण किया गया, ये उत्पाद उत्तराखण्ड की विशेष पहचान है। इन उत्पादों का व्यापक स्तर पर प्रचार भी किया जाय।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने वोकल फॉर लोकल का जो आह्वाहन किया है, इस दिशा में स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए हर सम्भव प्रयास किये जाय। आज देश आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। आत्मनिर्भर बनने के साथ ही हमें अन्य लोगों को भी अपने साथ स्वरोजगार से जोड़ना होगा। प्रधानमंत्री ने कोविड काल में आत्मनिर्भर भारत हेतु 20 लाख करोड़ रूपये का पैकेज दिया। उद्यमिता के विकास, कृषि एवं पशुपालन के क्षेत्र में केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा अनेक जन कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। यह सुनिश्चित किया जाय कि आम जन तक इन योजनाओं का पूरा लाभ मिले। सबका साथ, सबका विकास के मूल मंत्र के साथ कार्य किये जाय। डिजिटल इंडिया की दिशा में देश तेजी से आगे बढ़ा है, उद्यमिता एवं स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए डिजिटल माध्यमों के प्रयोग पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है।

डेरी विकास मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि दुग्ध उत्पादन स्वरोजगार का बड़ा माध्यम है। दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में उत्तराखण्ड को अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में अनेक प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि घी में अनेक औषधीय एवं आध्यात्मिक गुण हैं। उत्तराखण्ड के बद्री गाय के घी, पहाड़ी एवं आर्गेनिक घी की मांग भी तेजी से बढ़ रही है। दुग्ध उत्पादन और उससे निर्मित उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए प्रयास किये जा रहे हैं।

इस अवसर पर देहरादून दुग्ध संघ के अध्यक्ष विजय रमोला, निदेशक डेरी विकास जीवन सिंह नगन्याल एवं विभिन्न जनपदों के दुग्ध संघ के अध्यक्ष थे।

मुख्यमंत्री ने कहा, रचनात्मक और सकारात्मक पत्रकारिता समय की जरूरत

देहरादून। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत, विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल और कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने संयुक्त रूप से ‘विचार एक नई सोच’ मासिक पत्रिका का लोकार्पण किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने पत्रिका की टीम को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता का संचार तंत्र सामाजिक मूल्यों की आवाज होना चाहिए ताकि वह समाज के बीच लोकप्रियता बनाये रखे। उन्होंने कहा कि पत्रिका ने राजनैतिक, सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक सहित विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों को स्थान दिया है, जो पत्रिका व पत्रिकारिता के क्षेत्र में सुंदर आगाज है।

मुख्यमंत्री ने कहा हमारी सरकार चाहती है कि सरकार की सोच और योजनाएँ पंचायत स्तर एवं ग्राम स्तर तक पहुँचे ताकि समाज के अंतिम आदमी तक योजनाओं का लाभ पहुँच सके। उन्होंने उम्मीद जतायी कि इस पत्रिका के माध्यम से उत्तराखंड के बाहर और भीतर होने वाली गतिविधियों की जानकारी मिल सकेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाचारों के प्रकाशन में नकारात्मकता की बजाए सकारात्मकता को महत्व देना चाहिए। तभी समाज और देश का कल्याण हो सकेगा।

उन्होंने विचार एक नई सोच के प्रधान संपादक राकेश बिजल्वाण को शुभकामनाएँ दी और उम्मीद जाहिर की इस पत्रिका के माध्यम से उत्तराखंड की पत्रकारिता को एक नया आयाम मिलेगा। यह पत्रिका उत्तराखंड की समस्याओं को गहराई से अध्ययन करने और उनके समाधान का रास्ता दिखाने का भी काम करेगी।

इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचन्द अग्रवाल ने कहा हैं कि पत्रकारों द्वारा उकेरे गए शब्द लोकप्रिय व सामाजिक मूल्यों की धरोहर से होने चाहिए जिसका बिम्ब आईने की भांति हो। उन्होंने पत्रिका के प्रकाशन की शुभकामनाएं दीं।

काबीना मंत्री सुबोध उनियाल ने शुभकामनाएं देते हुए कहा कि स्वच्छ पत्रिकारिता ही समाज का आईना है इसे बरकरार रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विचार एक नई सोच पत्रिका के प्रकाशन का ध्येय भी समाज सेवा व इसे ज्ञान का एक माध्यम बनाना है, ताकि शिक्षा, स्वास्थ्य, के साथ ही अन्य जनहित से जुड़ी योजनाओं का अधिक प्रसार हो सके।

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि पत्र-पत्रिकाओं के माध्यम से आम आदमी और सरकार के बीच सीधा संवाद स्थापित हो सके इसके लिए ईमानदारी से प्रयास किया जाना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह पत्रिका मीडिया के क्षेत्र में एक नई रचनात्मक दिशा तय करते हुए सजग प्रहरी की भूमिका अदा करेगा।

कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत बोले मीडिया अब और अधिक सजगता के साथ अपनी भूमिका निभा रहा है। अब गड़बड़ करने वाला बच नहीं सकता। उन्होंने कहा कि मनगढंत खबरों का प्रकाशन चिंता का विषय है। इससे बचना चाहिए। उन्होंने संपादक राकेश बिजल्वाण द्वारा विचार एक नई सोच प्रकाशन शुरू किए जाने के प्रयास की सराहना की।

विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ चैहान ने शुभकामनाएं देते हुए कहा कि लोकतंत्र को जीवित रखने में समाचार पत्र, पत्रिकाओं की अहम भूमिका है। मुझे उमीद है कि पत्रिका इस दिशा में निर्भीकता से अपने दायित्व का निर्वहन करेगा।

सूचना महानिदेशक रणवीर चैहान ने अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जिन लक्ष्यों को लेकर इस पत्रिका का प्रकाशन शुरु किया गया, मुझे विश्वास है कि पत्र से जुड़े लोग इस लक्ष्य को पूरा करेंगे। इस मौके पर पत्रिका के संपादक राकेश बिजल्वाण, संरक्षक मनोज इष्टवाल, सलाहकार संपादक अरुण चमोली, अवधेश नौटियाल सहित पत्रकार व गणमान्य लोग मौजूद रहे।

कोविड की जांच रिपोर्ट को अनिवार्य न करने पर पुनर्विचार करें सरकार

कोविड19 से सरकार की गाइडलाइन अब पर्यटकों के साथ लीज पर होटल चलाने वाले संचालकों के लिए मुसीबत बन गई है। दरअसल कोविड की जांच रिपोर्ट को अनिवार्य कर दिए जाने के कारण पर्यटक या तो अपनी बुकिंग को निरस्त कर रहे है, या फिर उन्हें बाॅर्डर पर रोक दिया जा रहा है। ऐसे में लीज पर होटल चला रहे संचालकों के समक्ष रोजगार का संकट पैदा हो गया है। यह बात आज लीज पर होटल चला रहे संचालकों ने प्रेसवार्ता ने की।

प्रेसवार्ता कर मंयक शर्मा ने कहा कि कोविड-19 के बढ़ रहे कहर की वजह से सरकार लगातार उत्तराखंड में प्रवेश करने वाले पर्यटकों के लिए प्रतिबंध लगा रही है। जिसकी वजह से उत्तराखंड का पर्यटन व्यवसाय पूरी तरीके से चैपट होता नजर आ रहा है। ऐसे में बेरोजगारी की लंबी कतार में खड़े हो रहे होटल संचालकों ने सरकार से पर्यटकों के उत्तराखंड आगमन को लेकर लगाए गए प्रतिबंध और सरकारी सुविधाओं में फिक्स चार्ज हटाने की मांग की है।

होटल मालिकों से लीज में राहत देने की बात भी कही है। बता दें कि इस संबंध में लीज होटल ऑनर्स एवं होटल कर्मचारी एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने पत्रकार वार्ता की। जिसमें उन्होंने मांग पूरी नहीं होने पर सरकार को आंदोलन का रास्ता चुनने की चेतावनी भी दी है। होटल संचालकों का साफ कहना है कि या तो सरकार पूर्ण रूप से लॉकडाउन लगा दे या फिर सारे प्रतिबंध हटा दें।
प्रेसवार्ता के दौरान अंकित, विकास, विद्यादत्त, अनूप, उत्तम सिंह कुंवर, तपन भंडारी आदि उपस्थित रहे।

चारों धामों की कृपा से सत्ता परिवर्तन हुआ, देवस्थानम बोर्ड को पुनर्विचार का हुआ निर्णय

देवस्थानम बोर्ड पर पुनर्विचार और 51 मंदिरों को इसकी सीमा से हटाए जाने को लेकर आज चारधाम तीर्थ पुरोहित हक हकूकधारी महापंचायत समिति ने हर्ष जताया। इस बावत एक प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया। इसमें तीरथ सिंह रावत सरकार के फैसले का स्वागत किया गया। वहीं, पूर्व सीएम पर जमकर भड़ास निकाली गई।

हरिद्वार रोड स्थित भगवान भवन आश्रम में प्रेसवार्ता के दौरान समिति के मंत्री हरीश डिमरी ने कहा कि पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत सत्ता के मद में चूर हो गए थे। उन्होंने हिटलरशाही की भांति विधानसभा में एक काले कानून को पास कराया। उन्होंने तीर्थपुरोहितों से इस संबंध में बात करनी उचित नहीं समझी। फिर चारों धामों की कृपा हुई। प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन हुआ और तीरथ सिंह रावत मुख्यमंत्री बने। उन्होंने बनते साथ ही देवस्थानम बोर्ड को हटाने के संकेत दिए और अपने जन्मदिन पर उन्होंने हरिद्वार में संतों के बीच यह बात रखी। इसका तीर्थपुरोहित समाज आभार प्रकट करता है।

समिति अध्यक्ष कृष्णकांत कोटियाल ने कहा कि त्रिवेंद्र सिंह रावत को तीर्थपुरोहितों पर काला कानून थोपने की भगवान से सजा मिली है। उन्होंने कहा कि तीर्थपुरोहितों का उन्हें श्राप मिला है। तीरथ सिंह रावत का उन्होंने आभार जताया और सरकार से मांग की। यात्रा शुरू होेने से पूर्व तीर्थपुरोहितों को धामों की ओर रवाना कर दिया जाए। इसके लिए कोविड के नियमों का ध्यान रखते हुए समय पर उन्हें धामों में जाने दिया जाए।

इस मौके पर तीर्थ पुरोहितों ने एक-दूसरे को मिष्ठान खिलाकर हर्ष प्रकट किया। वार्ता के दोरान समिति संरक्षक विनोद डिमरी, कोषाध्यक्ष लक्ष्मीकांत जुगलान, बृज नारायण ध्यानी उर्फ गुड्डू, अधिवक्ता रमा बल्लभ भट्ट, श्रीनिवास पोस्ती, पंडित रवि शास़्त्री आदि उपस्थित रहे।

देवस्थानम बोर्ड पर पुनर्विचार किया जाएगाः सीएम

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने सप्तसरोवर, हरिद्वार में विश्व हिंदू परिषद के केन्द्रीय मार्गदर्शक मंडल उपवेशन में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ की आस्था से कोई समझौता नहीं किया जायेगा। कुंभ क्षेत्र में शराब की दुकानें पूरी तरह बंद रहेंगी। संतों की मांग पर उन्होंने कहा कि मुनीकीरेती व ढ़ालवाला के शराब के ठेके बंद किये जायेंगे।

मुख्यमंत्री तीरथ ने कहा कि देवस्थानम बोर्ड में शामिल किए गए 51 मंदिरों पर पुनर्विचार किया जायेगा। जल्द ही तीर्थ पुरोहितों की बैठक बुलाई जायेगी। सबके हक-हकूकों का पूरा ध्यान रखा जायेगा। उन्होंने कहा कि चार धामों के बारे में शंकराचार्यों द्वारा प्राचीन काल से जो व्यवस्था की गई है उसका पूरी तरह पालन किया जाएगा, उसमें कोई छेड़छाड़ नहीं होगी।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि हरिद्वार में होने वाले अगले कुंभ के लिए 2010 एवं 2021 कुंभ के अनुसार चिन्हित भूमि के अनुरूप अखाड़ों, शंकराचार्यों, महामंडलेश्वर और संत समाज के लिए अभी से भूमि चिन्हित की जाएगी। इसके लिए डिजिटल प्रक्रिया अपनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि शपथ लेने के बाद मैंने सबसे पहले हरिद्वार कुंभ की बैठक ली। शिवरात्रि के स्नान पर्व पर हरिद्वार कुंभ में संतो का आशीर्वाद प्राप्त करने का सौभाग्य मिला।

’लोक संस्कृति के उत्थान के लिए नगर निगम कटिबद्धः मेयर

ऋषिकेश का गंगा का तट आज गढ संस्कृति के ऐतिहासिक कार्यक्रमों का गवाह बना। एक से एक दिलकश उत्तराखंडी प्रस्तुतियों से कलाकारों ने हर किसी का मन मोह लिया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही मेयर अनिता ममगाई ने कहा गढ़वाल की संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए नगर निगम सदैव प्रयासरत रहेगा। महा गंगा आरती के बाद महाकुंभ के मौके पर त्रिवेणी घाट पर हिमालय निनाद कार्यशाला के कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तूतियों के साथ उत्तराखंडी वाद्य यंत्रों की लाजवाब प्रस्तूतियां दी गई। गढ़रत्न नरेंद्र सिंह नेगी की गरिमामयी मोजूदगी में आयोजित कार्यक्रम में कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही मेयर ने कहा अपनी संस्कृति को बचाने और इसे आगे बढ़ाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी है।

उन्होंने प्रवासियों से गांव में जाकर अपने पूर्वजों की विरासत को आगे बढ़ाने की अपील भी की। इससे पूर्व गंगा स्तूति के साथ शुरू हुए कार्यक्रम में उत्तराखंडी पोशाकों ने कलाकारों ने अपनी अविरल प्रस्तुतियों से कार्यक्रम में मोजूद हर किसी का मन मोह लिया। इस अवसर पर कल्याण सिंह रावत, महंत लोकेश दास, कृष्ण आचार्य, शंकर तिलक, सुरेंद्र मोघा, संजीव चैहान, दिव्या बेलवाल, पंकज शर्मा, रामरतन रतूड़ी, कमलेश जैन, कमला गुनसोला, ज्योति सजवाण, डॉ सर्वेश उनियाल, गणेश कुकशाल, विजेंद्र मोघा, विजय बडोनी, बंशीधर पोखरियाल, सुनील थपलियाल आदि उपस्थित रहे।