इस बार कैंची धाम में बेहतर रही व्यवस्था, सीएम ने की प्रशंसा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को नैनीताल क्लब में विभागीय अधिकारियों के साथ मानसून की तैयारियों और विभागीय समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ हर व्यक्ति हर वर्ग तक पहुंचाना हमारी प्राथमिकता है। इससे लिए सभी अधिकारी आपसी समन्वय के साथ बेहतर योजना के साथ कार्य करें।
बैठक लेते हुए सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कई बार शिकायत मिलती है,तो अधिकारी आम जन के कार्यों को उलझा देते है, जबकि अधिकारियों को प्रवृत्ति कार्यों को सुलझाने की होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि आम जन को ध्यान में रखकर कार्य करें। इसके लिए विभागीय अधिकारी को जिम्मेदारी लेनी होगी तभी आम जन के कार्य आसानी से होंगे, यही सरकार की प्राथमिकता और उद्देश्य है कि आम जन के कार्य जल्द से जल्द हो और बेहतर सुविधा मिल सके।
सीएम ने बिजली विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि आए दिन विभिन्न सोशल मीडिया से जानकारी मिलती है कि जनता की बिजली खपत से ज्यादा उनके बिजली के बिल आ रहे है। इस संबंध में सीएम ने विद्युत विभाग के चीफ इंजीनियर को दूरस्थ क्षेत्रों में बिजली सुधार के कैंप लगाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही सभी बिजली घरों में भी आम जन को बिजली बिल सुधार की व्यवस्था उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

भविष्य में आने वाले पर्यटकों की संख्या को देखते हुए आदि कैलाश में बेहतर सुविधा विकसित की जाए
सीएम ने कहा कि पिछले वर्ष की तुलना में इस साल दुगने यात्री आदि कैलाश यात्रा पर आए हैं। इससे जाहिर है कि भविष्य में और अधिक यात्रियों के आने की संभावना है। हमें आने वाले यात्रियों की संख्या को देखते हुए सुविधाएं विकसित करनी होगी। इस दिशा में कुमाऊं आयुक्त और एमडी केएमवीएन को कार्य करने के निर्देश दिए। गौरतलब है कि पिछले साल पूरे सीजन में 315 यात्री केएमवीएन से आदि कैलाश गए थे जबकि इस साल अब तक 610 यात्री आदि कैलाश की यात्रा कर चुके है। साथ ही लगभग 15 हजार लोगों को इनर लाइन परमिट जारी की गई है।

मानसून से पहले सभी अधिकारी पूरा करें कार्य
बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मानसून की तैयारी की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि मानसून से पहले सड़कों का पैच वर्क, चौड़ीकरण आदि का कार्य पूरा कर लें। साथ नगर निगम के अधिकारियों को नालियों के साफ सफाई आदि के कार्य पूरे करने के निर्देश दिए। कहा कि बरसात के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं, बिजली, पानी आदि की व्यवस्था पूरी करने के निर्देश दिए। जिससे लोगों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। सभी विभाग के अधिकारियों को मानसून में अधिक से अधिक पौधरोपण करने के निर्देश दिए। साथ ही पौधों को संरक्षण करने की बात कही।

इस बार कैंची धाम में बेहतर रही व्यवस्था
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस वर्ष कैंची धाम में जिला प्रशासन ने बेहतर व्यवस्था की। मेले में भक्तों को जाम का सामना नहीं करना पड़ा, साथ ही स्वास्थ्य सुविधा भी बेहतर रही। भवाली और गरमपानी में स्थाई और अस्थाई पार्किंग छोटी छोटी बनने से लोगों को सुविधा मिली। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि हमारी सरकार सरलीकरण-समाधान और निस्तारण के साथ बेहतर कार्य कर रही है। उन्होंने 2025 में होने वाले कैंची धाम मेले से पहले कैंची में सौंदर्यीकरण और अन्य कार्य पूरा करने की बात कही। उन्होंने सेनिटोरियम बाईपास का पुल निर्माण, डामरीकरण, कैंची धाम के पास अमृत सरोवर आदि के कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने से रामनगर से कैंची धाम के लिए वैकल्पिक मार्ग बनाने की बात कही।

भीमताल में पार्किंग बनाने के निर्देश
भीमताल विधायक राम सिंह कैड़ा ने बताया भीमताल में पार्किंग व्यवस्था नहीं होने से पर्यटकों को परेशानी और जाम की स्थिति बनी रहती है। जिस पर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि भीमताल समेत आस पास के इलाकों में स्थाई और अस्थाई पार्किंग के लिए जगह चिन्हित करने के निर्देश और इंटर कालेज से समन्वय कर स्कूल की भूमि में छोटी पार्किंग बनाकर जाम की समस्या का समाधान हो सकता है।

बैठक में कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत, एपीसीसीएफ विवेक पांडेय, जिलाधिकारी वंदना सिंह, एस एस पी पी एन मीणा, जिलाध्यक्ष प्रताप सिंह बिष्ट, मंडी परिषद अध्यक्ष अनिल कपूर, दिनेश आर्य, विधायक नैनीताल सरिता आर्य, भीमताल राम सिंह कैड़ा, डायरेक्टर कॉर्बेट डा धीरज पांडेय, एम डी के एम वी एन डा संदीप तिवारी, मुख्य नगर आयुक्त विशाल मिश्रा, डीएफओ टी आर बीजूलाल, हिमांशु बागड़ी, यू सी तिवारी, पी सी आर्य, अपर जिलाधिकारी पी आर चौहान, शिव चरण द्विवेदी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

21 वन प्रभागों के डीएफओ को नोटिस जारी, दो दिन में देना होगा जवाब

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कड़े निर्देशों के बावजूद जंगलों में अग्नि नियंत्रण के लिए तैनात लगभग चार हजार फायर वाचर का सामूहिक जीवन बीमा कराने में वन प्रभाग हीलाहवाली बरत रहे हैं। राज्य में 41 वन प्रभागों में से केवल 20 ने अपने-अपने क्षेत्र में 2286 फायर वाचर का बीमा कराया।
वन मंत्री सुबोध उनियाल ने शनिवार को वन मुख्यालय में अग्नि नियंत्रण की समीक्षा बैठक में इस स्थिति पर सख्त नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन 21 वन प्रभागों में फायर वाचर का बीमा नहीं हुआ है, वहां के डीएफओ को मुख्यालय स्तर से कारण बताओ नोटिस जारी कर सभी से दो दिन के भीतर जवाब मांगा जाए।
वन मंत्री उनियाल ने समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दो टूक कहा कि जंगलों की आग और मानव-वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम के लिए जो भी कार्य किया जा सकता है, वह किया जाए। साथ ही इसमें कार्मिकों व योजित फायर वाचर, दैनिक श्रमिकों की व्यक्तिगत सुरक्षा भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इन विषयों में किसी भी प्रकार की लापरवाही सहन नहीं की जाएगी।

अग्नि नियंत्रण के लिए नवंबर में जारी हो बजट
जंगल की आग का उल्लेख करते हुए वन मंत्री ने कहा कि आग की घटनाएं नवंबर से ही शुरू हो जा रही हैं। ऐसे में अग्नि नियंत्रण के लिए अप्रैल का इंतजार करने के बजाए नवंबर में ही बजट जारी किया जाना चाहिए।
उन्होंने राज्य के वन क्षेत्रों में सभी 571 सेक्शन में कार्यरत वन दारोगा को अग्नि नियंत्रण के दृष्टिगत लीफ ब्लोअर, ग्रास कटर समेत अन्य उपकरण हर हाल में अतिशीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए।

स्थानीय निवासियों और वन कर्मियों के नाम मांगे
वन मंत्री ने अग्नि नियंत्रण में सक्रिय सहयोग देने वाले स्थानीय निवासियों की सूची भी सभी जिलों से मांगी है, ताकि उन्हें पुरस्कृत किया जा सके। वन मंत्री ने पूर्व में अग्नि नियंत्रण में योगदान देने वाले ग्रामीणों को जिला स्तर पर पुरस्कृत करने की घोषणा की थी। वन मंत्री ने उन वनकर्मियों की भी सूची मांगी है, जिन्होंने इस अग्निकाल में आग से निबटने में अहम योगदान दिया है। इन्हें भी पुरस्कृत किया जाएगा।

इन प्रभागों ने कराया फायर वाचर का बीमा
वन प्रभाग पिथौरागढ़, नैनीताल, रामनगर, बदरीनाथ, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, मुनिकीरेती, टिहरी, चकराता, मसूरी, पुरोला, बड़कोट, कोटद्वार व देहरादून, भूमि संरक्षण वन प्रभाग नैनीताल, अलकनंदा व पौड़ी, कार्बेट व राजाजी टाइगर रिजर्व और गोविंद वन्यजीव विहार।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर संभागीय परिवहन अधिकारी पौड़ी के नेतृत्व में लीड एजेंसी रवाना

जनपद रुद्रप्रयाग में शनिवार को हुई बस दुर्घटना व हाल के दिनों में चारधाम यात्रा मार्ग पर हुई अन्य दुर्घटनाओं को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने अफसरों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी विभाग के अधिकारी द्वारा दायित्व निर्वहन में शिथिलता पाई गई तो सम्बंधित के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, मुख्यमंत्री के निर्देशों पर आज हुई दुर्घटना की जांच के लिए संभागीय परिवहन अधिकारी पौड़ी के नेतृत्व में लीड एजेंसी को रवाना किया गया है। दुर्घटना की मजिस्ट्रियल जांच पृथक से की जा रही है।
जनपद रुद्रप्रयाग के रैतोली में हुई बस दुर्घटना में 9 व्यक्तियों की मृत्यु एवं 13 व्यक्तियों के घायल होने की सूचना प्राप्त हुई है। यह वाहन हरियाणा राज्य में माह जनवरी, 2024 में ही पंजीकृत हुआ था। उक्त वाहन के सभी प्रपत्र वैध पाये गये तथा वाहन की निर्धारित सीट क्षमता 20 है। मुख्यमंत्री ने दुर्घटना में मृतक व घायलों के प्रति गहरी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए तत्काल राहत एवं बचाव कार्य करने और पीड़ितों को मदद पहुँचाने के निर्देश दिये गये, जिसके अनुपालन में पुलिस विभाग, परिवहन, जिला प्रशासन एवं एसडीआरएफ की टीमों द्वारा राहत एवं बचाव कार्य किया गया। संयुक्त परिवहन आयुक्त सनत सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा यह भी निर्देश दिये गये कि जिला प्रशासन द्वारा दुर्घटना में प्रभावित व्यक्तियों को दुर्घटना राहत निधि से राहत की धनराशि भी तत्काल उपलब्ध करा दी जाए। मुख्यमंत्री के निर्देश पर इस दुर्घटना की जांच हेतु संभागीय परिवहन अधिकारी, पौडी के नेतृत्व में लीड एजेन्सी को भी रवाना कर दिया गया है। दुर्घटना की मजिस्ट्रियल जांच पृथक से जिला प्रशासन द्वारा की जा रही है।

बी0आर0ओ0 को प्राथमिकता के आधार पर कार्यवाही के निर्देश
इससे पूर्व दिनांक 11-06-2024 को जनपद उत्तरकाशी के गंगनानी के समीप एक बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। परिवहन विभाग द्वारा श्री शैलेश तिवारी, संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन एवं सड़क सुरक्षा) देहरादून के नेतृत्व में लीड एजेन्सी के अधिकारियों को दुर्घटना स्थल के निरीक्षण एवं दुर्घटना के कारणों की जांच हेतु भेजा गया था। जिला प्रशासन स्तर पर भी घटना की जांच हेतु उप जिलाधिकारी, भटवाड़ी की अध्यक्षता में जांच समिति बनायी गयी, जिनके द्वारा अवगत कराया गया कि वर्ष 2023 में घटित सड़क दुर्घटना के उपरान्त भी बी0आर0ओ0 से मार्ग की दशा में सुधार के निर्देश दिये गये थे। बी0आर0ओ0 द्वारा यह बताया गया कि ऑल वैदर रोड के कार्य के समय इस स्थान का भी सुधार किया जाएगा। परिवहन विभाग स्तर से गये निरीक्षण दल द्वारा प्रस्तुत आख्या के अनुसार वाहन के सभी प्रपत्र वैध पाये गये। इस स्थान पर सड़क बहुत संकरी है, इसके अतिरिक्त तीव्र ढलान के साथ-साथ अंधा मोड़ भी है। निरीक्षण दल की आख्या के आधार पर बी0आर0ओ0 को प्राथमिकता के आधार पर कार्यवाही के निर्देश दिये गये हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा, कड़ाई से हो तमाम मानकों की जांच
एक सप्ताह के भीतर चारधाम यात्रा मार्ग पर दो बसों की दुर्घटना पर मुख्यमंत्री द्वारा चिन्ता व्यक्त करते हुए परिवहन एवं पुलिस विभाग के सभी प्रवर्तन अधिकारियों को वाहनों की यांत्रिक दशा की जांच कड़ाई से करने, लाईसेन्स जारी करने से पूर्व चालकों का कडाई से परीक्षण करने, ग्रीन कार्ड निर्गत करने में सावधानी बरतने, ओवर स्पीडिंग/ओवर लोडिंग एवं नशे की हालत में वाहन चलाने वाले चालकों के विरूद्ध कठोर प्रवर्तन की कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये है। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री द्वारा सड़क रख-रखाव करने वाली संस्था-लोक निर्माण विभाग, बी0आर0ओ0, एन0एच0ए0आई0 आदि को निर्देश दिये गये कि सड़कों की दशा में सुधार के सम्बन्ध में कार्यवाही प्राथमिकता के आधार पर सम्पन्न की जाए और दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु जो भी कदम आवश्यक है, सभी पर कार्यवाही की जाए। मुख्यमंत्री द्वारा सभी अधिकारियों को चेतावनी दी गई कि यदि किसी विभाग के अधिकारी द्वारा अपने दायित्व निर्वहन करने में शिथिलता पाई गयी तो सम्बन्धित के विरूद्ध कठोर कार्यवाही की जाएगी।

आरटीआई से सरकारी कार्मिकों में ईमानदारी से कार्य करने की प्रवृति बढ़तीहै-मुख्य सचिव

सचिवालय के लोक सूचना अधिकारियों को आरटीआई की बेहतर जानकारी हेतु प्रोत्साहित करते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि सूचना के अधिकार के मजबूत होने से व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ने के साथ ही भ्रष्टाचार पर अंकुश लगता है। आरटीआई से सरकारी कार्मिकों में ईमानदारी से कार्य करने की प्रवृति बढ़ती है। सूचना का अधिकार अधिनियम आने से नागरिकों को सरकार के कार्याे की जानकारी प्राप्त करने का अधिकार मिला है।
मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने शुक्रवार को सचिवालय में उत्तराखण्ड सूचना आयोग द्वारा सचिवालय के सभी विभागों के लोक सूचना अधिकारियों के लिए आयोजित कार्यशाला में प्रतिभाग किया।
मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि उत्तराखण्ड सूचना आयोग द्वारा सचिवालय के विभिन्न विभागों के लोक सूचना अधिकारियों हेतु आरटीआई पर यह कार्यशाला आयोजित करना सराहनीय पहल है। आरटीआई की बेहतर जानकारी होने से लोक सूचना अधिकारी अपने उत्तरदायित्वों का निर्वहन अधिक कुशलता से कर पाएंगे। इससे अधिक से अधिक अपीलों का निस्तारण प्राथमिक स्तर पर ही हो जाएगा। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि जिला स्तर तथा विभागीय स्तर पर भी आरटीआई पर कार्यशालाओं को आयोजन किया जाना चाहिए। उन्होंने आयोग के कार्यों को अधिकाधिक ऑनलाइन करने की बात कही जिससे अधिकाधिक पारदर्शिता बढ़ेगी तथा दूरस्थ क्षेत्र के लोगों को सुविधा होगी।
कार्यशाला में सूचना आयुक्त योगेश भट, सचिव दीपेन्द्र कुमार चौधरी सहित विभिन्न विभागों के लोक सूचना अधिकारी मौजूद रहे।

सीएम धामी ने कालूवाला में जल संरक्षण और संर्वद्धन योजना का किया लोकार्पण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को कालूवाला, डोईवाला में जल संरक्षण अभियान के तहत डोईवाला विकासखण्ड में सौंग नदी के बांये तट पर स्थित जौली नहर के हेड पर जल संरक्षण और संर्वद्धन योजना का लोकार्पण किया। स्प्रिंग एंड रिवर रिजुविनेशन प्राधिकरण (सारा) द्वारा नाबार्ड मद के अन्तर्गत लगभग 3 करोड़ 80 लाख की लागत से जल संरक्षण और संर्वद्धन की यह योजना पूर्ण की गई है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जल संरक्षण अभियान-2024 की मार्गदर्शिका का विमोचन और पौधा रोपण भी किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य में जल के संरक्षण और संवर्द्धन के लिए सबको मिलकर प्रयास करने होंगे। इसके लिए सरकार के प्रयासों के साथ ही जनसहभागिता की भी आवश्यकता है। उत्तराखण्ड में नौले, धारे, नदियां जैसी अमूल्य संपदा है। हम सभी को संकल्प लेना होगा कि पहाड़ का पानी और जवानी राज्य के ही काम आएं। उन्होंने कहा कि जहां जल प्रवाहमान होता है वहां जीवन भी प्रकाशवान होता है। हमें भविष्य की चुनौतियों का समाधान अतीत के पुनर्जागरण के साथ करना होगा। जल संवर्द्धन की पहल को जीवन से जुड़ा विषय बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि जल समाप्त हो गया तो जीवन भी समाप्त हो जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में जल संकट पूरे विश्व के लिए चुनौती बना हुआ है। अनियंत्रित प्रयोग से जल के स्रोत तेजी से समाप्त हो रहे हैं। जल संरक्षण सप्ताह का उद्देश्य प्रत्येक व्यक्ति को जल प्रबंधन के प्रति जागरूक करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जल संरक्षण के प्रति गंभीर है। जल संरक्षण के लिए विभिन्न विभागों को सम्मिलित किया जा रहा है। इन प्रयासों को अधिक बल देने के उद्देश्य से ’सारा’ का गठन किया गया है। सारा द्वारा लगभग 500 पेयजल योजनाएं और 200 जलधाराएं चिन्हित की गई हैं जिन्हें पुनर्जीवित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जल का संचय करने वाले बांज के वृक्ष समाप्त हो रहे हैं और आगजनी की घटनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि अपनी भावी पीढ़ी को सुरक्षित रखने के लिए हमें जल और वनों का संरक्षण के लिए व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण करना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जौलीग्रांट से कालूवाला को जोड़ने वाले मार्ग का निर्माण लोक निर्माण द्वारा किया जायेगा। बाबा कालूसिद्ध मंदिर के पीछे सौंग नदी के बायें तट को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जायेगा।
कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कालू सिद्ध मंदिर में पूजा-अर्चना कर कालू सिद्ध बाबा से प्रदेश और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि वैश्विक स्तर पर जलवायु परिवर्तन के कारण जलस्रोत लगातार सूख रहे हैं। जल संरक्षण एवं संवंर्द्धन के लिए जिस योजना का आज लोकार्पण किया गया है, इस योजना से कालूवाला, बड़ोवाला, भारूवाला, भंगनाला एवं जौलीग्रांट के लगभग 6 हजार ग्रामवासियों के खेतों की सिंचाई होगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की दूरगामी सोच के कारण उत्तराखण्ड में सारा प्राधिकरण का गठन किया गया है।
कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि जल संरक्षण और संवर्द्धन केवल सरकारी प्रयासों से ही सम्भव नहीं है। इसमें जन सहभागिता जरूरी है। सबको जल का सही उपयोग करना होगा। तापमान तेजी से बढ़ रहा है। जल स्तर घट रहा है। हमें जल संरक्षण को मिशन मोड में लेना होगा।
इस अवसर पर विधायक बृज भूषण गैरोला, अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, सचिव शैलेश बगोली, डॉ. आर. राजेश कुमार, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी सारा नीना ग्रेवाल एवं वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री धामी ने जिलाधिकारियों को दिए समयबद्ध कार्य के आदेश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर प्रदेश में आपदा मद के तहत होने वाले कार्याे के लिए रू.13 करोड़ की दूसरी किश्त जारी की गई है। इस धनराशि से सभी जिलों में क्षतिग्रस्त मार्गों, पुलियाओं, पेयजल लाइनों, सिंचाई नहरों, स्कूल भवनों की मरम्मत आदि के कार्य किए जाएंगे।
प्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2024-25 में आपदा मद में मरम्मत कार्याे के लिए प्रदेश के सभी 13 जिलों के लिए रू.26 करोड़ की धनराशि का प्रावधान किया गया है। इसके तहत पहली किश्त के रूप में रू.13 करोड़ की धनराशि पूर्व में जारी की जा चुकी है। आज इसकी दूसरी किश्त जारी कर दी गई है।
मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को आदेश दिए हैं कि आसन्न मानसून सीजन को देखते हुए सभी कार्य समयबद्ध तरीके से पूर्ण कर लिए जाएं। इसमें किसी भी स्तर पर कोताही न बरती जाए। पैदल मार्गों और पुलियाओं की मरम्मत का कार्य प्राथमिकता से किया जाए। यह भी अनिवार्य रूप से देख लिया जाए कि पेयजल लाइनें और सिंचाई नहरें चालू हालत में हैं या नहीं।
बता दें, दो दिन पूर्व ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आसन्न मानसून को देखते हुए सचिवालय में आला अधिकारियों की बैठक लेकर विभागों की तैयारियों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मानसून को देखते हुए 15 जून से पहले सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएं।

मुख्यमंत्री ने रीठा साहिब, चम्पावत में कार पार्किंग निर्माण हेतु प्रदान की वित्तीय स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भूतपूर्व सैनिकों आश्रितों को शैक्षिक सहायता (छात्रवृत्ति) योजना के तहत छात्रवृत्ति राशि की स्वीकृति प्रदान की है। मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड राज्य के भूतपूर्व सैनिकों आश्रितों को इंजीनियरिंग, मेडिकल व पी.एच.डी. की शिक्षा ग्रहण करने हेतु शैक्षणिक सहायता (छात्रवृत्ति) योजना के तहत 91 विद्यार्थियों को 11 लाख 6 हजार की धनराशि की स्वीकृति प्रदान की। मुख्यमंत्री ने वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए स्वीकृत छात्रवृत्ति के तहत इंजीनियरिंग के 83 छात्रों को 9,96,000, मेडिकल के 6 छात्रों को 90,000, पी.एच.डी. के 2 छात्रों को 20,000 की धनराशि की स्वीकृति प्रदान की है।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने जनपद चम्पावत के रीठा साहिब में कार पार्किंग निर्माण कार्य के लिए 9 करोड़ 89 लाख की धनराशि की भी स्वीकृत प्रदान की है।

आदर्श जनपद बनाने के लिए लिए बनाई जा रही कार्ययोजना और गतिमान कार्यों की समीक्षा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को सचिवालय में जनपद चम्पावत को आदर्श जनपद बनाने के लिए लिए बनाई जा रही कार्ययोजना और गतिमान कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड को आदर्श राज्य बनाने के लिए जनपद चम्पावत को मॉडल जनपद के रूप में लिया जा रहा है। चम्पावत ऐसा जनपद है जिसमें राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों के हिसाब से मैदान, तराई, भाबर और पर्वतीय क्षेत्र शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि आदर्श जनपद चम्पावत के लिए बनाई जा रही कार्य योजना पर तेजी से कार्य किये जाएं। उन्होंने कहा कि विकास के साथ विरासत को भी आगे बढ़ाना है। अधिकारियों को मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि विकास कार्यों में पारिस्थितिकी और पर्यावरण में समन्वय बनाकर कार्य करें। प्रकृति द्वारा हमें प्रदान की गई विरासतों के संरक्षण के साथ विकास कार्य किये जाएं। उन्होंने कहा कि अभी तक बनाई गई कार्ययोजना के अनुसार कार्यों को धरातल पर तेजी से उतारा जाए। चरणबद्ध तरीके से कार्यों में तेजी लाई जाए, यह सुनिश्चित किया जाए कि कार्यों के परिणाम जल्द धरातल पर दिखें। उन्होंने कहा कि आदर्श चम्पावत के लिए नोडल अधिकारी जनपद के अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्थाओं के साथ नियमित बैठकें करें। उन्होंने कहा कि आदर्श चम्पावत के लिए और क्या बेहतर कार्य हो सकते हैं, इसके लिए स्थानीय स्तर पर लोगों के सुझाव भी लिये जाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चम्पावत जनपद में धार्मिक, आध्यात्मिक और साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में अनेक संभावनाएं हैं। चम्पावत जनपद में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटक की सुविधा के दृष्टिगत तीन से चार दिन की यात्रा के लिए सर्किट बनाए जाएं। पूर्णागिरी में श्रद्धालुओं की संख्या काफी अधिक रहती है, श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने कहा कि शारदा कॉरिडोर और चम्पावत के आईएसबीटी को भी विस्तारित करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि निर्माण संबधी कार्यों में पारिस्थितिकी से संबंधित पहलुओं का विशेष ध्यान रखा जाए।
बैठक में प्रस्तुतीकरण के माध्यम से जानकारी दी गई कि चम्पावत जनपद में पर्यटन, कृषि और बागवानी, हेल्थकेयर, शिक्षा, दुग्ध और उससे संबंधित उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए विस्तृत कार्ययोजना पर कार्य किया जा रहा है। चम्पावत को आदर्श राज्य बनाने के लिए 2030 तक के लिए लघु, मध्यम और दीर्घकालिक योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। जनपद में कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने, एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने, डेस्टिनेशन वेडिंग हब बनाने, किवी और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किये जा रहे हैं। आदर्श चम्पावत के लिए जिन योजनाओं पर कार्य किये जा रहे हैं, भविष्य में स्थानीय स्तर पर ये लोगों की आर्थिकी को तेजी से बढ़ाने में काफी कारगर साबित होंगी।
जिलाधिकारी चम्पावत नवनीत पाण्डेय ने कहा कि केन्द्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ जनपद में प्रत्येक पात्र व्यक्ति को मिले, इस पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। चम्पावत जनपद में सैलर एनर्जी के क्षेत्र में अनेक संभावनाएं हैं, इस दिशा में विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनपद में ग्रामीण क्षेत्रों से शहरी क्षेत्रों में पलायन बढ़ रहा है, इसको ध्यान में रखते हुए टाउन प्लानिंग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
बैठक में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव शैलेश बगोली, एस.एन.पाण्डेय, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत, अपर सचिव जगदीश चन्द्र कांडपाल एवं कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारी उपस्थित रहे।

सीएम के हाथों होगा एससीईआरटी के नव निर्मित भवन का लोकार्पण

विद्यालयी शिक्षा विभाग के अंतर्गत विभिन्न संवर्गों के रिक्त पदों को शीघ्र भरने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दे दिये गये हैं। समग्र शिक्षा के अंतर्गत आउटसोर्स के माध्यम से बीआरपी-सीआरपी, रिसोर्स पर्सन, लेखाकार कम सपोर्टिंग स्टॉफ सहित चतुर्थ श्रेणी के कार्मिकों की भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये गये हैं। इसके अलावा कलस्टर स्कूलों के निर्माण कार्य समय पर पूरा करने को भी अधिकारियों को कहा गया है। मुख्यमंत्री के हाथों एससीईआरटी के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण तथा ‘हमारी विरासत’ पुस्तक का विमोचन शीघ्र किया जायेगा, इसके लिये विभागीय अधिकारियों को सभी तैयारियां पूरी करने को कहा गया है।
शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने आज विद्यालयी शिक्षा निदेशालय स्थित समग्र शिक्षा सभागार में विभागीय समीक्षा बैठक ली। जिसमें उन्होंने प्राथमिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा एवं समग्र शिक्षा के तहत विभिन्न संवर्गों के रिक्त पदों की समीक्षा करते हुये अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश दिये। डा. रावत ने कहा कि विभाग में लम्बे समय से रिक्त चल रहे पदों को शीघ्र भरा जाय ताकि विभागीय कार्यों में तेजी लाई जा सके। उन्होंने बताया कि समग्र शिक्षा के अंतर्गत बीआरपी-सीआरपी के 955 पद, रिसोर्स पर्सन आईईडी के 161 तथा लेखाकार कम सपोर्टिंग स्टॉफ के 326 पदों के लिये विभागीय स्तर पर भर्ती प्रक्रिया गतिमान है, शीघ्र ही इन पदों पर आउटसोर्स के माध्यम से नियुक्तियां दी जायेगी। विभागीय मंत्री ने कहा कि प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा के अंतर्गत शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिये अधिकारियों को भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा गया है। उन्होंने बताया कि प्राथमिक शिक्षा के अंतर्गत प्रथम चरण में बेसिक शिक्षकों के 2917 पदों पर जनपदवार विज्ञप्ति जारी कर दी गई है। माध्यमिक शिक्षा के अंतर्गत सहायक अध्यापक एलटी के 1544 पदों का अधियाचन उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग भेजा जा चुका है, इन पदों के सापेक्ष शीघ्र ही आयोग से चयनित शिक्षकों की सूची उपलब्ध हो जायेगी, जबकि प्रवक्ता के 613 पदों का अधियाचन भी राज्य लोक सेवा आयोग को भेज दिया गया है। डा. रावत ने कहा कि राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में चतुर्थ श्रेणी के लगभग 2500 पदों पर आउटसोर्स के माध्यम से की जा रही भर्ती प्रक्रिया में आ रही व्यावहारिक दिक्कतों को शीघ्र दूर कर दिया जायेगा। डा. रावत ने कहा कि शीघ्र ही मुख्यमंत्री के हाथों एससीईआरटी के नव निर्मित भवन का लोकार्पण तथा नई शिक्षा नीति-2020 के प्रावधानों के तहत एससीईआरटी द्वारा तैयार ‘हमारी विरासत’ पुस्तक का विमोचन किया जायेगा। इसके लिये विभागीय अधिकारियों को सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिये गये हैं।
बैठक में डॉ. रावत ने विद्या समीक्षा केन्द्र के कामकाज की समीक्षा करते हुये अधिकारियों को विद्यालयों, छात्रों एवं शिक्षकों से संबंधित सभी आंकडों को रियल टाइम आधार पर संकलित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि विद्या समीक्षा केन्द्र के संचालन से शिक्षकों की सारी परेशानियों को दूर किया जा रहा है ताकि शिक्षक अपना पूरा फोकस शैक्षणिक गतिविधियों पर कर सकें। बैठक में विभागीय मंत्री डा. रावत ने कलस्टर विद्यालयों के निर्माण संबंधी प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को कलस्टर विद्यालयों के निर्माण कार्यों में हो रही देरी पर कार्यदायी संस्थाओं के खिलाफ ठोस कार्यवाही करने के भी निर्देश दिये।
बैठक में महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा बंशीधर तिवारी, अपर सचिव विद्यालयी शिक्षा रंजना राजगुरू, एम.एम. सेमवाल, निदेशक एससीईआरटी वंदना गर्ब्याल, निदेशक प्राथमिक शिक्षा आर.के. उनियाल, निदेशक माध्यमिक एम.एस. बिष्ट, अपर परियोजना निदेशक डा. मुकुल सती, स्टॉफ ऑफिसर शिक्षा बी.पी. मंदोली सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

चारधाम यात्रा प्रबंधन प्राधिकरण के गठन को कार्रवाई तेज करने के निर्देश

मुख्यंमत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को चारधाम प्रबंधन यात्रा प्राधिकरण के गठन हेतु कार्रवाई त्वरित गति से करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने यमुनोत्री धाम में कैरिंग कैपेसिटी (धारण क्षमता) कैसे बढ़ाई जाए, इस पर भी कार्ययोजना शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिए।
बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में आयोजित बैठक में उन्होंने यह निर्देश दिए। बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा प्रबंधन प्राधिकरण का कार्यक्षेत्र सिर्फ चारधामों तक सीमित नहीं होगा अपितु प्रदेश में समस्त प्रकार की यात्राओं के प्रबंधन की जिम्मेदारी भी उक्त प्राधिकरण के अंतर्गत आएगी। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण गठन के पीछे मुख्य उद्देश्य यही है कि प्रदेश में बढ़ते धार्मिक व सामान्य पर्यटन के मद्देनजर हमारे पास एक ऐसी संस्था हो जो इन सब जिम्मेदारियों व तैयारियों का भलीभांति निर्वहन कर सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरगामी विजन के चलते आज प्रदेश में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुँच रहे हैं। खासतौर से इस बार के यात्रा सीजन में यह तथ्य प्रमुखता से उभरा है कि गंगोत्री व यमुनोत्री धामों में तीर्थयात्रियों की संख्या में दोगुना तक वृद्धि हुई है। ऐसे में यमुनोत्री धाम की कैरिंग कैपेसिटी यानि वहां ठहरने की सुविधाएं होटल, गेस्ट हाउस आदि को किस प्रकार से बढ़ाया जाना चाहिए, इस दिशा में भी ठोस कार्य किये जायें। विदित हो कि चारधामों के विकास के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सतत रूप से प्रयासरत रहे हैं और इसी का प्रतिफल है कि श्री बद्रीनाथ धाम व केदारनाथ धाम में मास्टर प्लान के अंतर्गत विभिन्न विकास कार्य किये जा रहे हैं। साथ ही ऑल वेदर रोड के निर्माण के बाद चार धामों की यात्रा अधिक सुगम व सुरक्षित हुई है।

चारधाम यात्रा को कोटद्वार से संचालित करने की संभावना तलाशें, रोपवे की बाधाओं को करें दूर
मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा अभी मुख्य रूप से ऋषिकेश से संचालित होती है लेकिन यहां पर बड़ी संख्या में यात्रियों के पहुँचने के चलते जाम की समस्या भी बढ़ी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा का संचालन किस तरह से कोटद्वार से भी किया जा सकता है, इसकी भी संभावना तलाशी जायें। मुख्यमंत्री ने केदारनाथ धाम, हेमकुंड साहिब व यमुनोत्री धाम के लिए रोपवे निर्माण के लिए निविदा प्रक्रिया को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

टिहरी झील व आसपास के क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 1200 करोड़ का प्रोजेक्ट
टिहरी झील और आसपास के क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एडीबी ने 1200 करोड़ रुपये का अवस्थापना संबंधी प्रोजेक्ट स्वीकृत किया गया है। उन्होंने इसकी निविदा प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रोजेक्ट के आने से टिहरी झील के आसपास के क्षेत्र में पर्यटन तेजी से बढ़ेगा। इससे यह झील और भी अधिक आकर्षण का केंद्र बनेगी। मुख्यमंत्री ने पौड़ी जिला मुख्यालय तक पर्यटन को बढ़ावा देने के भी निर्देश दिए ताकि अधिक से अधिक लोग यहां पहुँच सके और यह क्षेत्र भी सीधे पर्यटन से जुड़ सके।