ऊधमसिंह नगर में बंग भवन के नाम से बनाया जायेगा सामुदायिक भवन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को जनपद ऊधम सिंह नगर के रूद्रपुर स्थित एक होटल में अयोजित ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ कार्यक्रम में प्रतिभाग कर विभाजन का दंश झेलने वाले व्यक्तियों को नमन करते हुए विभाजन की विभीषिका का दर्द सहने वाले तमाम सेनानियों के परिजनों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि देश के विभाजन के दर्द को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऊधमसिंह नगर में बंगाली समुदाय के लिए विशिष्ट बंग भवन नाम से एक सामुदायिक भवन का निर्माण किए जाने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत अपनी मातृ भाषा में पठन का प्रावधान है, बंगाली समुदाय भी अपनी भाषा मे शिक्षा ले सके, इस दिशा में कार्य किया जाएगा। बंगाली अनुसूचित जाति के समुदाय को उत्तराखंड में भी एससी का दर्जा मिल सके, इस संबंध में केंद्र को पूर्व में भेजे गए प्रस्ताव की कमियों को दूर करते हुए पुनः केंद्र को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि देश विभाजन के दिन एक ओर जहां हम 1947 को आजादी का जश्न मना रहे थे वहीं दूसरी ओर देश के विभाजन का भी हमने दुःख सहा है। भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के कारण सामने आई परिस्थितियों को देखते हुए भारत दो टुकड़ों में विभक्त हुआ। लाखों लोग इधर से उधर हुए उनका घर-बार छूटा, परिवार छूटा, लाखों की जानें गईं। भारत के लिए यह किसी विभीषिका से कम नहीं थी। वर्ष 2021 में इसी दर्द को याद करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने 14 अगस्त को ’’विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’’ मनाने का निर्णय लिया। तब से यह दिन मनाया जा रहा है, जिससे हम अपने उन लाखों सेनानियों व परिवारजनों से बिछड़े लोगों के बलिदान को याद कर सके।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस विभाजन में अपने प्राणों की आहूति देने वाले कई सेनानियों व अन्य लोगों का अंतिम संस्कार भी नहीं हो पाया था। यह दिन उन सभी सेनानियों की याद दिलाता है जिन्होंने भारत माँ के लिए बलिदान दिया। भारत के बंटवारे ने सामाजिक एकता, सामाजिक सद्भाव और मानवीय संवेदनाओं को तार-तार कर दिया था। उन्होंने कहा यह हमारा कर्तव्य है कि हम देश को स्वतंत्र कराने वाले और देश के विभाजन की यातनाएं झेलने वाले मां भारती के प्रत्येक सपूत के प्रति अपनी कृतज्ञता प्रकट करें। विभाजन विभीषिका की पीड़ा सह चुके लोगों ने ही इस क्षेत्र के विकास की नींव रखी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड निरंतर विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। राज्य सरकार विकल्प रहित संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा समान नागरिक संहिता को जल्द ही राज्य में लागू किया जाएगा। जिन जगहों पर अतिक्रमण हुआ है उन्हें हटाने का कार्य भी जारी है। उन्होंने कहा उत्तराखंड राज्य में किसी के साथ भी अन्याय नहीं होने दिया जाए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री विभाजन के दौरान बलिदान हुए लोगों की आत्मिक, शांति एवं श्रद्धांजलि हेतु आयोजित हवन यज्ञ में शामिल हुये तथा विभाजन विभीषिका पर आधारित लघु फिल्म एवं बंगाली संस्कृति पर आधारित स्टालों का भी उन्होंने अवलोकन किया।
केंद्रीय रक्षा एवं पर्यटन राज्य मंत्री अजय भट्ट ने कहा कि आजादी के दौरान बड़े स्तर पर लोगों का पलायन हुआ। विभाजन के दौरान हमारे पूर्वजों ने कष्ट सहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार सी.ए.ए, लाई इससे सालों पहले अपने देश वापस लौटे लोगों को नागरिकता मिलने का रास्ता आसान हुआ है। यह भारत की धर्म निरपेक्षता को दिखाता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में बंगाल से अपने देश वापस लौटे लोगों के प्रमाण पत्रों से पूर्वी पाकिस्तान शब्द को हटाए जाने का कार्य भी हुआ है। पूर्वी पाकिस्तान शब्द गुलामी का प्रतीक था जिसे अब समाप्त कर दिया गया है।
केंद्रीय राज्यमंत्री शांतनु ठाकुर ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने इस देश की आजादी के लिए विभाजन का दंश झेला है। बीते 75 सालों में संविधान में कई बदलाव किए गए परंतु पहली बार इतिहास में प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सीएए जैसा कानून लाकर पलायन कर भारत लौटे अनगिनत नागरिकों को नागरिकता देने का काम किया है। उन्होंने कहा डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान को यह देश हमेशा याद रखेगा। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में एक भारत श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना पूरी हो रही है।
कार्यक्रम का संचालन तरुण दत्ता व लक्ष्मी देवी ने किया। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा, मेयर रामपाल सिंह, विधायक शिव अरोड़ा, मतुआ सम्प्रदाय से हरीचांद ठाकुर, विधायक अरविंद पांडे, पूर्व विधायक राजेश शुक्ला, भाजपा नेता कमल जिंदल, जिलाधिकारी उदय राज सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंजूनाथ टीसी, उत्तम दत्ता, शंकर चक्रवर्ती, अजित बिस्वास, सुनील हालदार, समीर राय एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

प्रभावित क्षेत्रों में किये जा रहे बचाव कार्यों की सीएम ने लीं जानकारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में उच्चाधिकारियों की बैठक लेते हुए निर्देश दिये कि उत्तराखण्ड के विभिन्न क्षेत्रों में हो रही अतिवृष्टि के दृष्टिगत सभी अलर्ट मोड पर रहें। उन्होंने अधिकारियों से अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों एवं वहां किए जा रहे राहत व बचाव कार्यों की जानकारी भी प्राप्त की। अतिवृष्टि के दृष्टिगत 2 दिनों के लिए चारधाम यात्रा भी स्थगित कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि मौसम के पूर्वानुमान को देखकर ही यात्रा करें।
मुख्यमंत्री ने अतिवृष्टि के कारण जनपद पौड़ी में हताहत हुए लोगों की आत्मा की शांति एवं शोकाकुल परिवारजनों को धैर्य प्रदान करने की ईश्वर से कामना की है। जिला प्रशासन और एसडीआरएफ की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में लगी हुई हैं। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को घायलों को शीघ्र उचित उपचार दिलवाने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि यह सुनिश्चित किया जाय कि अतिवृष्टि से प्रदेश में जहां भी नुकसान हो रहा है, प्रभावितों को मानकों के अनुसार मुआवजा राशि यथाशीघ्र मिल जाय। उन्होंने कहा कि अतिवृष्टि से प्रदेश में हुई क्षति का पूरा आंकलन किया जाए।
मुख्यमंत्री जिलाधिकारियों से भी अतिवृष्टि के कारण हुए नुकसान एवं राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारी के संबंध में लगातार जानकारी ले रहे हैं। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि जिला प्रशासन एवं राहत-बचाव में लगे सभी दलों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रखा जाए।
बैठक में अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, विशेष प्रमुख सचिव अभिनव कुमार, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, डॉ रंजीत सिन्हा, एडीजी ए.पी.अंशुमान, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी एवं अपर सचिव जगदीश चन्द्र काण्डपाल उपस्थित रहे।

कैबिनेट मंत्री अग्रवाल ने अपने घर में तिरंगा फहराने की अपील की

क्षेत्रीय विधायक व मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने मेरी माटी मेरा देश अभियान के तहत स्वामी सत्यमित्रानंद राजकीय इंटर कॉलेज में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया। इस दौरान डा. अग्रवाल ने शहीद स्मारिका का भी लोकार्पण किया। साथ ही मिट्टी को हाथ मे लेकर पंचप्रण शपथ ली गयी। साथ ही पूर्व सैनिकों को सम्मानित किया।
हरिपुरकलां में ब्लॉक स्तरीय मेरी माटी मेरा देश अभियान के तहत मंत्री डा. अग्रवाल ने तिरंगा फहराकर कहा कि हम सभी आजादी का जश्न मना रहे है। इस मौके पर हमें उन सभी वीर-वीरांगनाओं को नमन करना है, जिनके तप, त्याग एवं बलिदान के कारण हमने आजादी पाई है। इसके अलावा प्रत्येक किसान, मजदूर, वकील, गरीब, अमीर सभी को नमन करना है जिन्होंने अपने कैरियर की परवाह किए बिना अपने जीवन का उद्देश्य आजादी को पाना बना लिया था।
डा. अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज पूरे विश्व में भारत का परचम लहराया है। विदेशी नीति को सार्थक बनाते हुए मोदी ने विश्व के साथ अच्छे रिश्ते स्थापित किए है। इस वर्ष 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के ख़ास मौके पर नए अवसरों के खुलने का समय है और नई जीत और उपलब्धियां भारत की प्रतीक्षा कर रही हैं। उन्होंने कहा कि आज देश के नाम अनगिनत उपलब्धियां हैं जो हमारे देश को महान बना रही हैं और हमें गर्व महसूस करा रही हैं। अब हम गुलामी की ज़ंज़ीर को हटाकर आज़ादी के रंग में रंग चुके हैं।
डा. अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवाहन पर आज पूरे देश की जनता मेरी माटी मेरा देश अभियान में अपना योगदान दे रही है। हमारे राज्य में भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में नौ अगस्त से 15 अगस्त तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
डा. अग्रवाल ने बताया कि उनके निर्देश पर शहरी विकास विभाग की ओर से प्रत्येक निकायों में शिला फलकम की स्थापना की जा रही है, जिसमें प्रत्येक निकायों में अमृत सरोवर के किनारे, स्कूल अथवा अन्य महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थान पर स्मारक पट्टिका की स्थापना की जा रही है। यह शिला फलकम अभियान की वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकता है।
डा. अग्रवाल ने बताया कि पंचप्रण शपथ एवं सेल्फी अभियान के तहत प्रत्येक निकायों में मिट्टी अथवा मिट्टी का दीया लेकर पंचप्रण शपथ ली जा रही है एवं शपथ लेते समय व्यक्तिगत अथवा सेल्फी को अभियान हेतु निर्मित वेबसाइट पर अपलोड किया जा रहा है।
डा. अग्रवाल ने कहा कि वसुधा वन्दन के तहत प्रत्येक निकाय में अमृत वाटिका बनाई जा रही है, जिसमें कम से कम 75 स्थानीय प्रजाति के पौधों का रोपण किया जा रहा है। बताया कि वीरों का वन्दन के तहत स्वतंत्रता सेनानी एवं शहीदों के परिवारों को सम्मानित करने के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
डा. अग्रवाल ने कहा कि हर घर तिरंगा के तहत 13 से 15 अगस्त के मध्य अपने घरो में राष्ट्रीय ध्वज लगाये जाने के लिए आम जनता को प्रोत्साहित करने के लिए सार्वजनिक अपील की जा रही है।
इस मौके पर प्रधान गीतांजलि जखमोला, खंड विकास अधिकारी जगत सिंह, मनोज जखमोला, पूर्व सैनिक जगदीश देवली, रविदत्त जुगलान, राजेन्द्र रावत, ललित मोहन कंडवाल, मनोज शर्मा, बृज मोहन राणा, सुरेंद्र रयाल आदि उपस्थित रहे।

वीरों को नमन कार्यक्रम में बोले धामी, अमर बलिदानियों का योगदान भुलाया नही जा सकता

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को गुच्चु पानी, देहरादून में ‘मेरी माटी-मेरा देश’ अभियान के अन्तर्गत आयोजित ‘वीरों को नमन’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, प्रेमचंद अग्रवाल, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चौहान, मेयर देहरादून सुनील उनियाल गामा, विधायक मुन्ना सिंह चौहान एवं सविता कपूर भी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अमर बलिदानियों की स्मृति में शिलापट्ट का अनावरण किया। उन्होंने सभी को पंच प्रण की शपथ दिलाई एवं गुच्चू पानी में अमृत वाटिका के लिए वृक्षारोपण किया। इस अवसर पर पवित्र मिट्टी को हाथ में लेकर शपथ दिलाई गई एवं सेल्फी भी ली गई। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं शहीदों के परिजनों को सम्मानित भी किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ’मेरी माटी-मेरा देश’ कार्यक्रम में उपस्थित स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं देश के लिए अपना सर्वाेच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों के परिजनों का स्वागत करते हुए कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि आज मुख्य सेवक के रूप में उन्हें सभी को सम्मानित करने का अवसर प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में हमें उन वीरों की वंदना करने का अवसर प्राप्त हुआ है, जिन्होंने देश की माटी की खातिर अपने प्राणों की आहुति दी। प्रधानमंत्री ने आजादी के अमृत काल में देशवासियों को पंच प्रण दिए हैं। भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का प्रण, गुलामी की मानसिकता से मुक्ति का प्रण, भारत की समृद्ध विरासत पर गर्व एवं उसका संरक्षण करने का प्रण तथा देश की एकता और अखंडता को अक्षुण्ण रखने का प्रण। जिस प्रकार आज तक हमने प्रधानमंत्री द्वारा प्रारंभ किए गए प्रत्येक अभियान को अपना सम्पूर्ण सहयोग एवं समर्थन दिया है, उसी प्रकार मुझे विश्वास है कि हम ’मेरी माटी-मेरा देश’ अभियान को भी अपना पूर्ण सहयोग प्रदान करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की भूमि देवभूमि के साथ ही वीरों की भूमि भी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से आज सेना न केवल पहले से और अधिक सक्षम और सशक्त हो रही है बल्कि उसकी यश और कीर्ति पताका सम्पूर्ण विश्व में फैल रही है। सरकार जहां एक ओर सेना के आधुनिकीकरण पर बल दे रही है, वहीं दूसरी ओर सैनिकों और उनके परिवारों को मिल रही सुख-सुविधाओं का भी ख्याल रख रही है। प्रधानमंत्री निरंतर सैनिकों के साहस और मनोबल को बढ़ा रहे हैं। राज्य सरकार भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में सैनिकों एवं उनके परिवार को मिलने वाली सुविधाओं में वृद्धि करने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार ने सैनिकों या उनके आश्रितों को मिलने वाली अनुदान राशि बढ़ाने से लेकर शहीद सैनिकों के आश्रितों को राज्य सरकार के अधीन आने वाली नौकरियों में वरीयता के आधार पर नियुक्ति देने का निर्णय भी इसी आशय से लिया है। उत्तराखण्ड राज्य के वीरता पदक से सम्मानित सैनिकों को देय एकमुश्त अनुदान राशि में वृद्धि की गई है। उत्तराखण्ड से द्वितीय विश्व युद्ध की वीरांगना एवं वेटरन की पेंशन प्रतिमाह 8 हजार रूपये से बढ़ाकर 10 हजार रूपये की गई है। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और उनकी विधवाओं की प्रतिमाह पेंशन 21 हजार से बढ़ाकर 25 हजार की गई है। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा दिए गए मार्गदर्शन के अनुरूप राज्य में पांचवें धाम की नींव रखते हुए एक भव्य और राष्ट्र भक्ति से ओत-प्रोत सैन्य धाम का निर्माण कार्य तेजी से हो रहा है। सवाड़ में भी सैनिकों की स्मृति में स्मारक बनाया जा रहा है।
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने स्वतंत्रता सेनानियों और वीर अमर शहीदों को नमन करते हुए कहा आज यहां पर स्थापित शिलाफलकम् में 33 अमर शहीदों और सेनानियों का नाम अंकित किया गया है। उन्होंने कहा कि यह अभियान देश के लिए बलिदान देने वाले वीरों को समर्पित अभियान है। “मिट्टी को नमन, वीरों को वंदन“ नाम शीर्षक के साथ इस अभियान में उत्तराखण्ड में अब तक 2000 से अधिक कार्यक्रम आयोजित किये जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि भारत की आज़ादी के 75 वर्ष के पूरे होने और आजादी के अमृत महोत्सव का समापन करने के लिए मेरी माटी मेरा देश अभियान की शुरुआत की गई है। यह अभियान हमारे देश के शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि देने का एक प्रयास है। उन्होंने कहा मेरी माटी मेरा देश अभियान के तहत देश के अलग-अलग राज्यों के ग्रामों से 7500 कलशों में मिट्टी लाई जाएगी। इस मिट्टी से नई दिल्ली में कर्तव्य पथ पर अमृत वाटिका का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह अभियान उन्हीं गुमनाम शहीदों को सम्मान देने उनके बलिदान को सलाम करने का एक अवसर है। ग्राम्य विकास मंत्री श्री गणेश जोशी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में वीर भूमि एवं देवभूमि उत्तराखण्ड के 95 विकासखण्डों से पवित्र माटी के कलशों को कर्तव्य पथ के लिए रवाना किया जाएगा।
कैबिनेट मंत्री प्रेमचन्द अग्रवाल ने कहा कि देश के स्वतंत्रा सेनानियों एवं अमर शहीदों के सम्मान में देशभर में व्यापक स्तर पर मेरी माटी, मेरा देश अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत प्रदेशभर में अनेक स्थानों पर कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। हमारे इन महानायकों द्वारा देश सेवा के लिये दिये गये योगदान से हमारी युवा पीढ़ी अच्छी तरह परिचित हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है।
इस अवसर पर सचिव राधिका झा, आयुक्त ग्राम्य विकास आनन्द स्वरूप, जिलाधिकारी देहरादून सोनिका, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दलीप सिंह कुंवर, नगर आयुक्त मनुज गोयल, मुख्य विकास अधिकारी झरना कमठान उपस्थित रहे।

मसूरी के बाद अब टिहरी में भी विंटर लाइन कार्निवल का आयोजन

उत्तराखंड में मसूरी विंटर लाइन कार्निवल की तर्ज पर अब टिहरी में भी विंटर लाइन कार्निवल का आयोजन किया जाएगा। बताया जा रहा है कि आगराखाल व्यापार मंडल और न्यू विजन फाउंडेशन की पहल पर यहां 3 दिवसीय विंटर लाइन कार्निवाल का आयोजन किया जाएगा। जिसके लिए तैयारियां शुरू हो गई है।
मिली जानकारी के अनुसार स्विट्जरलैंड की तरह टिहरी जिले के आगराखाल में भी साफ-साफ विंटर लाइन दिखाई देती है। ऐसे में आगराखाल व्यापार मंडल और न्यू विजन फाउंडेशन की पहल पर मसूरी की तर्ज पर यहां सितंबर माह के अंतिम सप्ताह में तीन दिन का विंटर लाइन कार्निवल शुरू होगा।
बताया जा रहा है कि आयोजकों ने विंटर लाइन कार्निवल को हर साल आगराखाल थौल महोत्सव के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। इस दौरान यहां लोक संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। बताया जा रहा है कि कार्निवाल में पहाड़ी व्यंजन, पहाड़ी रहन-सहन और खान-पान को लेकर भी नई पीढ़ी को जागरुक किया जाएगा. साथ ही उत्तराखंड की संस्कृति और पारंपरिक रीति रिवाजों को भी लोगों के सामने रखा जाएगा। माना जा रहा है कि उत्तराखंड में पर्यटन सबसे बड़ा रोजगार का जरिया बन सकता है। आयोजकों ने विंटर लाइन कार्निवाल टिहरी डीएम मयूर दीक्षित से मिलकर भी सहयोग मांगा है, जिस पर टिहरी डीएम ने उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिया है।

हर्रावाला, रुड़की और लालकुआं रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास, पीएम ने रखीं आधारशिला

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से अमृत भारत रेलवे स्टेशन योजना के अंतर्गत देश भर के 508 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास की आधारशिला रखी। इन रेलवे स्टेशनों की पुनर्विकास की आधारशिला रखे जाने के अवसर पर हर्रावाला रेलवे स्टेशन में राज्यपाल गुरमीत सिंह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी उपस्थित रहे।
अमृत भारत रेलवे स्टेशन योजना के तहत 24470 करोड़ रूपये से अधिक की लागत से पुनर्विकसित किए जाने वाले ये 508 रेलवे स्टेशन 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में हैं। इन रेलवे स्टेशनों में उत्तराखण्ड के तीन रेलवे स्टेशन हर्रावाला, रुड़की और लालकुआं शामिल हैं, जिनका पुनर्विकास किया जाएगा।
अमृत भारत रेलवे स्टेशनों में यात्रियों की आधुनिक सुविधाओं के साथ साथ विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस किया जाएगा। स्टेशन बिल्डिंग के डिजाइन में स्थानीय संस्कृति, विरासत और वास्तुकला की झलक दिखाई देगी। इन स्टेशनों में यात्रियों के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं होंगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड के तीन रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास शिलान्यास के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते नौ वर्षों में प्रधानमंत्री के नेतृत्व में रेलवे के क्षेत्र में बहुत तेज गति से कार्य हुए हैं। हम भारतीय रेल के स्वर्णिम युग की ओर बढ़ रहे हैं। भारतीय रेलवे को नए भारत की आकांक्षाओं तथा आत्मनिर्भर भारत की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए तैयार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जहां एक ओर ब्रॉड गेज रेल लाइनों से मानव रहित रेल क्रॉसिंग को ख़त्म करके भारतीय रेलवे को पहले से कही अधिक सुरक्षित बनाया गया है, वहीं दूसरी ओर आज भारतीय रेलवे की रफ्तार भी पहले से कही अधिक बढ़ चुकी है, आत्मनिर्भरता और आधुनिकता के प्रतीक चिन्ह के रूप में वंदे भारत जैसी मेड इन इंडिया ट्रेनें रेल नेटवर्क का हिस्सा बन रही हैं। वर्तमान में देश के अछूते हिस्सों को रेल नेटवर्क से जोड़ने का काम भी तेजी से चल रहा है। रेल लाइनों के विद्युतिकरण का काम भी पहली बार इतनी तेजी के साथ किया जा रहा है। 2014 तक 1350 किलोमीटर रेलवे लाइन का विद्युतिकरण हुआ था पर 2014 से अब तक यह आंकड़ा 6,565 किलोमीटर तक पहुंच गया है। 2014 में देश में 1561 किलोमीटर के रेलवे ट्रेक बिछाए गए थे, जो 2023 में 5243 किलोमीटर हो चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड में पहाड़ तक ट्रेन पहुंचाने का सपना सच होने जा रहा है। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेललाइन का कार्य तेजी से हो रहा है। अमृत भारत स्टेशन योजना रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास और नए बदलते भारत का प्रतिबिंब है। आज प्रधानमंत्री द्वारा किये गए 508 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास शिलान्यास ने एक और नया कीर्तिमान बनाया है। आज जिस प्रकार से ना केवल रेलवे बल्कि अन्य क्षेत्रों में भी इंफ्रास्ट्रक्चर को सशक्त बनाया जा रहा है, वो अभूतपूर्व है। आज रेल आधुनिक हो रही हैं, सुविधाओं को विश्वस्तरीय किया जा रहा है, रेलवे स्टेशन मॉडर्न विजन के साथ विकसित किए जा रहे हैं। जिन स्टेशनों के पुनर्विकास की नींव आज रखी गई है उन्हें स्थानीय संस्कृति, विरासत और वास्तुकला के आधार पर विकसित किया जाएगा जो अपने आप में एक सुखद अनुभव होगा।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक खजान दास, बृज भूषण गैरोला, सविता कपूर, पद्मश्री प्रीतम भरतवाण एवं भारतीय रेलवे के अधिकारी उपस्थित रहे।

बड़ी कार्रवाई, 6.4 करोड़ की जीएसटी चोरी का खुलासा

जीएसटी चोरी करने वाली फार्मा कंपनियों पर राज्य कर विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। सेंट्रल इंटेलिजेंस यूनिट (सीआईयू) ने देहरादून, हरिद्वार और रुड़की में नौ फार्मा कंपनियों पर छापा मारा है। इनमें चार कंपनियां फर्जी पाई गईं। प्रारंभिक कार्रवाई में 6.4 करोड़ की जीएसटी चोरी का खुलासा हुआ है। फार्मा कंपनियों ने अपनी गलती स्वीकारते हुए 30 लाख का टैक्स जमा किया है। विभाग ने कंपनियों के 2.43 करोड़ की आईटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) रोक दी है। साथ ही बैंक खाते फ्रीज कर दिए हैं। राज्य कर आयुक्त एवं अपर सचिव अहमद इकबाल ने बताया कि शनिवार को विभाग की सीआईयू टीम ने जीएसटी चोरी करने वाली फार्मा मेन्युफैक्चरिंग और ट्रेडिंग कंपनियों पर छापा मारा।
इस कार्रवाई में देहरादून, हरिद्वार व रुड़की की तीन-तीन कंपनियों के टैक्स संबंधित दस्तावेजों की गहन जांच की गई। जीएसटी में पंजीकृत चार कंपनियां सिर्फ कागजों में चल रही हैं। फर्जी कंपनियों के नाम से बिल बनाकर इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लेकर सरकार को राजस्व की चपत लगाई जा रही थी। कंपनियों ने दवाइयों की पैकेजिंग सामग्री और अन्य सामान की सप्लाई दिल्ली, गुजरात व मध्य प्रदेश की कंपनियों से दर्शाई है। दस्तावेजों में माल परिवहन के कोई प्रमाण नहीं मिले। गुजरात में जिस फर्म के नाम से माल आपूर्ति के बिल बनाए जा रहे थे, उसका कोई कारोबार नहीं मिला। जांच में खुलासा हुआ कि फार्मा कंपनियों की ओर से ई-वे बिलों में दिल्ली से पैकेजिंग सामग्री की सप्लाई दिखाई गई। इसमें दिल्ली से ऑटो में 30 लाख की माल परिवहन दिखाया गया।
इतनी बड़ी राशि का माल ऑटो में परिवहन करना संभव नहीं है। इसके अलावा जिस ई-वे बिल में दिल्ली से माल उत्तराखंड के दर्शाया गया उस पर माल दूसरे राज्यों में भेजा गया। राज्य कर विभाग की जांच में यह भी खुलासा हुआ है फार्मा कंपनियों ने दिल्ली में जिस कंपनी से मेडिकल का सामान की आपूर्ति दर्शाई है वह स्क्रैब का कारोबार करती है। कबाड़ का काम करने वाली कंपनी दवाइयों के पैकेजिंग व अन्य सामान की सप्लाई कैसे कर सकती है। विभाग इन सभी मामलों की जांच कर रही है।

कैबिनेट मंत्री अग्रवाल ने मेरी माटी मेरा देश अभियान को सफल बनाने के दिए निर्देश

शहरी विकास मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने विभागीय अधिकारियों के साथ ’मेरी माटी मेरा देश’ अभियान के तहत किये जाने वाले कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक की।
शासकीय आवास में हुई बैठक में डॉ अग्रवाल ने बताया कि आजादी के अमृत महोत्सव के तहत ’मेरी माटी मेरा देश’ अभियान के अंतर्गत राज्य के समस्त निकायों में एक वाटिका बनाई जाएगी, जिसमें 75 पौधों को रोपित किया जाना है।
डॉ अग्रवाल ने बताया कि प्रत्येक निकाय अपने यहाँ शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके नाम का शिलापट्ट लगाएंगे। उन्होंने बताया कि ’मेरी माटी मेरा देश’ के अन्तर्गत अमर शहीदों की याद एवं सम्मान में दिनांक 9 अगस्त से 15 अगस्त, 2023 तक जनपद क्षेत्रान्तर्गत शिला फलकम की स्थापना, पंचप्रण शपथ एवं सेल्फी, वसुधा वन्दन, वीरों का वन्दन, झण्डा रोहण एवं राष्ट्रगान के कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि गत वर्ष की भांति 13 अगस्त से 15 अगस्त, 2023 तक ‘‘हर घर तिरंगा‘‘ कार्यक्रम जनसहभागिता से आयोजित किया जायेगा।
डॉ अग्रवाल ने निर्देशित करते हुए कहा कि ‘हर घर तिरंगा‘‘ के तहत फ्लैग ऑफ कोड का अनुपालन हो। पौधारोपण हेतु स्थान चिन्ह्ति कर समयान्तर्गत पौधारोपण किया जाये। कहा कि ‘‘मेरी माटी मेरा देश अभियान‘‘ कार्यक्रम के अन्तर्गत शिला फलकम की स्थापना प्रत्येक नगर निकाय में अमृत सरोवर के किनारे, अन्य जल निकाय पर, स्कूल अथवा अन्य महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थान में स्मारक पट्टिका की स्थापना की जानी है। यह शिला फलकम अभियान की वेबसाइट merimaatimeradesh.gov.in से डाउनलोड किया जा सकता है।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि पंचप्रण शपथ एवं सेल्फी प्रत्येक निकायों में मिट्टी अथवा मिट्टी का दीया लेकर पंचप्रण शपथ ली जायेगी एवं शपथ लेते समय व्यक्तिगत अथवा सेल्फी को अभियान हेतु निर्मित वेबसाइट पर अपलोड किया जायेगा। वसुधा वन्दन प्रत्येक निकाय में अमृत वाटिका बनाई जायेगी। कहा कि कम से कम 75 स्थानीय प्रजाति के पौधों का रोपण किया जायेगा। इस मौके पर निदेशक शहरी विकास नवनीत पांडेय, लेखाधिकारी साहब सिंह रांगड़ उपस्थित रहे।

सीएस ने अवैध खनन को रोकने को रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई करने के दिए निर्देश

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने शुक्रवार को सचिवालय में अवैध खनन की रोकथाम के सम्बन्ध में जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की। मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों से अवैध खनन को रोक जाने के लिए उनके स्तर से किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी ली।
मुख्य सचिव ने कहा कि अवैध खनन को पूर्णतः रोके जाने हेतु हर संभव प्रयास किए जाएं। इसके लिए साप्ताहिक अथवा मासिक रूप से वीडियोग्राफी करवाई जाए। उन्होंने कहा कि पूर्व के प्रकरणों में लगाए गए जुर्माने वसूलने के लिए अभियान चलाया जाए, साथ ही इसकी मासिक रिपोर्ट मुख्य सचिव कार्यालय को भी प्रेषित की जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि अवैध खनन के लिए गठित जनपद स्तरीय एवं तहसील स्तरीय टास्क फोर्स द्वारा लगातार अवैध खनन पर कार्रवाई की जाए। साथ ही की गई कार्रवाई को डाटा लेक पोर्टल पर अपलोड किया जाए। उन्होंने खनन विभाग को डाटा लेक पर इसके लिए फॉर्मेट शीघ्र उपलब्ध कराए जाने के भी निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने खनन विभाग को अवैध खनन रोकने हेतु सभी आवश्यक प्रशिक्षण शीघ्र उपलब्ध कराए जाने के भी निर्देश दिए। कहा कि पुलों के आसपास खनन को रोकने हेतु आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने राजस्व भूमि पर नए लॉट्स चिन्हित किए जाने के भी निर्देश दिए, कहा कि इससे वैध तरीके से खनन किए जाने पर अवैध तरीके से खनन की कम संभावनाएं होती हैं।
इस अवसर पर सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय एवं अन्य उच्चाधिकारियों सहित जनपदों से जिलाधिकारी उपस्थित रहे।

दृष्टिपत्र 25 संकल्प 2022 के लक्ष्यों को समयबद्धता से शीर्ष प्राथमिकता के साथ करने के निर्देश

अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने दृष्टिपत्र 25 संकल्प 2022 के लक्ष्यों के समयबद्धता से शीर्ष प्राथमिकता के साथ प्रभावी क्रियान्वयन हेतु अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। सचिवालय में इस सम्बन्ध में बैठक लेते हुए एसीएस राधा रतूड़ी ने विभिन्न विभागों से दृष्टिपत्र 25 संकल्प 2022 के तहत किये जाने वाले कार्यों की प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को सरलीकृत, त्वरित तथा प्रभावी कार्यशैली अपनाने की सख्त हिदायत दी।
बैठक में कृषि एवं कृषक कल्याण विभाग ने जानकारी दी कि दृष्टिपत्र 25 संकल्प 2022 के तहत प्रदेश के समस्त जनपदों में उत्तराखण्ड ऑर्गेनिक ब्रांड निर्माण के 51 आउटलेट संचालित किये जा चुके हैं तथा 24 आउटलेट संचालित किये जाने की प्रक्रिया गतिमान है। पर्यटन विभाग द्वारा जानकारी दी गई कि साहसिक टूरिज्म प्रमोशन बोर्ड के माध्यम से 20 चिहनित स्थानों में से साहसिक पर्यटन के लिए 09 स्थानों पर कार्यवाही गतिमान है। 45 नए हॉटस्पॉट पर फोकस के माध्यम से पर्यटन के क्षेत्र में आमदनी बढ़ाने, हर राज्य की राजधानियों तथा दुनियाभर की प्रमुख राजधानियों में मिशन उत्कृष्ट देवभूमि शुरू करने जैसे बिन्दुओं पर कार्य चल रहा है।
वन विभाग द्वारा जानकारी दी गई कि ईकों टूरिज्म प्रमोशन बोर्ड के माध्यम से 20 दर्शनीय स्थलों को पर्यावरण केंद्रित पर्यटन के हॉटस्पॉट के रूप में विकसित करने की कार्य योजना पर कार्यवाही चल रही है। लोक निर्माण विभाग द्वारा जानकारी दी गई कि सड़क किनारों की ढलानों के स्थिरीकरण हेतु मिशन हिमावंत के सम्बन्ध में प्रथम चरण में वित्तीय वर्ष 2022-23 में सड़क परिवहन राजमार्ग मंत्रालय भारत सरकार द्वारा 56 कार्याे हेतु 3668 करोड़ रूपये की कार्ययोजना अनुमोदित हो चुकी है तथा 2148 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। इसके साथ ही लोक निर्माण विभाग ने बताया कि सड़कों को कंक्रीट सड़कों में अपग्रेड किये जाने के संबंध में राज्य में नगर निगम क्षेत्रों के शहरी मार्गों के तहत पीडब्लयूडी के स्वामित्व वाली 3.75 मीटर की चौड़ाई से अधिक चौड़े मार्गों पर चरणबद्ध तरीके से कंक्रीट/वाइट टोपिंग से अपग्रेड करने हेतु नीति निर्माण हेतु आवश्यक कार्यवाही की जा रही है।
सूचना प्रौद्योगिकी विभाग ने जानकारी दी कि उत्तराखण्ड के सभी गांवों को 4जी/5जी मोबाइल नेटवर्क एवं हाई स्पीड ब्राडबैंड एवं फाइबर इंटरनेट से जोड़ने के सम्बन्ध में प्रस्तावित 1849 स्थानों में से 1691 स्थानों को कवर कर लिया गया है। जी सैचुरेशन परियोजना के तहत 1244 गांव के सापेक्ष 44 गांवों में कार्य प्रारम्भ किया जा चुका है। पेयजल विभाग ने जानकारी दी कि हर घर नल योजना के तहत जल संस्थान द्वारा अनुरक्षित राजस्व ग्रामों के कुल 606300 परिवारों के सापेक्ष वर्तमान तक 485918 परिवारों को इस योजना का लाभ मिल चुका है। ग्राम्य विकास विभाग द्वारा जानकारी दी गई कि मेरा गांव मेरी सड़क योजना के तहत वर्ष 2022-23 हेतु प्राप्त 49 सड़कों के प्रस्ताव में से 22 योजनाओं पर टोकन मनी के रूप में 283.41 लाख रूपये की स्वीकृति निर्गत हो चुकी है।
बैठक में विशेष प्रमुख सचिव अभिनव कुमार, सचिव राधिका झा, अपर सचिव जगदीश कांडपाल, राजस्व, लोक निर्माण, ग्राम्य विकास, पर्यटन विभाग सहित विभिन्न विभागों के उच्चाधिकारी मौजूद रहे।