एलटी शिक्षकों के स्थानांतरण को लेकर विभागीय मंत्री ने दिए एसओपी जारी करने के निर्देश

राज्य सरकार ने विद्यालयी शिक्षा विभाग के अंतर्गत एलटी संवर्ग के शिक्षकों की वर्षों पुरानी मांग पूरी कर दी है। सरकार ने एलटी शिक्षकों की सेवा नियमावली में संशोधन कर मंडल परिवर्तन को लेकर विभाग को शीघ्र एसओपी जारी करने के निर्देश दिये हैं। जिसके क्रम में अब एलटी शिक्षकों के तबादले एक मंडल से दूसरे मंडल में हो सकेंगे। एलटी शिक्षक को सम्पूर्ण सेवाकाल में मात्र एक बार संवर्ग परिवर्तन का मौका मिलेगा। इसके लिये उन्हें अपने मूल संवर्ग में कम से कम पांच वर्ष की संतोषजनक सेवा पूर्ण करनी आवश्यक होगी तभी वह अंतरमंडलीय स्थानांतरण के लिये पात्र होंगे।

उत्तराखंड के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने बताया कि प्रदेश के एलटी संवर्ग शिक्षकों की वर्षों पुरानी मांग पर विचार करते हुये राज्य कैबिनेट ने हाल ही में उत्तराखंड अधीनस्थ शिक्षा (प्रशिक्षित स्नातक श्रेणी) (संशोधन) सेवा नियमावली-2024 में संशोधन कर अंतरमंडलीय स्थानांतरण को मंजूरी प्रदान की। सरकार ने इस संशोधन के जरिये एलटी संवर्ग के शिक्षकों को सम्पूर्ण सेवा काल में एक बार मंडल परिवर्तन करने का मौका दिया है ताकि शिक्षक इच्छित मंडल में अपनी शेष सेवा पूरी कर सके। डा. रावत ने बताया कि एलटी शिक्षकों के संवर्ग परिवर्तन हेतु अपनाई जाने वाली प्रक्रिया के संबंध में शीघ्र ही शासन स्तर से एसओपी जारी की जायेगी। जिसके उपरांत विभागीय स्तर पर अंतरमंडलीय स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी की जायेगी, जिसके निर्देश विभागीय अधिकारियों को दे दिये गये हैं। विभागीय मंत्री ने बताया कि नये प्राविधानों के तहत ऐसे सहायक अध्यापको को मंडल परिवर्तन का मौका मिलेगा जिन्होंने अपने मूल संवर्ग में न्यूनतम 05 वर्षों की संतोषजनक सेवा पूर्ण कर ली हो। उन्होंने बताया कि शिक्षकों को मंडल परिवर्तन का लाभ सम्पूर्ण सेवा में मात्र एक बार ही अनुमन्य होगा। एक मंडल से दूसरे मंडल में स्थानांतरित शिक्षक कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से नवीन संवर्ग में कनिष्ठतम हो जायेंगे।

विभागीय मंत्री डा. रावत ने बताया कि मंडल परिवर्तन करते समय सामान्य शाखा में कार्यरत शिक्षकों का स्थानांतरण सामान्य शाखा जबकि महिला शाखा में कार्यरत शिक्षिकाओं का स्थानांतरण महिला शाखा में ही किया जायेगा। दोनों मंडलों में जिस मंडल में विषयवार वास्तविक रिक्तियों की संख्या कम होगी उस विषय में उतनी सीमा तक ही समान श्रेणी के विद्यालयों में शिक्षकों के स्थानांतरण किये जायेंगे। उन्होंने बताया कि इच्छुक शिक्षक सम्बंधित मंडल स्तर पर ही आवेदन किये जायेंगे। प्राप्त आवेदन पत्रों के परीक्षणोपरान्त निदेशक माध्यमिक शिक्षा द्वारा शिक्षकों को मंडल आवंटित किये जायेंगे। जिस हेतु शासन स्तर पर गठित समिति से अनुमोदन लेना आवश्यक है।

डा. रावत ने बताया कि अंतरमंडलीय स्थानांतरण में पारदर्शिता को लेकर शासन स्तर पर अपर सचिव माध्यमिक शिक्षा की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय समिति गठित की गई है। जिसमें अपर सचिव कार्मिक, संयुक्त सचिव माध्यमिक शिक्षा, उप सचिव व अनु सचिव माध्यमिक शिक्षा बतौर सदस्य शामिल किये गये हैं। डा. रावत ने उम्मीद जताई कि अंतरमंडलीय स्थानांतरण से शिक्षकों की समस्या दूर हो जायेगी और वह शिक्षण कार्यों में जुटकर शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ बनाने में पूर्ण सहयोग करेंगे।

बेसिक शिक्षकों की भर्ती को मंत्री धन सिंह ने दिए निर्देश, जनपदवार शीघ्र जारी करें विज्ञप्ति

प्राथमिक शिक्षा के अंतर्गत सहायक अध्यापक (बेसिक) के लगभग 3600 रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती की जायेगी। इसके लिये विभागीय अधिकारियों को जनपदवार विज्ञप्ति जारी करने के निर्देश दे दिये गये हैं। बेसिक शिक्षकों की नई भर्ती में ऐसे डीएलएड व डीएड योग्यताधारी अभ्यर्थियों को आवेदन करने में छूट प्रदान की गई है जिन्होंने पूर्व में जारी विज्ञप्ति के लिये आवेदन किया किया था। ऐसे अभ्यर्थियों को पूर्व में किये गये आवेदन के आधार पर नई भर्ती के लिये अर्ह माना जायेगा और उन्हें पुनः आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी।

विद्यालयी शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने बताया कि राज्य सरकार प्राथमिक स्तर पर शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में जुटी है। प्रदेश के नौनिहालों को बेहतर शिक्षा प्रदान करने के लिये सरकार ने प्रत्येक प्राथमिक विद्यालयों में सभी संसाधान मुहैया कराने के साथ-साथ प्राथमिक शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्णय लिया है। इसी कड़ी में प्राथमिक शिक्षा विभाग ने प्रदेश में लागू आदर्श आचार संहिता के बीच निर्वाचन आयोग से बेसिक शिक्षकों के लम्बे समय से रिक्त चल रहे पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की अनुमति मांगी थी जिस पर आयोग ने अपनी स्वीकृत प्रदान कर दी है। विभागीय मंत्री ने कहा कि प्रदेश में बेसिक शिक्षकों के लगभग 3600 पद रिक्त पड़े हैं, जिन पर जनपदवार शीघ्र भर्ती विज्ञापन जारी करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दे दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि बेसिक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शीघ्र शुरू कर प्रत्येक प्राथमिक विद्यालयों में रिक्त पदो ंके सापेक्ष शिक्षकों की तैनाती की जायेगी ताकि प्रदेश की प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जा सके। डा. रावत ने बताया कि राज्य में बेसिक शिक्षकों की भर्ती उत्तराखंड राजकीय प्रारम्भिक शिक्षा (अध्यापक) (संशोधन) सेवा नियमावली-2024 में निर्धारित प्राविधानों के अनुरूप की जायेगी। नये प्राविधानों के तहत डीएलएड व डीएड योग्यताधारी अभ्यर्थी ही बेसिक शिक्षक पद के लिये अर्ह होंगे।

पुराने अभ्यर्थियों को मिलेगी पुनः आवेदन करने में छूट रू डा. रावत
प्रदेश के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने बताया कि वर्ष 2020 एवं 2021 में सहायक अध्यापक प्राथमिक के अवशेष रह गये रिक्त पदों को नई भर्ती में शामिल किया गया है। ऐसे में जिन डीएलएड व डीएड योग्यताधारी अभ्यर्थियों ने पूर्व की इन विज्ञप्तियों के लिये आवेदन किया था लेकिन उन्हें नियुक्ति प्रदान नहीं की गई। ऐसे अभ्यर्थियों को नई विज्ञप्ति में पुनः आवेदन करने में छूट प्रदान की गई है। ऐसे अभ्यर्थियों को फिर से आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी। उन्होंने कहा कि ऐसे अभ्यर्थियों को पूर्व में किये गये आवेदन के आधार पर नई भर्ती प्रक्रिया में सम्मिलित करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दे दिये गये हैं।

स्नातक पाठ्यक्रमों के लिये 31 मई तक होंगे ऑॅनलाइन पंजीकरणः धन सिंह

उत्तराखंड के समस्त शासकीय, अशासकीय, निजी महाविद्यालयों एवं राज्य विश्वविद्यालयों में स्नातक प्रथम सेमेस्टर की प्रवेश प्रक्रिया समर्थ पोर्टल के माध्यम से आयोजित की जा रही है। नव प्रवेशित छात्र-छात्राएं आगामी 31 मई तक स्नातक कक्षाओं के लिये ऑनलाइन पंजीकरण कर सकेंगे। इसके उपरांत विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में 01 जून से 20 जून तक प्रवेश प्रक्रिया संचालित की जायेंगी। जिसमें मेरिट, काउंसलिंग, प्रवेश शुल्क का भुगतान इत्यादि कार्य संपन्न किए जाएंगे। छात्र-छात्राओं को प्रवेश पाने में किसी भी प्रकार की समस्या न हो इसके लिये सभी शिक्षण संस्थानों में स्टूडेंट फैसिलिटी सेंटर स्थापित किये गये हैं।

उच्च शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने बताया कि नई शिक्षा नीति-2020 के दृष्टिगत विगत वर्ष की भांति इस वर्ष भी कुमाऊं विश्वविद्यालय नैनीताल, दून विश्वविद्यालय देहरादून, सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय अल्मोडा एवं श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय, टिहरी से संबद्ध समस्त शासकीय, अशासकीय एवं निजी महाविद्यालय व विश्वविद्यालय परिसरों में स्नातक प्रथम सेमेस्टर की प्रवेश प्रक्रिया भारत सरकार द्वारा तैयार समर्थ पोर्टल के माध्यम से आयोजित की जा रही है। शैक्षणिक सत्र 2024-25 के लिये स्नातक कक्षाओं में प्रवेश हेतु छात्र-छात्राएं आगामी 31 मई 2024 तक ऑनलाइन पंजीकरण कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि पंजीकरण के उपंरात 01 जून से 20 जून 2024 तक विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में मेरिट के आधार पर प्रवेश प्रक्रिया संचालित की जायेंगी, जबकि 13 जुलाई से शैक्षिक सत्र विधिवत शुरू किया जायेगा। डा. रावत ने बताया कि नव प्रवेशित छात्र-छात्राओं को प्रवेश को लेकर किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो इसके लिये विभागीय उच्चाधिकारियों को जरूरी निर्देश दे दिये गये हैं साथ ही उन्हें सभी शिक्षण संस्थानों में स्टूडेंट फैसलिटी सेंटर स्थापित करने व समर्थ पोर्टल के व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि राजकीय विश्वविद्यालयों में एकरूपता लाने के उद्देश्य से “एक प्रदेश, एक प्रवेश, एक परीक्षा, एक परिणाम, व एक दीक्षांत“ के तहत समर्थ गवर्नेंस पोर्टल लागू किया गया है। जिसके विगत वर्ष सकारात्मक परिणाम देखने को मिले। उन्होंने कहा कि सरकार का मकसद प्रदेश के सभी युवाओं को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा प्रदान करना है लिहाजा विभागीय अधिकारियों को स्नातक कक्षाओं में प्रवेश से कोई भी युवा वंचित न रह पाये यह सुनिश्चित करने को कहा गया है। विभागीय मंत्री के निर्देशों के क्रम में सचिव उच्च शिक्षा शैलेश बगोली ने समस्त राजकीय विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों एवं निदेशक उच्च शिक्षा को पत्र जारी कर समर्थ पोर्टल का व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा है। इसके अलावा उन्होंने पोर्टल का लिंक व क्यूआर कोड को विश्वविद्यालय व महाविद्यालयों की वेबसाइट पर प्रदर्शित करने, उच्च शिक्षण संस्थानों के निकटस्थ इंटरमीडिएट विद्यालयों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, पंचायत प्रतिनिधियों, पूर्व छात्र समूहों, व्यापार मण्डल आदि के माध्यम से भी समर्थ पोर्टल का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने को कहा है। स्नातक स्तरीय कक्षाओं में प्रवेश हेतु नव प्रवेशित छात्र-छात्राओं की सुविधा के लिये सभी विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के परिसरों में स्टूडेंट फैसिलिटी सेंटर अनिवार्य रूप से स्थापित करने को कहा है ताकि छात्र-छात्राओं को पंजीकरण एवं एडमिशन को लेकर कोई दिक्कत न हो।

जापान में केयर गिवर जॉब रोल के लिये चयनित युवाओं ने सीएम से की मुलाकात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सचिवालय में जापान में केयर गिवर जॉब रोल के लिए चयनित युवाओं ने भेंट की। कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग के अंतर्गत विदेश रोजगार प्रकोष्ठ, सहसपुर से प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद 23 युवाओं को जापान में नौकरी के लिए भेजा जा रहा है। इनमें से 02 युवाओं ने जापान में कार्य करना आरंभ कर दिया है। 17 युवाओं की जापान में कार्य करने के लिए की जा रही प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है, शीघ्र वे भी जापान जाकर अपनी सेवायें देंगे। ये युवा योग, नर्सिंग और जनरल ड्यूटी असिस्टेंट और होम हेल्थ एड जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षित हैं। इन सभी को जापानी भाषा का प्रशिक्षण भी दिया गया है। मुख्यमंत्री ने सभी युवाओं को शुभकामना देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

इस अवसर पर सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव सेवायोजन एवं कौशल विकास विजय यादव, अपर सचिव सी. रविशंकर, उपनिदेशक सेवायोजन चन्द्रकान्ता, प्रभारी अधिकारी विदेश रोजगार प्रकोष्ठ प्रवीण गोस्वामी, निखिल जैन एवं अजय खंडूड़ी उपस्थित थे।

उत्तराखंडः 3600 प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती का रास्ता हुआ साफ


उत्तराखंड के सरकारी प्राइमरी स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है। राज्य सरकार ने प्राथमिक शिक्षकों की सेवा नियमावली में संशोधन करते हुए शिक्षकों की भर्ती के लिये बीएड की बाध्यता समाप्त कर दी है। इसके स्थान पर दो वर्षीय डीएलएड कोर्स को मंजूरी प्रदान कर दी है। राज्य सरकार के इस फैसले से लगभग 3600 प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती का रास्ता साफ हो गया है। शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने विभागीय अधिकारियों को बेसिक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने के निर्देश दे दिए हैं।

शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) के वर्ष 2018 में जारी उस अधिसूचना को निरस्त कर दिया था जिसमें प्राथमिक शिक्षकों के लिए बीएड डिग्री की अनिवार्यता लागू की गई थी। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुपालन में राज्य कैबिनेट ने हाल ही में राजकीय प्रारम्भिक शिक्षा (अध्यापक) सेवा नियमावली, 2012 में संशोधन को अपनी स्वीकृति प्रदान की थी। जिसके क्रम में शासन ने उत्तराखंड राजकीय प्रारम्भिक शिक्षा (अध्यापक) (संशोधन) सेवा नियमावली, 2024 को जारी कर दी है।

नियमावली में संशोधन से बेसिक शिक्षकों के लिए आवश्यक शैक्षिक योग्यता बीएड डिग्री की बाध्यता खत्म कर दी गई है। अब राज्य में केवल डीएलएड डिग्रीधारक ही पहली से पांचवीं कक्षा तक के बेसिक शिक्षक के पद के लिये पात्र होंगे। विभागीय मंत्री ने बताया कि प्रदेश में बेसिक शिक्षकों की नई नियमावली लागू होने से लगभग 3600 प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती का रास्ता साफ हो गया है। भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के लिये विभागीय अधिकारियों को निर्देशित कर दिया गया है। इसके लिये निर्वाचन आयोग से भर्ती की अनुमति लेते हुये शीघ्र उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को रिक्त पदों के सापेक्ष अधियाचन भेजने के निर्देश दिये गए हैं।

10वीं और 12वीं के उत्तराखंड बोर्ड का परिणाम जारी, इन होनहारों ने किया टॉप

उत्तराखंड बोर्ड के 10वीं और 12वीं के छात्रों के लिए अच्छी खबर है। आज उनके रिजल्ट का इंतजार खत्म हो गया है। यूके बोर्ड 10वीं और 12वीं का रिजल्ट घोषित हो चुका है। टॉपर्स के नाम घोषित किए जा चुके हैं। हाईस्कूल का परिणाम 89.14 फीसदी रहा है। इंटरमीडिएट में कुल 82.63 प्रतिशत परीक्षा परिणाम रहा है। इंटरमीडिएट की परीक्षा में अल्मोड़ा के पीयूष कोहलिया ने पहले स्थान पर बाजी मारी। वहीं, दूसरे स्थान पर रुद्रप्रयाग के अंशुल नेगी ने दूसरा व ऋषिकेश के हरीश चंद्र बिजल्वाण ने तीसरा स्थान पाया।

हाईस्कूल में प्रियांशी रावत ने किया टॉप

उत्तराखंड बोर्ड कक्षा 10 और 12 के नतीजे घोषित हो गया है। हाईस्कूल का परिणाम 89.14 फीसदी रहा है। प्रियांशी रावत ने 500 में से 500 अंक प्राप्त कर टॉप किया है। यह पिथौरागढ़ की छात्रा है। वहीं शिवम मलेथा ने लड़कों में किया टॉप शिवम को 99.60 प्रतिशत अंक प्राप्त हुए हैं।।

उत्तराखंड बोर्ड का 12वीं का रिजल्ट जानने के लिए आपको न्ज्ञ12 (तवसस दनउइमत) टाइप करके उसे भी 56767450 पर भेजना होगा। इसके बाद 12वीं का परिणाम भी आपके नंबर पर आ जाएगा। इसके अलावा छात्र उत्तराखंड बोर्ड की अधिकारी वेबसाइट नइेम.ना.हवअ.पद या नंतमेनसजे.दपब.पद पर भी अपना रिजल्ट देख सकते हैं। यहां आपको मार्कशीट स्क्रीन पर दिखाई दे जाएगी। जिसे आप डाउनलोड भी कर सकते हैं।

इस साल उत्तराखंड बोर्ड में हाईस्कूल में एक लाख 15 हजार 606 छात्रों ने परीक्षा दी है, तो वहीं इंटरमीडिएट में 94 हजार 748 छात्र शामिल हुए थे। उत्तराखंड बोर्ड की परीक्षाएं 27 फरवरी को शुरू होकर 16 मार्च तक चली थी।

उत्तराखंडः 26 मई को संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा

उत्तराखंड राज्य में पहली बार राज्य संयुक्त बी0एड0 प्रवेश परीक्षा का आयोजन किया जायेगा जिसके लिए राज्य सरकार द्वारा श्री देव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय को जिम्मेदारी दी गयी है। उत्तराखंड राज्य में उच्च शिक्षा के अन्तर्गत तीन राज्य विश्वविद्यालय जिसमें श्री देव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय टि0ग0, कुमांऊ विश्वविद्यालय, नैनीताल एवं सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय, अल्मोड़ा सम्मिलित हैं, की राज्य संयुक्त बी0एड0 प्रवेश परीक्षा का आयोजन श्री देव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय द्वारा किया जायेगा।

बीते दिनों श्री देव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 एन0के0 जोशी की अध्यक्षता में उत्तराखंड राज्य संयुक्त बी0एड0 प्रवेश परीक्षा 2024-26 के सम्बन्ध में ऑन लाईन बैठक आयोजित की गयी। बैठक में तीनों विश्वविद्यालयों के कुलसचिव, परीक्षा नियंत्रक, नोडल, संयुक्त बी0एड0 प्रवेश परीक्षा, विश्वविद्यालय समर्थ नोडल तथा राज्य समर्थ नोडल अधिकारी, डॉ0 शैलेन्द्र कुमार सिंह शामिल रहे। बैठक में लिये गये निर्णयों के क्रम में प्रो0 जोशी ने बताया कि उत्तराखंड राज्य विश्वविद्यालयों (श्री देव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय टि0ग0, कुमांऊ विश्वविद्यालय, नैनीताल एवं सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय, अल्मोड़ा) से सम्बद्ध समस्त राजकीय/अशासकीय महाविद्यालयों/स्ववित्त पोषित शिक्षण संस्थानों में सत्र 2024-26 में प्रवेश परीक्षा का आयोजन दिनांक 26 मई, 2024 (रविवार) को गढ़वाल एवं कुमांऊ मण्डल के विभिन्न परीक्षा केन्द्रों में किया जायेगा, जिस हेतु ऑनलाइन आवेदन पत्र पंजीकरण भरने की तिथि 26 अप्रैल, 2024 से 15 मई, 2024 तक निर्धारित की गयी तथा परीक्षा शुल्क जमा करने की अन्तिम तिथि दिनांक 16 मई, 2024 निर्धारित की गयी। प्रो0 जोशी ने बैठक में उत्तराखंड राज्य संयुक्त बी0एड0 प्रवेश परीक्षा के सफल आयोजन हेतु तीनों विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों एवं बैठक में उपस्थित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये।

कुलपति प्रो0 जोशी ने बताया कि छात्रों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए तीनों विश्वविद्यालय आपस में समन्वय स्थापित कर प्रवेश परीक्षा केन्द्रों का निर्धारण किया जाएगा। उन्होने बताया कि प्रवेश परीक्षा के लिए आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं तथा समयबद्धता के साथ दिनांक 26 मई, 2024 को प्रवेश परीक्षा का आयोजन किया जाएगा साथ ही विश्वविद्यालय अधिकारियों को उत्तराखंड राज्य संयुक्त बी0एड0 प्रवेश परीक्षा 2024-26 के आयोजन के सम्बन्ध में आवश्यक तैयारियां 15 मई, 2024 तक पूर्ण करने हेतु निर्देश दिये गये हैं।

श्री देव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय प्रदेश में छात्र नामांकन की दृष्टि से प्रदेश का अग्रणीय विश्वविद्यालय है। विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को सत्र 2022-23 से प्रारम्भ किया गया है एनईपी द्वितीय बैच के द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षाएं दिनांक 06 मई, 2024 से प्रस्तावित हैं साथ ही अन्य आधारभूत एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रम जो कि नॉन एनईपी पाठ्यक्रम संचालित हैं उनकी परीक्षाएं भी दिनांक 06 मई, 2024 से प्रस्तावित हैं। छात्र हितों के मध्येनजर विभिन्न पाठ्यक्रमों के परीक्षा परिणाम समय पर घोषित किये जा रहे हैं। शैक्षणिक कैलेन्डर के अनुरूप विश्वविद्यालय में प्रवेश, परीक्षा तथा परिणाम का अनुपालन सुनिश्चित किया गया है। शासन द्वारा दिये गये दिशा-निर्देशों के अनुरूप विश्वविद्यालय समन्वय स्थापित कर कार्य कर रहा है। विश्वविद्यालय में नवाचार के लिए शैक्षिक गतिविधियों का समय-समय पर आयोजन किया जा रहा है तथा उत्तराखंड राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप विभिन्न प्रकार की व्यावसायिक व रोजगार परक पाठ्यक्रम भी विश्वविद्यालय परिसरों में संचालित किये जा रहे हैेैं।

देहरादून संभाग के तहत 45 केंद्रीय विद्यालयों में एडमिशन प्रक्रिया शुरू


देहरादून। केंद्रीय विद्यालयों में दाखिले के लिए पंजीकरण जारी हैं। केंद्रीय विद्यालय संगठन देहरादून संभाग के पास चार दिनों में पहली कक्षा के लिए सीटों के मुकाबले चार गुना से ज्यादा पंजीकरण हो चुके हैं। यहां सीटों की संख्या करीब 1,800 है, जिसमें गुरुवार शाम तक 7,658 पंजीकरण हो चुके हैं। जबकि आवेदन की अंतिम तिथि 15 अप्रैल है। वहीं, इस सत्र से सीटों की संख्या 40 से घटाकर 32 किए जाने के बाद पहली कक्षा में पिछले वर्षों के मुकाबले दाखिले की राह और भी कठिन मानी जा रही है।

देहरादून संभाग के तहत 45 केंद्रीय विद्यालय
केंद्रीय विद्यालय संगठन के देहरादून संभाग के तहत 45 केंद्रीय विद्यालय हैं। इनमें कई केंद्रीय विद्यालयों में दो शिफ्ट चलती हैं। केंद्रीय विद्यालयों में एक अप्रैल से पहली कक्षा के लिए आनलाइन पंजीकरण शुरू हो चुके हैं। अधिकांश अभिभावक चाहते हैं कि देश के टाप सरकारी स्कूलों में होने से केंद्रीय विद्यालयों में उनके भी बच्चे का दाखिला हो। हर वर्ष की तरह इस बार भी लोग आनलाइन पंजीकरण करने में जुटे हैं। केंद्रीय विद्यालयों में हर कक्षा के लिए सीटों की संख्या तय है।

अब तक 40 सीटें हर कक्षा में होती थीं, लेकिन इस बार 32 सीटों पर ही प्रवेश दिए जाएंगे। ऐसे में पंजीकरण के बाद कई लोग स्कूल से भी संपर्क कर रहे हैं। केंद्रीय विद्यालय संगठन देहरादून संभाग की उपायुक्त डा. सुकृति रैवानी का कहना है कि केंद्रीय विद्यालयों में पंजीकरण को लेकर अभिभावक उत्साह दिखा रहे हैं।

बालवाटिका के लिए भी उमड़ रही भीड़
केंद्रीय विद्यालयों में बाल वाटिका में प्रवेश के लिए आवेदन को अभिभावक काफी संख्या में विद्यालय पहुंच रहे हैं। गुरुवार को भी विभिन्न विद्यालयों में अभिभावक पंजीकरण फार्म लेने के लिए पहुंचे। आफलाइन मोड पर बालवाटिका-1 के लिए 31 मार्च तक न्यूनतम तीन वर्ष व चार वर्ष से कम आयु, बालवाटिका-2 के लिए न्यूनतम चार वर्ष व पांच वर्ष से कम, जबकि बालवाटिका-3 के लिए न्यूनतम पांच वर्ष से छह वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए।

राज्य में अनाथ बच्चों के लिये बनेंगे छह सुभाष चन्द्र बोस छात्रावास

केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय के प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड ने शैक्षिक सत्र 2024-25 के लिये उत्तराखंड को समग्र शिक्षा के अंतर्गत 1200 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की है। बोर्ड द्वारा स्वीकृत धनराशि से राज्य में अनाथ बच्चों के लिये 06 नेताजी सुभाष चन्द्र बोस आवासीय छात्रावासों का निर्माण किया जायेगा। इसके अलावा राज्य के 141 पीएम-श्री विद्यालयों को स्कूल बैंड तथा राजकीय विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा-06 से 12 तक की पौने तीन लाख छात्राओं को प्रति माह निःशुल्क सेनेट्री पैड उपलब्ध कराये जायेंगे।

सूबे के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने बताया कि राज्य में शैक्षणिक गतिविधियों एवं आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के दृष्टिगत भारत सरकार द्वारा शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु उत्तराखंड समग्र शिक्षा परियोजना के लिये रू0 1200 करोड़ की धनराशि स्वीकृत कर दी है। जिसमें समग्र शिक्षा के तहत विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों के संचालन हेतु रू0 1135 करोड़ तथा रू0 63.9 करोड़ पीएम-श्री स्कूलों के लिये शामिल है। विभागीय मंत्री ने बताया कि दिल्ली में आयोजित केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय के प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड की बैठक में आज राज्य की ओर से सचिव विद्यालयी शिक्षा रविनाथ रमन, परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा बंशीधर तिवारी व उनकी टीम द्वारा प्रस्ताव रखा, जिसे बोर्ड द्वारा स्वीकार करते हुये 1200 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई है। उन्होंने बताया कि स्वीकृत धनराशि से राज्य में अनाथ व बेसहारा बच्चों के लिये आधा दर्जन नेताजी सुभाष चन्द्र बोस आवासीय छात्रावास बनाये जायेंगे। जिनमें एक-एक छात्रावास हल्दूचौड हल्द्वानी, रामनगर नैनीताल, कोटद्वारा पौड़ी गढ़वाल, मोरी उत्तरकाशी तथा दो छात्रावास देहरादून में बनाये जायेंगे। इसके अलावा ऋषिकेश के लिये पूर्व में स्वीकृत छात्रावास के नये भवन निर्माण हेतु भी धनराशि स्वीकृत कर दी गई है। इसके अलावा राज्य के 141 पीएम-श्री विद्यालयों को स्कूल बैंड दिया जायेगा जबकि राजकीय विद्यालयों में कक्षा-06 से 12 तक की पौने तीन लाख छात्राओं को प्रति माह निःशुल्क सैनेट्री पैड उपलब्ध कराया जायेंगे। डा. रावत ने बताया कि सीमांत जनपद चमोली के बटगुआ में उच्च प्राथमिक विद्यालय तथा अजमलपुर हरिद्वार में हाईस्कूल खोला जायेगा जबकि पौड़ी जनपद के थलीसैंण ब्लॉक में हाईस्कूल कुटखाल का उच्चीकरण कर इंटर कॉलेज बनाया जायेगा। इसके अलावा प्रदेशभर में र्जजर हो चुके 110 प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों के नये भवन बनाये जायेंगे तथा 250 प्राथमिक विद्यालयों की मरम्मत की जायेगी। स्वीकृत बजट के तहत राज्य के 75 विद्यालयों में चारदीवारी, 187 विद्यालयों में शौचालय, 82 इंटरमीडिएट विद्यालयों में प्रयोगशालाएं, 107 इंटरमीडिएट व हाईस्कूल विद्यालयों में अतिरिक्त कक्षा-कक्ष का निर्माण, 34 विद्यालयों में कम्प्यूटर कक्ष, 30 विद्यालयों में पुस्कालय कक्ष का निर्माण किया जायेगा। राज्य के विभिन्न 840 विद्यालयों में वर्चुअल लैब तथा 1124 विद्यालयों में स्मार्ट क्लास बनाई जायेगी। इस हेतु पूर्व में स्वीकृत धनराशि को खर्च करने की सहमति केन्द्र सरकार द्वारा दे दी गई है।

बैठक में केन्द्रीय शिक्षा सचिव संजय कुमार, केन्द्रीय अपर सचिव शिक्षा विपिन कुमार, राज्य के शिक्षा सचिव रविनाथ रमन, राज्य परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा बंशीधर तिवारी, अपर परियोजना निदेशक डा. मुकुल सती तथा उप परियोजना निदेशक एम.एम. जोशी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

नजरियाः धामी सरकार पोस्ट ग्रेजुएट की पढ़ाई को यूनाइटेड किंगडम में अध्ययन करने का देने जा रही मौका

शेवेनिंग अंतरराष्ट्रीय छात्रवृत्ति कार्यक्रम के अन्तर्गत राज्य सरकार 10 ग्रेजुएट छात्रों को यूनाइटेड किंगडम में अध्ययन का अवसर मिलेगा। जिसमें पांच छात्र और पांच छात्राएं शामिल होंगी। इस संबंध में शेवेनिंग इंडिया की प्रमुख सुप्रिया चावला ने सचिवालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भेंट की। उन्होंने कहा कि शेवनिंग चार दशकों से 160 देशों में काम कर रहा है। संगठन द्वारा उच्च शिक्षा के लिए विद्यार्थियों को इंग्लैंड के किसी भी विश्वविद्यालय में प्रवेश की सुविधा प्रदान करता है, जिसकी लागत आमतौर पर एक वर्ष के लिए 40 लाख रुपये होती है। राज्य सरकार इस लागत में 20 लाख रुपये का योगदान देती है और शेवनिंग इंडिया शेष 20 लाख रुपये वहन करता है, जिससे बच्चे विश्वविद्यालय पढ़ाई में कुशल बन सकें। शेवेनिंग छात्रवृत्ति के लिए सफल विद्यार्थियों को उनकी नेतृत्व क्षमता और शैक्षणिक उत्कृष्टता के आधार पर चुना जाता है। शेवेनिंग ने दुनिया भर में कई प्रभावशाली नेताओं और परिवर्तन-निर्माताओं को तैयार किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा राज्य के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को आगे लाने के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। राज्य में उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा मेधावी छात्रवृत्ति प्रोत्साहन योजना चलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य के सरकारी महाविद्यालयों के जिन मेधावी छात्र-छात्राओं को इस छात्रवृत्ति योजना के तहत विदेश भेजा जा रहा है, उनको अपने शैक्षणिक और व्यावसायिक लक्ष्यों को आगे बढ़ाने और आवश्यक कौशल और ज्ञान प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

इस अवसर पर सचिव उच्च शिक्षा शैलेश बगोली, सचिव डॉ.बी.वी.आर. सी. पुरुषोत्तम उपस्थित थे।