सीएम ने बेरोजगार संघ से मुलाकात कर उचित कार्रवाई का दिया आश्वासन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शनिवार को मुख्यमंत्री आवास में बेरोजगार संघ के प्रतिनिधियों ने भेंट की। उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि गत दिनों देहरादून में धरना प्रदर्शन के दौरान कुछ अभ्यर्थियों पर विभिन्न धाराओं के तहत करवाई चल रही है, उनको कल होने वाली लेखपाल भर्ती की लिखित परीक्षा की अनुमति दी जाए। मुख्यमंत्री ने डीजीपी को निर्देश दिए हैं कि इन बच्चों को लेखपाल भर्ती की लिखित परीक्षा देने के लिए निर्धारित परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने और वहां से लाने की व्यवस्था की जाय।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाने के लिए राज्य में नकल विरोधी अध्यादेश लागू किया जा चुका है। भर्ती परीक्षाओं में तेजी लाई जा रहा है। राज्य के युवाओं को लगातार रोजगार के अवसर मिले, इसके लिए रिक्त पदों पर जल्द और विज्ञप्तियां निकाली जाएंगी। आगामी परीक्षाओं के लिए कैलेंडर जारी किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में जो नकल विरोधी कानून लागू किया गया है, उसमें गड़बड़ी करने वालों को सख्त सजा का प्राविधान किया गया है। उन्होंने सभी प्रदेश के युवाओं से अपील की है कि पूरी मेहनत से परीक्षा की तैयारी में जुट जाएं।
बेरोजगार संघ के प्रतिनिधियों ने राज्य में सख्त नकल विरोधी अध्यादेश लागू किए जाने पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। भर्ती परीक्षाओं के लिए कैलेंडर जारी किए जाने की पहल की भी उन्होंने सराहना की।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, डीजीपी अशोक कुमार, सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, बेरोजगार संघ से निधि गोस्वामी, शैलेश सती, खजान राणा, दीपक बेलवाल, बृजमोहन जोशी, सतपाल सिंह एवं आलोक भट्ट मौजूद रहे।

राज्यपाल ने 24 घंटे के अंदर ही धामी सरकार के अध्यादेश को दी मंजूरी

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने उत्तराखण्ड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम व निवारण के उपाय) अध्यादेश 2023 को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही ये अध्यादेश प्रदेश में लागू हो गया है।
उत्तराखण्ड प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता एवं शुचिता को सुनिश्चित करने के लिए दिनांक 09 फरवरी, 2023 को उत्तराखण्ड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम व निवारण के उपाय) अध्यादेश 2023 को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा अनुमोदन प्रदान करते हुए माननीय राज्यपाल की मंजूरी के लिए अग्रसारित किया था। इस अध्यादेश में दोषियों के विरूद्ध सख्त प्रावधान किए गए हैं।
यदि कोई व्यक्ति, प्रिटिंग प्रेस, सेवा प्रदाता संस्था, प्रबंध तंत्र, कोचिंग संस्थान इत्यादि अनुचित साधनों में लिप्त पाया जाता है तो उसके लिए आजीवन कारावास तक की सजा तथा दस करोड़ रूपए तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
यदि कोई व्यक्ति संगठित रूप से परीक्षा कराने वाली संस्था के साथ षडयंत्र करता है तो आजीवन कारावास तक की सजा एवं 10 करोड़ रूपए तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
यदि कोई परीक्षार्थी प्रतियोगी परीक्षा में स्वयं नकल करते हुए या अन्य परीक्षार्थी को नकल कराते हुए अनुचित साधनों में लिप्त पाया जाता है तो उसके लिए तीन वर्ष के कारावास व न्यूनतम पांच लाख के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। यदि वह परीक्षार्थी दोबारा अन्य प्रतियोगी परीक्षा में पुनः दोषी पाया जाता है तो न्यूनतम दस वर्ष के कारावास तथा न्यूनतम 10 लाख जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
यदि कोई परीक्षार्थी नकल करते हुए पाया जाता है तो आरोप पत्र दाखिल होने की तिथि से दो से पांच वर्ष के लिए डिबार करने तथा दोषसिद्ध ठहराए जाने की दशा में दस वर्ष के लिए समस्त प्रतियोगी परीक्षाओं से डिबार किए जाने का प्रावधान किया गया है। यदि कोई परीक्षार्थी दोबारा नकल करते हुए पाया जाता है तो क्रमशः पांच से दस वर्ष के लिए तथा आजीवन समस्त प्रतियोगी परीक्षाओं से डिबार किए जाने का प्रावधान किया गया है।
अनुचित साधनों के इस्तेमाल से अर्जित सम्पति की कुर्की की जायेगी।
इस अधिनियम के अन्तर्गत अपराध संज्ञेय, गैर जमानती एवं अशमनीय होगा।

परीक्षा निरस्त कराने के लिए कोचिंग सेंटर, छात्र संगठनों को बनाते थे मोहरा

एई व जेई प्रश्न पत्र लीक मामले में एसआईटी टीम ने पर्याप्त साक्ष्यों के आधार पर मुख्य अभियुक्त कोचिंग सेंटर संचालक विवेक ऊर्फ विक्की को गिरफ्तार किया। यूपी बॉर्डर पर भी एक नकल सेंटर का पता चला है।
शुक्रवार को हुई इस गिरफ्तारी के बाद नकल माफिया और संदिग्ध कोचिंग सेंटर के गठजोड़ का भी खुलासा हुआ है। कोचिंग सेंटर प्रश्न लीक कराकर मोटी रकम वसूलते थे।
एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि किसी कारणवश चयन न होने पर कोचिंग इंस्टीटूट पूरी परीक्षा निरस्त कराने के लिए कुछ छात्र संगठनों से जुड़े लोगों से धरना प्रदर्शन भी कराते थे।
प्रारंभिक पूछताछ पर अभियुक्त ने बताया कि वह वर्तमान में रुड़की में जीनियस नाम से कोचिंग सेंटर संचालित करता है जिसमें जेई के परीक्षार्थियों को परीक्षा की तैयारी करता है। अधिक पैसे कमाने के लालच में इसके पेपर लीक करने वाले गिरोह में शामिल होकर कुछ अभ्यर्थी से पेपर देने के एवज में 19 लाख रुपए तय किए जिनसे एडवांस के तौर पर कुछ धनराशि एवम ब्लैंक चेक लिए गए। अवैध धनराशि में से कोचिंग सेन्टरों में 8.5 लाख की एलईडी लगवाई।
अभियुक्त विक्की ने बताया कि अगर मेरी कोचिंग सेंटर से ज्यादा लड़के सलेक्ट होंगे तो मेरे कोचिंग का नाम होगा। तभी ज्यादा लड़के मेरे कोचिंग सेंटर पर आएंगे। अगर मेरे सेंटर से लड़के सेलेक्ट नहीं होते हैं तो हम परीक्षा रद्द कराने के लिए पैसा देकर धरना प्रदर्शन भी करा देते है।
एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि हरिद्वार देहात क्षेत्र तथा देहरादून के कुछ संदिग्ध कोचिंग सेन्टर एसआईटी के रडार पर हैं। उन्होंने बताया कि परीक्षा निरस्त कराने के लिए फंडिंग के लिए कुछ छात्रों के बयानों में भी एसआईटी को ऐसे गठजोड़ की पुख्ता जानकारी मिली है।

एई व जेई प्रश्न लीक प्रकरण में एसआईटी हर एंगल से कर रही है जांच, हर आरोपी का जेल जाना तय-एसएसपी अजय सिंह
इंस्टीट्यूट के संपर्क में आए छात्र संगठनों द्वारा परीक्षा लीक प्रकरण में पुनः परीक्षा के लिए गोपनीय सहयोग की बात भी सामने आई है। परीक्षाएं निरस्त होने पर छात्र कथित कोचिंग सेंटरों में साल भर लेते रहते हैं कोचिंग के लिए एडमिशन। किसी कारणवश चयन न होने पर पूरी परीक्षा निरस्त कराने का खेल भी आया सामने आया है। हरिद्वार पुलिस ने बताया कि कोचिंग इंस्टीट्यूट मालिक के संपर्क में कुछ छात्र संगठनों को धनराशि देकर धरना प्रदर्शन भी कराया जाता था।
गौरतलब है कि पूर्व में तीन अभियुक्तों के कब्जे से कुल 07 लाख रुपए की अवैध अर्जित नगदी और विभिन्न बैंकों के ब्लैंक चैक बरामद किए जा चुके है।
प्रश्न लीक के साक्ष्य मिलने पर तीन फरवरी को मुख्यमंत्री के आदेश पर थाना कनखल में मुकदमा दर्ज किया गया था।

गिरफ्तार अभियुक्त-
विवेक कुमार उर्फ विक्की पुत्र जयपाल सिंह निवासी ग्राम चुड़ियाला थाना भगवानपुर हरिद्वार हाल संचालक (जीनियस) कोचिंग इंस्टीट्यूट
बरामदगी-
अभार्थियो से लिए दो लाख रुपए नकद।
चार ब्लैंक चेक (अभ्यर्थियों से लिए गए)
अब तक गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण-
1- संजीव कुमार पुत्र वैध्यनाथ भगत निवासी मौहल्ला शिवपुरी थाना व जिला सहरसा बिहार हाल पता 310 भागीरथ आवासीय कालोनी लोक सेवा आयोग उत्तराखण्ड कनखल हरिद्वार
2- नितिन चैहान पुत्र श्री ब्रह्मपाल निवासी अन्नेकी सिडकुल हरिद्वार
3- सुनील सैनी पुत्र ज्ञानचन्द सैनी निवासी पुर्वावाला थाना कोतवाली लक्सर जनपद हरिद्वार
4- विवेक कुमार उर्फ विक्की पुत्र जयपाल सिंह निवासी ग्राम चुड़ियाला थाना भगवानपुर हरिद्वार उम्र 25 वर्ष। (आज गिरफ्तार)

अपर मुख्य सचिव ने बेरोजगार संघ को सरकार की कार्यवाही से कराया अवगत

अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी से शुक्रवार को सचिवालय में उत्तराखण्ड बेरोजगार संघ के सदस्यों ने भेंट की। बेरोजगार संघ के सदस्यों ने अपर मुख्य सचिव रतूड़ी को अपने मुद्दों से अवगत कराया। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि बेराजगार संघ द्वारा रखे गये मुद्दों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि युवा अपनी बात शांतिपूर्वक तरीके से रखें।
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य है कि बिल्कुल निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से भर्ती परीक्षाएं आयोजित की जाए। इसी उद्देश्य से उत्तराखण्ड में देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लाया गया है। गत दिवस उत्तराखण्ड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम व निवारण के उपाय) अध्यादेश-2023 के प्रख्यापन हेतु मुख्यमंत्री द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया है। इतना सख्त कानून बनाने का उद्देश्य है कि राज्य के युवाओं का भविष्य उज्ज्वल रहे। युवाओं को अपनी मेरिट के आधार पर नौकरी मिलें। देश में इतना सख्त कानून किसी भी अन्य राज्य में नही है।
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि गत एक वर्ष से परीक्षाओं में धांधली से सम्बन्धित शिकायतों पर पूरी निष्पक्षता से जांच हुई है। जांच के परिणामस्वरूप कई दोषी जेल की सलाखों के पीछे हैं। सरकार ने अत्यन्त त्वरित कार्यवाही की है। बहुत सख्ती से जांच हुई है। भर्ती परीक्षाओं में अनुचित कार्य करने की मंशा रखने वाले लोगों के लिए एक कड़ा संदेश गया है।

पर्वतीय जिलों में खूबसूरत पर्यटन स्थलों के आसपास छोटी-छोटी पार्किंग बनाने के निर्देश

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने शुक्रवार को सचिवालय में प्रदेश में बनने वाली टनल पार्किंग की प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को पर्वतीय जनपदों में खूबसूरत पर्यटन स्थलों के आसपास छोटी-छोटी पार्किंग बनाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नेशनल हाईवे और स्टेट हाइवे से लगे कम ढलान वाले क्षेत्रों में भी सर्फेस पार्किंग आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि टनल और ऑटोमेटेड पार्किंग के लिए जिन स्थानों का चिन्हीकरण हो गया है, उन्हें गतिशक्ति पोर्टल के माध्यम से पोर्टल बेस्ड मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने प्रदेश में लगातार नए पार्किंग स्थल ढूंढ़ते रहने के भी निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि पार्किंग के लिए नए स्थलों का चिन्हीकरण एक लगातार प्रक्रिया के रूप में भविष्य में भी जारी रहना चाहिए। कहा कि किसी भी पार्किंग प्रोजेक्ट में किसी भी स्तर में आ रही समस्या के लिए सम्बन्धित अधिकारी या सचिव से लगातार सम्पर्क कर समस्या का निस्तारण किया जाए। उन्होंने पार्किंग प्रोजेक्ट्स की प्रगति की समीक्षा प्रत्येक सप्ताह की जाए।
बैठक में बताया गया कि प्रदेश भर में कुल 26 स्थल टनल पार्किंग के लिए चयनित किए गए हैं। जिनका विभिन्न स्तरों में कार्य प्रगति पर है।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन एवं प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु सहित सम्बन्धित विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा, हम हर कीमत पर चाहते हैं छात्रों का हित, भरोसा रखें युवा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज सचिवालय में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत करते हुए कहा कि हम किसी भी कीमत पर छात्रों का हित चाहते हैं। इसीलिए जिन भी परिक्षाओं में गड़बड़ियां पाई गई, राज्य सरकार ने उन्हें तत्काल रद्द करते हुए नई तिथि घोषित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभ्यर्थियों को असुविधा न हो, इसके लिए उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों में परीक्षा के लिए आने पर निशुल्क व्यवस्था की गयी है और परीक्षा शुल्क को भी नहीं लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नकल अध्यादेश को लेकर हमने कहा था कि इसे हम जरूर लेकर आएंगे। लेकिन किन्हीं कारणों से कैबिनेट होने में देरी हो गयी। कैबिनेट न होने के बावजूद हमने नकल विरोधी अध्यादेश को विचलन से महामहिम राज्यपाल को अग्रसारित कर दिया है। यह भी तय कर दिया है कि अब जितनी भी परीक्षाएं होंगी वो सभी इस अध्यादेश से आच्छादित होंगी। सबसे सख्त कानून जो हो सकता है, वो हमने बनाने का काम किया है। इस कानून के तहत आजीवन कारावास तक की सजा के अलावा दस करोड़ रूपए तक के जुर्माने के सख्त प्रावधान किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम अपने छात्रों, बेटों-बेटियों से कहना चाहते हैं कि सभी परीक्षा पारदर्शी होंगी, किसी भी अफवाहों पर न जाएं, परीक्षा की तैयारी पर ध्यान दें, सभी परीक्षाएं निष्पक्ष और शुचिता के साथ होंगी।

आयोग के अध्यक्ष ने कहा-परीक्षार्थियों के हितों का पूरा ध्यान रखा जा रहा

उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष डॉ0 राकेश कुमार द्वारा अवगत कराया गया है कि अभ्यर्थियों के भविष्य एवं हितों को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2023 के दौरान आयोग द्वारा लगभग 32 परीक्षाओं का आयोजन कराया जाना प्रस्तावित किया गया है। जिसके दृष्टिगत ही राजस्व उप निरीक्षक (पटवारी व लेखपाल) परीक्षा-2022 अपनी निर्धारित तिथि 12 फरवरी, 2023 को राज्य भर के विभिन्न परीक्षा केन्द्रों पर कड़ी सुरक्षा के बीच आयोजित की जाएगी।
कतिपय लोगों द्वारा विभिन्न मंचों एवं विशेष तौर पर मीडिया के माध्यम से दिनांक 08 जनवरी, 2023 को आयोजित इस पटवारी व लेखपाल परीक्षा के परीक्षा के पेपर लीक प्रकरण का उल्लेख करते हुए आगामी परीक्षाओं के बारे में अनेक शंकाएं व्यक्त की जा रही हैं। इस बारे में स्पष्ट करना है कि जैसे ही पुलिस विभाग से इस बारे में आयोग को पुष्ट सूचना दी गई, आयोग द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए दिनांक 08 जनवरी, 2023 को आयोजित पटवारी व लेखपाल परीक्षा-2022 को निरस्त किया गया तथा अभ्यर्थियों की सुविधार्थ लगभग एक माह का समय देते हुए एवं उनकी परीक्षा तैयारियों को ध्यान में रखते हुए पटवारी परीक्षा हेतु 12 फरवरी, 2023 तिथि घोषित कर दी गई थी।
साथ ही वर्ष 2022 में हुई एई व जेई परीक्षा के बारे में भी विभिन्न माध्यमों द्वारा संदेह जाहिर करने के उपरान्त एक आन्तरिक जांच के लिए आदेश दिए गए। आन्तरिक जांच में संदेह व्यक्त करने के दृष्टिगत आयोग द्वारा भी एसएसपी, हरिद्वार व एसआईटी को एई व जेई के मामले की गहन जांच एवं कठोर कार्यवाही हेतु अनुरोध किया गया था। चूँकि पेपर लीक प्रकरण में आरोपित संजीव चतुर्वेदी, जिन्हें आयोग द्वारा निलम्बित कर दिया गया है, के द्वारा पटवारी परीक्षा के अलावा वन आरक्षी परीक्षा-2022 के प्रश्नबैंक व प्रश्नपत्र निर्माण भी कराये गये थे, अतः आयोग द्वारा परीक्षा की शुचिता एवं गोपनीयता सुनिश्चित करने के दृष्टिगत नये प्रश्न-पत्रों का निर्माण कराते हुए आयोजित कराये जाने का निर्णय लिया गया। साथ ही वन आरक्षी परीक्षा एवं पीसीएस मुख्य परीक्षा हेतु पूर्व में छपे सभी प्रश्न-पत्रों एवं प्रश्न बैंक को आयोग के एक सदस्य की अध्यक्षता में गठित उच्च स्तरीय समिति की देखरेख में नियमानुसार विनष्टीकरण किया जाना सुनिश्चित किया गया।
यह भी उल्लेखनीय है कि आगामी समस्त परीक्षाओं को सम्पन्न कराने हेतु आयोग द्वारा नई टीम तैनात की गई है। साथ ही परिसर में पुलिस व ईण्टेलीजेन्स विभाग द्वारा स्थापित की गई दोहरे सुरक्षा चक्र के माध्यम से कड़ी सुरक्षा के बीच नई टीम द्वारा नये प्रश्न बैंक एवं नये प्रश्नपत्र तैयार कराये गये हैं और कराये जा रहे हैं तथा नये प्रश्न-पत्रों के अनुसार ही फरवरी से अप्रैल, 2023 के मध्य पटवारीध्लेखपाल परीक्षा-2022 को 12 फरवरी, 2023, पी0सी0एस0 मुख्य परीक्षा-2021 को दिनांक 23 से 26 फरवरी, 2023 एवं वन आरक्षी परीक्षा- 2022 को दिनांक 09 अप्रैल, 2023 को आयोजित किया जाएगा।
यह भी अवगत कराना है कि पुलिस विभाग द्वारा पटवारी परीक्षा पेपर लीक प्रकरण में गतिमान जाँच के तहत वर्तमान में आयोग को 44 संलिप्त अभ्यर्थियों एवं एई व जेई परीक्षा पेपर लीक में 12 संलिप्त अभ्यर्थियों की सूची उपलब्ध कराई गई है, जिनका मिलान व सत्यापन करते हुए यथासम्भव आज ही उक्त सूची आयोग की वेबसाईट पर अपलोड कर दी जाएगी। साथ ही इन अभ्यर्थियों को नियमानुसार नोटिस जारी करने एवं आगामी परीक्षा से प्रतिवारित किये जाने हेतु आवश्यक कार्यवाही प्रारम्भ की जा रही है।
समस्त अभ्यर्थियों को आश्वस्त किया जाता है कि आयोग उनके हितों को सदैव प्राथमिकता देता है। इसलिए वह किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचनाओं व अफवाहों पर ध्यान न देते हुए पूरे मनोयोग से आगामी परीक्षाओं की तैयारी करें।

गले नहीं उतर रहा देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून बनाने जा रही धामी सरकार के खिलाफ सड़कों पर ये पथराव

राजधानी देहरादून में गांधी पार्क से घंटाघर तक युवाओं के मचाया उत्पात, पथराव गले नहीं उतर रहा है। क्योंकि युवाओं की जो मांग है, उस दिशा में तो धामी सरकार पिछले एक साल से युद्धस्तर से काम कर रही है। अधीनस्थ सेवा चयन आयोग समेत लोक सेवा आयोग के नकल माफिया समेत 60 से अधिक लोगों को जेल पहुंचाया जा चुका है। देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून बनाया जा रहा है। जो 15 फरवरी की कैबिनेट बैठक में आने जा रहा है। ऐसे में युवाओं का आक्रोश, सड़कों पर पथराव समझ से परे है।
उत्तराखंड में राज्य गठन से ही नकल और भर्ती माफिया सक्रिय रहा। एनडी तिवारी सरकार में दरोगा भर्ती घोटाला, कभी तकनीकी विवि भर्ती घपला, मंडी परिषद भर्ती घपला कांग्रेस सरकार में हुआ। इसके बाद की भाजपा सरकार में आयुर्वेद चतुर्थ श्रेणी भर्ती घपला, जेई भर्ती घपला, यूपी, बिहार, दिल्ली के लोगों को जल निगम में नियम विरुद्ध भर्ती किया गया। ऊर्जा निगम, यूजेवीएनएल में भर्ती फर्जीवाड़ा हुआ। लेकिन किसी भी मामले में न कोई कार्रवाई हुई, न ही कोई जांच। 2012 से 2017 और 2017 से 2020 तक अधिनस्थ सेवा चयन आयोग, लोक सेवा आयोग की भर्ती में बड़े पैमाने पर भर्ती फर्जीवाड़ा हुआ। खानापूर्ति को जांच बैठाई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। युवा साल दर साल ठगे चले आते रहे। 2019 में नकल माफिया हाकम सिंह और उसके साथियों के खिलाफ मंगलौर थाने में मुकदमा दर्ज होता है, लेकिन जांच को बंद कर दिया जाता है। हाकम सिंह और उसके साथियों पर कोई कार्रवाई नहीं होती।
इन तमाम फर्जीवाड़ों के खिलाफ जुलाई 2021 के बाद कार्रवाई शुरू होती है। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के सरकारी महकमों की भर्ती सिस्टम को दीमक की तरह चाट रहे नकल माफिया के खिलाफ अभियान शुरू किया। अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की एक के बाद एक भर्ती में हुई गड़बड़ियों का पर्दाफाश किया। 50 से अधिक नकल माफिया को जेल भेजा। सभी नई पुरानी भर्तियों की जांच बैठाई। यही सिलसिला लोक सेवा आयोग में जारी रखा। जहां भी भर्ती का फर्जीवाड़ा सामने आया, तत्काल कार्रवाई में देरी नहीं की। साथ ही लोक सेवा आयोग को तेजी के साथ भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के आदेश दिए। इन आदेशों के क्रम में आयोग ने भर्तियां भी शुरू की।
इसी के साथ नकल माफिया के हौसले पस्त करने को देश का सबसे सशक्त नकल विरोधी कानून लाने का ऐलान किया। ये कानून 15 फरवरी की कैबिनेट में आने जा रहा है। इसमें जेल, संपत्ति जब्त, दोबारा भर्ती में बैठने पर प्रतिबंध लगाने समेत कई सख्त प्रावधान किए जा रहे हैं। इसके बाद भी राजधानी की सड़कों पर युवाओं का आक्रोश समझ से परे हैं। जानकारों को इसके पीछे एक बड़ी राजनीतिक साजिश की बू आ रही है। क्योंकि जिस तरह नकल माफिया के खिलाफ सीएम धामी लगातार हमले कर रहे हैं, उससे उनका युवाओं में क्रेज बढ़ रहा है। यही वो सबसे बड़ी वजह है, जो विरोधियों को परेशान किए हुए है। ऐसे में इस बार युवाओं की मजबूती को ही उनके खिलाफ इस्तेमाल करने की साजिश रची जा रही है। युवाओं को ही भ्रमा कर उनके खिलाफ किए जाने की साजिश रची जा रही है।

बहकावे में न आए युवा धैर्य बनायें रखें, भाजपा की अपील

भाजपा ने युवाओं के आंदोलन को कांग्रेस का राजनैतिक षडयंत्र बताते हुए युवाओं से धैर्य बरतने और सरकार के कदमों पर विश्वास जताने की अपील की है। पार्टी प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट ने प्रदेश के युवाओं पर भरोसा जताते हुए कहा कि वह कानून अपने हाथ में नहीं ले सकते है लिहाजा उन्होंने मुख्यमंत्री से इस पूरे षडयंत्र को लेकर जांच की मांग की है।
महेंद्र भट्ट ने युवाओं से धैर्य बनाये रखने और किसी के बहकावे में नही आने की अपील की और आरोप लगाया कि काँग्रेस पार्टी शुरुआत से ही युवाओं को भड़काने में लगी हुई थी क्योंकि वह सरकार की नियुक्ति प्रकरणों में की जा रही कठोरतम कार्यवाही और उसपर जनता की संतुष्टि को हजम नही कर पा रही थी। जिस तरह की जानकारियां सामने आ रही हैं उससे संदेह है कि कांग्रेस व अन्य विपक्षी पार्टियों के लोग युवाओं के बीच उन्हें भड़काने का काम कर रहे थे, यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण व चिंताजनक है। उन्होंने सरकार से मांग की कि इस पूरे प्रकरण के पीछे की गई साजिश की जांच होनी चाहिए। क्योंकि हमे अपने युवाओं पर पूरा भरोसा है वह कानून अपने हाथ में नही के सकते हैं।
इससे पूर्व दोपहर, पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में प्रदेश अध्यक्ष भट्ट ने कहा, धामी सरकार दोषियों पर नियुक्ति में भ्रष्टाचार के दोषी सभी लोगों पर ऐतिहासिक व कठोरतम कार्यवाही कर रही है। इसी क्रम में सरकार नकल कानून को और सख्त करने जा रही है ताकि भविष्य में कोई ऐसा करने की जुर्रत भी नहीं करे। उन्होंने कहा, मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में जांच एजेंसियां बेहतर काम कर रही है और जो भी दोषी पाया जा रहा है उसे सलाखों के पीछे पहुंचाया जा रहा है। माननीय उच्च न्यायालय ने भी एजेंसियों की कार्यवाही पर विश्वास जताया है । लिहाजा प्रदेश के युवाओं को धैर्य व जांच एजेंसियों पर भरोसा बनाये रखना चाहिए। उन्होंने युवाओं से ऐसी राजनैतिक पार्टी के नेताओं के बहकावे में नही आने की अपील की है जो राज्य में भ्रष्टाचार की दीमक पनपाने के सबसे अधिक जिम्मेदार हैं। जिनके सत्ता काल के अधिकांश नियुक्तियों में हुई धांधलियों पर आज कार्यवाही हो रही हों । महेन्द्र भट्ट ने कहा, शीघ्र ही मार्च माह में पार्टी सभी विधायकों के लिए प्रशिक्षण सत्र आयोजित करेगी, जिसमे जनता की उम्मीदों व कार्यकर्ताओं के कार्यों को पूरा करने एवं सरकार संगठन की योजनाओं को समन्वय करते हुए धरातल पर उतारने पर विचार किया जाएगा। जिसके बाद पार्टी में शामिल होने वाले नए कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों के लिए भी पार्टी की रीति नीति से संबंधी जानकारी का प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया जाएगा।

धामी सख्त, उत्तराखंड प्रतियोगी परीक्षा अध्यादेश 2023 को दी मंजूरी

उत्तराखण्ड प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता एवं शुचिता को सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा आज दिनांक 09 फरवरी, 2023 को उत्तराखण्ड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम व निवारण के उपाय) अध्यादेश 2023 को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया। इस अध्यादेश में दोषियों के विरूद्ध सख्त प्रावधान किए गए हैं।
इसके तहत यदि कोई व्यक्ति, प्रिटिंग प्रेस, सेवा प्रदाता संस्था, प्रबंध तंत्र, कोचिंग संस्थान इत्यादि अनुचित साधनों में लिप्त पाया जाता है तो उसके लिए आजीवन कारावास तक की सजा तथा दस करोड़ रूपए तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
यदि कोई व्यक्ति संगठित रूप से परीक्षा कराने वाली संस्था के साथ षडयंत्र करता है तो आजीवन कारावास तक की सजा एवं 10 करोड़ रूपए तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
यदि कोई परीक्षार्थी प्रतियोगी परीक्षा में स्वयं नकल करते हुए या अन्य परीक्षार्थी को नकल कराते हुए अनुचित साधनों में लिप्त पाया जाता है तो उसके लिए तीन वर्ष के कारावास व न्यूनतम पांच लाख के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। यदि वह परीक्षार्थी दोबारा अन्य प्रतियोगी परीक्षा में पुनः दोषी पाया जाता है तो न्यूनतम दस वर्ष के कारावास तथा न्यूनतम 10 लाख जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
यदि कोई परीक्षार्थी नकल करते हुए पाया जाता है तो आरोप पत्र दाखिल होने की तिथि से दो से पांच वर्ष के लिए डिबार करने तथा दोषसिद्ध ठहराए जाने की दशा में दस वर्ष के लिए समस्त प्रतियोगी परीक्षाओं से डिबार किए जाने का प्रावधान किया गया है। यदि कोई परीक्षार्थी दोबारा नकल करते हुए पाया जाता है तो क्रमशः पांच से दस वर्ष के लिए तथा आजीवन समस्त प्रतियोगी परीक्षाओं से डिबार किए जाने का प्रावधान किया गया है।
अनुचित साधनों के इस्तेमाल से अर्जित सम्पति की कुर्की की जायेगी।
इस अधिनियम के अन्तर्गत अपराध संज्ञेय, गैर जमानती एवं अशमनीय होगा।