आवारा पशुओं की लड़ाई, मां और बच्चा जख्मी, देर रात बच्चे ने दम तोड़ा

हरिद्वार-ऋषिकेश नेशनल हाईवे पर आवारा सांडों की लड़ाई की चपेट में एक स्कूटी आ गई। इस दौरान सवार एक महिला चोटिल हो गई और उसका 10 साल का बच्चा भी जख्मी हो गया। आसपास के लोगों ने उन्हें सरकारी अस्पताल पहुंचाया। बच्चे की हालत गंभीर होने पर उसे एम्स रेफर किया गया। ज्यादा चोटें लगने के चलते बच्चे ने दम तोड़ दिया।
कोतवाली पुलिस के मुताबिक बापूग्राम स्थित बीस बीघा निवासी अपर्णा पत्नी नवनी तिवारी शुक्रवार को स्कूटी पर सवार होकर 10 वर्षीय बेटे आराध्य को स्कूल छोड़ने को श्यामपुर के लिए निकली थीं। इस बीच हाईवे पर जेजी ग्लास फैक्ट्री के पास दो सांडों की लड़ाई हो गई। सांडों की लडाई के बीच स्कूटी चपेट में आ गई। हादसे में अपर्णा चोटिल हुईं और आराध्य भी जख्मी हो गया। आसपास के लोगों ने उन्हें तत्काल राजकीय चिकित्सालय भिजवाया। आराध्य की हालत बिगड़ने पर उसे एम्स रेफर किया गया।
देर रात गंभीर चोटें लगने की वजह से आराध्य की एम्स में मौत हो गई। एसएसआई दर्शन काला ने बताया कि परिजनों ने पोस्टमार्टम न करवाने के लिए एसडीएम से अनुमति ली थी। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया।

सीएस के निर्देश धरातल पर प्रभावी योजनाओं का दायरा बढ़े

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु की अध्यक्षता में सोमवार को स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स प्रोजेक्ट्स फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट फॉर 2022-23 विभिन्न विभागों के प्रस्तावों को लेकर व्यय वित्त समिति (ईएफसी) की बैठक सम्पन्न हुयी। बैठक के दौरान विभिन्न प्रस्तावों को समिति द्वारा स्वीकृति प्रदान की गयी।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को ईएफसी के लिए पूर्ण योजना के साथ प्रस्ताव भेजे जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकतर विभाग मात्र बिल्डिंग स्ट्रक्चर के प्रस्ताव लेकर ईएफसी में प्रस्ताव भेज रहे हैं। इस पर नाराजगी जताते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि बिल्डिंग प्लान, प्रोजेक्ट का उद्देश्य, संरचना एवं पदों के सृजन और ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस प्लान के साथ समग्र दृष्टिकोण के साथ प्रस्ताव भेजे जाएं। व्यय वित्त समिति की बैठक में सिंचाई विभाग की लगभग 3565.28 लाख की लागत के भगवानपुर इन्डस्ट्रीयल एरिया में ड्रेनेज मास्टर प्लान और डीपीआर को स्वीकृति प्रदान की गयी।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ड्रेनेज सिस्टम की गुणवत्ता का ध्यान रखा जाए। इसके लिए पूर्व से ही प्रत्येक पहलू पर विचार कर लिया जाए। उद्यान विभाग की श्रेणी ‘बी‘ के अंतर्गत लगभग 1824.48 लाख की एकीकृत सिंचाई व्यवस्था, औद्यानिक यंत्रीकरण एवं अवस्थापना सुविधाओं के विकास एवं 1120.00 लाख की रामनगर नैनीताल में फूड प्रोसेसिंग यूनिट और कॉलेज अपग्रेडेशन प्रोजेक्ट को भी स्वीकृति प्रदान की गयी। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में उद्यान में बहुत ही अधिक सम्भावनाएं हैं। फूड प्रोसेसिंग राज्य की आर्थिकी और रोजगार सृजन में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
बैठक में शहरी विकास के देहरादून तरला नगल में सिटी पार्क के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गयी। मुख्य सचिव ने सिटी पार्क में हरियाली का विशेष ध्यान रखने की बात कही। कंक्रीट के न्यूनतम प्रयोग की बात कहते हुए उन्होंने पाथ-वे को बुजुर्ग लोगों के अनुरूप तैयार करने के निर्देश दिए ताकि उन्हें इसमें चलने में समस्या न हो।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द वर्द्धन, सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, बी.वी.आर.सी पुरुषोत्तम, हरि चंद्र सेमवाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

राजभवन तक अनशनकारियों के पहुंचने पर एसएसपी सख्त, 3 पर कार्रवाई

अनशनकारियों के राजभवन तक पहुंचने के मामले में ऋषिकेश कोतवाल पर गाज गिर गई। उन्हें लाइन हाजिर कर दिया गया है। देहरादून के एसएसपी ने ऋषिकेश के कोतवाल रवि सैनी समेत तीन पुलिस अधिकारियों को लाइन हाजिर किया है। इसमें कैंट थाने के इंस्पेक्टर राजेंद्र सिंह रावत और इसी थाने के सब इंस्पेक्टर जगत सिंह शामिल हैं। उक्त तीनों पर एक ही मामले को लेकर गाज गिरी है। ऋषिकेश के कोतवाल पर धरना स्थल की निगरानी में लापरवाही बतरने पर सख्त एक्शन लिया गया है। जबकि अन्य दो अधिकारियों पर अनशनकारियों के राजभवन की ओर बढ़ने की सूचना के बावजूद सुरक्षा संबंधित कदम न उठाने पर एक्शन हुआ है।

पुलिस नार्कों टेस्ट के लिए देगी कोर्ट में अर्जी, 10 दिन में दाखिल होगी चार्जशीट

वनंतरा प्रकरण में बड़ी अपडेट सामने आई है। युवती की हत्या करने वाले तीनों आरोपितों का नार्काे टेस्ट होगा। इस बात का खुलासा एडीजी अपराध एवं कानून व्यवस्था वी मुरुगेशन ने किया है। टेस्ट के लिए पुलिस जल्द कोर्ट में प्रार्थना पत्र जारी करेगी। वहीं रिसॉर्ट में कार्यरत युवती की हत्या के मामले में एसआइटी 10 दिन के अंदर आरोपितों के विरुद्ध कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल कर सकती है।
पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस के दौरान एडीजी ने बताया कि 10 दिन के अंदर-अंदर चार्जशीट जारी कर दी जाएगी। हत्या, साक्ष्य मिटाने, आपराधिक षड्यंत्र, अनैतिक कार्य के लिए दबाव डालने के तहत चार्जशीट दाखिल की जाएगी। रिसॉर्ट में वीआईपी के मामले में एडीजी ने दोहराया कि वहां पर वीआइपी रूम है। उसमें ठहरने वालों को ही वीआइपी कहा जाता है। घटना वाले दिन उस कमरे में कोई नहीं ठहरा था। घटना के पहले व बाद कमरे में जो भी ठहरा था उनसे पूछताछ कर ली गई है। वहीं, इस मामले में एसआइटी ने काफी इलेक्ट्रानिक व फोरेंसिक साक्ष्य जुटा लिए हैं। हालांकि, चंडीगढ़ लैब भेजे गए साक्ष्यों में से एक-दो की रिपोर्ट अब तक एसआइटी को नहीं मिल पाई हैं। आरोप पत्र दाखिल करने के लिए एसआइटी इन्हीं रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। सूत्रों की मानें तो सीएम की नाराजगी के बाद पुलिस विभाग हरकत में आ गया है। बताया जा रहा कि सीएम ने टो टूक कहा है कि पुलिस अधिकारी अगर अपना कार्य ठीक से नही कर पा रहे है तो पुलिस विभाग बड़े फेरबदल और कार्रवाई के लिए तैयार रहे।

प्राथमिक शिक्षा के अंतर्गत विद्यालयों में न्यूनतम दो शिक्षकों की होगी तैनाती-शिक्षा मंत्री

शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिये सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसी के तहत प्राथमिक शिक्षा के अंतर्गत राजकीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में एकल अध्यापक व्यवस्था को समाप्त करते हुये न्यूनतम दो शिक्षकों की तैनाती की जायेगी ताकि एक शिक्षक के अवकाश पर रहने के दौरान विद्यालय का संचालन निरंतर चलता रहे। इसके साथ ही बोर्ड परीक्षाओं में बेहत्तर प्रदर्शन के लिये माध्यमिक विद्यालयों में नई कार्ययोजना लागू की जा रही है जिसके तहत बोर्ड छात्र-छात्राओं को प्रत्येक 15 दिन में आंतरिक परीक्षा देने होगी, ताकि छात्र-छात्राएं बोर्ड परीक्षाओं में बेहत्तर प्रदर्शन कर सके। इसके साथ ही विद्यालयों का भवन एवं संसाधनों की उपलब्धता के दृष्टिगत चार श्रेणियों में वर्गीकरण किया जायेगा।
विद्यालयी शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने आज राजीव नवोदय विद्यालय ननूरखेड़ा स्थित आईसीटी केन्द्र में विभागीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। जिसमें उन्होंने अधिकारियों को प्राथमिक शिक्षा के अंतर्गत राजकीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में एकल अध्यापकीय व्यवस्था को समाप्त करते हुये प्रत्येक विद्यालय में कम से कम दो शिक्षक तैनात करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि एक अध्यापक वाले विद्यालयों में देखा गया है कि वहां तैनात शिक्षक के अवकाश पर चले जाने के बाद कई दिन तक विद्यालय बंद रहता है, जिससे छात्र-छात्राओं की पढ़ाई में व्यवधान आता है। जबकि कई विद्यालय ऐसे हैं जहां पर मानक से अधिक शिक्षक तैनात हैं।
विभागीय मंत्री ने कहा कि जिन विद्यालयों में अतिरिक्त शिक्षक तैनात हैं उन्हें ब्लॉक स्तर पर ही एकल अध्यापक वाले विद्यालयों में तैनात किया जायेगा। उन्होंने कहा कि माध्यमिक शिक्षा के अंतर्गत 10वी एवं 12वीं के छात्र-छात्राओं को बोर्ड परीक्षाओं के मध्यनजर विशेष तैयारी कराई जायेगी। इसके लिये बोर्ड परीक्षा वाले छात्र-छात्राओं को प्रत्येक 15 दिन में आंतरिक परीक्षा दिलाई जायेगी ताकि उनकी बोर्ड परीक्षा के तैयारी बेहत्तर हो सके। इससे जहां एक ओर छात्र-छात्राओं का बोर्ड परीक्षाओं के प्रति मनोबल बढ़ेगा वहीं दूसरी ओर बोर्ड परीक्षाफल भी बेहत्तर रहेगा। बैठक में निर्णय लिया गया कि राजकीय विद्यालयों में मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने के दृष्टिगत सभी विद्यालयों का सर्वे करा उन्हें उपलब्ध भवन एवं संसाधनों के आधार पर चार श्रेणियों में बांटा जायेगा, ताकि आगामी वित्तीय वर्ष हेतु विद्यालयों के पुनर्निर्माण एवं मरम्मत के साथ ही फर्नीचर, प्रयोगशाला, पुस्तकालय, चारहदीवारी, विद्युत, पेयजल, शौचालय आदि व्यवस्थाओं के लिये डीपीआर तैयार करा कर शासन से बजट की मांग की जा सके।
बैठक में सचिव विद्यालयी शिक्षा रविनाथ रमन, अपर सचिव योगेन्द्र यादव, महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा बंशीधर तिवारी, निदेशक माध्यमिक शिक्षा आरके कुंवर, अपर निदेशक आरके उनियाल, संयुक्त निदेशक एसपी जोशी सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

दून मेडिकल कॉलेज का मंत्री ने किया औचक निरीक्षण

चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज दून मेडिकल कॉलेज का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने छात्र-छात्राओं से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को सुना। रावत ने विभागीय अधिकारियों को कहा कि मेडिकल छात्र-छात्राएं भविष्य के चिकित्सक हैं उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ बेहत्तर सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाय। मेडिकल कॉलेज में व्याप्त अव्यवस्था पर विभागीय मंत्री ने कॉलेज प्रशासन को जमकर फटकार लगाई और व्यवस्थाएं दुरूस्त करने के निर्देश दिए।
चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत गुरुवार अचानक राजकीय दून मेडिकल कॉलेज पहुंचे, जहां उन्होंने कॉलेज की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इसके अलावा उन्होंने मेडिकल कॉलेज में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को सुना। इस दौरान उन्होंने छात्रावास एवं मैस का निरीक्षण करते हुए वहां उपलब्ध सुविधाओं के बारे में भी मेडिकल छात्र-छात्राओं से जानकारी ली। जिस पर छात्र-छात्राओं ने उन्हें तमाम असुविधाओं से अवगत कराया। बताया कि दून मेडिकल कॉलेज के औचक निरीक्षण के दौरान उन्होंने कॉलेज की गतिविधियों, शैक्षणिक कार्यक्रमों सहित तमाम व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज में पढ़ने वाली मेडिकल छात्र-छात्राएं भविष्य की डॉक्टर हैं लिहाजा उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ बेहत्तर सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश विभागीय अधिकारियों एवं कॉलेज प्रशासन को दे दिये गये हैं।
विभागीय मंत्री ने कहा कि कॉलेज परिसर एवं छात्रावासों में साफ-सफाई, मैस में ताजा एवं पौष्ठिक भोजन उपलब्ध कराने सहित शैक्षणिक एवं अन्य गतिविधियों को दुरूस्त करने के निर्देश अधिकारियों को दिये। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। इससे पहले रावत ने श्रीनगर एवं हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज के छात्रावासों की व्यवस्थाओं को भी परखा चुके हैं। इस दौरान उन्होंने कॉलेज प्रशासन को सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने निर्देश दिये।

लाइसेंस ट्रांसफर करने के एवज में मांगी रिश्वत, रंगे हाथ गिरफ्तार

उत्तराखंड में अधिकारियों के द्वारा रिश्वतखोरी थमने का नाम नहीं ले रही है। उत्तराखंड विजिलेंस टीम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए मंडी निरीक्षक को 30 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। आरोपी ने आरा मिल और लकड़ी मंडी के व्यापारी से लाइसेंस ट्रांसफर करने के नाम पर रिश्वत ली है। विजीलेंस टीम से मिली जानकारी के अनुसार शिकायकर्ता द्वारा भ्रष्टाचार की रोकथाम हेतु दिनांक 29.11.2022 को हैल्प लाईन न0 1064 पर शिकायत दर्ज कराने के उपरान्त दिनांक 01.12.22 को पुलिस अधीक्षक, सतर्कता अधिष्ठान, सेक्टर, देहरादून के कार्यालय में आकर एक शिकायती पत्र दिया गया, जिसमें उल्लेख किया गया है कि “अपनी आरा मिल व लकडी के थोक व्यापारी का लाइसेस पुत्र के नाम पर करवाने के एवज मे कृषि उत्पादन मण्डी समिति रूड़की के मण्डी निरीक्षक शिवमूर्ति सिंह द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही है। पुलिस अधीक्षक, सतर्कता अधिष्ठान, सेक्टर, देहरादून द्वारा शिकायती प्रार्थना पत्र में अंकित आरोपो पर संज्ञान लेते हुए गोपनीय रूप मे जाँच करायी गयी। जांचोपरान्त शिकायती पत्र में लगाये गये आरोप प्रथम दृष्टया सही पाये गये। जिस पर त्वरित एक ट्रैप टीम का गठन किया गया।
गुरुवार को ट्रैप टीम द्वारा अभियुक्त मण्डी निरीक्षक शिवमूर्ति सिंह पुत्र श्री जयनारायण सिंह निवासी ग्राम खपटिहा, थाना हड़िया, जिला प्रयागराज उ0प्र0 हाल निवासी मण्डी समिति कालोनी ज्वालापुर, को मण्डी समिति कार्यलय रूड़की से शिकायतकर्ता से 30000/रू0-( तीस हजार रूपये) की रिश्वत ग्रहण करते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। थाना सर्तकता अधिष्ठान, सैक्टर देहरादून में आरोपी के विरूद्व धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (संशोधित 2018) का अभियोग पंजीकृत किया जा रहा है तथा इस प्रकरण में संलिप्त अन्य अधिकारियों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है। ट्रैप टीम के उत्साहवर्धन हेतु निदेशक सतर्कता ने नगद पारितोषिक से पुरस्कृत करने की घोषणा की है।

प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स-2022 का पालन अनिवार्य रुप से हो-मुख्य सचिव

मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु ने गुरुवार को सचिवालय में प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट के सम्बन्ध में बैठक ली। मुख्य सचिव ने प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स-2022 का 100 प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश को प्लास्टिक कचरे से मुक्त करने के लिए प्लास्टिक कचरा प्रबंधन नियमावली-2022 का अनुपालन आवश्यक है। यह प्लास्टिक मुक्त उत्तराखण्ड, प्रदेश के लिए पर्यटन की दृष्टि से भी महत्त्वपूर्ण होगा। उन्होंने निर्देश दिए कि मैन्युफैक्चरर से एक्सटेंडेड प्रोड्यूसर रिस्पांसिबिलिटी प्लान शीघ्र मांगा जाए। साथ ही, इसका इससे सम्बन्धित नियमावली का 100 प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
मुख्य सचिव ने प्लास्टिक कचरा प्रबंधन से जुड़े सभी सम्बन्धित विभागों को एक्टिव भूमिका निभानी होगी। उन्होंने माउंटेनियरिंग और ट्रैकिंग रूट्स से भी प्लास्टिक कचरा निस्तारण की चेकिंग के लिए ड्रोन आदि की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। साथ ही, प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में कचरा प्रबंधन योजनाओं में प्लास्टिक कचरे के प्रबंधन को भी शामिल किया जाए। शहरी निकायों में प्लास्टिक कचरे के लिए सम्बन्धित विभाग अपने अपने स्तर पर प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट नियमावली का अनुपालन सुनिश्चित करें।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन एवं प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु सहित अन्य सम्बन्धित विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।

परिवहन आयुक्त ने आटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन को लेकर पूर्ण जानकारी दी

परिवहन आयुक्त अरविन्द सिंह ह्याँकी द्वारा राज्य में स्थापित आटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन स्थापना के महत्व की परिकल्पना के संबंध में स्थिति स्पष्ट की गई है।
इस संबंध में परिवहन आयुक्त द्वारा इसकी स्थापना एवं परिकल्पना का उल्लेख करते हुए स्पष्ट किया है कि परिवहन यान का समय-समय पर फिटनेस टेस्ट आर.टी.ओ/ए.आर.टी.ओ. कार्यालयों में तैनात आर.आई. (टेक्निकल) के द्वारा भौतिक तरीके से करते हुए फिटनेस सर्टिफिकेट निर्गत किया जाता रहा है। इस पद्धति के अंतर्गत आर. आई. (टेक्निकल) की दक्षता के साथ-साथ परीक्षण सम्बन्धी उपयुक्त उपकरणों की अनुपलब्धता सम्बन्धी व्यावहारिक कठिनाइयां भी रही है। उन्होंने बताया कि देश एवं प्रदेश के अंतर्गत यात्रियों, वाहन चालक एवं वाहन की सुरक्षा के साथ-साथ प्रदूषण नियंत्रण भी नित्य प्रति एक चिंता का विषय बनता जा रहा है। इस दृष्टि से वाहन का सही-सही परीक्षण करने हेतु तकनीक का प्रयोग अपरिहार्य हो गया है। वाहन के फिटनेस परीक्षण को बेहतर एवं त्रुटिरहित बनाये जाने के निमित्त ही भारत सरकार द्वारा ऑटोमेटेड टेस्टिंग सेंटर्स की स्थापना की परिकल्पना तैयार की गई और इस निमित्त ऐसे केन्द्रों की स्थापना हेतु सभी राज्य सरकारों से प्रस्ताव आमंत्रित किये गये, जिसके क्रम में राज्य सरकार द्वारा दो स्थानों पर ऑटोमेटेड टेस्टिंग सेंटर्स की स्थापना का प्रस्ताव भारत सरकार को प्रेषित किया गया। इसके अतिरिक्त निजी निवेश के माध्यम से भी ऐसे केन्द्रों की स्थापना हेतु दिनांक 23.09.2021 को दिशा-निर्देश निर्गत किये गये। भारत सरकार द्वारा निर्गत दिशा-निर्देशों में राज्य सरकारों के द्वारा अपने राज्यों में ऑटोमेटेड फिटनेस टेस्टिंग सेंटर्स की शीघ्र स्थापना की जानी थी। इस निमित्त भारत सरकार द्वारा समय-समय पर अनुश्रवण किया जाता रहा है।
परिवहन आयुक्त द्वारा यह भी स्पष्ट किया गया है कि भारत सरकार द्वारा फिटनेस टेस्टिंग की व्यवस्था को त्रुटिरहित बनाये जाने हेतु दिनांक 05.04.2022 को निर्गत अधिसूचना के माध्यम से जारी होने वाले परिवहन वाहनों के फिटनेस के प्रमाण पत्र का नवीनीकरण के संबंध में जो अवधि निर्धारित की गई है उसमें आठ साल तक के वाहनों के लिए दो साल और आठ साल से पुराने वाहनों के लिए एक साल की अवधि रखी गई है जबकि स्वचालित परीक्षण स्टेशन की मान्यता, विनियमन और नियंत्रण के लिए नियम 175 के अनुसार पंजीकृत स्वचालित परीक्षण स्टेशन के माध्यम से ही फिटनेस अनिवार्य रूप से की जाएगी। इस प्रकार 01 अप्रैल 2023 से प्रभावी भारी माल वाहनों/भारी यात्री मोटर वाहनों के लिए तथा मध्यम माल वाहनों/मध्यम यात्री मोटर वाहनों और हल्के मोटर वाहनों (परिवहन) के लिए 01 जून 2024 से यह व्यवस्था प्रभावी रहेगी। भारत सरकार द्वारा उक्तानुसार मोटर व्हीकल रूल में किये गये संशोधन के क्रम में राज्य सरकारों को संदर्भित नियम में निर्दिष्ट तिथि से पूर्व ऑटोमेटेड टेस्टिंग केन्द्रों की व्यवस्था करनी है।
उक्त पृष्ठभूमि में ही उत्तराखण्ड शासन द्वारा इस वर्ष जनपद ऊधमसिंहनगर तथा जनपद देहरादून में एक-एक ऑटोमेटेड फिटनेस टेस्टिंग सेंटर्स की स्थापना हेतु निजी व्यवसायियों को लाईसेंस दिया गया और उनके द्वारा भारत सरकार के मानकानुसार केन्द्र की स्थापना कर लिये जाने पर उन केन्द्रों में टेस्टिंग हेतु सम्बन्धित वाहन परिक्षेत्रों का चिन्हीकरण करते हुए तत्सम्बन्धी दिशा-निर्देश निर्गत किये गये।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि राज्य में टेस्टिंग स्टेशन की वर्तमान में उत्तराखण्ड राज्य में मात्र देहरादून एवं रुद्रपुर में ही निजी क्षेत्र में ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन की स्थापना की गई है जबकि अन्य जनपदों में वर्तमान में वाहनों की फिटनेस का कार्य पूर्ववत् परिवहन कार्यालयों में सम्पादित किया जाता रहेगा।
परिवहन आयुक्त द्वारा सभी जिलाधिकारियों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों एवं संभागीय परिवहन अधिकारियों को जारी पत्र में टेस्टिंग स्टेशन की स्थापना के विरोध में प्रस्तावित चक्का जाम के दृष्टिगत स्थानीय स्तर पर अतिआवश्यक सेवाओं के वाहनों का संचालन बाधित न हो, इस हेतु समुचित उपाय किये जाने तथा ऐसे वाहन स्वामी जो अपने वाहनों का संचालन करना चाहते हैं, उन्हें सुरक्षा प्रदान की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि यूनियन के सदस्यों द्वारा जबरन वाहनों के संचालन में बाधा उत्पन्न न की जाए। साथ ही आवश्यकता पड़ने पर उत्तराखण्ड परिवहन निगम से समन्वय करते हुए स्थानीय स्तर पर वाहनों की व्यवस्था की जाए। स्थानीय परिवहन व्यवसायियों के साथ संवाद करते हुए योजना की सही जानकारी उपलब्ध कराये जाने तथा उन्हें चक्काजाम में सम्मिलित न होने के लिए प्रेरित किये जाने की अपेक्षा भी उन्होंने की है।

विदेश मंत्री ने धामी को लिख पत्र, कहा-उत्तराखंड के नागरिकों को मुहैया करायेंगे सहायता

विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिखकर बताया है कि नाइजीरिया में फंसे उत्तराखण्ड के दो लोगों सहित सभी भारतीयों को हर सम्भव सहायता दी जाएगी। इसके लिये अबुजा स्थित हाई कमीशन नाइजीरिया सरकार के संबंधित अधिकारियों के लगातार सम्पर्क में है। भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और कल्याण को सुनिश्चित किया जाएगा। गौरतलब है कि नाइजीरिया में फंसे लोगों की सुरक्षित वापसी में सहायता के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर को पत्र लिखकर अनुरोध किया था।