सीएम से मिला सिडकुल इंटरप्रेन्योर वेलफेयर सोसाइटी पंतनगर का प्रतिनिधि मंडल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास में सिडकुल इंटरप्रेन्योर वेलफेयर सोसाइटी पंतनगर के प्रतिनिधि मंडल ने भेंट की। उन्होंने मुख्यमंत्री को रजत जयंती उत्सव के साथ ही मुख्यमंत्री के कुशल नेतृत्व में राज्य में बेहतर औधोगिक वातावरण के सृजन के लिए उनका आभार जताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में उद्योगों को बढावा देने के लिए उद्योगों के लिए अनुकूल नीतियां बनाई गयी हैं। उन्होंने सोसाईटी के प्रतिनिधियों से प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा देने में सहयोगी बनने की अपेक्षा करते हुए कहा कि, किच्छा खुरपिया पार्क के विकास के साथ ही अमृतसर कोलकता औद्योगिक गलियारा उधमसिंह नगर जनपद को उद्योग के क्षेत्र में नये आयाम स्थापित करने में मददगार होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के आर्थिक एवं समग्र विकास में सभी को सहयोगी बनना होगा। सभी के समेकित प्रयासों से ही हम उत्तराखण्ड उत्तराखण्ड को अग्रणी राज्य बनाने में सफल होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि किच्छा खुरपिया फार्म में औद्योगिक स्मार्ट सिटी व सेटेलाईट एम्स क्षेत्र के विकास को भी गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में उद्योग को बढ़ावा देने एवं उद्यमियों की सुविधा के लिए जिलाधिकारियों एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को उद्यमियों की सुविधाओं एवं सहयोग करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि प्रदेश किसी भी स्तर पर किसी का भी उत्पीड़न न होने दिया जाएगा और न ही इसकी किसी को इजाजत दी जाएगी। राज्य सरकार की भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टोलरेंस की नीति रही है। राज्य में किसी भी स्तर पर कोई गलत कार्य न हो इसके लिए भी प्रभावी प्रयास किए जा रहे है। राज्य में बेहतर कानून व्यवस्था की निरंतर समीक्षा की जा रही है। उन्होंने कहा कि निवेश के लिए राज्य में बड़े औद्योगिक संस्थानों द्वारा इच्छा जताई जा रही है। अच्छे व बड़े उद्योग राज्य में स्थापित हो इसके लिए हम प्रयासरत है।

उन्होंने कहा कि किच्छा के पास पंतनगर में 700 करोड़ की लागत से अंतरराष्ट्रीय स्तर का एयरपोर्ट बनने से क्षेत्र का स्वर्णिम विकास होगा। इसके लिए लगभग 900 एकड़ भूमि एयरपोर्ट विस्तारीकरण के लिए हस्तगत कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में उधम सिंह नगर के खुरपिया में एक हजार एकड़ में एक इंडस्ट्रियल स्मार्ट सिटी स्थापित की जा रही है जिससे अरबों का निवेश होगा तथा लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा। इससे क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

मुख्यमंत्री ने एक बार फिर सभी से अपील की कि वे किसी भी कार्यक्रम में गुलदस्ता नहीं पुस्तक भेंट करने की परंपरा को आगे बढ़ाएं इससे आम जनमानस में पुस्तकों के प्रति लगाव बढ़ेगा।
इस अवसर पर सोसाईटी के अध्यक्ष धर सिन्हा, संरक्षक अजय तिवारी, महामंत्री गौरव हरीश, विनीत शर्मा आदि उपस्थित थे।

देश के कार्यबल में नए युग का शुभारंभ, दूरगामी सार्थक परिणाम निकलेंगेः सीएम धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि श्रम सुधारों से देश के कार्यबल में नए युग का शुभारंभ हुआ है। आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के लिहाज से चार श्रम संहिताओं को लागू किया जाना एक महत्वपूर्ण फैसला है। इसके दूरगामी सार्थक परिणाम निकलेंगे। उन्होंने कहा है कि राज्य सरकार श्रम संहिताओं के अनुपालन के लिए कटिबद्ध है। उन्होंने श्रम सुधारों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार प्रकट किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में नई कार्य संस्कृति ने स्थान पाया है। नई नीतियों का निर्धारण देश को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा है कि पूर्व के श्रम कानूनों से असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों का एक बड़ा वर्ग बाहर था। वहीं इनके लिए सामाजिक सुरक्षा का भी अभाव था। न्यूनतम वेतन का प्राविधान भी चुनिंदा क्षेत्रों तक ही सीमित था। इन श्रम कानूनों से व्यापारिक सुगमता भी प्रभावित हो रही थी। विदेशी निवेश पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था। इंस्पेक्टर राज की व्यवस्था से व्यापार एवं उद्योगों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था। इस दृष्टिकोण से भारत सरकार ने श्रम सुधार कर ऐतिहासिक कदम उठाया है।

उन्होंने कहा है कि नए कानून के प्रावधान श्रमिकों के हितों की मजबूती से रक्षा करते हैं। उन्होंने कहा है कि सभी के लिए न्यूनतम और समय पर वेतन, नियुक्ति पत्र की अनिवार्यता जैसे प्राविधान अभूतपूर्व हैं। श्रम सुधार 40 करोड़ श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। महिला श्रमिकों को समान अवसर और समान वेतन के साथ ही रात्रि पाली में काम करने की स्वतंत्रता प्रदान की गई है, जो कि नारी शक्ति को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा फैसला है।

मुख्यमंत्री का कहना है कि निश्चित अवधि के कर्मचारियों को एक वर्ष की सेवा के बाद ग्रेच्युटी, श्रमिकों के लिए निःशुल्क वार्षिक स्वास्थ्य जांच की अनिवार्यता, जोखिम भरे कार्य क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों के लिए सौ प्रतिशत स्वास्थ्य सुरक्षा जैसे प्राविधान बेहद अहम हैं। उन्होंने कहा है कि श्रम सुधारों से राज्य में जहां श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा के साथ-साथ बेहतर कार्य वातावरण मिलेगा, वहीं व्यवसाय एवं उद्योगों में अनुकूल वातावरण मिलने से कार्य सुगमता होगी। उन्होंने कहा है कि इन श्रम कानूनों से राज्य के श्रमिक एवं उद्योग दोनों ही पक्ष लाभान्वित होंगे।

सीएम धामी ने प्रदेशवासियों को दी बड़ी राहत, राज्य में अगले एक वर्ष तक नहीं बढ़ेगी वाहन फिटनेस फीस

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर राज्य सरकार ने उत्तराखंड के वाहन स्वामियों को महत्वपूर्ण राहत प्रदान करते हुए पुराने (15 वर्ष) कमर्शियल वाहनों की फिटनेस फीस में वृद्धि को आगामी 21 नवम्बर 2026 तक स्थगित कर दिया है। इस संबंध में परिवहन विभाग द्वारा अधिसूचना जारी कर दी गई है। अधिसूचना सचिव परिवहन बृजेश कुमार संत द्वारा जारी की गई।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में 15 वर्ष पुराने कमर्शियल वाहनों की फिटनेस फीस में 10 गुना तक की वृद्धि की गई थी। प्रदेश की जनभावनाओं को देखते हुए राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया है कि उत्तराखंड के वाहन स्वामियों पर इसका तात्कालिक बोझ नहीं डाला जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार आमजन के हितों को सर्वाेपरि रखते हुए ऐसे निर्णय ले रही है, जिनसे जनता पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार हमेशा जनता-जनार्दन की अपेक्षाओं के अनुरूप कार्य करती रहेगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि “हमारी सरकार का संकल्प जनता को राहत देना और जनहित में त्वरित निर्णय लेना है। हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा कमर्शियल वाहनों की फिटनेस फीस में की गई वृद्धि को देखते हुए हमने इसे उत्तराखंड में एक वर्ष के लिए स्थगित कर दिया है। इस अवधि में पूर्व निर्धारित फीस ही लागू रहेगी। हम नहीं चाहते कि प्रदेश के वाहन स्वामियों और परिवहन कारोबार से जुड़े लोगों पर अचानक अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़े। आने वाले समय में केंद्र सरकार द्वारा किये जाने वाले पुनरीक्षण के अनुसार ही राज्य में नई दरें लागू की जाएंगी।”

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि “हमारी सरकार जनता के लिए संवेदनशील है। गरीब, मध्यम वर्ग, टैक्सी व ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े हजारों लोगों का हित सुरक्षित रखना हमारी प्राथमिकता है। जनहित के निर्णयों में हम किसी भी प्रकार की देरी नहीं होने देंगे।”

सीएम ने स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी सभागार, श्री सिद्धबली हनुमान द्वार तथा शहीद चौक का लोकार्पण एवं उद्घाटन किया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज रुड़की के जीवनदीप आश्रम में आयोजित भव्य पाँच दिवसीय धार्मिक एवं सामाजिक महोत्सव में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर उन्होंने सनातन संस्कृति के संरक्षक परम पूजनीय संत-महात्माओं, धर्माचार्यों एवं उपस्थित श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए कहा कि संत समाज जीवन्त तीर्थ के समान होता है, जो समाज को सत्पथ की ओर प्रेरित करता है।

मुख्यमंत्री ने परम पूज्य पद्मभूषण ब्रह्मलीन स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी महाराज को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए परम पूज्य जगद्गुरु महामंडलेश्वर स्वामी यतीन्द्रानन्द गिरि महाराज सहित सभी संत जनों को साष्टांग प्रणाम किया। उन्होंने कहा कि संतों की दिव्य उपस्थिति मन और आत्मा में नई ऊर्जा का संचार करती है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि जीवन दीप सेवा न्यास के इस पांच दिवसीय महोत्सव में शतचंडी महायज्ञ, श्री भक्तमाल कथा, 1100 बालिकाओं का पूजन, पाठ्य सामग्री वितरण एवं पाँच कन्याओं के सामूहिक विवाह जैसे आध्यात्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम समाज में सेवा-भावना का अद्भुत संदेश दे रहे हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी सभागार, श्री सिद्धबली हनुमान द्वार तथा शहीद चौक का लोकार्पण एवं उद्घाटन भी किया। उन्होंने कहा कि शहीद चौक हमारे अमर बलिदानियों के साहस और राष्ट्रभक्ति का स्मारक है, जो आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरित करता रहेगा। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि मैंन मार्ग से सुनहरा मार्ग चौराहे को शहीद चौक के नाम दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी महाराज ने राष्ट्र, धर्म एवं मानवता की सेवा में अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर समाज को त्याग, करुणा एवं सेवा का पवित्र मार्ग दिखाया। उन्हीं की प्रेरणा से जीवन दीप सेवा न्यास शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कार, महिला सशक्तिकरण, गौ-संरक्षण सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट सेवा कार्य कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज विश्वभर में भारत की सनातन संस्कृति का गौरव बढ़ा है। उन्होंने उल्लेख किया कि-भव्य राम मंदिर निर्माण, बद्रीनाथ-केदारनाथ धाम पुनर्निर्माण, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, महाकाल लोक निर्माण जैसी पहलें हमारी सांस्कृतिक चेतना के पुनर्जागरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम हैं।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनाने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। केदारखंड एवं मानसखंड मंदिर क्षेत्रों के सौंदर्यीकरण के साथ यमुनातीर्थ स्थल का पुनरुद्धार, हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर, शारदा कॉरिडोर निर्माण, दून विश्वविद्यालय में सेंटर फॉर हिन्दू स्टडीज की स्थापना जैसे महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं।

राज्य की सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक संरचना को संरक्षित रखने का संकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सांस्कृतिक मूल्यों एवं सामाजिक संरचना की रक्षा के लिए पूर्णत संकल्पबद्ध है। उन्होंने बताया कि धर्मांतरण विरोधी कानून एवं सख्त दंगारोधी कानून लागू किए गए हैं।

लैंड जिहाद, लव जिहाद, थूक जिहाद जैसी जिहादी मानसिकताओं के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की गई है। लैंड जिहाद पर 9 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को मुक्त कराया गया है। प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू कर समान कानून व्यवस्था स्थापित की गई है।

युवाओं के हित में सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया, जिससे 26,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली। अवैध गतिविधियों में संलिप्त 250 से अधिक अवैध मदरसों को सील किया गया तथा नया कानून लागू कर मदरसा बोर्ड समाप्त करने का निर्णय लिया गया है, जिसके बाद 1 जुलाई 2026 से गैर-मानक मदरसे स्वतः बंद हो जाएंगे।

‘‘ऑपरेशन कालनेमि’’ के अंतर्गत सनातन धर्म को बदनाम करने वालों पर कठोर कार्रवाई की गई है।

उत्तराखंड को श्रेष्ठ राज्य बनाने का संकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार ‘‘विकल्प रहित संकल्प’’ के साथ राज्य को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने हेतु सतत प्रयासरत है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि संत-महात्माओं के आशीर्वाद और जनसहयोग से उत्तराखंड निश्चित ही एक आदर्श एवं अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित होगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के धर्मपत्नी गीता धामी ने कहा कि सौभाग्य का दिन है कि आज जीवन दीप आश्रम द्वारा पांच दिवसीय महोत्सव आयोजित किया गया है, जिसमें हमें भी आने का सौभाग्य प्राप्त हुआ उन्होंने कहा कि जीवन दीप आश्रम सनातन धर्म का निर्वहन करते हुए समाज हित में कार्य कर रहे हैं तथा आज इस पंच दिवसीय महोत्सव में 1100 कन्याओं पूजन एवं भोजन कराया जा रहा है तथा 06 कन्याओं का सामूहिक विवाह किया जा रहा है।उन्होंने सभी कन्याओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनका जीवन सुखी, समृद्ध एवं मंगलमय हो और सुखमय जीवन व्यतीत करे।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 11 कन्याओं का पूजन किया तथा उन्हें उपहार एवं दक्षिणा भेंट की तथा मुख्यमंत्री ने 06 कन्याओं के सामूहिक विवाह पर उनको शुभकामनाएं एवं आशीर्वाद दिया तथा उनके सुखद जीवन को कमाना की।

इस अवसर पर जून अखाड़े के महामंडलेश्वर यतिद्रनंद गिरी महाराज ने भवन के लोकार्पण के लिए मुख्यमंत्री सहित सभी जनप्रतिनिधियों एवं क्षेत्र वासियों का कार्यक्रम में शामिल होने पर आभार व्यक्त किया। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष/सचिव निरंजनी अखाड़ा श्रीमहंत रविन्द्र पुरी महाराज, राष्ट्रीय संगठन महामंत्री (भारत साधु समाज) महामंडलेश्वर स्वामी प्रबोधानंद गिरी, राष्ट्रीय मंत्री (भारत साधु समाज) महामंडलेश्वर स्वामी रूपेंद्र प्रकाश, जूना अखाड़ा महामंडलेश्वर स्वामी मैत्रेयी गिरी, कोठारी महंत बड़ा उदासीन अखाड़ा श्रीमहंत राघवेंद्र दास, महामंडलेश्वर स्वामी विवेकानंद सरस्वती (नंगली दरबार) महामंडलेश्वर स्वामी शिव प्रेमानंद, प्रदेश प्रवक्ता (भारत साधु समाज) महंत स्वामी अमृतानंद, महेंद्र स्वामी सत्यव्रता नंद सरस्वती,स्वामी विनोद महाराज,स्वामी प्रकाशा नंद महाराज,राज्य मंत्री विनय रोहिल्ला,जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, रुड़की मेयर अनीता अग्रवाल, विधायक रुड़की प्रदीप बत्रा, जिलाध्यक्ष रुड़की मधु सिंह, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश गिरी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष राजेंद्र चौधरी, जिला महामंत्री रुड़की अक्षय प्रताप सिंह, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष दिनेश कौशिक, महामंत्री सागर गोयल, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोभाल सहित विभिन्न क्षेत्रों से साधु संत, जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता एवं क्षेत्रवासी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने दिया बार एसोसिएशन की विभिन्न समस्याओं के समाधान का आश्वासन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से अध्यक्ष संघर्ष समिति बार एसोसिएशन प्रेमचंद शर्मा एवं अध्यक्ष बार एसोसिएशन देहरादून मनमोहन कंडवाल के नेतृत्व में संगठन के पदाधिकारियों ने भेंट की। उन्होंने नए जिला न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं हेतु आवंटित भूमि पर तथा पुराने जिला जजी परिसर की भूमि अधिवक्ताओं के पक्ष में आवंटित करने व दोनों स्थानों पर सरकार द्वारा अधिवक्ताओं के चौंबर के निर्माण कराए जाने संबंधी ज्ञापन सौंपा।

मुख्यमंत्री ने संगठन के पदाधिकारी को आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं के समाधान के लिए राज्य सरकार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि आपसी वार्तालाप एवं विचार-विमर्श से ही समस्याओं का समाधान हो सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के विकास में हम सबको सहयोगी बनना होगा राज्य आंदोलन के वे स्वयं साक्षी रहे हैं, इसमें अधिवक्ताओं का भी योगदान रहा है। हम सबको राज्य के वित्तीय संसाधनों पर भी ध्यान देना होगा।

मुख्यमंत्री ने अधिवक्ताओं से अपना आंदोलन समाप्त करने की अपेक्षा करते हुए कहा कि इस संबंध में समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए प्रशासन और अधिवक्ताओं की समिति गठित की जाए, इसमें किसी आर्किटेक्ट को भी शामिल कर कोई सर्वमान्य हल निकल जाने के प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संबंध में जिलाधिकारी द्वारा प्रस्तुत आख्या एवं समस्याओं के समाधान से संबंधित बिंदुओं को कैबिनेट में रखते हुए उचित निर्णय लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि अधिवक्ताओं के चौंबर निर्माण के लिए राज्य सरकार भी आर्थिक सहयोग करेगी उन्होंने अधिवक्ताओं से सांसदों एवं विधायक गणों से भी सहयोग की मांग का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि इस संबंध में वे स्वयं भी पहल करेंगे। मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद सभी पदाधिकारी संतुष्ट नजर आए तथा मुख्यमंत्री का आभार भी जताया।

इस अवसर पर सचिव शैलेश बगौली, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह के साथ बार एसोसिएशन के अधिवक्ता राजबीर सिंह बिष्ट, मनमोहन लाम्बा, चन्द्रशेखर तिवारी, राजीव शर्मा, राजेश कुमार आर्य, अनुज शर्मा, अनिल पंडित, रंजन सोलंकी, व भानू प्रताप सिसोदिया उपस्थित थे।

सीएस की अध्यक्षता में हुई उच्चाधिकार प्राप्त व्यय समिति की बैठक

मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में उच्चाधिकार प्राप्त व्यय समिति की बैठक आयोजित की गई।

बैठक में प्रदेश के विकास से जुड़ी हुई विभिन्न परियोजनाओं पर विचार-विमर्श किया गया तथा सात परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई।

मुख्य सचिव ने कार्यदाई संस्थाओं को निर्देशित किया कि स्वीकृत परियोजनाओं को निर्धारित समय अवधि में पूरा किया जाए तथा उनकी बेहतर गुणवत्ता भी सुनिश्चित की जाए।

बैठक में यूआईडीबी के हरिद्वार के रोड़ी बेलवाला क्षेत्र का पुनरुद्धार व सती कुंड और आसपास के क्षेत्र के विकास से संबंधित प्रोजेक्ट को अनुमोदित किया गया। ऋषिकेश में आस्था पथ सौंदर्यकरण से संबंधित प्रोजेक्ट को अनुमोदित किया गया।

लोक निर्माण विभाग से संबंधित राज्य योजना के अंतर्गत देहरादून के विधानसभा क्षेत्र मसूरी के अंतर्गत देहरादून-किमाडी लंबीधार-कार्ट मैकेंजी-कंपनी गार्डन मोटर मार्ग के किलोमीटर 1 से 24 (सप्लाई कैंट से लंबीधार बासागाड़ मसूरी) तक सिंगल लेन से इंटरमीडिएट लेन में परिवर्तन हेतु अतिरिक्त पहाड़ कटान क्रॉस ड्रेन एवं दीवारों के निर्माण कार्य से संबंधित प्रोजेक्ट का अनुमोदन किया गया तथा देहरादून में महाराणा प्रताप चौक से 6 नंबर पुलिया रोड तक के चौड़ीकरण का अनुमोदन किया गया।

कुंभ और पेयजल विभाग से संबंधित हरिद्वार में पुलिस कमांड कंट्रोल सेंटर बिल्डिंग निर्माण तथा गृह विभाग और पेयजल विभाग से संबंधित प्रोजेक्ट हरिद्वार में अभियोजन विभाग के कार्मिकों हेतु टाइप द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ आवास के निर्माण परियोजना की स्वीकृति दी गई।

बैठक में प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव नितेश झा, पंकज पांडेय व श्रीधर बाबू अदांकी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

विभिन्न जनपदों के डीएम ने सर्वोत्तम पहलों पर दिया प्रस्तुतीकरण

एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर्स कॉन्फ्रेंस- 2025 का आयोजन आज दूसरे दिन भी मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में आयोजित किया गया।

कॉन्फ्रेंस में जिलाधिकारी अल्मोड़ा, पौड़ी गढ़वाल, देहरादून, टिहरी गढवाल, चमोली, नैनीताल और उत्तरकाशी द्वारा अपने जनपदों की Best Practices (सर्वोत्तम पहलों) पर प्रस्तुतिकरण दिया गया। उपस्थित अधिकारियों द्वारा उन पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया।

जिलाधिकारी अल्मोड़ा ने Sports, Health and Wellness विषय पर प्रस्तुतीकरण दिया।
कहा कि प्रदेश के युवा खिलाड़ियों को बेहतर खेल सुविधाएं प्रदान किये जाने तथा नयी प्रतिभाओं को अवसर प्रदान किये जाने हेतु स्पोर्ट्स और कम्युनिटी फिटनेस जोन तैयार किया गया है।
कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर (EWS) 100 बच्चों को फ्री कोचिंग और ट्रेनिंग के साथ- साथ अन्य सहायता दी जा रही है।

जिलाधिकारी पौड़ी ने पिरूल और इनवेसिव बायोमास लाइवलीहुड पर प्रस्तुतिकरण देते हुए कहा कि स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की सहायता से पिरूल से बायोमास तैयार किया जा रहा है। जिससे महिलाओं को नियमित रूप से आय प्राप्त हो रही है। वनाग्नि तथा जंगली जानवरों से होने वाली हानियों को कम करने का प्रयास किया जा रहा है।

महिला SHG के सदस्यों के माध्यम से 1800 टन लैंटाना, पिरूल और अन्य हानिकारक प्रजाति की वनस्पतियों को हटाया जा रहा है।
इसमें 280 महिलाएं भी शामिल हैं।

जिलाधिकारी, नैनीताल द्वारा Urban Infrastructure & Mobility विषय पर पर प्रस्तुतिकरण दिया गया। जिसके अन्तर्गत नैनीताल शहर हेतु लक्ष्य आधारित, सतत विकास का रोडमैप प्रस्तुत किया गया। जिस पर मुख्य सचिव द्वारा सभी नगर निकायों को एक रोडमैप तैयार करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी, देहरादून द्वारा बाल भिक्षानिवृति निवारण प्रयास पर अपना प्रस्तुतिकरण दिया गया।

कहा कि देहरादून में भिक्षावृति में लिप्त बच्चों के पढ़ने, खेलने तथा स्किल डेवलपमेंट हेतु एक केन्द्र स्थापित किया गया है, जिसमें ऐसे बच्चों को चिन्हित कर उन्हें भिक्षावृति से बाहर निकाल कर सशक्त बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

नगर आयुक्त, नगर निगम देहरादून द्वारा भी देहरादून नगर की समस्याओं के सुधार हेतु बनाए गये मॉडल का प्रस्तुतीकरण दिया गया।

जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल द्वारा जनपद में Youth के एप्रोच विषय पर प्रस्तुतीकरण दिया गया।

उन्होंने कहा कि जनपद में युवाओं को स्वरोजगार और सकारात्मक एक्टिविटीज में प्रेरित करने के लिए स्वरोजगार और कौशल विकास पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

उन्होंने यूथ के लिए कैप्सूल कोर्स, मोबिलिटी सपोर्ट, कैरियर हब और बेस्ड फ्लेक्सिबल स्किलिंग पाथ-वे तैयार किये जाने का प्रस्ताव दिया।

जिलाधिकारी उत्तरकाशी द्वारा धराली में आयी भीषण आपदा में हुई क्षति तथा भविष्य में इसके रोकथाम हेतु किये जा रहे कार्यों का प्रस्तुतिकरण दिया तथा Ecology and Livelihood विषय पर प्रोजेक्ट का प्रस्तुतीकरण दिया, जिसकी सराहना की गयी।

मुख्य सचिव द्वारा स्पोर्ट्स, ग्रीन लाइवलीहुड और यूथ एम्पावरमेंट में इनोवेटिव मॉडल की सराहना की गयी।

उन्होंने सभी अधिकारियों को डिस्ट्रिक्ट की बेस्ट प्रैक्टिसेज को बढ़ाने और भविष्य के प्लान को विकसित उत्तराखंड 2047 के साथ संयुक्त करने के निर्देश दिये।

कॉन्फ्रेंस में प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, एल एल फैनई व आर मीनाक्षी सुंदरम सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

पटना में सीएम धामी ने नवनिर्वाचित सीएम नीतिश कुमार व मंत्रीमंडल को दी शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज बिहार के गांधी मैदान, पटना में आयोजित बिहार की नवनिर्वाचित सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में प्रतिभाग करने पहुंचे। इस अवसर पर उन्होंने नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री एवं मंत्रिपरिषद के सदस्यों को हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई दी।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि बिहार और उत्तराखंड के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक संबंध रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नई सरकार के नेतृत्व में बिहार राज्य नई ऊर्जा और संकल्प के साथ विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने देशभर से पहुंचे विभिन्न राज्यों के गणमान्य नेताओं से भी शिष्टाचार भेंट की और उनसे राष्ट्रीय विकास, सुशासन तथा समन्वित प्रगतिशील नीतियों पर विचार-विमर्श किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने बिहार के जनता जनार्दन के उज्ज्वल भविष्य, राज्य की निरंतर प्रगति और नवगठित सरकार के सफल कार्यकाल की शुभकामनायें प्रेषित कीं।

मुख्यमंत्री धामी ने किया सोशल मीडिया मंथन कार्यक्रम को संबोधित, दिए टिप्स

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स और इन्फ्लुएंसर्स से अपने कंटेंट में उत्तराखंड के पर्यटन स्थलों, स्थानीय उत्पादों, सांस्कृतिक धरोहरों और सामाजिक उपलब्धियों को प्रमुखता से उजागर करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर, फेक न्यूज या नकारात्मक नैरेटिव की भी प्रभावी काट कर सकते हैं।

मुख्य सेवक सदन में आयोजित ष्सोशल मीडिया मंथनष् कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज सोशल मीडिया संचार और सूचना के आदान-प्रदान का सबसे तेज और प्रभावी माध्यम बन चुका है। दुनिया के किसी भी कोने में बैठा व्यक्ति अपने विचार और अपना दृष्टिकोण को कुछ ही क्षणों में पूरे विश्व तक पहुँचा सकता है। सोशल मीडिया ने आम नागरिक की आवाज को मंच प्रदान किया है। यही कारण है कि आज विश्व की बड़ी से बड़ी घटना से लेकर एक गांव की छोटी सी समस्या तक कुछ ही सेकंड में लाखों-करोड़ों लोगों तक पहुँच जाती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2014 में सत्ता संभालने के साथ ही सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को शासन व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया को संवाद, पारदर्शिता और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी का ऐसा सशक्त माध्यम बनाया है, जिसने शासन व्यवस्था को न केवल जन केंद्रित बनाया, बल्कि प्रत्येक नागरिक को नीति-निर्माण और निर्णय प्रक्रिया से भी प्रत्यक्ष रूप से जोड़ा है। उन्होंने कहा कि मोदी जी ने एक्स, फेसबुक, ‘मन की बात’, माईगॉव और पीएमओ के डिजिटल इकोसिस्टम जैसे माध्यमों से भारत में ‘डिजिटल गवर्नेंस’ की एक नई मिसाल स्थापित की है। वो स्वयं भी विश्व के सबसे अधिक फॉलो किए जाने वाले राजनेताओं में शीर्ष स्थान पर हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की प्रेरणा से प्रदेश सरकार भी डिजिटल उत्तराखंड निर्माण के लिए संकल्पबद्ध है। मुख्यमंत्री कार्यालय से लेकर सभी विभाग तक जनता से सीधे संवाद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले शिकायत दर्ज करने के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, परन्तु आज एक ट्वीट या फेसबुक संदेश से तत्काल समाधान मिल जाता है। वो स्वयं प्रतिदिन राज्य के विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर आने वाले सुझावों, शिकायतों और जनसमस्याओं की निगरानी करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कई बार सिर्फ एक पोस्ट या लाइव के कारण किसी बच्चे का इलाज संभव हुआ है, किसी बुजुर्ग की पेंशन बहाल हुई है, किसी सड़क की मरम्मत हुई या किसी आपदा या विपत्ति में फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बचाने में सहायता मिली है। वहीं, दूसरी तरफ सोशल मीडिया का तेजी से दुरुपयोग भी बढ़ रहा है। आज फेक न्यूज़, अफवाहों और नकारात्मक नैरेटिव्स के माध्यम से समाज में भ्रम फैलाने की प्रवृत्ति एक चुनौती बनकर उभरी है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग सोशल मीडिया की शक्ति का उपयोग वैचारिक विभाजन पैदा करने, सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने और सरकार की जनहितकारी योजनाओं को लेकर गलत धारणाएँ फैलाने के लिए भी कर रहे हैं। ऐसे समय में जिम्मेदार सोशल मीडिया वॉरियर की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल के दिनों में कुछ धर्म विरोधी और राष्ट्र-विरोधी मानसिकता वाले लोग भ्रामक खबरों, फेक नैरेटिव और झूठे प्रचार के माध्यम से हमारी धार्मिक आस्था और समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे समय में किसी भी भ्रामक, तथ्यहीन या समाज-विरोधी सामग्री का न केवल तत्काल फैक्ट-चेक किए जाने की जरूरत है, बल्कि उसकी तथ्यात्मक जानकारी भी जन-जन तक पहुँचाए जाने की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि कई बार कुछ नेगेटिव कंटेंट क्रिएटर्स सरकार, समाज, धर्म और प्रदेश के गौरव से जुड़ी खबरों को तोड़ मरोड़कर भ्रामक तथ्यों के साथ प्रस्तुत कर अधिक व्यूज और लाइक बटोरना चाहते हैं। लेकिन सभी को ये समझने की आवश्यकता है कि प्रसिद्धि और फॉलोअर्स की दौड़ के बीच एक बारीक रेखा हमारी नैतिक जिम्मेदारी और सामाजिक कर्तव्य की भी होती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने जब से देवभूमि उत्तराखंड के मूल स्वरूप की रक्षा के लिए विभिन्न कानून के माध्यम से अराजक तत्वों खिलाफ कठोर कदम उठाए हैं।
तभी से कुछ राष्ट्र विरोधी तत्व और अर्बन नक्सल गैंग के लोग सोशल मीडिया पर अलग-अलग नामों से फर्जी अकाउंट बनाकर फेक नरेटिव बनाने का प्रयास कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कंटेंट क्रिएटर्स, इन्फ्लुएंसर्स से अपील करते हुए कहा कि सभी लोग अपने कंटेंट में उत्तराखंड के पर्यटन स्थलों, स्थानीय उत्पादों, सांस्कृतिक धरोहरों और सामाजिक उपलब्धियों को प्रमुखता से उजागर करें। इससे ब्रांड उत्तराखंड की पहचान और मजबूत होगी। इस मौके पर महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित हुए।

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राज्याधीन सेवाओं में छः माह के लिए हड़ताल पर पाबंदी लागू

उत्तराखंड की राज्याधीन सेवाओं में शासन के द्वारा छः माह की अवधि के लिए हड़ताल पर पाबंदी लगाई गई है।

सचिव कार्मिक शैलेश बगोली द्वारा इस संबंध में आज एक अधिसूचना जारी की गई है। अधिसूचना के अनुसार लोकहित में उ. प्र. अत्यावश्यक सेवाओं का अनुरक्षण अधिनियम, 1966 (उत्तराखण्ड राज्य में यथा प्रवृत्त) की धारा 3 की उपधारा (1) के अधीन इस आदेश के निर्गत होने के दिनांक से छः मास की अवधि के लिए राज्याधीन सेवाओं में हड़ताल निषिद्ध की गई है।

स्प्रिचुअल इकोनॉमिक जोन की स्थापना के साथ समीपवर्ती क्षेत्रों का समग्र विकास किया जाएः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य के दोनों मंडलों में एक-एक स्प्रिचुअल इकोनॉमिक जोन की स्थापना के लिए विस्तृत कार्ययोजना (रोडमैप) शीघ्र तैयार की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल उत्तराखंड को वैश्विक आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना के अंतर्गत धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण के साथ-साथ तीर्थ स्थलों एवं उनके आस-पास के क्षेत्रों का समग्र विकास किया जाए। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे, वहीं राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इसी वित्तीय वर्ष में इस योजना पर कार्य धरातल पर प्रारंभ किया जाए। इसके तहत योग, ध्यान, आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा, स्थानीय हस्तशिल्प, पर्वतीय उत्पादों और सांस्कृतिक आयोजनों को भी प्रोत्साहन दिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल से राज्य का पर्यटन परिदृश्य और समृद्ध होगा तथा उत्तराखंड की पहचान ‘आध्यात्मिक राजधानी’ के रूप में और मजबूत होगी।

मुख्यमंत्री ने बैठक में शीतकालीन यात्रा व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ करने पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि राज्य की शीतकालीन स्थलों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करते हुए, वहां की यात्रा, आवास, परिवहन और सुरक्षा व्यवस्थाओं को मजबूत किया जाए ताकि अधिक से अधिक पर्यटक राज्य की प्राकृतिक और सांस्कृतिक विविधता का अनुभव कर सकें। शीतकालीन यात्रा स्थलों के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए पारंपरिक व आधुनिक माध्यमों के जरिए राज्य की पर्यटन संभावनाओं को देश-विदेश तक पहुंचाया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ ही जनसामान्य के जीवन स्तर में सुधार लाना तथा राज्य के प्राकृतिक और आध्यात्मिक धरोहरों को सहेजते हुए सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं को धरातल पर लाने के लिए ठोस कार्यनीति तैयार की जाए और समयबद्ध रूप से प्रत्येक चरण की मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।

इस अवसर पर वर्चुअल माध्यम से पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज भी जुड़े थे।

बैठक में बद्री- केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, धीराज सिंह गर्ब्याल, स्थानिक आयुक्त अजय मिश्रा, अपर सचिव अभिषेक रोहिला एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।