अतिवृष्टि से प्रभावित मालदेवता व केसरवाला के स्थलीय निरीक्षण को पहुंचे सीएम धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अतिवृष्टि से प्रभावित देहरादून जनपद के मालदेवता क्षेत्र एवं केसरवाला का स्थलीय निरीक्षण कर वहाँ की स्थिति का जायज़ा लिया। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों की गति तेज करने के निर्देश अधिकारियों को दिए तथा स्थानीय नागरिकों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अतिवृष्टि के कारण प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में सड़कों, पुलों एवं सरकारी संपत्तियों को भारी नुकसान पहुँचा है, जिससे आमजन के जीवन पर भी व्यापक प्रभाव पड़ा है। उन्होंने निर्देश दिए कि अवरुद्ध मार्गों को शीघ्र चालू किया जाए, सुरक्षित पेयजल व बिजली की आपूर्ति तत्काल सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन व प्रशासन की टीम निरंतर फील्ड में सक्रिय है और सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ राहत, बचाव व पुनर्वास कार्यों को अंजाम दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि नदियों के जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए आपदा से निपटने हेतु विशेष सतर्कता बरती जा रही है।

मुख्यमंत्री राज्य आपदा परिचालन केंद्र और विभिन्न जिलों की परिस्थितियों की लगातार समीक्षा कर रहे हैं एवं सभी जिलाधिकारियों के साथ नियमित संपर्क बनाए हुए हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों के प्रत्येक नागरिक की समस्याओं को तात्कालिक प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाए।

स्थलीय निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री के साथ विधायक उमेश शर्मा ‘काऊ’, गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, अपर सचिव बंशीधर तिवारी सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

न्यायालयों के आवासीय व अनावसिया भवनों के निर्माण को भूमि हस्तांतरण के संबंध में हुई बैठक

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में जिलाधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जनपद एवं अधीनस्थ न्यायालयों, पारिवारिक न्यायालयों आदि के आवासीय एवं अनावसिया भवनों के निर्माण हेतु भूमि हस्तांतरण के सम्बन्ध में बैठक ली। मुख्य सचिव ने जिलाधिकारी पौड़ी, हरिद्वार, रुद्रप्रयाग एवं देहरादून को जनपद न्यायालयों के आवासीय एवं अनावसिया भवनों हेतु शीघ्र भूमि चिन्हित कर हस्तांतरित किए जाने के निर्देश दिए।

इसके साथ ही मुख्य सचिव ने उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा 21 सितंबर, 2025 को प्रस्तावित स्नातक स्तरीय परीक्षा को सफलता और पारदर्शिता के साथ आयोजित किए जाने के सम्बन्ध में जिलाधिकारियों के साथ बैठक ली। उन्होंने परीक्षा को पारदर्शिता के साथ आयोजित किए जाने हेतु सभी व्यवस्थाएं चाक चौबंद किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने गोपनीय सामग्री को डबल लॉक, सीसीटीवी और सुरक्षा गार्डों की निगरानी में रखे जाने हेतु व्यवस्थाएं सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा से पूर्व संवेदनशील जनपदों की सीमाओं पर सघन चेकिंग अभियान, नकल सम्बन्धी गतिविधियों में लिप्त और संदिग्ध लोगों और कोचिंग संस्थानों की निगरानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव एल. फ़ैनाई, आर. मीनाक्षी सुंदरम, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, अध्यक्ष यूकेएसएसएससी जीएस मर्ताेलिया, सचिव शैलेश बगौली, नीतेश कुमार झा, दिलीप जावलकर, डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम, रविनाथ रमन, चंद्रेश कुमार यादव, डॉ. वी. षणमुगम, डॉ. नीरज खैरवाल, विनय शंकर पाण्डेय, दीपेन्द्र कुमार चौधरी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं जनपदों से जिलाधिकारी एवं जनपद न्यायाधीश उपस्थित थे।

आखिर सीएम ने पीएम और केंद्रीय मंत्री का जताया आभार, जानिए…

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सतत प्रयासों का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। केंद्रीय विद्युत मंत्रालय ने उत्तराखंड राज्य के लिए ₹547.83 करोड़ की महत्वपूर्ण धनराशि स्वीकृत की है। इस राशि का उपयोग ऋषिकेश में वितरण संरचना एवं भूमिगत केबलिंग कार्यों और राजधानी देहरादून में आधुनिक SCADA (Supervisory Control and Data Acquisition) प्रणाली विकसित करने में किया जाएगा। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से दोनों नगरों की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था न केवल और अधिक सुदृढ़ होगी, बल्कि उपभोक्ताओं को सुगम, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण बिजली भी प्राप्त होगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उक्त स्वीकृति के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल खट्टर का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड को लगातार केंद्र सरकार का भरपूर सहयोग मिल रहा है, जिससे राज्य की विकास गति को नई दिशा और ऊर्जा मिल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं से लाखों उपभोक्ताओं को प्रत्यक्ष लाभ होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में आधारभूत ढांचे को मजबूत बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर कार्य कर रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री के आग्रह पर केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने किच्छा क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित मांग को स्वीकृति प्रदान करते हुए महाराणा प्रताप चौक के समीप मुख्य रेलवे क्रासिंग पर अंडरपास निर्माण की दिशा में ठोस पहल की है। इस संबंध में उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्थलीय निरीक्षण कर शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

सीएम धामी जन्मदिवस पर आपदा प्रभावितों और आमजन की मदद में देंगे समय

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने निर्णय लिया है कि उनके जन्मदिवस 16 सितम्बर के अवसर पर किसी प्रकार का उत्सव या औपचारिक आयोजन नहीं होगा, बल्कि यह दिन सादगी और सेवा को समर्पित रहेगा। उन्होंने कहा कि जन्मदिवस जैसे अवसर को समाज और जरूरतमंदों की सेवा के लिए समर्पित करना ही सच्चा उत्सव है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वे इस दिन आपदा प्रभावितों और आमजन की मदद में समय देंगे। उन्होंने कहा कि राज्य के कई क्षेत्रों में आपदा से प्रभावित परिवार कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं और ऐसे में समाज का प्रत्येक वर्ग उनके सहयोग के लिए आगे आए। हर एक प्रयास पीड़ित परिवारों के लिए संबल और आशा का स्रोत बन सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण, शिक्षा सहयोग और आपदा राहत जैसे कार्य समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम बन सकते हैं। सेवा और त्याग की भावना ही उत्तराखंड की असली पहचान है और यदि हर नागरिक इसी सोच के साथ कार्य करे तो राज्य को हर क्षेत्र में मजबूती और नई ऊर्जा मिलेगी।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर दो दिन के भीतर दून अस्पताल में बढ़ी सुविधाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से दून अस्पताल में जनसुविधाएं बढ़ाने को लेकर दिए गए निर्देश के 48 घंटे के भीतर ही, अस्पताल परिसर में मरीजों और तीमारदारों के लिए सुविधाएं बढ़ा दी गई हैं। अब अस्पताल के वेटिंग एरिया में पंखे और मास्क की समुचित व्यवस्था कर दी गई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को राजकीय दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय का औचक निरीक्षण करते हुए, अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं और जन सुविधाओं का जायजा लिया था। मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के दौरान अस्पताल के वेटिंग एरिया में तीमारदारों के लिए पेयजल, पंखे एवं बैठने की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए थे कि अस्पताल परिसर में साफ-सफाई, नियमित सैनिटाइजेशन तथा रंग-रोगन की व्यवस्था की जाए। इसी क्रम में 48 घंटे से कम समय में अस्पताल में सीसीयू के बाहर वेटिंग एरिया में पंखे लगा दिए गए हैं, जिससे उमस गर्मी में तीमारदारों को भारी राहत मिली है। साथ ही वेटिंग एरिया में सेनेटाइजर और मास्क की भी समुचित व्यवस्था की गई है। अस्पताल परिसर की साफ सफाई में भी सुधार हुआ है। जिस पर तीमारदारों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया है। तीमारदारों का कहना है कि उन्हें कई बार वेटिंग एरिया में ही आराम करना पड़ता है, ऐसे में पंखे, साफ, सफाई और मास्क की समुचित व्यवस्था होने से सुविधा रहेगी। तीमारदारों ने कहा कि शनिवार को मुख्यमंत्री ने खुद उनसे अस्पताल की सुविधाओं पर फीडबैक लिया था, इसके 48 घंटे से कम समय में अस्पताल में सुविधाएं बढ़ गई हैं।

अस्पतालों में मरीजों के साथ तीमारदारों की सुविधाओं का भी ख्याल रखा जाना जरूरी है। कई बार तीमारदारों को अस्पताल में ही रात बितानी पड़ती है। इसलिए बुनियादी जनसुविधाएं होनी जरूरी है। प्रदेश के सभी अस्पतालों में जन सुविधाओं को बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री से सत्संग संस्था के सदस्यों ने की भेंट

आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सत्संग संस्था के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री आवास, देहरादून में भेंट की। इस अवसर पर संस्था की ओर से हाल ही में उत्तराखंड में आई प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोगों की सहायता के लिए एक करोड़ की धनराशि का चेक मुख्यमंत्री राहत कोष में भेंट किया गया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संस्था के इस सहयोग के लिए हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योगदान आपदा प्रभावित लोगों के पुनर्वास और सहायता कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि जब भी राज्य पर कोई संकट आता है, सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाएं सेवा और सहयोग की भावना से आगे बढ़कर कार्य करती हैं – यह उत्तराखंड की साझी संवेदना और सेवा संस्कृति का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में भारी वर्षा, भूस्खलन और बाढ़ जैसी आपदाओं के कारण जन-धन की हानि हुई है। राज्य सरकार राहत एवं पुनर्वास कार्यों को युद्ध स्तर पर संचालित कर रही है। ऐसे समय में समाज के प्रत्येक वर्ग और संस्थाओं का सहयोग अत्यंत आवश्यक और प्रेरणादायक है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार ऐसे सकारात्मक और सहयोगी प्रयासों का सदैव स्वागत करती है।

इस अवसर पर रितु कंडियाल सहित सत्संग के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

सोशल मीडिया एक्स पर सीएम धामी ने प्रधानमंत्री से जुड़ा संस्मरण किया साझा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़ा एक संस्मरण साझा किया है।

मुख्यमंत्री ने लिखा कि उन्हें प्रधानमंत्री मोदी की कार्यशैली को करीब से देखने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। हर मुलाकात से उन्हें अनुशासन, समर्पण और राष्ट्र प्रेम का नया पाठ सीखने को मिलता है।

अपने संस्मरण में उन्होंने वाराणसी का एक प्रसंग साझा किया, जब भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक देर रात 1 बजे समाप्त हुई थी। सभी थके हुए थे, लेकिन प्रधानमंत्री जी ने मुस्कुराते हुए कहा – “अभी एक ज़रूरी काम बाकी है।” उन्होंने बताया कि वे अपने संसदीय क्षेत्र में दिन में निरीक्षण से जनता को असुविधा नहीं देना चाहते, इसलिए रात में ही विकास कार्यों का निरीक्षण करते हैं।

मुख्यमंत्री ने लिखा कि प्रधानमंत्री रातभर सड़कों पर परियोजनाओं का जायज़ा लेते रहे और सुबह 9 बजे बैठक में पहले की तरह ऊर्जा और एकाग्रता के साथ उपस्थित हुए। इस अनुशासन और समर्पण ने सभी के हृदय पर गहरी छाप छोड़ी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का जीवन उदाहरण है कि सच्चा नेतृत्व उपदेश देने में नहीं, बल्कि स्वयं उदाहरण प्रस्तुत करने में है।

यूपीसीएल का मार्च 2027 तक का लक्ष्य अगस्त 2025 में ही पूरा, प्रदेश में 42,000 से अधिक सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापित

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हर घर को स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा से जोड़ने के संकल्प को साकार करते हुए, उत्तराखण्ड पावर कारपोरेशन लि० (यूपीसीएल) ने अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है।

ऊर्जा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा यूपीसीएल को मार्च 2027 तक 40,000 सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापित करने का लक्ष्य दिया गया था, किन्तु यूपीसीएल ने अपने अथक प्रयासों एवं उपभोक्ताओं के सहयोग से यह लक्ष्य समय से लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व ही अगस्त 2025 में पूरा कर लिया है। साथ ही प्रदेशभर में अब तक 42,000 से अधिक सोलर रूफटॉप संयंत्र सफलतापूर्वक स्थापित कर लिये गये हैं, जिनकी कुल उत्पादन क्षमता लगभग 156 मेगावाट है। यह उपलब्धि उत्तराखण्ड को हरित ऊर्जा उत्पादन और ऊर्जा आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करती है। इस अभियान के नोडल अधिकारी, श्री आशीष अरोड़ा, मुख्य अभियन्ता, यूपीसीएल थे।

प्रबंध निदेशक अनिल कुमार ने कहा कि यह उपलब्धि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रेरणादायी नेतृत्व और प्रमुख सचिव (ऊर्जा) के सतत् मार्गदर्शन का परिणाम है। प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना ‘पीएम सूर्य-घर मुफ्त बिजली’ को प्रदेश के घर-घर तक पहुँचाना हमारे लिये गर्व का विषय है। हमने जो लक्ष्य मार्च 2027 तक प्राप्त करना था, उसे अगस्त 2025 में ही पूरा कर लिया है जो यूपीसीएल परिवार की प्रतिबद्धता और उपभोक्ताओं के सहयोग का परिणाम है। भविष्य में भी हम इसी उत्साह से कार्य कर उत्तराखण्ड को हरित ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी बनाते रहेंगे।”

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विज़न ‘पीएम सूर्य-घर मुफ्त बिजली योजना’ के अंतर्गत उत्तराखण्ड ने जिस तरह डेढ़ वर्ष पहले ही लक्ष्य हासिल कर लिया है, वह हम सभी के लिए गर्व की बात है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि उत्तराखण्ड न केवल स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है, बल्कि आने वाले समय में ऊर्जा आत्मनिर्भरता और पर्यावरण संरक्षण में भी अग्रणी राज्य बनेगा। मैं यूपीसीएल परिवार, ऊर्जा विभाग और प्रदेशवासियों को इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए हृदय से बधाई देता हूँ। राज्य सरकार हर संभव सहयोग कर यह सुनिश्चित करेगी कि उत्तराखण्ड हरित ऊर्जा के क्षेत्र में देश को नई दिशा दे सके।”

सीएम धामी ने किया दून अस्पताल का निरीक्षण, मरीजों से सीधे संवाद कर जानी उनकी स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजकीय दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय का औचक निरीक्षण कर अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं, उपचार की गुणवत्ता तथा व्यवस्थाओं का गहन जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अस्पताल में उपचाररत विभिन्न मरीजों से भेंट कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली तथा उन्हें अस्पताल द्वारा प्रदान की जा रही चिकित्सीय सुविधाओं के बारे में पूछा। मरीजों और उनके परिजनों से संवाद के माध्यम से मुख्यमंत्री ने चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता को प्रत्यक्ष रूप से समझा तथा आवश्यक निर्देश भी दिए।

राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के क्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज राजकीय दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय के औचक निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर में मौजूद वेटिंग एरिया (प्रतीक्षालय) में तीमारदारों के लिए समुचित सुविधाएं उपलब्ध कराने के स्पष्ट निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने अस्पताल के वेटिंग रूम का जायजा लेते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि मरीजों के साथ आने वाले तीमारदारों को भी सुविधाजनक वातावरण मिले, इसके लिए पेयजल, पंखे एवं बैठने की पर्याप्त एवं सुव्यवस्थित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि तीमारदार अस्पताल की व्यवस्था का अहम हिस्सा होते हैं और उन्हें भी बेसिक सुविधाएं मिलनी चाहिए, जिससे वे मानसिक रूप से सहज रह सकें।

मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि अस्पताल परिसर में साफ-सफाई, नियमित सैनिटाइजेशन तथा रंग-रोगन की व्यवस्था तत्काल प्रभाव से कराई जाए। उन्होंने कहा कि अस्पताल न केवल चिकित्सा का स्थान है, बल्कि यह मानसिक और शारीरिक रूप से रोगियों एवं उनके परिजनों को संबल देने का स्थान भी है, अतः इसकी स्वच्छता, सौंदर्यीकरण एवं सुव्यवस्था अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने चिकित्सा अधिकारियों से कहा कि मरीजों के साथ-साथ उनके परिजनों की सुविधा और सम्मान भी राज्य सरकार की प्राथमिकता में है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि सरकारी अस्पतालों में आमजन को बेहतर सेवाएं मिलें, इसके लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ब्लड सैंपल कलेक्शन सेंटर भी पहुंचे
मुख्यमंत्री धामी ब्लड सैंपल कलेक्शन सेंटर भी पहुंचे, जहाँ उन्होंने सेंटर में कार्यरत ऑपरेटर से सैंपल संग्रहण की प्रक्रिया, उनकी रिकॉर्डिंग तथा प्रयोगशाला में होने वाली टेस्टिंग संबंधी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने सेंटर में उपयोग हो रही तकनीक एवं संसाधनों की कार्यकुशलता की सराहना की तथा इसकी निरंतर निगरानी के निर्देश दिए।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अस्पताल प्रशासन, चिकित्सा अधिकारियों एवं स्टाफ को निर्देश दिया कि मरीजों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना सर्वाेच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए संकल्पित है तथा इसके लिए सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता, संवेदनशीलता और त्वरित सेवा व्यवस्था सुनिश्चित होनी चाहिए ताकि आम जनमानस को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिल सके।

अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना हेल्प डेस्क का भी जायजा लिया
अटल आयुष्मान योजना का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचे
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज राजकीय दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय के निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर में स्थापित अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना हेल्प डेस्क का भी जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने हेल्प डेस्क पर तैनात कर्मचारियों से योजना की कार्यप्रणाली, लाभार्थियों को दी जा रही सहायता, कार्ड बनाने की प्रक्रिया, मरीजों के क्लेम की स्थिति तथा जनसामान्य को प्रदान की जा रही सुविधा संबंधी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने मौके पर उपस्थित लाभार्थियों से भी बातचीत कर उनके अनुभव सुने तथा हेल्प डेस्क की कार्यक्षमता की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अटल आयुष्मान योजना का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचे, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि हेल्प डेस्क पर आने वाले हर व्यक्ति को सरल, स्पष्ट और त्वरित जानकारी मिलनी चाहिए, जिससे उन्हें योजना से जुड़ने और लाभ प्राप्त करने में कोई असुविधा न हो।

मुख्यमंत्री धामी ने यह भी कहा कि राज्य सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना गरीब एवं जरूरतमंद मरीजों के लिए संजीवनी के समान है और इसकी प्रभावी क्रियान्वयन व्यवस्था के लिए सभी संबंधित विभागों को सजग एवं सक्रिय रहना होगा।

निरीक्षण के दौरान अपर सचिव बंशीधर तिवारी, चिकित्सा अधीक्षक, वरिष्ठ चिकित्सकगण, प्रशासनिक अधिकारीगण एवं स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।

न्यायालय निर्णयः चेक बाउंस का आरोपी हुआ बरी

न्यायिक मजिस्ट्रेट ऋषिकेश की अदालत ने चेक बाउंस मामले में परिवादी द्वारा वित्तीय क्षमता का साक्ष्य प्रस्तुत न कर पाने पर आरोपी को दोषमुक्त किया है। मामला वर्ष 2014 का है, इस मामले में आरोपी के वरिष्ठ अधिवक्ता संजीव पांडेय ने ठोस पैरवी की।

दरअसल, भट्ट कॉलोनी श्यामपुर निवासी अमित ने न्यायालय में दाखिल अपने वाद में बताया था कि खैरीखुर्द श्यामपुर निवासी देवेंद्र प्रसाद डोण्डियाल नामक व्यक्ति को उन्होंने वर्ष 2014 में 20 लाख रूपये उधार दिये थे। बताया था कि देवेंद्र सिंह सेे उनकी वर्ष 2010 से जान पहचान है। उन्होंने दायर वाद में यह भी बताया था कि वर्ष 2018 में जब आरोपी से अपने दिए हुए रूपये वापस मांगे तो आरोपी ने दो अलग-अलग चेक उन्हें दिए जो बाउंस हो गए।

न्यायालय में आरोपी देवेंद्र प्रसाद डोण्डियाल के बयान हुए तो उन्होंने बताया कि वादी के साथ वह पार्टनरशिप में काम करते हैं। उनकी ओर से वादी को कोई चेक नहीं दिए गए। इसके विपरित वादी ने उनकी कार में पूर्व से ही हस्ताक्षर कर रखी हुई चेक बुक में से चेक निकालकर दुरूपयोग किया गया है।

आरोपी के वरिष्ठ अधिवक्ता संजीव पांडेय ने मामले में ठोस पैरवी करते हुए न्यायालय में न्यायधीश के समक्ष वादी से जिरह की और वादी की वित्तीय क्षमता पर प्रश्न पूछा। जिस पर न्यायालय को मालूम हुआ कि वादी ने वर्ष 2011 में 12वीं की परीक्षा पास की हैं तथा 2013 में पॉलिटेक्निक में एडमिशन लिया जिसे वर्ष 2015 में पूर्ण किया गया तथा वादी ने अपना व्यापार वर्ष 2017 से शुरू किया।

अधिवक्ता संजीव पांडेय ने न्यायालय को बताया कि जब वादी ने अपना व्यापार ही वर्ष 2017 से शुरू किया तो वर्ष 2014 में वादी द्वारा आरोपी को 20 लाख रूपये देना कैसे संभव है। न्यायालय ने अधिवक्ता के प्रश्न पर वादी से वित्तीय क्षमता जानी जिस पर वादी कोई साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत न कर सका। साथ ही वादी कोर्ट में अपनी आय का माध्यम बताने में भी असफल रहा।

न्यायिक मजिस्ट्रेट अभिषेक कुमार मिश्र की अदालत ने यह पाया कि वादी और आरोपी के मध्य कोई देनलेन नहीं हुआ है। इसके आधार पर न्यायालय ने आरोपी देवेंद्र प्रसाद डोण्डियाल को दोषमुक्त करार दिया।