निशंक के नामांकन में दिग्गजों ने दर्ज कराई उपस्थिति

रविन्द्र बेलवाल। भाजपा से पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने हरिद्वार लोकसभा सीट से बतौर भाजपा उम्मीदवार अपना नामांकन कराया। उनके साथ मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक, वित्त मंत्री प्रकाश पंत आदि भाजपा के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
नामांकन के बाद भाजपा प्रत्याशी डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने प्रेम नगर आश्रम में आयोजित जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि इस बार लोकसभा चुनाव विकास के मुद्दों पर लड़ा जा रहा है। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेसी नेता भारत में रहते हैं लेकिन ना जाने किस के इशारों पर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक की लेकिन विपक्ष के लोगों ने सेना के शौर्य पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की ऐसी हालत हो गई है कि हरिद्वार लोकसभा से चुनाव लड़ने के लिए कोई भी तैयार नहीं हो रहा था। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने हर वर्ग और समाज के लोगों को लाभ देने का कार्य किया है।
वहीं जनसभा को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी संबोधित किया।उन्होंने कहा कि इस बार का लोकसभा चुनाव राष्ट्र की मजबूती और नए भारत के लिए हो रहा है।जो काम देश में 55 सालों में नहीं हुआ और भाजपा सरकार ने महज 5 वर्षों में करके दिखाया है। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में वर्ष 2022 तक देश का एक भी व्यक्ति लेकर नहीं रहेगा।
जनसभा को कैबिनेट मंत्री प्रकाश पंत और मदन कौशिक ने भी संबोधित किया। उन्होंने संयुक्त रूप से कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री निशंक के नेतृत्व में हरिद्वार लोकसभा का चौमुखी विकास हुआ है। निशंक एक सक्रिय राजनेता है जो समय-समय पर जनता की आवाज संसद में उठाते हैं। उन्होंने हरिद्वार लोक सभा की जनता से निशंक को भारी मतों से जिताने की अपील भी की।

डॉ निशंक का चुनावी शंखनाद, कार्यकर्ताओं ने किया गर्मजोशी के साथ स्वागत

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं हरिद्वार लोकसभा से निवर्तमान सांसद डॉ रमेश पोखरियाल निशंक को एक बार फिर से भारतीय जनता पार्टी ने हरिद्वार लोकसभा से अपना प्रत्याशी बनाया है। आज उत्तराखंड बॉर्डर पर पहुंचने पर नारसन से हरिद्वार तक लोकसभा प्रत्याशी डॉक्टर निशंक ने रोड शो किया, जिसमें पूरी लोकसभा से हजारों की संख्या में कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। एक बार ऐसा लगा जैसे जीत के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अपना विजयी जुलूस निकाल रहे हो। अत्यधिक भीड़ देखकर डॉ निशंक का जोश भी देखने लायक था। उन्होंने टिकट मिलने पर भाजपा हाईकमान और कार्यकर्ताओं का धन्यवाद दिया। कहा कि उन्होंने हमेशा विकास कार्यों को आगे बढ़ाया है और उनका प्रयास रहेगा हरिद्वार लोकसभा देश की सर्वश्रेष्ठ लोकसभा बने। इस दौरान डा. निशंक ने हर एक कार्यकर्ता से जो उनके स्वागत के लिए वहां आया हुआ था मुलाकात की। सभी कार्यकर्ताओ से हाथ मिलाया और सबका अभिवादन किया।
गौरतलब है कि डॉ निशंक उत्तराखंड के बड़े भाजपा नेताओं में गिने जाते हैं। मुख्यमंत्री के कार्यकाल में उन्हें सत्ता पक्ष ही नहीं विपक्ष के लोग भी काफी पसंद करते थे। उनके बारे में कहा जाता है कि डॉ निशंक क्षेत्रवाद और जातिवाद की राजनीति नहीं करते हैं। यही कारण है कि आज उनके स्वागत के लिए हरिद्वार लोकसभा से कार्यकर्ताओं का हुजूम उमड़ पड़ा। शाम होते उन्होंने हर की पैड़ी में गंगा आरती कर मां गंगा का आशीर्वाद लिया और अपने चुनावी अभियान का श्रीगणेश किया। डा निशक के सोशल मीडिया प्रभारी रविंद्र बेलवाल ने बताया कि आज की भीड़ ने साबित कर दिया है कि डॉ निशंक की जीत ऐतिहासिक होगी।
गौरतलब है कि वर्तमान मुख्यमंत्री के विरोध के बावजूद भी हाईकमान ने डॉ निशंक पर ही भरोसा किया है इसके पीछे हरिद्वार लोकसभा के अधिकतम विधायकों के द्वारा उनके पक्ष में लाबिंग करना और डॉ निशंक के मुकाबले कोई दमदार चेहरा ना मिलना बताया जा रहा है।

हरिद्वार लोक सभा से भाजपा का टिकट किसका ?

सर्वे द्वारा हरिद्वार लोक सभा के लिए भाजपा मैं टिकट की पहली पसंद जानने के लिए सर्वे किया गया।

सर्वे मैं भाजपा कार्यकर्ताओं को सम्मिलित किया गया।
सर्वे के नतीजे मिलते जुलते ही रहे। भाजपा कार्यकर्ताओं ने वर्तमान सांसद निःशंख और नरेश बंसल पे जोर दिया है। दोनों के बीच कांटे की टक्कर है। बंसल को 3.5 फीसदी वोट ज्यादा मिले हैं और वह भाजपा कार्यकर्ताओं की पहली पसंद लग रहें हैं।

नरेंद्र सिंह तीसरे स्थान पर रहते हुए मात्रा 12 फीसदी लोगो की पसंद बने हैं।

सर्वे के परिणाम कुछ इस तरह से हैं।

नरेश बंसल : 43.5 %

निःशंख : 40 %

नरेंद्र सिंह : 12%

कोई भी नहीं : 5.5 %

अब जब की संसदीय बोर्ड का फैसला जल्द ही आने वाला है। देखना होगा की संसदीय बोर्ड किसके टिकट पर मोहर लगता है। अगर कराये गए देखा जय तो हम यही कहेंगे की हो सकता है इस बार हरिद्वार का चोकीदार नरेश बंसल ही हौं।

हरिद्वार लोकसभा मैं सैंकड़ो कोंग्रेसियों ने थामा बीजेपी का साथ, नरेश बंसल ने दिलाई सदस्यता।

आज बड़ेडी राजपूतान( हरिद्वार) अल्पसंख्यक मोर्चा के कार्यक्रम में राव इंतजार जो कि कांग्रेस पार्टी छोड़ कर आय है के नेतृत्व में सैकड़ों अल्पसंख्यक समाज के लोगों को भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कराई।

कल्याणकारी योजनाएं चलाने के लिए मुख्यमंत्री का किया सम्मान

जनपद हरिद्वार में इकबालपुर नहर की स्वीकृति के साथ ही किसानों के हित में लिए गए विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने के लिए रुड़की, बहादराबाद व भगवानपुर के किसानों द्वारा मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित जनता मिलन हॉल में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा किसानों के हित में अनेक निर्णय लिए गए हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत साल में 6 हजार रूपये प्रदान किए जा रहे हैं इससे देश के 12 करोड़ किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है। इस योजना में उत्तराखंड के सात लाख किसानों को लाभ होगा। इस योजना में सालाना 75 हजार करोड़ रूपए व्यय होंगे। यह सतत मिलने वाली सहायता होगी इससे किसान खाद एवं बीज आदि की तत्कालीन व्यवस्था करा सकेंगे। उन्होंने कहा कि किसानों के हित में स्वामिनाथन रिपोर्ट को सरकार ने लागू कर फसलों के समर्थन मूल्य में डेढ़ गुना वृद्धि की है। किसानों की आय दोगुनी करने के भरसक प्रयास हो रहे हैं पहली बार 22 फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य लागत से डेढ़ गुना बढ़ाया गया। किसानों के लिए नीम कोटेड यूरिया उपलब्ध करवाया मिट्टी की उर्वरता के लिए सॉइल हेल्थ कार्ड जारी किए फसलों के खराब होने की दशा में फसल बीमा योजना से किसानों के नुकसान की भरपाई हो रही है।किसानों को फार्म मशीनरी बैंक द्वारा कृषि उपकरणों पर 80 प्रतिशत तक छूट दी जा रही है। किसानों से अनाज की पारदर्शी ऑनलाइन खरीद हो रही है गन्ना किसानों के बकाया का 100 प्रतिशत भुगतान किया गया है। निजी चीनी मिलों को गन्ना किसानों के भुगतान हेतु साॅफ्ट लोन की व्यवस्था की गयी है, गन्ना किसानों को 4 रूपये प्रति कुन्तल की भी सहायता दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार में इकबालपुर नहर का प्रस्ताव उत्तराखण्ड व उ0प्र0 द्वारा संयुक्त रूप से तैयार कर भारत सरकार को सौंपा गया। 1100 करोड़ की इस योजना को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। इसमें दोनो प्रदेश 550-550 करोड़ की धनराशि का व्यय वहन करेंगे तथा इससे इस क्षेत्र की खेती को पर्याप्त सिंचाई हेतु पानी की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1840 रूपए प्रति क्विंटल है। राज्य सरकार इसके अतिरिक्त प्रदेश के किसानों को उनके व्यापक हित में गेहूं पर 20 रूपए प्रति क्विंटल अतिरिक्त बोनस की राशि प्रदान करेगी।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि वर्तमान में श्रमिकों में 90 प्रतिशत से अधिक असगंठित क्षेत्र में हैं। इन श्रमिकों की प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने सुध ली है। ऐसे श्रमिक जिनकी उम्र 18 से 40 साल के बीच है और मासिक कमाई 15,000 रुपये से कम है, वो सभी इस योजना से जुड़ सकते हैं। सभी कामगार जो घरों में सेवक के रूप में काम कर रहे हैं, कबाड़ से आजीविका कमाते हैं, खेत में मजदूरी कर रहे हैं, सड़कों व घरों के निर्माण में लगेे हैं, रेहड़ी व ठेले चलाते हैं, बुनकर हैं ऐसे कामों से जुड़े सभी कामगार योजना में शामिल हो सकते है। इस योजना के तहत कामगारों को 60 साल की उम्र के बाद हर महीने 3000 रुपए की मासिक पेेंशन दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना में हम किसानों को बिना ब्याज के एक लाख रूपए तक के रेट दे रहे हैं ताकि इनकी इनपुट कॉस्ट कम की जा सके। एग्रो प्रोसेसिंग के लिए कृषक समूह को बिना ब्याज के पांच लाख तक का ऋण दिया जा रहा है। केंद्र सरकार द्वारा उत्तराखंड के लिए 3340 करोड रुपए किस राज्य समेकित सहकारिता विकास परियोजना शुरू की गई है जिसमें कृषि बागवानी पशुपालन सहकारिता में 55 हजार से ज्यादा लोगों को रोजगार से जुड़ा जा सकेगा। पहाड़ी क्षेत्र में बंजर भूमि के उपयोग और इसे फिर से उपजाऊ बनाने के लिए संगत खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है वातावरण के हिसाब से फसल विशेष के क्षेत्रवार कलस्टर तैयार किए जा रहे हैं पशुपालन दुग्ध उत्पादन मत्स्य पालन बागवानी जैसे कार्यों को भी प्रोत्साहन मिल रहा है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के तकनिकी सलाहकार नरेन्द्र सिंह सहित बड़ी संख्या में क्षेत्र के किसान उपस्थित थे।

उत्तराखंड में मुख्यमंत्री ने लांच की प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना

प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना का उत्तराखण्ड में भी शुभारम्भ कर दिया गया है। सीएम आवास में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल बेबी रानी मौर्य, मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत व श्रम मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने 15 श्रमिकों को कार्ड वितरित किए। अहमदाबाद में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस योजना का शुभारम्भ किया। यहां उत्तराखण्ड के दो श्रमिक अरूण कुमार व मनोज, सम्मानित होने वाले श्रमिकों में शामिल थे।
असंठित कामगारों के लिए पेंशन योजना ‘‘प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना’’ के राज्य स्तर पर शुभारम्भ के अवसर पर राज्यपाल श्रीमती बेबी रानी मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने गरीबों की सुध लेते हुए इस योजना की शुरूआत की है। हम सभी में गरीबों की परवाह करने की भावना होनी चाहिए। मजदूर कड़ी मेहनत करते हैं। जब 60 वर्ष की उम्र हो जाती है तो शरीर साथ नहीं देता है। कई बार ऐसा भी होता है कि संतान अपने बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल नहीं करते हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना से मिलने वाली पेंशन बहुत बड़ा सहारा होगी। इस योजना की अधिक से अधिक श्रमिकों को जानकारी देनी चाहिए।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि स्वामी विवेकानंद, पं. दीनदयाल उपाध्याय, गुरू माधव सदाशिव गोलवलकर जी ने कहा था कि दरिद्र नारायण में भगवान रहते हैं। विकास की पंक्ति में सबसे नीचे खड़े व्यक्ति को ऊपर उठाना ही जीवन की सबसे बड़ी सिद्धी है। श्रमिकों में 90 प्रतिशत से अधिक असगंठित क्षेत्र में हैं। ऐसे मजदूरों की प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने सुध ली है। उन्होंने हमेशा गरीबों, किसानों व मजदूरों के हित की बात की है। आयुष्मान भारत, किसान सम्मान निधि, हर घर में शौचालय, जनधन योजना, आवास योजना ऐसी योजनाएं हैं जो गरीबों को सीधा फायदा पहुंचाती हैं। ये सतत चलता रहेगा। प्रधानमंत्री ने जिस नए भारत का सपना देखा है, वह तभी पूरा हो सकता है जब समाज का हर व्यक्ति मजबूत हों। ये सभी योजनाएं गरीबों को मजबूत करती हैं।

श्रम मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि वे गरीबों के लिए बड़े काम करना चाहते हैं। उन्होंने अपने इस संकल्प को पूरा किया है। अटल जी ने भी कहा है कि छोटे मन से कोई बड़ा नहीं होता है, टूटे मन से कोई खड़ा नहीं होता है। प्रधानमंत्री जी ने बड़ा मन दिखाया है।
प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना में असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों और मजदूरों के लिए पेंशन का प्रावधान किया गया है। इस योजना के तहत 60 वर्ष की आयु के बाद असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को 3000 रुपये की मासिक पेंशन प्रदान करने का प्रावधान है। इस योजना में शामिल होने के लिए श्रमिकों को अपना पंजीकरण कराना होगा।
ऐसे श्रमिक जिनकी उम्र 18 से 40 साल के बीच है और मासिक कमाई 15,000 रुपये से कम है, वो सभी इस योजना से जुड़ सकते हैं। सभी कामगार जो घरों में सेवक के रूप में काम कर रहे हैं, कबाड़ से आजीविका कमाते हैं, खेत में मजदूरी कर रहे हैं, सड़कों व घरों के निर्माण में लगेे हैं, रेहड़ी व ठेले चलाते हैं, बुनकर हैं ऐसे कामों से जुड़े सभी कामगार योजना में शामिल हो सकते है। इस योजना के तहत कामगारों को 60 साल की उम्र के बाद हर महीने 3000 रुपए की मासिक पेेंशन दी जाएगी। यदि कोई लाभार्थी 18 साल की उम्र में इस योजना से जुड़ता है तो उसे 55 रुपये मासिक प्रीमियम के तौर पर देना होगा। 29 साल की उम्र में 100 रुपये जबकि 40 साल की उम्र में जुड़ने वालों को 200 रुपये का मासिक अंशदान करना होगा। श्रमिक के बराबर राशि का अंशदान केंद्र सरकार द्वारा भी किया जाएगा।
कार्यक्रम में विधायक सुरेश राठौड़, सचिव हरबंस चुघ सहित अन्य विभागीय अधिकारी व असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिक मौजूद थे।

देहरादून को मिली एक और सौगात, अजबपुर में रेलवे ओवरब्रिज का मुख्यमंत्री ने किया उद्घाटन

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सोमवार को राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 72 पर 4-लेन अजबपुर रेलवे ओवरब्रिज का उद्घाटन किया। इसकी लम्बाई 815 मीटर व चौड़ाई 19 मीटर है। मुख्यमंत्री ने समय से पूर्व काम पूरा करने के लिए विभागीय अधिकारियों व कार्यदायी संस्था को बधाई देते हुए कहा कि इसी तरह की तेजी अन्य विकास कार्यों में भी देखने को मिल रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रेसकोर्स-भण्डारीबाग फ्लाईओवर को भी मंजूरी दे दी गई है। पिछले दो वर्षों में अनेक प्रोजेक्ट पूरे किए गए हैं। राज्य में सड़कों के निर्माण के लिए 15 हजार से ज्यादा शासनादेश किए जा चुके हैं। ये सड़कें अगले वर्ष बनकर तैयार हो जाएंगी। ग्रामीण सड़कों में भी अच्छी प्रगति हुई है। इसके लिए भारत सरकार से अवार्ड भी मिला है।
उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश है कि विकास का लाभ दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचे। शिक्षा व स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया गया है। स्कूलों में एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू किया है। मेडिकल कालेजों में असिस्टेंट प्रोफेसरो की नियुक्ति की गई है। इसी प्रकार उच्च शिक्षा में भी प्रवक्ताओं की भर्ती प्रक्रिया चल रही है। डोईवाला में सिपेट में छात्रों को सौ प्रतिशत प्लेसमेंट की गारंटी है। यहां नेशनल लाॅ यूनिवर्सिटी शुरू की जाएगी। इसका शिलान्यास किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन मे हाई एंड टूरिस्ट पर फोकस किया जा रहा है। इससे राजस्व बढता है और राज्य के युवाओं को रोजगार मिलता है। पिछले एक वर्ष में 6 लाख पर्यटक अधिक आए हैं। हाल ही में हुए टिहरी महोत्सव में 24 देशों से लोग आए। उत्तराखंड फिल्म शूटिंग का डेस्टिनेशन बन रहा है। इससे लोकल अर्थव्यवस्था को बल मिलता है। माणा में भी फिल्म शूटिंग हो रही है।
उन्होंने कहा कि कि पुलवामा के बाद भारतीय वायुसेना की एयरस्ट्राईक से यह संदेश गया है कि भारत आतंकवाद को समाप्त करने के लिए कुछ भी कर सकता है। मिग विमान से एफ 16 को नष्ट करना बहुत बङी बात है। अब यह साफ हो गया है कि हम दुश्मन को मारेंगे और मारकर वापस लौटेंगे। हमारी सेना की ये ताकत पहले भी थी और हमेशा रहेगी। जरूरत थी राजनीतिक निर्णय की जो कि हमारे प्रधानमंत्री जी ने लिया।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर पीएमजीएसवाई के तहत रायपुर में सौड़ा समोली से अखण्डवाली भिलंग मार्ग लागत 4 करोड़ 63 लाख रूपये का शिलान्यास किया। उन्होंने रायपुर में ही विभिन्न रपटों पर 4 करोङ 31 लाख रूपये की लागत से बने बाक्स कुल्वर्ट का लोकार्पण किया। रायपुर के नालापानी राव नदी पर ननूरखेङा व मंगलूवाला को जोङने हेतु 2 करोड़ 19 लाख रूपये की लागत से बने आरसीसी पुल का भी लोकार्पण किया गया।
इस अवसर पर सांसद माला राजलक्ष्मी शाह, विधायक उमेश शर्मा काउ, हरबंस कपूर, मेयर सुनील उनियाल गामा, अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी व स्थानीय लोग उपस्थित थे।

देश की 22 वी नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी का मुख्यमंत्री ने रानीपोखरी में शिलान्यास किया

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शनिवार को रानीपोखरी में केन्द्रीय लाॅ यूनिवर्सिटी का शिलान्यास किया। यह देश की 22वीं केन्द्रीय यूनिवर्सिटी होगी। यह युनिवर्सिटी 26 करोड़ की लागत से बनेगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 73 करोड़ रूपये की योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया। जिसमें से 68 करोड़ रूपये की योजनाओं का लोकार्पण तथा 5 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास कार्य शामिल हैं। इनमें मुख्यमंत्री की घोषणा के अन्तर्गत निर्मित सड़को के साथ ही क्षेत्र की विभिन्न आन्तरिक व मुख्य सड़को का निर्माण शामिल है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय सड़क निधि के तहत 49.25 करोड़ के कार्यों का शिलान्यास भी किया। जिसमें डोईवाला के अन्तर्गत थानो भोगपुर मोटर मार्ग 240 मी0 स्पान आरसीसी प्रिस्ट्रेस्ड सेतु लागत रू0 19.22 करोड़, ऋषिकेश के अन्तर्गत चाण्डी प्लान्टेशन मोटर मार्ग का निर्माण लागत 13.74 करोड़ तथा देहरादून-रानीपोखरी मोटरमार्ग पर रानीपोखरी में 252 मी0 आर.सी.सी. सेतु निर्माण लागत 16.29 करोड़ शामिल है।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि रानीपोखरी में स्थापित होने वाली यह देश की 22वीं नेशनल लाॅ यूनिवर्सिटी होगी। जो उत्तराखंड के लिए यह गर्व की बात है। यह उत्तराखंड के प्रति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विशेष लगाव का नतीजा है कि आज प्रदेश उत्तराखंड को लॉ यूनिवर्सिटी का तोहफा मिला है। उन्होंने कहा कि इस यूनिवर्सिटी के खुलने से प्रदेश में उच्च शिक्षा को नए आयाम मिलेंगे, तथा इसमें प्रदेश के साथ ही देश भर के प्रतिभावान छात्र-छात्राएं पढ़ने के लिए आएंगे। उन्होंने कहा कि जब कोई भी बड़ा संस्थान किसी स्थान पर खुलता है तो उसके कई मायनों में फायदा होता है। इस लॉ यूनिवर्सिटी से न केवल शिक्षा के क्षेत्र में युवाओं को अवसर मिलेंगे बल्कि स्थानीय लोगों की आर्थिकी भी सुधरेगी और रोजगार मिलेगा। हमारे युवा भी यूनिवर्सिटी में विभिन्न पदों पर रोजगार से जुड़ेंगे। इस तरह के प्रयास लोकल इकोनॉमी को भी मजबूत बनाते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे पास आई.आई.टी., आई.आई.एम. और एम्स जैसे संस्थान पहले से मौजूद थे, इसके बावजूद उत्तराखंड को एजुकेशन हब बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विशेष सहयोग दिया है। पिछले 23 महीने में डोईवाला क्षेत्र में 2 राष्ट्रीय स्तर के संस्थान खुले हैं। डोईवाला में 2017 में सीपैट का उद्घाटन किया गया था। वहां पर सीपैट में कक्षाएं चल रही हैं, वहां पढ़ने वाले बच्चों को सौ फीसदी प्लेसमेंट मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दिनों मोदी ने वीडिओ कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए किच्छा व लालढांग में दो नए मॉडल डिग्री कॉलेजों व पौड़ी के पैठाणी में प्रदेश के पहले वोकेशनल कॉलेज का शिलान्यास किया है। इन संस्थानों के लिए बजट भी स्वीकृत किया जा चुका है। ये तमाम कोशिशें प्रदेश के लिए न केवल रोजगारपरक शिक्षा में मील का पत्थर साबित होगी। बल्कि उत्तराखंड को उच्च शिक्षा का हब बनाने में भी मददगार होंगी, ऋषिकेष में शीघ्र ही कन्वेंसन सेन्टर की स्थापना की जायेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रयासरत है। विभिनन रोजगारपरक नीतियों और योजनाओं के माध्यम से हमने हर स्तर पर रोजगार सृजन के प्रयास किए हैं। पिछले दिनों प्रधानमंत्री जी ने राज्य समेकित सहकारी विकास परियोजना की शुरुआत की है। जिससे प्रदेश के लगभग 55 हजार युवा रोजगार से जुड़ सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पर्यटन के क्षेत्र में सबसे ज्यादा रोजगार सृजित करने के प्रयास किये जा रहे हैं। हजारों लोग टूरिज्म और एडवेंचर टूरिज्म में रोजगार से जुड़ रहे हैं, होमस्टे शुरू करने के लिए युवाओं का आकर्षण बढ़ रहा है। प्रदेश में पर्यटन से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों एवं कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में देश विदेश की प्रतिभागी भी हिस्सा ले रहे हैं। जो राज्य के पर्यटन के लिये शुभ संकेत है। हमारा प्रयास हर न्यायपंचायत स्तर पर वहां के स्थानीय संसाधनों के आधार पर एक लोकल इकोनॉमी स्थापित करना है। जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध हों, इसके लिए ग्रोथ सेंटर योजना पर कार्य किया जा रहा है। पिरूल नीति से डेढ़ लाख महिलाओं को रोजगार से जोड़ा जा रहा है। 16 हजार से ज्यादा लोगों को पिछले दो साल में एम.एस.एम.ई. नीति के तहत रोजगार मिला है।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि पिछले 2 वर्षों में राज्य सरकार ने प्रदेश के विकास के लिए कई अहम फैसले लिए। स्वास्थ्य, पेयजल, रोजगार, पलायन आदि क्षेत्रों में विशेष बल दिया।
अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना- प्रदेश के सभी परिवारों को अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना से जोड़ा जा रहा है। 25 दिसम्बर को प्रदेश में इस योजना के शुभारम्भ से अभी तक 10 हजार से अधिक लोगों का ईलाज हो चुका है। जबकि 23 लाख 50 हजार लोगों के गोल्डन कार्ड बन चुके हैं। सभी परिवारों के प्रत्येक व्यक्ति को यह गोल्डन कार्ड दिया जा रहा है। इस योजना के तहत प्रत्येक परिवार को 5 लाख रूपये तक का निःशुल्क ईलाज की सुविधा दी जा रही है।
वीरभूमि उत्तराखण्ड में एक भव्य शौर्य स्थल बनाया जायेगा। इसके लिए बजट में प्राविधान किया जा चुका है। शौर्य स्थल के लिए जल्द भूमि का चयन किया जायेगा। शौर्य स्थल बनाने के लिए एक कमेटी बनाई जायेगी, जिसमें सेना के लोगों को भी शामिल किया जायेगा।

उत्तराखण्ड में जल्द ही साइंस सिटी बनाई जायेगी। साइंस सिटी बनाने के लिए केन्द्र से स्वीकृति मिल चुकी है। साइंस सिटी के लिए सुद्धोवाला में 26 एकड भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है। इससे बच्चो को विज्ञान के आधुनिक तौर-तरीको की जानकारी के साथ ही अन्वेषण करने का मौका मिलेगा।
इस अवसर पर सांसद डाॅ. रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि रानीपोखरी में बनने वाला यह राष्ट्रीय लाॅ विश्वविद्यालय उत्तराखण्ड की पहचान बनेगी। उत्तराखण्ड शिक्षा का पहले से ही हब है, देश व दुनिया के बड़ी संख्या में छात्र उत्तराखण्ड में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डाॅ.धन सिंह रावत ने कहा कि डोईवाला की जनता का सौभाग्य है कि 23 माह में 2 राष्ट्रीय स्तर के संस्थान यहां बने हैं। सीपेट और लाॅ विश्वविद्यालय दोनों ही भविष्य में प्रदेश में रोजगार की मजबूत नीव रखेंगे। पिछले 23 माह में प्रदेश के लगभग चार लाख युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिला है। उन्होंने कहा कि 7 मार्च से आंगनबाड़ी केन्द्रों में पढ़ने वाले 3 लाख बच्चों को पौष्टिक आहार के रूप में सप्ताह में दो दिन आॅचल का दूध उपलब्ध कराया जायेगा।

राज्य सरकार ने सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की संख्या बढ़ाकर 2100 की: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने हल्द्वानी में मेडिकल काॅलेज प्रांगण में रू.197 करोड़ 50 लाख की लागत की 42 विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण तथा शिलान्यास किया। इसमें रू.148 करोड़ 65 लाख की 22 योजनाओं का शिलान्यास तथा 48 करोड़ 85 लाख की 20 योजनाओं का लोकार्पण सम्मिलित है।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि प्रदेश के दूर-दराज के क्षेत्रों तक विकास की किरणें पहुॅचे, इसके लिए प्रदेश सरकार पूरी दृढ़ शक्ति के साथ प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि करोड़ों की लागत के विकास कार्य प्रदेश के सभी जनपदों में गतिमान हैं। उन्होंने कहा कि विकास के साथ ही जन-जन तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुॅचाना सरकार की प्राथमिकताओं में है। प्रदेश के हर गरीब व आम व्यक्ति को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिले, इसके लिए प्रदेश में अटल आयुष्मान योजना संचालित की गई है, जिसके तहत प्रदेश में शतप्रतिशत लोगों के गोल्डन कार्ड बनाने का कार्य युद्ध स्तर पर गतिमान है। इस योजना के तहत रू.5 लाख तक की निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं लोगों को दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के लिए सरकार ने प्रभावी कदम उठाएं हैं। दो वर्ष पहले जहां महज 1034 चिकित्सक ही सरकारी अस्पतालों में कार्यरत थें, जो आज उनकी संख्या बढ़कर 2100 हो गयी है। मेडिकल काॅलेज के छात्र-छात्राओं से कहा कि मानवीय सेवा महान गुण है। मेडिकल छात्र पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं पहुॅचाने में सरकार के मिशन में सच्ची भावना से शामिल हों। उन्होंने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य हमारे प्रदेश की दो महत्वपूर्ण चुनौतियाॅ हैं। तकनीकि के जरिये आम आदमी की मुश्किलों को आसान करने के लिए राज्य के 43 अस्पतालों में आॅन लाईन रजिस्ट्रेशन शुरू किया गया है। टेली रेडियोलोजी के माध्यम से सुदूरवर्ती 35 मेडिकल सेन्टरों में एक्स-रे, सीटी स्कैन तथा मैमोग्राफी की सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओं अभियान के तहत बालिकाओं को जन्म देने वाली माताओं को वैष्णवी किट प्रदान की जा रही है। स्पर्श योजना के तहत बहुत ही कम मूल्य पर बालिकाओं को सैनेट्री नैपकिन उपलब्ध कराये जा रहे है। उन्होंने कहा कि नैनीताल जिले में वर्ष 2007 में निर्मित मालधनचैड़ राजकीय चिकित्सालय में पद सृजित करते हुए चिकित्सकों की तैनाती कर दी गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले सत्र से राजकीय मेडिकल काॅलेज अल्मोड़ा विधिवत रूप से अपना कार्य प्रारंभ कर देगा, कुमाऊॅ मण्डल के पर्वतीय क्षेत्र के इस मेडिकल काॅलेज के लिए बजट की व्यवस्था कर दी गई है। उन्होंने कहा कि राजकीय मेडिकल काॅलेज हल्द्वानी में एमबीबीएस की सीटों की संख्या 100 से बढ़ाकर 150 कर दी गई है।
इस अवसर पर सांसद भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि प्रदेश में सरकार द्वारा लागू की गयी योजनाओं को लेकर जनमानस में काफी उत्साह है। योजनाओं का लाभ गरीब लोगों के साथ ही आम जनमानस को मिल रहा है। विकास हमारी परम्परा एवं संस्कृति है। इस उद्देश्य को लेकर सरकार हर पल विकास के कार्यों को धरातल पर उतारने के लिए पूरी तत्परता से कार्य कर रही है।
इस अवसर पर प्रदेश के उच्च शिक्षा एवं सहकारिता राज्य मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत, विधायक बंशीधर भगत, नवीन दुम्का, संजीव आर्य, महेश नेगी, राम सिंह कैडा, मेयर डाॅ. जोगेन्द्र पाल सिंह रौतेला, ब्लाॅक प्रमुख आनन्द सिंह दरम्वाल, अध्यक्ष मण्डी समिति गजराज सिंह बिष्ट, जिलाध्यक्ष प्रदीप बिष्ट आदि मौजूद थे।

उत्तराखंड में 9 लाख से अधिक किसानों को मिलेगा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का डिजिटल शुभारम्भ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गोरखपुर से किया। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर 11 किसानों को किसान सम्मान निधि की सहायता राशि व 3 किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड दिये। प्रधानमंत्री के हाथों किसान सम्मान निधि की पहली किश्त लेने वालों में उत्तराखण्ड के कृषक जसपाल सिंह भी शामिल हैं। पहली किश्त के रूप में देशभर के 1 करोड़ एक लाख से अधिक किसानों के खातों में डिजिटल पेंमेंट किया गया उसमें उत्तराखण्ड के डेढ़ लाख से अधिक किसानों के खातों में पहली किश्त के दो-दो हजार रूपय डाले जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मुख्यमंत्री आवास स्थित जनता मिलन हाॅल में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के राज्य स्तरीय शुभारम्भ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि किसान सम्मान निधि की पहली किश्त के रूप में आज प्रदेश के डेढ़ लाख से अधिक लोग लाभान्वित हो रहे हैं। 2022 तक किसानों की आय दुगुनी करने की दिशा में प्रधानमंत्री का यह एक और सराहनीय कदम है। उन्होंने कहा कि लघु एवं सीमान्त किसानों को कृषि से सम्बन्धित विभिन्न कार्यों के लिए प्रतिवर्ष 6 हजार रूपये सीधे उनके खातों में ट्रांसफर किये जायेंगे। यह पूर्णतः केन्द्र पोषित योजना है। इस निधि से किसानों को एक स्थाई व्यवस्था मिली है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम किसान निधि के तहत उत्तराखण्ड में कुल 9 लाख 73 हजार 147 किसानों का पंजीकरण हुआ है, जिसमें से 4 लाख से अधिक लाभार्थियों के नाम पीएम किसान पोर्टल पर अपलोड हो चुके हैं। इस माह के अन्त तक सभी लाभार्थियों के नाम अपलोड कर लिये जायेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिकों के लिए प्रधानमंत्री जल्द ही अगली योजना का शुभारम्भ करने वाले हैं। श्रमिकों के आकस्मिक मृत्यु पर उनके आश्रितों को 6 लाख रूपये मुआवजा राशि देने का निर्णय केन्द्र सरकार ने लिया है साथ ही असंगठित क्षेत्र के लोगों के लिए पीएम श्रमयोगी मानधन योजना के तहत 3 हजार रूपये पंेशन देने की शुरूआत की जा रही है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि 2022 तक किसानों की आय दुगुनी करने की दिशा में प्रदेश के लघु व सीमान्त कृषकों को मात्र 2 प्रतिशत ब्याज पर एक लाख तक का लोन दिया गया। जबकि अब प्रदेश के किसानों को अब एक लाख तक का तथा महिला व पुरूष स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख तक का ऋण बिना ब्याज के दिया जा रहा है।
कृषि एवं उद्यान मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि आज का दिन देश के कृषकों के लिए यह शुभ दिन है। प्रधानमंत्री द्वारा देशवासियों के लिए पीएम किसान सम्मान निधि का शुभारम्भ किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार की स्पष्ट सोच है कि जब तक किसान खुशहाल नहीं होगा तब तक देश तरक्की नहीं कर सकता है। उत्तराखण्ड में पलायन को रोकने के लिए किसानों को मजबूत करने के लिये निरन्तर प्रयास किये जा रहे हैं। राज्य सरकार ने पिछले दो साल में 70 से अधिक निर्णय किसानों के हित में लिये हैं। फार्म मशीनरी बैंक से कृषि उपकरणों की खरीद पर 80 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। उत्तराखंड को ऑर्गेनिक स्टेट बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। 2 लाख एकड़ भूमि पर आॅर्गेनिक खेती शुरू करने जा रहे हैं। उत्तराखण्ड में औद्योगिक सम्भावना की दृष्टि से केन्द्र की ओर से राज्य को भरपूर सहयोग मिल रहा है। खेती के साथ-साथ पशुपालन, मत्स्यपालन को भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कृषकों की आय को बढ़ाने के लिए कृषि के साथ एलाइड सेक्टरों को भी जोड़ना होगा। चकबन्दी व सामूहिक खेती पर कृषकों को बल देना जरूरी है।
इस अवसर पर विधायक हरबंश कपूर, विनोद चमोली, मेयर सुनील उनियाल गामा, सचिव आर मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव राजस्व परिषद् उत्तराखण्ड सुशील कुमार, जिलाधिकारी देहरादून एस.ए.मुरूगेशन, सीडीओ जी.एस. रावत व कृषि विभाग के अधिकारी तथा कृषक मौजूद थे।