रुड़की की जनसभा में किसानों को नई सौगात दे गए मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने हरिद्वार जनपद में अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना की शुरूआत रूड़की नगर से की। रूड़की के नेहरू स्टेडियम में मुख्यमंत्री ने इस योजना के तहत लाभार्थियों को गोल्डन कार्ड वितरित किये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के बीपीएल परिवारों को स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए भारत सरकार द्वारा आयुष्मान योजना का शुभारम्भ किया गया। उत्तराखण्ड में अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना का लाभ प्रदेश के सभी 23 लाख परिवारों को दिया जायेगा। प्रत्येक परिवार चाहे वो किसी भी वर्ग से आता हो सभी को 5 लाख रूपये तक का स्वास्थ्य बीमा लाभ राज्य सरकार द्वारा दिया जायेगा। प्रदेश में अभी तक कुल 6 लाख 21 हजार 822 गोल्डन कार्ड बन चुके हैं।
प्रदेश में अभी तक 2266 मरीजों का इस योजना के तहत मुफ्त इलाज हो चुका है। हरिद्वार जनपद के 1 लाख 54 हजार परिवारों को सुविधा के लिए गोल्डन कार्ड के रूप में पंजीकृत कर लिया गया है और यह पंजीकरण प्रक्रिया निरंतर चलती रहेगी। हरिद्वार जिले में अभी तक 454 मरीजों को अटल आयुष्मान योजना के तहत मुफ्त इलाज हो चुका है। इसके लिए सरकार से कोई अंतिम समय सीमा निर्धारित नहीं की गयी है। समाज के प्रत्येक वर्ग को सुलभ इलाज दिये जाने के लिए योजना को पूर्णतः कैशलेस व पेपर लेस बनाया गया है।
मुख्यमंत्री ने हरिद्वार और उधमसिंह नगर के किसानों का सरचार्ज माफ किये जाने, रूड़की नगर के लिए मंच से घोषणा करते हुए कहा कि रूड़की नगर निगम सभागार के जीर्णोद्धार तथा निगम के संसाधनों से आॅडिटोरियम, रूड़की राजकीय इण्टर काॅलेज के जीर्णोद्धार, रूड़की गंगनहर के दोनो ओर सौंदर्यीकरण, रूड़की बस अड्डा का परिवहन निगम के संसाधनों से जीर्णोद्धार, गणेशपुर पुल के दोनों ओर घाटों का निर्माण एवं सौंदर्यीकरण, गणेशपुर से रामपुर चुंगी तक पथ प्रकाश व्यवस्था तथा दोनों ओर आरएम पुल का निर्माण तथा रूड़की के लिए 18 करोड़ रूपये लागत की सड़कों के निर्माण की घोषणा की।
इस दौरान खानपुर विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन, रूडकी विधायक श्री प्रदीप बत्रा, झबरेड़ा विधायक देशराज कर्णवाल, राज्यमंत्री विनोद आर्य आदि उपस्थित थे।

मन की बात कार्यक्रम में सीएम ने सुनी जन समस्याएं

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाने के लिए सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों को आमजन के द्वार जाना होगा न कि जनता को सरकार के पास आना पड़े। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने अधिकारियों को दूरदराज क्षेत्रों में जाकर कैम्प लगाकर अटल आयुष्मान योजना के गोल्डन कार्ड बनाने के निर्देश दिए। मुख्य विकास अधिकारी, एसडीएम, वीडीओं को क्षेत्रवार व्यवस्थित रूप से सभी लोगों के गोल्डन कार्ड बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने पूरी पारदर्शिता के साथ कार्य करने के सख्त निर्देश अधिकारियों को दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि टेकनाॅलाॅजी व नेटवर्किंग के जरिए दूरस्थ क्षेत्रों तक आमजन को योजनाओं का लाभ पहुंचे। उन्होंने कहा कि डोईवाला में आरम्भ हुआ सीपैट क्षेत्र के लिए वरदान साबित होगा। लगभग चार हजार छात्र-छात्राएं हर साल यहां से पढ़ कर निकलेगे। डोइवाला क्षेत्र में तहसील के लिए भी भूमि आंवटित कर दी गई है। जल्द ही एनआईआरडी का रीजनल सेन्टर भी डोइवाला में खुलेगा। 300 बेड का जच्चा-बच्चा हाॅस्पिटल का शिलान्यास जनवरी माह में डोईवाला में किया जाएगा। थानौ हाॅस्पिटल को एम्स ऋषिकेश को सौंपा जा रहा है। यहां पर एम्स ऋषिकेश के डाॅक्टर्स अपनी सेवाएं देंगे। डोईवाला क्षेत्र में ही कोस्टगार्ड का भर्ती केन्द्र खोलने पर कार्य किया जा रहा है। डोईवाला के सौन्दर्यीकरण के लिए स्पेशल प्रोजक्ट पर काम किया जा रहा है। माधुरी नहर के दोनों और सौन्दर्यीकरण व आस-पास पार्क विकसित करने पर काम किया जाएगा। जल्द ही डोईवाला के बाजार क्षेत्र के सौन्दर्यीकरण पर काम शुरू किया जाना है।
ख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने रविवार को डोइवाला स्थित लच्छीवाला अतिथि गृह में आयोजित ‘‘जनता दरबार’’ में बड़ी संख्या में आए स्थानीय लोगों की समस्याओं को सुना व उन पर उचित कार्यवाही के निर्देश सम्बन्धित अधिकारियों को दिए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने राज्य अल्पसंख्यक आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष डा0 आर के जैन को बधाई दी जिन्होंने सीएमआई अस्पताल में अपनी कन्सलटेन्सी सेवाएं निःशुल्क देने तथा डोईवाला क्षेत्र के लोगों को दवाइयों व पूरे इलाज में बीस प्रतिशत छूट देने की घोषणा की। नए वर्ष की शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि क्षेत्र में विकास के सभी कामों को पूरा किया जाएगा। जनता दरबार में प्राप्त सभी समस्याओं का जल्द से जल्द निराकरण किया जाएगा। राज्य में गत 25 दिसम्बर को श्रद्धेय स्व0 अटल जी के जन्मदिन पर अटल उत्तराखण्ड आयुष्मान योजना का शुभारम्भ किया। उत्तराखण्ड देश में पहला राज्य है जिसने अपने पूरे राज्य के सभी नागरिकों व हर परिवार को आयुष्मान भारत योजना का लाभ देने का साहस किया है। इस योजना का लाभ राज्य के सभी 23 लाख परिवारों को मिलेगा। यह किसी वर्ग विशेष के लिए नही है बल्कि सभी के लिए है।
जनता दरबार के दौरान लोक निर्माण विभाग द्वारा स्थानीय पुलों के निर्माण की प्रगति को गम्भीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने अधिकारियों से चांदीपुर पुल, झबरावाला, खैरीवाला, बुल्लावाला पुल के निर्माण कार्यो की प्रगति के बारे में पूछा। अधिकारियों ने जानकारी दी कि प्रगति कार्य तीव्र गति से चल रहा है। उन्होंने लच्छीवाला पुल के कार्यो की भी समीक्षा की। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने क्षेत्र के सामाजिक पेंशन सम्बन्धित प्रकरणों के जल्द निपटान हेतु समाज कल्याण अधिकारी को सख्त निर्देश दिए। डोईवाला नगर क्षेत्र में शौचालयों के भुगतान न होने की शिकायतों के निपटान हेतु मुख्य विकास अधिकारी व नगर पालिका अध्यक्ष को निर्देश दिए गए। क्षेत्र के एक दिव्यांग बालक अंकित यादव जो छः दिन से लापता है की तीव्र पुलिस इन्वेस्टिगेशन कराने के निर्देश भी मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने पुलिस विभाग को जारी किए। पशु चिकित्सालय धारकोट में चिकित्सकों की नियुक्ति की समस्या पर मुख्यमंत्री ने कहा कि शीघ्र ही चिकित्सक नियुक्त किए जाएगे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से क्षेत्र में आरक्षण केन्द्र खुलवाने, ब्लाइण्ड टर्न को जल्द ठीक करने को कहा। दशहरा ग्राउण्ड में पानी की समस्या के निपटान हेतु टयूबवैल स्वीकृत कर दी गई है।
कार्यक्रम के दौरान डोईवाला बार ऐसोसिएशन, जाॅलीग्राण्ट एयरपोर्ट टैक्सी यूनियन, गन्ना किसानों के पूर्ण भुगतान के लिए डोईवाला गन्ना समिति ने मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र का आभार व्यक्त किया। पूर्व सैनिक संगठन ने समस्याओं से सम्बन्धित ज्ञापन मुख्यमंत्री को सौंपा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने रविवार को डोइवाला स्थित लच्छीवाला अतिथि गृह में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के ‘‘मन की बात’’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

स्वामी नित्यानंद की तरह मेरी सरकार भी राजनीति में शुचिता बनाने को कर रही कामः सीएम

राजनीति के क्षेत्र में शुचिता के लिए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत को गुरूवार को नित्यानन्द स्वामी जनसेवा समिति ने प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री स्व. नित्यानन्द स्वामी के 90वीं जयन्ती के अवसर पर राजभवन में आयोजित कार्यक्रम में ‘‘स्वच्छ राजनीतिज्ञ सम्मान’’ से सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि यदि हम वास्तव में स्वच्छता चाहते है व भ्रष्टाचार के विरूद्ध लड़ना चाहते है तो यह धर्मयुद्ध की तरह है। यदि धर्मयुद्ध की तरह लड़ सके तो जीत मिल सकती है। सरकार को भ्रष्टाचार के विरूद्ध धर्मयुद्ध में सबका सहयोग चाहिए। राजनीति और स्वच्छता दोनांे में काफी दुश्मनी मानी जाती है। क्योंकि यहां मोह व लोभ होता है तथा लालच व दबाव देने वाले भी होते है। सरकार में जिम्मेदार लोग भी जनता के बीच से आते है। राजनीति से साफ निकल जाना जैसे काजल की कोठरी में से साफ निकल जाना माना जाता है। प्रबुद्ध लोग भी ऐसा मानते है कि यह वास्तव में काफी कठिन काम है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री स्व. नित्यानन्द स्वामी ने राजनीति में शुचिता कायम रखने की भरपूर कोशिश की। हमारी पूरी कोशिश रहती है कि राजनीति में शुचिता बनी रहे तथा राजनीति में शुचिता तभी बनी रह सकती है जब पारदर्शिता हो। अधिकाधिक पारदर्शिता से हम अधिक से अधिक शुचिता ला सकते है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने गत बीस महीनों को पारदर्शिता लाने की भरसक कोशिश की। हमने टेन्डर प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया। बायोमेट्रिक हाजिरी की शुरूआत की। जो लोग अच्छा काम करते है उनके लिए इस वर्ष स्व. अटल की जयन्ती पर मुख्यमंत्री सुशासन और स्वच्छता पुरस्कार की शुरूआत की है।

राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने कहा कि स्वामी नित्यानंद सरल, निश्छल, व्यवहार कुशल, व्यक्तित्व के धनी, बहुप्रतिभावान व मधुरभाषी व्यक्ति थे। उन्होंने उत्तराखण्ड के प्रथम मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की। उनके कन्धों पर नये राज्य को मजबूत बनाने की जिम्मेदारी थी। उनके कार्यकाल में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। राज्यपाल ने कहा कि स्वतंत्रता आन्दोलन में भी स्वामी नित्यानंद सरस्वती ने अमूल्य योगदान दिया था। उन्होंने भारत छोड़ो आन्दोलन में भी भाग लिया और इसके लिए जेल भी गए। उन्होंने कहा कि स्वामी जी का उद्देश्य केवल न्याय और जनहित रहा। उनके जन्मदिन के अवसर पर निस्वार्थ भाव से सेवा करने वाले लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए यह सराहनीय कदम है।

प्रदेश कांग्रेस भवन में भाजपाईयों और कांग्रेसियों की नोकझोंक में भाजपाई ने जड़ा पुलिस कर्मी के थप्पड़

राफेल मुद्दे को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं ने उत्तराखंड कांग्रेस भवन में हंगामा किया। भाजपाईयों ने प्रदेश कार्यालय में घुस कई नेताओं के पोस्टर व बैनर तक फाड़ डाले। एक भाजपाई ने तो पुलिसकर्मी के थप्पड़ तक जड़ दिया।

महिला पुलिसकर्मी ने भाजपाइयों के खिलाफ धारा चौकी में तहरीर दी है। जबकि, कांग्रेस की ओर से भाजपा महानगर अध्यक्ष विनय गोयल और विधायक विनोद चमोली के खिलाफ डीजीपी को शिकायती पत्र सौंपा है। उधर, एडीजी अशोक कुमार ने मामले की जांच डीआइजी अजय रौतेला को सौंपी है। साथ ही तीन दिन के भीतर रिपोर्ट तलब की है।

केंद्रीय नेतृत्व के आह्वान पर महानगर भाजपा का बुधवार को कांग्रेस भवन कूच व राहुल गांधी का पुतला फूंकने का कार्यक्रम था। दोपहर करीब एक बजे प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट की अगुवाई में भाजपाई नारे लगाते हुए राजपुर रोड स्थित कांग्रेस भवन की ओर निकले। पुलिस ने पहले कनक चौक पर बेरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन भाजपाई बेरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ गए। इसके बाद पुलिस ने एस्लेहॉल चौक से पहले उन्हें रोका। यहां भाजपाइयों ने राहुल गांधी का पुतला फूंका।

इस बीच कुछ भाजपाई बेरिकेडिंग लांघकर कांग्रेस भवन की ओर दौड़ पड़े। पुलिस कर्मी भी उनके पीछे दौड़े तो मौका पाकर अन्य भाजपाई भी कांग्रेस भवन के गेट पर जा पहुंचे। कांग्रेस भवन में मौजूद कांग्रेसियों का इससे पारा चढ़ गया। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह, महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा समेत अन्य कांग्रेसी भाजपा के खिलाफ नारेबाजी करते हुए गेट पर आ गए। यहां दोनों दलों के लोगों के बीच धक्का-मुक्की होने लगी। स्थिति मारपीट तक पहुंच गई।

पुलिस ने भाजपाईयों को वापस धकेलने की कोशिश की, मगर भाजपाई कांग्रेस भवन की ओर बढ़ते गए। इस दौरान हुई धक्का-मुक्की में धर्मपुर विनोद चमोली सड़क पर गिर गए। भाजपा महानगर महामंत्री राजेंद्र सिंह ढिल्लो को महिला पुलिस कर्मियों ने थप्पड़ जड़ दिए। राजेंद्र सिंह के हाथ में चोट लग गई। एक भाजपा महिला नेता मंजुला निगम भगदड़ के दौरान बेहोश गईं। जबकि भाजपा कार्यकर्ता जयपाल वाल्मीकि को चोट लग गई। भाजपा के तीनों नेताओं को दून अस्पताल ले जाया गया।

सीएम बोले, सत्ता पक्ष का स्टिंग है तो खुलेआम दिखाए नेता प्रतिपक्ष

नेता प्रतिपक्ष डा. इंद्रा हृदयेश के सता पक्ष के लोगों के स्टिंग प्रकरण वाली बात पर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने पलटवार किया है। सीएम ने कहा कि यदि उनके अंदर साहस है, तो वह परेड ग्राउंड पर बड़ी स्क्रिन लगाकर दिखाएं।

गौरतलब है कि विधानसभा सत्र के दौरान नेता प्रतिपक्ष डॉ इंदिरा हृदयेश ने सरकार पर सीधा हमला बोला था। उन्होंने कहा था उनके पास सरकार में शामिल लोगों के परिजनों और उनके निकट अधिकारियों के खिलाफ स्टिंग हैं उन्हें यह स्टिंग मामले में जेल भेजे गए लोगों के समर्थकों ने दिए हैं। वह इन सबूतों को लोकायुक्त को ही सौंपेंगे, उन्होंने सीधे मुख्यमंत्री पर पलटवार किया था।

इस संबंध में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने नेता प्रतिपक्ष पर हमला बोला है उन्होंने इंद्रा हृदयेश को चुनौती दी है कि वह इस स्टिंग को सार्वजनिक करें उन्होंने नेता प्रतिपक्ष के बयान को निकाय चुनाव से भी जुड़ा है उन्होंने कहा हल्द्वानी में उनके पुत्र की हार से वह बौखला गयी हुई हैं। चुनाव के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री को हल्द्वानी नगर निगम के चुनाव में हल्का हाथ रखने की गुजारिश भी की थी। मुख्यमंत्री के बयान पर नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हरदेश ने कहा कि लोकायुक्त की नियुक्ति पर आज भी जोर दे रही हैं और भ्रष्टाचार पर तभी काम हो सकता है जब लोकायुक्त की नियुक्ति हो पाएगी। तब मुख्यमंत्री को उत्तर देने की जरूरत नहीं पड़ेगी, सारा मामला ही सामने आ जाएगा।

ऋषिकेश की पहली मेयर ने की शपथ ग्रहण

तीर्थनगरी की पहली मेयर ने मुख्यमंत्री सहित हजारों लोगों के बीच शपथ ग्रहण की। जिलाधिकारी एसए मुरूगेशन ने मेयर को शपथ दिलाई। इसके बाद मेयर से पार्षदों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस दौरान भाजपा व कांग्रेस के कई नेता, संत समाज से साधु और शहीदों के परिजन उपस्थित रहे।

रविवार को नगर निगम ऋषिकेश का शपथ ग्रहण समारोह श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज के क्रीडा मैदान में आयोजित किया गया। सुबह से ही लोगों का आना मैदान में शुरू हो गया था। मेयर अनीता ममगाई अपने समर्थकों के साथ ओपन लाल रंग की कार में पहुंची। इसके बाद स्थानीय सांसद डा. रमेश पोखरियाल अपने समर्थकों के साथ पहुंचे। करीब 12 बजे मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक व भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट पहुंचे। इसके बाद जिलाधिकारी ने मेयर अनीता ममगाई को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसके बाद मेयर अनीता ममगाईं ने दस-दस करके पार्षदों को शपथ दिलाई। इस दौरान कई पार्षद शपथ ग्रहण होने के बाद पहुंचे।

मात्र 15 मिनट चला शपथ ग्रहण
जिलाधिकारी ने मेयर को शपथ दिलाई और मेयर ने पार्षदों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसके बाद मुख्यमंत्री, शहरी विकास मंत्री, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष तीनों समारोह से निकल गये। मात्र 15 मिनट तक चले शपथ ग्रहण पर लोगों को समझ ही नहीं आ रहा था कि यह सब आखिर हुआ तो हुआ क्या।

जलपान के दौरान दिखी अव्यवस्था
मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह से जाते ही समारोह में मौजूद जनता जलपान करने एक साथ दौड़ी। एक साथ भीड़ के आ जाने से अव्यवस्था फैल गई। इस दौरान समारोह में जलपान के लिये बने छह स्टॉल में से एक पर टैंट भी गिर गया।

शपथ के बाद निगम कार्यालय पहुंची मेयर
शपथ ग्रहण करने के बाद मेयर अनीता ममगाई सरकारी गाड़ी से मेयर कार्यालय पहुंची। यहां उन्होंने निगम के कर्मचारियों से मुलाकात की। इसके बाद नगर निगम को निरीक्षण किया।

सूची में नाम न होने से नहीं दे सकें बालिग मतदान, वहीं दो नाबालिग ने सूची में नाम होने से डाला वोट

नगर पालिका से उच्चीकृत होकर नगर निगम के पहले ही चुनाव में चुनाव आयोग की पोल खुलकर सामने आ गई। ऋषिकेश नगर निगम में पांच नाबालिगों के नाम वोटर लिस्ट में पाये गये। इनमें से दो नाबालिग ने वोट भी डाला। जबकि तीन किसी कारणवश वोट नहीं डाल सके। वहीं, कई लोगों के नाम मतदाता सूची से ही नदारद रहे।

ऋषिकेश नगर निगम के अंतर्गत आवास विकास कॉलोनी के सुनील नागपाल ने बताया कि इलेक्शन कमीशन की वेबसाइट पर उनका नाम दर्ज है। जबकि कमीशन द्वारा की गई वोटर लिस्ट में उनका नाम ही नहीं है। जबकि इससे पूर्व के लोकसभा और विधानसभा चुनावों में उन्होंने वोट डाला था। उन्होंने बताया कि ऐसा सिर्फ उनके ही साथ नहीं हुआ है। बल्कि कई लोगों के साथ हुआ है। उन्होंने इसकी शिकायत इलेक्शन कमीशन को मेल के माध्यम से भेजी है।

बनखंडी वार्ड नंबर 18 के निवासी जितेन्द्र पाल पाठी के अनुसार उनके परिवार के पांच नाबालिग बच्चों को नाम वोटर लिस्ट में चढ़ा हुआ है। इन पांच नाबालिगों में से दो ने रविवार को मतदान केंद्र जाकर वोट भी डाला है। उन्होंने बताया कि उनके परिवार से तानिया पुत्री इंद्रजीत उम्र 13 वर्ष, निखिल पुत्र हजमोह उम्र 10 वर्ष ने श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज जाकर मतदान किया। जबकि भविष्य पुत्र इंद्रजीत उम्र 10 वर्ष, अभय पुत्र हजमोह उम्र 10 वर्ष, तन्मय पुत्र इंद्रजीत उम्र 09 वर्ष किसी कारण वश मतदान को नहीं पहुंच सकें। जितेन्द्र ने कहा कि इन नाबालिग बच्चों के नाम वोटर लिस्ट में होने से यह बात से साफ उजागर है कि जिन कर्मचारियों की गलती से इनका नाम लिस्ट में चढ़ाया गया। वह उस समय अपने होश में नहीं होंगे। बहरहाल आयोग ने इन नाबालिगों को वोट डालने का अधिकार दिया है। तो दो ने वोट भी डाला है।

राज्यभर में चुनावी वाहन हुआ खड़ा, अब डोर टू डोर पर फोकस

रविवार को होने जा रहे निकाय चुनावों के लिये शुक्रवार को प्रदेश भर में सार्वजनिक जनसभा, रैली, लाउटस्पीकर लगी गाड़ियां शाम पांच बजने से पूर्व बंद हो गयी। प्रदेश के कुल 2352706 मतदाता रविवार को प्रदेश के सात नगर निगम सहित 84 निकायों के प्रत्याशियों के लिये अपना मत डालेंगें। हालांकि रूड़की नगर निगम सहित आठ निकायों में चुनाव नहीं हो रहे है। इन निकाय चुनावों में कहीं तो भाजपा और कांग्रेस की सीधी टक्कर है। तो कहीं निर्दलीय इन दोनों पार्टियों के लिये सिर दर्द बने हुये है।

लोकसभा चुनाव से पहले इन निकाय चुनावों की अहमियत खासी बढ़ गई है, क्योंकि जिसके सिर भी जीत का सेहरा बंधेगा, वह बढ़े हुए मनोबल के साथ लोकसभा के चुनावी रण में उतरेगा। लगभग एक महीने चली निकाय चुनाव प्रक्रिया अब अपने चरम पर पहुंचती जा रही है। शुक्रवार शाम पांच बजे राज्यभर के निकायों में चुनाव प्रचार का शोर थमते ही प्रत्याशियों ने डोर टू डोर संपर्क पर पूरी तरह फोकस कर लिया है। ये निकाय चुनाव भाजपा और कांग्रेस, दोनों ही पार्टियों के लिए साख का सवाल हैं। भाजपा को पिछले लोकसभा और विधानसभा चुनाव में मिली एकतरफा जीत के क्रम को निकाय चुनाव में भी कायम रखना है, तो कांग्रेस इसके ठीक उलट पिछले लगभग पांच सालों के दौरान खोई अपनी सियासी जमीन की तलाश निकाय चुनाव में कर रही है।

स्थानीय स्तर पर होने वाले निकाय चुनाव में यूं तो बिजली, पानी, सड़क, सीवरेज जैसी मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मुद्दे ही ज्यादातर हावी रहते हैं, लेकिन इस बार भाजपा और कांग्रेस, केंद्र व प्रदेश सरकार के कामकाज को भी मुद्दे के रूप में इस्तेमाल कर रही हैं। भाजपा अपनी केंद्र व राज्य सरकार की उपलब्धियों पर जनमत हासिल करने की कोशिश कर रही है, तो कांग्रेस दोनों सरकारों को कठघरे में खड़ा कर।

दरअसल, निकाय चुनाव के नतीजे प्रदेश की भाजपा सरकार के अब तक, लगभग बीस महीने के कामकाज के आकलन के लिए कसौटी का भी काम करेंगे। निकायों में भाजपा का वर्चस्व कायम हो गया तो यह त्रिवेंद्र सरकार के कामकाज पर मुहर की तरह होगा।

हाईकोर्ट ने उमेश कुमार के नार्कों और ब्रेन मैपिंग टेस्ट पर लगाई रोक

समाचार प्लस चैनल के सीईओ उमेश कुमार की अर्जी पर हाईकोर्ट ने सुनवाई की। कोर्ट ने मुख्यमंत्री के भाई और दोस्त तथा विवेचक को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने आदेश के बाद सरकार ने नार्को व ब्रेन मैपिंग टेस्ट करने की अनुमति प्रदान करने संबंधी याचिका को वापस ले लिया है।

गुरुवार को मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश रंगनाथन व न्यायमूर्ति आलोक सिंह की खंडपीठ में न्यूज चौनल के सीईओ उमेश की अर्जी पर सुनवाई हुई। जिसमें जमानत तथा प्राथमिकी निरस्त करने के साथ ब्रेन मैपिंग व नार्को टेस्ट पर रोक लगाने की प्रार्थना की गई थी। खंडपीठ ने मामले को सुनने के बाद देहरादून की निचली कोर्ट को शुक्रवार को जमानत अर्जी पर सुनवाई करने, सरकार को बहस पूरी करने, सुनवाई के दौरान अगली तारीख ना मांगने के निर्देश दिए। साथ ही मामले में विपक्षी सीएम के भाई विरेंद्र रावत, दोस्त संजय गुप्ता तथा विवेचक को नोटिस जारी किया है।

सरकार ने उच्च न्यायालय में मामला विचाराधीन होने की वजह से नार्को व ब्रेन मैपिंग टेस्ट की अनुमति संबंधी अर्जी को वापस ले लिया। कोर्ट के आदेश से इस मामले में सरकार को झटका लगा है। यहां बता दें कि इस मामले में हाई कोर्ट अब तक आरोपितों राहुल भाटिया, प्रवीण साहनी, सौरभ साहनी, मृत्युंजय मिश्रा की गिरफ्तारी पर रोक लगा चुकी है।

संजय कुमार से भाजपा ने प्रदेश महामंत्री संगठन का पद छीना

भाजपा के प्रदेश महामंत्री संगठन संजय कुमार से उनका पद छीन लिया गया है। एक महिला द्वारा संजय कुमार पर मीटू का आरोप लगाने के बाद उनसे यह पद छीन लिया गया। सूत्र बताते हैं कि महिला के आरोप मीडिया में आने के बाद पार्टी के शीर्ष नेताओं व संगठन की बैठक बुलाई गई। बैठक में उक्त विषय पर विस्तार से चर्चा के बाद इस निर्णय पर सहमति बनी।

मुख्यमंत्री व आला अफसरों के स्टिंग की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार एक चौनल के सीईओ के खिलाफ पूर्व में दर्ज मुकदमों की वापसी को लेकर भाजपा नेताओं के पत्र उजागर होने से पार्टी असहज स्थिति में थी। अब शनिवार को एक महिला द्वारा पार्टी के एक वरिष्ठ नेता पर आरोप लगाने से पार्टी की बेचौनी और बढ़ गई। हालांकि, महिला की ओर से पुलिस में ऐसी कोई रिपोर्ट अभी तक दर्ज नहीं कराई गई है।

अलबत्ता, महिला की ओर से पूर्व में मोबाइल चोरी की सूचना पुलिस को अवश्य दी गई। वहीं, चर्चा है कि इस प्रकरण के बाद पार्टी में प्रांत से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक गहन मंथन हुआ। शनिवार देर शाम देहरादून में सरकार व संगठन के शीर्ष नेताओं की बैठक में भी इस पर चर्चा हुई। सूत्रों के मुताबिक इसके बाद भाजपा नेतृत्व ने प्रदेश महामंत्री संगठन संजय कुमार को पद से हटाने का निर्णय ले लिया। हालांकि, आधिकारिक तौर पर पार्टी की ओर से इसकी पुष्टि नहीं की गई है।

भाजपा प्रदेश मीडिया प्रमुख डॉ. देवेंद्र भसीन ने इतना बताया कि जिस तरह से मीडिया में बात आई है, उसका संज्ञान लिया जाना स्वाभाविक प्रक्रिया का हिस्सा है।