केंद्र सरकार के तर्ज पर चली राज्य सरकार, लोकलुभावन बजट से लोकसभा चुनाव की तैयारी

केंद्र की मोदी सरकार के एजेंडे पर कदमताल करते हुए अन्नदाता किसान को केंद्र में रखकर बजट में खेती-किसानी पर बड़ा दांव खेला गया। बीते वर्षों से किसानों को सस्ता ऋण मुहैया करा रही सरकार अब किसानों को व्यक्तिगत और स्वयं सहायता समूहों में ब्याजमुक्त ऋण देगी। अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना को बड़े गेम चेंजर के तौर पर देखते हुए 150 करोड़ बजट प्रावधान किया गया है। मतदाताओं के बड़े शहरी वर्ग में नगरों, निकायों में अवस्थापना सुविधाओं के ढांचे के विस्तार की बड़ी उम्मीदें जगाई गई हैं। देहरादून स्मार्ट सिटी के लिए 160 करोड़ और देहरादून-हरिद्वार-ऋषिकेश मेट्रो ट्रेन के लिए ढांचे के निर्माण को बजट में जगह दी गई है। यही नहीं, भविष्य में यानी 2021 में होने वाले कुंभ को अविस्मरणीय बनाने के लिए बजट में 155 करोड़ की अच्छी-खासी रखी गई है। प्रदेश की भाजपा सरकार ने लगातार तीसरी दफा बजट में मोदी सरकार की केंद्रपोषित योजनाओं की मदद पर ही अधिक भरोसा किया। वहीं, बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री प्रकाश पंत के दो बार अस्वस्थ होकर बेसुध हो जाने पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शेष बजट भाषण प्रस्तुत किया।
विधानसभा में सत्र के पांचवें दिन वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस के विधायकों की गैर मौजूदगी और एकमात्र विपक्षी निर्दलीय विधायक प्रीतम पंवार की मौजूदगी में सूबे की भाजपा सरकार का तीसरा गुलाबी बजट पेश किया। वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए कुल 48663.90 करोड़ का करमुक्त बजट पेश किया। इसमें 38932.70 करोड़ राजस्व लेखे और 9731.20 करोड़ पूंजी लेखे का व्यय अनुमानित है।
राज्य कर्मचारियों के वेतन-भत्तों पर करीब 14513.79 करोड़ और पेंशन व अन्य सेवानिवृत्तिक लाभों पर 5942.69 करोड़ का खर्च अनुमानित है। 22.79 करोड़ राजस्व सरप्लस के इस बजट में कर राजस्व 23622.11 करोड़ और करेत्तर राजस्व 15333.38 करोड़ मिलने का अनुमान है। बजट में राजस्व घाटे का अनुमान नहीं है। अलबत्ता 6798.16 करोड़ का राजकोषीय घाटा अनुमानित है, लेकिन यह राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन अधिनियम के तहत निर्धारित जीएसडीपी के तीन फीसद के भीतर है। पिछले वित्तीय वर्ष 2019-19 की तुलना में अगले वित्तीय वर्ष का बजट प्रावधान सात फीसद अधिक है।

बजट के प्रमुख बिंदु

-गरीब किसानों को एग्रो प्रोसेसिंग व कृषि कार्यों के लिए एक लाख तक ब्याजमुक्त ऋण

-कृषि को बढ़ावा देने को कृषि संबंधी कार्यकलापों के लिए स्वयं सहायता समूहों को पांच लाख तक ब्याजमुक्त ऋण

-वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुना करने को परंपरागत कृषि विकास योजना के तहत 104.12 करोड़

-अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना के लिए 150 करोड़ की राशि

-महिला उद्यमियों को विशेष प्रोत्साहन योजना के तहत चार करोड़ का प्रावधान

-असिंचित क्षेत्रों में नहरों के निर्माण को 121 करोड़ का प्रावधान

-सौंग नदी पर बांध निर्माण व अवस्थापना कार्यों के निर्माण को 170 करोड़

-डोईवाला में उप जिला चिकित्सालय के निर्माण को 10 करोड़, मानसिक चिकित्सालय सेलाकुई के सुदृढ़ीकरण को 10 करोड़

-राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी एवं संबद्ध चिकित्सालयों की स्थापना को 119.33 करोड़, अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज को 76.85 करोड़, दून मेडिकल कॉलेज के लिए 85.65 करोड़

-समग्र शिक्षा के लिए 1073 करोड़, नाबार्ड योजना में विद्यालयों-छात्रावासों के निर्माण को 20 करोड़

-विश्वविद्यालय, सरकारी और अशासकीय डिग्री कॉलेज भवन निर्माण को 38 करोड़

-विश्वविद्यालयों-महाविद्यालयों को स्मार्ट कैंपस के रूप में विकसित करने को वाई-फाई जोन की स्थापना को दो करोड़

-राज्य में विधि विश्वविद्यालय की स्थापना को पांच करोड़

-वनाग्नि से सुरक्षा के लिए 21.31 करोड़, कैंपा निधि के तहत पहली बार 228 करोड़ का प्रावधान

-अनुसूचित जाति व पिछड़ी जाति की छात्र-छात्राओं, दिव्यांगों की छात्रवृत्ति को 326 करोड़

-किशोरी बालिका के लिए 15 करोड़, नंदा गौरी योजना को 75 करोड़

-मुख्यमंत्री आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण व उच्चीकरण को सात करोड़, मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना को 10 करोड़

-कौशल विकास योजना के तहत 67 करोड़, महिलाओं व कमजोर वर्गों के कौशल विकास की संकल्प योजना को 3.86 करोड़ का प्रावधान

-पर्यटन में आधारभूत संरचनाओं के निर्माण को बाह्य सहायतित योजना के तहत 70 करोड़, होम स्टे विकास योजना के तहत 11.50 करोड़

-वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना के तहत 15 करोड़

-आवास व शहरी विकास योजना को 88.6 करोड़, अटल नवीनीकरण और शहरी परिवर्तन मिशन के तहत 100 करोड़

-प्रदेश के मार्गों-पुलिया अनुरक्षण को 240 करोड़, लोनिवि की चालू योजना के तहत 450 करोड़ व नाबार्ड के तहत 360 करोड़ का प्रावधान

-प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 900 करोड़

-रुड़की-देवबंद रेलवे लाइन निर्माण को 100 करोड़

-ग्रामीण व नगरीय स्थानीय निकायों के लिए 2182.79 करोड़

-सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याण को 2053.63 करोड़

-प्रदेश में बिजली व्यवस्था में सुधार को एशियन डेवलपमेंट बैंक सहायतित 1400 करोड़ की स्वीकृति

-एडीबी से प्रदेश में अरबन सेक्टर डेवलपमेंट प्रोग्राम के लिए 1500 करोड़ की सैद्धांतिक सहमति

-आईफैड योजना के तहत 175 करोड़ का प्रावधान

उत्तराखंड को डबल इंजन का भरपूर फायदा मिल रहा: पीएम

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मौसम खराब होने की वजह से रूद्रपुर में आयोजित जनसभा को फोन के माध्यम से संबोधित किया।प्रधानमंत्री ने जनता से क्षमा मांगते हुए कहा कि मैं उत्तराखण्ड तो पहुंचा लेकिन मौसम की खराबी की वजह से रूद्रपुर में आयोजित कार्यक्रम में नहीं पहुंच पाया। राज्य के विभिन्न हिस्सों से आये विशाल जनसमूह का उन्होंने इस कार्यक्रम में पहुंचने पर आभार व्यक्त किया। कुमाऊंनी भाषा में अपने सम्बोधन की शुरूआत करते हुए उन्होंने कहा कि वो जब भी देवभूमि उत्तराखण्ड आते हैं, उन्हें बहुत अच्छा लगता है। उन्होंने बाबा केदार, योग और आध्यात्म, शौर्य और वीरता, मां गंगा, आदिगुरु शंकराचार्य जी की तपस्थली उत्तराखंड आने को अपना सौभाग्य बताया। आज एक बार फिर से इस धरती पर आकर खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के लिए रुद्रपुर का बड़ा महत्व है। यहां औद्योगिक इकाइयों के जरिए राज्य के औद्योगिक विकास को गति मिल रही है, तो यह क्षेत्र किसानों का हब भी कहा जाता है। सिडकुल की स्थापना के बाद रूद्रपुर की पहचान अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर हुई है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें इस बात कि बेहद खुशी है कि चुनाव के दौरान किए गए अपने वादों को निभाने का उन्होंने भरसक प्रयास किया है। उन्होंने अपनी बात का दोहराते हुए कहा कि ये राज्य अटल जी की देन है और हमारी सरकार इसे संवारने की भरसक कोशिश करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य में रोड, रेल और एयर कनेक्टिविटी से लेकर किसानों, युवाओं और महिलाओं की प्रॉस्पैरिटी के लिए पिछले साढ़े चार साल में उत्तराखंड के समग्र विकास की दिशा में कई पहल की हैं। अब उत्तराखण्ड में साल के 12 महीने चार धाम यात्रा के श्रद्धालु आ सकते हैं। चारधाम ऑल वेदर रोड का कार्य तेजी से चल रहा है। यह प्रोजेक्ट न केवल कनेक्टिविटी मजबूत कर रहा है, बल्कि क्षेत्र में खुशहाली भी ला रहा है। उन्होंने आगे कहा कि चारधाम यात्रा मार्ग पर प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत 4000 होटल कर्मियों और 1000 टूरिस्ट गाइडों का स्किल डेवलेपमेंट किया जाएगा। यानि 5 हजार युवा स्किल होकर रोजगार सुनिश्चित करेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उत्तराखंड में रेल नेटवर्क बहुत सीमित है, लेकिन केन्द्र सरकार में रेल कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए उत्तराखण्ड को तीन गुना ज्यादा पैसा दिया जा रहा है। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन के बन जाने से न केवल चारधाम की यात्रा आसान होगी, बल्कि पहाड़ों पर भी रेल चलाने का सपना साकार हो सकेगा। उन्होंने कहा कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन के अलावा डोईवाला-गंगोत्री-यमुनोत्री मार्ग पर भी रेल लाइन बिछाई जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि गढ़वाल और कुमाऊं के लोगों को जोड़ने के लिए नैनी-दून जनशताब्दी एक्सप्रेस शुरू की गई है। उत्तराखण्ड के सीमांत क्षेत्रों में रोड कनेक्टिविटी मजबूत हो, सीमांत क्षेत्रों के लोग देश के अन्य स्थानों से सीधे कनेक्ट हो सकें और यह सामरिक दृष्टि से भी जरूरी है इसलिए भारतमाला योजना के तहत 628 किलोमीटर लंबी सड़कों का नेटवर्क उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्रों में बिछाया जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सर्वे भवंतु सुखिना की भावना के साथ हमने देश के 10 करोड़ गरीब परिवारों को साल में पांच लाख रुपये तक निशुल्क इलाज देने के लिए आयुष्मान भारत योजना शुरू की है। आज देशभर में इस योजना से 12 लाख लोग निशुल्क उपचार करवा चुके हैं। 5 लाख 37 हजार परिवार इस योजना के दायरे में हैं। प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत जी द्वारा एक कदम आगे बढा़ते हुए इस योजना को और भी ज्यादा व्यापक रूप दिए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की। अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना से उत्तराखंड के समस्त परिवारों को आरोग्य प्रदान करने का बीड़ा उठाया स्वास्थ्य के क्षेत्र में निश्चित रूप से यह क्रांतिकारी कदम है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार को समाप्त करते हुए एक स्वस्थ कार्यसंस्कृति का जन्म हुआ है। कामकाज का बेहतर पारदर्शी माहौल बना है, टॉप से लेकर बॉटम तक अधिकारियों की परफॉरमेंस और क्विक डिलीवरी की जिम्मेदारी तय हो रही है। उन्होंने उत्तराखण्ड सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि पिछले करीब दो साल में त्रिवेंद्र रावत जी एक साफ सुथरी और पारदर्शी सरकार देने में सफल रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य में समेकित सहकारिता विकास योजना की शुरुआत से छोटे मंझोले किसानों और संबंधित क्षेत्रों से जुड़े कास्तकारों को सीधा फायदा पहुंचने वाला है। 3340 करोड़ रुपए की इस योजना से कृषि, बागवानी, दुग्ध उत्पादन, पशुपालन, मत्स्यपालन से जुड़े लोगों को नया आयाम मिला है। उत्तराखंड में पलायन और रोजगार बड़ी समस्याएं रही हैं। इस योजना के बाद राज्य के 55 हजार युवाओं को रोजगार से जुड़ने का मौका मिलेगा। करीब 50 लाख की आबादी को प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष तौर पर फायदा पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि बीज से लेकर बाजार तक की जिस व्यवस्था की बात हम करते हैं, वो आदर्श व्यवस्था इस योजना में लागू होगी। कास्तकारों को व्यवसाय शुरू करने या क्लस्टर खेती करने के लिए ऋण मिलेगा, उत्तम बीज मिलेगा, खाद मिलेगी। सहकारी समितियों के माध्यम से छोटी-छोटी जोत के किसानों के साथ ही बंजर भूमि पर क्लस्टर बनाकर सामूहिक खेती की जाएगी। सहकारी समितियां और मंडिया किसानों के उत्पादों की सीधी खरीद करेंगी। इस तरह योजना से जुड़े लोगों को उचित बाजार भी उपलब्ध हो सकेगा। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा धान की ऑनलाइन खरीद पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इससे पैसा सीधे किसानों के खाते में गया है। किसानों को गन्ने का बकाया भुगतान किया जा चुका है। चीनी मिल मालिकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि गन्ना किसानों को समय पर भुगतान किया जाए।
प्रधानमंत्री ने कहा कि 18 साल में पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने एक कदम आगे बढ़ते हुए पहल की और पिछले वर्ष इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन करवाया। पर्यटन के क्षेत्र में जो क्रांतिकारी कदम उत्तराखंड सरकार ने उठाए हैं, उससे आने वाले समय में इस राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। केंद्र के सहयोग से पिथौरागढ़ में पंचेश्वर बांध बनाया जा रहा है। इस बाँध से 5000 मेगावाट बिजली पैदा की जा सकेगी। साथ ही चंपावत, पिथौरागढ़, ऊधमसिंह नगर के तराई क्षेत्रों को न सिर्फ पीने के साफ पानी की सप्लाई होगी बल्कि किसानों को सिंचाई के लिए भी पर्याप्त पानी मिल सकेगा।
इस अवसर पर नेशनल काॅपरेटिव डेवलपमेंट काॅर्पोरेशन के मैनेजिंग डायरेक्टर संदीप कुमार ने समेकित सहकारी विकास परियोजना की पहली किश्त का 100 करोड़ रूपये का चेक मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र को सौंपा।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना के तहत लघु एवं सीमान्त तथा गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले सहकारी सदस्यों तथा महिला स्वयं सहायता समूहों को ब्याज रहित ऋण भी वितरित किया। सितारगंज के गुरूबख्श सिंह, खिर्सू (पौडी) के हरिकिशन व मुन्स्यारी के जसवंत सिंह को एक-एक लाख रूपये का ब्याज रहित ऋण दिया गया, जबकि शबनम व नई दिशा महिला स्वयं सहायता समूहों को 5-5 लाख रूपये का ब्याज रहित ऋण दिया गया।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योेजना के तहत प्रदेश के 02 लाख कृषको को 1100 करोड रूपये के अल्पकालीन/फसली ऋण वितरित करने का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना से अधिक से अधिक महिला समूहो को भी लाभावन्वित किया जायेगा। इस परियोजना के अन्तर्गत लघु एवं सीमांत सहकारी सदस्यो को 01 लाख तथा स्वयं सहायता समूहो को ब्याजरहित ऋण दिया जायेगा। 2022 तक किसानो की आय दुगनी करने के प्रधानमंत्रीजी के लक्ष्य को साकार करने के लिए प्रदेश मे दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना शुरू की गई थी, इस योजना के तहत 01 लाख 62 हजार 750 लघु एवं सीमांत कृषको को 807 करोड का ऋण मात्र 2 प्रतिशत ब्याज पर उपलब्ध कराया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी जी ने हमेशा किसानों के हित को सबसे ऊपर रखा है। इसलिए पहली बार 22 फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में लागत से डेढ़ गुना बढ़ोतरी की है। किसानों की आमदनी दोगुनी करने के लिए बीज से लेकर बाजार तक की आदर्श व्यवस्था लागू की है। किसानों की इनपुट कॉस्ट कम करने और उन्हें इनकम सपोर्ट देने के लिए 2 हेक्टेयर तक या उससे कम जमीन वाले किसानों को सालाना 6 हजार रुपए की निश्चित राशि देने की योजना शुरू की है। यह पैसा सीधे किसानों के खाते में जाएगा। मुझे यह बताते हुए हर्ष है कि उत्तराखंड के करीब 92 फीसदी किसान, प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना से लाभान्वित हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि केन्द्रीय जलायोग की तकनीकी सलाहकार समिति द्वारा जमरानी बाँध के सभी बिन्दुओं और तकनीकी पहलुओं की गहन जाँच के बाद जमरानी बाँध के निर्माण के लिए मंजूरी दे दी गयी है। 9 किलोमीटर लम्बे, 130 मीटर चैड़े और 485 मीटर ऊँचे इस बाँध के निर्माण से 14 मेगावाट विद्युत उत्पादन के साथ ही पेयजल व सिंचाई के लिए पानी भी उपलब्ध होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि नैनीताल पेयजल योजना का भी तकनीकी सलाहकार समिति द्वारा अध्ययन कर लिया गया है। आशा है कि शीघ्र ही इस योजना के निर्माण के लिए केन्द्र सरकार द्वारा स्वीकृति प्राप्त हो जाएगी। उन्होंने कहा कि इस योजना के निर्माण से नैनी झील के जलस्तर को बनाए रखने में भी सहायता मिलेगी। नैनी झील के रखरखाव के लिए राज्य सरकार द्वारा पूर्व में भी 20 करोड़ रूपये जारी किए गए थे। 200 करोड़ लागत की मसूरी पेयजल योजना को केन्द्र से सैद्धान्तिक मंजूरी मिल गयी है। उन्होंने कहा कि मसूरी में ग्रीष्मकाल में पर्यटकों का आवागमन बढ़ जाने से पानी की समस्या बढ़ जाती है, इस योजना के धरातल पर उतरने के बाद मसूरी क्षेत्र के लोगों को पानी की समस्या से निजात मिल सकेगी। केन्द्र द्वारा सैद्धान्तिक स्वीकृति मिलने से इस योजना के निर्माण के लिए शीघ्र ही आगे की कार्यवाही शुरू की जाएगी।
इस अवसर पर केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत, सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी, डाॅ. रमेश पोखरियाल निशंक, केन्द्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा, सांसद माला राजलक्ष्मी शाह, कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य, अरविन्द पाण्डेय, मदन कौशिक, सुबोध उनियाल, हरक सिंह रावत, सतपाल महाराज, राज्य मंत्री डाॅ. धनसिंह रावत, रेखा आर्य, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट, स्थानीय विधायक राजकुमार ठुकराल एवं आदि उपस्थित थे।

कुमाऊं में तीसरी बार रैली को संबोधित करेंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

14 फरवरी को रूद्रपुर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जनसभा व अन्य कार्यक्रमो के सफल आयोजन हेतु प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत द्वारा मंगलवार को प्रस्तावित कार्यक्रम स्थल पर विधिवत भूमि पूजन किया गया। मुख्यमंत्री ने रैली व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण कर सम्बन्धित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये। उन्होने कहा कि जनपद उधमसिंह नगर में प्रधानमंत्री मोदी की यह तीसरी रैली ऐतिहासिक व अभूतपूर्व होगी। प्रधानमंत्री के उत्तराखण्ड आगमन को देखते हुये पूरे प्रदेश मेे जोश है। रैली में कुमांऊ मण्डल के साथ-साथ गढवाल मण्डल के लोग भी बड़ी संख्या में भाग लेगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार से उत्तराखण्ड को अनेक प्रकार के सौगात मिली है। नैनीताल के लिये पेयजल हेतु नई डीपीआर बनायी जा रही है साथ ही मंसूरी में भी पेयजल योजना हेतु शीघ्र स्वीकृृति मिल जायेगी। जौलीग्राण्ट से गुहाटी के लिये विमान सेवा शुरू कर दी गयी है। बहुप्रतिक्षित जमरानी बांध परियोजना को केन्द्रीय जलायोग की तकनीकी सलाहकार समिति ने मंजूरी दे दी है। यह बहुद्देशीय परियोजना है, हमें उम्मीद है कि इसे राष्ट्रीय परियोजना घोषित किया जायेगा। उन्होने कहा जमरानी बांध के बन जाने से उत्तर प्रदेश व उत्तराखण्ड को सिचांई व पेयजल का लाभ मिलने के साथ ही बिजली भी मिलेगी।
इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट, जिला अध्यक्ष शिव अरोरा, क्षेत्रीय विधायक द्वारा भी अपने विचार व्यक्त किये।
कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री अरविन्द पाण्डेय, उच्च शिक्षा एवं सहकारिता मंत्री डा0 धनसिंह रावत, किच्छा विधायक राजेश शुक्ला, खटीमा विधायक पुष्कर सिंह धामी, जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी प्रसाद गंगवार, मेयर रामपाल सिंह, पूर्व सांसद बलराज पासी, गजराज बिष्ट, राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष दानसिंह रावत, आयुक्त कुमांऊ राजीव रौतेला, डीआइजी अशोक कुमार, जिलाधिकारी डा0 नीरज खैरवाल, एसएसपी वरिन्दरजीत सिंह, एडीएम जगदीश चन्द्र काण्डपाल आदि उपस्थित थे।

आर्थिक आरक्षण पर केंद्र के फैसले को चुनौती नहीं

उच्चतम न्यायालय ने सवर्ण जाति के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को नौकरियों में 10 प्रतिशत आरक्षण देने के केन्द्र के निर्णय को चुनौती देने वाली एक नई याचिका पर केन्द्र से शुक्रवार को जवाब मांगा। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई ने यह स्पष्ट किया कि सवर्ण जाति के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को नौकरियों और दाखिले में आरक्षण देने के केन्द्र के फैसले पर कोई रोक नहीं लगाई जाएगी। उच्चतम न्यायालय इससे पहले इसी प्रकार की याचिकाओं पर केन्द्र को नोटिस जारी कर चुका है। उसने तहसीन पूनावाला की ओर से दाखिल नयी याचिका को लंबित याचिकाओं में जोड़ने का शुक्रवार को आदेश दिया।
केन्द्र के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाएं ‘जनहित अभियान’ और एनजीओ ‘यूथ फॉर इक्वेलिटी’ सहित अनेक पक्षकारों ने दाखिल की हैं। यूथ फॉर इक्वेलिटी ने अपनी याचिका में विधेयक को रद्द करने की मांग की है। एनजीओ के अध्यक्ष कौशल कांत मिश्रा की ओर से दाखिल याचिका में कहा गया है कि आरक्षण के लिए केवल आर्थिक कसौटी ही आधार नहीं हो सकता और यह विधेयक संविधान के बुनियादी नियमों का उल्लंघन करता है।
क्योंकि आर्थिक आधार पर आरक्षण को सामान्य वर्ग तक ही सीमित नहीं किया जा सकता और कुल 50 प्रतिशत की सीमा को भी पार नहीं किया जा सकता। वहीं व्यावसायी पूनावाला की ओर से दाखिल नयी याचिका में विधेयक को रद्द करने की मांग करते हुए कहा गया है कि आरक्षण के लिए पिछड़ेपन को केवल ‘‘आर्थिक स्थिति से’’ परिभाषित नहीं किया जा सकता।

अब उत्तराखंड में भी सवर्णों को मिलेगा आरक्षण

अपर मुख्य सचिव,कार्मिक एवं सतर्कता, राधा रतूड़ी ने बताया कि भारत सरकार द्वारा संविधान संशोधन के उपरान्त आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को 10 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। इसी क्रम में उत्तराखण्ड सरकार द्वारा भी 5 फरवरी, 2019 को ‘‘उत्तराखण्ड लोक सेवा (आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिये आरक्षण) अध्यादेश 2019’’ लागू कर दिया गया है।
इस प्रकार केन्द्र सरकार तथा गुजरात सरकार के बाद उत्तराखण्ड देश में दूसरा राज्य है, जहां उक्त आरक्षण लागू किया गया है। प्रदेश के बेरोजगार शिक्षित युवाओं के लिये यह अच्छी खबर है, जिसके अन्तर्गत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग भी आरक्षण का लाभ प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि यह अध्यादेश समस्त विभागों, उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग तथा अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को प्रेषित किया गया है, ताकि इस पर तत्काल अधियाचन एवं विज्ञप्ति जारी की जाये तथा अधिक से अधिक बेरोजगार नौजवानों को शीघ्र रोजगार प्राप्त हो सके।
इसके तहत लोक सेवाओं और पदों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गो के पक्ष में उत्तराखण्ड राज्य के उन स्थायी निवासियों को आरक्षण प्राप्त होगा, जो अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और सामाजिक तथा शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गो के लिए आरक्षण की मौजूदा योजना के अन्तर्गत सम्मिलित नहीं है।
ऐसे आर्थिक रूप से कमजोर वर्गो के व्यक्ति जिनके परिवारों की सभी स्रोतों से कुल वार्षिक आय रु 8 लाख से कम हो आरक्षण के इस प्रयोजन के लिए आर्थिक रूप से कमजोर वर्गो में चिन्हित हैं। परिवार, की आय में सभी स्रोतों से अर्थात् वेतन, कृषि, व्यवसाय, पेशा आदि से प्राप्त आय सम्मिलित होगी। उक्त आय लाभार्थी द्वारा आवेदन के वर्ष से पूर्व वित्तीय वर्ष के लिए आय होगी।

स्वास्थ्य के क्षेत्र में बलूनी ने दी एक और सौगात

उत्तराखंड से राज्यसभा सांसद, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनिल बलूनी ने आज उत्तराखंड के एम्स ऋषिकेश व सुशीला तिवारी अस्पताल, हल्द्वानी में रोगियों के परिजनों के रुकने तथा रात्रि प्रवास हेतु दो आरोग्य सदनों (रैन-बसेरों) के निर्माण की सौगात देने जा रहे है। गढ़वाल और कुमाऊ मंडल में बनने वाले इन आरोग्य-सदनों से पहाड़ के दुर्गम क्षेत्र के गरीब रोगियों और उनके परिजनों को बड़ी राहत मिलेगी।
सांसद बलूनी ने आज इस संबंध में देहरादून व नैनीताल के जिलाधिकारियों, ऋषिकेश तथा हल्द्वानी के मेयर से इन आरोग्य-सदनों हेतु शीघ्र भूमि उपलब्ध कराने हेतु वार्ता की। बलूनी ने कहा कि वे अपनी सांसद निधि एवं अन्य संस्थाओं के सहयोग से इन सदनों का निर्माण करेंगे।

सांसद बलूनी ने कहा कि सुदूर से आने वाले रोगियों एवं उनके परिजनों को उपचार के अलावा भोजन, परिवहन और प्रवास में काफी पैसा खर्च करना पड़ता है। अस्पताल के निकट बनने वाले आरोग्य-सदन उनका परिवहन एवं प्रवास खर्चा तो बचायेंगे ही साथ ही उन्हें लागत मूल्य पर भोजन उपलब्ध कराने हेतु कैंटीन का भी निर्माण कराया जाएगा।
बलूनी ने कहा कि प्रथम चरण में इन सदनों में 100 से अधिक व्यक्तियों के रुकने हेतु कक्षों के साथ-साथ दो डोरमेट्री हॉल (पुरुष-महिला) व कैंटीन का निर्माण किया जायेगा। सुदूर के रोगी सम्पूर्ण जांच व उपचार होने तक यहाँ रुक सकेंगे ताकि होटल के महंगे रहने-खाने के खर्च से उन्हें राहत मिल सके।

अमित शाह ने उत्तराखंड में कार्यकर्ताओं को दिए चुनावी टिप्स

उत्तराखंड राज्य का विकास फास्ट ट्रेक पर दौड़ रहा है। लोग बदलाव महसूस करने लगे हैं। भ्रष्टाचार पर अंकुश लगा है। आम जन की बेहतरी को अच्छी योजनाएं बनाई गई हैं। ये कहना है भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का। शाह शनिवार को टिहरी और हरिद्वार लोकसभा क्षेत्र के संयुक्त त्रिशक्ति सम्मेलन में बोल रहे थे। उन्होंने कार्यकर्ताओं की टोह ली और 2019 के आम चुनाव की तैयारियों में जुटने का आहवान किया।
इस मौके पर उन्होंने त्रिवेंद्र सिंह रावत की पीठ थपथपाई। कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार मुक्त सरकार चल रही हैं। विकास कार्य तेजी से हो रहे हैं। राज्य सरकार ने अटल आयुष्मान उत्तराखंड जैसी योजना शुरू की है। कहा कि केंद्र और राज्य सरकार उत्तराखंड को मॉडल राज्य बना रही है। इस मौके पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष शाह ने केंद्र सरकार की उपलब्धियों को भी रखा। केदारनाथ धाम की कायकल्प के बारे में बताया। ऑल वेदर रोड का जिक्र किया। कहा कि उत्तराखंड का विकास फास्ट ट्रेक पर दौड़ने लगा है।

कांग्रेस समेत विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्रीय बजट के बाद सबके चेहरों की हवा उड़ी हुई है। बजट में किसान, मजदूर, नौकरीपेंशा, सेना के लिए बेहतर किया गया है। भाजपा प्रमुख ने कार्यकर्ताओं का आहवान किया कि केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाएं। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष अजय भटट, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू, केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा, थावरचंद गहलौत, सांसद डा. रमेश पोखरियाल निशंक, माला राज्यलक्ष्मी, तीरथ सिंह रावत आदि मौजूद थे।

22 माह की सरकार ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मुख्यमंत्री आवास स्थित जनता मिलन हाॅल में पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि पिछले 22 माह में राज्य सरकार द्वारा प्रदेश हित में अनेक नीतिगत निर्णय लिये गये हैं। राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों तक जनकल्याणकारी योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित की गई है। प्रदेश के अर्थिक विकास एवं पिछड़ेपन को दूर करने तथा उद्योगों को बढावा देकर निवेश की व्यापक संभावनाएं तलाशी है।
निवेश से बदलेगी तस्वीर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पहली बार इन्वेस्टर्स समिट का सफल आयोजन कर 1 लाख 24 हजार करोड़ के एमओयू साइन किए गये। इसमें से रू0 40 हजार करोड़ के निवेश पहाड़ी क्षेत्रों के लिए किए गए हैं। पहाड़ों पर लघु उद्योगों का विकास किया जा रहा है। बागेश्वर में पहली लीसा फैक्ट्री की शुरुआत हुई है। इसमें से लगभग रू0 10 हजार 300 सौ करोड़ के प्रोजेक्ट जल्द धरातल पर उतरने लगेंगे। इससे 20 हजार रोजगार सृजित होंगे। मार्च तक यह लगभग 13 हजार करोड होने का अनुमान है। आने वाले 3 चार महीनों में 30 हजार करोड़ रुपए के अन्य प्रोजेक्ट भी धरातल पर दिखाई देने लगेंगे।
विकास दर और प्रति व्यक्ति आय बढ़ी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की विकास दर और प्रति व्यक्ति आय में बढोतरी हुई है। वर्ष 2018-19 में राज्य का सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) 2,14,993 करोड़ अनुमानित है। राज्य में अनुमानित आर्थिक विकास दर 2017-18 में 6.82 फीसद थी जो 2018-19 में बढ़कर 7.03 प्रतिशत हो गई है। जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह औसत दर 7.2 प्रतिशत है। वर्ष 2018-19 में उत्तराखंड में प्रति व्यक्ति आय यानि एक आदमी की सालाना कमाई 1,90.284 रुपये है जबकि देश की प्रति व्यक्ति आय 1,25,397 है। हालांकि विकास दर और प्रति व्यक्ति आय में मैदानी जिलों और पहाड़ी जिलों में बहुत फर्क है। हमारी कोशिश इसी फर्क को पाटने की है। हम पहाड़ों को ध्यान मे रखकर योजनाएं बना रहे हैं।
अटल आयुष्मान योजना बनी लोगों का कवच
मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना लोगों का रक्षा कवच बनी है। प्रदेश के सभी 23 लाख परिवारों को निशुल्क स्वास्थ्य सुरक्षा सालाना 5 लाख रुपए तक कैशलेस इलाज की सुविधा प्रदान की जा रही है।
इस योजना में अब तक 11 लाख से ज्यादा गोल्डन कार्ड बनाये जा चुके है। करीब 3 हजार लोगों का निशुल्क इलाज किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 तक जहां राज्य में 17 साल में केवल 1123 डॉक्टर तैनात थे, वहीं हमने 17 महीनों में 1137 नए डॉक्टरों की भर्तियां की है। 26 जनवरी से निशुल्क एयर एंबुलेंस सेवा शुरू कर रहे हैं। दुर्गम क्षेत्रों के लिए यह वरदान साबित होगी। अल्मोड़ा में डायलिसिस सेवा शुरू की गई है, पिथौरागढ़, श्रीनगर, कोटद्वार में जल्द शुरू करने वाले हैं। पहली बार राज्य में टेलीमेडिसिन और टेलीरेडियोलॉजी जैसी आधुनिक तकनीकें लाई गई हैं। आशा कार्यकत्रियों के बकाया भुगतान के लिए रू0 33 करोड़ जारी किए हैं। एएनएम और आशाओं के लिए दुर्घटना बीमा योजना शुरू की है।

स्वतंत्रता संग्राम में आंदोलनकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका: टीएसआर

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत और विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने गुरूवार को थानों में स्वतंत्रता संग्राम सैनानियों के परिजनों को सम्मानित किया। इस अवसर पर आजादी के आन्दोलन में प्रतिभाग करने वाले 12 सैनानियों के परिजनों को सम्मानित किया गया। जिन लोगों को सम्मानित किया गया उनमें स्वतंत्रता संग्राम सेनानी हरि सिंह सोलंकी, किशन सिंह, भूरिया सिंह, बुद्वि प्रकाश, पंचम सिंह कृषाली, देव नारायण, सैनपाल सिंह भिडोला, पदम सिंह सौलंकी, सूरत सिंह चैहान, गौरीश वर्मा, बांकेलाल गर्ग, मदन सिंह रावत के आश्रित शामिल है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि थानों हमारे स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की स्मृतियों से जुड़ा हुआ क्षेत्र है। जिन्होंने देश की आजादी में अहम योगदान दिया। स्वतंत्रा संग्राम सेनानी हमारी प्रेरणा के स्रोत हैं। देश की आजादी के लिए दिया गया उनका बलिदान एवं योगदान हमारी नई पीढ़ियों को प्रेरणा प्रदान करेगी और देश की रक्षा के लिए हमें जब भी जरूरत पड़ेगी इन स्वतंत्रता संग्राम सैनानियो के साहस से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ेंगे।
मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रा संग्राम सैनानियों की स्मृतियों को संजोने के लिए थानों में पानी की टंकी एवं विद्यालय के जीर्णोद्धार के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजने को कहा। उन्होंने कहा कि थानों एवं रायपुर अस्पताल को एम्स को दिया है। इन अस्पतालों में एम्स ऋषिकेश द्वारा स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जायेंगी। इन अस्पतालों में सेवाएं शुरू करने के लिए एम्स ऋषिकेश को प्रस्ताव भेजा गया है। एम्स में जल्द ही दो सहायकों की नियुक्ति की जा रही है, जो मरीजों को स्वास्थ्य सम्बधी सुविधाओं के बारे में जानकारी देंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र में विकास से संबधित प्रमुख कार्यों बिजली, पानी, सड़क आदि मूलभूत सुविधाओं के लिए क्षेत्रीय जन प्रतिनिधियों के माध्यम से प्रस्ताव भेजे जाए, उनका जल्द समाधान किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर्रावाला में 300 बैड का जच्चा बच्चा अस्पताल खोला जायेगा। जिसका जल्द ही शिलान्यास किया जायेगा।
विधान सभा अध्यक्ष प्रेमचन्द अग्रवाल ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने देश की आजादी के लिए अपना बलिदान दिया है, उनके परिजनों की समस्याओं का निराकरण करना हम सबका दायित्व है। विधान सभा अध्यक्ष ने वीर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का भावपूर्ण स्मरण करते हुए उन्हे साहस एवं पराक्रम का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि अपने इन वीर सेनानियों का सम्मान करना भी हम सबका दायित्व है, इन वीर सैनानियों के सिद्वांत एवं कर्तव्य निष्ठा सदैव हमें प्ररेणादायी रहेगी।

उत्तराखंड भाजपा ने लोकसभा चुनाव की तैयारियां शुरू की

लोकसभा चुनाव का एलान होने में भले ही थोड़ा वक्त हो, लेकिन राज्य में भाजपा पूरी तरह चुनावी मोड में आ गई है। इस कड़ी में लोकसभा क्षेत्रवार होने वाले त्रिशक्ति सम्मेलनों में पार्टी के राष्ट्रीय स्तर के नेताओं को लाने की कवायद चल रही है, ताकि पार्टी के पक्ष में माहौल बन सके। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री दिनेश मुंडा ने इन सम्मेलनों में भाग लेने की स्वीकृति दे दी है।
यही नहीं, पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा 17 कार्यक्रमों के लिए प्रदेश में संयोजकों की नियुक्तियां भी कर दी गई हैं। भाजपा के राष्ट्रीय सह महामंत्री संगठन शिव प्रकाश, प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू और मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की मौजूदगी में भाजपा की लोकसभा चुनाव संचालन समिति की बैठक के बाद प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने उक्त जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि उप्र के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अलग-अलग लोस क्षेत्रों में आएंगे। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि लोस क्षेत्रों में त्रिशक्ति सम्मेलन, प्रबुद्ध सम्मेलन और युवा संसद के आयोजन होंगे।
त्रिशक्ति सम्मेलनों के लिए संयोजक नियुक्त कर दिए गए हैं। इनमें नरेश बंसल (टिहरी-हरिद्वार), गजराज बिष्ट (अल्मोड़ा व नैनीताल) व खजानदास (पौड़ी) शामिल हैं। पार्टी ने हर लोस क्षेत्र में एक चुनाव कार्यालय खोलने का निश्चय भी किया है। प्रति मंडल दो लाख का लक्ष्य भट्ट के अनुसार बैठक में 11 फरवरी को होने वाले समर्पण कार्यक्रम के संबंध में चर्चा हुई।
उन्होंने बताया कि पार्टी की प्रत्येक मंडल इकाई को दो लाख का लक्ष्य दिया गया, जिसे केवल कार्यकर्ता पार्टी को देंगे। राज्य में पार्टी की मंडल इकाइयों की संख्या 228 है। सक्रिय कार्यकर्ताओं के लिए कम से कम एक हजार रुपये की राशि नियत की गई है। सांसदों व विधायकों से एक या दो माह की तनख्वाह पार्टी फंड में देने को कहा गया है।
बताया कि पार्टी को पांच से लेकर दो हजार रुपये तक की राशि मोदी एप के जरिये भी दी जा सकती है। इससे ऊपर की राशि चेक के जरिये ली जाएगी। प्रदेश संयोजकों की नियुक्ति भाजपा ने राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा घोषित कार्यक्रमों के मद्देनजर राज्य स्तर पर 17 संयोजकों की नियुक्ति कर दी है।
पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा को संकल्प समिति का संयोजक बनाया गया है। मेरा परिवार भाजपा परिवार के लिए कैबिनेट मंत्री प्रकाश पंत व मीडिया प्रमुख डॉ.देवेंद्र भसीन के साथ ही महामंत्री गजराज बिष्ट (कुमाऊं) व खजानदास (गढ़वाल), लाभार्थी संपर्क कार्यक्रम के लिए राज्यमंत्री डॉ.धन सिंह रावत, सामाजिक संस्था संपर्क के लिए दायित्वधारी डॉ.आरके जैन व सुरेश परिहार, मीडिया के लिए डॉ. देवेंद्र भसीन, केंद्रीय नेतृत्व प्रवास समिति के लिए उपाध्यक्ष ज्योति गैरोला, प्रचार-प्रसार को अभिमन्यु कुमार, सोशल मीडिया के लिए अजेंद्र अजय व राजीव तलवार को जिम्मेदारी दी गई।
साहित्य निर्माण समिति के लिए प्रकाश पंत व लक्ष्मी प्रसाद, कमल दीप के लिए डॉ.धन सिंह रावत, प्रबुद्ध सम्मेलन को डॉ.अशोक सक्सेना व डॉ.पाटनी, कार्यालय प्रमुख को पुष्कर काला, चुनाव आयोग समिति को पुनीत मित्तल, यातायात एवं विमानन को बलजीत सोनी व कुलदीप नेगी, साहित्य वितरण को राजेंद्र ढिल्लों, बाइक रैली को डॉ.धन सिंह रावत, नवीन ठाकुर व सौरभ थपलियाल और मन की बात कार्यक्रम के लिए बलवंत सिंह भौंर्याल व कुलदीप कुमार को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।