200 करोड़ का सॉफ्ट लोन दे केन्द्र सरकार200 करोड़ का सॉफ्ट लोन दे केन्द्र सरकार200 करोड़ का सॉ200 करोड़ का सॉफ्ट लोन दे केन्द्र सरकार

सीएम हरीश रावत ने पीएम से मांगा सहयोग
देहरादून।
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर उत्तराखण्ड की चीनी मिलों के लिए केन्द्र सरकार से 200 करोड़ का सॉफ्ट लोन उपलब्ध करवाने का अनुरोध किया है।
अपने पत्र में मुख्यमंत्री रावत ने प्रधानमंत्री को अवगत कराया है कि राज्य में 8 चीनी मिलें हैं जिनमें से 5 मिलें सार्वजनिक व सहकारी क्षेत्र की एवं 3 निजी क्षेत्र की हैं। राज्य में चीनी मिलों ने पिराई सीजन 2015-16 में कुल 28.37 लाख मीट्रिक टन गन्ने की पिराई की और 2.73 लाख मीट्रिक टन चीनी का उत्पादन किया गया। इस सीजन में गन्ना किसानों का कुल देय भुगतान रू0 790.57 करोड़ था। राज्य सरकार द्वारा चीनी मिलों को साफ्ट लोन व विभिन्न प्रकार की रियायतें उपलब्ध करवाईं गईं। चीनी मिलों द्वारा रू0 573.71करोड़ का भुगतान किसानों को किया जा चुका है परंतु अभी भी रू0 216.86 करोड़ का भुगतान किया जाना बाकी है।
मुख्यमंत्री रावत ने पत्र में बताया है कि लगभग 1 लाख 75 हजार से अधिक गन्ना किसान उŸाराखण्ड की चीनी मिलों से जुड़े हुए हैं। पिछले पिराई सीजन में केन्द्र सरकार द्वारा जनवरी 2015 में लोन पैकेज घोषित किया गया था। राज्य सरकार द्वारा भी गन्ना किसानों व चीनी मिलों को गन्ना खरीद टैक्स, एन्ट्री टैक्स, गन्ना सोसाईटी कमीशन व मण्डी समिति टैक्स आदि में छूट दी गईं। परन्तु ये उपाय भी चीनी मिलों को उबारने व गन्ना किसानों के पूर्ण भुगतान के लिए पर्याप्त नहीं रहे।
मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि इस वित्तीय संकट के चलते गन्ना मिलें अपने मरम्मत व रख-रखाव कार्य करने में सक्षम नहीं रहेंगी, जिसका विपरीत प्रभाव अगले पिराई सीजन 2016-17 पर भी पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से उत्तराखण्ड की गन्ना किसानों के बकाया भुगतान को सुनिश्चित करने के लिए रू0 200 करोड़ का सॉफ्ट लोन उपलब्ध करवाने का अनुरोध किया।

नवजोत सिद्धू के इस्तीफे से भाजपा ने बनाई दुरी

पार्टी नेता कुछ भी कहने से सीधे बच रहे
नई दिल्ली।
भाजपा नेता नवजोत सिद्धू के इस्तीफे से तिलमिलाई भाजपा ने अब इस प्रकरण पर चुप्पी साधने में ही भलाई समझी है। तीन बार के अमृतसर लोकसभा सीट से सांसद रहे सिद्धू ने सोमवार को अचानक राज्यसभा सांसद के पद से इस्तीफा दे दिया था, उनके साथ उनकी पत्नी नवजोत कौर ने भी भाजपा से अपना नाता तोड़ लिया है। सूत्रों की मानें तो भाजपा के स्टार प्रचारक सिद्धू आम आदमी पार्टी से पंजाब के सीएम पद के दावेदार हो सकते है।
पूर्व क्रिकेटर सिद्धू अपनी पत्नी संग पिछले दो वर्षो से पंजाब की अकाली दल सरकार को कटघरे में खड़ा करते आये है। जिससे भाजपा व अकाली दल में कई बार खटास पैदा हो चुकी है। भाजपा हाईकमान अकाली दल से कोई नाराजगी मोल नही लेना चाहता है। इसके चलते सिद्धू अपने को उपेक्षित महसूस कर रहे थे। सूत्रों से जानकारी मिल रही है कि आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने नवजोत सिद्धू को आप में शामिल होने को कहा था।
बरहाल नशे के कारोबार के चलते पंजाब में अकाली व भाजपा सरकार की बुरी स्थिति हो चली है। ऐसे में सिद्धू का अचानक चले जाना और चुनाव में भाजपा के खिलाफ प्रचार करना मंहगा साबित हो सकता है। वहीं, भाजपा नेता दबी जुबान से सिद्धू पर निष्क्रीय रहने का आरोप लगा रहे है।

भाजपा के साथ केन्द्र सरकार की किरकिरी

अरुणाचल में कांग्रेस सरकार बहाल करने के आदेश
सुप्रीम कोर्ट के आदेश से केन्द्र को गहरा झटका लगा
उत्तराखंड सीएम हरीश रावत बोले सच्चाई की जीत

उत्तराखंड की तर्ज पर अरुणांचल प्रदेश में भी सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस सरकार को बहाल कर दिया। सुप्रीम कोर्ट के आदेश से केन्द्र की भाजपा सरकार को गहरा झटका है। उत्तराखंड सीएम ने कोर्ट के निर्णय को ऐतिहासिक बताते हुए सच्चाई की जीत बताया है।
गौरतलब है कि कांग्रेस के कई विधायक अरुणांचल प्रदेश में भाजपा के साथ चले गये थे। जिससे सरकार पर संकट गहरा गया था। भाजपा ने मौके का भरपूर फायदा उठाते हुए सरकार गठन करने की भरपूर कोशिश की। कुछ हद तक भाजपा संगठन को कामयाबी तो मिली लेकिन मामला कोर्ट तक चला गया। कोर्ट से उत्तराखंड की तरह मामला कांग्रेस के पक्ष में चला गया। सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले के बाद अरुणांचल में कांग्रेस की सरकार बनते दिख रही है।