बनखंडी के आंशिक क्षेत्रों में पेयजल किल्लत

ऋषिकेश।
मंगलवार को बनखंडी के आंशिक क्षेत्रों में दो हफ्ते से पेयजल किल्लत के होने से लोगों ने जल संस्थान के खिलाफ प्रदर्शन किया। मौके पर आये जल संस्थान के जलकल अभियंता अरुण बिक्रम सिंह रावत व अभियंता मनोज डबराल का लोगों ने घेराव किया। विवेक तिवाड़ी ने जलकल अधिकारियों को बताया कि दो हफ्ते से क्षेत्र में नियमित पानी सप्लाई की समस्या बनी हुई है। लेकिन विभाग इस ओर ध्यान नही दे रहा है।
एडवोकेट कपिल शर्मा, छोटे सिंह बिष्ट आदि स्थानीय लोगों का कहना था कि दो हफ्ते से लोगों के घरों में पानी नियमित रुप से नही आ रहा है। जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जलकल अभियंता अरुण बिक्रम सिंह रावत ने आश्वासन दिया कि शीघ्र ही पानी की समस्या को दूर कर दिया जायेगा।
मौके पर संजय भारद्वाज, दीपक जैन, गोबिन्द यादव, राहुल कुमार, रमेश कुमार शर्मा, सोनी देवी, शिवम कश्यप, मुरारी लाल, शिवानी, राम, शीला देवी, प्रेमवती, निर्मला देवी, मंजीत कौर, पूनम, विक्रमजीत आदि मौजूद थे।

निर्माण कार्यों के चलते नालियों में जमा हो रही सामग्री

ऋषिकेश।
ऋषिनगरी में कई स्थानों पर नालियां बंद पड़ी है। शहर में जगह-जगह खुदाई होने से मलबे के ढेर नालियों में पड़े हैं जिससे शहर का ड्रेनेज सिस्टम गड़बड़ा रहा है। रही कसर सड़क पर पड़ी निर्माण सामग्री से पूरी हो रही है। भवन निर्माण के लिए रखी रेत, बजरी पानी के साथ बहकर नालियों को चोक कर रहे है। जगह-जगह नालियां बंद होने से पानी की निकासी नहीं हो पा रही है।
गौरतलब है कि नालियों के रखरखाव का जिम्मा नगर पालिका के पास है लेकिन शहर में कहीं पाइप लाइन बिछ रही है तो कहीं केबिल। सड़क खोदने के बाद मलबे को दाएं-बाएं कर मजदूर चले जाते हैं जिससे मलबा नालियों में जमा हो जाता है। सड़क के किनारे भवन सामग्री भी नालियों में बहकर जा रही है। छुट्टा पशु सड़कों में पड़ी सामग्री को फैला देते हैं। सोमवार देर रात हुई बारिश से नालियों में पानी के साथ यह सामाग्री भी जमा हो गई। नालियां बंद होने से पानी की निकासी नहीं हो पा रही है।

राम-लक्ष्मणझूला पुल रहेगा वन-वे

शिवरात्रि पर बुधवार से तीन दिन वन-वे व्यवस्था होगी लागू
बैराज मोटर मार्ग से नीलकंठ जाएंगे वाहन

ऋषिकेश।
यमकेश्वर के एसडीएम सोहन सिंह सैनी ने सोमवार को लक्ष्मणझूला स्थित गेस्ट हाउस में विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर शिवरात्रि मेले की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने 22 फरवरी से राम-लक्ष्मणझूला पुलों को वन-वे करने के साथ क्षतिग्रस्त पैदल और मोटर मार्ग के गड्ढे भरने के निर्देश भी दिए।
एसडीएम ने बताया कि वन-वे के दौरान नीलकंठ जाने वाले रामझूला पुल से एवं लौटने वाले लक्ष्मणझूला पुल से लौटेंगे। वहीं गाड़ियां बैराज मार्ग से जाने के साथ ब्रह्मपुरी पुल से लौटेंगी। इस दौरान स्वर्गाश्रम से लक्ष्मणझूला के बीच वाहन खड़े नहीं होने दिए जाएंगे। जबकि भंडारे लगाने की अनुमति वन विभाग से लेनी होगी। मेले के दौरान एक सप्ताह से सफाई कर्मचारी भी तैनात किए जाएंगे। इस दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारी व जनप्रतिनिधि मौजूद थे।

आईडीपीएल बंद करने के निर्णय का विरोध

ऋषिकेश।
मंगलवार को आईडीपीएल के लेडिज क्लब में पूर्व अधिकारी और कर्मचारी वर्ग की एक खुली बैठक हुई। वक्ताओं ने केन्द्र सरकार के आईडीपीएल बंद करने के निर्णय की आलोचना की। कहा कि आईडीपीएल ऋषिकेश ही एकमात्र ऐसा संस्थान है जो लाभ में है और कार्यरत इकाई है। वक्ताओं ने आईडीपीएल के योगदान को याद किया। कहा कि देश में सस्ती दवाओं की उपलब्धता में आईडीपीएल का योगदान रहा है।
संस्थान के ऋषिकेश में स्थापित होने से स्थानीय स्तर पर रोजगार का सृजन हुआ। उदारीकरण के दौर में आईडीपीएल बंद करने का निर्णय आज पूरा देश भुगत रहा है। ऐसे में 832 एकड़ में फैले इस संस्थान के टाउनशिप में रह रहे पूर्व कर्मचारियों के सामने आवास का संकट गहराने वाला है। लीज की शर्तों के अनुसार भूमि वन विभाग को हस्तांतरित कर दी जाएगी। ऐसे में टाउनशिप होने के चलते कई कर्मचारी आवास नहीं बना सके हैं और वे बेघर हो जाएंगे। वक्ताओं ने बताया कि बैठक में निर्णय लिया गया है कि केन्द्र सरकार के निर्णय के खिलाफ पीएम मोदी को हर पूर्व अधिकारी और कर्मचारी पत्र भेजेगा। संस्थान के रिवाइवल की मांग के लिए भेजे जाने वाले पत्र में कर्मचारियों की समस्या को भी बताया जाएगा। गौरतलब है कि उत्तराखंड के एकमात्र संस्थान को मोदी सरकार की कैबिनेट ने 28 दिसंबर 2016 को पूर्णतया बंद करने का निर्णय ले लिया है।

आईडीपीएल के बंद करने के फैसले से लोजपा नाराज

शहर में रैली निकालकर तहसील में किया प्रदर्शन

ऋषिकेश।
लोक जन शक्ति पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ.केएस बालियान के नेतृत्व में कार्यकर्ता रेलवे स्टेशन से रैली के रूप में तहसील पहुंचे। जहां उन्होंने केन्द्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए आईडीपीएल के बंद करने के फैसले का विरोध किया। उन्होंने कहा कि फैक्ट्री बंद होने से वर्तमान में रह रहे परिवारों के आगे आर्थिक संकट आ जाएगा। इसके अलावा पार्टी ने राप्ती गंगा एक्सप्रेस के ऋषिकेश से संचालन की मांग, एक्सप्रेस गाड़ियों में बढ़े कोच, हरिद्वार से चलने वाली गाड़ियों का ऋषिकेश से हो संचालन, वर्ष 2000 के साक्ष्यों के आधार पर बने जाति प्रमाण पत्र, विभागों में खाली पड़े अनुसूचित जाति व पिछड़ी जाति के पदों को बैकलॉग कोटा से तत्काल पूरा कराया जाए, देश भर के निजी संस्थानों में आरक्षण पर नौकरी दिए जाए की मांग की। एक माह के भीतर मांगें पूरा न होने पर पार्टी कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगा। प्रदर्शन करने वालों में प्रदेश सचिव भोपाल सिंह, अजय सिंह, सुमित चौरसिया, अनिल मिश्रा, पप्पू ठेकेदार, सीताराम, मदनलाल जाटव, अमित मोहन, बबलू लाल, ऋषि पाल, रणवीर सिंह चौहान, नूरहसन, माया देवी, संगीता रावत, धनवती, कमला रावत, शकुंतला बिष्ट, सोनिका, ममता भट्ट, गीता देवी, आशा भंडारी, मीना जोशी, श्यामबहादुर, शान्ति गोस्वामी, सरिता देवी, सरोज देवी, काजल, मिथलेश, लक्ष्मी देवी, रूपा सैनी, सरोजनी देवी, गुड्डी देवी, सीमा देवी, कमलेश सहित अन्य शामिल थे।

आईडीपीएल को बंद करने के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आईडीपीएल को बंद कर बेचने का लगाया आरोप

ऋषिकेश।
शनिवार को कृष्णानगर कॉलोनी में कांग्रेस कार्यकर्ता एकत्रित हुए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केन्द्र सरकार के आईडीपीएल को बंद करने और बेचने के निर्णय की आलोचना की। कांग्रेस प्रदेश महासचिव राजपाल खरोला ने केन्द्र की भाजपा सरकार पर आरोप लगाये। कहाकि चुनाव में आईडीपीएल के रिवाइवल का वादा करने वाली भाजपा अब इसे बंद कर बेचने की तैयारी कर रही है।
खरोला ने कहा कि ऋषिकेश के लोगों को केन्द्र सरकार के निर्णय से निराशा हाथ लगी है। उन्होंने आईडीपीएल फैक्ट्री को बंद करने व बेचने का विरोध किया। केन्द्र सरकार से आईडीपीएल के रिवाइवल की मांग की। मौके पर दीपक धमांदा, राजेश व्यास, मानवेन्दर कंडारी, मधु जोशी, प्रदीप चंद्रा, आशु नेगी, दिनेश मास्टर, अजय अग्रवाल, रघुवर दयाल, शिवला, विजेन्द्र, महेन्द्र, उत्तम कुमार, राजेंद्र, भगत सिंह आदि मौजूद थे।

बाहर के ठेकेदारों को काम देने के विरोध में भाजपा

ऋषिकेश।
भाजपा कार्यकर्ता लोक निर्माण विभाग के रेलवे रोड स्थित कार्यालय पर गुरुवार को पहुंचे। उन्होंने राज्य योजना के मद से 5.5 करोड़ के स्वीकृत निर्माण कार्य को बाहरी ठेकेदारों को दिए जाने का विरोध किया। मंडल अध्यक्ष प्रदीप धस्माना ने आरोप लगाया कि लोनिवि के खंड से बाहर के ठेकेदारों को काम दिया जा रहा है जबकि विभाग में ऋषिकेश विधानसभाई क्षेत्र के ही सैकड़ों ठेकेदार बेरोजगारी की मार से परेशान हैं।
जिला उपाध्यक्ष किशन नेगी ने सीएम के चहेतों को ठेके देने का आरोप लगाया तो वरिष्ठ नेता जयदत्त शर्मा ने कमीशन के चलते बाहरी लोगों को ठेके देने की बात कही। भाजपा कार्यकर्ताओं ने विभागीय अधिकारियों को चेताया कि अगर स्थानीय ठेकेदारों को काम नहीं दिया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने मामले में लोनिवि के सहायक अभियंता के व्यवहार को भी निराशाजनक बताया।
प्रदर्शन करने वालों में संदीप गुप्ता, ज्योति सजवाण, दिनेश पयाल, रामरतन रतूड़ी, बृजमोहन कडंवाल, शोभा चौहान, पदमा नैथानी, सुरेन्द्र सिंह, महिपाल सिंह, सुभाष वाल्मिकी, कुसुम डबराल, अनीता प्रधान, अमन कुकरेती, रवि रावत, कपिल गुप्ता, देवेन्द्र सिंह नेगी, भूपेन्द्र राणा, रवि रावत, कौशल बिजल्वाण आदि शामिल थे।

पुलिस, एआरटीओ व एसडीएम कार्यालय संयुक्तरुप से करेंगे सर्वे

बस और ट्रेकर संचालकों को यथास्थिति बनाये रखने के निर्देश
सवारियों को बैठाने और उतारने को लेकर परिवहन कंपनी और ट्रेकर कमांडर यूनियन में चला आ रहा विवाद

ऋषिकेश।
बुधवार को एसडीएम कार्यालय में एसडीए वृजेश कुमार तिवारी की अध्यक्षता में परिवहन कंपनियों व ट्रेकर कमांडर यूनियन की बैठक हुई। वर्ष 2015 से नटराज चौक पर सवारियों को बैठाने और उतारने को लेकर दोनों परिवहन कपंनियां आमने-सामने है। दो रोज पहले भी नटराज चौक पर दोनों के बीच विवाद हो भी चुका है। जिसकों लेकर प्रशासन ने बुधवार को वार्ता बुलाई। चंबा रुट पर सवारियां बैठाने को लेकर बस व ट्रेकर संचालक आमने-सामने है।
बस कंपनियों का तर्क है कि उनकी सेवाएं परेड ग्राउंड देहरादून, हरिद्वार व संयुक्त रोटेशन अड्डे ऋषिकेश से सवारियां लेकर चलती है। नटराज चौक उनका पिकअप व ड्राप प्वाइंट है। ऐसे में सवारियों को बैठाने व उतारने के लिए बसें नटराज चौक पर रुकती है। उन्होंने ट्रेकर कमांडर के नटराज चौक पर सवारियों के इंतजार में वाहन खड़ा रखने पर आपत्ति जताई। कहाकि ऐसे में उन्हें सवारियां नही मिल रही है।
वहीं, ट्रेकर कमांडर यूनियन का अपना तर्क है कि उनके स्टॉपेज में सवारियां नही मिल रही है। ऐसे में बिना सवारियों के वाहन कैसे चलाये। उन्होंने नटराज चौक से सवारियों के भरने को जायज ठहराया। प्रशासन ने दोनो पक्षों के तर्क सुने और व्यवस्था दी कि प्रशासन दो तीन दिन के अंदर संयुक्तरुप से सर्वे करेगा। जिसके बाद दोनों पक्षों को बुलाया जायेगा। फिलहाल प्रशासन ने यथास्थिति और शांति व्यवस्था बनाये रखने के निर्देश दोनों पक्षों को दिये है।
मौके पर सीओ मनोज कत्याल, एसएचओ सुरेन्द्र सिंह सामंत, परिवर्तन अधिकारी एएस चौहान, यातायात और पर्यटन विकास सहकारी संघ के मनोज ध्यानी, टीजीएमओ के अध्यक्ष प्रीतम सिंह नेगी, लोकल रोटेशन के यशपाल राणा,ट्रेकर कमांडर के ललित मोहन कुड़ियाल, राधेश्याम, बद्री प्रसाद जोशी, दिनेश कोठियाल आदि मौजूद थे।

ऑटो-विक्रम न चलने से सवारियां परेशान

ऋषिकेश।
ऋषिनगरी के विभिन्न रूटों पर 1200 ऑटो-विक्रम चलते हैं। इसके माध्यम से ही लगभग 12 हजार सवारियां हररोज सफर करती हैं। ऋषिकेश विक्रम-ऑटो रिक्शा महासंघ के आह्वान पर मंगलवार में 12 सौ ऑटो-विक्रम नहीं चले। गाड़ियों के न चलने से यात्री परेशान रहे। सबसे अधिक परेशानी ऐसे बीमार लोग जिन्हें एम्स और सरकारी अस्पताल जाना था उन्हें। वहीं स्कूल कॉलेज में पढ़ाई करने वाले भी परेशान रहे। वे स्टैंड पर ऑटो-विक्रम का इंतजार करते नजर आए। ऑटो-विक्रम न मिलने पर लोग रोडवेज, लोकल यूनियन और जीप कमांडर यूनियन की गाड़ियों से गंतव्य तक गए। विक्रम मालिक चालक एसोसिएशन के अध्यक्ष सुनील कुमार का कहना है कि शहर में पहले ही जाम की समस्या है। ऐसे में और गाड़ियों को परमिट दिए जाने से शहर की स्थिति खराब हो जाएगी। इससे शहर में प्रदूषण भी बढ़ जाएगा। परिवहन विभाग नए परमिट का आदेश जारी करती है तो आंदोलन किया जाएगा।

नए परमिट के विरोध में नहीं चलेंगे ऑटो-विक्रम

शहर में 12 सौ आटो-विक्रम का होता है संचालन

ऋषिकेश।
सोमवार को विक्रम-आटो ऋषिकेश महासंघ से जुड़े पदाधिकारियों की बैठक यात्रा टर्मिनल में हुई। इसमें परिवहन विभाग की ओर से 17 नवंबर को नए ऑटो-विक्रम के परमिट जारी करने के आदेश का विरोध किया गया। महासंघ के नेता संजय चौधरी का कहना है कि पहले से 12 सौ आटो-विक्रम शहर में चल रहे हैं। इससे जाम की समस्या रहती है। ऐसे में नए परमिट जारी करने से शहर में दिक्कतें आएंगी। 12 सौ आटो-विक्रम वालों के आगे भी रोजी-रोटी की दिक्कत खड़ी हो जाएगी। इसलिए इसके विरोध में मंगलवार को एक दिवसीय हड़ताल की जाएगी। इसके बाद भी परिवहन विभाग परमिट का आदेश जारी करता है तो आंदोलन किया जाएगा। बैठक में देवभूमि ऑटो रिक्शा ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सोमनाथ अरोड़ा, विक्रम मालिक चालक एसोसिएशन मुनिकीरेती के अध्यक्ष सुनील कुमार, तपोवन विक्रम यूनियन के अध्यक्ष त्रिलोक सिंह भंडारी, लोकेश तायल, दीपक पाल, पुरुषोत्तम भद्री, सोहन गौनियाल, हरिओम, प्रवीण नौटियाल, अमित पाल, आदेश राम, संजय आर्य, राम आशीष राजभर, राजीव पाण्डेय, राजेन्द्र लांबा, पंचम सिंह नेगी सहित अन्य मौजूद थे।