ऋषिकेश।
शनिवार को ऋषिकेश परचून ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष विनोद शर्मा के नेतृत्व में व्यापारी श्यामपुर बाईपास स्थित वाणिज्यकर विभाग के दफ्तर पहुंचे। जहां उन्होंने डिप्टी कमिश्नर एसएस सोलंकी को ज्ञापन सौंपा। आरोप लगाया कि चेकिंग के दौरान टीम वाहन स्वामियों का उत्पीड़न करती है। इससे वे परेशान हैं। इसलिए मामले की जांच कर कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेकिंग के लिए स्थान चिह्नित करने व ट्रांसपोर्टर का वाहन सीज न करने की बात कही। उन्होंने कहा कि वाहन से सामान उतारने और चढ़ाने की जिम्मेदार विभाग की होगी। ज्ञापन सौंपने वालों में देवेन्द्र अरोड़ा, श्रीराम अरोड़ा, रमन कुमार, राजपाल, गोपाल गैरोला, विष्णु गुप्ता, मोहनलाल सहित अन्य शामिल थे।
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सर्वहारानगर के लोगों ने मुख्यमार्ग बंद करने का आरोप लगाया
ऋषिकेश।
मंगलवार को सर्वहारानगर के लोगों ने हाईवे अॅथारिटी पर मुख्य मार्ग बंद करने के आरोप लगाए। कार्यों का निरीक्षण करने आए अभियंता डीपी सिंह का लोगों ने घेराव किया। स्थानीय सभासद विकास तेवतिया ने बताया कि हाईवे सुरक्षा दीवार के निर्माण के लिए निर्माण एजेंसी ने 40 फुट के करीब गड्ढे खोदे गए हैं जिससे आए दिन लोग चोटिल हो रहे हैं। सर्वहारा नगर का मुख्य मार्ग बंद होने जा रहा है। करीब 10 हजार की आबादी के पास दूसरा कोई वैकल्पिक मार्ग भी नहीं है।
प्रदेश कांग्रेस महासचिव राजपाल खरोला ने अभियंता से मुख्य मार्ग को बंद नहीं करने की बात कही। अभियंता ने बताया कि सुरक्षा दीवार बनने के बाद यदि मुख्य मार्ग से ही आवागमन रखा जाता है तो मार्ग में और ढलान हो जाएगी। जिसका स्थानीय लोगों ने विरोध किया। बताया कि पहले ही मार्ग में ढलान के कारण आए दिन सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं। विकास तेवतिया ने बताया हाईवे पर कार्य के चलते पानी की लाइन क्षतिग्रस्त होने व विद्युत पाले हटाने के लिए संबधित विभागों की संयुक्त बैठक होनी आवश्यक है। 
कांग्रेस प्रदेश महासचिव राजपाल खरोला की मध्यस्थता में तय किया गया कि गुरुवार को हाईवे अॅथारिटी के जीएम, ऊर्जा व पेयजल विभाग के अधिकारियों के साथ एक बैठक होगी। राजपाल खरोला ने फोन पर वार्ता कर अधिकारियों को समस्या के समाधान के लिए गुरुवार को सर्वहारा नगर में बैठक करने की जानकारी दी। मौके पर नेता सभासद दल कांग्रेस मनीष शर्मा, जितेन्द्र यादव, सुनील प्रजापति, सुषमा, गुड्डु, रामबदन, सुनील उपाध्याय आदि लोग मौजूद थे।
तहसील में हड़ताल पर रहे मिनिस्ट्रीयल कर्मी
ऋषिकेश।
मिनिस्ट्रीयल संघ की प्रदेशव्यापी हड़ताल के समर्थन में ऋषिकेश तहसील के मिनिस्ट्रीयलकर्मी कार्य से विरत रहे। जिसके चलते कर वसूली, नाजिर कक्ष, तहसीलदार न्यायालय व एसडीएम कार्यालय से संबंधित कार्य नहीं हो सके। एसडीएम कार्यालय में बाबू की अनुपस्थिति में जरूरी डाक नहीं बन पाए। नायब नाजिर के न होने से तहसील संबंधित रिपोर्ट तैयार नहीं हो सकी। वहीं एसडीएम पहले से ही प्रशासनिक कार्य से तहसील से बाहर हैं और नायब तहसीलदार हैं ही नहीं। तहसीलदार अभी मातृ शोक से गुजर रही हैं। ऐसे में तहसील में जन सामान्य के काम भी पूरी तरह से प्रभावित रहे। सुदूर क्षेत्रों से आए फरियादी घंटों इंतजार के बाद घर लौट गए। एसडीएम कोर्ट की सभी सुनवाइयों की तारीख दो बार बढ़ाई जा चुकी है। व्यवस्था के तौर पर डोईवाला तहसीलदार आईडी उनियाल ही ऋषिकेश तहसील का पदभार संभाल रहे हैं। कहा कि प्रशासनिक आदेशानुसार तहसीलदार की वापसी तक वह ही कार्यभार संभालेंगे।
श्यामपुर में ग्रामीणों के पीछे दौड़ा हाथी
शोर मचाकर लोगों ने हाथी को खदेड़ा
ऋषिकेश।
श्यामपुर क्षेत्र में हाथी का आंतक है। बीती रात्रि नौ बजे हाथी ग्राम सभा खदरी के विनोद विहार से श्यामपुर ग्रामसभा के नेगी मोहल्ले में घुस गया। श्यामपुर निवासी मुकुन्द सिंह के घर की चाहरदिवारी तथा विनोद विहार की सुरक्षा दीवार तोड़ डाली। गोपाल सिंह के खेत में चारे की फसल चट करने के बाद जोगेन्द्र सिंह के गेहूं के खेत को रौंद डाला। ग्रामीणों के शोर मचाने के बाद भी हाथी टस से मस नहीं हुआ। इतना ही पार्टी से लौट रहे खदरी के ग्रामीण गुलाब सिंह और उनके तीन साथियों के पीछे हाथी ने दौड़ लगा दी। जिससे गुलाब सिंह गिरकर चोटिल हो गए।
आसपास के लोगों ने किसी तरह गुलाब सिंह को हाथी से बचाया। श्यामपुर क्षेत्र पंचायत सदस्य कोमल सिंह नेगी ने हाथी के आबादी मे आने की सूचना वन विभाग को दी है। उन्होंने वन क्षेत्राधिकारी गंगा सागर नौटियाल से ग्रामीणों के नुकसान का मुआवजा दिलाने और हाथी के आबादी में प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की है। रेंजर गंगासागर नौटियाल का कहना है कि क्षेत्र में गामीणों की मदद से गश्त की जा रही है।
रानीपोखरी में दुर्घटना का सबब बनी क्षतिग्रस्त सड़क
ऋषिकेश।
रानीपोखरी के घमण्डपुर क्षेत्र में क्षतिग्रस्त सड़क से राहगीरों को परेशानी हो रही है। एक माह पहले बीएसएनल ने लाइन बिछाने के लिए सड़क खुदवाई लेकिन अभी तक उसके पुनर्निर्माण का कार्य नहीं हो पाया। धूल भरी सड़क अब दुर्घटनाओं को न्योता दे रही है। सड़क निर्माण न होने तक लोगों ने आंदोलन की चेतावनी दी है।रानीपोखरी-घमण्डपुर मुख्य मार्ग पिछले एक माह से क्षतिग्रस्त है। जगह-जगह गड्ढे बने हुए हैं। जिससे राहगीरों को चलने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं दोपहिए वाहन चालक रपट भी चुके हैं।
लोग दिन में सड़क पर उड़ती धूल से परेशान हैं। वहीं रात के समय गड्ढे चोटिल करते हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि एक माह पूर्व बीएसएनएल ने क्षेत्र में लाइन बिछाने को सड़क खुदवाई। लेकिन अभी तक मार्ग को ठीक नहीं कराया गया। जिसके चलते इलाके के लोगों में रोष व्याप्त है। ग्राम प्रधान लिस्ट्राबाद प्रदीप कुमार ने कहा कि यदि जल्द मार्ग निर्माण न कराया गया तो क्षेत्रवासी आंदोलन को बाध्य होंगे।
बीडीसी सदस्य के साथ धरने पर बैठे ग्रामीण
ऋषिकेश।
बुधवार को श्यामपुर क्षेत्र पंचायत सदस्य कोमल सिंह नेगी ने प्रशासन के खिलाफ हरिद्वार-ऋषिकेश मुख्यमार्ग पर धरना शुरू कर दिया। उनके समर्थन में कई ग्रामीणों धरने पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र की प्रशासन उपेक्षा कर रहा है। विकास कार्यों में लापरवाही व उदासीनता के चलते कई योजनाएं धरातल पर नहीं उतर पा रही हैं। वहीं ग्रामीणों ने कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए पारित प्रस्तावों के क्रियान्वयन को लेकर कई बार विभागों के चक्कर काटे गए। ग्रामीण अपनी पांच सूत्रीय मांगों के प्रति मुखर रहे। उन्होंने तीन वर्ष पूर्व स्वीकृत पेयजल टंकी का निर्माण, वार्ड पांच की जीर्ण-शीर्ण सड़क की मरम्मत कराने, श्यामपुर पंचायत का विधिवत सीमांकन कराने, भल्लाफार्म में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान स्वीकृत करने व क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री पर रोक लगाने की मांग की।
समर्थन देने वालों में जिला पंचायत सदस्य देवेन्द्र सिंह नेगी, ग्राम प्रधान शाकुम्बरी बिष्ट, सरोप सिंह पुण्डीर, महावीर उपाध्याय, प्रदीप सिंह नेगी, पवन पाण्डेय, हेम पुण्डीर, प्रदीप धस्माना, भगवान सिंह रावत, युवक मंगल दल अध्यक्ष श्यामपुर संदीप राणा, कृष्ण कुमार सिंघल, उम्मेद सिंह, मुकेश बैलवाल, सरोप सिंह पुण्डीर, रवि रावत आदि शामिल थे।
अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहेंगे रोडवेजकर्मी
ऑउटसोर्सिंग कर्मचारियों को संविदा कर्मी बनाने की कर रहे हैं मांग
ऋषिकेश।
आज उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन से जुड़े डेढ़ सौ कर्मी हड़ताल पर रहेंगे। इससे बसों का संचालन न होने से दिक्कतें आएंगी। यूनियन ऑउटसोर्सिंग कर्मचारियों को संविदा कर्मी बनाने की मांग कर रहे है। प्रदेशभर में तीन हजार ऑउटसोर्सिंग कर्मचारी रोडवेज में ड्राइवर-कंडक्टर व वर्कशॉप में तैनात हैं। इनको ऑउटसोर्स से संविदाकर्मी बनाने की मांग को लेकर सामूहिक अवकाश लेकर कर्मचारी बेमियादी हड़ताल पर रहेंगे। ऐसे में दिल्ली, चंडीगढ़, अमृतसर, कानपुर, गुरुग्राम, फरीदाबाद सहित अन्य रूटों पर प्रतिदिन चलने वाले पांच हजार यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। बसें न मिलने से यात्रियों को प्राइवेट गाड़ियों से जाना पड़ेगा। इससे उनके जेब पर भी भार पड़ेगा।
यूनियन के नेता विपिन कुमार चौधरी का कहना है कि ऑउटसोर्स के कर्मचारियों को संविदा कर्मी जबतक बनाने का शासनादेश सरकार जारी नहीं करती है तबतक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि यूनियन ऑउटसोर्स पर तैनात कर्मचारी को संविदा कर्मी बनाने की मांग कर रही है। वेतन वहीं दे जो पहले से दिया जा रहा है।
ग्रामीण इलाकों के बैंकों में लंबी लाइन से नही मिल रही निजात
बुधवार को अधिकांश बैंकों के एटीएम में लटके मिले ताले
ऋषिकेश।
पांच सौ व हजार रुपए के नोटबंदी से अभी राहत मिलती नहीं दिख रही है। बुधवार को भी बैंकों में ग्राहकों की लाइन लगी रही। छोटे बैंकों में कैश खत्म होने से लोग निराश लौटे जिस कारण एसबीआई व पीएनबी में दबाव बढ़ गया। शहर में अधिकांश एटीएम के शटर अभी तक बंद पड़े हैं जिससे परेशानी बढ़ रही है। जबकि कुछ एटीएम जो खुले हैं उनमें कैश ही जमा हो पा रहा है।
पांच सौ के नोट के लिए अभी ग्राहकों को इंतजार करना होगा। बैंक प्रबंधन सोमवार तक नोट उपलब्ध होने की बात कह रहा है। पांच सौ के नोट मिलने के बाद छुट्टे नोट की समस्या से भी निजात मिलेगी। एसबीआई के मुख्य प्रबंधक विश्वमोहन मिश्रा ने बताया कि सोमवार से पांच सौ के नोट बैंक एवं एटीएम पर उपलब्ध हो जाएगे। इसके बाद छुट्टे नोट की समस्या से राहत मिलेगी।

एसबीआई की मोबाइल एटीएम सेवा शुरू
एसबीआई ने बुधवार से शहर में मोबाइल एटीएम सेवा शुरू की है। बुधवार को करीब सौ से अधिक ग्राहकों ने मोबाइल एटीएम से कैश निकाला। बैंक ने एम्स मार्ग, सरकारी अस्पताल के अलावा शहर के व्यस्ततम इलाकों में सेवाएं दीं। एसबीआई के मुख्य प्रबंधक विश्वमोहन मिश्रा ने बताया कि मोबाइल एटीएम सेवा पूरे सप्ताह चलाई जाएगी।
सहकारी बैंक किसान का ऋण लेने को तैयार नही
आरबीआई के निर्देश पर पुराने नोट जमा नही कर रहा बैंक
किसान पर नोट बंदी से दोहरी मार
ऋषिकेश।
नोटबंदी का असर ऋषिनगरी से सटे ग्रामीण इलाकों के किसानों पर भी पड़ता दिख रहा है। पांच सौ हजार के नोट से बीज, खाद आदि की खरीददारी किसान कर नही सकता है। सहकारी बैंक खाताधारकों से जमा स्वीकार नही कर रहा है। इसका सीधा असर उन किसानों पर पड रहा है। जिन्होंने बैंक से खेती के लिए ऋण लिया है। सहकारी समिति बैंक के अन्तरगत कार्य करती है।
श्यामपुर सहकारी समिति ने छिद्दरवाला, श्यामपुर, भट्टोवाला आदि क्षेत्रों के 145 किसानों को करीब 70 लाख रुपये का कृषि ऋण दिया था। धान की फसल होने के बाद किसानों ने समिति का ऋण वापस देना था। ऋण की समय अवधि होने के बावजूद भी करीब 8 किसान की अब नोट बंदी की मार झेल रहे है। सहकारी समिति और सहकारी बैंक ऋण की धनराशि स्वीकार नही कर रहा है।
चकजोगी वाला के हरजीत सिंह, छिद्दरवाला के हरीश कुमार, खैरीकलां श्यामपुर के ऋषिराम ध्यानी, खैरीखुर्द श्यामपुर के विजयराम पेटवाल, गढी मयचक श्यामपुर के राजपाल पंवार ने सहकारी समिति से कृषि ऋण लिया था। फसल की बिक्री के बाद अगली फसल की बुआई होने तक ऋण की अवधि शेष रहने पर उन्होंने ऋण नवंबर माह के अंत में देने का निर्णय लिया था। लेकिन अब नोट बंदी के चलते 8 किसान न तो पुराने नोट से बुआई का सामान नही खरीद पा रहे है।
वहीं बैंक व सहकारी समिति का ऋण देने जा रहे किसानों का ऋण भी स्वीकार नही किया जा रहा है। किसानों का कहना है कि उनके लिए तो जीने और मरने की बात हो गई है। पुराने नोट की नकदी का क्या करे? कैसे बुआई करें और ऋण की समय अवधि खत्म हो जायेगी तो क्या करेंगे। समस्या यह है कि आरबीआई के निर्देश पर सहकारी समिति ने 10 नवंबर और सहकारी बैंक ने 14 नवंबर से पुराने पांच सौ व हजार के नोट जमा में स्वीकार करने बंद कर दिये है।
पुराने टायरों पर चल रही 108 एंबुलेंस
ऋषिकेश।
ऋषिकेश की 108 एंबुलेंस पुराने (गंजे) टायरों पर ही चल रही है। मंगलवार को सड़क हादसे की सूचना के बाद ऋषिकेश से एंबुलेंस को भेजा गया था, लेकिन एंबुलेंस के टायर रास्ते में पंक्चर हो गए थे। इससे एंबुलेंस एक घंटे देरी से घटनास्थल पहुंची। तब तक परिजन दूसरे वाहनों से घायलों को ऋषिकेश ला चुके थे।
सीएमओ देहरादून डॉ. योगेन्द्र थपलियाल ने बताया कि जिले में 108 एंबुलेंस आठ साल पुरानी हो गई हैं। हर रोज एक एंबुलेंस 150 किलोमीटर चल रही है। नई एंबुलेंस के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। बजट न मिलने से एंबुलेंस की मरम्मत में दिक्कत आ रही है।
