भारतीय संस्कृति से युक्त राष्ट्र निर्माण में श्रमिक संगठन का बहुमूल्य योगदान रहाः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऋषिकुल आयुर्वेदिक कॉलेज ऑडिटोरियम में भारतीय मजदूर संघ उत्तराखंड द्वारा आयोजित युवा कार्यकर्ता सम्मेलन एवं संघ के स्वर्णिम सत्तर वर्षों का समापन समारोह कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ऋषिकुल के इतने बड़े संस्थान में एक बड़ा सेन्टर बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि पर्यटन, अध्यात्म, शिक्षा, आयुर्वेद ज्योतिष ध्यान के क्षेत्र में एक केन्द्र बने। इसके लिए घोषण की कि मदन मोहन मालवीय राज्य शोध संस्थान की स्थापना इस ऋषिकुल में की जायेगी, जिसमें योग, ध्यान एवं अध्यात्म आदि अनेक विधाओं का अध्ययन किया जायेगा। इससे स्प्रिचुअल टूरिज्म को बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज भारतीय मजदूर संघ एक विस्तारित रूप में संगठित है, संगठन कों सुरूआती दौर में अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ा। 23 जुलाई 2025 को यह संगठन अपनी स्थापना के 70 वर्ष पूर्ण कर रहा है। उन्होंने कहा कि सात दशक की यात्रा में तपस्या एवं राष्ट्र निर्माण का संकल्प लिए एवं स्वदेशी विचारधारा को लिए हुए संगठन ने श्रमिकों के हितों को ध्यान में रखते हुए तथा भारतीय संस्कृति से युक्त राष्ट्र निर्माण में श्रमिक संगठन का बहुमूल्य योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि संगठन ने श्रम योगी से राष्ट्र योगी बनने का मार्ग प्रशस्त किया। देश की आजादी के बाद देश में संसाधनों की कमी थी लेकिन हमारे श्रमिकों द्वारा राष्ट्र निर्माण में जो कार्य किया है वह अविश्वसनीय है। आज देश में संसाधनों की कमी नहीं है।

उन्होंने कहा कि 7 दशक पूर्व देश में श्रमिकों द्वारा संचालित आंदोलनों पर विदेशी विचारधारा से प्रभावित होने के कारण स्वदेशी विचारधारा शून्य रहती थी। उस समय आंदोलनो में वंदे मातरम एवं भारत माता की जय का उद्घोष करने पर विकट स्थिति उत्पन्न हो जाया करती थी। संगठन एक विशाल वृझ बनकर श्रमिकों के हितों के लिए कार्य कर रहा है। संगठन ने देश के श्रमिकों, विद्यार्थियों, एवं युवाओं को एक नई विचारधारा दी है। आज हमारी सरकार श्रमिकों के हितों को ध्यान में रखकर अनेक योजनाओं के अंतर्गत कार्य कर रही है, देश के अंतिम छोर के व्यक्ति तक इन योजनाओं का लाभ प्राप्त हो रहा है। सरकार द्वार चलाए जा रहे श्रम पोर्टल पर करोड़ो श्रमिकों का पंजीकरण हुआ है। हमारी सरकार श्रमिकों के हितों के इएसआई, इएफओं, बीमा की सुविधा दे रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सबका साथ सबका विकास के मूल मंत्र के साथ श्रमिकों का कल्याण कर रही है। श्रमिक भाइयों के हितों के लिए कई योजनाएं लागू की है उनके बच्चों को अच्छी शिक्षा स्वास्थ्य एवं मोबाइल की सुविधा दे रही है, उनके 75 मेधावी बच्चों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने हेतु रुद्रपुर टेक्निकल इंस्टीट्यूट में उच्च तकनीकी शिक्षा प्रदान करा रही है, जिन्हें, शिक्षा, आवास भोजन पूर्ण रूप से निःशुल्क उपलब्ध करा रहे है, जिससे वे बिना किसी आर्थिक बाधा के अपने भविष्य का निर्माण कर सकें।

उन्होंने कहा कि श्रमिक केवल श्रम के साधक ही नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण के पथ निर्माता भी हैं। उन्होंने कहा कि 2047 में विकसित भारत के संकल्प में युवाओं की विशेष भूमिका रहने वाली है।

उन्होंने कहा विश्व का सबसे युवा देश भारत है, जिसकी आबादी का 65 प्रतिशत लोग 35 वर्ष से कम आयु के हैं। उन्होंने कहा कि यदि इस ऊर्जा को सही दिशा में लगाया गया, सही मार्गदर्शन मिलेगा तो जल्दी हमारा देश महाशक्ति के रूप में उभर सकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने स्किल इण्डिया के लिए पहली बार डिपार्टमेंट बनाया। यह अभियान युवाओं को रोजगार से जोड़ने के साथ ही आत्मनिर्भर भारत अभियान में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हमारी हमारी सांस्कृति विरासत भी पुनरोत्थान की दिशा में अनेक कार्य किये जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में संशक्त समृद्ध राष्ट्र के संकल्प के साथ विकसित और आत्म निर्भर राष्ट्र बनने की दिशा में हम आगे बढ़ रहे हैं। आजादी के बाद पहली बार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के श्रमेव जयते के मन्त्र को धरातल पर उतारते हुए श्रमिकों के कल्याण के लिए व्यापक स्तर पर अनेक काम किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अनेक ऐंसी योजनाएं लाई जा रही हैं, जिसके कारण से समाज के अन्तिम छोर पर काम करने वाले हमारे श्रमिक भाई, उनका उत्थान हो, कल्याण हो, हर प्रकार से उनकी प्रगति हो, वह भी विकास की मुख्य धारा से जुड़ें। उन्होंने कहा कि देश के 29 पुराने और जटिल श्रम कानूनों के सरलीकरण के उद्देश्य से उनकों चार व्यापक श्रम संहिताओं में समाहित किया गया है। ई-श्रम पोर्टल के माध्यम से असंगठित क्षेत्र के करोड़ो श्रमिकों का पंजीकरण करते हुए औपचारिक अर्थव्यवस्था से भी जोड़ा गया है। जिसके माध्यम से करोड़ो श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित हुई है। असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए श्रमयोगी मानधन योजनान्तर्गत एक हजार रुपये पेंशन की व्यवस्था भी की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार भी सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मूल मंत्र को आत्मसात करते हुए श्रमिकों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध होकर काम कर रही है। श्रमिकों के लिए आवास योजना, सामाजिक सुरक्षा कार्ड, स्वास्थ्य बीमा जैसी योजनाएं संचालित कर रही है। सरका यह सुनिश्चित कर रही है कि श्रमिकों को किसी भी स्तर पर उपेक्षित न रहना पड़े, कहीं परेशान न होना पड़े। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के माध्यम श्रमिकों के लिए कई योजनाएं लागू की हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2015 में प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में स्किल डेवलपमेंट विभाग की स्थापना की गई है, सांस्कृतिक विरासत के क्षेत्र में अनेक कार्य किये जा रहे हैं उन्हें भगवान रामचंद्र का जन्म स्थान पर भव्य मंदिर का निर्माण कार्य, बाबा विश्वनाथ का कॉरिडोर निर्माण कार्य, बद्रीनाथ धाम का मास्टर प्लान का कार्य एवं वर्ष 2013 में आई श्री केदारनाथ में भीषण आपदा के बाद श्री केदारनाथ का पुनः निर्माण कार्य हो इन सब के निर्माण में हमारे श्रमिकों द्वारा जितनी तेजी से इनका निर्माण कार्यों को सजाने सवारने में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। आज उत्तराखंड चारधाम यात्रा में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की संख्या में अकल्पनीय बढ़ोतरी हुई है, इस वर्ष की चारधाम यात्रा में अभी तक एक माह 21 दिन में 12 लाख से अधिक यात्री केदारनाथ धाम पहुंच चुके हैं, वही चारों धाम में 33 लाख से अधिक का आंकड़ा पार कर चुका है। उन्होंने कहा कि हमारे सभी स्थान तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज दुनिया में कोई भी आतंकी घटना घटित होती है तो विश्व की नजर भारत की ओर रहती है भारत का स्टैंड क्या रहने वाला है। आज दुनिया में एक ही विचारधारा वाले देश आपस में युद्ध से प्रभावित हैं। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमारी सेना के शौर्य को पूरी दुनिया ने देखा हम वो देश नहीं जो सिर्फ टेबल टॉक करने वाले है, हमने सीधे दुश्मन के घर में घुस कर दुश्मनों के ठिकानों को नेस्तानाबूत किया, जिसका परिणाम यह रहा कि चार दिन में ही पाकिस्तान ने घुटने टेक दिए, हमारी मिसाइलो ने दुश्मनों के आतंकवादी ठिकानो को चुन-चुन कर तबाह किया।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के अंदर लैंड जिहाद, लव जिहाद, थूक जिहाद पर हमारी सरकार शक्ति से कार्य कर रही है पहले कहीं भी कोई भी पीला, नीली हरी चादर बिछाकर एवं दूसरे तरीके से लैंड कब्जाने का कार्य करते थे, ऐसे लैंड माफियाओं से अभी तक हमारी सरकार ने 6500 एकड़ अवैध जमीन को मुक्त कराया एवं अवैध निर्माणों को हटाया गया है। जब भी हम दुनिया के दूसरे देशों में जाते हैं उनसे भेंट वार्ता करते हैं तो वे हमें पूछते हैं आप कहां से आए हैं अपना परिचय देते हुए जब हम कहते हैं हम भारतवर्ष के उत्तराखंड राज्य से आए हैं उनके के चेहरों के भाव बदल जाते हैं कहते हैं कि आपक देव भूमि उत्तराखंड से आए हो उस वक्त हमें गर्व अनुभूति होता है। देवभूमि के मूल अस्तित्व के साथ कोई छेड़-छाड़ नहीं कर सकता, हल्द्वानी की वन भूलपुरा में हुई दंगों को देखते हुए हमारी सरकार ने प्रदेश में सशक्त दंगा कानून लाए इसके साथ ही पहले प्रदेश के प्रतिभावान छात्र, युवा चार-पांच साल से तैयारी में लगे रहने के बाबजूद भी चयन नहीं हो पता था नकल विरोधी कानून लाने से अब प्रदेश के प्रतिभावान छात्र एवं युवा तीन से चार प्रतियोगिता परीक्षाओं में चयन कर रहे है अब चयन का आधार नकल नहीं प्रतिभा है। हमारी सरकार जीरो टॉलरेंस के तहत कार्य कर रही है जो भी अधिकारी एवं कर्मचारी अपने पद, कर्तव्यों एवं जानकल्याण के हितों के कार्यों में लापरवाही बरतेगा उन्हें बख्सा नहीं जाएगा, अब छोटी-बड़ी मछलियों के साथ ही बड़े-बड़े मगरमच्छो को भी नहीं छोड़ा जायेगा। उन्होंने कहा कि 2022 से अभी तक हमारी सरकार ने 200 से अधिक जिन्होंने अपने कर्तव्य की प्रति ढलाई दिखाई उन्हें सजा दिलाई है। हमारी सरकार का जो संकल्प यात्रा है वह एक सामूहिक यात्रा का संकल्प है प्रदेश के सभी लोगों के संकल्प यात्रा का ध्वजको मेरे हाथों में सौंपा है, आज हमारा राज्य कई मामलों में अग्रणी है पूरे देश में कई फैसलो के मामले में उत्तराखंड अलग ही उदाहरण है। हमारी सरकार ने देश में रहने वाले कोई भी वर्ग, धर्म, पंथ का हो 2022 के आम चुनाव में घोषणा की थी कि महिलाओं के सशक्तिकरण हेतु पूरे प्रदेश में 27 जनवरी 2025 को समान नागरिक संहिता कानून लाये है, इस मामले में उत्तराखंड भारत का प्रथम राज्य बना। हमारे इस संकल्प में कोई विकल्प नहीं है।

कार्यक्रम में विधायक प्रदीप बत्रा, आदेश चौहान, मेयर किरन जेसल, अखिल भारतीय मजदूर संघ के महामंत्री रविन्द्र मितरे, प्रदेश अध्यक्ष उमेश जोशी, क्षेत्रीय संगठन मंत्री अनुपम, प्रदेश यूनियन महामंत्री सुमित सिंघल, बीजेपी जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, लव शर्मा, आशु चौधरी, पूर्व जिलाध्यक्ष शौभाराम प्रजापति, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव की जारी की अधिसूचना

राज्य निर्वाचन आयोग ने उत्तराखंड में पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी कर दी है। इस बार हरिद्वार जनपद को छोड़कर प्रदेश के अन्य 12 जनपदों में पंचायत चुनाव संपन्न कराए जाएंगे। आयोग ने पूरी चुनावी प्रक्रिया की रूपरेखा तय कर दी है।

चुनाव की शुरुआत नामांकन प्रक्रिया से होगी, जो 25 जून से 28 जून तक चलेगी। नामांकन पत्र प्रतिदिन सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक दाखिल किए जा सकेंगे। इसके बाद नामांकन पत्रों की जांच 29 जून से 1 जुलाई तक की जाएगी, जबकि नाम वापसी की अंतिम तिथि 2 जुलाई निर्धारित की गई है।

निर्वाचन दो चरणों में संपन्न होगा। पहले चरण के लिए चुनाव चिन्ह 3 जुलाई को वितरित किए जाएंगे और मतदान 10 जुलाई को सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक होगा। वहीं, दूसरे चरण में चिन्हों का वितरण 8 जुलाई को होगा और मतदान 15 जुलाई को कराया जाएगा।

चुनाव परिणामों की मतगणना 19 जुलाई को की जाएगी। जिलों में संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी स्थानीय स्तर पर विस्तृत सूचना जारी करेंगे।

मुख्यमंत्री ने राज्य में योग नीति का किया औपचारिक शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भराड़ीसैंण, गैरसैंण स्थित विधानसभा परिसर में 11वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने इस दौरान योग गुरु पद्मश्री स्वामी भारत भूषण एवं 8 देशों के डेलिगेट्स के साथ योग किया। योग कार्यक्रम का शुभारंभ शंखनाद एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ शुरू हुआ।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने योग नीति पर आधारित पुस्तिका का विमोचन करते हुए राज्य में योग नीति का औपचारिक शुभारंभ भी किया। उन्होंने “एक वृक्ष, योग के नाम“ कार्यक्रम के अंतर्गत विधानसभा परिसर में सेब का पौधा भी लगाया।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य सरकार शीघ्र ही प्रदेश में आयुर्वेदिक एवं प्राकृतिक चिकित्सा, योग और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए गढ़वाल और कुमाऊं मंडलों में एक-एक स्पिरिचुअल इकोनॉमिक ज़ोन की स्थापना करेगी। उन्होंने कहा हम राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में दो नए नगर बसाने जा रहे हैं, जो योग, आयुर्वेद और अध्यात्म के केंद्र बनकर वैश्विक मानचित्र पर राज्य की विशेष पहचान स्थापित करेंगे। जिसमें सम्पूर्ण विश्व से वेलनेस के क्षेत्र में काम करने वाले बड़े ग्रुप्स, आध्यात्मिक गुरुओं, संस्थानों को यहाँ आमंत्रित किया जायेगा।

सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक सौंदर्य का केंद्र है भराड़ीसैंण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 11वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सभी विदेशी मेहमानों के सान्निध्य ने इस आयोजन को वैश्विक पहचान मिलेगी। उन्होंने कहा भराड़ीसैंण, ग्रीष्मकालीन राजधानी होने के साथ समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और अद्भुत प्राकृतिक सौंदर्य का केंद्र भी है। उन्होंने कहा 8 मित्र राष्ट्रों के प्रतिनिधियों के साथ किया गया सामूहिक योगा- अभ्यास, देवभूमि उत्तराखंड को योग और अध्यात्म की वैश्विक राजधानी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा।

उत्तराखंड को योग और वेलनेस की वैश्विक राजधानी बनाएगी योग नीति

मुख्यमंत्री ने कहा उत्तराखंड देवभूमि के साथ योग और अध्यात्म की भूमि भी है। प्रधानमंत्री की प्रेरणा से राज्य सरकार ने देश की पहली योग नीति 2025 को राज्य में लागू किया है। योग नीति उत्तराखंड को योग और वेलनेस की वैश्विक राजधानी के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से तैयार की गई है। जिसके तहत प्रदेश में योग एवं ध्यान केंद्र विकसित करने पर अधिकतम 20 लाख रुपए तक की सब्सिडी प्रदान की जा रही है। प्रदेश में योग, ध्यान और प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में शोध को बढ़ावा देने हेतु 10 लाख रुपए तक के अनुदान का प्रावधान भी किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार का संकल्प है कि 2030 तक राज्य में पाँच नए योग हब की स्थापना की जाए और मार्च 2026 तक राज्य के सभी आयुष हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर में योग सेवाओं की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाएगी।

योग करता है एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार

मुख्यमंत्री ने कहा कि योग हमारे मन, आत्मा और शरीर के बीच पूर्ण सामंजस्य स्थापित करता है। योग हमारे शरीर को स्वस्थ रखने के साथ मानव जीवन को आंतरिक शांति, मानसिक संतुलन और आध्यात्मिक स्थिरता प्रदान करता है। योग के विभिन्न आसनों और प्राणायाम से शरीर और मन को तनाव से मुक्त कर सकते हैं। योग मन की एकाग्रता बढ़ाने के साथ जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का भी संचार होता है।

योग ने किया विश्व को एक सूत्र में पिरोने का कार्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पूरा विश्व, योग को जीवन दर्शन के रूप में भी अपना रहा है। योग ने पूरे विश्व में जाति, भाषा, धर्म और भौगोलिक सीमाओं को पार कर मानव समाज को जोड़ने का काम किया है। योग वैश्विक एकता, समरसता और बंधुत्व का सेतु बनकर समस्त विश्व को एक सूत्र में पिरोने का कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री की दूरदर्शी सोच और प्रेरणादायक नेतृत्व ने योग को ग्लोबल कनेक्टिविटी और मानवता की सेहत का मंत्र बनाकर विश्व पटल पर एक नई पहचान दिलाई है।

पलायन की समस्या के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है राज्य सरकार

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य में रोजगार सृजन और पलायन की समस्या के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य में स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। राज्य सरकार ने स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार के अधिक से अधिक साधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य में स्ट्रैटेजिक एडवाइजरी कमेटी का भी गठन किया है। ये कमेटी प्रदेश के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए नवाचार को बढ़ावा देने का कार्य करेगी। हम युवाओं को उनके कौशल के अनुरूप पहाड़ में ही रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में भी कार्य कर रहे हैं।

विद्यार्थियों से मिलने उनके बीच पहुंचे मुख्यमंत्री

भराड़ीसैंण में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में सम्मिलित होने से पहले मुख्यमंत्री विद्यार्थियों और स्थानीय लोगों के बीच पहुंचे। उन्होंने लोगों से संवाद कर उनका हालचाल जाना और छात्रों से भी मुलाकात की। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर छात्रों में विशेष उत्साह और उमंग देखने को मिला । मुख्यमंत्री ने सभी को योग के महत्व से अवगत कराया और स्वस्थ जीवन के लिए योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने का संदेश दिया।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ धन सिंह रावत, भारत में मैक्सिको के राजदूत फेडेरिको सालास, मेक्सिको दूतावास में आर्थिक मामलों के प्रमुख रिकार्डाे डेनियल डेलगाडो, भारत में फिजी उच्चायोग के हाई कमिश्नर जगन्नाथ सामी, भारत में नेपाल के राजदूत डॉ शंकर प्रसाद शर्मा, भारत में सूरिनाम के राजदूत अरुणकोमर हार्डियन, भारत में मंगोलिया के राजदूत डंबाजाविन गैंबोल्ड, भारत में लातविया दूतावास में डिप्टी हेड ऑफ मिशन मार्क्स डीतॉन्स, भारत के श्रीलंका उच्चायोग के मिनिस्टर काउंसलर लक्ष्मेंद्र गेशन डिसनायके, रूसी दूतावास में प्रथम सचिव क्रिस्टिना अनानीना एवं तृतीय सचिव कैटरीना लज़ारेवा, विधायक अनिल नौटियाल, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डॉ. विनय रुहेला, सचिव दीपेन्द्र कुमार चौधरी, गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडे, सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी, जिलाधिकारी चमोली संदीप तिवारी, पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

राष्ट्रपति ने योग को भारत की सॉफ्ट पावर का एक सशक्त उदाहरण बताया

11वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर देहरादून रेस कोर्स स्थित पुलिस लाइन में भव्य योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कार्यक्रम में भाग लिया और योग को भारत की सॉफ्ट पावर का एक सशक्त उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि मानसिक और आत्मिक संतुलन का माध्यम है। भराड़ीसैंण से लेकर देहरादून तक योग दिवस की धूम देखने को मिली। कार्यक्रम में हजारों लोगों ने एक साथ योग कर विश्व को भारत का शांति संदेश दिया।

राष्ट्रपति मूर्मु दून में राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तीकरण संस्थान में आयोजित कार्यक्रम में हुई शामिल

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि किसी देश या समाज की प्रगति का असली पैमाना यह है कि वहां दिव्यांगजनों के साथ कैसा व्यवहार किया जाता है। भारत का इतिहास संवेदनशीलता और समावेशिता के प्रेरक प्रसंगों से भरा पड़ा है। हमारी संस्कृति में करुणा और प्रेम के भाव सदैव से शामिल रहे हैं। राष्ट्रपति देहरादून स्थित राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तीकरण संस्थान में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुईं।

उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों के सामने कई बाधाएं रही हैं, जिन्हें दूर करने के लिए समावेशी दृष्टिकोण और निरंतर प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि ‘सुगम्य भारत अभियान’ के माध्यम से सरकार दिव्यांगजनों के लिए सुलभ वातावरण, परिवहन और सूचना तंत्र विकसित कर रही है, ताकि वे समान भागीदारी कर सकें। उन्होंने कहा कि आज का युग विज्ञान और तकनीक का है। उन्नत तकनीक की सहायता से दिव्यांगजन भी देश की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

राष्ट्रपति ने कहा कि शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर देकर दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाना बेहद जरूरी है। राष्ट्रपति ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं ताकि वे भी समान अवसरों के साथ आगे बढ़ सकें। इस दौरान राष्ट्रपति ने संस्थान परिसर में माडल स्कूल की विज्ञान प्रयोगशाला और कंप्यूटर प्रयोगशाला का निरीक्षण किया। इसके साथ ही दिव्यांगजनों की प्रतिभा को प्रदर्शित करने वाली प्रदर्शनी भी देखी।

राष्ट्रपति ने छात्रों से संवाद कर उनकी पढ़ाई-लिखाई और प्रशिक्षण के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति भवन परिसर में दिव्यांगजनों द्वारा संचालित कैफे इसका उदाहरण है कि अवसर मिलने पर दिव्यांगजन किसी से पीछे नहीं हैं। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति ने श्पर्पल फेस्टश् का भी जिक्र किया, जिसमें दिव्यांगजनों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि समाज को चाहिए कि वह जीवन के हर क्षेत्र में दिव्यांगजनों को समान अवसर दे, ताकि उनका आत्मविश्वास बढ़े और वे देश के विकास में सहभागी बन सकें। राष्ट्रपति ने कहा कि दिव्यांगजन अपनी मेहनत और प्रतिभा के बल पर न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे देश का गौरव बन सकते हैं।

राष्ट्रपति ने बच्चों के बीच जन्मदिन मना कर दिया संदेश रू केंद्रीय मंत्री केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री वीरेंद्र कुमार ने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने दृष्टिबाधित बच्चों के बीच अपना जन्मदिन मना कर समाज को प्रेरणादायी संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि यदि जनप्रतिनिधि वंचित बच्चों के बीच जाकर अपना जन्मदिन मनाएं तो बच्चों में ऊर्जा का संचार होता है और वे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित होते हैं। मंत्री ने बताया कि संस्थान में अब दृष्टिबाधित बच्चे विज्ञान और गणित की पढ़ाई कर रहे हैं। पिछले वर्ष दो और इस वर्ष पांच छात्रों ने विज्ञान वर्ग में दाखिला लिया है।

यह संस्थान देशभर में एक आदर्श माडल बन रहा है और आगे मंत्रालय के सभी नौ संस्थानों में भी इसे शुरू किया जाएगा। दृष्टिबाधित बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रतिबद्ध रू मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने ‘विकलांग’ के स्थान पर ‘दिव्यांग’ शब्द देकर समाज में सकारात्मक सोच विकसित की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘हम दृष्टिबाधित बच्चों की आंखों की रोशनी तो नहीं लौटा सकते, लेकिन उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेंगे। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। समर्थता दृष्टि में नहीं, संकल्प में होती है रू राज्यपाल राज्यपाल ले. जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने दृष्टिबाधित बच्चों की प्रतिभा और आत्मविश्वास की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन बच्चों ने यह साबित कर दिया है कि समर्थता दृष्ट में नहीं, बल्कि संकल्प में होती है।

बच्चों ने जिस आत्मविश्वास, सृजनशीलता के साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, वह राष्ट्र की नई चेतना व आत्मनिर्भर भारत के भाव को व्यक्त करता है। कहा कि इन बच्चों में वही ऊर्जा, वहीं क्षमता और वही जुनून है, जो एक सशक्त व विकसित भारत का निर्माण कर सकते हैं। आज का भारत एक परिवर्तनकारी दौर से गुजर रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। आप सभी से अनुरोध है कि आप राष्ट्र सर्वाेपरी के मंत्र को आत्मसात करें।

नैनीताल राजभवन का भवन ब्रिटिश काल की गोथिक स्थापत्य शैली का उत्कृष्ट उदाहरणः मूर्मु

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रपति निकेतन में आयोजित कार्यक्रम में नैनीताल स्थित राजभवन के 125 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में विशेष डाक टिकट जारी किया। इस अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने इस ऐतिहासिक धरोहर को राष्ट्रीय स्मृति में स्थान दिलाने के लिए राष्ट्रपति के प्रति आभार जताया।

नैनीताल स्थित राजभवन का भवन ब्रिटिश काल की गोथिक स्थापत्य शैली का उत्कृष्ट उदाहरण है। राजभवन की भव्य वास्तुकला, भू-संरचना और इसके आसपास का प्राकृतिक सौंदर्य इस धरोहर स्थल को विशिष्ट बनाते हैं। राजभवन पर विशेष डाक टिकट जारी करने के अवसर पर राज्यपाल ने राष्ट्रपति को एक भारत-श्रेष्ठ भारत काफी टेबल बुक भेंट की।

यह काफी टेबल बुक राजभवन में मनाए जाने वाले प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के स्थापना दिवस पर केंद्रित है। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, राज्यपाल के सचिव रविनाथ रमन, उत्तराखंड की चीफ पोस्टमास्टर जनरल शशि शालिनी उपस्थित रहे।

आत्मीयता से मिलीं राष्ट्रपति

नए कलेवर में निखरे राष्ट्रपति निकेतन में आयोजित एट होम रिसेप्शन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सभी अतिथियों से बेहद आत्मीयता से मुलाकात की। उन्होंने हाथ जोड़कर सभी का अभिवादन किया।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, रेखा आर्या, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक व तीरथ सिंह रावत, विधायक खजानदास, पद्मश्री प्रीतम भरतवाण, प्रेमचंद शर्मा, बसंती बिष्ट व डा बीकेएस संजय, मुख्य सूचना आयुक्त राधा रतूड़ी, पूर्व डीजीपी अनिल रतूड़ी, राज्य निर्वाचन आयुक्त सुशील कुमार के साथ ही भारतीय प्रशासनिक सेवा के कई अधिकारी, सैन्य अधिकारी और प्रबुद्ध जन उपस्थित रहे।

बार बार दिन ये आए, गीत को जन्मदिन पर सुनकर भावुक हुईं राष्ट्रपति मूर्मु

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु अपने उत्तराखंड प्रवास के दौरान शुक्रवार को उस वक्त भावुक हो गईं, जब दृष्टिबाधित बच्चों ने उन्हें गीत गाकर जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। बच्चों ने जैसे ही बार बार दिन ये आए, बार बार दिल ये गाए, तू जिए हजारों साल… गीत गाना शुरू किया तो पूरा माहौल भावनाओं में डूब गया।

गीत खत्म होते-होते राष्ट्रपति की आंखों से अश्रुधारा छलक उठी। मंच पर मौजूद सभी लोग इस दृश्य को देखकर गहरे भावनात्मक क्षण में डूब गए। कार्यक्रम देहरादून स्थित राष्ट्रीय दृष्टिहीन दिव्यांगजन सशक्तीकरण संस्थान (एनआइईपीवीडी) में आयोजित किया गया था।

बच्चों की मधुर आवाज में गीत सुनकर राष्ट्रपति खुद को रोक नहीं सकीं और उनकी आंखें भर आई। वह आंखें पोंछने लगीं तो एडीसी ने तुरंत उन्हें रुमाल दिया। इन भावुक क्षणों के बीच जब बच्चों ने राष्ट्रपति को जन्मदिन की बधाई दी तो पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा।

राष्ट्रपति के साथ मंच पर मौजूद केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र कुमार और राज्यपाल ले. जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) की आंखें भी नम हो गईं। राष्ट्रपति ने अपने उद्बोधन में कहा कि जब मैं इन बच्चों को गाते हुए देख रही थी तो मेरी आंखें आंसुओं से भर आईं। यह बच्चे गले से नहीं, दिल से गा रहे थे। लगता है मां सरस्वती इनके कंठ में विराजमान हैं।

उन्होंने कहा कि भगवान जब किसी से कुछ लेता है तो बदले में उसे ऐसी विशेष प्रतिभा देता है, जो उसे बाकी लोगों से अलग बनाती है। मैं अपने जन्मदिन पर यहां आकर बेहद खुश हूं। कार्यक्रम में राष्ट्रपति ने दिव्यांग बच्चों के आत्मविश्वास और प्रतिभा की सराहना की।

भाजपा नेता के उपचार को सरकार देगी मदद, उपचार के लिए सीएम ने फौरी तौर पर दी 50 हज़ार रुपये की धनराशि

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भाजपा की चमोली जिला ईकाई के नेता आशीष थपलियाल के उपचार के लिए 50 हज़ार की तत्कालिक धनराशि स्वीकृत की है। थपलियाल गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने थपलियाल की धर्मपत्नी से फोन पर बात की और उनसे कहा कि उपचार की पूरी जिम्मेदारी सरकार उठायेगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज भराड़ीसैंण में मौजूद हैं। कल उन्हें विश्व योग दिवस के अवसर पर भराड़ीसैंण में आयोजित योग अभ्यास कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग करना है। चमोली जिला ईकाई के नेता आशीष थपलियाल के बीमारी की जानकारी मिलते ही धामी ने उनकी धर्मपत्नी से फोन पर बात की और उनके स्वास्थ्य के बारे में विस्तार से पूछा। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वसत किया कि उनके पति के उपचार में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी और इसकी पूरी व्यवस्था सरकार करेगी। फौरी तौर पर मुख्यमंत्री ने उनके उपचार के लिए 50 हज़ार की धनराशि भी स्वीकृत की है।

बच्चों के समग्र विकास के लिए एक समेकित और लक्ष्य आधारित योजना बनाई जाएः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आगामी 24 जून को वाराणसी (बनारस) में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में होने वाली मध्य क्षेत्रीय परिषद की 25वीं बैठक की तैयारियों के संबंध में मुख्यमंत्री आवास में उच्चस्तरीय बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि इकोलॉजी और इकोनॉमी के समन्वय की भावना के अनुरूप ऐसे ठोस और नवाचारपरक प्रस्ताव तैयार किए जाएं जो प्रदेश के समग्र, सतत और संतुलित विकास को नई गति प्रदान कर सकें। बैठक के दौरान उन्होंने अधिकारियों को राज्य में बच्चों के पोषण, शारीरिक और मानसिक विकास पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों का भविष्य ही राज्य और देश का भविष्य है, अतः उनके समग्र विकास के लिए एक समेकित और लक्ष्य आधारित योजना बनाई जाए। उन्होंने आईसीडीएस (समेकित बाल विकास योजना), खाद्य सुरक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग तथा खेल विभाग को आपसी समन्वय से कार्य करने को कहा, ताकि बच्चों को उचित पोषण, खेल गतिविधियां, स्वास्थ्य सेवाएं और मानसिक विकास पर विशेष ध्यान दिया जा सके।

मुख्यमंत्री ने सभी सरकारी अस्पतालों में आयुष्मान योजना के अंतर्गत अनिवार्य पंजीकरण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य के प्रत्येक नागरिक को इस योजना का लाभ मिले, यह प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने आपातकालीन स्थितियों में त्वरित सहायता के लिए 112 हेल्पलाइन नंबर का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए, ताकि आम जनता आवश्यक समय पर इस सुविधा का लाभ ले सके।

मुख्यमंत्री ने महिला एवं बाल विकास विभाग को नियमित रूप से कुपोषण और एनीमिया के मामलों की समीक्षा करने तथा बच्चों की स्थिति में सुधार हेतु अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि जिला स्तर पर ऐसे प्रयासों की निगरानी और मूल्यांकन की व्यवस्था सशक्त की जाए।

बैठक में प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, अपर पुलिस महानिदेशक ए.पी. अंशुमन, सचिव विनोद कुमार सुमन एवं महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

संरचनात्मक और नीतिगत दोनों तरह के प्रयासों से अपेक्षित टारगेट पूरा करते हुए रैंकिंग इंप्रूव करेंः सीएस

मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में मध्य क्षेत्रीय परिषद में राज्य की ओर से रखे जाने वाले बिंदुओं की तैयारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

मुख्य सचिव ने पंचायती राज विभाग को राज्य वित्त आयोग के दिशा – निर्देशों की एक्शन टेकन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। पंचायत को अपने रेवेन्यू सोर्स जनरेट करने के लिए तीन माह के भीतर नियमावली बनाने के निर्देश दिए। नागरिकों को ग्राम पंचायत स्तर पर सभी महत्वपूर्ण सेवाओं की ऑनलाइन डिलीवरी देने के लिए ऑनलाइन सेवाओं का विस्तार करने तथा इसके लिए तत्काल पर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों और महिलाओं के सर्वांगीण विकास को समर्पित योजना और कार्यक्रमों के इंप्लीमेंटेशन का स्तर इंप्रूव करने के निर्देश दिए ताकि कुपोषण, अल्प पोषण, वेस्टिंग, कम वजनी इत्यादि बाल विकास के अवरोधों में कमी लाई जा सके तथा इससे संबंधित इंडिकेटर के सूचकांक को भी बेहतर किया जा सके।

फूड सेफ्टी विभाग ने अवगत कराया कि विभाग में सैंपलिंग और एनफोर्समेंट से संबंधित कार्मिकों की शॉर्टेज है।

जिस पर मुख्य सचिव ने विभाग को संबंधित भर्ती बोर्ड को संबंधित पदों की भर्ती का अधियाचन प्रेषित करने के निर्देश दिए। साथ ही शीघ्रता से पदोन्नति की प्रक्रिया भी पूरा करने के कहा।

इस संबंध में उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सचिव और संबंधित जिलाधिकारी सैंपलिंग और इससे संबंधित लंबित मामलों के निस्तारण के लिए प्रत्येक माह इसकी समीक्षा बैठक आयोजित कर पेंडिंग कार्यों को शीघ्रता से निपटाएं।

बाल व महिला अपराधों के इन्वेस्टिगेशन में तेजी लाएं

मुख्य सचिव ने बच्चों और महिलाओं से संबंधित अपराधों में कमी लाने के लिए पोक्सो एक्ट तथा रेप के मामलों में तेजी से इन्वेस्टिगेशन पूरा करने तथा फास्ट ट्रैक कोर्ट में लंबित मामलों का भी तेजी से निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने हेड क्वार्टर तथा जनपद दोनों स्तर पर इन मामलों की नियमित मॉनिटरिंग करने के भी निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने अर्बन मास्टर प्लान से संबंधित मुद्दों की समीक्षा करते हुए सभी टाउन्स में लैंड अवेलेबिलिटी की आख्या प्रस्तुत करने तथा अर्बन एरिया में अफॉर्डेबल आवास देने की सभी स्कीम का लाभार्थियों की अलग-अलग श्रेणी के अनुसार विवरण देने के निर्देश दिए।

स्मार्ट मीटर की प्रगति के संबंध में मुख्य सचिव ने ऊर्जा विभाग को निर्देश दिए कि घरेलू उपभोक्ताओं के यहां जुलाई तक तथा कमर्शियल उपभोक्ताओं के यहां सितंबर तक टारगेट पूरा करें।

उन्होंने पैक्स (प्राथमिक कृषि सहकारी समिति) को किसान समृद्धि केंद्र के रूप में परिवर्तित करने के लिए (पैक्स के कंप्यूटरीकरण, माइक्रो एटीएम वितरण, मल्टी परपज पैक्स स्थापन इत्यादि) के कार्यों की प्रगति बढ़ाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने ग्राम्य विकास और लोक निर्माण विभाग को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के टारगेट को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए।

उन्होंने इमरजेंसी सर्विस रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम छव् – 112 की गुणवत्ता में और सुधार करते हुए इसको अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।

आयुष्मान योजना के संबंध में निर्देश दिए कि अन्य राज्यों के सापेक्ष तुलनात्मक प्रगति का विवरण प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें।

इस दौरान बैठक में सचिव चंद्रेश कुमार व विनोद कुमार सुमन, अपर सचिव विजय कुमार जोगदंडे, सोनिका, विनीत कुमार, हिमांशु खुराना, अपूर्वा पांडेय सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।