सीएम ने महिला सारथी के तहत महिला ड्राइवरों को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया। जिसमें रेशमा शाह, भारती, पार्षद अंजना रावत, बीना, रेखा पांडे, ममता, सरिता पंवार सहित अन्य कई महिलाएं शामिल रहीं। मुख्यमंत्री ने इस दौरान महिला सारथी (पायलट प्रोजेक्ट) के तहत महिला ड्राइवरों को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षा, चिकित्सा, राजनीति, खेल, विज्ञान, सेना, कृषि उद्योग जैसे हर क्षेत्र में महिलाएँ आगे बढ़ कर देश का नेतृत्व कर रही हैं। उत्तराखंड राज्य की महिलाओं में विशेष प्रकार का आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता है, महिलाओं में कौशल और परिश्रम में कोई कमी नहीं है। राज्य की महिलाएं स्वयं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार और समाज को भी सशक्त बना रही हैं। उन्होंने कहा विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में सबसे बड़ा योगदान महिलाओं का होगा। राज्य सरकार, प्रदेश की मातृ शक्ति के सशक्तिकरण हेतु भविष्य में भी पूरी दृढ़ता के साथ कार्य करते रहेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने महिलाओं के हितों को आगे रखते हुए देश में सबसे पहले समान नागरिक संहिता लागू उत्तराखंड में किया है। जिसमें महिला सुरक्षा के विशेष प्रावधान किए गए हैं। यह आधी आबादी का पूरा कानून है। उन्होंने कहा लिव इन रिलेशनशिप हमारी संस्कृति का हिस्सा नहीं है। लिव इन रिलेशनशिप में रहने वाले युवाओं की जानकारी उनके माता पिता और प्रशासन के पास होनी आवश्यक है। जिससे किसी भी तरह की घटना से भी बचा जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में मातृशक्ति के उत्थान एवं सशक्तिकरण के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। बीते 11 वर्षों में 30 करोड़ से अधिक महिलाओं के जन-धन बैंक खाते खोले गए, 12 करोड़ से अधिक शौचालय बनाकर माताओं बहनों के मान-सम्मान की रक्षा सुनिश्चित किया गया है। लखपति दीदी योजना के माध्यम से 1 करोड़ से अधिक महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का कार्य किया जा रहा है। 30 करोड़ से अधिक महिलाओं को मुद्रा योजना के अंतर्गत लोन देकर सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। देश की संसद में लोकसभा एवं विधानसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत का आरक्षण देने का ऐतिहासिक कानून पास किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार पढ़ाई, सरकारी नौकरी, उद्यम, खेल हर क्षेत्र में महिलाओं की अधिक से अधिक भागीदारी आगे बढ़ा रही है। राज्य में सशक्त नारी सशक्त समाज की परिकल्पना को साकार करते हुए नंदा गौरा योजना के अंतर्गत बालिकाओं के जन्म लेने पर 11 हजार रूपए तथा 12वीं उत्तीर्ण करने पर 51 हजार रूपए की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। सशक्त बहना उत्सव योजना, मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना, जैसी कई योजनाएं संचालित है। महिलाओं की सुरक्षा, सहायता, एवं संरक्षण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से वन स्टॉप सेंटर, महिला हेल्पलाइन 181 और महिला कल्याण एवं पुनर्वास केंद्र स्थापित करने एवं महिलाओं हेतु महिला छात्रावास भी संचालित किए जा रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा सरकारी नौकरियों में राज्य की बेटियों को 30 प्रतिशत का क्षैतिज आरक्षण देने का भी कार्य किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से महिला स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख रुपए तक का ऋण बिना ब्याज के मुहैया करवाया जा रहा है। लखपति दीदी योजना के अंतर्गत प्रदेश की 1 लाख से अधिक बहनों ने लखपति दीदी बनने में सफलता प्राप्त की है। उन्होंने कहा प्रदेश के स्वयं सहायता समूहों द्वारा बनाए गए उत्पादों को हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड के माध्यम से आज देश-विदेश तक पहुंचाया जा रहा है। हमारी बहनों द्वारा बनाए गए उत्पाद आज मल्टीनेशनल कंपनियों को भी टक्कर दे रहीं हैं।

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि महिलाए ने अपने बारे में आंकलन करना होगा है। अपनी क्षमताओं को आगे लाना होगा। पहले से समय काफी बदलाव आया है। महिलाएं अब आगे बढ़ गई हैं। महिलाओं को समाज में बराबरी का ओहदा प्राप्त है। उन्होंने कहा महिलाओं ने आत्मनिर्भर बनकर स्वयं के साथ समाज को आगे बढ़ाना है। चुनौतियों से निपटने में भी स्वयं से निर्णय करना है। उन्होंने कहा समाज में महिलाएं आगे बढ़ रही है, जिससे आगे परिणाम और अच्छे होंगे। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में मातृशक्ति के लिए ऐतिहासिक फैसले लिए गए हैं।

इस अवसर पर विधायक खजान दास, राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना, सचिव चंद्रेश यादव, निदेशक प्रशांत आर्य, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

आज भारत की मातृशक्ति प्रत्येक क्षेत्र में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रहीः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर नई दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी स्टेडियम में आयोजित डायरेक्ट सेलिंग महिला उद्यमिता समिट 2025 में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने देश के विभिन्न क्षेत्रों से आयी महिलाओं को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भारत की मातृशक्ति प्रत्येक क्षेत्र में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रही है। सेना, राजनीति, खेल, विज्ञान, कृषि, शिक्षा, उद्योग जैसे अनेक क्षेत्रों में मातृशक्ति द्वारा सराहनीय कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज देश की मातृशक्ति के उत्थान एवं सशक्तिकरण के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। पिछले लगभग 11 वर्षों में देशभर में 30 करोड़ से अधिक महिलाओं के जन-धन के बैंक खाते खोले गए। देश में लखपति दीदी योजना के माध्यम से 1 करोड़ से अधिक महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का संकल्प पूरा करने के साथ ही 30 करोड़ से अधिक महिलाओं को मुद्रा योजना के अंतर्गत लोन देकर सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। महिला सशक्तिकरण के लिए देश की संसद ने लोकसभा एवं विधानसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत का आरक्षण देने का कानून पास किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा भी महिला सशक्तिकरण के लिए हर क्षेत्र में तेजी से कार्य किये जा रहे हैं। सरकारी नौकरियों में राज्य की बेटियों को 30 प्रतिशत का क्षैतिज आरक्षण देकर हर विभाग में उनका उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है। महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए महिला स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख तक का ऋण बिना ब्याज के दिया जा रहा है। लखपति दीदी योजना के अंतर्गत उत्तराखंड 01 लाख से अधिक महिलाएं लखपति बन चुकी हैं। वर्ष 2025 पूर्ण होने तक डेढ़ लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाने के लक्ष्य रखा गया है। राज्य सरकार द्वारा ‘सशक्त बहना उत्सव योजना’ और ‘मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना’ जैसी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है।

इस अवसर पर दिल्ली से सांसद प्रवीण खंडेलवाल, उपाध्यक्ष राज्य आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति विनय रोहिला एवं डॉ. संजीव कुमार मौजूद थे।

अवैध मादक पदार्थों पर मंत्री अग्रवाल सख्त, पुलिस अधिकारियों की बुलाई बैठक

तीर्थनगरी के डिपार्टमेंटल स्टोर 31 मार्च के बाद बंद होंगे। मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने धार्मिक स्थलों की अस्मिता को बचाए रखने के लिये मुख्यमंत्री के समक्ष बात रखी थी। जिसका संज्ञान लेकर कैबिनेट में 31 मार्च के बाद ऋषिकेश और हरिद्वार के डिपोर्टमेंटल स्टोर्स को बंद करने का निर्णय लिया गया है। अब इसी क्रम में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी को लेकर मंत्री डा. अग्रवाल ने शुक्रवार को पुलिस अधिकारियों की बैठक बुलाई।

बैराज रोड स्थित कैंप कार्यालय में आयोजित बैठक में मंत्री डा. अग्रवाल ने अवैध शराब बिक्री पर पुलिस अधिकारियों से जवाब मांगे। पुलिस अधिकारी द्वारा नियमित रूप से शराब तस्करी पर कार्रवाई की बात कही गई। जिस पर मंत्री डा. अग्रवाल ने कहा कि सोशल मीडिया में आए दिनों अवैध रूप से शराब बिक्री की घटना सामने आ रही है, ऐसे में पुलिस की अवैध मादक पदार्थों पर कार्रवाई संदेहास्पद है।

डा. अग्रवाल ने कहा कि आज अवैध शराब की होम डिलीवरी हो रही है। युवाओं का भविष्य चरस, गांजे, अफीम जैसे मादक पदार्थों की चपेट में आकर खत्म हो रहा है। डा. अग्रवाल ने पुलिस अधिकारियों को सख्त लहजे में कहा कि जिस पुलिस चौकी के कार्यक्षेत्र में अवैध मादक पदार्थों की बिक्री होगी। संबंधित क्षेत्र के चौकी प्रभारियों पर कार्रवाई की जाएगी।

इस अवसर पर एसपी देहात ऋषिाकेश ग्रामीण जया बलूनी, पुलिस क्षेत्राधिकारी संदीप नेगी, कोतवाल ऋषिकेश राजेंद्र सिंह खोलिया, आबकारी इंस्पेक्टर प्रेरणा बिष्ट, थाना प्रभारी रायवाला बीएल भारती, थाना प्रभारी रानीपोखरी विकेंद्र कुमार, एसएसआई विनोद कुमार, चौकी प्रभारी नवीन डंगवाल, मनोज रावत, विनय शर्मा, एलआईयू से विपिन गुसाईं आदि उपस्थित रहे।

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’आस्था पथ की आस्था को चोट पहुचाने वालों पर रखी जाए निगरानी’
’ऋषिकेश।’ मंत्री डा. अग्रवाल ने कहा आस्था पथ पर आए दिनों अराजकतत्वों द्वारा रेलिंग, लाइट्स, बैठने हेतु बेंच को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। डा. अग्रवाल ने सख्त लहजे में पुलिस अधिकारियों को आस्था पथ पर अराजकतत्वों पर कड़ी निगरानी रखी जाए। इसके अलावा अश्लील हरकत करने वालों के खिलाफ भी अभियान चलाया जाए। जिससे आस्था पथ की आस्था बनी रहे।
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’बाहरी लोगों का हो सत्यापनरू अग्रवाल’
’ऋषिकेश।’ मंत्री डॉ अग्रवाल ने बाहरी लोगों के सत्यापन के लिए पुलिस अधिकारियों को कड़े शब्दों में निर्देशित किया। साथ ही यातायात व्यवस्था के लिए भी नियम बनाने को कहा।

सीएस ने इस योजना में प्रथम आने पर दी बधाई, आप भी जानिए…

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी द्वारा वर्तमान में गतिमान पीएमएवाई-ग्रामीण 2.0 सर्वे में शत-प्रतिशत पात्र लाभार्थियों को भारत सरकार द्वारा निर्धारित समयसीमा 31 मार्च, 2025 तक पंजीकृत करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अन्तर्गत सचिव, ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार की अध्यक्षता में इम्पावर्ड कमेटी की बैठक में उत्तराखण्ड राज्य को पीएमएवाई-ग्रामीण एवं प्रधानमंत्री जनमन योजना में देश में प्रथम आने पर ग्राम्य विकास विभाग, उत्तराखण्ड शासन की सराहना गयी थी तथा राज्य स्तरीय इम्पावर्ड कमेटी की बैठक आयोजित किए जाने की अपेक्षा की गयी थी।

भारत सरकार के निर्देशों के क्रम में आज सचिवालय में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय इम्पावर्ड कमेटी की बैठक आयोजित की गयी थी। बैठक में उत्तराखण्ड राज्य को पीएमएवाई-ग्रामीण एवं प्रधानमंत्री जनमन योजना में देश में प्रथम आने पर मुख्य सचिव ने राधिका झा, सचिव, ग्राम्य विकास, अनुराधा पाल, अपर सचिव, ग्राम्य विकास एवं उनकी टीम को बधाई दी।

दूरस्थ क्षेत्रों में मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता प्रोत्साहन को आंगनबाड़ी सैनेटरी नैपकिन के वितरण की कार्ययोजना बनाएंः सीएस

महिला सशक्तिकरण की विभिन्न योजनाओ की शुरूआत से अभी तक कितनी महिलाओं को लाभ पंहुचा हैं, इस सम्बन्ध में सटीक जानकारी तलब करते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने महिला सशक्तिकरण से जुड़ी सभी योजनाओं के परफॉरमेंस ऑडिट करने के निर्देश दिए हैं। सीएस ने योजनाओं के लक्षित वर्ग पर पड़ने वाले प्रभाव के आधार पर योजनाओं के गुणवत्ता में सुधार करते हुए रिमॉडयूलेशन के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने सचिव स्तर पर इन योजनाओं के रिमॉडयूलेशन के ड्राफ्ट पर कार्य करने की जिम्मेदारी तय की है। लक्षित वर्ग को योजनाओं का अधिकतम लाभ पहुंचाने को लेकर मुख्य सचिव रतूड़ी ने योजनाओं के प्रभाव मूल्यांकन की हिदायत दी है।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी आज सचिवालय में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के तहत उत्तराखण्ड महिला एवं बाल विकास समिति की महासभा की वार्षिक बैठक की अध्यक्षता कर रही थी।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सचिव महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास को मुख्यमंत्री महिला सतत आजीविका योजना के साथ ही विभिन्न विभागों द्वारा संचालित महिलाओं की आजीविका से जुड़ी सभी योजनाओं को जोड़ने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने बालिका शिक्षा प्रोत्साहन के तहत मेधावी छात्राओं हेतु देशभर में शैक्षिक भ्रमण करवाने की योजना पर कार्य करने के निर्देश दिए हैं।

राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में भी महिलाओं एवं बालिकाओं में मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता को प्रोत्साहित करने को लेकर मुख्य सचिव ने आंगनबाड़ियों के माध्यम से सैनेटरी नैपकिन के वितरण की कार्ययोजना पर कार्य करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने महिलाओं हेतु एनिमिया उन्मूलन अभियान को जन अभियान बनाते हुए गम्भीरता से कार्य करने के निर्देश दिए हैं।

बैठक के दौरान मुख्य सचिव को बाल कल्याण निधि, किशोरियों, बालिकाओं एवं महिलाओं हेतु सैनेटरी नैपकिन योजना, मुख्यमंत्री सतत आजीविका योजना एवं उत्तराखण्ड महिला समेकित विकास योजना की वर्ष 2019 से 2024 तक की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति से अवगत कराया गया।

बैठक में सचिव चंद्रेश यादव, विनय शंकर पाण्डेय, नीरज खैरवाल सहित शिक्षा, वित्त, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

प्रधानमंत्री ने शीतकालीन पर्यटन के साथ शीतकालीन साहसिक खेलों को दिया बढ़ावा, अपील भी की

राज्य में शीतकालीन यात्रा को बढ़ावा देने एवं गंगोत्री धाम के शीतकालीन गद़्दी स्थल उत्तरकाशी के मुखवा गांव में मां गंगा के दर्शन करने आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को हर्षिल, उत्तरकाशी में शीतकालीन पर्यटन कार्यक्रम के तहत 2 मोटर बाइक रैली एवं 2 ट्रैक रूट दलों को हरी झंड़ी दिखाकर रवाना किया। प्रधानमंत्री ने धार्मिक पर्यटन के साथ शीतकाल के समय उत्तराखंड में होने वाले साहसिक खेलों को भी बढ़ावा दिया। जिसके तहत उन्होंने नेलांग, जादुंग, सोनम एवं पीडीए घाटी के अद्भुत और अनछुए पर्यटन गंतव्यों के लिए साहसिक पर्यटन अभियानों का फ्लैग ऑफ किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर्षिल से पी.डी.ए मोटर बाईक-।ज्ट-त्ज्ट रैली के 21 सदस्यों (भारतीय सेना) के दल एवं हर्षिल-जादुंग मोटर बाइक रैली के 18 सदस्यों ( उत्तराखंड पर्यटन) के दल को फ्लैग ऑफ किया। साथ ही उन्होंने नीला पानी-मुलिंग ला पास ट्रैक के 15 सदस्यों (आई.टी.बी.पी) के दल एवं जादुंग-जनकताल ट्रैक पर जा रहे 22 सदस्यों ( एन.आई.एम ) के दल का भी फ्लैग ऑफ किया।

मोटर बाईक-।ज्ट-त्ज्ट रैली (हर्षिल – पी.डी.ए), मोटर बाइक रैली (हर्षिल-जादुंग) मोटर बाइक रैली नेलांग, जादुंग, सोनम एवं पी.डी.ए वैली में आयोजित की जा रही है। इन घाटियों की भौगोलिक स्थिति लद्दाख की भांति है। जिसका उद्देश्य लद्दाख वैली की तर्ज पर उत्तराखंड के हर्षिल क्षेत्र को देश का बड़ा मोटर बाईक डेस्टिनेशन बनाया जाना है।

नीलापानी-मुलिंग ला पास ट्रैक एवं जादुंग-जनकताल ट्रैक रूट गंगोत्री नेशनल पार्क क्षेत्र में स्थित है तथा भारत सरकार की महत्वकांक्षी योजना बाईब्रेन्ट विलेज प्रोग्राम के अन्तर्गत सम्मिलित है। जो ईनर लाईन क्षेत्र में पड़ते है, जहाँ पर आवागमन हेतु ईनर लाईन परमिट की आवश्यकता होती है। उक्त क्षेत्र को पुनः बसायत किये जाने हेतु पर्यटन विभाग द्वारा जादंग में होमस्टे बनाये जा रहे हैं। जिसका मुख्य उद्देश्य स्थानीय निवासियों के रोजगार एवं आजीविका के विकास का सृजन किया जाना है।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तराखंड में कोई ष्ऑफ-सीजनष् नहीं होना चाहिए और पर्यटन को हर मौसम में फलना-फूलना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में, पहाड़ों में पर्यटन मौसमी है, जिसमें मार्च, अप्रैल, मई और जून के दौरान पर्यटकों की अच्छी-खासी आमद होती है। हालांकि, उन्होंने कहा कि इसके बाद पर्यटकों की संख्या में भारी गिरावट आती है, जिससे सर्दियों के दौरान अधिकांश होटल, रिसॉर्ट और होमस्टे खाली हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि इस असंतुलन के कारण उत्तराखंड में साल के एक बड़े हिस्से में आर्थिक ठहराव बना रहता है और पर्यावरण के लिए भी चुनौतियां पैदा होती हैं।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा सर्दियों के दौरान उत्तराखंड की यात्रा करने से देवभूमि की दिव्य आभा की सच्ची झलक मिलती है। उन्होंने कहा विंटर टूरिज्म में यहां, लोगों को ट्रैकिंग, स्कीइंग जैसी एक्टिविटीज का रोमांच, सचमुच में रोमांचित कर देगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में धार्मिक यात्राओं के लिए सर्दियां विशेष महत्व रखती हैं, क्योंकि इस दौरान कई पवित्र स्थलों पर अनोखे अनुष्ठान किए जाते हैं। उन्होंने मुखवा गांव में होने वाले धार्मिक समारोहों को क्षेत्र की प्राचीन और महत्वपूर्ण परंपराओं का अभिन्न अंग बताया।

पीएम मोदी ने सीएम धामी से हाथ मिलाकर, पीठ थपथपाकर दी शाबाशी

शीतकालीन यात्रा पर आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की शानदार बॉन्डिंग गुरुवार को भी दिखी। प्रधानमंत्री को जब जहां मौका मिला, वह मुख्यमंत्री को शाबासी देते, प्रोत्साहित करते हुए दिखाई दिए। भाषण खत्म कर मुख्यमंत्री जैसे ही प्रधानमंत्री के करीब पहुंचे, तो पहले तो उन्होंने गर्मजोशी से हाथ मिलाया। बाद में मुख्यमंत्री की पीठ भी थपथपा दी।

एक के बाद एक महत्वपूर्ण फैसले लेने और उन्हें अमल में लाने के मुख्यमंत्री के अंदाज को शीर्ष स्तर पर पसंद किया जा रहा है। चाहे समान नागरिक संहिता हो या राष्ट्रीय खेलों का आयोजन, प्रधानमंत्री के स्तर पर मुख्यमंत्री को भरपूर शाबासी मिली है। अब शीतकालीन यात्रा के लिए राज्य सरकार के प्रयास पर प्रधानमंत्री संतुष्ट नजर आ रहे हैं। अपने संबोधन में उन्होंने इसका बार-बार जिक्र भी किया। उन्होंने शीतकालीन यात्रा के उत्तराखंड से जुड़े आर्थिक पहलू को रेखांकित करते हुए इसे अभिनव पहल बताया। साथ ही, इसके लिए मुख्यमंत्री और उनकी सरकार को धन्यवाद भी दिया।

अपने संबोधन की शुरुआत में मुख्यमंत्री के लिए प्रधानमंत्री ने जिन शब्दों का इस्तेमाल किया, वह गौर करने वाले रहे। उन्होंने मुख्यमंत्री को छोटा भाई और ऊर्जावान मुख्यमंत्री कहते हुए संबोधित किया। उन्होंने अपनी केदारनाथ यात्रा का जिक्र करते हुए यह भी कहा कि यह दशक उत्तराखंड का बन रहा है। इसके लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार बढ़िया काम कर रही है।

कभी मुस्कराए, कभी विनम्रता से जोड़े हाथ

हर्षिल की जनसभा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को क्षेत्रवासियों के जबरदस्त उत्साह के दर्शन भी हुए। कार्यक्रम में कई बार मोदी-मोदी के नारे गूंजे। इस पर प्रधानमंत्री कई बार मुस्कराए। कई बार उन्होंने विनम्रता से हाथ जोड़ लिए। पारंपरिक परिधान और टोपी पहने प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कई आंचलिक शब्दों का इस्तेमाल भी किया।

शीतकालीन चारधाम यात्राः पीएम का मिला साथ, दौड़ेगी यात्रा, बनेगी बात

मां गंगा के शीतकालीन प्रवास स्थल मुखवा और खूबसूरत हर्षिल से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक-एक संदेश के गहरे मायने हैं। देश-दुनिया तक इन शब्दों की अनुगूूंज पहुंचना तय है। उत्तराखंड की शीतकालीन यात्रा को प्रधानमंत्री का जैसा साथ मिला, वह खास है। उन्होंने जिस अंदाज में उत्तराखंड की यात्रा का प्रमोशन किया है, वह अभूतपूर्व है। इसके बाद, उत्तराखंड के शीतकालीन पर्यटन के सरपट दौड़ने की पूरी उम्मीद की जा रही है।

प्रधानमंत्री का यह प्रवास उस वक्त हुआ है, जबकि करीब दो महीने की शीतकालीन यात्रा शेष है। इसके बाद 30 अप्रैल से चार धाम यात्रा का श्रीगणेश होना है। ऐसे में प्रधानमंत्री के एक प्रवास ने उत्तराखंड की दोनों यात्राओं के लिए बेहतर आधार तैयार कर दिया है। प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड का हर तरह से प्रमोशन किया। प्रमोशन के लिए घाम तापो पर्यटन की बात हो, धर्माचार्यों और योगाचार्यों से शीतकाल में योग शिविर आयोजित करने की बात हो, कॉरपोरेट को सेमिनार का सुझाव हो, फिल्म निर्माताओं को फिल्मों की शूटिंग के लिए आह्वान हो या फिर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर से अपील हो, सबने अपना अलग प्रभाव छोड़ा है।

रजत जयंती वर्ष में सबसे गंभीर प्रयास

उत्तराखंड के रजत जयंती वर्ष में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शीतकालीन यात्रा का सबसे बड़ा प्रमोशन कर दिया है। इस यात्रा के प्रमोशन के लिए इससे पहले कभी इतने गंभीर प्रयास नहीं हुए। उत्तराखंड की शीतकालीन यात्रा के साथ प्रधानमंत्री के जुड़ाव के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जो प्रयास किए थे, उसका सार्थक परिणाम सामने आया है। बहुत कम समय में उत्तराखंड की शीतकालीन यात्रा और पर्यटन देश-दुनिया की नजरों में आ गए हैं।

फिर साबित हुए सबसे बड़े ब्रांड एंबेसडर

प्रधानमंत्री एक बार फिर उत्तराखंड के लिए सबसे बड़े ब्रांड एंबेसडर साबित हुए हैं। केदारनाथ धाम का उदाहरण सामने हैं, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सक्रियता से श्रद्धालुओं के पहुंचने के नए रिकॉर्ड बने हैं। शीतकालीन यात्रा का हिस्सा बनने की इच्छा प्रधानमंत्री ने 28 जनवरी को राष्ट्रीय खेलों के शुभारंभ के मौके पर ही जाहिर कर दी थी। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड से भावनात्मक लगाव ही है, वह कार्यक्रम में बदलाव के बावजूद मुखवा-हर्षिल पहुंच गए।

मुखवा हर्षिल निहाल, पीएम-सीएम का आभार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुखवा आगमन से पूरा क्षेत्र निहाल है। स्वतंत्र भारत के इतिहास में यह पहला अवसर है, जबकि कोई प्रधानमंत्री मां गंगा के शीतकालीन प्रवास स्थल पर पूजा-अर्चना के लिए पहुंचा हो। गंगोत्री मंदिर के सचिव सुरेश सेमवाल का कहना है-यह अवसर गौरवान्वित करने वाला है। तीर्थ पुरोहित व लोक कलाकार रजनीकांत सेमवाल कहते हैं-मुखवा का चयन करने के लिए पीएम व सीएम के प्रति हम आभारी हैं।

सीएम ने एसडीआरएफ को 05 लाख रुपए का पुरस्कार चेक किया प्रदान

हरिद्वार कुंभ में प्रयागराज महाकुंभ के अनुभव काम आयेंगे। एसडीआरएफ टीम ने महाकुंभ में अपनी दक्षता का कुशल परिचय देकर उत्तराखंड का मान बढ़ाया है। यह बात सीएम पुष्कर सिंह धामी ने सीएम आवास में एसडीआरएफ के 112 कार्मिकों के वापस आने पर आयोजित महाकुंभ प्रयागराज 2025 अभिनन्दन कार्यक्रम में बात कही। इस मौके पर उन्होंने एसडीआरएफ की टीम को पुरस्कार स्वरूप 05 लाख रुपए का चेक भी सौंपा।

मुख्यमंत्री ने महाकुंभ प्रयागराज में बेहतर सेवाएं देने पर एसडीआरएफ की टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि ये अनुभव हरिद्वार के 2027 कुंभ में काम आयेंगे। कुंभ को भव्य रूप से आयोजित करने में मदद भी मिलेगी। इस महाकुंभ से हमारे जवानों का आत्मविश्वास बढ़ा है तथा भीड़ का कुशल प्रबंधन करने में सफल होंगे।

सीएम धामी ने कहा कि सनातन धर्म के महासंगम की चुनौती को संभालना चुनौतीपूर्ण कार्य था। बेहतर व्यवस्थाओं और प्रबंधन से यूपी के साथ ही उत्तराखंड सरकार का सर ऊंचा हुआ है। यही अनुभव 2027 के कुंभ में मददगार साबित होंगे। हमारा प्रयास है कि वाहनों के लिए सुनियोजित पार्किंग व्यवस्था हो जिसके लिए सरकार पूरी तरह से प्रयासरत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य विभिन्न भौगोलिक परिस्थितियों और आपदा की दृष्टि से संवेदनशील राज्य है। इन चुनौतियों से पार पाने के लिए एसडीआरएफ द्वारा सराहनीय कार्य किए गए हैं। श्रेष्ठ आपदा प्रबंधन में एसडीआरएफ की अहम भूमिका रही है। आपदा प्रबंधन के लिए क्विक रिस्पॉन्स और अत्याधुनिक उपकरणों से राज्य में आपदा के प्रभाव को कम करने में काफी मदद मिली है।

इस मौके पर उपाध्यक्ष राज्य आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति विनय रोहिला, सचिव गृह शैलेश बगोली, डीजीपी दीपम सेठ, एडीजी अमित सिन्हा, वी मुरुगेशन, ए. पी अंशुमन, सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन, आईजी एसडीआरएफ रिद्धिम अग्रवाल, कमांडेंट एसडीआरएफ अर्पण यदुवंशी, एसडीआरएफ के अधिकारी और जवान उपस्थित थे।

ग्रामोत्थान परियोजना चमोली में महिलाओं की आजीविका को कर रही मजबूत

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में चमोली जनपद में ग्रामोत्थान परियोजना ग्रामीणों की आर्थिकी को मजबूत कर रही है। जिले में योजना के तहत विभिन्न योजनाओं के माध्यम से ग्रामीणों को स्वरोजगार उपलब्ध करवाया जा रहा है। जिससे ग्रामीण घर पर बैठकर ही अपनी आय को मजबूत कर रहे हैं।

जिला परियोजना प्रबंधक ममराज सिंह चौहान ने बताया कि ग्रामोत्थान परियोजना के तहत जनपद में 25 क्लस्टर लेवल फेडरेशन बनाई गई है। जिनके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में बकरी, पालन, डेयरी यूनिट, मशरूम उत्पादन, मधुमक्खी पालन, कुक्कुट पालन, ब्यूटी पार्लर, सिलाई सेंटर, रिटेल शॉप, फर्नीचर निर्माण, ढाबा, रेस्टोरेंट, फूड प्रोसेसिंग यूनिट जैसे उद्यमों का संचालन किया जा रहा है। जिससे ग्रामीण अपनी आजीविका को मजबूत कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि परियोजना के तहत जनपद में कृषि आधारित योजनाओं में 53, गैर कृषि आधारित उद्यम में 55 तथा एक्ट्रीम व अल्ट्रा पुअर योजना के तहत 300 ग्रामीणों को लाभान्वित किया गया है। योजना की जानकारी देते हुए बताया कि कृषि आधारित व व्यक्तिगत उद्यम योजना में परियोजना की ओर से 30 प्रतिशत तथा लाभार्थी की ओर से 20 प्रतिशत का अंशदान किया जाता है। जबकि शेष धनराशि बैंक ऋण के माध्यम से प्रदान की जाती है। जिससे ग्रामीण उद्यम की स्थापना कर सकता है।

क्या कहते हैं लाभार्थी-

केस-1

टंगसा गांव निवासी मंजू देवी का कहना है कि ग्रामोत्थान परियोजना की मदद से उन्होंने व्यक्तिगत उद्यम योजना के तहत वर्ष 2024-25 में मिनी डेयरी का उद्यम स्थापित किया। जिससे उनको आर्थिक रूप से मजबूती मिली है। बताया कि प्रतिदिन मिनी डेयरी से वे 22 लीटर दूध का विपणन कर 18 से 20 हजार तक की आय प्राप्त कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से संचालित योजना से उन्हें आर्थिक मजबूती मिली है।

केस-2

कुजौं-मैकोट निवासी अमिता देवी का कहना है कि ग्रामोत्थान परियोजना के सहयोग से उन्होंने गांव में रिटेल शॉप स्थापित की। जिसके माध्यम वर्तमान में घर पर ही रहते हुए 10 हजार रुपये प्रतिमाह शुद्ध आय प्राप्त कर रही हैं। उन्होंने योजना को गरीब तबकी की आर्थिकी को मजबूत करने के लिए कारगर बताया है।