सीएम के निर्देश पर सचिव आपदा, पीडब्लूडी गढ़वाल कमिश्नर मुख्य अभियंता राष्ट्रीय राजमार्ग पहुंचे केदारघाटी

सचिव लोक निर्माण विभाग उत्तराखंड शासन पंकज पांडे, सचिव आपदा विनोद सुमन, गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय, मुख्य अभियंता राष्ट्रीय राजमार्ग दयानंद ने आज सोमवार को केदारघाटी के प्रभावित क्षेत्रों का पैदल निरीक्षण एव हवाई सर्वेक्षण किया। इस दौरान उन्होंने क्षतिग्रस्त मार्गों का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को सोनप्रयाग से गौरीकुंड के बीच वाशआउट सड़क मार्ग को पुर्नस्थापित करने के लिए प्राथमिकता से प्लानिंग तैयार कर अविलंब कार्य शुरू करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के बाद उच्च अधिकारियों ने पैदल यात्रा को 15 दिन में सुचारू करने के लिए सभी संबंधित विभागों से सुझाव मांगे। इसके लिए अनिवार्य पुनर्निर्माण कार्यों का एस्टीमेट तैयार कर 2 से 3 दिनों के भीतर कार्य शुरू करने के निर्देश दिए।

सचिव लोक निर्माण विभाग उत्तराखंड शासन पंकज पांडे एव सचिव आपदा विनोद सुमन ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि अतिवृष्टि के कारण सोनप्रयाग से गौरीकुंड के मध्य वाशआउट सड़क में अस्थाई मार्ग निर्माण करने की कार्रवाई भी अविलंब शुरू की जाए। सड़क एव पैदल मार्गों का त्वरित गति से निर्माण करने के लिए हर साइट पर अलग ठेकेदार को काम दिया जाए। हर साइट पर एक एई और एक जेई तैनात किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार के पुनर्निर्माण कार्यों में प्रैक्टिकल व टेक्निकल दोनों पक्षों का पूरा ध्यान रखा जाए। साथ ही जितने भी कार्य प्रस्तावित हैं उनके लिए मैटेरियल की प्री पोस्टिंग हर संभव साइट कर पहले ही कर ली जाए।

लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि गौरीकुंड के समीप मौजूद घोड़ा पड़ाव के पास करीब 15 मीटर हिस्सा वाशआउट हो गया है, इसके अलावा जंगलचट्टी में 60 मीटर हिसा वाशआउट है। उक्त दोनों साइट्स पर कार्य करना सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण रहेगा, इन्हें मिलाकर कुल 29 साइट्स पर कार्य किया जाना है।

इस अवसर पर उन्होंने श्री केदारनाथ, गरुड़चट्टी, लिनचोली मार्ग जो इस अतिवृष्टि से प्रभावित नहीं हुआ है, उसे वैकल्पिक मार्ग के तौर पर इस्तेमाल करने का प्रस्ताव दिया। विभिन्न स्थानों के लिए 10 फोल्डिंग ब्रिज को चिनूक या पैदल मार्ग से केदारनाथ पहुंचाए जाने की भी तैयारी है।

सचिव पीडब्लूडी ने निर्देश दिए कि हर साइट पर कम से कम 10 मजदूर एव बड़ी साइट्स पर आवश्यकता के अनुसार मजदूरों को लगाया जाए। इसके साथ ही पूरे मार्ग पर 500 मजदूर लगाने के भी निर्देश दिए।

गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय ने सभी पुनर्निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शासन को प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। बिजली, पानी, कनेक्टिविटी और खाद्य सामग्री की आपूर्ति के लिए संबंधित विभागों से उनके प्लान भी मांगे।

वहीं विद्युत विभाग के अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि गौरीकुंड लिनचोली और भीमबली में पोल क्षतिग्रस्त हुए हैं, इसके अलावा सोनप्रयाग के समीप 11केवी का सब स्टेशन भी खतरे की जद में आ गया है। गढ़वाल कमिश्नर ने सब स्टेशन के लिए नई भूमि चिन्हित कर भूमि की गुणवत्ता एव अन्य मानकों की जांच कर नए सब स्टेशन का निर्माण का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी सौरभ गहरवार ने सड़क एव पैदल मार्गों के पुनर्स्थापन, यात्रियों के रेस्क्यू एव राहत कार्यों के लिए हो रहे प्रयासों, अब तक किए जा चुके कार्यों एव केदारनाथ यात्रा शुरू करवाने के लिए की जा रही तैयारियों की पूरी जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक डॉ. विशाखा अशोक भदाणे ने संवेदनशील क्षेत्रों के पर सुरक्षा बलों की ओर से की जा रही तैयारियों की जानकारी दी।

आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस पर मंथन से निकलने वाले अमृत से राज्य बढ़ेगा आगेः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सेवक सदन, मुख्यमंत्री आवास देहरादून में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (ए०आई०) पर आधारित सेमिनार में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य में ए.आई मिशन को सफल बनाने के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ए.आई. के सहयोग से राज्य को आगे बढ़ाने के लिए सभी ने मिलकर मंथन करना है। ए.आई. पर आयोजित इस मंथन कार्यक्रम से निश्चित अमृत निकलेगा जो राज्य में ए.आई. के आधार पर राज्य को आगे बढ़ाएगा। ए.आई. के सहयोग से इकोलॉजी, इकोनॉमी, टेक्नोलॉजी, अकाउंटेबिलिटी और सतत विकास में महत्वपूर्ण विकास होने वाला है। सभी विशेषज्ञ एवं विभिन्न दायित्व का निर्वहन कर रहे लोगों को भी ए.आई. की विशेषता हासिल करने पर कार्य करना होगा। उन्होंने कहा उत्तराखंड में साइंस टेक्नोलॉजी और इनोवेशन नीति के साथ ए.आई टेक्नोलॉजी को विकसित करने का रोड मैप तैयार किया गया है। ए.आई हमारे जीवन के हर पहलू को प्रभावित करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का साइंस टेक्नोलॉजी एवं ए.आई पर विशेष ध्यान रहता है। ए.आई के उपयोग से कई उपलब्धियां हासिल की जा रही है। ए.आई ने लोगों का समय बचाने का कार्य भी किया है। वैज्ञानिक अनुसंधान एवं दैनिक जीवन में क्रांतिकारी बदलाव ए.आई. के माध्यम से आए हैं। उद्योग, चिकित्सा, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, विज्ञान, में नवाचार का प्रमुख कारण ए.आई बन रहा है। ए.आई राज्य के विकास और समृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए राज्य सरकार हर क्षेत्र में तेजी से कार्य कर रही है, इसका प्रमाण है कि सतत विकास लक्ष्यों के सूचकांक में राज्य ने पहला स्थान प्राप्त किया है। हमारा राज्य प्राकृतिक संसाधन, सांस्कृतिक धरोहर, उत्कृष्ट मानव संसाधन से संपन्न है। एक बड़ा भू भाग जंगलों से आच्छादित है। ए.आई का सही उपयोग करने पर इन संसाधनों का प्रयोग सर्वाेत्तम तरीके से किया जा सकता है। कृषि, पर्यटन, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं अन्य क्षेत्रों में ए.आई के उपयोग को बढ़ा कर सफलता की संभावनाओं को बढ़ाया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में आपदा, क्लाइमेट चेंज को और अधिक समझने में ए.आई. की मदद से प्रभावी ढंग से कार्य किया जा सकता है। सम्पूर्ण विश्व विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत की नेतृत्व क्षमता को देख रहा है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में इंडिया ए आई मिशन की शुरुआत की गई है। जिसका उद्देश्य ए.आई संबंधित टेक्नोलॉजी का विकास करना है। केंद्र सरकार से बेहतर समन्वय बनाकर प्रदेश में ए.आई के अनुकूल वातावरण बनाया जा रहा है। प्रदेश के विभिन्न संस्थानों, इंस्टीट्यूट के सहयोग से ए.आई. के लिए प्रभावी तंत्र बनाने पर कार्य करेंगे।

महानिदेशक यूकॉस्ट प्रो. दुर्गेश पंत ने कहा कि वर्तमान समय ए.आई का समय है। उत्तराखंड, देवभूमि के साथ ही स्पिरिचुअल, साइंटिफिक सॉल्यूशन की भूमि है। यहां अनेक केंद्रीय संस्थान हैं। उत्तराखंड राज्य नॉलेज स्टेट के रूप में आगे बढ़ रहा है। नॉलेज स्टेट की अवधारणा से ही राज्य सशक्त और समृद्ध हो सकता है। ए.आई. को राज्य के विकास से जोड़ते हुए कृषि, पर्यटन, गुड गवर्नेंस, लाइवलीहुड, स्वास्थ एवं अन्य क्षेत्र में कार्य करना है। आज होने वाले मंथन से प्रभावी एवं निर्णायक सुझाव सामने आंएगे।

इस अवसर पर दिनेश त्यागी ने कहा कि उत्तराखंड में आज का परिवेश अलग है। राज्य में बड़ा सकारात्मक बदलाव आया है। राज्य में ए.आई. को बढावा देने के लिए मूलभूत बुनियादी ढांचे की स्थापना की आवश्यकता है। वर्तमान समय में राज्य के प्रत्येक स्थान को हाई स्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी से आच्छादित करना होगा।अधिक से अधिक विद्यार्थियों को स्कूलों/कॉलेजों में ए.आई. का बेसिक शिक्षण देना आवश्यक है। हमारा उद्देश्य ए.आई के माध्यम से लोगों को सहूलियत पहुंचाना है। ए.आई. के माध्यम से युवाओं को रोजगार से भी जोड़ना है।

प्रो.ओ पीएस नेगी ने कहा कि ए.आई समय की जरुरत है। ए.आई. के माध्यम से इनोवेशन, टेक्नोलॉजी और क्वालिटी पर कार्य करना है। हमने ए.आई. को अपनी शिक्षा व्यवस्था में स्थापित करना होगा, हमारा प्रयास एआई के माध्यम से डिस्टेंस एजुकेशन और प्रभावी बनाना है। इंटरनेट आइडियाज के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया जायेगा।

इस अवसर पर उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण परिषद विश्वास डाबर, सचिव नितेश झा एवं विभिन्न विश्वविद्यालय के कुलपति मौजूद रहे।

खनने में पिछले वर्ष के शुरुआती चार माह की तुलना में लगभग 67 प्रतिशत अधिक राजस्व हुआ प्राप्त

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार राजस्व में बढ़ोतरी को लेकर लगातार नए फैसले और योजनाओं पर काम कर रही है। फलस्वरूप, वर्ष 2023-24 में निर्धारित 875 करोड़ रुपये के सापेक्ष खनन विभाग 645.42 करोड़ रुपये राजस्व अर्जित करने में सफल रहा है जो गत वर्ष की तुलना में कुल 173.17 करोड़ अधिक है। चालू वित्तीय वर्ष 2024-25 (माह अप्रैल से जुलाई) में भी रू० 333.17 करोड राजस्व की प्राप्ति की गयी है तथा विगत वर्ष 2023-24 के प्रथम चार माह में प्राप्त राजस्व से कुल रू0 133.31 करोड़ वित्तीय वर्ष 2024-25 में अधिक प्राप्त किया गया, जो विगत वर्ष की तुलना में लगभग 67 प्रतिशत अधिक है।

निदेशक, भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय द्वारा अवगत कराया गया है कि वर्ष 2022-23 में राज्य सरकार द्वारा भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय उत्तराखण्ड को कुल 875 करोड़ का राजस्व लक्ष्य दिया गया था, जिसके सापेक्ष भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय द्वारा 472.25 करोड़ राजस्व अर्जित किया गया। वर्ष 2023-24 में भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय उत्तराखण्ड देहरादून को राज्य सरकार द्वारा कुल रू0 875.00 करोड़ रुपये का लक्ष्य दिया गया था, जिसके सापेक्ष भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय उत्तराखण्ड द्वारा कुल रू0 645.42 करोड़ राजस्व के रूप में अर्जित किया गया, जो गत वर्ष की तुलना में कुल रू0 173.17 करोड अर्थात लगभग 40 प्रतिशत अधिक रहा।

वर्ष 2022-23 में चार माह (माह अप्रैल से जुलाई) में रू0 161.64 करोड, वर्ष 2023-24 में चार माह में (माह अप्रैल से जुलाई) में रू0 199.86 करोड एवं वर्तमान वित्तीय वर्ष 2024-25 (माह अप्रैल से जुलाई) में रू० 333.17 करोड राजस्व की प्राप्ति की गयी तथा विगत वर्ष 2023-24 के प्रथम चार माह में प्राप्त राजस्व से यह कुल रू0 133.31 करोड़ वित्तीय वर्ष 2024-25 में अधिक प्राप्त किया गया।

वर्तमान में वित्तीय वर्ष 2024-25 हेतु राज्य सरकार के द्वारा भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय उत्तराखण्ड को जो राजस्व लक्ष्य निर्धारित किया गया है, उसकी शत प्रतिशत प्राप्ति हेतु विभाग के द्वारा निरन्तर, अथक प्रयास किया जा रहा है तथा विश्वास जताया गया कि भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय उत्तराखण्ड द्वारा निर्धारित लक्ष्य की शत प्रतिशत प्राप्ति की जायेगी।

राज्य सरकार के इन प्रयासों से हुई राजस्व वृद्धि
निदेशक भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय द्वारा अवगत कराया गया कि रिकॉर्ड राजस्व प्राप्ति का श्रेय राज्य सरकार द्वारा उत्तराखण्ड उपखनिज परिहार नियमावली में सरलीकरण, ई-निविदा, सह-ई नीलामी के माध्यम से नये खनिज लॉट का चिन्हीकरण कर उनको ई-निविदा के माध्यम से आवंटित किया जाना, निदेशालय स्तर पर गठित प्रर्वतन दल के द्वारा अवैध खनन, परिवहन एवं भण्डारण की प्रभावी रोकथाम हेतु निरन्तर प्रभावी ढंग से कार्यवाही किया जाना, मुख्यालय स्तर पर ई-रवन्ना पोर्टल की समय-समय पर निगरानी करते हुए ई-रवन्ना पोर्टल को उन्नत ( Upgradation) किया जाना, चार जनपद यथा देहरादून, हरिद्वार, उधमसिंहनगर व नैनीताल में निविदा के माध्यम से आवंटित कम्पनी के द्वारा पट्टाधनराशि / अपरिहार्य भाटक आदि की वसूली को जाता है।

45 माईन चैक गेट्स स्थापित किये जाने को मिली स्वीकृति
खनन कार्य को और अधिक पारदर्शी, सुदृढ़ बनाये जाने तथा अवैध खनन/अवैध परिवहन की प्रभावी रोकथाम एवं राजस्व वृद्धि हेतु आधुनिक Mining digital Transformation and Surveillance System ¼ MDTSS ½ विकसित किये जाने हेतु राज्य सरकार द्वारा कुल 45 माईन चैक गेट्स स्थापित किये जाने की स्वीकृति प्रदान की गयी है, जिसकी कार्यवाही गतिमान है। इसके साथ ही रवन्ना प्रपत्रों को डिजिटल रूप में ही रखने हेतु कार्यवाही गतिमान है।

आमजन को सस्ती दरों पर प्राप्त हो रही खनन सामग्री
स्टोन क्रेशर्स / स्क्रीनिंग प्लांट्स में कच्चे माल के रूप में उपखनिज की भरपूर आपूर्ति होने से उपखनिज ग्रिट, डस्ट, सैण्ड, रेता, बजरी इत्यादि वर्तमान में रू0 70/- प्रति कुंतल की दर से बेचा जा रहा है जो कि पूर्व वर्ष में रू0 140/- प्रति कुन्टल की दर से बेचा जा रहा था, जिसके फलस्वरूप आम जनमानस को निर्माण सामग्री सस्ते दामों में प्राप्त हो रही है व सरकारी कार्यदायी संस्थाओं को कच्चे/पक्के माल की निर्माण सामग्री की आपूर्ति सस्ते दामों में प्राप्त हो रही है।

ऋषिकेशः मंत्री अग्रवाल ने किया राजकीय उप जिला चिकित्सालय में सिटी स्कैन मशीन का उद्घाटन

राजकीय उप जिला चिकित्सालय ऋषिकेश में सीटी स्कैन मशीन का उद्धाटन क्षेत्रीय विधायक व मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने संयुक्त रूप से किया। उन्होंने कहा कि यह मशीन स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में यह बहुत मददगार साबित होगी। कहा कि मशीन का लाभ मिलने से अब निजी अस्पतालों का रूख नहीं करना पड़ेगा। साथ ही जेब पर अतिरिक्त मार नहीं झेलनी पड़ेगी।

मशीन का उद्धाटन कर मंत्री डा. अग्रवाल ने कहा कि लंबे समय से सीटी स्कैन मशीन की मांग उठ रही थी। उसकी आवश्यकता को देखते हुए यहां मशीन को स्थापित किया गया है। बताया कि इसकी कीमत 07 करोड 19 लाख 44 हजार 250 रूपये है। बताया कि इस मशीन में समस्त प्रकार के कार्डिक एन्जीयोग्राफी स्कैन की सुविधा है। बताया कि मशीन में एक ही बार में पूरे शरीर (होलबाडी) के स्कैन की सुविधा है। उन्होंने कहा कि मशीन के यहां स्थापित होने से क्षेत्रीय जनता के साथ ही चारधाम यात्रियों, कावंड यात्रा में आने वाले श्रद्वालुओं को सुविधा का लाभ मिलेगा।

डॉ अग्रवाल ने बताया कि मशीन में एक रेडियोलॉजिस्ट तथा दो टेक्नीशियन का स्टाफ रहेगा। उन्होंने बताया कि निजी अस्पतालों से बहुत ही कम दर पर यहां सीटी स्कैन की सुविधा मिलेगी। कहा कि वह स्वयं भी अपना उपचार सरकारी अस्पताल में ही कराते है। कहा कि बहुत जल्द यहाँ चिकित्सकों की कमी दूर होगी। बताया कि चार सर्जन के पद यहाँ के लिए स्वीकृत किये गए हैं

डॉ अग्रवाल ने कहा कि उनकी ओर से हमेशा राजकीय उपजिला अस्पताल के लिए कार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र को मजबूत कर रही है।

इस मौके पर महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ तारा आर्य, मुख्य चिकित्साधिकारी देहरादून डॉ संजय जैन, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ प्रदीप चंदोला, अध्यक्ष महिला आयोग कुसुम कंडवाल, जिलाध्यक्ष रविन्द्र राणा, मण्डल अध्यक्ष सुमित पंवार, सुरेंद्र कुमार, संजय शास्त्री, शिव कुमार गौतम, नितिन सकसेना, देवदत्त शर्मा, विकास तेवतिया, सोनू पांडेय, अखिलेश मित्तल, हर्ष व्यास, रेडियोलोजिस्ट डॉ उत्तम सिंह खरोला, वरिष्ठ पैथोलोजिस्ट डॉ मुकेश पांडेय, डॉ आनंद सिंह राणा, डॉ रोहित उपाध्याय, डॉ अजय नैथानी, डॉ निधि, वशुदेव कुमार, जयंत शर्मा, रूपेश गुप्ता, जितेंद्र पाल, विवेक शर्मा, रंजन अंथवाल, प्रवीण रावत, दीपक बिष्ट, राजू नरसिम्हा, रीता गुप्ता आदि अस्पताल के कर्मचारी उपस्थित रहे।

सीएम धामी स्वयं पिछले 72 घंटों से लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन की कर रहे हैं मॉनिटरिंग

केदारनाथ यात्रा मार्ग पर फंसे हुए यात्रियों को लगातार सुरक्षित निकालने का प्रयास किया जा रहा है। सीईओ बीकेटीसी योगेंद्र सिंह ने बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन के चौथे दिन केदारनाथ धाम में फंसे हुए यात्रियों 373 यात्रियों, स्थानीय लोगों एवं मजदूरों को एनडीआरएफ, एसडीआरएफ एवं अन्य सुरक्षा बलों की मदद से लिनचोली तक पहुंचाने के लिए रवाना कर दिया गया है। लिनचोली से एयरलिफ्ट कर इन सभी को रेस्क्यू किया जाएगा। वहीं केदारनाथ हैलीपैड पर अभी 570 यात्री, स्थानीय लोग और मजदूर एयर लिफ्ट होने का इंतजार कर रहे हैं। केदारनाथ में सभी लोगों के लिए जिला प्रशासन, बीकेटीसी और तीर्थ पुरोहित समाज द्वारा फूड पैकेट्स, पानी की बोतलें, फल उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

उधर, रामबाड़ा चौमासी ट्रैक से एनडीआरएफ एव एसडीआरएफ द्वारा 110 यात्रियों को रेस्क्यू कर चौमासी पहुंचा दिया गया है। ट्रैक पर सुरक्षा बलों द्वारा यात्रियों को लगातार फूड पैकेट्स, पानी सहित चिकित्सा उपचार उपलब्ध करवाया गया। अब तक इस मार्ग से 534 से अधिक यात्रियों एव स्थानीय लोगों को रेस्क्यू किया जा चुका है।

मुख्यमंत्री ने किया सर्वाेदय-2024 कार्यक्रम में प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रामनगर स्थित पी.एन.जी.पी.जी. कॉलेज में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद उत्तराखण्ड द्वारा आयोजित सर्वाेदय-2024 कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर अपने सम्बोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ऐसा संगठन है जो संस्कृतिक एवं नैतिक मूल्यों के लिये समर्पित है। देश का भविष्य़ युवा पीढी के हाथ में है। उन्होने कहा कि युवा पीढ़ी पर देश को नई ऊचाई और विकास के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने की जिम्मेदारी है, उन्होने छात्र राजनीति को नये भारत के निर्माण मे योगदान देने वाला बताया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने रामनगर में मीडिया सेंटर बनाने, पेयजल के 40 नलकूपों को ऊर्जा मुक्त किये जाने, पालिका इलाकों में नई सीवर लाइन, बालिका संकाय में कक्षा कक्ष निर्माण और महा विद्यालय के खेल मैदान को बेहतर बनाने की घोषणा की। रामनगर में समाज सेवा तथा सामाजिक कार्यों में अपना योगदान देने वाले 5 समाज सेवियों को मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस आयोजन में उन्हे छात्रों की ऊर्जा देखकर अपने विद्यार्थी जीवन का स्मरण हो रहा है। आज पूरी दुनिया भारत को आशा भरी निगाह से देख रही है। इसके पीछे मुख्य योगदान हमारी युवा शक्ति का है। जब इतनी बड़ी शक्ति देश निर्माण में अपना योगदान दे रही तो वह दिन दूर नहीं जब भारत विश्व के देशों का भी मार्गदर्शन करेंगा। हमें छात्र राजनीति भविष्य में कैसी होनी चाहिए इस पर चिंतन करना होगा, क्योंकि आने वाले भविष्य में युवा छात्र ही देश का नेतृत्व करेंगे।

केदारनाथ यात्रा मार्ग में फंसे लोगों का किया जा रहा रेस्क्यू
मुख्यमंत्री ने कहा कि केदारनाथ मार्ग में बीते दिनों प्राकृतिक आपदा से जन जीवन प्रभावित हुआ है। वहा फंसे लोगों का रेस्क्यू किया जा रहा है। राहत और बचाव के कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। जिला प्रशासन एनडीआरएफ सेना और अन्य सुरक्षा टीम बचाव कार्य कर रही है। धाम में फंसे लोगों को हैली सेवा के माध्यम से सुरक्षित स्थानों में भेजा जा रहा है।

उत्तराखंड सतत विकास सूचकांक की सूची में भारत में प्रथम स्थान पर
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य में लगातार बेहतर विकास कार्य हो रहे हैं। समाज के अंतिम पंक्ति में खडे व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना हमारा लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि नीति आयोग, भारत सरकार द्वारा सतत विकास सूचकांक की रिपोर्ट जारी की गई है पूरे देश में उत्तराखंड सतत विकास सूचकांक की सूची में प्रथम स्थान पर है। यह राज्य सरकार द्वारा राज्य के समग्र विकास में की जा रही पहल को भी दर्शाता है।

3 साल में 16 हजार युवाओं को दी गई सरकारी नौकरी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने पिछले तीन साल में बिना किसी भेदभाव, बिना किसी पेपर लीक, बिना किसी रिश्वत या सिफारिश के 16 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी दिये जाने का कार्य किया है। राज्य सरकार व शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता बढ़ाये जाने के लिये हमेशा प्रयत्नशील रही है तथा हर क्षेत्र में हर वर्ग के लोगो के विकास के लिये प्रतिबद्ध है। आज हमारी सरकार ने नकल माफियाओं के विरुद्ध सख्त नकल विरोधी कानून का प्रावधान किया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज हमारा देश प्रगति के नये आयाम प्राप्त कर रहा है। देश विश्व में प्रेरणा का स्रोत बन रहा है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन से उत्तराखण्ड के विकास को नई दिशा मिली है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर्यावरण संरक्षण, संवर्धन और उसकी महत्ता के प्रति पूर्ण मनोयोग से कार्य कर रहे हैं। इसी क्रम में पर्यावरण संरक्षण के लिए प्राधानमंत्री ने सभी देशवासियों से एक पेड़ मां के नाम थीम पर अधिक से अधिक संख्या में वृक्षारोपण करने की अपील की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प को साकार रूप देने के लिए उत्तराखण्ड में हरेला लोकपर्व के अवसर पर एक माह तक वृक्षारोपण किया जाएगा। राज्य में पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन की दिशा में बेहतर कार्य किया जा रहा है।

इस दौरान रामनगर विधायक दीवान सिंह बिष्ट, छात्र संघ अध्यक्ष पीयूष जोशी, जिलाधिकारी वंदना सिंह, एसएसपी पीएन मीणा, एडीएम शिव चरण द्विवेदी, सहित कई पदाधिकारी छात्र छात्राएं मौजूद रहे।

सीएम धामी स्वयं कर रहे हैं रेस्क्यू ऑपरेशन की मॉनिटरिंग

केदारघाटी में अतिवृष्टि के बाद से कई मार्ग आवाजाही हेतु बंद हो गए थे। जिन्हें खोले जाने के लिए विभिन्न रेस्क्यू टीमें लगातार अभियान चलाए हुए है। अतिवृष्टि के कारण केदारनाथ पैदल मार्ग के मुख्य स्थान चिरबासा हैलीपैड़ हैली सेवाओं हेतु पूर्णतः बाधित हो गया था।

आज कमांडेंट एसडीआरएफ मणिकांत मिश्रा के नेतृत्व में एसडीआरएफ की टीम द्वारा बाधित हुए चिरबासा को हैली हेतु सुचारू कर दिया गया है जो रेस्क्यू टीमों के लिए बड़ी राहत है। शनिवार दोपहर तक चिरबासा हैलीपैड़ से लगभग 8 से 10 बार हैली सेवा के माध्यम से रेस्क्यू कार्यों को अंजाम दिया जा चुका है। अब हैली सेवाओं के माध्यम से चिरबासा से रेस्क्यू कार्यों को और भी आसानी व सुगमता से किया जा सकेगा।

पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का सीएम ने दिया संदेश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्री गुरु राम राय इंटर कॉलेज, मोथरोवाला, देहरादून में उत्तराखण्ड के लोक पर्व ’हरेला’ के उपलक्ष्य में आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने पौधा रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज उत्तराखंड के साथ ही पूरे देश में हरेला पर्व मनाया जा रहा है। सनातन संस्कृति में प्रकृति को मां के रूप में पूजे जाने की परंपरा है। हम किसी न किसी रूप में प्रकृति का पूजन करते हैं, हरेला पर्व भी प्रकृति की सेवा का पर्व है। उन्होंने कहा कि हमारी धरोहर एवं प्रकृति का संरक्षण जरूरी है। हरेला पर्व, प्रकृति को संरक्षित करने का संकल्प लेने का पर्व है। पेड़-पौधे हमारे जीवन के अभिन्न अंग हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रकृति के संरक्षण और पर्यावरण का संतुलन रखने के लिए जन सहभागिता से वृक्षारोपण करना होगा। वृक्षारोपण से प्राकृतिक आपदाओं से बचाव होता है। आने वाली पीढ़ी के स्वच्छ वातावरण देने के लिए व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण करना आवश्यक है। प्रदेश के किसी भी हिस्से में आपदा से संपूर्ण राज्य प्रभावित होता है। वनों की कटाई, जल स्रोतों का दूषित होने जैसी समस्याएं हमारे सामने है, जिसका समाधान पौधारोपण ही है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संपूर्ण देशवासियों से “एक पेड़ मां के नाम“ लगाने का आग्रह किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारत में विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में अनेक कार्य हो रहे हैं। राज्य में ऑल वेदर रोड, हाईवे, रेलवे, एक्सप्रेस-वे का कार्य गतिमान है। स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत ईज ऑफ़ लिविंग पर फोकस किया जा रहा है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार हर शहर के समग्र विकास एवं जन सुविधाओं के विस्तार के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय ले रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून शहर में सुगम यातायात, बाजार क्षेत्र का विकास किया जा रहा है। आने वाले समय में देहरादून दिल्ली एलिवेटेड रोड बनने के बाद देहरादून एवं आस-पास के शहरों में पर्यटकों की संख्या तेजी से बढ़ेगी। देहरादून में प्रिंस चौक से सहारनपुर चौक तक, मेंहुवाला मुख्य मार्ग के चौड़ीकरण एवं आढ़त बाजार के शिफ्टिंग, इंद्रेश अस्पताल से कारगी चौक तक सड़क का चौड़ीकरण का कार्य गतिमान है। 72 करोड़ की लागत से मेंहुवाला क्लस्टर क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति हेतु कार्य गतिमान है। क्षेत्र में 600 करोड़ की लागत से देहराखास, विद्याविहार, बिंदाल नदी से रिस्पना नदी के क्षेत्र के बीच व अन्य क्षेत्र में सीवर लाइन एवं ड्रेनेज का कार्य गतिमान है। रेस्टकैंप एवं भंडारीबाग फ्लाईओवर पर 37 करोड़ की लागत से कार्य हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून के मोथरोवाला क्षेत्र में नमामि गंगे योजना के तहत 15 एमएलडी की क्षमता से सीवर ट्रीटमेंट प्लांट का कार्य हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की प्रेरणा से सभी विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। उत्तराखण्ड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए राज्य सरकार तेजी से सही दिशा में आगे बढ़ रही है, और इसका प्रमाण है कि सतत विकास लक्ष्यों के सूचकांक में राज्य ने देश में पहला स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने कहा हमने पौधारोपण के साथ उनका संरक्षण भी करना है। राज्य सरकार ईकोलॉजी और इकोनॉमी के समन्वय के साथ विकास के पथ पर आगे बढ़ रही है। प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में बसे शहरों की धारण क्षमता का आंकलन कर रहे हैं। इसी के आधार पर इन क्षेत्रों का विकास किया जाएगा। उन्होंने कहा केदारनाथ यात्रा मार्ग में फंसे श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकालने का कार्य तेज़ी से हुआ है।

हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि आज हरेला पर्व पूरे राज्य में सामाजिक उत्सव के रूप में मनाया जाता है। उत्तराखंड के लोक पर्व ने व्यापक स्वरूप ले लिया है, समाज ने इस पर्व को स्वीकार किया है। हमने अपने और आने वाली पीढ़ी के लिए वृक्षारोपण करना है। जंगलों की आग के लिए पेड़ो को दोष देना गलत है, पेड़ो की रक्षा हम सभी का कर्तव्य है।

विधायक विनोद चमोली ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश में हर क्षेत्र में तेजी से कार्य हो रहे हैं। उन्होंने धर्मपुर विधानसभा की विभिन्न मांगों को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा मुख्यमंत्री ने कहा कि इन मांगो का परीक्षण कराकर उचित समाधान किया जायेगा।

कार्यक्रम में निवर्तमान मेयर सुनील उनियाल गामा, पूर्व कैबिनेट मंत्री दिनेश अग्रवाल, प्रदेश महामंत्री भाजपा आदित्य कोठारी, महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल, मण्डल अध्यक्ष विनोद पुण्डीर, सौरभ थपलियाल एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

आपदा की स्थिति एवं राहत कार्यों की जानकारी लेकर सीएम ने अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा प्रदेश में आपदाग्रस्त क्षेत्रों में राहत व बचाव कार्यों का निरन्तर अनुश्रवण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने सचिव गृह शैलेश बगोली, पुलिस महानिदेशक अभिनव कुमार एवं आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पाण्डेय को बुलाकर सचिवालय में उनसे प्रदेश में आपदा की स्थिति तथा राहत एवं बचाव कार्यों की अद्यतन जानकारी प्राप्त की।

मुख्यमंत्री ने केदारनाथ में फंसे यात्रियों की सकुशल वापसी की व्यवस्था के साथ केदारनाथ पैदल मार्ग से आवाजाही भी सुनिश्चित कराने को कहा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये हैं कि अतिवृष्टि के कारण सड़के बाधित होने की स्थिति में उनको सुचारू करने में कम से कम समय लिया जाए। उन्होंने पुल टूटने पर बैली ब्रिज बनाकर जल्द से जल्द आवागमन को सुचारू किए जाने के भी निर्देश दिए, कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि लोगों को पेयजल और विद्युत की सूचारू आपूर्ति हो।

मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा मार्गों पर श्रद्धालुओं की सुविधा के दृष्टिगत सभी व्यवस्थाएं रखने के भी निर्देश दिये हैं। यात्रा मार्ग में अतिवृष्टि के कारण यदि कहीं पर मार्ग बाधित होते हैं या आगे कोई खतरा प्रतीत होता है तो यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोक लिया जाए। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों सहित सभी संबंधित अधिकारियों को आपदा के दृष्टिगत हर समय अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिये हैं।

गोवंशीय पशुओं की अनिवार्य ईयर टैंगिग, पशु मालिकों की ट्रैकिंग होगी

राज्य में निराश्रित गोवंशीय पशुओं को गोद लेने वाले लोगो को एक निश्चित मानदेय देने के योजना को जल्द आरम्भ करने की दिशा में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने पशुपालन विभाग इस सम्बन्ध में तत्काल गाइडलाइन्स बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य की सड़कों पर एक भी निराश्रित पशु न दिखे इसके लिए प्रशासन व आमजन को मिलजुल कर पूरी संवेदनशीलता व मानवीयता से कार्य करना होगा।
सीएस रतूड़ी ने राज्यभर में गोदसदनों के निर्माण के लिए मिसिंग लिंक के माध्यम से जारी 10 करोड़ की धनराशि को उपयोग करने के लिए पंचायती राज्य विभाग को जल्द से जल्द इस सम्बन्ध में वित्तीय मद खोलने का प्रस्ताव वित्त विभाग को प्रेषित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने गोसदनों व सड़कों में निराश्रित गोवंशीय पशुओं की व्यवस्था व स्थिति की मॉनिटरिंग के लिए एक कमेटी के गठन के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने लोगों व ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालकों द्वारा पाले जाने वाले गोवंशीय पशुओं की अनिवार्य ईयरटैंगिग सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं, ताकि आवारा व निराश्रित गोवंशीय के मालिकों की टै्रकिंग की जा सके। उन्होंने इस सम्बन्ध में जन जागरूकता बढ़ाने के भी निर्देश दिए हैं। सीएम ने राज्य में निराश्रित गोवंशीय पशुओं के लिए गौ सदनों के निर्माण हेतु सीएसआर के माध्यम से भी धन जुटाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सचिवालय में राज्य में गोसदनों के निर्माण की प्रगति की समीक्षा की।

बैठक में उत्तराखण्ड पशु कल्याण बोर्ड ने जानकारी दी कि वर्तमान में में राज्य में कुल पंजीकृत 60 गोसदन हैं। पंजीकृत गौ सदनों में शरणागत गोवंशीय पशुओं की संख्या लगभग 14000 है। वर्तमान में निराश्रित पशुओं की संख्या 20687 है। जनपद पौड़ी गढ़वाल में सर्वाधिक 5525 निराश्रित गौवंशीय पशु हैं। ऊधमसिंह नगर में 4955, देहरादून में 2050, नैनीताल में 2155 व टिहरी में 2259 निराश्रित पशु हैं। राज्य में सभी जनपदों में 54 स्थानों पर भूमि चिन्हित कर सड़कों पर विचरण कर रहे निराश्रित गोवंशीय पशुओं को शरण दिए जाने हेतु गोसदनों की स्थापना का कार्य किया जा रहा है। इस काय्र को तीव्रता से कराये जाने हेतु 25 स्थानों पर मिसिंग लिंक के माध्यम से 10 करोड़ की धनराशि प्रस्तावित है। गोसदनों के निर्माण में जनपद टिहरी में सबसे बेहतरीन कार्य किए गए हैं।

बैठक में सचिव बीवीआरसी पुरुषोत्तम, अपर सचिव सी रविशंकर, नितिन सिंह भदौरिया सहित पशुपालन व पंचायती राज विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।