उच्च शिक्षा की पढ़ाई के बाद युवा खाली न बैठें, कार्ययोजनाओं पर हो रहे कार्यः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मौजूदगी में मुख्यमंत्री आवास में उच्च शिक्षा विभाग द्वारा ब्रिटिश उच्चायोग एवं इन्फोसिस स्प्रिंगबोर्ड के साथ एम.ओ.यू. हस्ताक्षरित किए गए। उच्च शिक्षा विभाग की ओर से सचिव शैलेश बगोली ने ब्रिटिश उच्चायोग से डिप्टी हाई कमिश्नर कैरोलीन रौवेट के साथ चिवनिंग स्कॉलरशिप एवं इन्फोसिस स्प्रिंगबोर्ड के गवर्नमेंट पार्टनरशिप हेड संतोष अनंथपुरा के साथ एम.ओ.यू. पर हस्ताक्षर किये।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उच्च शिक्षा विभाग के साथ ब्रिटिश उच्चायोग एवं इन्फोसिस स्प्रिंगबोर्ड के एम.ओ.यू. होने से राज्य उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नया आयाम स्थापित होगा। इससे राज्य के उच्च शिक्षा के विद्यार्थियों को नया अनुभव मिलेगा। यह राज्य को अंतरराष्ट्रीय शिक्षा प्रणाली से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। राज्य सरकार उच्च शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए निरंतर नई योजनाओं का संचालन कर रही है। उच्च शिक्षा की पढ़ाई के बाद युवा खाली न बैठें, इसके लिए अनेक कार्ययोजनाओं पर कार्य किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप उच्च शिक्षण संस्थानों में कौशल विकास का प्रशिक्षण एवं सेमिनार का आयोजन भी किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालयों में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के भी निशुल्क कोर्स चलाये जाएंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ छात्रो को नवाचार से भी जोड़ा जा रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में संस्कार और नवाचार अपनी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा सतत रूप से राज्य के मानवीय संसाधनों को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा रही है और इस दिशा में अनेक प्रयास किए जा रहे हैं।

उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य में 35 विश्वविद्यालय हैं। 5 लाख से अधिक विधार्थी राज्य में उच्च शिक्षा ग्रहण कर कर रहें हैं। राज्य में उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य किये जा रहे हैं। सरकार राज्य के विश्वविद्यालयों को टॉप रैंकिंग में लाने के लिए कार्य कर रही है। बच्चों के शैक्षिक स्तर को भी बढ़ाया जा रहा है। अगले वर्ष तक राज्य के पांच विश्वविद्यालय देश के शीर्ष 100 विश्वविद्यालय में शामिल हो, इस दिशा में कार्य किये जा रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि चिवनिंग उत्तराखण्ड स्कॉलरशिप का उद्देश्य दूरस्थ क्षेत्र के गरीब मेधावी छात्रों को विशेष रूप से छात्राओं को वैश्विक अवसर प्रदान करते हुए उनमें नेतृत्व क्षमता का विकास करना है। उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालय एवं शासकीय महाविद्यालयों में अध्ययनरत एवं चिवनिंग स्कॉलरशिप के लिए अर्हता धारित करने वाले 05 छात्रों को प्रतिवर्ष स्नातकोत्तर स्तर पर अध्ययन के लिए ब्रिटेन के किसी प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय में भेजा जाएगा। इससे उत्तराखण्ड के दूरस्थ क्षेत्रों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को न सिर्फ वैश्विक मापदण्डों के अनुसार कार्य करने का अनुभव होगा, बल्कि उनमें नेतृत्व क्षमता का भी विकास होगा। इस स्कॉलरशिप के अंगर्तत अध्ययन हेतु चयनित छात्र-छात्राओं को ब्रिटेन में 01 वर्ष के अध्ययन के पश्चात अपने राज्य के विकास के लिए कार्य करना अनिवार्य होगा। इस प्रस्तावित सहयोग एवं समझौते के तहत इसका बराबर व्ययभार चिवनिंग एवं राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।

स्प्रिंगबोर्ड इंफोसिस अपने वर्चुअल प्लेटफॉर्म पर सी.एस.आर. के तहत शिक्षकों के लिए आई०टी० आधारित निशुल्क प्रशिक्षण मॉड्यूल एवं छात्रों हेतु निशुल्क कोर्स उपलब्ध कराएगा। पाठ्यक्रमों का चयन एन.ई.पी. अंतर्गत ऐक्षिक कोर्स के रूप में भी किया जाएगा। इसका प्रयोग कर शिक्षक अपने संस्थान के छात्रों के लिए माइक्रोसाइट्स बना सकते हैं और विशेष रूप से चयनित सामग्री प्रदान कर सकते हैं। इसके माध्यम से छात्रों हेतु लेटेस्ट इमर्जिंग टेक्नॉलॉजी के कोर्स सुलभ होंगे, जिनकी निरंतर मॉनीटरिंग और छात्र प्रगति को डैशबोर्ड के माध्यम से देखा जा सकता है।

इस अवसर पर उपाध्यक्ष उच्च शिक्षा उन्नयन समिति डॉ. देवेंद्र भसीन, सचिव उच्च शिक्षा श्री शैलेश बगौली, निदेशक उच्च शिक्षा डॉ. अंजू अग्रवाल, उप निदेशक उच्च शिक्षा डॉ. ममता, सहायक निदेशक उच्च शिक्षा डॉक्टर दीपक कुमार पांडे एवं अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे।

रुड़की में तिरंगा बाइक रैली में मुख्यमंत्री ने किया प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी रुड़की में आयोजित तिरंगा बाइक रैली में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने स्वयं बाइक चलाकर रैली की शुरुआत की। सैकड़ो की संख्या में बाईकों पर लोग इस तिरंगा यात्रा में शामिल हुए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्र की शान तिरंगा देश भक्ति एवं देश के प्रति समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने तिरंगा यात्रा को देश की एकता एवं अखंडता के प्रति संकल्प लेने का भी अभियान बताया। मुख्यमंत्री ने सभी से हर घर तिरंगा अभियान को सफल बनाने में भी सहयोगी बनने की अपील की।

इस अवसर पर सांसद कल्पना सैनी विधायक प्रदीप बत्रा पूर्व विधायक कुंवर प्रणव चौंपियन, देशराज कर्णवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता आदि शामिल रहे।

धामी कैबिनेट में यह हुए महत्वपूर्ण निर्णय, जानिए…

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सचिवालय में हुई बैठक में 36 प्रस्तावों पर मुहर लगी है. मुख्य रूप से नगर निकायों के लिए ओबीसी आरक्षण एक्ट को विचलन से मंजूरी मिलने के बाद संबंधित प्रस्ताव को मंत्रिमंडल के सम्मुख रखा गया था। जिस पर मंत्रिमंडल ने निकायों के ओबीसी आरक्षण एक्ट के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत कर दिया है। इसके साथ ही मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान पिथौरागढ़ और अल्मोड़ा को नगर निगम बनाने की मंजूरी मंत्रिमंडल में दे दी है।

पिथौरागढ़ और अल्मोड़ा को नगर निगम बनाने के प्रस्ताव पर मंजूरीरू शहरी विकास मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने बताया कि कैबिनेट बैठक के दौरान 36 प्रस्तावों पर मुहर लगी है. जिसमें मुख्य रूप से पिथौरागढ़ और अल्मोड़ा को नगर निगम बनाने के प्रस्ताव पर मंजूरी मिल गई है. डोईवाला अभी तक सी ग्रेड की नगर पालिका थी जिसको सी-वन ग्रेड में लाने के प्रस्ताव पर मंजूरी मिल गई है. ऐसे में सरकार बहुत जल्द निकाय चुनाव कराने की दिशा में आगे बढ़ेगी. साथ ही कहा कि निकायों के ओबीसी आरक्षण एक्ट के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया है. ऐसे में नगर निकायों के पहले सीमांकन की कार्य पूरा होगा उसके बाद ओबीसी का आरक्षण कर निकाय चुनाव कराया जाएगा.

धामी मंत्रिमंडल ने इन प्रस्तावों पर लगाई मुहर

नगर पालिका परिषद डोईवाला का उच्चीकरण श्रेणी 3 से 1 में किया गया
उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम 1959 एवं उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1916 में संशोधन को विधानसभा के पटल पर रखने को मंजूरी
नगर पालिका परिषद नगला की सीमा से गोविंद बल्लभ पंत यूनिवर्सिटी को बाहर किया जाएगा
खेल विश्वविद्यालय की सघण्या के लिए उत्तराखंड खेल विवि विधेयक, 2024 को विधानसभा के पटल पर रखने की मंजूरी
उत्तराखंड होमगार्ड कल्याण कोष संशोधन, नियमावली 2024 को प्रख्यापित करने को मंजूरी
उत्तराखंड लोक तथा निजी संपत्ति क्षति वसूली अध्यादेश 2024 को विधेयक के लिए विधानसभा के पटल पर रखा जाएगा
पंच केदार-पंच बद्री को उत्तराखंड पर्यटन यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल में शामिल किए जाने के लिए संस्थान के चयन को मंजूरी
जेडीए-एलआर एक्ट उत्तर प्रदेश जमींदारी विनाश और भूमि अधिनियम 1950, संशोधन के लिए विधेयक लाने को मंजूरी
पौड़ी जिले के कोटद्वार में नवीन केंद्रीय विद्यालय की स्थापना हेतु प्रस्तावित भूमि का निशुल्क आवंटन किया जाएगा. इसके अतिरिक्त राज्य में नवीन केंद्रीय विद्यालय की स्थापना के लिए निशुल्क भूमि आवंटित की जाएगी
उत्तराखंड पर्यटन उद्यमी प्रोत्साहन योजना 2024 के प्रख्यापन किए जाने के संबंध में कैबिनेट की मंजूरी
अन्य पिछड़ा जाति (पूर्वदशम एवं दशमोत्तर) तथा ई.बी.सी छात्रवृत्ति योजना अंतर्गत भारत सरकार द्वारा निर्गत नवीन दिशा निर्देशों को प्रदेश में लागू किए जाने के संबंध में कैबिनेट की मंजूरी
उत्तराखंड अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग में अधिनियम के प्रावधानुसार आयोग का वार्षिक प्रतिवेदन वर्ष 2020-21 तथा 2021-22 को विधानसभा के पटल पर रखे जाने के संबंध में कैबिनेट की मंजूरी
उत्तराखंड कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवा विभाग (लिपिकवर्गीय) सेवा नियमावली 2024 के प्रख्यापन के संबंध में कैबिनेट की मंजूरी
उत्तराखंड पुलिस उप निरीक्षक और निरीक्षक (नागरिक पुलिस/ अभिसूचना) सेवा (संशोधन) नियमावली 2024 के प्रख्यापन के संबंध में कैबिनेट की मंजूरी
होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा विभाग के अंतर्गत केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थान हेतु पदों के सृजन संबंधी शासनादेश संख्या 03 दिनांक 03 जनवरी 2017 में भाषायी त्रुटि और कतिपय पदों के वेतनमान/ग्रेड वेतन/पदनाम को निम्रकृत/संशोधित किए जाने के संबंध में कैबिनेट की मंजूरी
उत्तराखंड नगर निगम (स्थानों और पदों का आरक्षण एवं आवंटन) नियमावली 2024 और उत्तराखंड नगर पालिका (स्थानों और पदों का आरक्षण एवं आवंटन) नियमावली 2024 के प्रख्यापन के संबंध में कैबिनेट की मंजूरी
नगर पालिका परिषद अल्मोड़ा को उच्चीकृत कर नगर निगम बनाए जाने के संबंध में कैबिनेट की मंजूरी
नगर पालिका परिषद पिथौरागढ़ को उच्चीकृत कर नगर निगम बनाए जाने के संबंध में कैबिनेट की मंजूरी
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम नीति 2015 ( यथासंशोधित ) के अंतर्गत प्रदत्त वित्तीय प्रोत्साहनों की अनुमन्यता हेतु ब्।थ् पर सैद्धांतिक स्वीकृति की तिथि के संबंध में छूट प्रदान किए जाने पर कैबिनेट की मंजूरी
ग्राम्य विकास विभाग- उत्तराखंड ग्राम्य विकास एवं पंचायतीराज संस्थान के बोर्ड ऑफ गवर्नर की सूची में अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव, ग्राम्य विकास एवं आयुक्त, ग्राम्य विकास को उत्तराखंड ग्राम विकास एवं पंचायतीराज संस्थान के बोर्ड ऑफ गवर्नेंस में सदस्य के रूप में शामिल किए जाने को मंजूरी
उत्तराखंड खनन (अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण का निवारण) नियमावली 2024 के नियम-14 के उपनियम(5) में संशोधन किए जाने हेतु एकमुश्त योजना (वन टाइम सेटलमेंट) योजना को पुनः लागू किए जाने के संबंध में मंजूरी प्रदान की गई
उत्तराखंड भूतल एवं खनिकर्म खनिज पर्यवेक्षक सेवा नियमावली 2024 के प्रख्यापन को मंजूरी
उत्तराखंड भूतत्व एवं खनिकर्म अधीनस्थ प्राविधिक सेवा नियमावली 2024 के प्रख्यापन को मंजूरी
समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत देहरादून के रायवाला में 50 वृद्धजनों की क्षमता वाले नवनिर्मित वृद्ध एवं सशक्त आवास गृह के संचालन हेतु कुल 7 पदों के सृजन को मंजूरी. इसके अतिरिक्त राज्य के प्रत्येक जनपद में वृद्ध एवं अशक्त आवास गृह के निर्माण को मंजूरी
उत्तराखंड प्रादेशिक आर्म्ड कांस्टेबुलरी अधीनस्थ अधिकारी सेवा(संशोधन) नियमावली 2024 के प्रख्यापन को मंजूरी
उत्तराखंड बंदी की मृत्यु पर प्रतिकर/मुआवजा राशि के भुगतान की नीति(2024) को मंजूरी. इसके अंतर्गत 2 लाख से 5 लाख तक की मुआवजा राशि प्रदान की जाएगी
उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर महासंघ की हड़ताल अवधि में वेतन का समायोजन संबंधित कार्मिकों के उपार्जित अवकाश किए जाने के संबंध में निर्णय
कृषि एवं कृषक कल्याण विभाग के अंतर्गत सगंध पौधा केंद्र, सेलाकुई में फील्ड सहायक/मास्टर ट्रेनर के 9 अस्थाई पद सृजित करने को मंजूरी
कृषि एवं कृषक कल्याण विभाग के अंतर्गत भगवानपुर मंडी को प्रधान मंडी बनाया जाएगा
शहरी विकास विभाग के अंतर्गत नगर पालिका परिषद रामनगर के सीमा विस्तार को मंजूरी
शहरी विकास विभाग के अंतर्गत नगर पालिका परिषद कर्णप्रयाग से सेमीग्वाड़ क्षेत्र को पृथक किए जाने के संबंध में मंजूरी
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, सूचना प्रौद्योगिकी सुधार एवं विज्ञान प्रौद्योगिकी अनुभाग-2 के अंतर्गत संचालित स्वायत्तशासी संस्था, उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (न्-ब्व्ैज्) में खाली पदों को अनफ्रीज कर भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ किए जाने के संबंध में 6 पद फ्रीज को अनफ्रीज कर दिया गया

उत्तराखंडः अब पुत्रियों को पारिवारिक पेंशन में मिलेगी स्वीकृति

उत्तराखंड सरकार अब भारत सरकार व उत्तर प्रदेश सरकार की तरह अविवाहित, विधवा, तलाकशुदा पुत्रियों के पारिवारिक पेंशन की स्वीकृति देने पर विचार कर रही है। वित्त मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने इस प्रस्ताव पर अपना अनुमोदन दिया है।

वित्त मंत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि उत्तराखंड की धामी सरकार राज्य के राजकीय कर्मचारी अथवा पेंशनभोगियों की अविवाहित, विधवा, तलाकशुदा पुत्री को पारिवारिक पेंशन की स्वीकृति देने जा रही है।

डॉ अग्रवाल ने बताया कि ऐसे राजकीय कर्मचारी अथवा पेंशन भोगी जिनकी पुत्री के तलाक की प्रक्रिया उनके जीवित रहते हुए पूर्ण हो जाती है उन पर पूर्ण रूप से आश्रित होने की दशा में पात्रता पूर्ण करने पर पारिवारिक पेंशन स्वीकृति की जा रही है।

डॉ अग्रवाल ने कहा कि इस व्यवस्था में ऐसी पुत्रियां भी शामिल होंगी। जिनका अपने माता-पिता के जीवित रहने के दौरान न्यायालय में तलाक की प्रक्रिया शुरू हुई हो और माता-पिता के मृत्यु के बाद तलाक हुआ हो।

प्रसिद्ध लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी को सीएम ने दिया उत्तराखंड लोक सम्मान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार रोड स्थित संस्कृति प्रेक्षागृह में प्रसिद्ध लोक गायक नरेन्द्र सिंह नेगी के जन्मदिन पर गीत यात्रा के 50 वर्ष कार्यक्रम में उनकी रचनाओं पर ललित मोहन रयाल द्वारा लिखित पुस्तक कल फिर जब सुबह होगी का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने नरेन्द्र सिंह नेगी को उत्तराखण्ड लोक सम्मान से सम्मानित कर 2.51 लाख का चेक भेंट किया तथा प्रशस्ति पत्र भेंट कर उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने पुस्तक के लेखक ललित मोहन रयाल के प्रयासों की सराहना करते हुए पुस्तक को भावी पीढ़ी के लिये संरक्षित करने वाला कार्य बताया।

मुख्यमंत्री नें प्रसिद्ध लोक गायक नरेन्द्र सिंह नेगी को उनके जन्म दिन की हार्दिक बधाई देते हुए उन्हें हिमालय जैसे अडिग व्यक्तित्व वाला देवभूमि का महान सपूत बताते हुए कहा कि नेगी जी के गीत हमें अपने परिवेश के साथ पहाड की चुनौतियों से परिचित कराने का कार्य करते है। उनके गीतों में प्रकृति, परम्परा, परिवेश, विरह वियोग व व्यथा का जो मिश्रण है वह हमें अपनी समृद्ध परम्पराओं एवं लोक संस्कृति से जोडने का कार्य करती है। उनके गीत हमारी विरासत की समृद्ध परम्परा को पीढी दर पीढी आगे बढ़ाने का कार्य करेगी तथा युवाओं को प्रेरित करने का कार्य करती रहेगी। मुख्यमंत्री ने नरेन्द्र सिंह नेगी को पहाड़ की आवाज बताते हुये उनके दीर्घायु जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि समृद्ध लोक संस्कृति एवं सामाजिक सरोकारों को अपने गीतों एवं संगीत के माध्यम से देश व दुनिया तक पहुंचाने का कार्य नेगी जी ने किया है। वे वास्तव में समाज के सफल नायक के रूप में रहे हैं। उनके गीत राज्य वासियों को अपनी परम्पराओं से जोड़ने में मददगार रहे हैं।

नरेन्द्र सिंह नेगी ने लोक संस्कृति के प्रति मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के लगाव के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने ललित मोहन रयाल के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी विद्वता से 101 गीतों की विवेचना 400 पृष्ठों के ग्रंथ के रूप में समाज के समक्ष रखा है। यह उनकी लोक साहित्य एवं संस्कृति के प्रति गहरी समझ का भी प्रतीक है वे शब्दों के शब्दार्थ को गीत के लेखक से आगे ले गए हैं। इस अवसर पर उन्होंने पहाड़ों से पलायन रोकने पर लिखा अपना प्रसिद्ध गीत ठंडो रे ठंडो गाकर लोगों को अपनी लोक संस्कृति से जुड़ने के लिए मजबूर किया।

इस अवसर पर मुख्य सचिव राधा रतूडी, कुलपति दून विश्वविद्यालय प्रो. सुरेखा डंगवाल, पूर्व पुलिस महानिदेशक अनिल कुमार रतूडी, साहित्यकार नंद किशोर हटवाल, दिनेश सेमवाल, सचिदानंद भारती, गणेश खुकसाल गणी के अलावा बडी संख्या में साहित्यकार एवं लोक संस्कृति से जुड़े लोग उपस्थित थे।

सीएम हेल्पलाइन के अलावा सीएम डैशबोर्ड की हर माह होगी समीक्षा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में सी.एम डैशबोर्ड ‘दर्पण 2.0’ की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये कि सभी विभागों को सीएम डैशबोर्ड से जोड़ा जाए और सभी विभागों की गतिमान परियोजनाओं का डाटा भी अपलोड करवाया जाए। उन्होंने 15 दिन में सभी विभागों को परियोजनाओं का अपडेट पोर्टल में करने के निर्देश दिये। प्रत्येक माह की 07 तारीख तक विभागों को पिछले माह का डाटा अपलोड करना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सी.एम हेल्पलाइन 1905 के साथ ही वे सीएम डैशबोर्ड की भी हर माह समीक्षा करेंगें।

मुख्यमंत्री ने सचिवों को निर्देश दिये कि सभी सचिव अपने विभाग की प्रत्येक माह सीएम डैशबोर्ड संबंधी बैठक करे। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि जो भी पोर्टल बनाये जा रहे हैं, वे यूजर फ्रेंडली हों। डैशबोर्ड में डाटा का प्रस्तुतीकरण बेहतर तरीके से किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएम डैशबोर्ड का मुख्य उद्देश्य जन समस्याओं का समाधान करना है। इस डैशबोर्ड के माध्यम से जन समस्याओं के समाधान के लिए विभागों द्वारा समस्याओं को चिन्हित कर उनका समाधान निकाला जाए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि गरीबों के कल्याण, युवाओं के कल्याण, अन्नदाताओं और नारी सशक्तिकरण की दिशा में तेजी से कार्य किये जाएं। संबंधित विभागों द्वारा इन क्षेत्रों में किये जा रहे कार्यों का परिणाम धरातल पर दिखे। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की फ्लैगशिप स्कीम को डैशबोर्ड में अनिवार्य रूप से दर्शाया जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि पीएम गतिशक्ति उत्तराखण्ड पोर्टल में 05 करोड़ से अधिक धनराशि की सभी परियोजनाओं को दर्शाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सी.एम डैशबोर्ड के साथ ही डी.एम डैशबोर्ड को भी धरातल पर लाया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किये जाए। रोजगार और स्वरोजगार से जुड़े विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्यशाला का आयोजन करें, जिसमें विषय विशेषज्ञों को भी शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा के साथ हमें विद्यार्थियों को व्यावसायिक शिक्षा और कौशल विकास से जोड़ना होगा। उच्च शिक्षण संस्थानों, मेडिकल कॉलेजों और तकनीकी शिक्षा में प्लेसमेंट सेल के साथ ही विद्यार्थियों के लिए गाइडेंस और काउंसलिंग की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। इस तरह की कारगर व्यवस्था बनाई जाए कि उच्च शिक्षा के दौरान कितने अभ्यर्थियों ने प्लेसमेंट के लिए आवेदन किया और कितनों को नौकरी मिली। युवाओं के स्किल डेवलपमेंट पर विशेष ध्यान दिया जाए।

बैठक में उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण समिति विश्वास डाबर, मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, प्रमुख सचिव आर. के सुधांशु, एल. फैनई, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, प्रमुख वन संरक्षक डॉ. धनंजय मोहन, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, नितेश झा, राधिका झा, दिलीप जावलकर, डॉ. बी.वी.आर.सी पुरूषोत्तम एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

ब्रह्मकुमारीज बहनों ने मंत्री अग्रवाल की कलाई पर बांधा रक्षासूत्र

कैबिनेट मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल की कलाई पर ब्रह्मकुमारीज बहनों ने रक्षासूत्र बांधकर भाई-बहन का पवित्र त्यौहार रक्षा बंधन का पर्व मनाया। इस मौके पर मंत्री डा. अग्रवाल जी ने ब्रह्मकुमारीज बहनों को बड़े भाई के रूप में आशीर्वाद दिया।

शासकीय आवास पर पहुंची ब्रह्मकुमारीज बहनों से मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि रक्षा बंधन सिर्फ एक धागे को कलाई पर बांधने की रस्म नहीं है, बल्कि भाई और बहन के बीच की पवित्र डोर है। जो कभी टूट नहीं सकती है।

डा. अग्रवाल ने कहा कि हर घर या परिवार में बहन का होना आवश्यक है, इससे भाई-बहन के रिश्ते को बारिकी से समझने में मदद मिलती है। एक भाई की तकलीफ उसकी मां के अलावा बहन ही जानती है। इसका उदाहरण हिंदू पौराणिक कथाओं में देखने को मिलता है।

डा. अग्रवाल ने बताया कि महाभारत में जब भूलवश सुदर्शन चक्र से भगवान कृष्ण की उंगली कट गई थी, यह देख द्रौपदी ने उंगली से बहते खून को रोकने के लिए कपड़े का एक टुकड़ा बांध दिया। भगवान कृष्ण द्रौपदी की भावनाओं से बहुत प्रभावित हुए और बदले में, दुनिया की सभी बुराइयों से उसकी रक्षा करने का वादा किया था। जिसे श्रीकृष्ण ने बखूबी निभाया भी।

डा. अग्रवाल ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने द्रौपदी के चीरहरण के दौरान, जब कौरवों ने उसे शर्मसार करने और नीचा दिखाने की कोशिश की, तो उन्हें अपमान से बचाकर अपना वादा निभाया था।

मंत्री अग्रवाल ने तुलसीदास की जयंती पर धर्माचायों को किया सम्मानित

बैराज रोड स्थित कैंप कार्यालय में महान ग्रंथ रामचरितमानस के रचियता संत तुलसीदास जी की जयंती पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें क्षेत्रीय विधायक व मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने श्रीराम के आदर्शों को लोगों तक पहुंचाने वाले धर्माचार्यों को सम्मानित किया।

डा. अग्रवाल ने श्रीराम तपस्थली के संचालक व महामंडलेश्वर स्वामी दयाराम दास जी, जगन्नाथ आश्रम के महंत लोकेश दास जी, माधवाश्रम दंडी आश्रम मायाकुंड के अध्यक्ष केशव स्वरूप जी, स्वामी पुष्पेंद्राश्रम जी, वेद प्रकाश शर्मा जी को पुष्पगुच्छ भेंट व शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया।

डा. अग्रवाल ने कहा कि महान संत तुलसीदास जी ने भगवान श्रीराम जी के जीवन पर 12 पुस्तकों के जरिए लोगों को उनके आदर्शों का बोध कराया। कहा कि महान ग्रंथ रामचरितमानस की रचना भी तुलसीदास जी के द्वारा की गई है।

डा. अग्रवाल ने कहा कि आज श्रीराम जी के जीवन के आदर्शों को आगे बढ़ाने में धर्माचायों का अहम योगदान है। कहा कि धर्माचार्यों के जरिए ही सनातम धर्म आगे बढ़ रहा है। धर्माचार्य ही देश को जीवंत रखने का कार्य कर सकते है।

इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष सुमित पंवार, निवर्तमान पार्षद शिव कुमार गौतम, विकास तेवतिया, संजीव पाल, रूपेश गुप्ता आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

सरकार ने निरंतर व्यापार सुविधा तथा सरलीकरण सम्बन्धी उपाय कियेः अग्रवाल

53वीं जीएसटी परिषद द्वारा की गयी संस्तुतियों तथा वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए घोषित केन्द्रीय बजट में कर विषयक प्रावधानों के सम्बन्ध में विचार-विमर्श को लेकर कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें विभागीय मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने प्रतिभाग किया।
राजपुर रोड़ स्थित एक होटल में राज्य कर विभाग द्वारा इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ऑफ उत्तराखण्ड के सहयोग से कार्यशाला आयोजित हुई। कार्यशाला में 53वीं जीएसटी परिषद द्वारा की गयी संस्तुतियों तथा वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए घोषित केन्द्रीय बजट में कर विषयक प्रावधानों के सम्बन्ध में मनीष मिश्रा तथा अनुपम वर्मा, प्रतिनिधि द्वारा प्रस्तुतिकरण दिया गया, जिसके अंतर्गत व्यापार को सुविधाजनक बनाने और जीएसटी के अनुपालन को सुव्यवस्थित करने के विभिन्न उपायों से संबंधित उपबंधों की जानकारी प्रतिभागियों को दी गयी।

इस मौके पर वित्त मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने वर्तमान में कर प्रणाली के प्रशासन में आमूल-चूल परिवर्तन तथा कर सुधारों में जन भागीदारी बढ़ाने के प्रयासों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा निरंतर व्यापार सुविधा तथा सरलीकरण सम्बन्धी उपाय किये गए हैं। इसी क्रम में 53वीं जीएसटी परिषद द्वारा की गयी संस्तुतियों तथा वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए घोषित केन्द्रीय बजट में व्यापार को सुविधाजन्य बनाए जाने के प्रयास स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं। उनके द्वारा जीएसटी प्रणाली में विभिन्न कर स्तरों के मध्य समन्वय तथा इस आलोक में राज्य और केन्द्रीय कर प्रशासन के मध्य सामंजस्य तथा पारस्परिक संवाद की महत्ता से अवगत कराते हुए करदाताओं की सुविधा के लिए उनके साथ निरन्तर संवाद स्थापित किये जाने की आवश्यकता पर बल दिया गया।

वित्त मंत्री डॉ अग्रवाल ने राजस्व सुरक्षा सुनिश्चित किये जाने तथा कर प्रशासन को सरलीकृत किये जाने के सम्बन्ध में ऐसी कार्यशालाओं का निरंतर आयोजन किये जाने की महत्ती आवश्यकता का उल्लेख करते हुए कार्यशाला आयोजित किये जाने हेतु राज्य कर विभाग तथा इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ऑफ उत्तराखण्ड को शुभकामनाएं दी।

इस अवसर पर आयुक्त सीजीएसटी नीलेश कुमार गुप्ता, उत्तराखण्ड तथा आयुक्त डॉ अहमद इकबाल द्वारा भी संबोधित किया गया। सभी वक्ताओं द्वारा कर व्यवस्था में महत्वपूर्ण हितधारक होने के फलस्वरूप राज्य कर विभाग तथा इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ऑफ उत्तराखण्ड द्वारा कार्यशाला आयोजित किये जाने के प्रयास की प्रशंसा की गयी तथा यह आशा व्यक्त की गयी कि इस प्रकार के आयोजन राज्य हित में लाभदायक होंगे।

कार्यशाला में अध्यक्ष इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड पंकज गुप्ता, महासचिव अनिल गोयल, राजीव अग्रवाल सहित उद्योग व्यापार संघों के प्रतिनिधियों, कर सलाहकारों एवं विभागीय अधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।

मुख्य सचिव ने कृषि व उद्यान विभाग को सभी पॉलिसी के अन्तिम प्रस्ताव भेजने की डेडलाइन दी

उत्तराखण्ड में मिलेट पॉलिसी, हाई टेक एप्पल नर्सरी पॉलिसी, पोस्ट हार्वेस्ट इन्फ्रा पॉलिसी, कीवी फार्मिंग पॉलिसी, हनी पॉलिसी, महक रेव्ल्यूशन पॉलिसी, झंगौरा के लिए एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) के निर्धारण पर तेजी कार्य चल रहा है। इसके साथ ही राज्य में सेब उत्पादन को बढ़ावा देने तथा किसानों की सुविधा व हित को ध्यान में रखते हुए मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने सचिवालय में सेतु आयोग व कृषि एवं उद्यान विभाग की बैठक में हाई डेनस्टि एप्पल पॉलिसी में संशोधन के प्रस्ताव को अन्तिम रूप देने के लिए उद्यान विभाग को 15 दिन की डेडलाइन दी है। इस सम्बन्ध में सब्सिडी वितरण को तीन किस्तों में 80 प्रतिशत, 10 प्रतिशत व 10 प्रतिशत किये जाने पर चर्चा की गई। वर्तमान पॉलिसी के तहत 171 एकड़ क्षेत्र में सेब उत्पादन के प्रस्ताव के सम्बन्ध में अभी तक 436 किसानों के आवेदन प्राप्त हुए हैं।

हाईटेक एप्पल नर्सरी पॉलिसी के सम्बन्ध में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी सभी स्टेकहॉल्डर्स के साथ चर्चा करने के बाद पॉलिसी को अन्तिम रूप में जल्द से जल्द प्रस्तावित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पोस्ट हार्वेस्ट इन्फ्रा पॉलिसी में वांछित संशोधन के बाद इस राज्य से फंडिग करवाने के साथ अन्तिम रूप में प्रस्तावित करने के निर्देश दिए हैं।

कीवी क्लटीवेशन पॉलिसी को एक सप्ताह से पहले अन्तिम रूप में प्रस्तावित करने का निर्देश देते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने इस सम्बन्ध में कीवी उत्पादकों को 80 प्रतिशत, 10 प्रतिशत व 10 प्रतिशत की तीन किस्तों में सब्सिडी वितरण पर चर्चा की है।

राज्य में एकीकृत मधुमक्खी उत्पादों के उत्पादन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से लाई जा रही हनी पॉलिसी को अन्तिम रूप से प्रस्तावित करने के लिए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने उद्यान विभाग को 4 सप्ताह की डेडलाइन दी है। उन्होंने मिलेट पॉलिसी में वाछिंत संशोधन कर इसे भी जल्द से जल्द अन्तिम रूप में प्रस्तावित करने के निर्देश दिए हैं। मिलेट पॉलिसी के तहत मिलेट्स की उत्पादकता बढ़ाने तथा क्षेत्र विस्तार पर फोकस किया जाएगा। सीएस ने निर्देश दिए हैं कि राज्य में गेहूँ व चावल की खेती से मिलेट्स की खेती में शिफट करने के विजन के साथ पॉलिसी पर कार्य किया जाए। उन्होंने मिलेट्स की खेती से राज्य के किसानों को मिलने वाले कार्बन क्रेडिट पर भी जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। सीएस ने झंगौरा के न्यूनतम समर्थन मूल्य को निर्धारित करने के प्रस्ताव को भी जल्द प्रेषित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने राज्य में मिलेट्स उत्पादन की सटीक आंकड़े जुटाने के निर्देश दिए हैं।

राज्य में फलोरीकल्चर की अपार संभावनाओं को देखते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने हल्द्वानी व ऋषिकेश में फूलों की मंडी स्थापित करने की कार्ययोजना पर कार्य करने के साथ ही मंडियों तथा विभागों के मध्य समन्वय के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस सम्बन्ध में सप्लाई चेन को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने एग्रीकल्चर मास्टर प्लान के तहत सॉयल प्रोफाइलिंग के कार्य को तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में टीडीसी का नाम परिवर्तित कर उत्तराखण्ड सीड कॉरपोरेशन करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा की गई ।

इस अवसर पर सचिव आर मीनाक्षी सुन्दरम, सेतु आयोग वाइस चेयरमैन राजशेखर जोशी, सहित कृषि एवं उद्यान विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।