पीएम आवास शहरी के तहत रूद्रपुर में साकार हो रहा 1872 परिवारों का आशियाने का सपना, जल्द सौंपी जाएंगी चाबियां

गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सम्मानजनक जीवन देने के संकल्प के साथ उत्तराखंड सरकार और भारत सरकार मिलकर एक ऐसी आवासीय परियोजना को अंतिम रूप दे रही हैं, जो हजारों लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव लाने वाली है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत रुद्रपुर के ग्राम बागवाला में 1872 ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) आवासों का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार की सतत निगरानी में विकसित यह परियोजना राज्य में गरीब परिवारों के लिए सुरक्षित और आधुनिक आवास उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण (उधमसिंह नगर) द्वारा संचालित इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य ऐसे परिवारों को अपना घर उपलब्ध कराना है, जिनके पास अब तक पक्का मकान नहीं है। परियोजना के पूर्ण होने के बाद हजारों लोगों का वर्षों पुराना सपना साकार होने जा रहा है।

गरीब परिवारों के लिए उम्मीद की नई बस्ती
‘अपना घर, अपना स्वाभिमान’ की भावना के साथ तैयार की गई इस परियोजना में कुल 1872 आवासों का निर्माण किया गया है। इनमें से 832 फ्लैट पूरी तरह तैयार हो चुके हैं, जबकि 512 अतिरिक्त फ्लैटों में अंतिम चरण के छोटे-मोटे कार्य तेजी से चल रहे हैं। सरकार की योजना शीघ्र ही परियोजना का लोकार्पण कर लाभार्थियों को उनके नए घरों की चाबियां सौंपने की है। सबसे बड़ी बात यह है कि छह लाख रुपये लागत वाले इन आधुनिक फ्लैटों के लिए लाभार्थी को मात्र तीन लाख रुपये ही देने होंगे। शेष राशि भारत सरकार और उत्तराखंड सरकार द्वारा डेढ़-डेढ़ लाख रुपये की सब्सिडी के रूप में वहन की जाएगी। इससे सीमित आय वाले परिवारों को भी सम्मानजनक आवास प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

आधुनिक सुविधाओं से लैस आवासीय परिसर
करीब 6.0281 हेक्टेयर भूमि पर विकसित इस आवासीय परियोजना का निर्माण क्षेत्रफल लगभग 39,220 वर्ग मीटर है। योजना में कुल 23 बहुमंजिला आवासीय ब्लॉक बनाए गए हैं, जिनमें आधुनिक शहरी सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। प्रत्येक फ्लैट में एक बेडरूम, ड्राइंग रूम, किचन, टॉयलेट, बाथरूम और बरामदा उपलब्ध कराया गया है। लगभग 28 वर्ग मीटर क्षेत्रफल वाले इन आवासों को इस प्रकार डिजाइन किया गया है कि छोटे परिवारों को पर्याप्त सुविधा और बेहतर जीवन स्तर मिल सके। परियोजना की विशेषता यह है कि सभी भवन भूकंपरोधी तकनीक से निर्मित किए गए हैं। इसके साथ ही चौड़ी सड़कों, पर्याप्त पार्किंग, पेयजल, विद्युत आपूर्ति और स्वच्छ वातावरण की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।

पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास पर विशेष जोर
बागवाला आवासीय परियोजना को केवल मकानों का समूह नहीं, बल्कि एक आधुनिक और टिकाऊ आवासीय परिसर के रूप में विकसित किया गया है। परिसर में वर्षा जल संचयन (रेन वाटर हार्वेस्टिंग), सीवरेज सिस्टम और अत्याधुनिक एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) की व्यवस्था की गई है।परियोजना में हरे-भरे पार्क, बच्चों के लिए सुरक्षित खेल क्षेत्र और सौंदर्यीकरण के व्यापक कार्य भी पूरे किए जा चुके हैं। हॉर्टिकल्चर का कार्य पूर्ण होने से परिसर का वातावरण आकर्षक और पर्यावरण अनुकूल बन गया है।

बेहतर कनेक्टिविटी से बढ़ेगी सुविधा
आवासीय परिसर का स्थान भी इसकी सबसे बड़ी विशेषताओं में शामिल है। बागवाला स्थित यह परियोजना मुख्य बाजार और प्रमुख मार्ग से लगभग तीन किलोमीटर की दूरी पर है। बस स्टेशन छह किलोमीटर और रेलवे स्टेशन आठ किलोमीटर दूर स्थित है। बेहतर सड़क संपर्क और शहर के प्रमुख क्षेत्रों से नजदीकी के कारण यहां रहने वाले परिवारों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और अन्य आवश्यक सुविधाओं तक आसानी से पहुंच मिल सकेगी।

पारदर्शी होगी आवंटन प्रक्रिया
सरकार ने आवास आवंटन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने का निर्णय लिया है। पात्र लाभार्थियों का चयन कंप्यूटर आधारित रैंडमाइजेशन लॉटरी प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा। आवेदन के लिए आवेदक का प्रधानमंत्री आवास योजना के एमआईएस पोर्टल पर पंजीकृत होना आवश्यक है। साथ ही आवेदक को 17 जून 2015 से पूर्व का उत्तराखंड निवासी होना चाहिए तथा उसकी वार्षिक आय तीन लाख रुपये या उससे कम होनी चाहिए। आवेदक या उसके परिवार के किसी सदस्य के नाम देश में कहीं भी पक्का मकान नहीं होना चाहिए। मात्र पांच हजार रुपये जमा कर आवेदन प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। शेष राशि के भुगतान के लिए बैंकों के माध्यम से ऋण सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।

सुरक्षा और गुणवत्ता के मानकों पर खरा परिसर
परियोजना में सुरक्षा और गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। परिसर में आरसीसी बाउंड्री वॉल और मुख्य प्रवेश द्वार का निर्माण पूरा हो चुका है। सभी ब्लॉकों में विद्युत कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं तथा यूपीसीएल द्वारा इलेक्ट्रिकल सेफ्टी जांच भी पूरी की जा चुकी है। इसके अलावा फायर डिपार्टमेंट द्वारा फायर फाइटिंग सिस्टम का सफल परीक्षण किया जा चुका है। जलापूर्ति व्यवस्था के लिए अंडरग्राउंड टैंक और ओवरहेड टैंक स्थापित किए गए हैं, जबकि एसटीपी भी परीक्षण चरण में पहुंच चुका है।

धामी सरकार की समावेशी विकास सोच का उदाहरण
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत विकसित बागवाला परियोजना उत्तराखंड में समावेशी विकास और सामाजिक सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार लगातार ऐसी योजनाओं को गति दे रही है, जिनका सीधा लाभ आम नागरिकों और विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को मिल रहा है। सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार की निगरानी में तेजी से आगे बढ़ी यह परियोजना अब अपने अंतिम चरण में है। आने वाले दिनों में जब हजारों परिवार अपने नए घरों में प्रवेश करेंगे, तब यह केवल मकानों का हस्तांतरण नहीं होगा, बल्कि आत्मसम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य की एक नई शुरुआत होगी। बागवाला की यह आवासीय बस्ती उत्तराखंड में गरीब परिवारों के जीवन स्तर को बदलने वाली एक नई पहचान बनने जा रही है।

सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार का बयान
सचिव आवास एवं आवास आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत रुद्रपुर के बागवाला में विकसित की गई यह परियोजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाली है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार प्रत्येक पात्र परिवार को सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। परियोजना में गुणवत्ता, सुरक्षा और आधुनिक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरे किए गए हैं। शीघ्र ही पात्र लाभार्थियों को आवासों का आवंटन कर चाबियां सौंपी जाएंगी, जिससे हजारों परिवारों का अपने घर का सपना साकार होगा।

ई ऑफिस प्रणाली को प्रभावी बनाने को दून जनपद में हुआ प्रशिक्षण कार्यक्रम

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देशों के अनुपालन में जनपद देहरादून के समस्त कार्यालयों में शासकीय कार्यों का संचालन पूर्णतः ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से सुनिश्चित किए जाने की दिशा में कार्यवाही तेज कर दी गई है। इसी क्रम में आज एनआईसी सभागार, कलेक्ट्रेट देहरादून में ई-ऑफिस कार्यप्रणाली के सफल क्रियान्वयन हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को ई-ऑफिस प्रणाली के संचालन, फाइल प्रबंधन, पत्राचार, नोटशीट तैयार करने, फाइलों के ऑनलाइन अग्रसारण, डिजिटलीकरण एवं अन्य महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य कार्यालयी कार्यों को अधिक पारदर्शी, समयबद्ध, कागजरहित एवं प्रभावी बनाना है।

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने निर्देश दिए हैं कि जनपद के सभी विभागों में शासकीय कार्यों का निष्पादन ई-ऑफिस प्लेटफॉर्म के माध्यम से किया जाना सुनिश्चित किया जा रहा है। इसी के दृष्टिगत अधिकारियों एवं कर्मचारियों की क्षमता वृद्धि तथा तकनीकी दक्षता विकसित करने के लिए यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

प्रशिक्षण सत्र में जिला सूचना विज्ञान अधिकारी (छप्ब्) अंकुश पाण्डेय एवं ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर हरेंद्र शर्मा द्वारा प्रतिभागियों को वर्चुअल एवं फिजिकल माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान किया गया। उन्होंने ई-ऑफिस पोर्टल पर लॉगिन प्रक्रिया, ई-फाइल निर्माण, दस्तावेज अपलोड, डिजिटल हस्ताक्षर, फाइल ट्रैकिंग तथा ऑनलाइन अनुमोदन प्रक्रिया का व्यवहारिक प्रदर्शन कर प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया।

प्रशिक्षकों ने बताया कि ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से कार्यों के निष्पादन से न केवल कार्यालयों में कार्य संस्कृति अधिक सुव्यवस्थित होगी, बल्कि निर्णय प्रक्रिया में भी तेजी आएगी तथा अभिलेखों का सुरक्षित एवं सुगम रख-रखाव सुनिश्चित होगा। उन्होंने सभी विभागों से अपेक्षा की कि वे निर्धारित समयावधि में ई-ऑफिस प्रणाली को पूर्ण रूप से अपनाते हुए शासन की मंशा के अनुरूप डिजिटल प्रशासन को मजबूत करें।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी वर्चुअल तथा प्रत्यक्ष रूप से जुड़े रहे तथा ई-ऑफिस प्रणाली के प्रभावी संचालन हेतु आवश्यक तकनीकी जानकारी प्राप्त की। जिला प्रशासन द्वारा आगामी दिनों में भी आवश्यकता अनुसार ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि जनपद के सभी कार्यालयों में ई-ऑफिस प्रणाली का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।

विदेश रोजगार प्रकोष्ठ से रोजगार पाई सपना राणा ने सीएम धामी से की मुलाकात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास में सपना राणा ने मुलाकात की। सपना राणा द्वारा राज्य सरकार की मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना के अन्तर्गत जर्मन भाषा का प्रशिक्षण प्राप्त कर भाषा परीक्षा उर्तीण की गई, जिसके उपरान्त उनको जर्मनी के हैमबर्ग शहर के शॉन क्लीनिक हॉस्पिटल में 3060 यूरो (₹ 3,30,000) प्रतिमाह के वेतन पर नियुक्ति प्राप्त हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना के अन्तर्गत कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग के अन्तर्गत गठित विदेश रोजगार प्रकोष्ठ द्वारा अन्तराष्ट्रीय स्तर पर उपलब्ध रोजगार के अवसरों से राज्य के युवाओं को जोड़े जाने हेतु निरन्तर प्रयास किए जा रहे हैं। वर्तमान में विदेश रोजगार प्रकोष्ठ द्वारा राज्य के युवाओं को जापान एवं जर्मनी में सेवायोजित किये जाने हेतु भाषा प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। अब तक करीब 65 युवाओं को जापान में सेवायोजित किया जा चुका है।

कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने बताया कि जर्मनी में नर्सिंग क्षेत्र में युवाओं हेतु रोजगार के अवसर उपलब्ध है। जिसके दृष्टिगत प्रकोष्ठ द्वारा जर्मन भाषा का प्रशिक्षण संचालित किया जा रहा है। इसी प्रशिक्षण को प्राप्त करने के उपरान्त टिहरी गढवाल की नर्सिंग प्रशिक्षित युवा महिला सपना राणा का जर्मनी में नर्स के रूप में चयन हुआ है। सुश्री सपना द्वारा अपनी स्कूली शिक्षा जवाहर नवोदय विद्यालय पोखाल टिहरी गढवाल से तथा नर्सिंग की शिक्षा स्टेट नर्सिंग कॉलेज देहरादून से प्राप्त की गई। सपना द्वारा राज्य सरकार की मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना के अन्तर्गत जर्मन भाषा का प्रशिक्षण प्राप्त कर जर्मनी के हैमबर्ग शहर के शॉन क्लीनिक हॉस्पिटल में नियुक्ति प्राप्त हुई है।

इस अवसर पर सचिव सी. रविशंकर भी मौजूद रहे।

हेमकुंट साहिब की यात्रा सुरक्षित, श्रद्धालुओं ने कहा कुछ लोग उड़ा रहे अफवाह

हेमकुंट साहिब की यात्रा पर आए तीर्थयात्रियों ने पुलिस – प्रशासन के सहयोग की प्रशंसा करते हुए कहा है कि यात्रा सकुशल चल रही है। कुछ लोग सिर्फ सोशल मीडिया व्यूज के लिए अफवाह फैलाकर माहौल बिगाड़ रहे हैं।

पंबाज से अपने परिवार के साथ हेमकुंट साहिब दर्शन के लिए आई श्रद्धालु सुखबीर कौर ने बताया कि वो 19 जून को यात्रा पर निकली थी। इस दौरान उन्हें कई लोगों ने यात्रा को लेकर सतर्क किया। मंगलवार को वापसी में गोविंदघाट पहुंची सुखवीर कौर ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्हें पूरी यात्रा में कहीं कोई दिक्कत नहीं आई। स्थानीय प्रशासन से लेकर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी पूरी क्षमता से यात्रा संचालित कर रही है। चिकित्सा सुविधा से लेकर, रहने खाने तक की पर्याप्त सुविधा है। उन्होंने बताया कि यात्रा में स्थानीय लोग भी भरपूर सहयोग कर रहे हैं। इससे स्पष्ट है कि कुछ लोग सिर्फ सोशल मीडिया व्यूज के लिए यात्रा को लेकर अफवाह फैला रहे हैं। उन्होंने कहा कि अन्य श्रद्धालुओं से भी यात्रा कर दर्शन लाभ करने की अपील की है।

यात्रा सम्पन्न कर चुके अन्य तीर्थयात्रियों ने भी वीडियो बयान में कहा है कि यात्रा सकुशल चल रही है, भारी भीड़ के बावजूद सभी सुविधाएं मिल रही है। इसमें पुलिस प्रशासन पूरा सहयोग कर रहा है। तीर्थयात्रियों ने कहा कि यात्रा को लेकर सोशल मीडिया पर अफवाह उड़ाई जा रही है, जबकि वास्तविक स्थिति यह है कि यात्रा पहले की तरह शांतिपूर्वतक ढंग से चल रही है। जिसमेँ स्थानीय लोग भी पूरा सहयोग कर रहे हैं।

सीएम ने उच्च स्तरीय बैठक कर अस्पतालों, कोचिंग सेंटरों व व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के फायर सेफ्टी ऑडिट के निर्देश दिए

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेशभर के सभी अस्पतालों, कोचिंग सेंटरों, बड़े मॉल, होटल, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों एवं अन्य सार्वजनिक उपयोग वाले भवनों का व्यापक फायर सेफ्टी ऑडिट कराया जाए। उन्होंने कहा कि जनसुरक्षा राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है तथा अग्नि सुरक्षा मानकों के अनुपालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन संस्थानों में अग्निशमन संबंधी व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं हैं, उन्हें तत्काल चिन्हित कर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि फायर सेफ्टी उपकरणों की कार्यशीलता, आपातकालीन निकास मार्गों, विद्युत सुरक्षा व्यवस्थाओं तथा आपदा की स्थिति में त्वरित निकासी की तैयारियों का विशेष रूप से परीक्षण किया जाए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि अग्निशमन विभाग, जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर समयबद्ध ढंग से ऑडिट की प्रक्रिया पूरी की जाए।

इस अवसर पर बद्री-केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, हेमकुंट साहिब प्रबंधन ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेन्द्रजीत बिन्द्रा, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के.सुधांशु, सचिव गृह शैलेश बगौली, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, सचिव विनय शंकर पाण्डेय, डीजी अभिसूचना और सुरक्षा अभिनव कुमार, आईजी रिद्धिम अग्रवाल, अपर सचिव बंशीधर तिवारी और अपर सचिव तृप्ति भट्ट मौजूद थे।

सीएम धामी ने दन्या में राजकीय महाविद्यालय में नवनिर्मित भवन का का किया लोकार्पण

मुख्य घोषणाएं

’ शहीद बीरेश्वर गोस्वामी के नाम पर अल्मोड़ा में भव्य द्वार का निर्माण किया जाएगा।
’ चमतोला खेल मैदान का निर्माण किया जाएगा।
’ राजकीय महाविद्यालय गरुड़ाबाँज में मिनी स्टेडियम का निर्माण किया जाएगा।
’ जीआईसी गरुड़ाबाँज में चार अतिरिक्त कक्षा-कक्षों का निर्माण किया जाएगा।
’ प्रेम मंदिर, राधा कृष्ण मंदिर स्थल का सौंदर्यीकरण किया जाएगा।
’ खेती जटेश्वर मोटर मार्ग के कचौरी नामक स्थान से कलूटा पोलिंग बूथ तक मोटर मार्ग बनाया जाएगा।
’ राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चगेठी का उच्चीकरण किया जाएगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दन्या स्थित रामलीला मैदान में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश के समस्त क्षेत्रों का समेकित विकास सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास एवं समृद्धि के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है तथा उत्तराखण्ड भी तेजी से प्रगति के पथ पर अग्रसर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड को वैश्विक स्तर पर आध्यात्मिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है तथा केदारखंड और मानसखंड में पर्यटन गतिविधियों में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं पर्यटक राज्य में पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि जागेश्वर धाम के मूल स्वरूप को संरक्षित रखते हुए जागेश्वर मास्टर प्लान के माध्यम से वहां विकास एवं सौंदर्यीकरण के कार्य किए जा रहे हैं। पार्किंग क्षमता बढ़ाने के साथ ही धाम को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार धामों के संरक्षण और विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा है तथा आयुर्वेद एवं योग आधारित पर्यटन के क्षेत्र में भी व्यापक कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन फेस्टिवल’ की अवधारणा के तहत मेलों और स्थानीय सांस्कृतिक आयोजनों को नई पहचान दी जा रही है, जिससे स्वरोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं और प्रदेश आर्थिक रूप से लगातार मजबूत हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड को देश का मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट बनने का गौरव प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि नक़ल विरोधी कानून के माध्यम से युवाओं का पारदर्शी भर्ती परीक्षाओं में विश्वास पुनः स्थापित हुआ है तथा भ्रष्टाचार के विरुद्ध राज्य सरकार लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा ने कहा कि डबल इंजन की सरकार में प्रदेश का समग्र विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए हम सभी को मिलकर कार्य करना है।

जनसभा के उपरांत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी दन्या निवासी पवन पंत के आवास पहुंचे, जहां उन्होंने आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में सहभाग करते हुए कथा का श्रवण किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि एवं कल्याण की कामना की।

कार्यक्रम में विधायक मोहन सिंह महरा, जिला पंचायत अध्यक्ष हेमा गैड़ा, दर्जा राज्य मंत्री गंगा बिष्ट, दर्जा राज्य मंत्री कुंदन लटवाल, जिलाधिकारी अंशुल सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर आर घोड़के, भाजपा जिलाध्यक्ष महेश नयाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

योग दिवस पर सीएम का युवाओं से नशामुक्त, अनुशासित एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का आह्वान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर बनबसा में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित योग साधकों, सशस्त्र सीमा बल के जवानों, छात्र-छात्राओं, युवाओं, मातृशक्ति एवं वरिष्ठ नागरिकों के साथ सामूहिक योगाभ्यास किया। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए योग को स्वस्थ एवं संतुलित जीवन का आधार बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि माँ शारदा की पावन भूमि पर आयोजित इस कार्यक्रम में क्षेत्रवासियों के साथ योगाभ्यास करने का अवसर प्राप्त होना उनके लिए अत्यंत हर्ष और गौरव का विषय है। उन्होंने योग दिवस के सफल आयोजन में योगदान देने वाले सभी योग प्रशिक्षकों, साधकों एवं आयोजकों का आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि मन, शरीर और आत्मा के बीच सामंजस्य स्थापित करने वाली जीवन पद्धति है। उन्होंने कहा कि योग मन को स्थिरता प्रदान करता है तथा व्यक्ति को सकारात्मक, संतुलित एवं सफल जीवन की ओर अग्रसर करता है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में तनाव, अवसाद और अस्वस्थ जीवनशैली से उत्पन्न चुनौतियों के बीच योग एक प्रभावी प्राकृतिक उपचार प्रणाली के रूप में कार्य कर रहा है। योग और प्राणायाम के नियमित अभ्यास से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, मानसिक एकाग्रता मजबूत होती है तथा जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि योग ने विश्वभर में मानवता को जोड़ने का कार्य किया है तथा भारतीय संस्कृति के मूल मंत्र “वसुधैव कुटुम्बकम्” और “सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः” के संदेश को वैश्विक स्तर पर स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को वैश्विक पहचान मिली और आज विश्व के 190 से अधिक देशों में करोड़ों लोग योग से जुड़ चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड योग, अध्यात्म और साधना की प्राचीन परंपराओं की भूमि है। राज्य सरकार उत्तराखंड को योग एवं वेलनेस की वैश्विक राजधानी के रूप में स्थापित करने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा देश की पहली योग नीति लागू की गई है, जिसके अंतर्गत योग एवं ध्यान केंद्रों की स्थापना के लिए अधिकतम 20 लाख रुपये तक की सब्सिडी तथा योग, ध्यान एवं प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में शोध एवं अध्ययन को प्रोत्साहित करने के लिए 10 लाख रुपये तक के अनुदान का प्रावधान किया गया है। साथ ही प्रदेश में पांच नए योग हब विकसित किए जा रहे हैं तथा सभी आयुष हेल्थ एवं वेलनेस सेंटरों में योग सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बनबसा में राज्य स्तरीय योग दिवस कार्यक्रम के आयोजन का उद्देश्य शारदा नदी तट पर भी योग एवं आध्यात्मिक साधना को व्यापक रूप से बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शारदा कॉरिडोर परियोजना के माध्यम से क्षेत्र को आध्यात्मिक एवं पर्यटन विकास की नई पहचान देने के लिए कार्य कर रही है। लगभग 3300 करोड़ रुपये की लागत से विकसित की जा रही इस परियोजना के अंतर्गत टनकपुर से बनबसा तक शारदा रिवर फ्रंट सहित विभिन्न धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों का विकास किया जा रहा है। प्रथम चरण में 179 करोड़ रुपये की लागत से शारदा घाट के पुनर्विकास कार्यों का शुभारंभ किया जा चुका है।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से युवाओं से आह्वान किया कि वे योग को केवल एक दिवस तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाएं तथा नशे जैसी बुराइयों से दूर रहकर स्वस्थ, अनुशासित और सकारात्मक जीवनशैली अपनाएं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेशवासी उत्तराखंड को योग का वैश्विक केंद्र बनाने के संकल्प को साकार करने में सक्रिय सहयोग प्रदान करेंगे।

योग दिवस कार्यक्रम के अवसर पर कैबिनेट मंत्री एवं जनपद प्रभारी मंत्री भरत चौधरी, अध्यक्ष जिला पंचायत आनंद सिंह अधिकारी, सचिव मुख्यमंत्री एवं आयुक्त कुमाऊं दीपक रावत,सचिव आयुष रंजना राजगुरु, आईजी कुमाऊं निवेदिता कुकरेती, जिलाधिकारी चम्पावत मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव, जिलाधिकारी उधमसिंह नगर नितिन सिंह भदौरिया, पुलिस अधीक्षक उधमसिंह नगर अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी डॉ जीएस खाती अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारी मौजूद थे।

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मुख्य सचिव संग हजारों लोगों ने किया योग, प्रकृति की गोद से गूंजा स्वास्थ्य का संदेश

देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण {एमडीडीए} द्वारा सिटी फॉरेस्ट पार्क में आयोजित 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि राज्य के मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने शिरकत की। इस दौरान मुख्य सचिव व अन्य प्रशासनिक अधिकारीगण अपर सचिव मुख्यमंत्री एवं एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी, एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया, प्राधिकरण के अधिकारी-कर्मचारी, विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक शामिल हुए। कार्यक्रम में प्रकृति की हरियाली और पहाड़ों की शांत वादियों के बीच एक हजार से अधिक लोगों ने सामूहिक योग कर स्वस्थ जीवन का संदेश दिया। कार्यक्रम के अंत में एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने योग प्रशिक्षकों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया तथा योग जागरूकता के लिए उनके योगदान की सराहना की।

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मुख्य सचिव ने परखी सिटी फॉरेस्ट पार्क की धड़कन, डिजिटल फीडबैक सिस्टम के दिए निर्देश

एमडीडीए के सिटी फॉरेस्ट पार्क को और अधिक आधुनिक, सुविधायुक्त और जनहितैषी बनाने की दिशा में प्रयास तेज हो गए हैं। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम के बाद उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने 12 एकड़ से अधिक क्षेत्र में विकसित पार्क का विस्तृत निरीक्षण किया और विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने चिल्ड्रन पार्क, कैफेटेरिया, साइकिल ट्रैक, थ्री-डी मूवी थिएटर, सोलर प्लांट, नर्सरी, ओपन जिम, ओपन थिएटर, ईवी चार्जिंग स्टेशन तथा पूछताछ केंद्र सहित पार्क की प्रमुख सुविधाओं का अवलोकन किया। उन्होंने पार्क में मौजूद नागरिकों, पर्यटकों और कैफेटेरिया संचालकों से बातचीत कर सुविधाओं की गुणवत्ता और उपयोगिता के बारे में फीडबैक भी लिया।

मुख्य सचिव ने कहा कि किसी भी सार्वजनिक स्थल की सफलता उसकी जनस्वीकृति और उपयोगिता पर निर्भर करती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पार्क आने वाले लोगों की राय और सुझाव प्राप्त करने के लिए क्यूआर कोड आधारित ऑनलाइन फीडबैक सिस्टम विकसित किया जाए, जिससे नागरिक सीधे अपनी प्रतिक्रिया दर्ज करा सकें। उनका मानना था कि तकनीक और जनभागीदारी के समन्वय से सार्वजनिक सेवाओं को और बेहतर बनाया जा सकता है। निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने पार्क की स्वच्छता, हरित क्षेत्र, ऊर्जा संरक्षण व्यवस्थाओं और पर्यावरणीय पहलुओं की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि सिटी फॉरेस्ट पार्क शहरी जीवन के बीच प्रकृति से जुड़ने का उत्कृष्ट माध्यम बनकर उभरा है। यहां उपलब्ध सुविधाएं इसे परिवारों, बच्चों, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक आदर्श सार्वजनिक स्थल बनाती हैं।

मुख्य सचिव के निर्देशों के बाद एमडीडीए ने पार्क की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि निरीक्षण के दौरान प्राप्त सुझावों और निर्देशों को प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जाएगा। पार्क में डिजिटल सेवाओं, जनसुविधाओं और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी व्यवस्थाओं को और मजबूत किया जाएगा, ताकि सिटी फॉरेस्ट पार्क देहरादून के सबसे बेहतर सार्वजनिक स्थलों में अपनी पहचान और मजबूत कर सके।

उत्तराखंड ने किसानों की आय वृद्धि के क्षेत्र में देश में प्रथम स्थान प्राप्त कियाः धामी

प्रधानमंत्री किसान उत्सव दिवस के अवसर पर हिमालय सांस्कृतिक केंद्र, गढ़ी कैंट देहरादून में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त जारी किए जाने के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिभाग किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पश्चिम बंगाल से देशभर के किसानों के लिए डीबीटी के माध्यम से जारी की गई किसान सम्मान निधि की किस्त का वर्चुअल माध्यम से प्रसारण देखा।

कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक सविता कपूर सहित बड़ी संख्या में प्रदेशभर से आए किसान, कृषि क्षेत्र से जुड़े लोग एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त जारी होने पर प्रदेश के सभी अन्नदाता भाई-बहनों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह अवसर किसानों के सम्मान, समृद्धि और सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से देशभर के करोड़ों किसानों को आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में पारदर्शी तरीके से पहुंचाई जा रही है।

उन्होंने बताया कि आज देशभर में लगभग 10 करोड़ किसानों को 18 हजार 880 करोड़ रुपये की धनराशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की गई है। इसके अंतर्गत उत्तराखंड के भी 8 लाख से अधिक किसानों को 159 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि प्राप्त हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2019 में जब इस योजना की शुरुआत हुई थी, तब उत्तराखंड में लगभग 4 लाख किसान इससे लाभान्वित हो रहे थे, जो आज बढ़कर 8 लाख से अधिक हो चुके हैं। यह किसानों के डबल इंजन सरकार पर बढ़ते विश्वास का प्रतीक है और दर्शाता है कि योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक पहुंच रहा है।

उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा सीमाओं पर तैनात जवानों से सुनिश्चित होती है, वहीं देश की खाद्य सुरक्षा खेतों में मेहनत करने वाले किसानों के परिश्रम से मजबूत होती है। किसान केवल फसल नहीं उगाता, बल्कि राष्ट्र के भविष्य को संवारने का कार्य करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने किसानों के सम्मान, सुरक्षा और समृद्धि को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के माध्यम से प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान की भरपाई में सहायता दी जा रही है, वहीं मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना से किसानों को मिट्टी की गुणवत्ता की जानकारी उपलब्ध कराकर उत्पादन बढ़ाने में सहयोग किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती, आधुनिक कृषि तकनीक, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार सहित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार भी किसानों को सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसी दिशा में राज्य में नहरों से सिंचाई को पूरी तरह निशुल्क करने का निर्णय लिया गया है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए बजट में 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

उन्होंने बताया कि राज्य में लगभग 115 करोड़ रुपये के निवेश से 350 से अधिक आधुनिक पॉलीहाउस तैयार किए जा चुके हैं, जिससे किसानों को बेहतर उत्पादन और आय वृद्धि में सहायता मिल रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में खेती काफी हद तक वर्षा पर निर्भर रहती है। इस चुनौती को ध्यान में रखते हुए 1000 करोड़ रुपये की लागत से “उत्तराखंड क्लाइमेट रिस्पॉन्सिव रेन-फेड फार्मिंग प्रोजेक्ट” को मंजूरी दी गई है, जिससे बदलते मौसम के बीच भी खेती को सुरक्षित बनाया जा सकेगा।

उन्होंने कहा कि फल उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए नई सेब नीति, कीवी नीति, ड्रैगन फ्रूट नीति और स्टेट मिलेट मिशन जैसी योजनाएं लागू की गई हैं। इन योजनाओं के तहत किसानों को 80 प्रतिशत तक सब्सिडी उपलब्ध कराई जा रही है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि किसानों की फसलों को सुरक्षित रखने और उन्हें बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए कोल्ड चेन, कोल्ड स्टोरेज, सीए स्टोरेज और मेगा फूड पार्क जैसी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को सगंध खेती के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए “महक क्रांति” नीति लागू की गई है। इसके तहत राज्य में 7 एरोमा वैली विकसित की जा रही हैं और 23 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सुगंधित पौधों की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि “हाउस ऑफ हिमालयाज” ब्रांड के माध्यम से उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों और मिलेट को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि स्पष्ट नीति और ईमानदार नीयत के कारण उत्तराखंड ने किसानों की आय वृद्धि के क्षेत्र में पूरे देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि प्रदेश के प्रत्येक किसान भाई-बहन के परिश्रम और योगदान का परिणाम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार किसानों को केवल योजनाओं तक सीमित नहीं रख रही, बल्कि योजनाओं का लाभ वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंचाने के लिए पूरी पारदर्शिता के साथ कार्य कर रही है। किसान राष्ट्र के गौरव हैं और सरकार उनकी समृद्धि के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के किसानों से आह्वान किया कि वे पारंपरिक खेती के साथ-साथ आधुनिक तकनीकों, वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं तथा विकसित उत्तराखंड के संकल्प को पूरा करने में सहभागी बनें।

मुख्यमंत्री ने कहा, नागरिकों को पारदर्शी एवं समयबद्ध सेवाएं देना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता

उत्तराखण्ड पुलिस को वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान पासपोर्ट आवेदनों के सत्यापन में उत्कृष्ट एवं प्रभावी कार्य निष्पादन के लिए भारत सरकार द्वारा “Institutional Performance Award for State Police” से सम्मानित किया गया है। यह प्रतिष्ठित सम्मान देशभर में पासपोर्ट आवेदनों के पुलिस सत्यापन संबंधी प्रदर्शन के आधार पर प्रदान किया गया।

नई दिल्ली स्थित विदेश मंत्रालय के जवाहरलाल नेहरू भवन में आयोजित समारोह में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर द्वारा उत्तराखण्ड पुलिस की ओर से ए. पी. अंशुमान, अपर पुलिस महानिदेशक, प्रशासन को यह सम्मान प्रदान किया गया।

पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने बताया कि यह सम्मान उत्तराखण्ड पुलिस द्वारा पासपोर्ट सत्यापन प्रक्रिया को समयबद्ध, पारदर्शी एवं नागरिक-केंद्रित बनाने हेतु किए गए सतत प्रयासों का परिणाम है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस उपलब्धि के लिए उत्तराखण्ड पुलिस को बधाई देते हुए कहा कि नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी एवं समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यह उपलब्धि उसी दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सफलता का प्रतीक है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी उत्तराखण्ड पुलिस नागरिक सेवाओं के क्षेत्र में इसी प्रकार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर राज्य का गौरव बढ़ाती रहेगी।

हेमकुंड यात्रा से जुड़े प्रकरण को सांप्रदायिक रंग देने वालों पर होगी कार्रवाईः बगोली

हेमकुंड साहिब यात्रा के दौरान हाल ही में सामने आए एक विवादित प्रकरण को लेकर उत्तराखण्ड सरकार ने स्पष्ट किया है कि मामले को किसी भी प्रकार से धार्मिक विवाद का स्वरूप देना उचित नहीं है। प्रकरण को सांप्रदायिक रंग देने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।

सचिव गृह शैलेश बगोली ने कहा कि प्रारंभिक जांच में यह मामला दोनों पक्षों के बीच विवाद एवं भावनात्मक आवेश से जुड़ा प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड में सभी धर्मों और आस्थाओं का समान सम्मान है तथा राज्य की सांस्कृतिक विरासत सद्भाव, शांति और परस्पर सम्मान की रही है। सरकार किसी भी कीमत पर इस सौहार्दपूर्ण वातावरण को प्रभावित नहीं होने देगी।

सचिव गृह ने बताया कि आईजी गढ़वाल को मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच के निर्देश दिए गए हैं। सभी पक्षों को सुनने के बाद तथ्यों के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। वहीं, एडीजी लॉ एंड ऑर्डर से भी पूरे प्रकरण की स्टेटस रिपोर्ट तलब की गई है।

श्रद्धालुओं एवं आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए शिकायत निवारण तंत्र को और मजबूत किया जा रहा है। वर्तमान में संचालित चारधाम सेल को हेमकुंड साहिब यात्रा से भी जोड़ा जाएगा और यात्रा अवधि तक यह व्यवस्था 24×7 कार्य करेगी।

शैलेश बगोली ने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से मामले को भ्रामक एवं सांप्रदायिक रंग देकर देवभूमि उत्तराखण्ड का माहौल खराब करने का प्रयास करने वाले तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई के निर्देश आईजी गढ़वाल को दिए गए हैं। अफवाह, भ्रामक सूचना या सामाजिक वैमनस्य फैलाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार एवं पुलिस प्रशासन सभी श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा, सम्मान एवं सुविधाओं के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। किसी भी अप्रिय घटना या विवाद का निस्तारण विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत किया जाएगा तथा कानून को हाथ में लेने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी।

सचिव गृह ने सभी श्रद्धालुओं, स्थानीय नागरिकों और संबंधित पक्षों से संयम बनाए रखने तथा किसी भी शिकायत या विवाद की स्थिति में प्रशासन और पुलिस द्वारा स्थापित वैधानिक व्यवस्था का सहारा लेने की अपील की है।