युवा शक्ति ही विकसित उत्तराखंड के संकल्प को साकार करने का सबसे बड़ा आधारः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने टनकपुर, चंपावत में आयोजित “युवा संवाद युवा शक्ति, उत्तराखंड की प्रगति” कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर स्थानीय जनता एवं युवाओं ने मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने युवाओं के साथ संवाद करते हुए उनके विचारों, सुझावों एवं विभिन्न विषयों से जुड़े प्रश्नों को सुना और उनका उत्तर दिया। इस दौरान बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा किसी भी राज्य और राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति होते हैं। उत्तराखंड के युवा प्रतिभाशाली, ऊर्जावान और नवाचार की क्षमता से भरपूर हैं। उनके सामर्थ्य के बल पर ही विकसित उत्तराखंड के संकल्प को पूरा किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत आज विश्व के सबसे युवा देशों में शामिल है और यही युवा ऊर्जा देश को आत्मनिर्भर एवं विकसित राष्ट्र बनाने की क्षमता रखती है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने युवाओं को केवल अवसर तलाशने वाला नहीं, बल्कि अवसर देने वाला बनाने की दिशा में कार्य किया है।

उन्होंने कहा कि स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया, स्किल इंडिया, मेक इन इंडिया और खेलो इंडिया जैसे अभियानों ने युवाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोले हैं। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना जैसी पहलों से युवा स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार भी युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए रोजगार, स्वरोजगार, कौशल विकास और नवाचार को प्राथमिकता दे रही है। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, युवा प्रोत्साहन योजना और ग्रामीण कौशल विकास योजनाओं के माध्यम से युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर दिए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य में स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय उत्पादों को पहचान दिलाने के लिए “एक जनपद, दो उत्पाद” योजना और “हाउस ऑफ हिमालयाज” ब्रांड के माध्यम से कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि स्टेट मिलेट मिशन, एप्पल मिशन, नई पर्यटन नीति, होम स्टे योजना, वेड इन उत्तराखंड और सौर स्वरोजगार योजना जैसी योजनाओं से युवाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार की स्पष्ट नीति और पारदर्शी व्यवस्था के कारण उत्तराखंड में बेरोजगारी दर में उल्लेखनीय कमी आई है। साथ ही, पिछले साढ़े चार वर्षों में 33 हजार से अधिक युवाओं को निष्पक्ष और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से सरकारी सेवाओं में अवसर मिला है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं की मेहनत और योग्यता के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय न हो, इसके लिए राज्य में देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। अब भर्ती प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ संचालित की जा रही है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में खेल संस्कृति को भी लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। 38वें राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन ने यह साबित किया है कि देवभूमि अब खेलभूमि के रूप में भी अपनी पहचान बना रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमांत क्षेत्रों के युवाओं को शिक्षा, खेल और आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने के लिए सरकार लगातार कार्य कर रही है। लोहाघाट में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज सहित विभिन्न संस्थानों के माध्यम से युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार “नो पेंडेंसी” के सिद्धांत पर कार्य कर रही है। घोषणाओं को धरातल पर उतारने के लिए बजट जारी कर योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने युवाओं से बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए मेहनत, नवाचार एवं सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का युवा ही नए उत्तराखंड का निर्माता है और उनकी प्रगति में ही प्रदेश की प्रगति निहित है।

इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे।

राज्य के 4400 श्रमिको ंके खाते में सीएम ने श्रम बोर्ड की योजनाओं के तहत वितरित की 11 करोड़ की धनराशि

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के 4400 से अधिक श्रमिक लाभार्थियों के खाते में डीबीटी के माध्यम से लगभग 11 करोड़ रुपये की धनराशि का अंतरण किया।

मुख्यमंत्री आवास में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बोर्ड की विवाह उपरांत सहायता, मृत्यु उपरांत अनुदान, प्रसूति सुविधा तथा शिक्षा सहायता योजनाओं के लाभाथियों के खाते में वन क्लिक के माध्यम से यह राशि वितरित की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने श्रम विभाग को निर्देश दिए कि श्रमिक कल्याण योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए तथा विभिन्न क्षेत्रों में शिविर आयोजित कर अधिक से अधिक पात्र श्रमिकों को योजनाओं का लाभ पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के कार्यस्थलों के निकट ही आवश्यक सामग्री वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे उन्हें सुविधाजनक तरीके से लाभ मिल सके।

मुख्यमंत्री ने श्रमिकों के स्वास्थ्य परीक्षण, उनके आश्रित बच्चों की शिक्षा को प्रोत्साहन तथा जीवनोपयोगी सामग्री के वितरण हेतु विशेष शिविरों के आयोजन पर भी जोर दिया। उन्होंने सभी योजनाओं के संचालन में पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखने और सूचना प्रौद्योगिकी के अधिकाधिक उपयोग के निर्देश दिए। साथ कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि केवल पात्र श्रमिकों को ही योजना का लाभ मिले।

इस अवसर पर जानकारी दी गई कि बोर्ड द्वारा पिछले एक वर्ष में 24,323 श्रमिकों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से कुल 93 करोड़ 6 लाख रुपये की अनुदान राशि वितरित की जा चुकी है।
इस अवसर पर कैलाश पंत (राज्य सलाहकार, संविदा बोर्ड), गीता रावत (अध्यक्ष, सतर्कता समिति), मोहिनी पोखरिया (उपाध्यक्ष, राज्य सतर्कता समिति), अपर सचिव विनीत कुमार, उप श्रम आयुक्त विपिन कुमार, सहायक श्रम आयुक्त शैलेश सती, वरिष्ठ तकनीकी विशेषज्ञ दुर्गा चमोली उपस्थित हुए। कार्यक्रम का संचालन श्रम आयुक्त प्रकाश चन्द्र दुम्का द्वारा किया गया।

चारधाम यात्रा को मिलने जा रही नई मजबूती, रुद्रप्रयाग के रतूड़ा में बनने जा रहा आधुनिक राज्य अतिथि गृह

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप चारधाम यात्रा मार्ग पर बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। जनपद रुद्रप्रयाग के रतूड़ा क्षेत्र में प्रस्तावित राज्य अतिथि गृह के निर्माण को लेकर शुक्रवार को राज्य सचिवालय में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। सचिव राज्य संपत्ति विभाग डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में अतिथि गृह की कार्ययोजना, डिजाइन और निर्माण संबंधी विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

चारधाम यात्रा के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण माने जा रहे इस राज्य अतिथि गृह के निर्माण के लिए रतूड़ा में 0.375 हेक्टेयर भूमि चिन्हित की गई है। यह परियोजना मुख्यमंत्री की घोषणाओं में शामिल है, जिसके चलते इसे सर्वाेच्च प्राथमिकता पर पूरा करने का निर्णय लिया गया है। बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि परियोजना की विस्तृत कार्ययोजना (डीपीआर) शीघ्र तैयार कर शासन को उपलब्ध कराई जाए, ताकि निर्माण कार्य समयबद्ध ढंग से शुरू किया जा सके।

आधुनिक पहाड़ी वास्तुकला का होगा समावेश
बैठक के दौरान सचिव राज्य संपत्ति डॉ. आर. राजेश कुमार ने कार्यदायी संस्था प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग, रुद्रप्रयाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रस्तावित भवन को आधुनिक पहाड़ी शैली में विकसित किया जाए। भवन के निर्माण में स्थानीय वास्तुकला, प्राकृतिक परिवेश और पर्वतीय क्षेत्रों की विशेष आवश्यकताओं को ध्यान में रखा जाए, जिससे यह संरचना उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को भी प्रतिबिंबित कर सके। उन्होंने कहा कि वर्तमान आवश्यकताओं के साथ-साथ भविष्य में बढ़ने वाले उपयोग को देखते हुए पर्याप्त संख्या में कक्ष, बैठक कक्ष, वीआईपी सुविधाएं, पार्किंग, सुरक्षा एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का समुचित प्रावधान किया जाए। इससे राज्य अतिथि गृह केवल सरकारी उपयोग तक सीमित न रहकर राज्य की प्रतिष्ठित आवासीय परिसंपत्तियों में शामिल हो सकेगा।

एनजीटी और पर्वतीय मानकों का रखा जाएगा ध्यान
बैठक में पर्यावरणीय और तकनीकी मानकों के अनुपालन पर भी विशेष जोर दिया गया। सचिव राज्य संपत्ति ने निर्देश दिए कि भवन की नदी से दूरी राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के मानकों के अनुरूप निर्धारित की जाए। इसके अलावा भवन की ऊंचाई तथा निर्माण संबंधी सभी मानदंड पर्वतीय क्षेत्रों के निर्धारित नियमों के अनुसार सुनिश्चित किए जाएं। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि निर्माण की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए तथा परियोजना को आधुनिक सुविधाओं से युक्त बनाया जाए। शासन स्तर पर इसकी नियमित निगरानी भी की जाएगी।

चारधाम यात्रा और प्रशासनिक गतिविधियों को मिलेगा लाभ
विशेषज्ञों के अनुसार रुद्रप्रयाग जनपद चारधाम यात्रा का प्रमुख केंद्र है। केदारनाथ धाम जाने वाले लाखों श्रद्धालुओं, वीआईपी आगंतुकों तथा विभिन्न प्रशासनिक अधिकारियों की आवाजाही को देखते हुए राज्य अतिथि गृह का निर्माण अत्यंत उपयोगी साबित होगा। इससे आपदा प्रबंधन, प्रशासनिक बैठकों तथा राज्य अतिथियों के ठहरने की बेहतर व्यवस्था उपलब्ध हो सकेगी। बैठक में शासन स्तर से अपर सचिव एवं राज्य संपत्ति अधिकारी लक्ष्मण सिंह, उप सचिव हनुमान प्रसाद तिवारी तथा कार्यदायी संस्था की ओर से अधिशासी अभियंता इन्द्रजीत बोस और सहायक अभियंता ओमप्रकाश चन्द्र उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया।
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मंशा के अनुरूप राज्य की परिसंपत्तियों को आधुनिक और उपयोगी स्वरूप प्रदान किया जा रहा है। रतूड़ा में प्रस्तावित राज्य अतिथि गृह चारधाम यात्रा तथा प्रशासनिक आवश्यकताओं की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण परियोजना है। हमारा प्रयास है कि इसे आधुनिक पहाड़ी वास्तुकला, उच्च गुणवत्ता और पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप विकसित किया जाए। अधिकारियों को विस्तृत डीपीआर शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि निर्माण कार्य समयबद्ध ढंग से शुरू होकर निर्धारित अवधि में पूरा किया जा सके।
– डॉ. आर. राजेश कुमार, सचिव राज्य संपत्ति विभाग

प्रधानमंत्री मोदी ने देशभर में 15 लाख से अधिक युवाओं को ₹2,400 करोड़ की प्रोत्साहन राशि की वितरितः धामी

मुख्य सेवक सदन, मुख्यमंत्री आवास देहरादून में प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के अंतर्गत प्रोत्साहन राशि वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिभाग करते हुए योजना के लाभार्थी नियोक्ताओं एवं लाभार्थी कर्मचारियों को सम्मानित किया।

देशभर के विभिन्न राज्यों में एक साथ आयोजित इस कार्यक्रम को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया और योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को प्रोत्साहन राशि वितरित की। प्रधानमंत्री द्वारा लगभग ₹2,400 करोड़ की राशि देशभर के 15 लाख से अधिक युवाओं एवं श्रमिकों को प्रदान की गई।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह अवसर राष्ट्र निर्माण के उस संकल्प का हिस्सा बनने का है जिसकी नींव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए रखी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा वर्ष 2025 में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से देश के करोड़ों युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना का शुभारंभ किया गया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज इस महत्वाकांक्षी योजना की दूसरी किस्त जारी किए जाने का गौरवपूर्ण अवसर है। इसके अंतर्गत देशभर के 15 लाख से अधिक युवाओं और श्रमिक साथियों को ₹2400 करोड़ की राशि वितरित की जा रही है। उत्तराखंड में भी विभिन्न प्रतिष्ठानों से जुड़े लगभग 6 हजार कर्मचारियों और 900 से अधिक नियोक्ताओं को ₹24 करोड़ से अधिक की प्रोत्साहन राशि हस्तांतरित की जा रही है।

उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से केंद्र सरकार पहली बार रोजगार प्राप्त करने वाले युवाओं को ₹15 हजार तक की सहायता राशि उपलब्ध करा रही है। वहीं, युवाओं को रोजगार देने वाले संस्थानों को प्रोत्साहित करने के लिए चार वर्षों तक प्रत्येक अतिरिक्त कर्मचारी पर प्रतिमाह ₹3 हजार तक की सहायता राशि प्रदान की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने इस योजना के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का देवभूमि उत्तराखंड की जनता की ओर से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने के साथ-साथ औद्योगिक संस्थानों को भी प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने कहा कि भारत की युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी पूंजी है। युवाओं की प्रतिभा, परिश्रम और संकल्प के बल पर भारत को सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाया जा सकता है। यदि युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा और अवसर मिले तो भारत पुनः विश्व गुरु के रूप में स्थापित हो सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में युवा शक्ति को राष्ट्र शक्ति मानते हुए विकसित भारत के निर्माण की दिशा में कार्य किया जा रहा है। स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, फिट इंडिया और नई शिक्षा नीति जैसी योजनाओं के माध्यम से युवाओं को उनकी क्षमता के अनुरूप अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार भी युवाओं को सशक्त, सक्षम और आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरकार ने केवल योजनाएं घोषित नहीं की हैं बल्कि उन्हें धरातल पर उतारने का कार्य किया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए नई स्टार्टअप नीति लागू की गई है। कौशल विकास को प्राथमिकता देते हुए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से युवाओं को प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री युवा प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना और दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य विकास योजना के माध्यम से युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर दिए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में निवेश और औद्योगिक विकास को गति देने के लिए सरकार लगातार कार्य कर रही है। वर्ष 2023 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के माध्यम से ₹3.56 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनमें से ₹1 लाख करोड़ से अधिक के प्रस्तावों को धरातल पर उतारने में सफलता मिली है।

उन्होंने कहा कि उद्योगों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने के लिए लाइसेंसिंग प्रक्रिया को सरल बनाया गया है और सिंगल विंडो सिस्टम को मजबूत किया गया है। औद्योगिक नीति, लॉजिस्टिक नीति, स्टार्टअप नीति और डैडम् नीति सहित 30 से अधिक नीतियां लागू कर राज्य में उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया गया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि काशीपुर में अरोमा पार्क, सितारगंज में प्लास्टिक पार्क, काशीपुर में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर और पंतनगर में मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क जैसी परियोजनाओं पर कार्य किया गया है। साथ ही रुद्रपुर, सेलाकुई और हरिद्वार में डैडम् उद्यमियों के लिए प्लग एंड प्ले मॉडल पर फ्लैटेड फैक्ट्रियां स्थापित की गई हैं।

उन्होंने कहा कि किच्छा फार्म में एक हजार एकड़ से अधिक भूमि पर स्मार्ट इंडस्ट्रियल टाउनशिप विकसित करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक जनपद, दो उत्पाद योजना, हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड, स्टेट मिलेट मिशन, फार्म मशीनरी बैंक, एप्पल मिशन, नई पर्यटन नीति, नई फिल्म नीति, होम स्टे, वेड इन उत्तराखंड और सौर स्वरोजगार योजना जैसी योजनाओं के माध्यम से स्थानीय संसाधनों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि इन प्रयासों का परिणाम है कि राज्य की आर्थिकी में डेढ़ गुना से अधिक वृद्धि हुई है और पिछले एक वर्ष में राज्य की ळैक्च् में 7.23 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। राज्य की प्रति व्यक्ति आय में 41 प्रतिशत की वृद्धि हुई है तथा रिवर्स पलायन में भी सकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास लक्ष्यों की रैंकिंग में उत्तराखंड को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। वहीं ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में राज्य को एचीवर्स और स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर्स की श्रेणी प्राप्त हुई है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने युवाओं को रोजगार से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। पिछले साढ़े चार वर्षों में 33 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं।

मुख्यमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना का अधिकतम लाभ उठाएं और अपनी प्रतिभा, कौशल एवं नवाचार की शक्ति को पहचानते हुए केवल अवसरों की प्रतीक्षा न करें, बल्कि स्वयं अवसरों का सृजन करने का संकल्प लें।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश के युवा अपने परिश्रम और समर्पण से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक भारत को विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध राष्ट्र बनाने के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक उमेश शर्मा काउ, विधायक सविता कपूर, आयुक्त भविष्य निधि उत्तराखंड देहरादून सहित बड़ी संख्या में लाभार्थी एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

सीएम धामी की बड़ी कार्रवाई, हरिद्वार भूमि खरीद घोटाले में पूर्व नगर आयुक्त की बर्खास्तगी और तत्कालीन डीएम पर मेजर पनिशमेंट की संस्तुति

भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर चलते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार नगर निगम भूमि खरीद प्रकरण में बड़ी और कड़ी कार्रवाई की है।

प्रकरण में तत्कालीन नगर आयुक्त हरिद्वार नगर निगम वरुण चौधरी को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर की संस्तुति की गई है। वहीं, तत्कालीन जिलाधिकारी हरिद्वार कर्मेंद्र सिंह को अपने पदीय दायित्वों एवं कर्तव्यों के समुचित निर्वहन में गंभीर लापरवाही का दोषी मानते हुए उनके विरुद्ध दीर्घ शास्ति (मेजर पनिशमेंट) अधिरोपित करने का निर्णय लिया गया है। दोनों अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई के लिए कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (क्वच्ज्) को संस्तुति भेजी जा रही है।

इसके अलावा, उस समय कार्यरत एसडीएम अजयवीर सिंह के विरुद्ध परनिंदा प्रविष्टि दर्ज करने तथा उनकी तीन वेतनवृद्धियां रोकने के निर्देश भी दिए गए हैं।

गौरतलब है कि हरिद्वार नगर निगम भूमि खरीद मामले के सामने आते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सख्त रुख अपनाया था। प्रारंभिक जांच में अनियमितताओं के संकेत मिलने पर तत्कालीन जिलाधिकारी कर्मेंद्र सिंह और पूर्व नगर आयुक्त वरुण चौधरी सहित कई अधिकारियों को निलंबित किया गया था। इसके बाद विशेष जांच और ऑडिट के माध्यम से पूरे प्रकरण की गहन पड़ताल कराई गई।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट कहा है कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी स्तर पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने दोहराया कि शासन-प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनहित सर्वाेपरि है तथा दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई जारी रहेगी।

धामी सरकार की इस कार्रवाई को राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी प्रशासनिक कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है, जिसने स्पष्ट संदेश दिया है कि जनधन के दुरुपयोग और पद के दुरुपयोग को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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हरिद्वार भूमि खरीद प्रकरण में बड़ा एक्शन, 10 लोगों पर दर्ज होगा अभियोग
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस के संकल्प के तहत हरिद्वार नगर निगम भूमि खरीद प्रकरण में बड़ी कार्रवाई की गई है। विजिलेंस की विस्तृत जांच में आपराधिक षड्यंत्र एवं धोखाधड़ी के माध्यम से भूमि क्रय-विक्रय कर नगर निगम को आर्थिक क्षति पहुंचाने के आरोप प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाए गए हैं।

मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली राज्य सतर्कता समिति की संस्तुति पर मामले में संलिप्त अधिकारियों, कर्मचारियों तथा भूमि विक्रेताओं के विरुद्ध अभियोग दर्ज किए जाने का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा अनुमोदन किया गया है। जांच में दोषी पाए गए व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता एवं भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रासंगिक प्रावधानों के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी।

अभियोग दर्ज किए जाने वाले व्यक्तियों में तत्कालीन नगर आयुक्त वरुण चौधरी, तत्कालीन सहायक नगर आयुक्त रविन्द्र कुमार दयाल, तत्कालीन कर अधीक्षक लक्ष्मीकान्त भट्ट, तत्कालीन सहायक अभियन्ता एवं प्रभारी अधिशासी अभियन्ता आनन्द सिंह मिश्राण, तत्कालीन सम्पत्ति लिपिक वेदपाल तथा तत्कालीन मानचित्रकार दिनेश काण्डपाल शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त भूमि विक्रेता एवं अन्य संबंधित व्यक्तियों में सुमन देवी, जितेन्द्र कुमार, अभिषेक यादव तथा सुजीत कुमार सिंह के विरुद्ध भी अभियोग दर्ज किया जाएगा।

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार और अनियमितताओं में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। शासन की प्राथमिकता पारदर्शी, जवाबदेह और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन सुनिश्चित करना है तथा दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई जारी रहेगी।

सीएस ने दिए विभागों को अपने त्रैमासिक लक्ष्य निर्धारित करते हुए आईएफएमएस पोर्टल पर शीघ्र अपलोड करने के निर्देश

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में विभिन्न विभागों के वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंतर्गत केंद्र पोषित योजनाओं, वाह्य सहायतित योजनाओं, नाबार्ड और स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट योजनाओं की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने सभी विभागों को अपने त्रैमासिक लक्ष्य निर्धारित करते हुए आईएफएमएस पोर्टल पर शीघ्र अपलोड करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने वित्त विभाग को नाबार्ड के अंतर्गत पशुपालन, फिशरीज आदि आजीविका से संबंधित विभागों में बजट की कोई सीलिंग ना रखे जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि आजीविका से संबंधित इन योजनाओं को वाइब्रेंट विलेज में भी अधिक से अधिक प्रयोग किया जाए, ताकि इन क्षेत्रों में अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराया जा सके।

मुख्य सचिव ने नियोजन और वित्त विभाग को सभी विभागों से समन्वय बनाते हुए लगभग 2 से 3 हज़ार करोड़ के प्रस्तावों को तैयार रखे जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि योजनाओं को शोर्ट लिस्ट करते हुए प्राथमिकता के आधार पर टेंटेटिव लिस्ट तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि विभागों द्वारा भी लगातार अच्छे प्रस्ताव तैयार करते हुए शासन को भेजे जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि किस योजना के लिए फंडिंग कहाँ से की जाएगी इस पर आगे विचार कर लिया जाएगा परंतु विभागों द्वारा प्रस्ताव तो लगातार तैयार किए जाने चाहिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए आधारभूत संरचनाओं के विकास में विशेष ध्यान दिया जाए। इसके लिए नाबार्ड के अंतर्गत ग्रामीण अवसंरचना विकास कोष के तहत की जा सकती है। उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग को स्कूल और अस्पताल भवनों को सुदृढ़ किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने सिंचाई विभाग को सौंग और जमरानी बांध निर्माण कार्य की फाइनेंसियल टाइमलाइन तैयार कर शीघ्र प्रस्तुत किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि टाइमलाइन निर्धारित कर लगातार मॉनिटरिंग की जाए ताकि टाइमलाइन का अनुपालन किया जा सके।

मुख्य सचिव ने सिंचाई विभाग और उत्तराखण्ड अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण न्त्म्क्। को पीएम कुसुम प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान अभियान का लाभ अधिक से अधिक किसानों को पहुँचाये जाने के निर्देश दिए। उन्होंने इसके लिए प्रमुख सचिव ऊर्जा को सिंचाई और न्त्म्क्। के साथ शीघ्र समन्वय बैठक आयोजित किये जाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने परिवहन विभाग को प्रदेश के चारधाम यात्रा मार्गों सहित अन्य सभी महत्त्वपूर्ण यात्रा मार्गों को ईवी चार्जिंग स्टेशन से संतृप्त किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा की प्रदेश में आने वाले पर्यटक अपने इलेक्ट्रिक व्हीकल लेकर यात्रा कर सकें इसके लिए इन चार्जिंग स्टेशंस की लोकेशन को गूगल मैप पर भी प्रदर्शित किया जाए ताकि लोगों का लंबे पहाड़ी रास्तों पर इलेक्ट्रिक व्हीकल लाने का विश्वास पैदा हो सके।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, पीसीसीएफ कपिल लाल, सचिव दिलीप जावलकर, डॉ. बी.वी.आर. सी. पुरुषोत्तम, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ . वी. षणमुगम, डॉ. आर. राजेश कुमार, सी. रविशंकर, युगल किशोर पंत एवं डॉ. एस.एन. पाण्डेय सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने सीएम धामी से की भेंट

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास में रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने भेंट की। इस अवसर पर राज्य में रेलवे अवसंरचना के विस्तार, गतिमान रेल परियोजनाओं तथा भविष्य की रेलवे आवश्यकताओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में रेलवे कनेक्टिविटी का सुदृढ़ीकरण राज्य के समग्र विकास, पर्यटन, तीर्थाटन, निवेश और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करेगा। उन्होंने ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना को राज्य की महत्वाकांक्षी एवं सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण परियोजना बताते हुए इसके कार्यों को निर्धारित समयावधि में पूर्ण किए जाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना चारधाम यात्रा विशेषकर श्री बदरीनाथ एवं श्री केदारनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आवागमन को अधिक सुगम, सुरक्षित एवं आधुनिक बनाएगी।

बैठक में टनकपुर-बागेश्वर रेल परियोजना को आगे बढ़ाने पर भी विस्तार से चर्चा हुई। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ने अवगत कराया कि परियोजना का सर्वेक्षण तथा डीपीआर तैयार किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने अपेक्षा व्यक्त की कि नवंबर 2026 तक परियोजना पर ठोस प्रगति दिखाई दे। उन्होंने कर्णप्रयाग-बागेश्वर रेल लाइन तथा किच्छा-खटीमा रेल लाइन परियोजनाओं को भी भविष्य की आवश्यकताओं एवं क्षेत्रीय संतुलित विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताते हुए इन पर कार्यवाही आगे बढ़ाने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में तीर्थाटन एवं पर्यटन की बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए रेलवे स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि गढ़वाल मंडल में देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश एवं रुड़की तथा कुमाऊँ मंडल में हल्द्वानी, काठगोदाम, रामनगर एवं टनकपुर रेलवे स्टेशन प्रदेश के प्रमुख प्रवेश द्वार हैं। इन स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं और आधुनिक व्यवस्थाओं का विस्तार पर उन्होंने बल दिया।

मुख्यमंत्री ने आगामी कुंभ एवं कांवड़ मेले के दृष्टिगत हरिद्वार, ऋषिकेश एवं रुड़की रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए विशेष सुविधाएं विकसित करने पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि रेलवे और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से श्रद्धालुओं एवं यात्रियों को बेहतर, सुरक्षित और सुगम यात्रा अनुभव उपलब्ध कराया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने हरिद्वार-देहरादून रेल लाइन के डबल लाइन की दिशा में भी प्रभावी कार्यवाही किए जाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि रेलवे नेटवर्क के विस्तार और आधुनिकीकरण से राज्य में निवेश, व्यापार, पर्यटन एवं रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा उत्तराखंड की आर्थिकी को दीर्घकालिक मजबूती मिलेगी।

रेलवे बोर्ड के चौयरमैन सतीश कुमार कुमार ने कहा कि बैठक में जिन बिंदुओं पर चर्चा हुई है, उन पर पूरी गंभीरता से कार्य किये जाएंगे।

इस अवसर पर सचिव बृजेश कुमार संत और अपर सचिव रीना जोशी भी उपस्थित थे।

योग को आमजन तक पहुंचाने को रन फॉर योगा कार्यक्रम में दौड़े सीएम धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुलिस लाइन, देहरादून में 12 वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित रन फॉर योगा कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोजन केवल एक दौड़ नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन, सकारात्मक सोच और योग को जन-जन तक पहुंचाने का सशक्त अभियान है। यह कार्यक्रम योग के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने और स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड सदियों से योग, आध्यात्मिक साधना और ऋषि-मुनियों की तपस्थली रही है। यहां की समृद्ध आध्यात्मिक परंपरा और प्राकृतिक वातावरण मानवता को स्वास्थ्य, संतुलन और सकारात्मक जीवन का संदेश देते हैं। उन्होंने कहा कि योग भारत की प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर है, जो शरीर, मन और आत्मा के मध्य सामंजस्य स्थापित करने वाली वैज्ञानिक एवं जीवनोपयोगी पद्धति है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और प्रयासों से योग को वैश्विक पहचान मिली है। वर्ष 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में उनके प्रस्ताव के उपरांत 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता प्राप्त हुई और आज विश्व के 190 से अधिक देशों में करोड़ों लोग योग का अभ्यास कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ते तनाव, अवसाद और विभिन्न स्वास्थ्य चुनौतियों के बीच योग स्वस्थ एवं संतुलित जीवन का प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। उन्होंने युवाओं से नियमित योग एवं व्यायाम को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि स्वस्थ, ऊर्जावान और अनुशासित युवा ही राज्य एवं देश के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को योग, आयुर्वेद, वेलनेस और प्राकृतिक चिकित्सा के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। नई योग नीति के माध्यम से योग एवं ध्यान केंद्रों को प्रोत्साहन, योग प्रशिक्षकों को सहयोग तथा योग एवं वेलनेस आधारित रोजगार के नए अवसर विकसित किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से प्रतिदिन योग को अपनाने, स्वस्थ एवं अनुशासित जीवनशैली अपनाने, नशामुक्त समाज के निर्माण में योगदान देने तथा योग के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश के युवा योग को जनआंदोलन का स्वरूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे तथा स्वस्थ, समृद्ध और सशक्त उत्तराखंड के निर्माण में सहभागी बनेंगे।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, विधायक विनोद चमोली, मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल, सचिव आयुष रंजना राजगुरु, जिलाधिकारी देहरादून डॉ. आशीष चौहान एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक परमेंद्र डोभाल मौजूद थे।

टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत अगले एक हफ़्ते में मरीजों की सामान्य जाँच आंकलन कार्य को 100 प्रतिशत पूर्ण करने के निर्देश

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने ज़िलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक के दौरान टीबी मुक्त भारत अभियान की कुछ जनपदों में धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त की। मुख्य सचिव ने ऐसे जनपदों के मुख्य चिकित्सा अधिकारी को प्रतिकूल प्रविष्टि दिए जाने के निर्देश दिए हैं, जिनका मरीजों का सामान्य जाँच आंकलन प्रतिशत 60 प्रतिशत से कम रहा है।

मुख्य सचिव ने प्रदेश में टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा के दौरान कड़ी नाराजगी व्यक्त की। मुख्य सचिव ने अगले एक हफ़्ते में मरीजों की सामान्य जाँच आंकलन कार्य को 100 प्रतिशत पूर्ण किये जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इसके लिए उच्च संवेदनशील और जोखिम वाले गांवों को प्राथमिकता के आधार पर लिए जाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने डीजी हेल्थ स्तर पर इस अभियान की प्रतिदिन समीक्षा और निगरानी किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कम स्क्रीनिंग वाले जनपदों पर विशेष ध्यान दिए जाने की बात कही। उन्होंने सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत स्क्रीनिंग बढ़ाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने टीबी मुक्त भारत अभियान को प्रभावी तरीके से संचालित किए जाने के लिए लक्ष्य निर्धारित किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने मातृ स्वास्थ्य के तहत् प्रसवपूर्व देखभाल में सुधार लाने के लिए गर्भावस्था की प्रथम तिमाही पर पंजीकरण बढ़ाए जाने पर विशेष ध्यान दिये जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इससे उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था का बेहतर प्रबंधन किया जा सकेगा। उन्होंने हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की पहचान और उनका बेहतर प्रबन्धन सुनिश्चित किए जाने हेतु आवश्यक कदम उठाए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी जनपदों में एएनसी जांच बढ़ाए जाने की बात भी कही। कहा कि सभी जनपदों में जन्म प्रतीक्षा गृहों की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही महिला एवं बाल विकास विभाग के वन स्टॉप सेंटर्स को भी इस हेतु प्रयोग किया जा सकता है।

मुख्य सचिव ने कहा कि मानसून सीजन के दृष्टिगत दूरस्थ क्षेत्रों में चिन्हित हाई-रिस्क महिलाओं को बर्थ वेटिंग होम्स में शिफ्ट किया जाए। हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी और प्रसव के बाद हाई-रिस्क माताओं की पहचान और मैनेजमेंट को मज़बूत किया जाए, ताकि रोकी जा सकने वाली मातृ-मृत्यु दर को कम किया जा सके।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव एल. फैनाई, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, सचिव शैलेश बगौली, नितेश झा, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, चंद्रेश कुमार यादव, डॉ. आर. राजेश कुमार, बृजेश कुमार संत, विनय शंकर पाण्डेय, डॉ . एस. एन. पाण्डेय, विनोद कुमार सुमन, आयुक्त दीपक रावत एवं आनन्द स्वरूप सहित जनपदों से जिलाधिकारी उपस्थित थे।

देहरादून में पूर्व विधायक सुरेश राठौर की जमानत अर्जी स्वीकार, हुए रिहा

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट देहरादून की अदालत ने पूर्व विधायक सुरेश राठौर को जमानत दी है। इस संबंध में पूर्व विधायक राठौर के अधिवक्ता अभिलाष शर्मा और कार्तिक पांडेय ने अदालत में मजबूत पैरवी करते हुए जमानत के लिये प्रार्थना पत्र दाखिल किया था।

अधिवक्ता अभिलाष शर्मा व कार्तिक पांडेय ने अदालत को बताया कि आरोपी सुरेश राठौर के विरूद्ध दिनांक 14.06.2026 को धारा 308(6) भारतीय न्याय संहिता, 2023 की वृद्धि की गई। उससे पूर्व आरोपी को धारा 35(3) भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के नोटिस पर छोड़ा गया था। बताया कि धारा 308(6) भारतीय न्याय संहिता, 2023 का अपराध जमानती प्रकृति का है।

अधिवक्ता ने बताया कि आरोपी के विरूद्ध आपराधिक अपराध केवल धारा 353(2) भारतीय न्याय संहिता, 2023 अजमानती प्रकृति का है, जिसमें अधिकतम तीन वर्ष के कारावास की सजा है। बताया कि आरोपी को अरेस्ट करने की कोई आवश्यकता नहीं थी, लेकिन पुलिस द्वारा मनमाने तरीके से आरोपी को अरेस्ट कर जेल भेजा गया है।

इस संबंध में न्यायधीश रवि प्रकाश की अदालत ने आरोपी सुरेश राठौर की जमानत स्वीकारते हुए एक लाख रूपये का व्यक्तिगत बन्ध पत्र एवं समान धनराशि के दो सक्षम व विश्वसनीय जमानती प्रस्तुत करने के बाद सुरेश राठौर को रिहा किया।