सामूहिक कन्या पूजन कर सीएम ने लिया माताओं का आशीर्वाद

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रेमनगर, देहरादून स्थित सनातन धर्म मंदिर परिसर में आयोजित सामूहिक कन्या पूजन कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों को चैत्र नवरात्र की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि चैत्र नवरात्र केवल आस्था का पर्व नहीं, बल्कि श्रद्धा, भक्ति एवं संस्कारों के माध्यम से शक्ति उपासना का महापर्व है। उन्होंने 1100 कन्याओं के पूजन को अत्यंत सौभाग्यपूर्ण बताते हुए आयोजन समिति की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में नारी सम्मान को सुदृढ़ करने तथा ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसे मूल्यों को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में कन्या को साक्षात देवी स्वरूप माना गया है। शास्त्रों में भी कन्याओं को अत्यंत सम्मानजनक स्थान दिया गया है। बेटियां अपने संस्कार, स्नेह और त्याग से समाज को सशक्त और समृद्ध बनाती हैं तथा हमारी संस्कृति और परंपराओं की सशक्त वाहक हैं। उन्होंने कहा कि कन्या पूजन के इस पावन अवसर पर समाज को यह संकल्प लेना चाहिए कि प्रत्येक बेटी को शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान का अधिकार सुनिश्चित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र एवं राज्य सरकार बेटियों के सशक्तिकरण हेतु निरंतर कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा बेटियों की शिक्षा और प्रोत्साहन के लिए छात्रवृत्ति, कक्षा 9 में प्रवेश पर साइकिल वितरण, 12वीं उत्तीर्ण करने पर प्रोत्साहन राशि, तथा सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण जैसी व्यवस्थाएं लागू की गई हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजीकृत निर्माण श्रमिकों की बेटियों के सामूहिक विवाह हेतु 61 हजार रुपये तथा व्यक्तिगत विवाह हेतु 55 हजार रुपये तक की सहायता दी जा रही है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को विवाह सहायता के रूप में 50 हजार रुपये तक का अनुदान प्रदान किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार नंदा गौरा योजना, गौरा देवी कन्याधन योजना, मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना, पोषाहार योजना सहित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से बेटियों के जन्म से लेकर शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार तक हर स्तर पर उनके सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नवरात्र के नौ दिवस केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आत्मशुद्धि, सेवा, विनम्रता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को सुदृढ़ करने का अवसर भी प्रदान करते हैं। कन्या पूजन हमारी परंपरा के साथ-साथ सेवा, करुणा और विनम्रता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे हर बेटी की रक्षा, शिक्षा और प्रगति का संकल्प लें, जिससे कन्या पूजन की भावना वास्तविक रूप से सार्थक हो सके।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रेमनगर स्थित गुरुद्वारा में माथा टेका।

इस अवसर पर विधायक सविता कपूर, भाजपा के महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल, आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय रोहिला, उपाध्यक्ष छावनी परिषद देहरादून विनोद पंवार, भाजपा नेता विनय गोयल एवं अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।

चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने माँ कालिका मंदिर में की पूजा-अर्चना

चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज देहरादून स्थित माँ कालिका मंदिर, पलटन बाजार में पहुंचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति एवं खुशहाली के लिए माँ भगवती से प्रार्थना की।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि नवरात्रि का पर्व शक्ति, श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक है। यह पर्व हमें सकारात्मक ऊर्जा, आत्मबल तथा समाज में एकता और समरसता का संदेश देता है। उन्होंने प्रदेशवासियों के सुखद, स्वस्थ एवं समृद्ध जीवन की कामना करते हुए माँ कालिका से आशीर्वाद प्राप्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से हर वर्ग तक लाभ पहुंचाने का कार्य निरंतर किया जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि माँ भगवती की कृपा से प्रदेश विकास के नए आयाम स्थापित करेगा।

इस अवसर पर मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या उपस्थित रही। मुख्यमंत्री ने मंदिर में उपस्थित श्रद्धालुओं से संवाद कर उन्हें नवरात्रि की शुभकामनाएं भी दीं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के पुनरोद्धार और विकास के लिए अभूतपूर्व कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज भारत अपनी सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और पुनर्जागरण के नए युग में प्रवेश कर चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या में भव्य श्री राम मंदिर का निर्माण भारत की आस्था, श्रद्धा और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक है। इसी प्रकार उत्तराखंड में बद्रीनाथ धाम के पुनर्विकास हेतु बद्रीनाथ मास्टर प्लान के अंतर्गत व्यापक कार्य किए जा रहे हैं, जबकि केदारनाथ धाम में आपदा के बाद हुए पुनर्निर्माण कार्यों ने पूरे विश्व में एक मिसाल प्रस्तुत की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं और धार्मिक पहचान को सुरक्षित रखने के लिए निरंतर प्रयासरत है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में किसी भी प्रकार का डेमोग्राफिक परिवर्तन (जनसंख्या असंतुलन) नहीं होने दिया जाएगा तथा राज्य की मूल संस्कृति और पहचान की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मां भगवती की कृपा से भारत तेजी से प्रगति के पथ पर अग्रसर है और वर्ष 2047 तक “विकसित भारत” के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सभी नागरिकों का योगदान अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे इस लक्ष्य की प्राप्ति में अपनी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करें।

इस दौरान कैबिनेट मंत्री खजान दास, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे।

नायक से जननायक पुष्कर सिंह धामी पंचांग कैलेंडर का हुआ विमोचन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में पंचांग टेबल कैलेंडर ‘‘उत्तराखण्ड़ की मिट्टी से-नायक से जन नायक पुष्कर सिंह धामी’’ का विमोचन किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पंचांग कैलेंडर में तिथि, वार, पक्ष, मास, पर्व एवं विशेष दिवसों की जानकारी के साथ पारंपरिक त्योहारों, व्रतों आदि को दर्शाया गया है। मुख्यमंत्री ने ऐसे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इससे लोगों को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलेगा। इस कैलेंडर की संकल्पना मुख्यमंत्री के मीडिया समन्वयक मदन मोहन सती द्वारा की गई है।

इस पंचाग टेबल कैलेंडर में मुख्यमंत्री द्वारा जनहित में लिए गये दूरदर्शी र्निणयों राज्य सरकार की योजनाओं, उपलब्धियों तथा जनकल्याणकारी नीतियों को भी समाहित किया गया है। इस अवसर पर मीडिया सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रो. गोविन्द सिंह, दीप कोश्यारी, किशोर भट्ट आदि उपस्थित थे।

पीएम मोदी ने चार वर्ष के कार्यकाल पर दी राज्य सरकार को दी बधाई

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार के चार वर्ष पूरे होने पर शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री को भेजे गए अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा है कि मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड विकास, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तराखंड की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि देवभूमि सदियों से आस्था, अध्यात्म, साहस और समृद्ध परंपराओं की भूमि रही है। यहां की विविध भाषाएं-बोलियां, लोक परंपराएं और सरल जीवनशैली प्रदेश को विशिष्ट पहचान देती हैं। उन्होंने कहा कि जब से केंद्र में हमारी सरकार बनी है, तब से उत्तराखंड ‘विकसित भारत’ के संकल्प के अनुरूप लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। चार धाम ऑल वेदर रोड परियोजना के तहत चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है, वहीं ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन के माध्यम से प्रदेश में रेल संपर्क को मजबूत किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने प्रदेश के सीमांत क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बढ़ाने और शीतकालीन पर्यटन को प्रोत्साहित करने के प्रयासों को भी सराहा। उन्होंने कहा कि इन पहलों से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिला है, बल्कि पलायन रोकने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में भी मदद मिली है। अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने राज्य सरकार द्वारा स्थानीय उत्पादों के प्रोत्साहन, महिला सशक्तिकरण, युवाओं के लिए रोजगार सृजन, स्टार्टअप्स को बढ़ावा तथा डिजिटल और हरित विकास जैसे प्रयासों को सराहनीय बताया। साथ ही, आपदा प्रबंधन की सुदृढ़ व्यवस्था और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता को राज्य की प्रगति के लिए महत्वपूर्ण बताया।
प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि ‘अमृत काल’ में विकसित भारत के निर्माण में उत्तराखंड की भूमिका और मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर, समृद्ध और सुदृढ़ उत्तराखंड के निर्माण में प्रदेश के प्रत्येक नागरिक की सहभागिता अहम है।
अंत में प्रधानमंत्री ने राज्य के नागरिकों को भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं देते हुए आशा व्यक्त की कि आने वाले वर्षों में उत्तराखंड विभिन्न क्षेत्रों में नई उपलब्धियां हासिल करेगा।

पूरा हो रहा देवभूमि का गौरव पुनर्स्थापित करने का संकल्प: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सरकार के चार वर्ष पूरा होने पर परेड ग्राउंड में आयोजित 4 साल बेमिसाल कार्यक्रम को संबोधित किया। इस मौके पर उन्होने विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी किया।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को नवरात्र की शुभकामनाओं देने के साथ अपनी बात रखते हुए कहा कि आज से चार वर्ष पूर्व प्रदेश की जनता ने सभी मिथकों तोड़कर, उन्हें पुन: राज्य की सेवा का अवसर प्रदान किया था। इसके बाद इसी मैदान में शपथ ग्रहण के दौरान उन्होंने राज्य आंदोलनकारियों के सपनों के अनुसार देवभूमि के गौरव को पुनर्स्थापित करने का संकल्प लिया था। अब चार साल के बाद वो गर्व से कह सकते हैं कि वो संकल्प तेजी से सिद्धि की ओर बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2021 में बाबा केदारनाथ की दिव्य धरा से कहा था कि “21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा। इसलिए प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री के मुख से निकले इन शिवोमयी शब्दों को चरितार्थ करने के संकल्प को लेकर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार ने बीते चार वर्षों में जहां सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रेल एवं हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत कर नागरिकों के जीवन स्तर को ऊँचा उठाने का प्रयास किया है। वहीं, विभिन्न नीतियों और योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के समग्र विकास का विजन प्रस्तुत किया है। इन्हीं प्रयासों से बीते चार वर्षों में राज्य ऐसी कई ऐतिहासिक उपलब्धियों का साक्षी बना है जो किसी भी छोटे राज्य के लिए असंभव समझी जाती थीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहली बार राज्य में जी-20 जैसे वैश्विक सम्मेलन की बैठकों का सफल आयोजन किया गया, वहीं राष्ट्रीय खेलों का भी भव्य आयोजन किया गया। इतना ही नहीं, पहली बार उत्तराखंड में ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट का आयोजन किया गया, जिसमें 3.76 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिसमें से 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश को धरातल पर उतारा जा चुका है।

*रखी सरकार की प्रगति रिपोर्ट*
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि बीते चार साल में राज्य की आर्थिकी में डेढ़ गुना से अधिक की वृद्धि हुई है और बीते एक वर्ष में राज्य की जीएसडीपी में 7.23 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई, साथ ही प्रतिव्यक्ति आय में भी 41 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इस दौरान राज्य में 20 हजार से अधिक नए उद्योग स्थापित हुए हैं, वहीं स्टार्टअप की संख्या 7 सौ से बढ़कर साढ़े 17 सौ हो गई है। यही नहीं इस दौरान 2 लाख 65 हजार से अधिक माताएं-बहनें लखपति दीदी बनी हैं। राज्य सरकार के सतत प्रयासों से रिवर्स पलायन में 44 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की है।

*केंद्र ने भी सराहा*
मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग द्वारा जारी वर्ष 2023-24 के सतत् विकास लक्ष्य इंडेक्स में उत्तराखंड को प्रथम स्थान प्राप्त होने से राज्य सरकार के प्रयासों पर मुहर लगी है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में भी उत्तराखंड को एचीवर्स तथा स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर्स की श्रेणी भी प्राप्त हुई है। नीति आयोग द्वारा जारी इंडिया इनोवेशन इंडेक्स रिपोर्ट में हिमालयी राज्यों की श्रेणी में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ। बीते चार वर्षों से लगातार देश में “मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट” होने का गौरव प्राप्त हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तराखंड को नेशनल लॉजिस्टिक्स इंडेक्स, स्टेट स्टार्टअप इकोसिस्टम, स्टेट एनर्जी एंड ग्रीन इंडेक्स जैसे कई राष्ट्रीय सूचकांकों में भी विभिन्न पुरुस्कार प्राप्त हुए हैं। राज्य को खनन क्षेत्र में किए गए सुधारों के लिए केंद्र सरकार द्वारा जारी “राज्य खनन तत्परता सूचकांक’’ में देशभर में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है, साथ ही, इसके लिए राज्य को 200 करोड़ रुपये का पुरस्कार भी प्रदान किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा लिए गए सख्त और पारदर्शी निर्णयों का ही परिणाम है कि आबकारी और खनन जैसे विभागों से राज्य को पहले की तुलना में कई गुना अधिक राजस्व प्राप्त हो रहा है।

*नई कार्य संस्कृति विकसित*
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार देहरादून को एक आधुनिक और विकसित शहर बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ निरंतर कार्य कर रहे हैं। आज देहरादून में लगभग 14 सौ करोड़ रुपये से अधिक लागत की विभिन्न विकास परियोजनाओं पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के समय केवल घोषणाएं होती थी, तब केंद्र से भेजा गए 1 रुपए में से 15 पैसे ही लोगों तक पहुंच पाते थे। परंतु आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में नई कार्य संस्कृति का सूत्रपात कर शासन व्यवस्था से दलालों और बिचौलियों का सफाया करने का काम किया। इसलिए आज प्रदेश सरकार जिस कार्य का शिलान्यास करती है उसे तय समय में पूर्ण कर उसका लोकार्पण भी करती है।

*30 हजार युवाओं को मिली सरकारी नौकरी*
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पहले प्रदेश में नकल और पेपर लीक के कारण प्रतिभावान युवाओं के सपने चूर-चूर हो जाते थे। इसलिए युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों पर अंकुश लगाने के लिए प्रदेश सरकार सख्त नकल विरोधी कानून लेकर आई। जिसके परिणामस्वरूप पिछले साढ़े 4 चार वर्षों में राज्य के 30 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्राप्त हुई है। आज 100 से अधिक नकल माफिया जेल की हवा खा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व में प्रदेश में भ्रष्टाचार के मामलों में केवल छोटी मछलियों पर ही कार्रवाई होती थी। लेकिन आज प्रदेश में बड़े आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जा रहा है।

*देवभूमि के देवत्व बचाने का प्रयास*
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार देवभूमि के दैवत्व की रक्षा के लिए डेमोग्राफी को भी संरक्षित रखने का प्रयास कर रही है। इसके लिए जहां एक ओर प्रदेश में सख्त धर्मांतरण विरोधी और दंगा विरोधी कानूनों को लागू किया। उन्होने कहा कि प्रदेश सरकार ने सख्त कार्रवाई करते हुए 12 हजार एकड़ से अधिक की सरकारी भूमि को मुक्त कराया है। साथ ही छद्म भेष धारण कर लोगों को ठगने वालों के खिलाफ ऑपरेशन कालनेमि संचालित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने समान नागरिक संहिता कानून लागू कर सभी धर्मों के नागरिकों के लिए एक समान कानून लागू किया है, जिसे देशभर के राष्ट्रवादी सोच के लोगों ने सराहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी वर्ष से जुलाई से उत्तराखंड में सभी मदरसों में सरकारी बोर्ड द्वारा मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम ही पढ़ाया जाएगा।

इससे पहले मुख्यमंत्री ने कनक चौक से कार्यक्रम स्थल तक रोड शो में प्रतिभाग किया। साथ ही विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनियों का भी अवलोकन किया। समारोह में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, गणेश जोशी, खजान दास, राम सिंह कैडा, राज्य सभा सांसद नरेश बंसल, मेयर सौरभ थपलियाल, विधायक सहदेव पुंडीर, उमेश शर्मा काऊ, विनोद चमोली, सविता कपूर, मुन्ना सिंह चौहान, बृजभूषण गैरोला, मुख्य सचिव आनंद वदर्धन, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, प्रमुख सचिव डॉ आरके सुधांशु, एल. फैनई, डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव एसएन पांडेय और आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पांडेय, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल उपस्थित रहे।

पर्यटन में बढ़ते कदम: आस्था, रोमांच और इंफ्रास्ट्रक्चर से उत्तराखण्ड बना फेवरेट डेस्टिनेशन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड पर्यटन के क्षेत्र में लगातार नए आयाम स्थापित कर रहा है। आस्था, रोमांच और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के संगम से राज्य को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर और मजबूत किया जा रहा है।

प्रदेश में तीर्थ यात्राओं को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए बड़े स्तर पर रोपवे परियोजनाओं की शुरुआत की गई है। केदारनाथ धाम के लिए सोनप्रयाग से 12.9 किमी लंबा रोपवे ₹4,081 करोड़ की लागत से बनाया जाएगा। वहीं, हेमकुण्ड साहिब के लिए गोविंदघाट से 12.4 किमी रोपवे ₹2,730 करोड़ की लागत से तैयार किया जाएगा।

इन परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद श्रद्धालुओं की यात्रा समय और कठिनाई दोनों में बड़ी कमी आएगी।

उत्तराखण्ड में पहली बार शीतकालीन यात्रा की शुरुआत की गई, जिससे पर्यटन को वर्षभर बढ़ावा मिल रहा है। इस पहल को प्रोत्साहित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं मुखवा पहुंचे, जो मां गंगा का शीतकालीन निवास स्थल है।

कुमाऊं क्षेत्र में मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के तहत 48 मंदिरों और गुरुद्वारों को एक धार्मिक सर्किट के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी।

केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में मास्टर प्लान के तहत तेजी से कार्य जारी है। बदरीनाथ धाम को स्मार्ट आध्यात्मिक पहाड़ी कस्बे के रूप में विकसित करने के लिए ₹255 करोड़ की योजनाएं संचालित हैं।

इसके साथ ही हरिपुर कालसी में यमुना तीर्थ स्थल का निर्माण और महासू मंदिर, हनोल के मास्टर प्लान को मंजूरी देकर नए धार्मिक स्थलों को भी विकसित किया जा रहा है।

*एडवेंचर और स्पोर्ट्स टूरिज्म को बढ़ावा*

उत्तराखण्ड को एडवेंचर टूरिज्म हब बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। राज्य में 83 प्रमुख हिमालयी चोटियों को पर्वतारोहण के लिए खोल दिया गया है, जिससे देश-विदेश के पर्वतारोहियों को आकर्षित किया जा रहा है।

आदि कैलाश में राज्य की पहली हाई एल्टीट्यूड अल्ट्रा रन मैराथन का आयोजन किया गया, जिसमें 22 राज्यों से 700 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। यह आयोजन एडवेंचर टूरिज्म को नई पहचान दे रहा है।

राज्य ट्रेकिंग, रिवर राफ्टिंग, स्टार गैजिंग का प्रमुख आकर्षण बन कर उभरा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वेड इन उत्तराखंड की अपील के बाद वेडिंग डेस्टिनेशन के तौर पर भी पहचान बन रही है।

चार वर्षों में उत्तराखण्ड ने पर्यटन के क्षेत्र में “आस्था के साथ आधुनिकता” का मॉडल प्रस्तुत किया है। रोपवे, धार्मिक सर्किट, धामों का पुनर्विकास और एडवेंचर गतिविधियों के विस्तार से राज्य पर्यटन में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है।

समावेशी विकास की दिशा में मजबूत कदम, आंदोलनकारियों, सैनिकों और आमजन को धामी सरकार ने दिया सहारा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड सरकार ने अपने चार साल के कार्यकाल में राज्य आंदोलनकारियों, सैनिकों और आमजन के सम्मान व कल्याण को प्राथमिकता देते हुए कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं।

राज्य आंदोलनकारियों के योगदान को सम्मान देते हुए सरकारी नौकरियों में उन्हें 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण प्रदान किया गया है। इसके साथ ही उनके आश्रितों की पेंशन ₹3000 से बढ़ाकर ₹5500 प्रतिमाह कर दी गई है।

वहीं, राज्य आंदोलन के दौरान 7 दिन जेल गए अथवा घायल हुए आंदोलनकारियों की पेंशन भी ₹6000 से बढ़ाकर ₹7000 प्रतिमाह कर दी गई है, जो उनके संघर्ष के प्रति सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है।

सैनिकों के सम्मान में भी बड़े फैसले लिए गए हैं। शहीद सैनिकों के आश्रितों को मिलने वाली अनुग्रह राशि ₹10 लाख से बढ़ाकर ₹50 लाख कर दी गई है। वहीं, परमवीर चक्र विजेताओं के लिए यह राशि ₹50 लाख से बढ़ाकर ₹1.5 करोड़ कर दी गई है।

इसके अलावा, राज्य में अग्निवीर योजना के अंतर्गत सेवा देने वाले युवाओं को भी सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने का निर्णय लिया गया है।

*‘सेवा का संकल्प’ से जन-जन तक पहुंची सरकार*

धामी सरकार की “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” पहल ने जनसेवा के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इस अभियान के तहत प्रदेशभर में 686 शिविर आयोजित किए गए, जिनमें 5.37 लाख से अधिक लोगों ने भाग लिया।

इन शिविरों के माध्यम से 2.96 लाख से अधिक नागरिकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मिला। वहीं, प्राप्त 51,317 शिकायतों में से 33,990 का मौके पर ही समाधान किया गया, जो प्रशासन की तत्परता को दर्शाता है।

डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देते हुए अपुणि सरकार पोर्टल के माध्यम से करीब 950 सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराया गया है, जिससे आम नागरिकों को घर बैठे सुविधाएं मिल रही हैं।

*समाज के हर वर्ग का ध्यान*

सरकार ने वृद्धजनों के लिए वृद्धावस्था पेंशन बढ़ाकर ₹1500 कर दी है, जिससे अब बुजुर्ग दंपत्ति दोनों को इसका लाभ मिल रहा है। इसके अलावा, वृद्ध एवं आर्थिक रूप से कमजोर कलाकारों और लेखकों की मासिक पेंशन ₹3000 से बढ़ाकर ₹6000 करने का निर्णय लिया गया है।

चार वर्षों में लिए गए इन फैसलों से स्पष्ट है कि राज्य सरकार ने न केवल विकास को गति दी है, बल्कि समाज के हर वर्ग—आंदोलनकारी, सैनिक, बुजुर्ग, महिलाएं और आम नागरिक—को साथ लेकर चलने का प्रयास किया है।

सरकार का लक्ष्य “सेवा, सम्मान और सुशासन” के मूल मंत्र के साथ उत्तराखण्ड को एक सशक्त और संवेदनशील राज्य के रूप में स्थापित करना है।

चार साल बेमिसाल: ऐतिहासिक फैसलों से विकास को नई दिशा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड सरकार ने अपने चार वर्ष के दौरान कई ऐसे ऐतिहासिक और सशक्त फैसले लिए, जिनसे राज्य की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत हुई है।

सबसे बड़ी उपलब्धि के रूप में उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य बना, जहां समान नागरिक संहिता लागू की गई। इसके साथ ही राज्य में सशक्त भू-कानून, सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून और दंगारोधी कानून लागू कर कानून-व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।

सरकार ने युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया। इसका परिणाम यह रहा कि बीते चार वर्षों में 30 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां मिलीं, जिससे पारदर्शिता और भरोसा दोनों बढ़े हैं।

शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव करते हुए उत्तराखण्ड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन किया गया, जिसके अंतर्गत मदरसा बोर्ड को समाप्त कर दिया गया है। अब यही प्राधिकरण पाठ्यक्रम और शिक्षा व्यवस्था को नियंत्रित करेगा।

वहीं, अवैध अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए राज्य में 12 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है, जो प्रशासनिक दृढ़ता का बड़ा उदाहरण माना जा रहा है।

*महिलाओं के सशक्तिकरण पर विशेष फोकस*

धामी सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए कई अहम फैसले लिए हैं। सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण लागू किया गया, वहीं सहकारी प्रबंध समितियों में 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया गया है।

महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना शुरू की गई।

प्रदेश में अब तक 2.54 लाख से अधिक महिलाएं “लखपति दीदी” बन चुकी हैं, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का संकेत है। स्वयं सहायता समूहों को ₹5 लाख तक का बिना ब्याज ऋण देकर महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है।

इसके अलावा, मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना की शुरुआत कर महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक रूप से आगे बढ़ाने का प्रयास किया गया है।

*समग्र विकास की ओर बढ़ता उत्तराखण्ड*

चार वर्षों में लिए गए इन फैसलों और योजनाओं ने उत्तराखण्ड को विकास की नई दिशा दी है। मजबूत कानून व्यवस्था, पारदर्शी भर्ती प्रणाली और महिला सशक्तिकरण जैसे कदमों ने राज्य को एक मॉडल स्टेट के रूप में स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ाया है।

देहरादून डीएम ने 136 से अधिक बालिकाओं की शिक्षा को किया पुनर्जीवित

ऋषिपर्णा सभागार कलेक्ट्रेट में आज ‘‘ नंदा-सुनंदा’’ 14वें संस्करण का आयोजन किया गया। नवंरात्र के पावन अवसर पर जिलाधिकारी सविन बसंल ने नंदा-सुनंद देवी रूपी 10 बालिकाओं की शिक्षा को पुनर्जीवित कर की देवियों की स्तुति। नंदा-सुनंदा देवी रूपी 10 बालिकाओं की शिक्षा 2.03 लाख के चैक वितरित किए गए। जिला प्रशासन का प्राजेक्ट ‘‘नंदा-सुनंदा’’ से जनपद अंतर्गत अब तक 136 से अधिक असहाय जरूरतमंद बालिकाओं की शिक्षा को पुनर्जीवित किया जा चुका है। यह पहल समाज के कमजोर वर्गों की बेटियों के लिए आशा की किरण बनकर उभरी है तथा बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक प्रभावी मॉडल के रूप में स्थापित हो रही है।

जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री का सकंल्प है कि जनमानस के विकास, शिक्षा आदि के लिए संचालित योजना के क्रियान्वयन में जिले स्तर पर यदि कहीं कोई गैप रह जाते हैं तो उनको भरते हुए जरूरममंदो को योजना से लाभान्वित किया जाना है।

मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देशन में जिला प्रशासन द्वारा संचालित प्रोजेक्ट ‘‘नंदा-सुनंदा’ का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता प्रदान करना नहीं, बल्कि नंदा-सुनंदा देवी रूपी बालिकाओं को शिक्षित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव मजबूत करना है। इस योजना के माध्यम से ऐसी बालिकाओं को चिन्हित किया जा रहा है जिनके परिवार में किसी दुर्घटना/घटना से परिवार आर्थिक से शिक्षा बाधित हो गई है ऐसी होनहार बालिकाओं जिनमें शिक्षित होकर आगे बढने की ललक है उनकी शिक्षा को पुनर्जीवित कर सशक्त बनाना है।

जिलाधिकारी ने चयन समिति एंव ग्रांउड स्तर पर कार्य कर ही टीम के कार्यों की सराहना भी की। यदि हम किसी बेटी को सशक्त करते हैं तो पूरा कुल सशक्त होता है।

बनियावाला निवासी आराध्या सिंह जिनके पिता की मृत्यु होने के उपरान्त कक्षा 4की शिक्षा बाधित हो गई थी। ग्राम सुद्धोवाला निवासी मान्यता ठाकुर जिनके पिता लापता हैं तथा 05 भाई-बहन है तथा बड़ी बेटी विकलांग है परिवार की आर्थिक स्थिति खराब है बेटी की 10वीं शिक्षा बाधित हो गई है। मोलाराम कालोनी सहस्त्रधारा निवासी माही चौहान जिनके पिता की मृत्यु 2021 में हो गई है परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है। एमडीडीए कालोनी डालनवाला निवासी नियति वासुदेव जिनके पिता नशे के आदी है नशामुक्ति केन्द्र में भर्ती है परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है तथा कक्षा 06 की शिक्षा बाधित हो गई थी। नई बस्ती गुरूरोड पटेलनगर निवासी सोफिया अल्वी पिता की मृत्यु हो चुकी है परिवार की आर्थिक स्थिति दयनीय है।

झंडाबाजार निवासी अनुष्का शर्मा पिता की मृत्यु 2022 में हो गई चुकी माता कपड़े की दुकान काम करती है परिवार की आर्थिक स्थिति रूप से अत्यंत कमजोर होने से कक्षा 9 की शिक्षा बाधित हो गई है। ओगल भट्टा सुभाषनगर निवासी नंन्दनी व नंदिता जिनके पिता 01 वर्ष से अलग रह रहे है तथा माता घरों मे साफ-सफाई कर घर का खर्चा चलाती हैं, माता हार्ट पेंशेंट है तथा नंदनी की कक्षा 6 व नंदिता की कक्षा 4 की शिक्षा बाधित हो गई है। हरिपुर रायवाला निवासी हर्षिता की जिनके पिता की मृत्यु हो गई है परिवार की आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण बीकॉम की शिक्षा बाधित हो गई है। हर्रावाला निवासी त्रिशा जिनकी माता की कैंसर से मृत्यु हो गई है माता के उपचार पर अत्यधिक खर्चा होने के उपरान्त आर्थिक स्थिति खराब हो गई है पिता फीस देने में असमर्थ है तथा कक्षा 5 की शिक्षा बाधित हो गई थी सभी बालिकाओं की शिक्षा को प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा से पुनर्जीवित कर दिया है। पारिवारिक घटनाओं से आर्थिक संकट में फंसे परिवार की बेटियों को प्रोजेक्ट नंदा-सुनदां से शिक्षा पुनर्जीवित सशक्त बनाने बेड़ा उठाया है अब तक 136 बालिकाओं की शिक्षा पुनर्जीवित की गई है।

मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने कहा कि बालिकाएं अपनी पढाई पर ध्यान दें प्रशासन आपकी आगे भी सहायता करता रहेगा। उन्होंने अपेक्षा की सफल होकर अपने जैसे अन्य जरूरतमंदो को आगे बढाएं। पुलिस अधीक्षक नगर प्रमोद कुमार ने कहा कि जिला प्रशासन का यह प्रोजेक्ट सराहनीय है बालिकाओं एवं उनके परिजनों को पुलिस की सहायता की आवश्यकता है तो पुलिस सदैव तत्पर है।

कार्यक्रम में उपस्थित अभिभावकों ने मुख्यमंत्री के निर्देशन में जिला प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए बालिकाओं की शिक्षा पुनर्जीवित करने पर राज्य सरकार का जिला प्रशासन का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस योजना को समाज के लिए प्रेरणादायी बताया।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, पुलिस अधीक्षक नगर प्रमोद कुमार, मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार ढौंडियाल, जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास जितेन्द्र कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट उपस्थित रहे।

प्रदेशभर में धामी सरकार चार साल की उपलब्धि पर चलाएगी कार्यक्रम

राज्य सरकार के चार वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 23 मार्च 2026 से 25 मार्च 2026 तक प्रदेशभर में जन-जन की सरकार-4 साल बेमिसाल’’ थीम के अन्तर्गत तीन दिवस में विभिनन कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे है।

जनपद देहरादून में आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड सरकार द्वारा 23 मार्च 2026 को अपरान्ह् 12ः30 बजे सम्बोधन किया जाएगा, जिसका सजीव प्रसारण राज्य के अन्य 12 जनपदों में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में किया जाएगा।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने जनपद में आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम की तैयारियों एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा बैठक कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कार्यक्रम हेतु तैनात सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी अधिकारी अपने-अपने दायित्वों को भलीभांति समझ लें आपसी समन्वय से व्यवस्था बनाना सुनिश्चित करें ताकि कार्यक्रम के दिवस किसी प्रकार की अव्यवस्था न होने पाए। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि मंच, सिटिंग व्यवस्था, बेरिकेटिंग, लाईट, पेयजल सफाई आदि समुचित व्यवस्थाएं समय से पूर्ण कर ली जाएं। निर्देशित किया कि कार्यक्रम स्थल पर होने वाले कार्यक्रमों की मिनट-2-मिनट कार्यक्रम के अनुसार व्यवस्थाएं बनाई जाए।

जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को स्वास्थ्य परीक्षण, टीकाकरण एवं महिलाओं/युवतियों के लिए विशेष स्वास्थ्य जांच स्टॉल लगाने के निर्देश दिए। समाज कल्याण विभाग को डीडीआरसी के माध्यम से दिव्यांगजनों के प्रमाण पत्र निर्गत करने एवं सहायक उपकरण वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा विद्युत विभाग को निर्बाध विद्युत आपूर्ति, जल संस्थान को स्वच्छ पेयजल, जिला पूर्ति अधिकारी को जलपान व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। लोक निर्माण विभाग को मंच निर्माण एवं बैरिकेडिंग, नगर निगम को स्वच्छता व्यवस्था तथा पुलिस विभाग को सुरक्षा एवं यातायात प्रबंधन की जिम्मेदारी सौंपी गई।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध रूप से पूर्ण कर कार्यक्रम को भव्य एवं सुव्यवस्थित रूप से आयोजित किया जाए। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम सरकार की उपलब्धियों को आमजन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण अवसर है।

समस्त जनपद के मुख्यालयों में 23 मार्च 2026 को कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है जिसमें सूचना विभाग द्वारा राज्य सरकार की उपलब्धियों का प्रचार-प्रसार तथा साहित्य वितरण भी किया जाएगा।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, अपर मुख्य नगर आयुक्त प्रवीन कुमार, पुलिस अधीक्षक नगर प्रमोद कुमार, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व के.के मिश्रा, संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल कुमार, नगर मजिस्ट्रेट प्रत्युष सिंह, उप जिलाधिकारी सदर हरिगिरि, उप जिलाधिकारी अपूर्वा सिंह, मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार ढौंडियाल, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ मनोज शर्मा, निदेशक ग्राम्य विकास अभिकरण विक्रम सिहं, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, अधि.अभि लोनिवि ओपी सिंह, संभागीय परिवहन अधिकारी अनिता चमोला, जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल, जिला पूर्ति अधिकारी के.के अग्रवाल, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास जितेन्द्र कुमार सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।