धामी सरकार का मास्टर स्ट्रोक : देहरादून–हरिद्वार–ऋषिकेश कॉरिडोर को मिलेगा स्मार्ट और जाम मुक्त परिवहन नेटवर्क

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों में उत्तराखंड में आधुनिक और सुदृढ़ आधारभूत ढांचे के निर्माण की दिशा में लगातार ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में राज्य के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक, पर्यटन और प्रशासनिक कॉरिडोर, देहरादून, हरिद्वार और ऋषिकेश को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने के लिए कॉम्प्रीहेन्सिव मोबिलिटी प्लान (CMP)-2024 पर उच्चस्तरीय मंथन किया गया। आवास सचिव डॉ. आर राजेश कुमार की अध्यक्षता में यह महत्वपूर्ण बैठक राज्य सचिवालय में आयोजित हुई, जिसमें इस पूरे कॉरिडोर की परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, सुव्यवस्थित और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक की शुरुआत मैसर्स यूएमटीसी द्वारा CMP-2024 के अद्यतन प्रस्तावों के प्रस्तुतीकरण से हुई, जिसमें देहरादून (देहरादून शहर, विकासनगर, ऋषिकेश) और हरिद्वार (हरिद्वार शहर, रुड़की, भगवानपुर) क्षेत्र की मौजूदा यातायात चुनौतियों और उनके समाधान को विस्तार से रखा गया। इसके बाद विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने योजना के तकनीकी, सामाजिक और आर्थिक पहलुओं पर गहन विचार-विमर्श किया। सचिव आवास ने निर्देश दिए कि CMP के सभी प्रस्तावों को संबंधित मास्टर प्लान में अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए, ताकि आने वाले समय में शहरी परिवहन अधिक प्रभावी और सुव्यवस्थित हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में तैयार होने वाली सभी योजनाओं में एकीकृत परिवहन प्रणाली की अवधारणा को केंद्र में रखा जाए।

*बढ़ते यातायात दबाव का समाधान, लोगों को मिलेगा राहतभरा सफर*
देहरादून–हरिद्वार–ऋषिकेश कॉरिडोर वर्तमान में राज्य का सबसे व्यस्त क्षेत्र बन चुका है। SIDCUL जैसे औद्योगिक क्षेत्रों के विस्तार, तेजी से हो रहे शहरीकरण और पर्यटन गतिविधियों में वृद्धि के चलते यहां यातायात का दबाव लगातार बढ़ रहा है। पीक आवर्स में जाम, अव्यवस्थित पार्किंग, सीमित सड़क क्षमता और सार्वजनिक परिवहन की कमी जैसी समस्याएं आम लोगों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। CMP-2024 इन चुनौतियों का दीर्घकालिक और प्रभावी समाधान प्रस्तुत करता है, जिससे आमजन को राहत मिलने की उम्मीद है। इस योजना के तहत परिवहन को लोग-केंद्रित, सुरक्षित और टिकाऊ बनाने पर विशेष जोर दिया गया है। सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने, निजी वाहनों पर निर्भरता कम करने और पैदल व साइकिल चालकों के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित करने की दिशा में कई ठोस कदम प्रस्तावित किए गए हैं। इससे न केवल यातायात व्यवस्था सुधरेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा और प्रदूषण के स्तर में कमी आएगी।

*ई-बीआरटीएस, रोपवे और स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम से बदलेगा कॉरिडोर का स्वरूप*
CMP-2024 के अंतर्गत कई महत्वाकांक्षी परियोजनाएं प्रस्तावित की गई हैं, जो इस पूरे कॉरिडोर की तस्वीर बदलने की क्षमता रखती हैं। देहरादून, हरिद्वार और ऋषिकेश के बीच लगभग 73 किलोमीटर लंबी ई-बीआरटीएस (इलेक्ट्रिक बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) प्रणाली विकसित करने की योजना है, जिससे तीनों शहरों के बीच आवागमन तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक होगा। इसके अलावा हरिद्वार में पर्सनल रैपिड ट्रांजिट (PRT) सिस्टम लागू करने का प्रस्ताव है, जो विशेष रूप से धार्मिक पर्यटन को नई दिशा देगा। धार्मिक और पर्यटन स्थलों के लिए रोपवे परियोजनाओं का विकास भी इस योजना का अहम हिस्सा है, जिससे यातायात का दबाव कम होगा और यात्रियों को बेहतर अनुभव मिलेगा। इसके साथ ही स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITS), आधुनिक सिग्नलिंग, पार्किंग प्रबंधन और बाईपास सड़कों के निर्माण पर भी जोर दिया गया है। ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) के माध्यम से शहरों का समेकित विकास सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे परिवहन और शहरी जीवनशैली के बीच बेहतर तालमेल स्थापित हो सके।

*कांवड़ और कुंभ जैसे आयोजनों में मिलेगी बड़ी राहत*
विशेषज्ञों का मानना है कि CMP-2024 के लागू होने से कांवड़ मेला और कुंभ जैसे बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान यातायात प्रबंधन में व्यापक सुधार देखने को मिलेगा। हर साल लाखों श्रद्धालुओं के आगमन से इस कॉरिडोर पर भारी दबाव पड़ता है, लेकिन नई योजना के लागू होने के बाद यातायात अधिक सुगम, व्यवस्थित और सुरक्षित हो सकेगा। इससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और प्रशासन के लिए भी व्यवस्थाएं संभालना आसान होगा। कुल मिलाकर यह योजना धामी सरकार की विकासोन्मुखी और दूरदर्शी सोच का प्रतिबिंब है, जो उत्तराखंड को एक आधुनिक, सुव्यवस्थित और पर्यावरण-अनुकूल राज्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

बैठक में उत्तराखण्ड मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक बृजेश कुमार मिश्रा, निदेशक (वित्त) संजीव मेहता, महाप्रबंधक (सिविल) संजय जी. पाठक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने CMP-2024 को राज्य के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए इसके प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया।

*सरकार की दूरदर्शी सोच, विकास को मिलेगी नई रफ्तार*
आवास सचिव डॉ. आर राजेश कुमार ने कहा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार उत्तराखंड के प्रमुख शहरी क्षेत्रों को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। CMP-2024 इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसमें एकीकृत और आधुनिक परिवहन प्रणाली पर विशेष ध्यान दिया गया है। हमारा उद्देश्य है कि देहरादून, हरिद्वार और ऋषिकेश के बीच आवागमन को अधिक सुरक्षित, सुगम और समयबद्ध बनाया जाए। ई-बीआरटीएस (इलेक्ट्रिक बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम), रोपवे, स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट और ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट जैसी योजनाएं न केवल यातायात समस्याओं का समाधान करेंगी, बल्कि राज्य के पर्यटन और आर्थिक विकास को भी नई गति देंगी। आने वाले समय में यह कॉरिडोर देश के अन्य राज्यों के लिए एक मॉडल के रूप में स्थापित होगा।

सीएम धामी ने रामनवमी पर मुख्यमंत्री आवास में किया कन्या पूजन

रामनवमी के शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री आवास में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कन्या पूजन कर देवी स्वरूपा बालिकाओं का सम्मान किया। इस दौरान उन्होंने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार कन्याओं को भोजन कराया तथा उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को रामनवमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा, “समस्त प्रदेशवासियों को मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव श्री रामनवमी की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। भगवान श्रीराम का संपूर्ण जीवन चरित्र हमें कर्तव्यनिष्ठा के साथ सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभु श्रीराम से प्रार्थना है कि सभी का जीवन सुख, समृद्धि एवं खुशहाली से परिपूर्ण हो तथा प्रदेश निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर रहे। उन्होंने कहा कि रामनवमी का पर्व मर्यादा, आदर्शों और नैतिक मूल्यों के प्रति हमारी आस्था को और अधिक सुदृढ़ करता है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कन्या पूजन हमारी समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण अंग है, जो नारी सम्मान और सामाजिक समरसता का संदेश देता है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों के सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना करते हुए सभी को रामनवमी की शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने किया देहरादून से पिथौरागढ़ विमान सेवा का शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर देहरादून-पिथौरागढ़-देहरादून विमान सेवा का शुभारंभ किया है। इस मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि रामनवमी के शुभ अवसर पर देहरादून से पिथौरागढ़ के लिए 42 सीटर विमान सेवा शुरु होने से पिथौरागढ़ – देहरादून का सफर एक घंटे में पूरा हो सकेगा। उन्होंने कहा कि यह विमान सेवा सामरिक रूप से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय था जब हवाई यात्रा करना केवल विशिष्ट और सम्पन्न वर्ग के लोगों के लिए ही संभव माना जाता था। परंतु आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हवाई चप्पल पहनने वाला आम नागरिक भी हवाई यात्रा कर सकता है। प्रधानमंत्री जी ने वर्ष 2016 में UDAN योजना की शुरुआत कर देश में नागरिक विमानन के क्षेत्र में एक नई क्रांति का सूत्रपात किया था। जिसके माध्यम से छोटे शहरों, दूरस्थ और सीमांत क्षेत्रों को हवाई नेटवर्क से जोड़कर आम नागरिकों को सस्ती दरों पर हवाई सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने दो दिन पूर्व ही उड़ान योजना 2.0 को मंजूरी प्रदान की है। जिसके अंतर्गत, आगामी 10 वर्षों में लगभग 29 हजार करोड़ रुपये के बजट से 100 नए हवाई अड्डों और 200 नए हेलीपैड के विकास का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस योजना का विस्तार विशेष रूप से टियर-2 और टियर-3 शहरों में क्षेत्रीय हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत बनाने तथा दूरस्थ और पहाड़ी क्षेत्रों में सस्ती एवं सुगम हवाई सेवा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया है।

*जीवन रेखा बन चुकी है हवाई सेवाएं*
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य के लिए हवाई सेवाएँ मात्र एक परिवहन का साधन नहीं, बल्कि जीवन रेखा बन चुकी है। दुर्गम और दूरस्थ अंचलों में आवश्यक सामग्री पहुँचाने से लेकर गंभीर रोगियों को त्वरित उपचार के लिए बड़े अस्पतालों तक लाने में हवाई सेवाएं कारगर साबित हो रही हैं। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वर्तमान में उड़ान योजना के अंतर्गत राज्य में 26 हवाई मार्गों का संचालन किया जा रहा है। राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों को हवाई कनेक्टिविटी से जोड़ने के लिए वर्ष 2023 में “उत्तराखण्ड एयर कनेक्टिविटी योजना” प्रारंभ की गई है। वर्तमान में इस योजना के अंतर्गत 6 हवाई मार्गों पर उड़ानों का नियमित संचालन किया जा रहा है। बीते चार वर्षों में प्रदेश में हेलिपोर्ट्स की संख्या 2 से बढ़कर 12 हो गई है। साथ ही, हेलीपैड की संख्या 60 से बढ़कर 118 हो चुकी है। उत्तराखंड को “बेस्ट स्टेट फॉर प्रमोशन ऑफ एविएशन इकोसिस्टम” जैसा राष्ट्रीय सम्मान भी प्राप्त हो चुका है।

*एक घंटे में पूरा होगा पिथौरागढ़ का सफर*
मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून- पिथौरागढ़ हवाई सेवा के प्रारंभ होने से, पिथौरागढ़ के लोग एक घंटे में देहरादून तक पहुंच सकते हैं। इस सेवा से पिथौरागढ़ की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि पहले हमारे सीमांत क्षेत्रों को वर्षों तक उपेक्षित रखा, जिस कारण इन क्षेत्रों में विकास की गति सीमित रही। आज केंद्र और राज्य सरकार मिलकर सीमांत और दूरस्थ क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में काम कर रही हैं। इसी दिशा में चलते हुए पिथौरागढ़ और मुनस्यारी के बीच भी हेली सेवा प्रारंभ की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पिथौरागढ़ हवाई अड्डे को 450 करोड़ रुपये की लागत से विकसित करने का काम भी कर रही है। इसी क्रम में राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री की उपस्थिति में भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण और उत्तराखंड सरकार के मध्य नैनी सैनी हवाई अड्डे के अधिग्रहण के लिए एमओयू भी किया है, जिससे आने वाले समय में इस क्षेत्र को और भी अधिक फायदा मिलेगा।

इस अवसर पर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू ने वीडियो संदेश के जरिए देहरादून- पिथौरागढ़ विमान सेवा के लिए अपनी शुभकामानाएं देते हुए राज्य में हवाई सुविधाओं को बढ़ावा देने का आश्वासन दिया। समारोह में कैबिनेट मंत्री खजान दास, भरत चौधरी, विधायक बृजभूषण गैरोला, पूर्व विधायक चंद्रा पंत, दायित्वधारी हेमराज बिष्ट, एलाइंस एयर के सीएमडी अमित कुमार, उकाडा के सीईओ डॉ. आशीष चौहान, एसीईओ संजय टोलिया मौजूद थे।

देहरादून में आयोजित हुआ राज्य जनजातीय महोत्सव 2026, सीएम धामी पहुंचे

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज परेड ग्राउंड, देहरादून में राज्य जनजातीय शोध संस्थान, उत्तराखंड द्वारा आयोजित उत्तराखंड राज्य जनजातीय महोत्सव 2026 में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर देश के 12 राज्यों से आए जनजातीय वर्ग के प्रतिनिधियों ने अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और परंपराओं के माध्यम से महोत्सव को राष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने थारू लोक गायिका स्वर्गीय रिंकू देवी राणा एवं दर्शन लाल को ‘आदि गौरव सम्मान’ से सम्मानित किया। साथ ही, समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत 14,272.185 लाख रुपये की पेंशन ‘वन क्लिक’ के माध्यम से लाभार्थियों के खातों में हस्तांतरित की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि यह आयोजन केवल एक महोत्सव नहीं, बल्कि जनजातीय समाज की जीवंत विरासत, सादगीपूर्ण जीवन-दर्शन और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि यह मंच जनजातीय भाई-बहनों की पीढ़ियों से संजोई गई लोक परंपराओं और संस्कृति को व्यापक पहचान दिला रहा है तथा राज्य जनजातीय शोध संस्थान को इस भव्य आयोजन के लिए साधुवाद दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज भारतीय संस्कृति की समृद्ध विविधता और प्राचीन परंपराओं का सशक्त आधार है। यह समाज प्रकृति के साथ संतुलित जीवन जीते हुए सतत विकास और सहअस्तित्व का मार्ग दिखाता है तथा सीमांत क्षेत्रों में रहते हुए राष्ट्र की सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक समरसता में महत्वपूर्ण योगदान देता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में आवश्यकता है कि जनजातीय परंपराओं, पारंपरिक ज्ञान और स्थानीय उत्पादों को संरक्षित करते हुए नई पीढ़ी तक प्रभावी रूप से पहुंचाया जाए।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय समाज के सम्मान, स्वाभिमान और विकास के लिए अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना ही सुशासन की पहचान है। इसी सोच के तहत ‘एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय’, ‘प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान’, ‘वन धन योजना’ और ‘प्रधानमंत्री जनजातीय विकास मिशन’ जैसी योजनाएं लागू की गई हैं, जिनसे शिक्षा, रोजगार और आत्मनिर्भरता के नए अवसर सृजित हुए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय ऐतिहासिक है। साथ ही, देशभर में आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों के संग्रहालय स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे नई पीढ़ी प्रेरणा ले सके।

उन्होंने कहा कि यह गर्व का विषय है कि संथाल समाज की बेटी द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन हैं, जो जनजातीय समाज की बढ़ती भागीदारी का प्रमाण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में जनजातीय कल्याण के बजट में तीन गुना वृद्धि की गई है और सीमांत क्षेत्रों के विकास को राष्ट्रीय प्राथमिकता दी गई है। माणा जैसे दूरस्थ क्षेत्र को ‘देश का प्रथम गांव’ कहकर नई पहचान दी गई है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी इसी दिशा में कार्य करते हुए जनजातीय समाज के जीवन स्तर को सुधारने के लिए निरंतर प्रयासरत है। प्रतिवर्ष जनजातीय महोत्सव और जनजातीय खेल महोत्सव के आयोजन का निर्णय लिया गया है। प्रदेश के 128 जनजातीय गांवों को चिन्हित कर उनके समग्र विकास की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए कालसी, मेहरावना, बाजपुर और खटीमा में एकलव्य विद्यालय संचालित हैं, जबकि चकराता और बाजपुर में नए विद्यालय निर्माणाधीन हैं। छात्रवृत्ति, आश्रम पद्धति विद्यालयों और तकनीकी शिक्षा के माध्यम से युवाओं को सशक्त किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि जनजातीय युवाओं के लिए आईटीआई संस्थान, प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु निःशुल्क कोचिंग, तथा मासिक छात्रवृत्ति की व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त, चार जनपदों में जनजाति कल्याण अधिकारियों की नियुक्ति, बेटियों के विवाह हेतु आर्थिक सहायता, तथा शोध संस्थान के लिए कॉर्पस फंड की स्थापना की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम जनमन योजना के अंतर्गत बुक्सा और राजी जनजाति क्षेत्रों में बहुउद्देशीय केंद्र स्थापित किए गए हैं। साथ ही, पिथौरागढ़ में नए एकलव्य विद्यालय के लिए केंद्र से अनुरोध किया गया है।

उन्होंने बताया कि समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत 9 लाख से अधिक लाभार्थियों को मार्च माह की पेंशन के रूप में 142 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि जारी की गई है, जो सरकार की संवेदनशीलता का प्रमाण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय युवाओं को यूपीएससी, पीसीएस और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु देहरादून में ‘आदि लक्ष्य संस्थान’ स्थापित किया जा रहा है, जिसमें बहुउद्देशीय हॉल का निर्माण भी किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने जनजातीय समाज को केवल वोटबैंक के रूप में देखा, जबकि वर्तमान सरकार उनके सम्मान और विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा का जीवन प्रेरणादायी है और उनकी शिक्षाओं से प्रेरित होकर राज्य सरकार सांस्कृतिक अस्मिता की रक्षा के लिए कार्य कर रही है। सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून लागू किया गया है तथा समान नागरिक संहिता लागू करते हुए अनुसूचित जनजातियों को इससे बाहर रखा गया है, ताकि उनकी परंपराएं सुरक्षित रह सकें।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी तथा जनसहभागिता से उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का संकल्प अवश्य पूर्ण होगा।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खजान दास, विधायक सविता कपूर, अपर सचिव संजय सिंह टोलिया, समाज कल्याण विभाग के अधिकारी, विभिन्न राज्यों से आए जनजातीय प्रतिनिधिमंडल तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

प्रदेश के संतुलित एवं समावेशी विकास के लिए प्रदेश सरकार संकल्पित: धामी

कैबिनेट बैठक के उपरांत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ बैठक कर राज्य के विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन व्यवस्था को लेकर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों से अपेक्षा की कि वे जनपदों का नियमित भ्रमण कर संचालित विकास योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण कर वास्तविक प्रगति का आकलन करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता योजनाओं का धरातल पर प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनपद स्तर पर विकास कार्यों की निरंतर निगरानी से न केवल योजनाओं की गुणवत्ता बेहतर होगी, बल्कि जनता का विश्वास भी मजबूत होगा। उन्होंने मंत्रीगणों से कहा कि वे स्थानीय प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों से संवाद स्थापित कर योजनाओं की वास्तविक स्थिति की जानकारी लें। जन- मन की समस्याओं के त्वरित समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विभागीय मंत्री अपने विभागों की नियमित और गहन समीक्षा करें।

मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों से जुड़े विभागों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर भी विशेष बल दिया। सड़क, पेयजल, ऊर्जा, सिंचाई और भवन निर्माण जैसे विभाग यदि समन्वित रूप से कार्य करें तो विकास परियोजनाएं तय समय-सीमा में पूर्ण की जा सकती हैं और जनता को शीघ्र लाभ मिल सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जन अपेक्षाओं के अनुरूप विकास को नई गति देने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश का समग्र और संतुलित विकास ही सरकार का मूल लक्ष्य है, और इसके लिए नीति निर्माण से लेकर क्रियान्वयन तक हर स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित की जा रही है।

सीएम धामी से की बार एसोसिएशन देहरादून के प्रतिनिधिमंडल की शिष्टाचार भेंट

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से आज मुख्यमंत्री आवास में बार एसोसिएशन देहरादून के अधिवक्ताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने उत्तराखंड सरकार के सफलतापूर्वक चार वर्ष पूर्ण होने पर मुख्यमंत्री को शुभकामनाएं दीं एवं राज्य के समग्र विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।

प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा न्यायिक व्यवस्था को सुदृढ़ एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से अधिवक्ताओं के हितों के संरक्षण, न्यायालय परिसरों में सुविधाओं के विस्तार एवं न्यायिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने हेतु किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।

इस दौरान नई आपराधिक संहिताओं के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में भी विस्तृत चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि नई संहिताओं के लागू होने से न्याय प्रणाली अधिक सुदृढ़, त्वरित एवं जनोन्मुखी बनेगी। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में अधिवक्ताओं की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि न्याय व्यवस्था को प्रभावी बनाने में बार और बेंच के बीच समन्वय आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार न्यायिक अधोसंरचना के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। न्यायालय परिसरों का आधुनिकीकरण, डिजिटल सुविधाओं का विस्तार, ई-कोर्ट प्रणाली को बढ़ावा तथा न्यायिक प्रक्रियाओं को सरल एवं पारदर्शी बनाने के लिए अनेक पहल की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं की सुविधा हेतु बार भवनों के निर्माण, पुस्तकालयों के सुदृढ़ीकरण तथा अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यह भी कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था को मजबूत करने, न्यायिक प्रक्रियाओं में तेजी लाने तथा आमजन को सुलभ न्याय उपलब्ध कराने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने आश्वस्त किया कि अधिवक्ताओं एवं बार संगठनों के सुझावों को प्राथमिकता के साथ लिया जाएगा तथा न्यायिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने हेतु हर संभव कदम उठाए जाएंगे।

ऐसी नदियां जिसमें कटान के कारण प्रत्येक वर्ष कार्य होता है, चिन्हित कर चैनलाईजेशन की योजना तैयार करें: बर्द्धन

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में राज्य आपदा मोचन निधि एवं राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि मद के अंतर्गत प्राप्त प्रस्तावों के अनुमोदन हेतु राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक आहूत हुई। बैठक के दौरान जनपदों से प्राप्त विभिन्न प्रस्तावों को संस्तुति प्रदान की गई।

मुख्य सचिव ने कहा कि समिति के समक्ष प्रस्तावों को जनपद स्तरीय समिति की सिफारिश पर जिलाधिकारी के माध्यम से प्रेषित किया जाए। मुख्य सचिव ने सिंचाई विभाग को नदियों की डेजिंग/माइनिंग की एसओपी शीघ्र जारी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बाढ़ सुरक्षा कार्यों से सम्बन्धित प्रस्तावों को सिंचाई विभाग की इस हेतु गठित समिति द्वारा टीएसी के उपरान्त राज्य कार्यकारिणी समिति के समक्ष प्रस्तुत किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन नदियों में कटान के कारण प्रत्येक वर्ष कार्य कराना पड़ रहा है, उन्हें चिन्हित कर चैनलाईजेशन की योजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि सितारगंज में बैगुल नदी के लिए अध्ययन करा लिया जाए।

मुख्य सचिव ने जनपद नैनीताल के चार्टन लॉज को भू-स्खलन से सुरक्षा प्रदान (लागत रू0 699.98 लाख), जनपद पिथौरागढ़ में खोटिला लैंड और घटधार, धारचुला में हिल का ड्रेनेज का कार्य एवं विभिन्न स्थलों पर भू-स्खलन संबंधी कार्य (लागत रू0 3840.78 लाख), जनपद हरिद्वार के मनसा देवी हिल बाईपास रोड का डेªनेज और भूस्खलन सम्बन्धित कार्य (लागत रू0 4124.83 लाख), जनपद अल्मोडा के दुधौली बैण्ड से पंचायत घर मोटर मार्ग के कि0मी0 2.00 में एच0पी0बैण्ड पर मार्ग सुरक्षात्मक कार्य (लागत रू0 34.75 लाख), जनपद उत्तरकाषी के धराली झुला पुल का सुरक्षात्मक कार्य (लागत रू0 147.13 लाख), जनपद उत्तरकाषी के नगर पालिका परिशद पुरोला में टैक्सी स्टैण्ड के ऊपर से हो रहे भूस्खलन को रोकने हेतु सुरक्षात्मक कार्य (लागत रू0 128.37 लाख), जनपद उत्तरकाषी के हर्षिल मुखवा मोटर मार्ग का सुरक्षात्मक कार्य (लागत रू0 472.00 लाख), विकास खण्ड सितारगंज में बैगुल नदी के दॉये एवं बॉये पार्श्व में ग्राम रूदपुर के आबादी क्षेत्रों की बाढ़ सुरक्षा कार्य (लागत रू0 146.67 लाख), विकासखण्ड सितारगंज में बैगुल नदी के दांये पार्ष्व में ग्राम बीसर्क्वाटर के आबादी क्षेत्र की बाढ़ सुरक्षा योजना (लागत रू0 148.48 लाख), तहसील जसपुर में फीका नदी की बाढ़ से ग्राम हजीरों की सुरक्षा दीवार निर्माण कार्य (लागत रू0 419.82 लाख), जनपद नैनीताल में कौशल्यापुरी क्षेत्र की जल भराव की समस्या का समाधान कार्य (लागत रू0 84.77 लाख), रामनगर, नैनीताल के कानियॉ नई बस्ती एवं हिम्मतपुर डोटियाल के आबादी क्षेत्र को बरसाती नाले से जल भराव सुरक्षा कार्य (लागत रू0 112.15 लाख), जनपद देहराूदन के विकासखण्ड रायपुर में डिफेंस कालोनी जोगीवाला एवं बद्रीपुर में बाढ़ सुरक्षा कार्य (लागत रू0 460.45 लाख), जनपद देहरादून के डोईवाला विधानसभा क्षेत्र में दुल्हनी नदी के विभिन्न स्थानों पर यथा, निर्मल कालोनी, बनसरी पुरम, दिल्ली फार्म, लक्ष्मणसिद्ध मंदिर, नकरोंदा रोड (विवेक विहार, वायु विहार) में सुरक्षात्मक कार्य (लागत रू0 412.70 लाख), जनपद देहरादून के विधानसभा क्षेत्र कैंट के अंतर्गत टोंस नदी के बांये तट पर स्थित स्वर्गाश्रम एवं गोषाला की सुरक्षा दीवार का निर्माण (लागत रू0 186.28 लाख) एवं जनपद देहरादून के विकासखण्ड सहसपुर के टौन्स नदी के बांये तट पर स्थित जलवायु टावर की क्षतिग्रस्त दीवार का निर्माण कार्य (लागत रू0 88.36 लाख) सहित अन्य विभिन्न कार्यों को स्वीकृति प्रदान की।

राज्य आपदा मोचन निधि के अन्तर्गत विभिन्न मदों में अतिरिक्त धनराशि आवंटन हेतु उपलब्ध कराये गये प्रस्तावों के सापेक्ष कुल रु0 34.00 करोड की वित्तीय स्वीकृतियों के संबंध में कार्योत्तर अनुमोदन प्रदान किया गया।

इस अवसर पर सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय एवं विनोद कुमार सुमन सहित सम्बन्धित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

उत्तरांचल प्रेस क्लब द्वारा आयोजित क्रिकेट टूर्नामेंट का सीएम धामी ने किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज, देहरादून में उत्तरांचल प्रेस क्लब द्वारा आयोजित मंजुल सिंह मांजिला स्मृति अंतर क्रिकेट टूर्नामेंट का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वयं क्रिकेट खेलकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और खेल भावना को बढ़ावा दिया।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि खेल शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। खेलों के माध्यम से युवाओं में अनुशासन, टीमवर्क, नेतृत्व क्षमता तथा संघर्षशीलता जैसे गुणों का विकास होता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में खेल सुविधाओं के विस्तार और खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में “खेलो इंडिया” और “फिट इंडिया मूवमेंट” जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से देश में खेल संस्कृति को प्रोत्साहित करने की मजबूत नींव रखी गई है। इन पहलों से युवाओं को खेलों से जुड़ने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा मिल रही है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खजान दास, विधायक उमेश शर्मा काऊ, निदेशक खेल डॉ. आशीष चौहान, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, उत्तरांचल प्रेस क्लब के अध्यक्ष अजय सिंह राणा सहित क्लब के पदाधिकारी एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

चार धाम यात्रा को लेकर सीएम धामी का बयान, बोले श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चार धाम यात्रा-2026 की तैयारियों के संबंध में कहा कि चार धाम यात्रा प्रदेशवासियों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण अवसर है। इस दौरान उत्तराखण्डवासी देश और दुनिया भर से आने वाले श्रद्धालुओं का आत्मीय स्वागत करते हैं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष चार धाम यात्रा का शुभारंभ 19 अप्रैल से है, जिसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां युद्धस्तर पर की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रा को सुचारू, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए सड़कों के सुदृढ़ीकरण, अवस्थापना सुविधाओं के विकास, दर्शन व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधन तथा परिवहन व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए है कि यात्रा मार्गों पर सभी मूलभूत सुविधाएं—जैसे पेयजल, शौचालय, स्वास्थ्य सेवाएं और यातायात प्रबंधन—सुनिश्चित किए जाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2025 की यात्रा प्राकृतिक आपदाओं के कारण डेढ़ महीने से अधिक समय तक बाधित रही थी, इसके बावजूद 51 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने चार धाम के दर्शन किए। उन्होंने कहा कि जानकारी दी कि वर्ष 2026 की चार धाम यात्रा के लिए अब तक 10 लाख से अधिक श्रद्धालु पंजीकरण करा चुके हैं। साथ ही गढ़वाल मंडल विकास निगम (GMVN) के अतिथि गृहों में 5 करोड़ रुपये से अधिक की अग्रिम बुकिंग हो चुकी है, जो यात्रा के प्रति बढ़ते उत्साह को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं सुखद चार धाम दर्शन कराना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। इसके लिए शासन एवं प्रशासन को लगातार सतर्क रहते हुए व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यात्रा से जुड़े सभी हितधारकों—जैसे अतिथि गृह संचालक, ढाबा संचालक, टैक्सी एवं परिवहन सेवाओं से जुड़े लोग—के साथ अभी से समन्वय एवं संवाद स्थापित कर लिया गया है, ताकि यात्रा के दौरान बेहतर सेवाएं सुनिश्चित की जा सकें।

उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा समय-समय पर चार धाम यात्रा से संबंधित आवश्यक सूचनाएं श्रद्धालुओं तक पहुंचाई जाती रहेंगी, जिससे वे अपनी यात्रा को बेहतर ढंग से नियोजित कर सकें। शासन को चार धाम यात्रा की तैयारी की निरंतर समीक्षा के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी स्वयं चार धाम यात्रा की तैयारियों की जल्द ही समीक्षा करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से चार धाम यात्रा-2026 को और अधिक सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं श्रद्धालु-अनुकूल बनाया जाएगा।

सीएम आवास में मुख्यमंत्री धामी की मौजूदगी में हुआ शहद निष्कासन कार्य

मुख्यमंत्री आवास परिसर में शहद निष्कासन कार्य किया गया। पहले चरण में 60 किलोग्राम शहद निकाला किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उद्यान विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि मुख्यमंत्री आवास परिसर एवं आस-पास के क्षेत्र में 3-बी गार्डन (बी- फ्रेंडली गार्डन, बटर – फ्लाई फ्रेंडली गार्डन एवं बर्ड फ्रेंडली गार्डन) विकसित करने की दिशा में कार्य किये जाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में मौन पालन की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में प्रचुर मात्रा में फूलों की प्रजातियां हैं, जो उच्च गुणवत्ता वाले जैविक शहद उत्पादन में सहायक हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में औषधीय गुणों वाला शहद तैयार करने के लिए लोगों को प्रेरित किया जाए।

इस अवसर पर उद्यान प्रभारी दीपक पुरोहित और चेयरमैन देवभूमि पर्वतीय ग्रामोद्योग विकास संस्थान हरबर्टपुर अजय कुमार सैनी मौजूद थे।