अब 25 नहीं 31 जनवरी तक बन सकेंगे आयुष्मान गोल्डन कार्ड

मेयर अनिता ममगाईं ने गोल्डन कार्ड बनाने से वंचित रह गए लोगों के लिए सौगात दी है। उन्होंने 25 जनवरी तक चलने वाले शिविर को 31 जनवरी तक चलाने का निर्णय लिया है। इस पर अटल आयुष्मान योजना के चैयरमैन ने शिविर की तिथि आगे बढ़ाने की संस्तुति दे दी है। शिविर आगे बढ़वाने को लेकर नगर की जनता ने मेयर का आभार प्रकट किया हैं।

पिछले करीब एक पखवाड़े से नगर निगम में गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए शहर के विभिन्न वार्डो से लोगों की जबरदस्त भीड़ उमड़ रही थी। गोल्डन कार्ड बनवाने की अतिंम तिथि नजदीक आते ही अब तक कार्ड बनवाने से वंचित रह गये लोगों द्वारा मेयर अनिता ममगाईं से शिविर की तिथि आगे बढ़ाने की गुहार लगाई’ जा रही है। इस पर मेयर ने योजना चेयरमैन दिलीप कोटियाल से बात कर और उन्हें बताया’ की तमाम प्रयासों के बावजूद अभी भी हजारों लोगों के गोल्डन कार्ड नहीं बन पाये हैं। कोई भी व्यक्ति केन्द्र सरकार की महत्वपूर्ण स्वास्थ्य योजना का लाभ उठाने से वंचित न रह जाये इसके लिए कुछ दिन और कैम्प लगाने की अनुमति प्रदान की जाए।

मेयर अनिता ममगाईं की तमाम बातों का तुरंत संज्ञान लेते हुए पूर्व निर्धारित तिथि 25 जनवरी से बढ़़ाकर 31 जनवरी तक कैम्प जारी रखने के निर्देश योजना चेयरमैन ने दिए हैं। मेयर ने बताया कि अटल आयुष्मान योजना का गोल्डन कार्ड बनाने के लिए चल रहा विशेष अभियान अब 25 जनवरी के बजाए 31 जनवरी तक चलेगाा। अटल आयुष्मान योजना में पात्र लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बनाने में तेजी लाने के लिए भी कैम्प में कर्मचारियों को निर्देशित किया गया है। उन्होंने बताया कि योजना में पांच लाख तक के मुफ्त इलाज की सुविधा प्राप्त करने के लिए पात्र लाभार्थियों को गोल्डन कार्ड बनाना अनिवार्य है। तीर्थ नगरी में लाभार्थियों का कार्ड बनाने के लिए अभियान की समय सीमा बढ़़ाई गई है।

जून प्रथम सप्ताह में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय हरित ऊर्जा विकास के आयामों पर होगी चर्चा

इस वर्ष जून के प्रथम सप्ताह में प्रदेश में अन्तर्राष्ट्रीय हरित ऊर्जा सम्मेलन का आयोजन किया जायेगा। इस सम्बन्ध में शुक्रवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में यह निर्णय लिया गया। सम्मेलन में केन्द्रीय नवीन एवं नवीकरणीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, वन एवं पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन जलशक्ति मंत्रालय के मंत्रीगणों के साथ ही नीति आयोग के उपाध्यक्ष के साथ ही जिन देशों का रिनोवेशन इनर्जी पर ज्यादा फोकस है उनमें चौक रिपब्लिक, नार्वे, स्वीडन, कनाडा, नीदरलैंड, स्पेन, यू.ए.ई. आदि देशों के प्रतिनिधि भी प्रतिभाग करेंगे।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि रिनोवेशन एनर्जी भविष्य की जरूरत है। इस दिशा में गंभीरता से सोचने की जरूरत हैं। उन्होंने कहा कि इस दिशा में हम कैसे आगे बढ़े इस पर भी चिन्तन की जरूरत है। देहरादून को ग्रीन सिटी के रूप में चयनित होने से इस दिशा में हमारी जिम्मेदारी भी बढ़ी है। इस सम्मेलन के रूप में इस दिशा में यह प्रभावी पहल होगी। उन्होंने इस प्रकार के अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन देश-विदेश के समय-समय पर आयोजित होते रहे है। हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने तथा अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर इस क्षेत्र में पहचान बनाने के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया जाना प्रस्तावित है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमे सम्मेलन में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय हरित ऊर्जा विकास के आयामों, ऊर्जा परियोजनाओं के विकास हेतु वाध्यतायें एवं सीमायें, ऊर्जा परियोजनाओं के वित्तीय प्रबंधन इस क्षेत्र के विभिन्न अधिनियम एवं नीतियों के साथ ही ऊर्जा क्षेत्र में नवीन तकनीकि एवं आविष्कार जैसे विषयों पर हम क्षेत्र के विषय-विशेषज्ञों द्वारा अपने विचार व्यक्त किये जायेंगे। उनके सुझाव भी इस दिशा में कारगर साबित होंगे। उन्होंने कहा कि हाइड्रो व थर्मल पावर की सीमायें और सीमित हो रही है। अब भविष्य के लिए वैकल्पिक ऊर्जा के साधनों पर ही हमें ध्यान देना होगा। इस दृष्टि से भी यह सम्मेलन उपयोगी सिद्व होगी।

राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत राज्य को मिली कामयाबी, वार्षिक बजट बढ़कर मिलेगा

राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तत्वाधान में वार्षिक बजट अनुमोदन हेतु नई दिल्ली में आयोजित बैठक में उत्तराखण्ड राज्य को गत वित्तीय वर्ष के कुल परिव्यय रूपये 510 करोड़ के सापेक्ष वित्तीय वर्ष 2020-21 में कुल रूपये 590 करोड़ की स्वीकृति प्राप्त हुई जिससे राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं के संवर्धन में बल मिलेगा। बैठक में रूद्रपुर मेडिकल कॉलेज के लिये 325 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की गई जबकि नगरीय स्वास्थ्य के संवर्धन हेतु राज्य द्वारा प्रस्तावित, जनपद हरिद्वार के भूपतवाला में अर्बन सीएचसी (नगरीय चिकित्सालय), की अनुमति प्राप्त हुई जिससे क्षेत्र में नगरीय तथा निकटवर्ती आबादी में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा प्राप्त होगी। राज्य को 367 नई आशाओं के पद स्वीकृत कराये गए जिससे राज्य के दूरस्थ स्थानों पर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य संवर्धन में सहायता प्राप्त होगी। हल्द्वानी, जनपद नैनीताल में पूर्व से संचालित 30 शैय्या युक्त महिला अस्पताल के विस्तारीकरण हेतु प्राप्त अनुमोदन से अब उक्त चिकित्सालय की क्षमता बढ़कर 100 शैय्याओं की हो जाएगी जिससे क्षेत्र में महिला एवं शिशु स्वास्थ्य की बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
हल्द्वानी, जनपद नैनीताल में 150 शैय्या युक्त नवीन मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल, जिसमें हृदय, किडनी तथा न्यूरो आदि विशेषज्ञ सेवाएं प्राप्त हो जाएँगी। जनपद देहरादून में उच्च गुणवत्ता परक रक्त सुविधाओं हेतु एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस केंद्र रक्त कोष की स्थापना की अनुमति प्राप्त की गयी जिससे किसी भी आपातकालीन स्थिति में रक्त एवं रक्त उत्पादों की सुलभता होगी। राज्य को 20 नई एम्बुलेंस की अनुमति प्राप्त हुई है, जिससे रोगियों के परिवहन में सुलभता प्राप्त होगी। राज्य के दूरस्थ, यात्रा मार्गों पर दो नई पी.एच.सी. जनपद पिथौरागढ़ में पीएच सी गूंजी तथा जनपद उत्तरकाशी में पी.एच.सी जानकी चट्टी की संस्तुती प्राप्त हुई जिससे इन दूरस्थ स्थानों में चिकित्सा सेवाएं स्थानीय जन के साथ-साथ यात्रियों को भी प्राप्त होंगी।
बैठक में राज्य में राजकीय सेवा में कार्यरत स्नातक चिकित्सकों को एम्स ऋषिकेश से चिन्हित छः परास्नातक विधाओं में कोर्स कराए जाने के प्रस्ताव की वित्तीय स्वीकृति प्राप्त होने से न केवल क्षेत्र में विशेषज्ञों की सेवाएं प्राप्त होंगी अपितु चिकित्सकों में भी कौशल विकास होगा। आगामी वित्तीय वर्ष में राज्य में 500 उपकेंद्रां को हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के रूप में विकसित किया जायेगा जिससे क्षेत्र में महिला एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम के साथ साथ समस्त आबादी को गैर संचारी रोगों की पहचान तथा निदान में सुलभता होगी जिससे न केवल स्वास्थ्य सुधार होगा बल्कि इन रोगों पे होने वाले व्यक्तिगत व्यय में भी कमी आयेगी। राज्य के पांच जनपदों में जन स्वास्थ्य जांच केंद्र का अनुमोदन प्राप्त हुआ, जिससे संक्रामक रोगों की जाँच सुलभ होगी।
स्वास्थ्य मंत्रालय, भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ संपन्न हुई उपरोक्त बैठक में उत्तराखण्ड राज्य की ओर से स्वास्थ्य विभाग के दल का नेतृत्व सचिव स्वास्थ्य उत्तराखण्ड सरकार, नितेश कुमार झा द्वारा किया गया। उक्त दल में डॉ पंकज पाण्डेय प्रभारी सचिव स्वास्थ्य उत्तराखण्ड सरकार तथा युगल किशोर पन्त, मिशन निदेशक एन.एच.एम के साथ-साथ महानिदेशक चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग डॉ अमिता उप्रेती द्वारा प्रतिभाग किया गया। साथ इस अवसर पर चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।

एसआईटी जांच में दोषी शिक्षकों पर कठोर कार्रवाई के पक्ष में मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की अध्यक्षता में सचिवालय में अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों में प्रबंध तंत्र द्वारा निजी स्रोत से शिक्षण कार्य हेतु रखे गए पी.टी.ए. शिक्षकों के मानदेय के सम्बन्ध में बैठक आयोजित हुई। बैठक में पी.टी.ए. शिक्षकों की नियुक्ति में पारदर्शिता, निर्धारित आवश्यक अर्हता एवं योग्यता के साथ ही नियमानुसार सम्यक प्रकियाओं के तहत कार्यवाही किये जाने पर विचार किया गया। इस सम्बन्ध में दिसम्बर, 2016 में जारी शासनादेश के अनुसार कार्यवाही किये जाने पर भी सहमति बनी। बैठक में विद्यालयी शिक्षा मंत्री अरविन्द पाण्डेय, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव वित्त अमित नेगी एवं सचिव विद्यालयी शिक्षा आर. मीनाक्षी सुन्दरम के साथ ही अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिये हैं कि शिक्षा के व्यापक हित में योग्यता पर ध्यान दिया जाय, एस.आई.टी की जांच में गलत तरीके से शिक्षक बनने वालो के विरूद्व अविलम्ब योग्य अधिकारियों की समिति गठित कर सुनवाई की कार्यवाही आरंभ की जाय। उन्होंनें कहा कि इस सम्बन्ध में त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिये समर्पित कर्तव्यनिष्ठ एवं ईमानदार अधिकारियों को समिति में रखा जाय। उन्होंने कहा कि समय समय पर स्कूलों का निरीक्षण किया जाए। जिन स्कूलों में कम बच्चे है अथवा जिस कैम्पस में कई स्कूल संचालित हो रहे है उनका आपस में विलय कर छात्रों को बेहतर शिक्षा प्रदान करने की व्यवस्था की जाए। इसके लिए यदि परिवहन की सुविधा दी जानी हो तो उसकी व्यवस्था की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि योग्य शिक्षक ही शिक्षा का भला कर सकते है तभी छात्रों को अच्छी शिक्षा भी उपलब्ध हो सकती है। हमें हर हाल में शिक्षा की गुणवत्ता बनाये रखनी होगी।
वहीं, मुख्यमंत्री ने प्रदेश में संचालित विभिन्न अशासकीय प्राप्त विद्यालयों को अनुदान दिये जाने के सम्बन्ध में स्पष्ठ कार्ययोजना के निर्धारण पर बल दिया है। उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में जनवरी 2017 में जारी शासनादेश में निर्धारित मानकों के अनुसार कार्यवाही अमल में लायी जाय। मुख्यमंत्री ने कहा कि विभागीय कार्यकलापों के क्रियान्वयन में शासन द्वारा जारी निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उक्त शासनादेश में इस सम्बन्ध में विस्तृत दिशा-निर्देश भी स्पष्ट किये गये है। शासनादेश में निर्धारित मानकों में व्यवस्था है कि जूनियर हाईस्कूल स्तर पर प्रति छात्र एक हजार रूपये अथवा अधिकतम एक लाख, हाईस्कूल स्तर पर एक हजार पांच सौ प्रति छात्र अथवा अधिकतम दो लाख एवं इण्टर स्तर पर प्रति छात्र दो हजार रूपये अथवा अधिकतम तीन लाख प्रतिह वर्ष जो कम हो की धनराशि विद्यालयों को टोकन राशि उपलब्ध करायी जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रों की शिक्षा के व्यापक हित में यदि आवश्यकता हो ते इस धनराशि को पुननिर्धारण पर विचार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसे विद्यालयों मं अध्यपाक की व्यवस्थाओं एवं फीस निर्धारण आदि की भी कार्ययोजना निर्धारित की जानी चाहिए। हमारा उद्देश्य छात्रों को शिक्षा का बेहतर अनुकूल माहौल उपलब्ध कराना है।

मुख्यमंत्री ने एक माह में सभी विभागों को पलायन रोकने के लिए कार्ययोजना बनाने के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने राज्य के चयनित ब्लॉकों में पलायन पर केंद्रित विशेष योजना संचालित करने के निर्देश दिए हैं। सीएम ने माइग्रेशन मिटीगेशन फंड स्थापित करने और एक माह में सभी विभागों को पलायन को रोकने के लिए कार्ययोजना प्रस्तुत करने को भी कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि भू-अभिलेखों में महिलाओं का नाम प्राथमिकता के आधार पर दर्ज किया जाये। इको-टूरिज्म पॉलसी को शीघ्र अमलीजामा देने के भी निर्देश दिये। विश्वकर्मा भवन, सचिवालय में राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में पलायन को लेकर आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने यह बातें कही।
सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए बनें फ्लेक्सीबल योजनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों पर खास फोकस किया जाए। वहां पलायन को रोकने बनाई जाने वाली योजनाएं फ्लेक्सीबल हों। कोशिश की जाए कि सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले अधिक से अधिक स्थानीय लोग वहां रहने के लिए प्रेरित हों। सामरिक संवेदनशीलता को देखते हुए यह बहुत जरूरी है।
भू-अभिलेखों में महिलाओं का नाम भी दर्ज किए जाने की व्यवस्था हो
मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों के गांवों में महिलाओं का अनुपात अधिक है। गांवों में संचालित योजनाओं को महिला केंद्रित हों। जरूरी है भू-अभिलेखों में उनका नाम भी दर्ज हो। इससे उन्हें कृषि, पशुपालन, स्वरोजगार आदि के लिए ऋण मिलने में आसानी रहेगी। राजस्व विभाग इसके लिए आवश्यक प्रावधान करे।
इको टूरिज्म पॉलिसी जल्द से जल्द बनाने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने पर्यटन विभाग को इको टूरिज्म पॉलिसी जल्द से जल्द बनाने के लिए निर्देशित किया। इको टूरिज्म के लिए वन विभाग व पर्यटन विभाग आपसी समन्वय से काम करें। उन्होंने कहा कि होम स्टे को दूसरी पर्यटन गतिविधियों व मार्केट से लिंक किया जाए। होम स्टे करने वालों को हॉस्पिटेलिटी के प्रशिक्षण की व्यवस्था हो। एडवेंचर स्पोर्ट्स को प्राथमिकता दी जाए। पर्यटन विभाग एक मोबाईल एप बनाए जिसमें जिलावार वहां के वन्य जीवन, वनस्पति, पर्यटन स्थलों, ट्रेकिंग स्थलों, होटल, होम स्टे आदि की जानकारी मौजूद हो।
ग्रामीण क्षेत्रों में फील्ड स्टाफ की कमी को दूर करने की आवश्यकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्वतीय ग्रामीण क्षेत्रों में फील्ड स्टाफ की कमी को दूर करने की आवश्यकता है। पेयजल की उपलब्धता पर भी विशेष ध्यान देना होगा। किसानों की आय दुगुनी करने के लिए ऑफ सीजन सब्जियों के उत्पादन, मत्स्य पालन, बकरी पालन, फ्लोरीकल्चर महत्वपूर्ण हो सकते हैं। क्लस्टर बेस्ड एप्रोच अपनानी होगी। एमएसएमई के तहत पर्वतीय क्षेत्रों के युवाओं को स्वरोजगार के लिए लघु ऋणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
रेखीय विभाग करें गैप एनालिसिस
मुख्यमंत्री ने कहा कि पलायन से सर्वाधिक प्रभावित गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा आदि रेखीय विभाग गैप एनालिसिस करें। और जहां कमी नजर आती है, उसे प्राथमिकता से दूर किया जाए। एक माईग्रेशन मिटिगेशन फंड स्थापित किया जाए। राज्य के चिन्हित ब्लॉकों में पलायन पर केंद्रित विशेष योजना संचालित की जाए। मुख्यमंत्री सीमावर्ती क्षेत्र विकास योजना को फ्लेक्सीबल बनाया जाए। सभी विभाग पलायन को लेकर एक माह में कार्ययोजना बनाकर प्रस्तुत करें।
उत्तराखण्ड ग्रामीण विकास व पलायन आयोग के उपाध्यक्ष एसएस नेगी ने बताया कि राज्य के 36 विकासखण्ड चिन्हित किए गए हैं जहां ग्रामीण क्षेत्रों में पलायन की अधिक समस्या रही है। इनमें अल्मोड़ा के 7, बागेश्वर के 1, चमोली के 5, पौड़ी के 12, पिथौरागढ़ के 5, रूद्रप्रयाग का 1 और टिहरी के 5 ब्लॉक शामिल हैं। गांवों से निकटवर्ती छोटे कस्बों में बसने की प्रवृत्ति देखने को मिली है। योजनाओं को महिला केंद्रित किए जाने की जरूरत है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए मार्केट से लिंक करना होगा। कई क्षेत्रों में बकरी पालन आय का बड़ा जरिया बना है।

वार्षिक पत्रिका का विमोचन कर सीएम बोले, इसमें राज्य के स्थल तथा मंदिरों की भरपूर जानकारी

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में पर्वतीय बन्धु समाज समिति, नवोदय नगर हरिद्वार की वार्षिक पत्रिका ‘‘म्यारू पहाड़ म्यारू परांण’’ का विमोचन किया।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि इस पत्रिका में उत्तराखण्ड के भौगोलिक, धार्मिक, ऐतिहासिक एवं पर्वतीय अंचल की विशेषताओं को संजोने का अच्छा प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि इस पत्रिका में उत्तराखण्ड के ऐसे स्थलों एवं मंदिरों के बारे में भी जानकारी दी जाय जिनका अपने आप में विशिष्ट महत्व है। इससे लोगों को उत्तराखण्ड के प्रमुख पर्यटक स्थलों एवं धार्मिक स्थलों की जानकारी मिलेगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में पर्यटन के क्षेत्र में अनेक सम्भावनाएं हैं, हमें राज्य के ऐसे धार्मिक एवं पर्यटक स्थलों की जानकारी लोगों को देनी होने जिनका पौराणिक एवं विशिष्ट महत्व है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि राज्य सरकार पर्वतीय क्षेत्रों के विकास के लिए निरन्तर प्रयासरत है। पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन रोकने के लिए हर सम्भव प्रयास किये जा रहे हैं। जो लोग पर्वतीय क्षेत्रों से शहरों की ओर आ गये हैं, उन्हें साल में एक या दो बार जरूर अपने पैतृक निवास पर जाना चाहिए। होम स्टे को राज्य सरकार द्वारा बढ़ावा दिया जा रहा है। इसका प्रमुख उद्देश्य पर्वतीय क्षेत्रों में लोगों की आर्थिकी को संवारना है। ग्रोथ सेंटर की परिकल्पना भी आर्थिकी सुधार के लिए की गई है।

एकीकृत रूफ टॉप पोर्टल का सीएम ने किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बुधवार को ग्रिड कनेक्टेड रूफ टॉप सोलर फेस 02 योजना एवं एकीकृत रूफ टॉप पोर्टल का शुभारंभ किया। उन्होंने देश में गांधीनगर के साथ ही देहरादून को भी ग्रीन सिटी के रूप में चिन्हित किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे प्रदेश में पर्यावरण के प्रति जागरूकता के प्रसार तथा पर्यटन प्रदेश के सपने को साकार करने के लिए मददगार बताया।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में सरकारी भवनों पर सौर ऊर्जा से विद्युत उत्पादन पर ध्यान दिया जा रहा है। हरिद्वार एवं देहरादून स्थित सरकारी भवनों से इसकी शुरूआत की गई हैं। इससे 2.75 मेगावॉट विद्युत का उत्पादन होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण को कम नुकसान पहुंचाने वाले उपायों तथा वैकल्पिक ऊर्जा के प्रति ध्यान देने से पर्यावरण को सरंक्षित करने में मदद मिलेगी। हमारे शुद्व पर्यावरण का ही प्रतिफल है कि प्रदेश में पर्यटकों के आवागमन में 36 प्रतिशत की वृद्वि हुई है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने रूफ टॉप सोलर से सम्बन्धित पुस्तिका का भी विमोचन किया।

स्कूल प्रबंधन की लापरवाही से गिरी दीवार, दबकर बच्चे की मौत, दो बुरी तरह जख्मी

राजकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय नंबर-1 की 10 फुट ऊंची दीवार बुधवार करीब सवा छह बजे ढह गई। इसकी चपेट में आकर एक बच्चा दब गया जिससे उसकी मौत हो गई है। इसके अलावा दो लोग बुरी तरह घायल हैं। बच्चे के शव को राजकीय चिकित्सालय में रखा गया है, जबकि दोनों घायलों को राजकीय चिकित्सालय से प्राथमिक उपचार करने के बाद एम्स रेफर कर दिया गया। घटना के बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई। तत्काल एहतियात बरतते हुए निगम टीम ने बची हुई दीवार को जेसीबी से ध्वस्त कर दिया है। साथ ही सड़क पर बिखरे मलबे को हटवाया गया।

जानकारी के मुताबिक, बुधवार की शाम करीब सवा छह बजे वार्ड संख्या पांच पुष्कर मंदिर मार्ग स्थित राजकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय नंबर एक की 10 फुट ऊंची और करीब 15 फिट दीवार अचानक ढह गई। इस दौरान दीवार से सटे मार्ग से गुजर रहा एक बच्चा, एक महिला तथा एक व्यक्ति चपेट में आ गए। बच्चा दीवार के ज्यादा करीब था। इस कारण वह दीवार के नीचे आ गया। यह देख मौके पर चीख पुकार मच गई और स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचित कर दीवार के मलबे में दबे बच्चे को काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाला। इस घटना का शिकार हुए तीनों को आननफानन में राजकीय चिकित्सालय ले जाया गया। यहां चिकित्सकों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। वहीं दो अन्य घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद एम्स रेफर कर दिया गया है। पुलिस ने बच्चे के शव की शिनाख्त के लिए राजकीय चिकित्सालय की मोर्चरी में शिफ्ट करवा दिया है। मृतक की उम्र करीब 15 वर्ष बताई जा रही है। मगर, उसकी पहचान नहीं हो पाई है। वहीं, घायलों की पहचान शांतिनगर निवासी 57 वर्षीय कृपाल सिंह और पुष्कर मंदिर मार्ग निवासी 65 वर्षीय स्नेहलता गुप्ता पत्नी सतपाल गुप्ता के रूप में हुई है।

घटना के बाद देखते ही देखते मौके पर मजमा लग गया। इस मौके पर मेयर अनिता ममगाईं, स्थानीय पार्षद देवेन्द्र प्रजाघ्पति भी घटनास्थल पर पहुंचे। मेयर ने निर्माण विभाग के निगम के एई आनंद सिंह मिश्रवाण और अन्य निगम कर्मियों को मौके पर बुलवाकर जेसीबी से जर्जर हुई बची दीवार को भी गिरवाया। साथ ही सड़क पर बिखरे मलबे को भी साफ करवाया गया।

पत्नी को भंडाभोड़ करने को पति ने दलाल से मंगवाई कॉल गर्ल, निकली पत्नी

पत्नी कॉलगर्ल है या नहीं, इस शक को दूर करने के लिए एक पति ने महिला दलाल के जरिए कॉल गर्ल की फोटो व्हाट्सअप पर मंगवाई। महिला दलाल ने कई फोटो भेजे। इसमें एक फोटो उसकी पत्नी की भी निकली। बस फिर क्या था। पति ने उसे व्हाट्सअप पर बुक किया। इसके बाद जो हुआ, वह चर्चाओं में बना हुआ है।

दरअसल काशीपुर में एक ऐसा मामला सामने आया। यहां आईटीआई थाना क्षेत्र की युवती का विवाह कुछ वर्ष पहले दिनेशपुर के युवक के साथ हुआ। पत्नी के सुसराल से ज्यादा मायके रहने पर पति को कुछ समझ नहीं आया। तभी पत्नी की एक सहेली ने पति को फोन पर जानकारी दी कि वह कॉल गर्ल है तथा एक महिला दलाल के जरिए चलती है। सहेली ने ही पति को महिला दलाल का नंबर भी उपलब्ध कराया।

इसके बाद पति ने महिला दलाल से व्हाट्सअप पर संपर्क साधा और सर्विस की मांग की। महिला दलाल ने कई कॉल गर्ल की फोटो भेजी। इसमें एक फोटो पत्नी की भी निकली। पति ने पत्नी की फोटो भेज कर सर्विस मंगवाई। पत्नी भी बताए गए पते पर पहुंची। दोनों का आमना सामना हुआ तो जमकर हाथापाई हुई। साथ ही एक दूसरे पर गंभीर आरोप लगाते हुए मामला एएसपी के पास पहुचंा। एएसपी ने मामले में जांच कराने की बात कही है।

स्वस्थ मन और शरीर के लिए खेलना आवश्यकः त्रिवेन्द्र

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने रविवार को बैडमिंटन हॉल परेड ग्राउण्ड देहरादून में 19वीं उत्तराखण्ड स्टेट मास्टर्स बैडमिंटन चैंपियनशिप- 2020 का शुभारम्भ किया। 19 से 21 जनवरी तक तीन दिन चलने वाली इस चैैंंपियनशिप में राज्य के सभी 13 जनपदों से 200 से अधिक खिलाड़ी प्रतिभाग कर रहे हैं। इस चैंपियनशिप की विजयी टीम आगामी फरवरी के अन्तिम सप्ताह में जयपुर में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय बैडमिंटन चैंपियनशिप में प्रतिभाग करेगी।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि स्वस्थ मन एवं शरीर के लिए खेलना जरूरी है। सभी को अपनी दिनचर्या में एक घण्टा खेल के लिए अवश्य निकालना चाहिए। खेल न सिर्फ हमारे अंदर स्फूर्ति लाता है बल्कि हमारे अंदर कुछ हासिल करने का जुनून भी पैदा करता है। उन्होंने इस चैंंपियनशिप में प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ियों को खेल भावना का परिचय देने को कहा। खेल के प्रति खिलाड़ियों का समर्पण भाव होना जरूरी है। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने बैडमिंटन कोर्ट में उतरकर चौंपियनशिप का शुभारम्भ किया।

इस अवसर पर डीजी कानून एवं व्यवस्था अशोक कुमार, आईजी कुम्भ मेला संजय गुंज्याल, डिस्ट्रिक्ट बैडमिंटन एसोसिएशन के अध्यक्ष एससी विरमानी एवं खेल विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।