देहरादून रेलवे स्टेशन से तीन माह तक ट्रेनों की आवाजाही बिल्कुल बंद

देहरादून रेलवे स्टेशन से तीन महीने ट्रेनों का संचालन बंद रहेगा। 10 नवंबर से अगले साल सात फरवरी तक दून से किसी भी ट्रेन का संचालन नहीं हो सकेगा। देहरादून स्टेशन के पुनरुद्धार के लिए रेलवे बोर्ड ने मेगा ट्रैफिक ब्लॉक की अनुमति दे दी है। ऐसे में तीन महीने यात्रियों की दिक्कत बढ़नी तय है। कुछ टेनें हरिद्वार, नजीबाबाद और अलीगढ़ स्टेशनों से संचालित होंगी। इसके अलावा अन्य सभी ट्रेनें रद्द रहेंगी।

दून स्टेशन के विस्तार और री मॉडलिंग कार्य के लिए पिछले कई समय से मेगा ट्रैफिक ब्लॉक लेने के लिए ठेकेदार से लेकर रेलवे बोर्ड के स्तर तक पत्राचार चल रहा था। इसके लिए कई बार प्रस्ताव में ट्रेनों के शेड्यूल को लेकर परिवर्तन किया गया।

दिवाली समेत अन्य त्योहारों का सीजन होने के चलते रेलवे बोर्ड मेगा ट्रैफिक ब्लॉक देने पर फैसला नहीं ले पा रहा था। आखिरकार रेलवे ने अब दिवाली बाद के लिए इसकी अनुमति दे दी है। इस दौरान दून से चलने वाली सभी 18 ट्रेनें रद्द रहेंगी।

ये ट्रेनें हरिद्वार तक ही आएंगी
पश्चिम बंगाल से आने वाली हावड़ा एक्सप्रेस, कोटा (राजस्थान) से आने वाली नंदा देवी एक्सप्रेस और नई दिल्ली से आने वाली शताब्दी एक्सप्रेस 10 नवंबर से सात फरवरी तक हरिद्वार तक ही आएंगी। ये तीनों ट्रेनें हरिद्वार से ही अपने गंतव्य के लिए वापस चली जाएंगी।

जबकि बुध और शनिवार को देहरादून-पश्चिम बंगाल के बीच चलने वाली उपासना एक्सप्रेस भी 13 नवंबर से पांच फरवरी तक हरिद्वार से ही संचालित होगी। देहरादून स्टेशन के एडिशनल सुप्रीटेंडेंट सीताराम सोनकर ने बताया कि मुख्यालय से इस संबंध में दिशा निर्देश मिल गए हैं। इसी के अनुसार, ट्रैफिक ब्लॉक रखा गया है।

लिंक और राफ्ती गंगा का यह रहेगा शेड्यूल
मंगलवार, बृहस्पतिवार और शनिवार को दून से संचालित होने वाली गोरखपुर (राफ्ती गंगा) एक्सप्रेस 12 नवंबर से छह फरवरी तक नजीबाबाद तक आएगी और वहीं से वापस चली जाएगी। इसी तरह, इलाहाबाद से आने वाली लिंक एक्सप्रेस 10 नवंबर से नौ फरवरी तक अलीगढ़ तक ही आएगी।

महिलाओं के विकास के बिना किसी भी समाज का विकास संभव नहींः त्रिवेन्द्र

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बुधवार को नगर निगम देहरादून सीमान्तर्गत प्रथम स्मार्ट वेंडिंग जोन का लोकार्पण किया। अपने सम्बोधन में नगर निगम व विक्रेताओं को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि यह वेंडर जोन बहुत ही व्यवस्थित तरीके से बनाया गया है। व्यवस्थित होने से हमारी सोच में भी बदलाव आता है और हम एक अच्छी व्यवस्था की ओर आगे बढ़ते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के विकास के बिना किसी भी समाज का विकास सम्भव नहीं। प्रदेश की महिलाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से इस वर्ष 5100 वेंडर कार्ट वितरित की जाएगी। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड के लोग बहुत ही मेहनती होते हैं। परन्तु हमें अपने अन्दर व्यवसायिक गुण विकसित करने की आवश्यकता है। व्यवसाय के क्षेत्र में आगे बढ़कर ही हम अपने प्रदेश को विकसित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस वेंडर कार्ट से विक्रेता और उपभोक्ता दोनों को ही लाभ होगा। मुख्यमंत्री ने स्मार्ट वेंडिंग जोन के लिए बैंकों द्वारा दिए गए सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि यह वेंडिंग जोन पीपीपी मॉडल पर बनाया गया है, जिसमें प्रत्येक ट्रॉली का मूल्य लगभग 01 लाख 06 हजार रूपये है। भारत सरकार की गाइडलाइन्स के अनुसार स्मार्ट वेंडिंग जोन के सभी फीचर इसमें शामिल किए गए हैं। सभी वेंडर्स को स्मार्ट कार्ड जारी किए गए हैं एवं वेंडिंग जोन में सीसीटीवी भी लगाए गए हैं। इससे वेंडिंग जोन पर नगर निगम कार्यालय से नजर रखी जा सकती है।

ऋषिकेश राजकीय अस्पताल में संचालित ब्लड बैंक में नहीं है नियमित रक्तकोष अधिकारी

ब्लड बैंक ऋषिकेश पर लाइसेंस निरस्त होने का खतरा मंडराने लगा है। यह खतरा यहां नियमित रूप से पैथोलॉजिस्ट का न होने से है। हकीकत यह है कि यहां तैनात पैथोलॉजिस्ट सप्ताह में तीन दिन ऋषिकेश तो तीन दिन हरिद्वार में अपनी सेवाएं दे रहे है। इस मामले में राज्य ड्रग कंट्रोलर ने संज्ञान लिया है। ड्रग कंट्रोलर की मानें तो ब्लड बैंक में यदि नियमित रूप से पैथोलॉजिस्ट नहीं है, तो उसका लाइसेंस निरस्त किया जाएगा। ऐसे में एक बार फिर मरीजों के लिए समस्या पैदा हो जाएगी।

राजकीय चिकित्सालय में वर्ष 2012 में ब्लड बैंक संचालित हुआ था। दो साल के सफल संचालन के बाद वर्ष 2014 में यहां पैथोलॉजिस्ट न होने के कारण इसे बंद कर दिया गया। करीब 14 माह बाद यहां पैथोलॉजिस्ट डॉ. मुकेश कुमार पांडेय की रक्तकोष अधिकारी के पद पर नियुक्त की गई और ब्लड बैंक का पुनरू संचालन शुरू हो गया। नियमानुसार बिना रक्तकोष अधिकारी के रक्त नहीं दिया जा सकता है। इसके अलावा रक्तकोष के सभी कार्यों में पैैथोलॉजिस्ट के हस्ताक्षर आवश्यक होते हैं।

इसलिए बनी समस्या
दरअसल हरिद्वार के राजकीय चिकित्सालय के ब्लड बैंक में तैनात पैथोलॉजिस्ट डॉ. रजत सैनी को मई 2019 में किन्हीं कारणों से सस्पेंड कर दिया गया। तभी से ऋषिकेश राजकीय चिकित्सालय के ब्लड बैंक में तैनात पैथोलॉजिस्ट डॉ. मुकेश कुमार पांडेय हरिद्वार में सप्ताह में तीन दिन सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में न ही हरिद्वार राजकीय चिकित्सालय में नियमानुसार ब्लड बैंक संचालित हो पा रहा है और न ही ऋषिकेश में ब्लड बैंक का सही मायने में संचालन हो रहा है। ड्रग कंट्रोलर ताजवर नेगी का कहना है कि यदि सप्ताह में तीन दिन बिना पैथोलॉजिस्ट के ब्लड बैंक का संचालन किया जा रहा है, तो ब्लड बैंक का लाइसेंस निरस्त किया जाएगा।

पैथोलॉजिस्ट का होना इसलिए है जरूरी
ब्लड बैंक संचालित करने के लिए केंद्रीय ड्रग कंट्रोलर एवं राज्य ड्रग कंट्रोलर कार्यालय से लाइसेंस जारी किया जाता है। इनके मानकों के अनुसार ब्लड बैंक में एक पैैथोलॉजिस्ट, एक टेक्नीशियन और एक स्टाफ नर्स का होना आवश्यक है। बिना पूर्णकालिक पैथोलॉजिस्ट के ब्लड बैंक का संचालन नहीं किया जा सकता है।

एनवायरमेंटल क्लीयरेंस मिलने से जमरानी बांध परियोजना के कार्य में आएगी तेजीः सीएम

भाबर की लाइफ लाइन जमरानी बांध परियोजना को एनवायरमेंटल क्लीयरेंस मिल गई है। यह जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि अब इस महत्वपूर्ण परियोजना के काम में और तेजी आएगी। 40 से भी अधिक वर्षों के इंतजार के बाद भाबर के लोगों के सपना सच होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि दशकों से लटकी पङी जमरानी बांध परियोजना को हकीकत बनाने के लिए हमारी सरकार ने गम्भीरता से कोशिश की। इसमें केन्द्र सरकार की भी पूरा सहयोग मिला जिसके लिए हम उनके आभारी हैं।

गौरतलब है कि केंद्रीय जलायोग की तकनीकी सलाहकार समिति ने बांध परियोजना को मंजूरी दी जा चुकी है। क्षेत्रवासियों की वर्षों पुरानी पेयजल की समस्या दूर होने जा रही है। 09 किलोमीटर लम्बे, 130 मीटर चौड़े और 485 मीटर ऊँचे इस बाँध के निर्माण से 14 मेगावाट विद्युत उत्पादन के साथ ही पेयजल व सिंचाई के लिए पानी भी उपलब्ध होगा। इससे खासतौर पर ऊधमसिंहनगर व नैनीताल जिले को ग्रेविटी आधारित जलापूर्ति होगी।

परियोजना की कुल लागत 2584 करोड़ रुपये है। परियोजना की तकनीकी स्वीकृति केंद्रीय जल आयोग द्वारा फरवरी 2019 में दी जा चुकी है। बांध निर्माण के लिए वन विभाग ने 351.49 हेक्टेयर जमीन दी है। शासन से इसके लिए शुरूआती तौर पर 89 करोड़ रूपए की स्वीकृति दी जा चुकी है।

तीन माह के भीतर सीबीएसई का क्षेत्रीय कार्यालय देहरादून में खुलेगा

राज्य में पांच नए केंद्रीय विद्यालय खोलने के लिए केंद्रीय मानव संसाधन एवं विकास मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने सीबीएसई, एनआईटी, जेएनवी, केविएस, एनआईओएस, इग्नू के अधिकारियों की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्य सचिव को जमीन उपलब्ध कराने को कहा हैं।

सीबीएसई के 90 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में ओएनजीसी तेल भवन परिसर में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान क्षेत्रीय अधिकारी रणबीर सिंह ने मानव संसाधन मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक को स्मृति चिह्न भेंट किया। इसके बाद उन्होंने सीबीएसई की कार्यप्रणाली की जानकारी दी। चर्चा के दौरान डॉ. निशंक ने सीबीएसई चेयरमैन से फोन पर वार्ता कर तीन माह के भीतर देहरादून में क्षेत्रीय कार्यालय की बिल्डिंग का शिलान्यास करने के निर्देश दिए। बैठक में केंद्रीय विद्यालयों का मुद्दा प्रमुखता से उठा।

केंद्रीय विद्यालयों में 187 पदों के सापेक्ष अभी तक केवल 60 प्रतिशत ने ज्वाइन किया है। इनमें से 40 प्रतिशत ने ज्वाइन नहीं किया है। इस पर मंत्री ने उनकी जगह दूसरों को मौका देने की बात कही। इसके अलावा गौचर, बनबसा, हल्द्वानी, श्रीनगर और ऋषिकेश में केंद्रीय विद्यालय के लिए मुख्य सचिव को जमीन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बैठक में सभी केंद्रीय संस्थानों के अधिकारी मौजूद रहे।

मंत्रिमंडल की बैठकों को पेपरलेस बनाने का राज्य सरकार ने लिया निर्णय

राज्य सरकार द्वारा ई-गवर्नेंस की दिशा में प्रभावी पहल करते हुए मंत्रिमण्डल की बैठकों को धीरे-धीरे पेपरलेस किये जाने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए, सोमवार को सचिवालय में ई-मंत्रिमण्डल से सम्बन्धित जानकारी सभी मंत्रीगणों को उपलब्ध कराने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम को आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि नवम्बर माह में आयोजित होने वाली मंत्रिमण्डल की बैठक को ई-मंत्रिमण्डल के रूप में आयोजित किया जाएगा। इसके साथ ही, ई-मंत्रिमण्डल पोर्टल पर अब तक हुई मंत्रिमण्डल की बैठकों में लिये गये निर्णयों को भी अपलोड किया जायेगा।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि हम ग्रीन कैबिनेट की ओर बढ़ रहे हैं। यह ई-गवर्नेंस की दिशा में बढ़ाया गया एक बेहतर कदम है। इससे पेपर की बचत होगी और कम से कम पेपर के उपयोग से पर्यावरण को भी बचाने में सहायता मिलेगी। साथ ही निर्णयों के क्रियान्वयन में तेजी लाने के साथ ही पारदर्शिता भी आयेगी। इससे शासन की योजनाओं की जानकारी भी त्वरित रूप से आम जनता को उपलब्ध करायी जा सकेगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की यह पहल अन्य राज्यों को भी पेपरलेस गवर्नेंस के लिए प्रेरित करेगी।

अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने बताया कि ई-मंत्रिमण्डल की शुरूआत होने के उपरान्त मंत्रिमण्डल के कार्यों हेतु गोपन विभाग का पूर्णतः कम्पयूटराईजेशन किया जाना है। इससे सभी विभाग, मंत्रिमण्डल की बैठक सम्बन्धित कार्य हेतु, गोपन विभाग से सीधे जुड़ जाएंगे। साथ ही इससे मंत्रिमण्डल के निर्णयों के कार्यान्वयन का कागज रहित अनुश्रवण एवं समीक्षा की जा सकेगी।

साइबर ठगों ने विधानसभा अध्यक्ष के निजी सचिव को बनाया निशाना, खाते से उड़ाए 96 हजार

विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल के निजी सचिव रवि बिष्ट को साइबर ठगों ने अपना शिकार बनाया हैं। ठगों ने उनके खाते से 95923 रुपए साफ कर दिए हैं। उन्होंने इंश्योरेंस कंपनी को लिंक के माध्यम से प्रीमियम की राशि 51126 रुपये स्थानांतरित की थी, मगर यह खाते में पहुंची ही नहीं।

कस्टमर केयर पर शिकायत की तो प्रतिनिधि ने दो मिनट में रकम वापस करने का भरोसा देकर बिष्ट के मोबाइल पर आया ओटीपी हासिल कर लिया। इसके बाद उनके खाते से 44797 रुपये और निकाल लिए गए। रवि बिष्ट ने साइबर थाने में अज्ञात के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।

राजधानी में ऑनलाइन ठगी की घटनाओं का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। ताजा मामला विधानसभा अध्यक्ष के निजी सचिव रवि बिष्ट की ठगी का है। साइबर थाने में दी शिकायत में बिष्ट ने बताया कि उन्होंने बीमा पालिसी का प्रीमियम भरने के लिए कंपनी की वेबसाइट से उपलब्ध कराए गए लिंक के जरिये यूपीआई से 51126 रुपये ऑनलाइन स्थानांतरित किए थे।

बाद में उन्हें पता चला कि रकम संबंधित खाते में नहीं पहुंची। इसकी शिकायत तीन अक्तूबर को एसबीआई शाखा में की थी। रवि बिष्ट ने नौ अक्तूबर को यूपीआई की लिंक गेटवे साइट के कस्टमर केयर से संपर्क किया।

कस्टमर केयर प्रतिनिधि ने आश्वस्त किया कि धनराशि दो मिनट में उनके खाते में स्थानांतरित कर दी जाएगी। उसने कहा कि उनके मोबाइल पर एक मेसेज आएगा, जिसे बिष्ट उसके बताए नंबर पर फारवर्ड कर दें।

बिष्ट ऐसा ही किया और इसके बाद 13 ट्रांजेक्शन के माध्यम से उनके खाते से 44797 रुपये की रकम और निकाल ली गई। रवि बिष्ट ने पुलिस को मोबाइल पर हुई बातचीत की रिकार्डिंग भी उपलब्ध कराई है। जांच में पता चला कि जिस नंबर पर पीड़ित ने मेसेज भेजा था, वो कोलकाता में चल रहा है।

अधिकांश हिस्सों में पूर्ण ग्रेविटी का जल मिले, इसके लिए राज्य सरकार प्रयासरत

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने रविवार को एटलांटिस क्लब पंडितवाडी, देहरादून मे इंडियन वाटर वर्क्स एसोसिएशन, देहरादून सेंटर द्वारा आयोजित एक दिवसीय सेमिनार का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री ने सेमिनार से सम्बन्धित विभिन्न तकनीकी पहलुओं पर आधारित पुस्तिका का विमोचन भी किया। सेमिनार में देश के 12 राज्यों एवं विशेषज्ञों द्वारा प्रतिभाग किया गया। जल संरक्षण एवं स्वच्छता के विभिन्न पहलुओं पर इस सेमिनार में मंथन किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पांच सालों में हर घर में जल पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। हर घर तक शुद्ध जल पहुॅचें इसके लिए इंजीनियरों को मंथन करने की जरूरत है कि कैसे पानी की बचत हो और कैसे बेहतर इस्तेमाल किया जा सके। आज सेमिनार में विषय विशेषज्ञ एक दूसरे के साथ अपने अनुभवों को सांझा करेंगे। जिसके भविष्य में अच्छे परिणाम मिलेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जल का कैसे बैहतर तरीके से संरक्षण और पूर्ति हो, इसके लिए लोगों में भी जागरूकता लाने की जरूरत है। जल संचय का सबसे अच्छा तरीका वर्षा जल का एकत्रीकरण है। रेन वाटर हार्वेस्टिंग पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।

सीएम ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि उत्तराखण्ड के अधिकांश हिस्सों में पूर्ण ग्रेविटी का जल मिल सके, इसके लिए सौंग, सूर्यधार व मलुढूंग बांध पर कार्य किया जा रहा है। सौंग बांध का कार्य शुरू होने से 350 दिनों में पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। सूर्यधार डेम पर कार्य प्रारम्भ हो गया है। इससे 29 गांवों को ग्रेविटी वाटर उपलब्ध होगा। पंचेश्वर बांध बनने से ऊधमसिंह नगर एवं चम्पावत के तराई क्षेत्र में ग्रेविटी का पेयजल उपलब्ध होगा।

कुभ क्षेत्र को केबल लैस बनाने के लिए बिजली व गैस पाइप लाइन के निर्माण में तेजी लाएंः त्रिवेन्द्र

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शनिवार को मेला नियन्त्रण भवन हरिद्वार में कुम्भ मेला 2021 की आयोजन व्यवस्थाओं की शासन के उच्चाधिकारियों एवं सभी अखाड़ो के प्रतिनिधियों के साथ व्यापक समीक्षा की। इस अवसर पर नगर विकास मंत्री मदन कौशिक, मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, सचिव नगर विकास शैलेश बगोली, गढ़वाल आयुक्त रविनाथ रमन, मेलाधिकारी दीपक रावत, आईजी मेला संजय गुंज्याल, अखाड़ा परिषद् के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरि, महामंत्री मंहत हरिगिरी सहित सभी अखाड़ो के प्रतिनिधि तथा सभी सम्बन्धित अधिकारी मौजूद थे। इस अवसर मुख्यमंत्री ने संत महात्माओं को सम्मानित भी किया।

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि आगामी कुम्भ मेला दिव्य एवं भव्यता के साथ आयोजित हो, इसके लिये समेकित प्रयासों पर ध्यान दिया जाय, सभी विभागों को अपनी जिम्मेदारी भी समझनी होगी। आगामी कुम्भ मेले में लगभग 12 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की सम्भावना के दृष्टिगत व्यवस्थाये सुनिश्चित की जाय। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी कुम्भ मेले की ऐसी व्यवस्थायें होनी चाहिए ताकि यह आयोजन भविष्य के आयोजनों के लिये मिसाल बने। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुम्भ मेले में बेहतर स्वास्थ्य सुविधायें उपलब्ध कराने के साथ ही नेत्र चिकित्सा के लिए नेत्र कुम्भ भी आयोजित किया जाय। उन्होंने कुम्भ क्षेत्र को केबल लैस बनाने के लिये बिजली व गैस पाइप लाइन को अण्डर ग्राउंड किये जाने में भी तेजी लाने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार को जोड़ने वाली सभी सड़को एवं पुलों के निर्माण मंे तेजी लाई जाय। इसके लिये दो या तीन शिफ्ट में कार्य करने की प्रक्रिया अपनायी जाय।

मुख्यमंत्री ने कहा है कि स्थाई प्रकृति के काम अक्टूबर 2020 तक पूरे कर लिए जाएं। समयबद्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। इस वैश्विक मेले में बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालु, राज्य के दूसरे पर्यटन स्थलों में भी जा सकते हैं। तमाम तरह की सुविधाएं विकसित करने मे आधुनिकतम तकनीक का प्रयोग करने पर भी उन्होंने बल दिया।

नगर विकास मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि कुम्भ मेला की सफलता सभी के सामुहिक प्रयासों से जुड़ी है। इस कुम्भ में बेहतर व्यवस्थायें कर देश व दुनिया के श्रद्वालुओं को आवश्यक व्यवस्थायें करानी होगी। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी अपनी जिम्मेदारी समझे। उन्होंने संत महात्माओं के सुझावों पर भी ध्यान देने को कहा। अखाड़ा परिषद् के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरि तथा महामंत्री महंत हरिगिरि ने कुम्भ क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने, आन्तरिक सड़को के निर्माण साफ सफाई पेयजल पेशवाई मार्गो के निर्माण मेला क्षेत्र की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त करने अखाड़ो को भूमि उपलब्ध कराने, अखाड़ो के निर्माण के लिये आवश्यक धनराशि की उपलब्धता की बात कही। उन्होंने मेले के सफल आयोजन के लिये पूरा सहयोग का भी आश्वासन दिया।

लाठी, डंडो से लैस पांच लोगों ने राजमिस्त्री की कर दी पिटाई

काम से घर लौट रहे एक राजमिस्त्री के ऊपर महिला सहित पांच लोगों ने लाठी, डंडे और लोहे की रॉड से जानलेवा हमला कर दिया। हमले में युवक के दोनों हाथ और पैर जख्मी हो गए। चिकित्सकों के अनुसार पीड़ित युवक का ऑपरेशन किया जाना है। वहीं, पीड़ित के भाई ने श्यामपुर चौकी में आरोपियों के खिलाफ तहरीर दी है। उन्होंने पुलिस पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई न करने का आरोप भी लगाया है।

शनिवार को श्यामपुर रूषा फॉर्म निवासी सिकंदर यादव ने श्यामपुर पुलिस चौकी में तहरीर दी। उन्होंने बताया कि उनका भाई गुड्डू राजमिस्त्री का काम करता है। शुक्रवार की शाम करीब छह बजे उनका भाई काम से घर लौट रहा था। रूषा फॉर्म के समीप पहुंचते ही शंभू यादव और उनकी पत्नी, उमाशंकर, विरेंद्र और घमंडी ने लाठी, डंडों और लोहे की रॉड से गुड्डू पर हमला कर दिया। इस दौरान कोई भी बीच बचाव को नहीं पहुंचा।

उन्होंने बताया कि हमले में उनके भाई के दोनों हाथ और पैर की हड्डी टूट गई है। उनके भाई को एक आदमी ने राजकीय चिकित्सालय पहुंचाया। यहां प्लास्टर चढ़ाने के बाद चिकित्सक ने ऑपरेशन की बात कही है। उन्होंने पुलिस पर भी आरोप लगाया कि हमले के बाद पुलिस को सूचना देने के बावजूद अभी तक कोई पुलिसकर्मी पीड़ित को देखने नहीं आया। इसके अलावा पुलिस ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई भी नहीं की। उन्होंने कहा कि यदि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो वह पुलिस उच्चाधिकारियों से शिकायत करेंगे।