शांति की तलाश में तीर्थनगरी पहुंची लोस अध्यक्ष

लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन अपने दिन दिवसीय प्रवास पर उत्तराखंड में है। बुधवार को तीर्थनगरी स्थित परमार्थ निकेतन में भागवत कथा में पहुंची सुमित्रा महाजन ने यहां से अपना पुराना नाता बताया। उन्होंने कहा कि आत्म शांति की अनुभूति के लिये वह गंगा के पावन तट का रूख करती है। यहां स्वयं को जानने में मदद मिलती है।

एक सवाल के जवाब में लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन बोली, मेरी नजर में आध्यात्म और राजनीति एक ही है। यदि हम आध्यात्मिक यात्रा पर भी होते हैं, तो मन में राजनीतिक बातें चलती ही रहती है। परमार्थ निकेतन में लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि माँ गंगा की निर्मल लहरें मन को शान्ति, शीतलता और पवित्रता प्रदान करती हैं। कहा कि, उत्तराखंड से उनका पुराना लगाव है, जब भी समय मिलता है वह गंगा के तट पर शांति के लिए जरूर पहुंचती हैं। इस बार मैं लंबे समय बाद यहां भागवत कथा में शामिल होने आई हूं। कुछ दिन शांति से ऐसे माहौल में बैठना भी जरूरी होता है।

परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने मुलाकात कर वर्तमान में नारियों की दशा और उनके विरूद्ध बढ़ते अपराधों की ओर लोकसभा अध्यक्ष का ध्यान आकर्षित किया। साथ ही स्वच्छ भारत अभियान में नारियों की भूमिका, योग को समष्टि में समर्पित करना, महिला सशक्तीकरण, नदियों की स्वच्छता, पर्यावरण एवं जल संरक्षण जैसे अनेक सामाजिक विषयों पर चर्चा की।

इससे पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्र महाजन का जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर पूर्व मुख्यमंत्री व सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने स्वागत किया। सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने इस दौरान लोकसभा अध्यक्ष सुमित्र महाजन को मां नंदा राजजात यात्रा पर लिखी अपनी पुस्तक भेंट की। लोकसभा अध्यक्ष ने इसके लिए डॉ. निशंक का आभार व्यक्त किया।

तेल उत्पादक देशों को खरीददार देशों का भी ख्याल रखना होगा

ऊर्जा क्षेत्र के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन इंटरनेशनल इनर्जी फोरम-16 (आईईएफ-16) का उद्घाटन करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि अगर समाज के सभी वर्ग को किफायती दरों पर ऊर्जा नहीं उपलब्ध कराया गया, तो तेल उत्पादक देशों का ही घाटा होगा। मोदी जब यह बात कह रहे थे तब उनके आस-पास ओपेक (तेल उत्पादक देशों के संगठन) के महत्वपूर्ण सदस्य सउदी अरब, इरान, नाइजीरिया, कतर के मंत्री बैठे थे। उन्होंने यह भी कहा कि अगले 25 वर्षो तक भारत में ऊर्जा की मांग में सालाना 4.2 फीसद की बढ़ोतरी होगी जो विश्व में और कहीं नहीं होगी।

आईईएफ में वैसे तो 72 देश सदस्य हैं, लेकिन इस बैठक में 92 देशों के सदस्य हिस्सा ले रहे हैं। मोदी ने अपने उद्घाटन भाषण में जहां ऊर्जा क्षेत्र में भारत की बढ़ती अहमियत को मजबूती से रेखांकित किया। वहीं तेल उत्पादक देशों को साफ तौर पर संकेत दिया कि अब तेल खरीददार देशों के हितों का भी ख्याल रखना होगा। सिर्फ तेल उत्पादक देशों के हितों से यह बाजार नहीं चलेगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि, बहुत दिनों से तेल कीमतों में उतार-चढ़ाव चल रहा है। अब हमें कीमत ज्यादा समझदारी से तय करनी होगी जो उत्पादकों के साथ ही ग्राहकों के हितों में हो। ऐसा होने पर ही हम समूचे मानव समाज की ऊर्जा जरुरत को पूरा कर सकेंगे। पूर्व में जब भी तेल कीमतों को बाहरी दबाव बना कर बदला गया है तब यह उत्पादकों के लिए भी उल्टा साबित हुआ है। पीएम मोदी ने देश की ऊर्जा सुरक्षा को संरक्षित रखने के लिए चार सूत्रीय मंत्र भी दिया।

भारत अभी कच्चे तेल का सबसे बड़े खरीददार देशों में है। यहां अभी भी कुल खपत का 80 फीसद से ज्यादा आयात होता है। यह एक वजह है कि तमाम बड़े तेल उत्पादक देश भारत में उम्मीद खोज रहे हैं। तकरीबन चार वर्षो तक क्रूड की कीमतों में नरमी के बाद अभी यह 71 डॉलर प्रति बैरल को पार कर गया है। दो साल पहले यह 42 डॉलर था। इसका असर यह हुआ है कि भारत में अभी पेट्रोल व डीजल की कीमतें पिछले चार वर्षो के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। नई दिल्ली में पेट्रोल 73.98 रुपये प्रति लीटर व डीजल 64.96 रुपये है। इसके लिए उत्पाद शुल्क में भारी वृद्धि भी जिम्मेदार है। जिसे घटाने के लिए सरकार अभी तैयार नहीं दिखती है। यह एक वजह है कि मोदी तेल उत्पादक देशों को भारत में तेल व गैस की बढ़ती मांग का हवाला दे रहे हैं। अगर कीमतें ज्यादा बढ़ेंगी तो इनकी खपत भारत में कम हो सकती है जिसका खामियाजा तेल उत्पादक देशों की मांग पर पड़ेगा।

तीन जिला आबकारी अधिकारी निलंबित

आबकारी मंत्री प्रकाश पंत ने शराब की दुकानों से हो रही राजस्व की हानि के लिये तीन अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया है। पंत ने इन तीनों आबकारी अधिकारियों को निलंबित करने के निर्देश अपर मुख्य सचिव डा. रणबीर सिंह को दिए है।

पंत के निर्देश पर अपर मुख्य सचिव डा. रणबीर सिंह ने जिला आबकारी अधिकारी देहरादून मनोज कुमार उपाध्याय, जिला आबकारी अधिकारी हरिद्वार प्रशांत कुमार व जिला आबकारी अधिकारी चंपावत राजेंद्र लाल को निलंबित कर आबकारी आयुक्त कार्यालय से संबद्ध कर दिया है। साथ ही शासन ने नई तैनाती तक तीनों जिलों के अपर जिला अधिकारी को अतिरिक्त रूप से यह जिम्मेदारी दी है। सरकार ने उक्त मामले की विस्तृत जांच कराने का निर्णय भी लिया।

प्रदेश में वित्तीय वर्ष 2017-18 के लाइसेंस समाप्त होने के बाद शासन ने इन जिलों में एक माह के लिए शराब की दुकानों के लाइसेंस जारी किए थे। हर जिले के लिए बकायदा राजस्व लक्ष्य भी तय किया गया। इन दुकानों के आवंटन के बाद ये तथ्य सामने आए कि इनमें से कई दुकानें निर्धारित से कम कीमत पर आवंटित की गई। इससे विभाग को करोड़ों रुपये के राजस्व की हानि हुई।

कुछ दिनों पहले आबकारी मंत्री प्रकाश पंत ने निर्धारित से कम कीमतों पर दुकानों का आवंटन व इससे राजस्व में हुए नुकसान पर गहरी नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई थी। अब शासन ने देहरादून, हरिद्वार और चंपावत जिलों में हुए नुकसान को देखते हुए तीनों जिलों के जिला आबकारी अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। इन्हें निलंबन के दौरान आधा वेतन दिया जाएगा। इन्हें आरोप पत्र अलग से दिए जाएंगे।

शासन ने इन अधिकारियों के निलंबन के बाद देहरादून में एडीएम प्रशासन अरविंद कुमार पांडेय, हरिद्वार में एडीएम वित्त ललित नारायण मिश्र और चंपावत में एडीएम प्रशासन एवं वित्त हेमंत कुमार वर्मा को संबंधित जिलों के जिला आबकारी अधिकारी का दायित्व सौंपा गया है। आबकारी मंत्री प्रकाश पंत ने बताया कि अपर मुख्य सचिव आबकारी को इस पूरे मामले की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए गए हैं, जांच अधिकारी वे ही नियुक्त करेंगे।

ग्रोथ सेंटरों से पहाड़ों में प्रति व्यक्ति आए बढ़ेगीः त्रिवेन्द्र

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने ‘‘ग्रोथ सेन्टर्स’’ के लिये एक नीति बनाने के निर्देश दिये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि सरकार यह वर्ष रोजगार वर्ष के रूप में मना रही है। रोजगार के अवसर सृजित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि ग्रोथ सेन्टर्स पलायन रोकने और ग्रामीण क्षेत्रों के सर्व समावेशी विकास में बड़ी भूमिका निभाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रोथ सेन्टरों द्वारा पहाड़ो में प्रति व्यक्ति आय में सुधार होगा तथा क्षेत्रीय विषमताएं कम होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों के आर्थिक विकास के लिये सभी 670 न्याय पंचायतों को ग्रोथ सेन्टर्स से आच्छादित किया जायेगा। यह ग्रोथ सेंटर बहुउद्देशीय आर्थिक गतिविधियों के केन्द्र होंगे। इसके लिये इस वर्ष बजट में एमएसएमई विभाग हेतु 15 करोड़ रूपये की व्यवस्था भी की गई है।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि सभी विभाग यथा कृषि, उद्यान, डेरी, पशुपालन, आयुष, एमएसएमई आदि अपनी गतिविधियों के अनुसार प्रदेश में ग्रोथ सेन्टर एक्टिविटी चयनित कर लें।
मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को निर्देश दिये कि पॉलिसी की प्रतीक्षा किये बिना वे अपनी प्रारंभिक तैयारियां पूर्ण कर लें। उन्होंने कहा कि ग्रोथ सेन्टर्स की स्थापना ‘आउटकम’ बेस्ड होनी चाहिए। ग्रोथ सेन्टर्स के लाभ को देखने के लिये ‘इण्डिकेटर्स’ भी बनाये जायें।

प्रमुख सचिव मनीषा पंवार ने बताया कि ग्रोथ सेन्टर्स को लेकर हुई प्रारम्भिक बैठकों में प्रसंस्करण, निर्माण और सेवा क्षेत्रों में गतिविधियां चिन्हित करने का निर्णय लिया गया है। हर ग्रोथ सेन्टर में एक लीड एक्टिविटी (प्रमुख गतिविधि) को चिन्हित कर उसके अनुरूप उत्पादन एवं विपणन ‘चेन’ को प्रोत्साहित किया जायेगा।

अपना प्रभाव दिखाते तो लाखों की नौकरी करता बेटाः प्रेमचंद

उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल के बेटे अपूर्व अग्रवाल को उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण निगम (उपनल) से जलसंस्थान में सहायक अभियंता के पद तैनाती मिली थी। यह मामला प्रकाश में आने के बाद काफी बड़ा मसला खड़ा हो गया था। राज्य के विभिन्न जगहों पर प्रदर्शन व विस अध्यक्ष के पुतले तक आग के हवाले किये जा रहे थे। इस बीच विवाद को बढ़ता देख विधानसभा अध्यक्ष के बेटे अपूर्व अग्रवाल ने इस्तीफा दे दिया है। विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने जानकारी देते हुये बताया कि उनके बेटे ने इस पद से इस्तीफा दे दिया है और अब इस विषय को यहीं समाप्त किया जाए।

पत्रकारों से बातचीत में विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल इस पूरे प्रकरण पर व्यथित नजर आए। उन्होंने कहा कि उनका बेटा अपूर्व उपनल में सहायक अभियंता के पद पर 11 माह के लिए अस्थायी नियुक्ति हुआ था। उनके बेटे ने इसके लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन किया गया था। इस नियुक्ति में उनकी कोई भूमिका नहीं थी। इसके लिए उन्होंने अपने प्रभाव का इस्तेमाल नहीं किया। यदि वे अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते तो उनका बेटा दो-तीन लाख की नौकरी करता, न कि 15 हजार रुपये की अस्थायी नौकरी। उनके बेटे की यदि अपनी योग्यता व मेहनत के बूते नौकरी लगी है, इसके बाद भी ऐसी बातें कही जा रही हैं, इसका उन्हें कष्ट है।

उन्होंने कहा कि मेेरे राजनीतिक जीवन में अभी तक आरोप नहीं लगे हैं। वे राज्य आंदोलन समेत तमाम मांगों को लेकर संघर्षरत रहे हैं। उनकी छवि व संवैधानिक पद पर उनकी मर्यादा को तार-तार करने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि अब उनके बेटे ने इस्तीफा दे दिया है तो इस प्रकरण को यहीं समाप्त किया जाए।

जनता की खुशहाली के लिये एकजुट होंगे भारत और नेपाल

भारत और नेपाल एक दूसरे के नागरिकों की खुशहाली और गरीबी दूर करने के लिये एकजुट होकर कार्य करेंगे। कृषि क्षेत्र में यह कार्य सार्थक सिद्ध होगा। यह बात नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने पंतनगर विवि में कार्यक्रम के दौरान कही।

पंतनगर एयरपोट पर पहुंचने पर नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली का राज्यपाल केके पॉल व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बुके देकर स्वागत किया। परंपरागत कुमाऊं के रीति रिवाज के तहत प्रधानमंत्री केपीएस ओली का स्वागत किया गया। प्रधानमंत्री के सम्मान में कलाकारों ने छोलिया नृत्य एयरपोर्ट पर प्रस्तुत किया। इसके उनका काफिला पंतनगर विवि के लिए रवाना हो गया।

ओली अपनी धर्मपत्नी राधिका शाक्य और नेपाल के 33 सदस्यीय दल के साथ उत्तराखंड दौरे पर आए हुए हैं। उनकी इस यात्रा का मकसद दोनों देशों के बीच कृषि तकनीक के आदान-प्रदान को बढ़ाना है। रविवार को गोविंद बल्लभ पंत कृषि विवि, पंतनगर के गांधी हॉल में राज्यपाल केके पाल ने उन्हें विज्ञान वारिधि की मानद उपाधि से सम्मानित किया।

समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ओली ने कहा कि हमारी धार्मिक आस्थाएं एक-दूसरे के साथ हैं। नेपाल की जनता भी भारत के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलना चाहती है। पीएम ओली ने कहा कि नेपाल की दो तिहाई जनसंख्या कृषि पर निर्भर है, लेकिन आधुनिकीकरण एवं यांत्रिकीकरण में काफी पीछे हैं। हमारे दो कृषि विवि हैं, लेकिन वे अभी प्रारंभिक अवस्था में हैं। उन्हें मजबूती प्रदान करने के लिए पंतनगर विवि का सहयोग लिया जाएगा।

जीबी पंत कृषि विवि के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यहां बहुत कुछ सीखने को है। बोले, विवि ने जो सम्मान उनको दिया, वह उनके लिए नई प्रेरणा का काम करेगा। उन्होंने कहा कि भारत ने जो पहल की है, नेपाल उसमें अपना पूरा योगदान देगा। इससे पहले ओली ने विवि के ब्रीडर सीड्स प्रोसेसिंग यूनिट और बीज अनुसंधान केंद्र का निरीक्षण किया।

राज्यपाल डॉ. केके पॉल ने कहा कि नेपाल एवं उत्तराखंड इतिहास, संस्कृति, व्यापार के साथ-साथ अन्य बहुत सी समानताएं रखते हैं। चुनौतियां भी एक जैसी हैं तथा दोनों मिलकर अपने लोगों की बेहतरी, वातावरण सुरक्षा एवं प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा के लिए काम कर सकते हैं। उन्होंने नेपाल एवं उत्तराखंड की समान परिस्थितियों को देखते आपसी सहयोग के पांच बिंदुओं का उल्लेख किया।

हमने पारदर्शी आबकारी नीति लागू कीः त्रिवेन्द्र

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने एक बयान में कहा है कि शराब बिक्री के बारे में जो अफवाहें फैलाई जा रही है, वह निराधार है। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि हमारी सरकार ने एक पारदर्षी आबकारी नीति लागू की है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार एफएल-5एम/डीएस के नाम से एक पॉलिसी लाई थी। जिसके अंतर्गत मॉल/डिपार्टमेंटल स्टोर में 02 लाख रूपए का शुल्क देकर लाइसेंसधारियों को विदेषी शराब बेचने का अधिकार दिया गया था। हमारी सरकार ने इस पॉलिसी के दुरूपयोग को रोकने हेतु नए कदम उठाए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नए प्रावधानों के तहत मॉल/डिपार्टमेंटल स्टोर का लाइसेंस शुल्क 02 लाख से 05 लाख कर दिया गया है। साथ ही ये प्रावधान भी किया गया है कि यह लाइसेंस तब दिया जाएगा, जब उस स्टोर का सालाना टर्नओवर 50 लाख रुपये से अधिक हो। इससे वास्तविक डिपार्टमेंटल स्टोर ही उक्त अनुज्ञापन प्राप्त कर सकेंगे।

सीएम ने मीडिया व जनता से अपील की है कि इस मुद्दे पर भ्रामक खबरों या दुष्प्रचार से बचें। एफएल-5एम/डीएस पॉलिसी में किए गए संषोधन परचून किराना स्टोर में शराब बेचने के लिए नहीं है बल्कि पहले से चली आ रही पॉलिसी का दुरूपयोग रोकने का एक ईमानदार एवं पारदर्षी कदम है।

सरकार शराब को बढ़ावा देने के पक्ष में नहीं है, बल्कि इसके लिए बनाये नियमों का पारदर्षी तरीके से लागू करने का प्रयास कर रही है।

ऋषिकेश एम्स में रोबोटिक सर्जरी से दो का सफल ऑपरेशन

ऋषिकेश स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में इन दिनों रोबोटिक सर्जरी का लाभ कई मरीजों को मिल रहा है। इस सर्जरी के जरिये एक महिला का मूत्राशय में रसौली व एक व्यक्ति में पाए गये कैंसर का सफल ऑपरेशन किया गया। यह ऑपरेशन यूरोलॉजी विभाग के डॉक्टर्स की देखरेख में सम्पन्न हुआ।

संस्थान के निदेशक प्रोफेसर रविकांत गुप्ता ने बताया कि इस सर्जरी का सर्वाधिक उपयोग किडनी व मूत्राशय संबंधी बीमारियों के ऑपरेशन में किया जाता है। यूरोलॉजी के विभागाध्यक्ष डाक्टर अंकुर मित्तल व सुनील कुमार ने 65 वर्ष की एक महिला जो ब्लैडर कैंसर की समस्या से जुझ रही थी। उनका ऑपरेशन रोबोटिक सर्जरी के जरिए सफल रहा। इस ऑपरेशन में कैंसर से ग्रस्त मूत्राशय को निकालकर कृत्रिम मूत्राशय बनाया गया। उन्होंने बताया कि पूर्व में चीरा लगाकर ऑपरेशन किये जाते थे।

विदित हो कि मूत्राशय कैंसर धूम्रपान, विकिरण, रसायनिक कारणों, रंजक, रबड़, पेंट आदि के निर्माण में प्रयोग में लाये जाने वाले रसायन से होता है।

दूसरा सफल ऑपरेशन में एक व्यक्ति की किडनी में कैंसर था। रोबोटिक सर्जरी के जरिये रसौली को निकाल दिया गया और किडनी को बचा लिया गया। जबकि, पूर्व में किडनी को ही निकाल दिया जाता था।

निकाय चुनावः फिर से आमंत्रित होंगी आपत्ति, होगी सुनवाई

अब ऋषिकेश और कोटद्वार का नगर निगम बनना बिल्कुल तय है। अब इन पर आपत्ति आमंत्रित की जायेगी। इसके बाद अंतिम अधिसूचना जारी हो जायेगी। राज्य के शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने इस बात की पुष्टि की है।

राज्य सरकार ने 24 निकायों के सीमा विस्तार और गठन से संबंधित अनंतिम अधिसूचना जारी कर दी है। इसमें पांच नगर निगम व 19 नगर निकाय शामिल हैं। शासन की ओर से किए गए सीमा विस्तार पर हाईकोर्ट के निर्देश के बाद राज्य सरकार ने 24 निकायों के सीमा विस्तार व गठन को लेकर नए सिरे से आपत्तियां आमंत्रित की थीं। इन निकायों में नगर निगम देहरादून, काशीपुर, हरिद्वार, हल्द्वानी व रुद्रपुर, नगर पालिका परिषद कोटद्वार व ऋषिकेश (पूर्व में नगर निगम के रूप में उच्चीकृत), नगर पालिका परिषद भवाली, अल्मोड़ा, बागेश्वर, टनकपुर, विकासनगर, डोईवाला, पिथौरागढ़, किच्छा, चंबा, खटीमा, नगर पंचायत भीमताल, लंबगांव, चिन्यानौला (रानीखेत), नंदप्रयाग, तिलवाड़ा, चमियाला व सेलाकुई शामिल थे। इन सभी स्थानों से मिली आपत्तियों को सुनने और इनका निस्तारण करने के बाद शासन को रिपोर्ट भेजी गई थी। इनका शासन में परीक्षण चल रहा था। इस मामले में कोर्ट में 11 अप्रैल को सुनवाई होनी है।

सरकार ने अपनी तैयारियों को पुख्ता रूप देते हुए गुरुवार देर शाम इसकी अनंतिम अधिसूचना जारी कर दी है। अब इस अधिसूचना पर भी आपत्तियां मांगी जाएंगी। माना जा रहा है कि इनके निस्तारण में कम से कम तीन से चार दिन का समय लगेगा। इसमें बाद अंतिम अधिसूचना जारी की जाएगी।

शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि अनंतिम अधिसूचना से संबंधित पत्रवली पर उन्होंने हस्ताक्षर कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि चुनावांे को लेकर सरकार दस मई तक अपनी ओर से सारी तैयारियां पूरी कर लेगी।

यूपी में 500 एकड़ भूमि पर बनेगी नई अयोध्या

उत्तर प्रदेश सरकार अयोध्या में भगवान राम की 100 मीटर ऊंची प्रतिमा की योजना बनाने और यहां नई अयोध्या बसाने की तैयारी में जुटी हुयी है।

योगी आदित्यनाथ सरकार की योजना अयोध्या में नई अयोध्या टाउनशिप बसाने की है। यह टाउनशिप करीब 500 एकड़ जमीन में फैली होगी और इसके निर्माण पर करीब 350 करोड़ रुपये खर्च होने की संभावना है।

उत्तर प्रदेश सरकार ने अनौपचारिक तौर से इस प्रोजेक्ट के लिए अपना काम शुरू कर दिया है, हालांकि औपचारिक तौर पर महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को क्षेत्रीय स्तर पर सहमति मिलने के बाद इसे राज्य सरकार के पास भेजा जाएगा। अयोध्या फैजाबाद डेवलपमेंट अथॉरिटी की ओर से अनुमति मिलने के बाद यह योजना आगे बढ़ेगी।

कार्यकारी इंजीनियर मनोज कुमार मिश्रा ने बताया कि नई अयोध्या टाउनशिप की योजना को लेकर प्रारंभिक सहमति हाल ही में कमिश्नर और जिलाधिकारी की बैठक में मिल गई थी। अब इस प्रस्ताव को अथॉरिटी के पास भेजा जाना है जो 13 अप्रैल को होने वाली बैठक में फैसला ले सकती है, इसके बाद इसे राज्य सरकार के पास भेजा जाएगा।

सरयू नदी के दाईं ओर बनेगा टाउनशिप

नई अयोध्या टाउनशिप को कई चरणों में सरयू नदी के दाईं तरफ बसाया जाएगा। जो 500 एकड़ के दायरे में फैला होगा। निर्माण के पहले चरण में 100 एकड़ में टाउनशिप बनाई जाएगी जिस पर 110 करोड़ का खर्च आने की संभावना है। इस खर्च में जमीन की कीमत भी शामिल है जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 70 करोड़ आंकी जा रही है।

इस प्रोजेक्ट के शुरू के बाद टाउनशिप के पहले चरण का निर्माण पूरा होने में 12 से 18 महीने का वक्त लगेगा। अथॉरिटी प्रोजेक्ट के लिए लोन लेने की योजना बना रही है।

नई अयोध्या टाउनशिप लखनऊ-गोरखपुर हाईवे पर माझा बरहटा और जयसिंह मऊ गांव के पास बसाया जाएगा। इस टाउनशिप में आवासीय क्षेत्रों के अलावा मंदिर, सार्वजनिक कार्यस्थल, पार्क, होटल और शॉपिंग गलियारे होंगे ही, साथ में विश्व स्तर के पेयजल और सीवर सुविधाएं भी होंगी।

इससे पहले योगी राज में राज्य सरकार ने अयोध्या में भगवान राम की 100 मीटर ऊंची प्रतिमा बनाने का प्रस्ताव रखा है जिसके निर्माण पर 330 करोड़ रुपये का खर्चा आएगा। सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए निजी कंपनियों से भी निवेश करने का अनुरोध किया है।