समाज में घटित हो रही संवेदनशील घटनाओं को उजागर करते हुए जागरूकता फैला रही द केरला स्टोरी 2 फिल्म: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मॉल ऑफ देहरादून में बहुचर्चित फिल्म ‘द केरला स्टोरी 2’ देखी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह फिल्म समाज में घटित हो रही संवेदनशील घटनाओं को उजागर करते हुए जागरूकता का एक सशक्त माध्यम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सामाजिक समरसता और जनसंख्या संतुलन को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य बना है जिसने समान नागरिक संहिता (UCC) लागू कर एक ऐतिहासिक पहल की है, जो समाज में समानता और न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून लागू किया गया है, जिससे अवैध और जबरन धर्मांतरण की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रकार के कानून समाज में पारदर्शिता, सुरक्षा और विश्वास को मजबूत करने का कार्य करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसी विशेष वर्ग के खिलाफ नहीं, बल्कि सभी नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करना है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे जागरूक रहें और समाज में सकारात्मक बदलाव के लिए अपनी भूमिका निभाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार की फिल्में समाज को सोचने और समझने का अवसर देती हैं, और सरकार ऐसे हर प्रयास का समर्थन करती है।

इस अवसर पर मेयर सौरभ थपलियाल, विधायक उमेश शर्मा काऊ, दुर्गेश्वर लाल, पूर्व विधायक राजेश शुक्ला एवं अन्य जनप्रतिनिधि थे।

किसान हमारे अन्नदाता और असली नायक हैं: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कृषि एवम् प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर में 119 वें अखिल भारतीय किसान मेला एवं कृषि उद्योग प्रदर्शनी का शुभारम्भ किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया व विश्विद्यालय साहित्य का विमोचन भी किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमारे लिए हर्ष का विषय है कि पंतनगर विश्वविद्यालय में 119वे कृषि मेले का आयोजन किया जा रहा है। इस प्रकार के मेले आयोजन कृषकों के लिए अति महत्वपूर्ण होते हैं, नवाचारों की जानकारियां मिलती है व वैज्ञानिकों से सीधे संवाद का अवसर मिलता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान बन्धु हमारे अन्नदाता है व हमारे असली नायक हैं। किसानों की मेहनत व समर्पण से ही हमे अन्न मिल रहा है और देश आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के विकसित भारत संकल्पना में किसान की महत्वपूर्ण भूमिका है। कृषकों के मेहनत व समर्पण से ही गांव, क्षेत्र और देश का विकास होता है।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश के 10 करोड़ से अधिक किसानों को किसान सम्मान निधि का लाभ दिया जा रहा है। शुक्रवार को प्रधानमंत्री ने किसान सम्मान निधि की 22 वीं किस्त जारी की है। प्रदेश के 09 लाख से अधिक किसानों को किसान सम्मान निधि का लाभ प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि कृषि को जंगली जानवरों से बचाव के लिए घेरबाड़ हेतु केंद्र द्वारा हमें प्रथम किस्त के रूप में 25 करोड़ की धनराशि जारी की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री, अन्नदाताओं के जीवन को बेहतर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा किसानों को फसल बीमा योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना, किसान मानधन योजना, बागवानी विकास योजना, कृषि यंत्र अनुदान योजना, बूंद बूंद सिंचाई योजना जैसी योजनाएं के माध्यम से किसानों को सशक्त किया जा रहा है। किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए किसान क्रैडिट कार्ड के सीमा 03 लाख से बढ़ाकर 05 लाख कर दी गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा भारत सरकार द्वारा किसानों के लिए 14 हजार करोड़ लागत की 07 नई परियोजनाएं लागू की गई हैं। प्रदेश सरकार द्वारा किसानों को 03 लाख तक ऋण का बिना ब्याज के उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा किसानों की आय बढ़ाने हेतु पॉलीहाउस लगाने हेतु 200 करोड़ की धनराशि रखी गई है,अभी तक 115 करोड़ की लागत से 350 पॉलीहाउस स्थापित किए जा चुके हैं।

मुख्यमंत्री के कहा प्रदेश में भौगोलिक परिस्थितियाँ अलग अलग है। इसलिए, भौगौलिक स्थितियों को देखते हुए क्षेत्र विशेष के लिए योजनाऐं चलाई जा रही हैं।उन्होंने कहा 1200 करोड़ के लागत से नई सेब नीति लागू की गई है, कृषकों के हित में कई नई नीतियां लागू की गई है तथा कई योजनाओं में 80 प्रतिशत तक राज्य सहायता दी जा रही है। उन्होंने कहा प्रदेश में 07 एरोमा वैली विकसित किये जा रहे हैं। ड्रेगन फ्रूट की मांग बढ़ रही है इसलिए ड्रेगन फ्रूट को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रदेश में फलों के उत्पादन में ढ़ाई प्रतिशत तक वृद्धि हुई है तथा मशरूम का उत्पादन 27 हजार मीट्रिक टन हो गया है व मशरूम उत्पादन में हम देश में पांचवें स्थान पर आ गए हैं। उन्होंने कहा प्रदेश में मौन पालन शहद उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं,राज्य में 33 सौ मीट्रिक टन शहद उत्पादन हो रहा है और हम देश में 08 वे स्थान पर आ गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्र में 01 लाख 11 हजार करोड़ का बजट पारित किया गया है, जिसमें कृषि,उद्यान, एरोमैटिक, मत्स्य, मौन पालन,शोध आदि में धनराशि प्राविधान की गई है। डबल इंजन सरकार ने किसानों के हितों को सर्वोपरि रखा है और सरकार, कृषकों का कंधे से कंधा मिलाकर साथ देगी। उन्होंने कृषकों से जागरूक होकर नई कृषि तकनीकि अपनाकर लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा हम सब मिलकर प्रदेश व देश को आगे बढ़ाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाये।

कुलपति पंतनगर विश्वविद्यालय डॉ मनमोहन सिंह चौहान ने विश्वविद्यालय परिवार व कृषकों को ओर से सभी अतिथियों का स्वागत व अभिनंदन किया। उन्होंने कहा विश्वविद्यालय 119 वें कृषि मेले का आयोजन कर रहा है, यह हमारे लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि मेले में 350 से अधिक स्टॉल लगे हैं। प्रतिदिन लगभग 20 हजार लोग मेले में प्रतिभाग कर रहे हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा किए जा रहे कार्यों, क्रियाकलापों की विस्तृत जानकारियां दी।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, विधायक तिलक राज बेहड, मेयर विकास शर्मा, दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, फरजाना बेगम, पूर्व विधायक राजेश शुक्ला,पूर्व दर्जा मंत्री राजेश कुमार, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

सदन में सीएम ने की घोषणा, अल्मोड़ा में खुलेगा लेंग्वेज ट्रेनिंग सेंटर

विदेशी भाषाएं सीखकर विभिन्न देशों में नौकरी करने के इच्छुक छात्र-छात्राओं को सरकार ने बड़ा तोहफा दिया है। सरकार ने अल्मोड़ा में लैंग्वेज ट्रेनिंग सेंटर खोलने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना के अंतर्गत वर्तमान में सिर्फ एक सेंटर है। यह सेंटर वर्ष 2023 से देहरादून में संचालित है। अल्मोड़ा में सेंटर खुलने के बाद इस तरह के सेंटरों की प्रदेश में संख्या दो हो जाएगी।

राज्य सरकार ने वर्ष 2023 से मुख्यमंत्री कौशल उन्ययन एवं वैश्विक रोजगार योजना को शुरू किया है। इसके अंतर्गत देहरादून में पहला लैंग्वेज ट्रेनिंग सेंटर खोला गया है, जिसमें विभिन्न भाषाओं का बच्चों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है और यहीं से उनकी नौकरी की व्यवस्था की जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभाग को निर्देश दिए हैं कि इन सेंटरों की संख्या बढ़ाई जाए। ताकि ज्यादा से ज्यादा बच्चों को इसका लाभ मिल सके। शुक्रवार को विधानसभा के बजट सत्र के पांचवें दिन कौशल विकास मंत्री सौरभ बहुगुणा ने सरकार की ओर से अल्मोड़ा में लैंग्वेज ट्रेनिंग सेंटर खोलने की घोषणा की।

*बच्चों की ट्रेनिंग पर सीएम गंभीर, बजट बढ़ाया*
इस योजना में ज्यादा से ज्यादा बच्चों को लाभ पहुंचाने को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी काफी गंभीर है। यही वजह है कि इस योजना में ट्रेनिंग का जो बजट सिर्फ 75 लाख रूपये का था, उसे इस बार 3.3 करोड़ रूपये कर दिया गया है। कौशल विकास मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा कि मुख्यमंत्री की सकारात्मक सोच के चलते अब और ज्यादा बच्चों को ट्रेनिंग का लाभ मिल पाएगा।

कौशल विकासः व्यवस्था और अवसर

147
बच्चों को अभी तक दिया गया विदेशी भाषा का प्रशिक्षण
92
बच्चों की विभिन्न देशों में अभी तक लग चुकी है नौकरी
08
से 10 माह का बच्चों को दिया जाता है सेंटर में प्रशिक्षण
16
अधिकृत एजेंसियों के माध्यम से दिया जा रहा है प्रशिक्षण
10
और बच्चों के लिए सऊदी अरब में है नौकरी का प्र्रस्ताव

*सऊदी अरब में सेवारत 30 बच्चे सुरक्षित*
पश्चिम एशिया में युद्ध के हालात के बीच राज्य सरकार उन लोगों की भी पूरी चिंता कर रही है, जिन्हें इस योजना के माध्यम से विदेशों में नौकरी मिली है। सदन में कौशल विकास मंत्री सौरभ बहुगुणा ने बताया कि सऊदी अरब में सेवारत लोगों से बात हुई है और वे पूरी तरह से सुरक्षित हैं।

उत्तराखंड में अभी तक 21 हजार से ज्यादा बच्चों को मिल चुका है छात्रवृत्ति योजना का लाभ

प्रदेश के मेधावी छात्रों को प्रोत्साहित करने के लिए धामी सरकार संवेदनशीलता से काम कर रही है। यही वजह है कि अभी तक प्रदेश के 21 हजार 743 बच्चों को विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत छात्रवृत्ति प्रदान की जा चुकी है। इसमें मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन छात्रवृत्ति योजना में सबसे ज्यादा 17 हजार 852 मेधावी बच्चे लाभान्वित हुए हैं। धामी सरकार ने समस्त छात्रवृत्ति योजनाओं के पात्र मेधावी बच्चों में अभी तक 17 करोड़ 67 लाख 77 हजार तीन सौ की धनराशि वितरित की है।

प्रदेश में मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन छात्रवृत्ति योजना के साथ ही डॉ शिवानंद नौटियाल स्मृति छात्रवृत्ति योजना, श्रीदेव सुमन राज्य योग्यता छात्रवृत्ति योजना, राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कोर छात्रवृत्ति योजना संचालित की जा रही है। इसके अलावा, प्रदेश से बाहर के सैनिक स्कूल में पढ़ रहे मेधावी छात्रों को भी धामी सरकार छात्रवृत्ति का लाभ प्रदान कर रही है।
विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने सदन में बताया कि मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन छात्रवृत्ति योजना में छह से 12 वीं तक के मेधावी बच्चों को 600 से लेकर 1200 रूपये तक की छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है। श्रीदेव सुमन राज्य योग्यता छात्रवृत्ति योजना में अभी तक 3289 मेधावी बच्चें लाभान्वित हुए हैं, जबकि डॉ शिवानंद नौटियाल स्मृति छात्रवृत्ति योजना में अभी तक 527 बच्चों को छात्रवृत्ति मिली हैं।

स्टार्टअप इंडिया रैंकिंग में उत्तराखण्ड को मिला ‘लीडर’ दर्जा

भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT) द्वारा जारी States’ Startup Ecosystem Ranking (5वां संस्करण) में उत्तराखण्ड को मजबूत स्टार्टअप इकोसिस्टम विकसित करने में ‘लीडर’ के रूप में मान्यता प्रदान की गई है। इस उपलब्धि के लिए राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस के अवसर पर उत्तराखण्ड सरकार के उद्योग विभाग को Certificate of Appreciation प्रदान किया गया।
इस सम्मान से यह स्पष्ट होता है कि उत्तराखण्ड में स्टार्टअप नीति के जरिए नवाचार, उद्यमिता, निवेश प्रोत्साहन और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने में कामयाब रहा है, जिसे अब राष्ट्रीय स्तर पर सराहा जा रहा है। उत्तराखंड की उपलब्धि को राष्ट्रीय स्तर पर एक मॉडल के तौर पर भी देखा जा रहा है।
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*यह सम्मान उत्तराखण्ड के लिए गर्व का विषय है। हमारी सरकार ने स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए अनुकूल नीतियां, सरल प्रक्रियाएं और मजबूत इकोसिस्टम विकसित किया है। राज्य के युवाओं में नवाचार की अद्भुत क्षमता है और सरकार हर स्तर पर उन्हें सहयोग प्रदान कर रही है। यह उपलब्धि प्रदेश के सभी उद्यमियों, स्टार्टअप्स और अधिकारियों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है।*
*पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड*

सीएम के निर्देश पर तत्काल शासनादेश हुआ जारी, अंकिता के नाम से अब राजकीय नर्सिंग कॉलेज

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर राजकीय नर्सिंग कॉलेज डोभ (श्रीकोट) पौड़ी का नाम परिवर्तित करते हुए ‘स्व. अंकिता भंडारी राजकीय नर्सिंग कॉलेज डोभ (श्रीकोट) पौड़ी‘ किया गया है। इस संबंध में चिकित्सा सवास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार के द्वारा गुरुवार को कार्यालय ज्ञाप जारी कर दिया गया है।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गत दिवस स्व. अंकिता के माता-पिता से भेंट कर दोहराया था कि था सरकार पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। मुख्यमंत्री ने स्व. अंकिता भंडारी के माता-पिता के द्वारा प्रस्तुत मांगों पर विधि-सम्मत, निष्पक्ष एवं त्वरित कार्यवाही का भरोसा दिलाते हुए कहा कि उन्हें न्याय दिलाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

उत्तराखंड के श्रद्धालुओं की वर्षों पुरानी मांग पूर्ण, टनकपुर से श्री नांदेड़ साहिब के लिए रेल सेवा शुरू

देवभूमि उत्तराखंड और सिख समुदाय की भावनाओं का सम्मान करते हुए केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक एवं अत्यंत महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। टनकपुर (उत्तराखंड) से तख्त श्री नांदेड़ साहिब (महाराष्ट्र) तक नई रेल सेवा की शुरुआत को स्वीकृति प्रदान की गई है। इस निर्णय से अब देश के प्रमुख पवित्र स्थलों में से एक नांदेड़ साहिब की यात्रा उत्तराखंड के हजारों श्रद्धालुओं के लिए और अधिक सुगम, सुरक्षित एवं सुविधाजनक हो सकेगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस महत्वूपर्ण निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव जी का हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह कदम न केवल उत्तराखंड के सिख समुदाय और श्रद्धालुओं की वर्षों पुरानी मांग को पूरा करता है, बल्कि प्रदेश के धार्मिक पर्यटन को भी नई दिशा प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि टनकपुर से चलने वाली इस रेल सेवा से तराई क्षेत्र सहित पूरे उत्तराखंड के श्रद्धालुओं को सीधा लाभ मिलेगा। यह रेल संपर्क सामाजिक एवं सांस्कृतिक एकता को मजबूत करते हुए उत्तराखंड को राष्ट्रव्यापी धार्मिक पर्यटन मानचित्र पर और सशक्त रूप से स्थापित करेगा।

प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य के सर्वांगीण विकास हेतु सतत प्रयासरत है। नई रेल सुविधा उत्तराखंड की कनेक्टिविटी को और सुदृढ़ करते हुए व्यापार, पर्यटन एवं सांस्कृतिक यात्राओं को भी प्रोत्साहित करेगी।

सीएम धामी की टनकपुर में ‘एकता पदयात्रा’, युवाओं को स्वदेशी व नशा मुक्त भारत के लिए किया प्रेरित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने एक दिवसीय चंपावत भ्रमण कार्यक्रम के तहत को टनकपुर पहुँचे। उन्होंने राष्ट्र की एकता और अखंडता के प्रतीक लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित ‘एकता पदयात्रा’ में प्रतिभाग किया।

यह पदयात्रा डिग्री कॉलेज टनकपुर से प्रारंभ होकर गांधी मैदान तक सम्पन्न हुई। मुख्यमंत्री ने पैदल चलकर जनसमूह को राष्ट्रीय एकता, अखंडता और स्वावलंबन का संदेश दिया।

डिग्री कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री धामी ने सरदार पटेल की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि “सरदार वल्लभभाई पटेल भारत की एकता, अखंडता और दृढ़ संकल्प के प्रतीक हैं। स्वतंत्रता संग्राम में उनका योगदान और देश की रियासतों के एकीकरण में उनकी भूमिका सदैव स्मरणीय रहेगी, जो नवजवानों को सदैव प्रेरित करती रहेगी।”

मुख्यमंत्री ने कहा सरदार पटेल के जीवन से हमें राष्ट्रहित में समर्पण, अनुशासन और एकता का प्रेरणादायक संदेश मिलता है। उन्होंने इस अवसर पर सभी को ‘नशा मुक्त भारत निर्माण’ का सामूहिक संकल्प भी दिलाया।

एकता मार्च में टनकपुर के युवाओं का विशेष उत्साह देखने को मिला। एनसीसी कैडेट्स, एनएसएस स्वयंसेवक, स्थानीय छात्र-छात्राएँ, नौजवानों, जनप्रतिनिधियों एवं विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ साथ स्थानीय नागरिकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। युवाओं ने ‘नशा मुक्त भारत’ और ‘स्वदेशी अपनाओ’ के नारों के साथ एकता और देशभक्ति का सन्देश दिया।

मुख्यमंत्री के आह्वान पर जनसमूह में देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव का वातावरण व्याप्त हो गया, जिससे राष्ट्रीय एकता के इस पर्व को और भी अधिक गरिमामय बना दिया गया।

इस अवसर पर दर्जा राज्य मंत्री श्याम नारायण पांडे, जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी, नगर पालिका अध्यक्ष विपिन कुमार, ब्लॉक प्रमुख अंचला बोहरा, भाजपा जिला अध्यक्ष गोविंद सामंत, भाजपा प्रदेश महामंत्री निर्मल महरा, जिला महामंत्री मुकेश कलखुड़िया, प्रकाश तिवारी, दीपक रजवार, पूरन महरा, हिमेश कलखुड़िया, शिवराज कठायत, गुंजन सुखेजा, सतीश पांडे, पुष्पा विश्वकर्मा, श्री केदार बृजवाल, विकास शाह सहित जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती, मंगला त्रिपाठी संयुक्त निदेशक सहकारिता विभाग साहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

अब उत्तराखंड में रहने वाले परिवारों की पहचान और वास्तविक संख्या आएगी सामने

उत्तराखंड में निवासरत सभी परिवारों को अब विशिष्ट पहचान संख्या मिलेगी। इसके साथ ही राज्य में लागू विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को इस संख्या से एकीकृत किया जाएगा। धामी कैबिनेट की बुधवार को हुई बैठक में इसके लिए नियोजन विभाग के अंतर्गत देवभूमि परिवार योजना लागू करने को सैद्धांतिक सहमति दे दी गई। इससे जहां राज्य में रहने वालेे परिवारों की पहचान और वास्तविक संख्या सामने आएगी, वहीं जनोपयोगी योजनाओं में पात्र लाभार्थी कितनी योजनाओं का लाभ ले चुके हैं और कितनी का लाभ प्राप्त करना शेष हे, इसे लेकर भी तस्वीर साफ होगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सचिवालय में हुई बैठक में 12 प्रस्तावों पर चर्चा के बाद मुहर लगाई गई। कैबिनेट के निर्णयों की जानकारी देते हुए सचिव शैलेश बगोली ने बताया कि देवभूमि परिवार योजना के तहत राज्य में रहने वाले प्रत्येक परिवार का डाटा बेस तैयार कर उन्हें विशिष्ट परिवार पहचान संख्या दी जाएगी। विभिन्न योजनाओं के लाभार्थी परिवारों को इस संख्या से संबद्ध किया जाएगा। यही नहीं, लाभार्थी परिवारों को समस्त योजनाएं एक क्लिक पर दिखाई देंगी, जिसके लिए वे पात्र हैं।

ये होंगे लाभ
नागरिकों व परिवारों की समग्र एवं व्यापक प्रोफाइल होगी तैयार, जिसमें सामाजिक, आर्थिक व जनसंख्यायिकी विवरण भी शामिल होगा।
अपात्र लाभार्थियों के चिह्नीकरण एवं ऐसे प्रकरणों के निदान में मदद डाटा बेस के आधार पर पात्र लाभार्थी को मिलेगी सूचना।
विभिन्न योजनाओं व सेवाओं के लिए आवेदन के समय दस्तावेजों के फिर से प्रस्तुतीकरण का उन्मूलन।
योजनाओं व सेवाओं के माध्यम से सरकार सीधे नागरिकों से स्थापित कर सकेगी संवाद।
विभिन्न विभागों की जनहित की नीतियों, योजनाओं को अधिक सक्षम व प्रभावी बनाने में मदद।
नागरिकों, विशेष रूप से वंचित वर्गों तक योजनाओं की सुनिश्चित हो सकेगी पहुंच।
आपदा की स्थिति में सीधे नागरिकों व परिवारों से संवाद स्थापित कर राहत वितरण में मिलेगी मदद।

वन खेलकूद प्रतियोगिता में 42 टीमों के 3390 खिलाड़ी, 700 महिला प्रतिभागियों को सीएम धामी ने दी शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज, रायपुर (देहरादून) में आयोजित अखिल भारतीय वन खेलकूद प्रतियोगिता 2025 में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल एवं कल्पना सैनी, तथा विधायक उमेश शर्मा ‘काउ’, खजान दास, सविता कपूर, प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, प्रमुख वन संरक्षक उत्तराखंड सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

देवभूमि में खिलाड़ियों और वन अधिकारियों का स्वागत
मुख्यमंत्री ने मंच से देश के विभिन्न राज्यों से पधारे वन अधिकारियों, खिलाड़ियों एवं खेल प्रेमियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह हमारे लिए गर्व की बात है कि 28वीं अखिल भारतीय वन खेलकूद एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिता की मेजबानी का सौभाग्य उत्तराखंड को प्राप्त हुआ है।
उन्होंने इस आयोजन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव का आभार व्यक्त किया तथा वन विभाग और आयोजकों को इस भव्य आयोजन के लिए बधाई दी।

3390 खिलाड़ी, 42 टीमें, 700 से अधिक महिला प्रतिभागी
मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त की कि इस वर्ष प्रतियोगिता में देशभर के 42 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से 3390 खिलाड़ी, जिनमें 700 से अधिक महिला खिलाड़ी, भाग ले रही हैं।
उन्होंने सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि “खेल केवल शारीरिक तंदुरुस्ती का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व विकास और राष्ट्र निर्माण का भी आधार हैं।”

खेल संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण के दोहरे संकल्प पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल व्यक्ति में अनुशासन, टीमवर्क और संघर्ष की भावना विकसित करते हैं। उन्होंने कहा कि वन कर्मियों का फिट रहना अत्यंत आवश्यक है क्योंकि वही वन और पर्यावरण की रक्षा के असली प्रहरी हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ-साथ वन संपदा के संरक्षण और संवर्धन के लिए भी सतत प्रयासरत है।

स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान और खिलाड़ियों को सम्मान
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि प्रदेश में 8 शहरों में 23 खेल अकादमियां, एक राज्य खेल विश्वविद्यालय, और महिलाओं के लिए महिला स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना की जा रही है। उन्होंने कहा कि “राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक लाने वाले खिलाड़ियों को हमारी सरकार ‘आउट ऑफ टर्न’ नियुक्ति दे रही है और उत्कृष्ट खिलाड़ियों को 50 लाख रुपये की सम्मान राशि भी प्रदान कर रही है।”

मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया कि हाल ही में वर्ल्ड कप विजेता भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सदस्य एवं उत्तराखंड की बेटी स्नेहा राणा को 50 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान करने की घोषणा की गई है।

ग्रीन गेम्स और खेल वन की सराहना
मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में संपन्न 38वें राष्ट्रीय खेलों को उत्तराखंड ने ‘ग्रीन गेम्स’ की थीम पर आयोजित किया, जहाँ सभी सामग्री ई-वेस्ट और रिसाइकल्ड मटेरियल से तैयार की गई।
उन्होंने बताया कि 2.77 हेक्टेयर भूमि पर ‘खेल वन’ विकसित किया गया है, जहाँ पदक विजेताओं के नाम पर 1600 से अधिक रुद्राक्ष वृक्ष लगाए गए हैं। “यह स्थल खेल उत्कृष्टता के साथ हरित चेतना का प्रतीक बनेगा।”

वन्यजीव संरक्षण में आधुनिक तकनीक का प्रयोग
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का लगभग 71 प्रतिशत क्षेत्र वनाच्छादित है, जो इसे देश का ‘ऑक्सीजन बैंक’ और ‘वाटर टॉवर’ बनाता है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 6 राष्ट्रीय उद्यान, 7 वन्यजीव विहार और 4 संरक्षण आरक्षित क्षेत्र हैं- जो पूरे देश के औसत से कहीं अधिक है।
उन्होंने बताया कि वन्यजीव संरक्षण के लिए राज्य सरकार ने जीपीएस ट्रैकिंग, ड्रोन सर्विलांस, डॉग स्क्वॉड जैसी आधुनिक तकनीकें लागू की हैं।

साथ ही, मानव-वन्यजीव संघर्ष में मुआवजा राशि को 6 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दिया गया है।

सीएम यंग ईको-प्रिन्योर योजना और इको-टूरिज्म
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में “सीएम यंग ईको-प्रिन्योर योजना” के तहत युवाओं को नेचर गाइड, ड्रोन पायलट, वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर, ट्रेकिंग गाइड और इको-टूरिज्म उद्यमी के रूप में प्रशिक्षित किया जा रहा है। साथ ही, “कैन्टर राइड” जैसी पहलों से स्थानीय समुदायों को वन्यजीव संरक्षण और पर्यटन से जोड़कर उनकी आजीविका सशक्त की जा रही है। उन्होंने कहा कि कॉर्बेट में ‘वन्यजीवों का एम्स’ कहे जाने योग्य आधुनिक रेस्क्यू सेंटर स्थापित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से से हल्द्वानी जू सफारी परियोजना और उत्तरकाशी में प्रस्तावित स्नो लेपर्ड कंज़र्वेशन सेंटर की स्वीकृति हेतु सहयोग का अनुरोध किया। उन्होंने कहा “ये दोनों परियोजनाएं राज्य के पर्यटन और वन्यजीव संरक्षण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।”

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान का उल्लेख करते हुए खिलाड़ियों से आग्रह किया कि “यदि आप इस स्टेडियम परिसर में अपनी माता के नाम एक पौधा लगाएंगे, तो यह माँ के प्रति प्रेम और सम्मान का प्रतीक होगा और इस आयोजन को यादगार बनाएगा।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें पूर्ण विश्वास है कि देशभर से आए वन अधिकारी और खिलाड़ी अपनी अनुशासन, परिश्रम और खेल भावना से न केवल खेलों में उत्कृष्टता प्राप्त करेंगे, बल्कि वन संपदा के संरक्षण और हरित उत्तराखंड निर्माण के संकल्प को भी साकार करेंगे। “आप सभी अपने परिश्रम से न केवल राज्य का गौरव बढ़ा रहे हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक हरित, स्वस्थ और सशक्त उत्तराखंड का निर्माण कर रहे हैं।”