चारधाम यात्रा को और सशक्त बनाने पर दिया जा रहा है ध्यान: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रामनगर के छोई स्थित श्री हनुमान धाम में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों, पदाधिकारियों एवं श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए कहा कि यहां उपस्थित प्रत्येक श्रद्धालु पर बजरंगबली की विशेष कृपा है, क्योंकि उनकी इच्छा के बिना कोई भी उनके दरबार तक नहीं पहुंच सकता।

मुख्यमंत्री ने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए कहा कि कई बार उन्होंने यहां आने का प्रयास किया, लेकिन कार्यक्रम नहीं बन पाया। इस बार बजरंगबली की कृपा से अचानक कार्यक्रम तय हुआ और उन्हें दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ। उन्होंने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवं कल्याण की कामना करते हुए ईश्वर से सभी पर अपनी कृपा बनाए रखने की प्रार्थना की।

मुख्यमंत्री ने देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुए ऐतिहासिक कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्षों के इंतजार के बाद अयोध्या में राम मंदिर का भव्य निर्माण हुआ है। वहीं काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के निर्माण से श्रद्धालुओं को अभूतपूर्व सुविधाएं प्राप्त हुई हैं। साथ ही केदारनाथ धाम और बद्रीनाथ धाम में भी व्यापक विकास कार्य किए जा रहे हैं, जिससे उत्तराखंड की पहचान और अधिक सशक्त हुई है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है और यहां की आस्था एवं सांस्कृतिक विरासत की रक्षा करना राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से राज्य में सख्त कानून लागू किए जा रहे हैं तथा धार्मिक सौहार्द बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन चुका है, जहां समान नागरिक संहिता लागू की गई है, जो पूरे देश के लिए एक उदाहरण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का संकल्प लिया गया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी के सहयोग और आशीर्वाद से यह संकल्प अवश्य पूर्ण होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के प्रमुख धार्मिक स्थलों केदारखंड और मानसखंड सहित अन्य स्थलों के सौंदर्यीकरण एवं आधारभूत संरचना विकास के कार्य लगातार जारी हैं। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप राज्य में हर वर्ष श्रद्धालुओं और तीर्थयात्रियों की संख्या में वृद्धि हो रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी कुंभ केवल उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश की आस्था का विषय है, वर्ष 2027 में प्रस्तावित कुंभ मेले की तैयारियां अभी से प्रारंभ कर दी गई हैं। प्रदेश में शीतकालीन यात्रा भी निरंतर संचालित हो रही है और चारधाम के कपाट खुलने तक जारी रहेगी। अब तक लगभग एक लाख साठ हजार श्रद्धालु शीतकालीन यात्रा के दौरान विभिन्न धार्मिक स्थलों पर दर्शन कर चुके हैं। आगामी चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं की भी व्यापक तैयारियां आरम्भ की जा चुकी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शीतकाल में भी बड़ी संख्या में पर्यटक एवं श्रद्धालु उत्तराखंड पहुंच रहे हैं, जो राज्य में धार्मिक पर्यटन के बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है। सरकार का लक्ष्य धार्मिक पर्यटन को और अधिक सशक्त करना है, ताकि उत्तराखंड की पहचान वैश्विक स्तर पर और मजबूत हो सके। मुख्यमंत्री ने सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “बजरंगबली की कृपा हम सभी पर बनी रहे और हमारा उत्तराखंड निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर रहे।”

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, विधायक रामनगर दीवान सिंह बिष्ट, महापौर हल्द्वानी गजराज बिष्ट, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, दर्जा राज्य मंत्री डॉ. अनिल कपूर डब्बू, दिनेश आर्या, शंकर कोरंगा, शांति मेहरा, कुमाऊं आयुक्त एवं सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत, आईजी कुमाऊं रिद्धिम अग्रवाल, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टीसी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, श्री हनुमान धाम ट्रस्ट के आचार्य विजय एवं ट्रस्ट प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

कुम्भ मेला 2027 की तैयारियों का मुख्य सचिव ने किया स्थलीय निरीक्षण

कुम्भ मेला–2027 की तैयारियों का जायज़ा लेने के लिए प्रदेश के मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन ने गुरुवार को हरिद्वार में विभिन्न निर्माणाधीन एवं प्रस्तावित कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए तथा विभागीय समन्वय को सुदृढ़ बनाते हुए कार्यों में तेजी लाई जाए।

कुंभ क्षेत्र के कार्यों के विस्तृत निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने अपर गंगा नहर के बाएं तट पर स्थित शहीद भगत सिंह घाट (कामधेनु घाट) से सिंहद्वार तक निर्माणाधीन घाट एवं बैरागी कैम्प घाट का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि घाटों का निर्माण श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं सुगम आवागमन को ध्यान में रखते हुए आधुनिक मानकों के अनुरूप किया जाए, ताकि कुम्भ के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
उन्होंने बुजुर्गों एवं दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए घाटों पर रैम्प एवं अन्य सुगम्यता संबंधी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने, साथ ही चेंजिंग रूम एवं प्रसाधन की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने निर्देशित किया कि इस बार कुम्भ मेला–2027 के लिए ‘ग्रीन घाट’ विकसित किए जाएं, जिसके तहत घाटों पर हरित पट्टियां विकसित कर उन्हें फूलों एवं पौधों से सजाया-संवारा जाए।

इसके पश्चात उन्होंने ज्वालापुर–ईदगाह–पीएसी–शिवालिक नगर मोटर मार्ग के किलोमीटर-3 पर पथरी रौ नदी पर निर्माणाधीन 60 मीटर लंबे प्री-स्ट्रेस्ड आरसीसी सेतु के कार्य की प्रगति का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यदायी संस्था को निर्देशित किया कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न किया जाए तथा कार्य समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाए।

मुख्य सचिव ने बहादराबाद–सिडकुल मार्ग (भाईचारा ढाबा से बीएचईएल सेक्टर-6 होते हुए शिवालिक नगर चौक एवं बीएचईएल मध्य मार्ग तक) के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि यह मार्ग कुम्भ के दौरान यातायात के सुचारू संचालन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए इसे प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण किया जाए।

उन्होंने धनौरी–सिडकुल लिंक मार्ग पर पथरी रौ नदी में पुरानी गंग नहर सायफन के डाउनस्ट्रीम में बन रहे 90 मीटर स्पान के पुल के निर्माण कार्य का निरीक्षण करते हुए कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस पुल से संबंधित नदी तल के कार्य वर्षाकाल से पूर्व पूर्ण कर लिए जाएं, ताकि वर्षा ऋतु में जलस्तर बढ़ने से कार्य प्रभावित न हो।

मुख्य सचिव ने हरिद्वार बाईपास रिंग रोड परियोजना के निर्माण कार्यों का भी स्थलीय निरीक्षण कर प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने एनएचएआई के अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाईपास निर्माण कार्य अविलंब पूर्ण किया जाए तथा सप्ताहवार लक्ष्य निर्धारित कर टाइमलाइन के अनुसार प्रगति की नियमित समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि यह परियोजना कुम्भ मेला प्रारंभ होने से पूर्व पूर्ण होना अत्यंत आवश्यक है।
इसके साथ ही दिल्ली राजमार्ग पर निर्माणाधीन फ्लाईओवर कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ पूर्ण करने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी हरिद्वार को इसकी प्रगति का दैनिक ब्यौरा उपलब्ध कराया जाए।

मुख्य सचिव ने बैरागी कैम्प में 1500 किलोलिटर क्षमता के ओवरहेड टैंक, एवं कार्यों की प्रगति का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी जलापूर्ति संबंधी कार्य समय से पूर्ण कर कुम्भ के दौरान निर्बाध एवं स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि कुम्भ मेला–2027 एक अत्यंत महत्वपूर्ण एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर का आयोजन है, जिसमें देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचेंगे। ऐसे में सभी विभागों को पूर्ण जिम्मेदारी एवं समर्पण के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने निर्माण कार्यों के साथ-साथ यातायात प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं को भी समान प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि सभी परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए तथा किसी भी समस्या का त्वरित समाधान किया जाए, ताकि तैयारियों में किसी प्रकार की कमी न रह जाए।

मुख्य सचिव ने मेला नियंत्रण भवन में संचालित कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का निरीक्षण कर सुरक्षा एवं निगरानी व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने इस व्यवस्था में नवीनतम आईटी अनुप्रयोगों एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर सचिव शहरी विकास नितेश झा, आयुक्त गढ़वाल मंडल विनय शंकर पांडे, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, मेलाधिकारी सोनिका, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर, नगर आयुक्त नंदन कुमार सिंह, मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्रा, अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती, हरिद्वार विकास प्राधिकरण के सचिव मनीष कुमार, उप मेलाधिकारी आकाश जोशी एवं मनजीत सिंह सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

सीएम धामी ने केदारनाथ धाम की रावल से लिया आशीर्वाद

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से श्री केदारनाथ धाम के रावल श्री श्री श्री 1008 भीमाशंकर लिंग ने शिष्टाचार भेंट की तथा उन्हें आशीर्वाद प्रदान किया। इस अवसर पर रावल ने भगवान केदारनाथ जी की कृपा एवं प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।

मुख्यमंत्री ने रावल का स्वागत करते हुए केदारनाथ धाम में चल रहे पुनर्निर्माण एवं विकास कार्यों की जानकारी साझा की और कहा कि राज्य सरकार तीर्थयात्रियों की सुविधा, सुरक्षा तथा व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने आगामी यात्रा सीजन को सुगम एवं सुव्यवस्थित बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया।

भेंट के दौरान केदारनाथ धाम की व्यवस्थाओं, यात्रा संचालन तथा श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए आवश्यक तैयारियों पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने रावल से आशीर्वाद प्राप्त कर प्रदेश की प्रगति एवं जनकल्याण के लिए उनके मार्गदर्शन की अपेक्षा व्यक्त की।

धामी सरकार का भ्रष्टाचार पर बड़ा प्रहार, देहरादून में उप शिक्षा अधिकारी रंगे हाथ गिरफ्तार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही जीरो टॉलरेंस नीति का प्रभाव अब स्पष्ट रूप से जमीन पर दिखाई दे रहा है। इसी क्रम में देहरादून जनपद के डोईवाला क्षेत्र में तैनात उप शिक्षा अधिकारी एवं उनकी महिला सहयोगी को 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया जाना सरकार की भ्रष्टाचार विरोधी प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण है।

इस घटना को केवल एक कार्रवाई के रूप में नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम को साफ और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत के रूप में देखा जा रहा है। आरटीई प्रतिपूर्ति जैसे संवेदनशील विषय में रिश्वत की मांग न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि समाज के कमजोर वर्गों, विशेषकर गरीब बच्चों के अधिकारों के साथ अन्याय भी है।

मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि भ्रष्टाचार किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं है। चाहे अधिकारी कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो या मामला किसी भी विभाग से जुड़ा हो, भ्रष्टाचार में लिप्त पाए जाने पर बिना किसी दबाव या संरक्षण के सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।

प्रदेश में सतर्कता विभाग एवं अन्य जांच एजेंसियों द्वारा लगातार ट्रैप ऑपरेशन संचालित किए जा रहे हैं और शिकायतों पर त्वरित संज्ञान लिया जा रहा है। दोषियों को रंगे हाथ पकड़कर उनके विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जा रही है, जिससे सरकारी तंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही निरंतर सुदृढ़ हो रही है।

मुख्यमंत्री ने पूर्व में भी स्पष्ट किया है कि उनकी सरकार केवल नीतियां बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन नीतियों को प्रभावी रूप से धरातल पर लागू करना ही प्राथमिकता है। यही कारण है कि राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई अब तेज और परिणामकारी होती नजर आ रही है।

इस प्रकार की सख्त कार्रवाइयों से आम जनता का सरकार और प्रशासन पर विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है। नागरिकों को यह भरोसा मिल रहा है कि उनकी शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई होगी और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा एवं रिश्वत के प्राप्त हो सकेगा।

देहरादून की यह घटना इस बात का प्रमाण है कि उत्तराखंड में अब भ्रष्टाचार की कीमत चुकानी पड़ रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार एक स्वच्छ, पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन स्थापित करने की दिशा में निरंतर ठोस कदम उठा रही है, जो सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

सीएम धामी ने संत समागम और हरि कथा को जीवन का सर्वोच्च सौभाग्य बताया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज देहरादून स्थित रेंजर्स ग्राउंड में विश्व शांति सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित संतजनों, श्रद्धालुओं एवं गणमान्य नागरिकों का अभिनंदन करते हुए कार्यक्रम की गरिमा को नमन किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि श्रीमद्भागवत कथा जैसे आध्यात्मिक आयोजनों में सम्मिलित होना जीवन का अत्यंत सौभाग्यपूर्ण क्षण होता है। उन्होंने संतों के सानिध्य और उनके मार्गदर्शन को जीवन के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि ऐसे अवसर व्यक्ति को आध्यात्मिक उन्नति और आत्मिक शांति की ओर अग्रसर करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कथा व्यास ‘धर्मरत्न’ परमपूज्य देवकीनंदन ठाकुर महाराज के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए उनके जीवन को भक्ति, साधना और समर्पण का अद्वितीय उदाहरण बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराज जी ने अल्पायु में ही श्रीमद्भागवत महापुराण को कंठस्थ कर समाज को आध्यात्मिक दिशा देने का कार्य प्रारंभ कर दिया था, जो अत्यंत प्रेरणादायक है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि महाराज जी का अनुशासन और तपस्या समाज के लिए अनुकरणीय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व शांति सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा किए जा रहे सेवा कार्य मानवता के कल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। विशेष रूप से “प्रियाकांत जू विद्या धन योजना” के माध्यम से बेटियों की शिक्षा के लिए किए जा रहे प्रयास सराहनीय हैं और समाज को नई दिशा प्रदान करते हैं।

मुख्यमंत्री ने श्रीमद्भागवत महापुराण को आध्यात्मिक चेतना का आधार बताते हुए कहा कि यह ग्रंथ भक्ति, ज्ञान, वैराग्य और धर्म का समन्वय प्रस्तुत करता है। इसमें भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं और उपदेशों के माध्यम से जीवन के गूढ़ रहस्यों का सरल समाधान मिलता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जब भौतिकता की दौड़ में मनुष्य मानसिक रूप से अशांत है, ऐसे में श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण आंतरिक शांति और आत्मबोध का मार्ग प्रशस्त करता है।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक धरोहरों के संरक्षण की दिशा में अभूतपूर्व कार्य हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण, केदारनाथ और बद्रीनाथ धामों का पुनर्निर्माण, काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर तथा महाकाल लोक जैसी परियोजनाएं भारत की सांस्कृतिक चेतना को पुनर्स्थापित कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भी देवभूमि उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और विकसित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। केदारखंड और मानसखंड के मंदिरों के सौंदर्यीकरण के साथ ही हरिपुर कालसी में यमुनातीर्थ के पुनरुद्धार का कार्य किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर और शारदा कॉरिडोर जैसी परियोजनाओं के माध्यम से श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाओं का विकास किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि दून विश्वविद्यालय में ‘सेंटर फॉर हिन्दू स्टडीज’ की स्थापना कर भारतीय संस्कृति, दर्शन और इतिहास के अध्ययन को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सनातन मूल्यों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और इसी क्रम में धर्मांतरण विरोधी कानून लागू किया गया है। साथ ही समानता और न्याय की स्थापना हेतु समान नागरिक संहिता लागू करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है।

उन्होंने अंत में कहा कि सरकार समाज में समरसता, सांस्कृतिक गौरव और आध्यात्मिक चेतना को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।

इस अवसर पर विभिन्न संत-महात्मा, विश्व शांति सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

सीएम धामी निर्देश पर पुलिस ने चलाया ऑपरेशन प्रहार, कई गिरफ्तार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में उत्तराखंड पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” के अन्तर्गत देहरादून पुलिस द्वारा अंतर्गत विभिन्न आपराधिक मामलों में प्रभावी कार्यवाही करते हुए महत्वपूर्ण सफलताएं प्राप्त की गई हैं।
▪️*राजपुर क्षेत्र में हुई फायरिंग एवं हत्या की घटना में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई* करते हुए *03 अन्य अभियुक्तों—आदेश गिरी पुत्र ओमप्रकाश गिरी निवासी शिवपुरी गडीपुता, थाना गडीपुता जनपद शामली (उ0प्र0), समीर चौधरी पुत्र चरमेनदर सिंह निवासी ग्राम गदर जुड्डा, थाना मंगलौर जनपद हरिद्वार तथा मोहित अरोड़ा पुत्र रमेश अरोड़ा निवासी बी-43 रामा पार्क रोड, मोहन गार्डन, उत्तम नगर, नई दिल्ली*—को गिरफ्तार किया है। उक्त घटना बार में हुए विवाद के बाद दो पक्षों के बीच रोड रेंज करते हुए पीछा करने के दौरान हुई फायरिंग से संबंधित है, जिसमें मॉर्निंग वॉक पर जा रहे एक वृद्ध व्यक्ति की गोली लगने से मृत्यु हो गई थी। *प्रकरण में पूर्व में भी 04 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है,* जबकि अन्य की गिरफ्तारी हेतु लगातार दबिश दी जा रही है।
▪️इसके अतिरिक्त, *महाराष्ट्र के रायगढ़ जनपद के अलीबाग क्षेत्र में हुई 18.5 लाख रुपये की डकैती के मामले में फरार* चल रहे अभियुक्त योगेश रमेश लहारे पुत्र रमेश लहारे निवासी पडसगांव बुधरु, थाना मानगांव, जिला रायगढ़ (महाराष्ट्र) उम्र 31 वर्ष को दून पुलिस एवं महाराष्ट्र पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा ऋषिकेश क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त लंबे समय से फरार चल रहा था, जिसे *सीसीटीवी फुटेज, मुखबिर तंत्र एवं सघन चेकिंग अभियान के माध्यम से चिन्हित कर गिरफ्तार किया गया।* आवश्यक विधिक कार्यवाही उपरांत अभियुक्त को महाराष्ट्र पुलिस के सुपुर्द किया गया।
▪️इसी क्रम में, उड़ीसा के कटक जनपद से जेल तोड़कर फरार हुए 01 लाख रुपये के इनामी अपराधी राजा साहनी पुत्र महेश साहनी निवासी लोदिया नगर, थाना मीरगंज, जिला बेगूसराय (बिहार), उम्र 34 वर्ष को भी ऋषिकेश क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।
अभियुक्त की गिरफ्तारी हेतु उड़ीसा पुलिस से प्राप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीमों द्वारा सीसीटीवी विश्लेषण, मुखबिर तंत्र एवं सघन चेकिंग अभियान चलाया गया, जिसके फलस्वरूप *अभियुक्त को टिहरी एवं देहरादून पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा वाहन सहित घेराबंदी कर पकड़ा गया।* अभियुक्त के विरुद्ध विभिन्न प्रांतों में गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनके संबंध में विस्तृत जानकारी संकलित की जा रही है।

जनपद देहरादून पुलिस द्वारा ट्रैफिक पुलिस एवं कैंटोनमेंट बोर्ड के सहयोग से *डाकरा बाजार क्षेत्र में अतिक्रमण के विरुद्ध सघन अभियान* चलाया गया। अभियान के दौरान सड़क किनारे किए गए अवैध अतिक्रमण को हटाते हुए *06 व्यक्तियों के विरुद्ध धारा 83 पुलिस एक्ट एवं 14 व्यक्तियों के विरुद्ध धारा 81 पुलिस एक्ट* के अंतर्गत विधिक कार्यवाही की गई।
इसके अतिरिक्त, नो पार्किंग जोन एवं फुटपाथ पर खड़े 08 वाहनों को क्रेन के माध्यम से हटाकर कोतवाली कैंट लाया गया तथा संबंधित वाहन चालकों के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम के तहत चालान किया गया।

*डीजीपी उत्तराखंड दीपम सेठ ने बताया कि ऑपरेशन प्रहार के अंतर्गत पूरे प्रदेश में* पुलिस टीमों द्वारा व्यापक स्तर पर *सघन चेकिंग एवं सत्यापन अभियान* चलाया जा रहा है। विभिन्न *बैरियर एवं संवेदनशील स्थानों पर संदिग्ध व्यक्तियों एवं वाहनों की गहन जांच* की जा रही है, साथ ही *जनसुरक्षा के दृष्टिगत पीजी, हॉस्टल, होटल, आश्रम एवं धर्मशालाओं में ठहरने वाले व्यक्तियों का सत्यापन* किया जा रहा है। *यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध निरंतर चालान एवं वैधानिक कार्यवाही* की जा रही है।
इसके अतिरिक्त, *नियमों का उल्लंघन करने वाले पब एवं बार के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जा रही है,* जबकि शहरों एवं संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस की विजिबिलिटी बढ़ाकर कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जा रहा है।

सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर मुकेश जोशी के निधन पर सीएम ने परिजनों से व्यक्त की संवेदनाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर मुकेश जोशी के निधन पर उनके जोहड़ी, देहरादून स्थित आवास पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

मुख्यमंत्री ने इस दौरान उनके परिजनों से भेंट कर अपनी शोक संवेदनाएं व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवारजनों को धैर्य प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में शामिल दोषियों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि आम जनता की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। अधिकारियों को प्रदेश में ऑपरेशन प्रहार चलाकर अवांछित और हुड़दंग करने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

इस अवसर पर सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी भी मौजूद थे।

भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल और उत्तराखंड औद्यानिक परिषद के मध्य हुआ समझौता

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में मुख्यमंत्री आवास में ‘वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम’ के अंतर्गत भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (ITBP) की उत्तराखंड में तैनात वाहिनियों के लिए स्थानीय उत्पादों (ताज़े फल एवं सब्जियों) की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल और उत्तराखंड औद्यानिक परिषद के मध्य समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।

मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखंड औद्यानिक परिषद और आईटीबीपी के मध्य हुए इस समझौता ज्ञापन (MoU) को राज्य के किसानों, स्थानीय उत्पादकों एवं सीमावर्ती क्षेत्रों के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समझौते के माध्यम से राज्य में तैनात भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के जवानों को स्थानीय स्तर पर ताज़े फल एवं सब्जियों की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। इससे एक ओर हमारे जवानों को गुणवत्तापूर्ण एवं पौष्टिक खाद्य सामग्री उपलब्ध होगी, वहीं दूसरी ओर प्रदेश के किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सकेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल “स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा” देने के राज्य सरकार के संकल्प को सशक्त करेगी तथा किसानों को अपनी उपज के विपणन के लिए एक सुदृढ़ एवं स्थायी मंच प्रदान करेगी। इस व्यवस्था के तहत चमोली, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ एवं चंपावत जैसे दूरस्थ एवं सीमावर्ती क्षेत्रों के साथ ही देहरादून में भी स्थानीय उत्पादों की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समझौता सीमांत क्षेत्रों में किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने में सहायक होगा और उन्हें बाजार तक पहुँचने में आने वाली कठिनाइयों से भी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों की रक्षा एवं हमारे जवानों के कल्याण के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। यह समझौता दोनों पक्षों के लिए लाभकारी सिद्ध होगा।

वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत उत्तराखंड सरकार और आईटीबीपी के मध्य स्थानीय उत्पादों की खरीद के लिए पहले भी समझौता किया गया, जिसके काफी अच्छे परिणाम रहे हैं। अभी तक आईटीबीपी 14 करोड़ 77 लाख रुपये के स्थानीय उत्पादों की खरीद कर चुका है, जिसे और बढ़ाने की दिशा में कार्य किए जा रहे हैं। उत्तराखंड में आईटीबीपी वार्षिक मांग की 25 प्रतिशत फल एवं सब्जियाँ भी खरीदती है, तो इससे स्थानीय किसानों को लगभग 6 करोड़ रुपये की आमदनी होगी।

इस अवसर पर कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, सचिव कृषि एस.एन. पाण्डेय, आईजी आईटीबीपी मनु महाराज, अपर सचिव आनन्द श्रीवास्तव, निदेशक उद्यान एस.एल. सेमवाल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी उत्तराखंड औद्यानिक परिषद नरेन्द्र कुमार यादव एवं आईटीबीपी के अन्य अधिकारी मौजूद थे।

दून में आयोजित कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री धामी ने किया प्रतिभाग

देहरादून के एक स्थानीय होटल में आयोजित विकसित “उत्तराखंड कॉन्क्लेव” में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सम्मिलित हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न समसामयिक विषयों पर पूछे गए प्रश्नों का विस्तारपूर्वक उत्तर देते हुए राज्य सरकार की उपलब्धियों, नीतियों और भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धियों में पारदर्शिता और सुशासन को प्राथमिकता देते हुए सख्त नकल विरोधी कानून लागू करना शामिल है। इस कानून के माध्यम से प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है और युवाओं का विश्वास सरकार पर मजबूत हुआ है। उन्होंने बताया कि अब तक 30,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की जा चुकी है, जो राज्य के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।

महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में किए गए कार्यों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने 19,000 करोड़ रुपये से अधिक के जेंडर बजट प्रावधान किए हैं। साथ ही, 2.65 लाख से अधिक महिलाओं को “लखपति दीदी” बनाने का लक्ष्य सफलतापूर्वक पूरा किया गया है। महिलाओं के आर्थिक, सामाजिक और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएं प्रभावी रूप से संचालित की जा रही हैं, जिससे राज्य में महिलाओं की भागीदारी निरंतर बढ़ रही है।

मुख्यमंत्री ने समान नागरिक संहिता (UCC) को भी अपनी सरकार की प्रमुख उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड इस दिशा में अग्रणी राज्य बना है और यदि अन्य राज्य भी इसे अपनाते हैं तो उन्हें अत्यंत प्रसन्नता होगी। उन्होंने कहा कि “यूसीसी की गंगा उत्तराखंड से निकलकर पूरे देश में प्रवाहित होनी चाहिए”, जिससे सामाजिक समरसता और समानता को बल मिलेगा।

कानून व्यवस्था और पारदर्शिता के विषय में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने नकल प्रकरणों में सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की है। इसके साथ ही, चर्चित अंकित भंडारी मामले में सीबीआई जांच की मांग और अन्य संवेदनशील मामलों में निष्पक्ष जांच के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को भी उन्होंने विस्तार से स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि सरकार हर स्थिति में न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

युवाओं के हितों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने अग्निवीर योजना के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा किए गए विशेष प्रावधानों की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अग्निवीरों को भविष्य में रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने हेतु राज्य स्तर पर कई योजनाएं और प्राथमिकताएं तय की गई हैं, जिससे उनका भविष्य सुरक्षित हो सके।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि राज्य सरकार ने अपने कार्यकाल में कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं, जिनमें पारदर्शी भर्ती प्रणाली, निवेश को बढ़ावा देने के लिए नई औद्योगिक नीतियां, पर्यटन को सशक्त बनाने के प्रयास, धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों का विकास, सड़क एवं कनेक्टिविटी में सुधार, डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा, और पर्यावरण संरक्षण के लिए ठोस कदम शामिल हैं। इन सभी पहलों के माध्यम से उत्तराखंड को एक सशक्त, आत्मनिर्भर और अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार के इन प्रयासों से उत्तराखंड विकास के नए आयाम स्थापित करेगा और देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक आदर्श मॉडल बनेगा।

यूजेवीएन लिमिटेड के निदेशक मंडल ने नई परियोजनाओं के निर्माण को गति प्रदान करने वाले प्रस्तावों को मंजूरी

यूजेवीएन लिमिटेड के निदेशक मंडल की 133वीं बैठक आज मुख्य सचिव उत्तराखण्ड शासन एवं अध्यक्ष यूजेवीएन लिमिटेड आनंद वर्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में आयोजित की गई। बैठक में निदेशक मंडल द्वारा निगम के विभिन्न विषयों से जुड़े अनेक प्रस्तावों पर विचार‐विमर्श किया गया।

निदेशक मंडल द्वारा राज्य में नई परियोजनाओं के निर्माण से संबंधित कई प्रस्तावों को स्वीकृत किया गया। सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में प्रस्तावित 120 मेगावाट की सिरकारी भ्योल रूपसियाबगड़ जल विद्युत परियोजना के सिविल कार्यों को प्रारंभ करने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी गई। निदेशक मंडल के इस निर्णय से निश्चित रूप से इस महत्वपूर्ण परियोजना के कार्यों को गति मिलेगी। साथ ही जनपद देहरादून में 600 मेगावाट की इछाड़ी पंप स्टोरेज परियोजना के निविदा प्रपत्र तैयार करने हेतु सक्षम स्तर से ही स्वीकृत करने के निर्देश दिए गए। इसी के टौंस नदी पर जनपद देहरादून में प्रस्तावित 72 मेगावाट की त्यूणी पलासू परियोजना के सिविल तथा हाइड्रो-मैकेनिकल निर्माण कार्य आवंटित करने के प्रस्ताव को भी निदेशक मंडल द्वारा स्वीकृत कर दिया गया। निदेशक मंडल द्वारा पबर नदी पर प्रस्तावित 81 मेगावाट की आराकोट त्यूणी जल विद्युत परियोजना की डी.पी.आर. की स्वीकृति हेतु भी दिशानिर्देश दिए गए।

बैठक में मुख्य सचिव उत्तराखंड शासन एवं अध्यक्ष यूजीवीएन लिमिटेड आनंद वर्धन, प्रमुख सचिव ऊर्जा डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव वित्त दिलीप जावलकर के साथ ही स्वतंत्र निदेशक इंदु कुमार पांडेय, बी.पी. पांडेय, पराग गुप्ता के साथ ही यूजेवीएन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक ए.के.सिंह, निदेशक परियोजनाएं सुरेश चन्द्र बलूनी, अधिशासी निदेशक सुधाकर बडोनी, आशीष जैन उपस्थित रहे।