ऐसी नदियां जिसमें कटान के कारण प्रत्येक वर्ष कार्य होता है, चिन्हित कर चैनलाईजेशन की योजना तैयार करें: बर्द्धन

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में राज्य आपदा मोचन निधि एवं राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि मद के अंतर्गत प्राप्त प्रस्तावों के अनुमोदन हेतु राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक आहूत हुई। बैठक के दौरान जनपदों से प्राप्त विभिन्न प्रस्तावों को संस्तुति प्रदान की गई।

मुख्य सचिव ने कहा कि समिति के समक्ष प्रस्तावों को जनपद स्तरीय समिति की सिफारिश पर जिलाधिकारी के माध्यम से प्रेषित किया जाए। मुख्य सचिव ने सिंचाई विभाग को नदियों की डेजिंग/माइनिंग की एसओपी शीघ्र जारी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बाढ़ सुरक्षा कार्यों से सम्बन्धित प्रस्तावों को सिंचाई विभाग की इस हेतु गठित समिति द्वारा टीएसी के उपरान्त राज्य कार्यकारिणी समिति के समक्ष प्रस्तुत किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन नदियों में कटान के कारण प्रत्येक वर्ष कार्य कराना पड़ रहा है, उन्हें चिन्हित कर चैनलाईजेशन की योजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि सितारगंज में बैगुल नदी के लिए अध्ययन करा लिया जाए।

मुख्य सचिव ने जनपद नैनीताल के चार्टन लॉज को भू-स्खलन से सुरक्षा प्रदान (लागत रू0 699.98 लाख), जनपद पिथौरागढ़ में खोटिला लैंड और घटधार, धारचुला में हिल का ड्रेनेज का कार्य एवं विभिन्न स्थलों पर भू-स्खलन संबंधी कार्य (लागत रू0 3840.78 लाख), जनपद हरिद्वार के मनसा देवी हिल बाईपास रोड का डेªनेज और भूस्खलन सम्बन्धित कार्य (लागत रू0 4124.83 लाख), जनपद अल्मोडा के दुधौली बैण्ड से पंचायत घर मोटर मार्ग के कि0मी0 2.00 में एच0पी0बैण्ड पर मार्ग सुरक्षात्मक कार्य (लागत रू0 34.75 लाख), जनपद उत्तरकाषी के धराली झुला पुल का सुरक्षात्मक कार्य (लागत रू0 147.13 लाख), जनपद उत्तरकाषी के नगर पालिका परिशद पुरोला में टैक्सी स्टैण्ड के ऊपर से हो रहे भूस्खलन को रोकने हेतु सुरक्षात्मक कार्य (लागत रू0 128.37 लाख), जनपद उत्तरकाषी के हर्षिल मुखवा मोटर मार्ग का सुरक्षात्मक कार्य (लागत रू0 472.00 लाख), विकास खण्ड सितारगंज में बैगुल नदी के दॉये एवं बॉये पार्श्व में ग्राम रूदपुर के आबादी क्षेत्रों की बाढ़ सुरक्षा कार्य (लागत रू0 146.67 लाख), विकासखण्ड सितारगंज में बैगुल नदी के दांये पार्ष्व में ग्राम बीसर्क्वाटर के आबादी क्षेत्र की बाढ़ सुरक्षा योजना (लागत रू0 148.48 लाख), तहसील जसपुर में फीका नदी की बाढ़ से ग्राम हजीरों की सुरक्षा दीवार निर्माण कार्य (लागत रू0 419.82 लाख), जनपद नैनीताल में कौशल्यापुरी क्षेत्र की जल भराव की समस्या का समाधान कार्य (लागत रू0 84.77 लाख), रामनगर, नैनीताल के कानियॉ नई बस्ती एवं हिम्मतपुर डोटियाल के आबादी क्षेत्र को बरसाती नाले से जल भराव सुरक्षा कार्य (लागत रू0 112.15 लाख), जनपद देहराूदन के विकासखण्ड रायपुर में डिफेंस कालोनी जोगीवाला एवं बद्रीपुर में बाढ़ सुरक्षा कार्य (लागत रू0 460.45 लाख), जनपद देहरादून के डोईवाला विधानसभा क्षेत्र में दुल्हनी नदी के विभिन्न स्थानों पर यथा, निर्मल कालोनी, बनसरी पुरम, दिल्ली फार्म, लक्ष्मणसिद्ध मंदिर, नकरोंदा रोड (विवेक विहार, वायु विहार) में सुरक्षात्मक कार्य (लागत रू0 412.70 लाख), जनपद देहरादून के विधानसभा क्षेत्र कैंट के अंतर्गत टोंस नदी के बांये तट पर स्थित स्वर्गाश्रम एवं गोषाला की सुरक्षा दीवार का निर्माण (लागत रू0 186.28 लाख) एवं जनपद देहरादून के विकासखण्ड सहसपुर के टौन्स नदी के बांये तट पर स्थित जलवायु टावर की क्षतिग्रस्त दीवार का निर्माण कार्य (लागत रू0 88.36 लाख) सहित अन्य विभिन्न कार्यों को स्वीकृति प्रदान की।

राज्य आपदा मोचन निधि के अन्तर्गत विभिन्न मदों में अतिरिक्त धनराशि आवंटन हेतु उपलब्ध कराये गये प्रस्तावों के सापेक्ष कुल रु0 34.00 करोड की वित्तीय स्वीकृतियों के संबंध में कार्योत्तर अनुमोदन प्रदान किया गया।

इस अवसर पर सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय एवं विनोद कुमार सुमन सहित सम्बन्धित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

उत्तरांचल प्रेस क्लब द्वारा आयोजित क्रिकेट टूर्नामेंट का सीएम धामी ने किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज, देहरादून में उत्तरांचल प्रेस क्लब द्वारा आयोजित मंजुल सिंह मांजिला स्मृति अंतर क्रिकेट टूर्नामेंट का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वयं क्रिकेट खेलकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और खेल भावना को बढ़ावा दिया।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि खेल शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। खेलों के माध्यम से युवाओं में अनुशासन, टीमवर्क, नेतृत्व क्षमता तथा संघर्षशीलता जैसे गुणों का विकास होता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में खेल सुविधाओं के विस्तार और खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में “खेलो इंडिया” और “फिट इंडिया मूवमेंट” जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से देश में खेल संस्कृति को प्रोत्साहित करने की मजबूत नींव रखी गई है। इन पहलों से युवाओं को खेलों से जुड़ने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा मिल रही है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खजान दास, विधायक उमेश शर्मा काऊ, निदेशक खेल डॉ. आशीष चौहान, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, उत्तरांचल प्रेस क्लब के अध्यक्ष अजय सिंह राणा सहित क्लब के पदाधिकारी एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

चार धाम यात्रा को लेकर सीएम धामी का बयान, बोले श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चार धाम यात्रा-2026 की तैयारियों के संबंध में कहा कि चार धाम यात्रा प्रदेशवासियों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण अवसर है। इस दौरान उत्तराखण्डवासी देश और दुनिया भर से आने वाले श्रद्धालुओं का आत्मीय स्वागत करते हैं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष चार धाम यात्रा का शुभारंभ 19 अप्रैल से है, जिसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां युद्धस्तर पर की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रा को सुचारू, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए सड़कों के सुदृढ़ीकरण, अवस्थापना सुविधाओं के विकास, दर्शन व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधन तथा परिवहन व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए है कि यात्रा मार्गों पर सभी मूलभूत सुविधाएं—जैसे पेयजल, शौचालय, स्वास्थ्य सेवाएं और यातायात प्रबंधन—सुनिश्चित किए जाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2025 की यात्रा प्राकृतिक आपदाओं के कारण डेढ़ महीने से अधिक समय तक बाधित रही थी, इसके बावजूद 51 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने चार धाम के दर्शन किए। उन्होंने कहा कि जानकारी दी कि वर्ष 2026 की चार धाम यात्रा के लिए अब तक 10 लाख से अधिक श्रद्धालु पंजीकरण करा चुके हैं। साथ ही गढ़वाल मंडल विकास निगम (GMVN) के अतिथि गृहों में 5 करोड़ रुपये से अधिक की अग्रिम बुकिंग हो चुकी है, जो यात्रा के प्रति बढ़ते उत्साह को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं सुखद चार धाम दर्शन कराना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। इसके लिए शासन एवं प्रशासन को लगातार सतर्क रहते हुए व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यात्रा से जुड़े सभी हितधारकों—जैसे अतिथि गृह संचालक, ढाबा संचालक, टैक्सी एवं परिवहन सेवाओं से जुड़े लोग—के साथ अभी से समन्वय एवं संवाद स्थापित कर लिया गया है, ताकि यात्रा के दौरान बेहतर सेवाएं सुनिश्चित की जा सकें।

उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा समय-समय पर चार धाम यात्रा से संबंधित आवश्यक सूचनाएं श्रद्धालुओं तक पहुंचाई जाती रहेंगी, जिससे वे अपनी यात्रा को बेहतर ढंग से नियोजित कर सकें। शासन को चार धाम यात्रा की तैयारी की निरंतर समीक्षा के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी स्वयं चार धाम यात्रा की तैयारियों की जल्द ही समीक्षा करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से चार धाम यात्रा-2026 को और अधिक सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं श्रद्धालु-अनुकूल बनाया जाएगा।

सीएम आवास में मुख्यमंत्री धामी की मौजूदगी में हुआ शहद निष्कासन कार्य

मुख्यमंत्री आवास परिसर में शहद निष्कासन कार्य किया गया। पहले चरण में 60 किलोग्राम शहद निकाला किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उद्यान विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि मुख्यमंत्री आवास परिसर एवं आस-पास के क्षेत्र में 3-बी गार्डन (बी- फ्रेंडली गार्डन, बटर – फ्लाई फ्रेंडली गार्डन एवं बर्ड फ्रेंडली गार्डन) विकसित करने की दिशा में कार्य किये जाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में मौन पालन की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में प्रचुर मात्रा में फूलों की प्रजातियां हैं, जो उच्च गुणवत्ता वाले जैविक शहद उत्पादन में सहायक हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में औषधीय गुणों वाला शहद तैयार करने के लिए लोगों को प्रेरित किया जाए।

इस अवसर पर उद्यान प्रभारी दीपक पुरोहित और चेयरमैन देवभूमि पर्वतीय ग्रामोद्योग विकास संस्थान हरबर्टपुर अजय कुमार सैनी मौजूद थे।

सामूहिक कन्या पूजन कर सीएम ने लिया माताओं का आशीर्वाद

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रेमनगर, देहरादून स्थित सनातन धर्म मंदिर परिसर में आयोजित सामूहिक कन्या पूजन कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों को चैत्र नवरात्र की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि चैत्र नवरात्र केवल आस्था का पर्व नहीं, बल्कि श्रद्धा, भक्ति एवं संस्कारों के माध्यम से शक्ति उपासना का महापर्व है। उन्होंने 1100 कन्याओं के पूजन को अत्यंत सौभाग्यपूर्ण बताते हुए आयोजन समिति की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में नारी सम्मान को सुदृढ़ करने तथा ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसे मूल्यों को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में कन्या को साक्षात देवी स्वरूप माना गया है। शास्त्रों में भी कन्याओं को अत्यंत सम्मानजनक स्थान दिया गया है। बेटियां अपने संस्कार, स्नेह और त्याग से समाज को सशक्त और समृद्ध बनाती हैं तथा हमारी संस्कृति और परंपराओं की सशक्त वाहक हैं। उन्होंने कहा कि कन्या पूजन के इस पावन अवसर पर समाज को यह संकल्प लेना चाहिए कि प्रत्येक बेटी को शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान का अधिकार सुनिश्चित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र एवं राज्य सरकार बेटियों के सशक्तिकरण हेतु निरंतर कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा बेटियों की शिक्षा और प्रोत्साहन के लिए छात्रवृत्ति, कक्षा 9 में प्रवेश पर साइकिल वितरण, 12वीं उत्तीर्ण करने पर प्रोत्साहन राशि, तथा सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण जैसी व्यवस्थाएं लागू की गई हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजीकृत निर्माण श्रमिकों की बेटियों के सामूहिक विवाह हेतु 61 हजार रुपये तथा व्यक्तिगत विवाह हेतु 55 हजार रुपये तक की सहायता दी जा रही है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को विवाह सहायता के रूप में 50 हजार रुपये तक का अनुदान प्रदान किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार नंदा गौरा योजना, गौरा देवी कन्याधन योजना, मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना, पोषाहार योजना सहित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से बेटियों के जन्म से लेकर शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार तक हर स्तर पर उनके सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नवरात्र के नौ दिवस केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आत्मशुद्धि, सेवा, विनम्रता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को सुदृढ़ करने का अवसर भी प्रदान करते हैं। कन्या पूजन हमारी परंपरा के साथ-साथ सेवा, करुणा और विनम्रता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे हर बेटी की रक्षा, शिक्षा और प्रगति का संकल्प लें, जिससे कन्या पूजन की भावना वास्तविक रूप से सार्थक हो सके।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रेमनगर स्थित गुरुद्वारा में माथा टेका।

इस अवसर पर विधायक सविता कपूर, भाजपा के महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल, आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय रोहिला, उपाध्यक्ष छावनी परिषद देहरादून विनोद पंवार, भाजपा नेता विनय गोयल एवं अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।

चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने माँ कालिका मंदिर में की पूजा-अर्चना

चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज देहरादून स्थित माँ कालिका मंदिर, पलटन बाजार में पहुंचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति एवं खुशहाली के लिए माँ भगवती से प्रार्थना की।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि नवरात्रि का पर्व शक्ति, श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक है। यह पर्व हमें सकारात्मक ऊर्जा, आत्मबल तथा समाज में एकता और समरसता का संदेश देता है। उन्होंने प्रदेशवासियों के सुखद, स्वस्थ एवं समृद्ध जीवन की कामना करते हुए माँ कालिका से आशीर्वाद प्राप्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से हर वर्ग तक लाभ पहुंचाने का कार्य निरंतर किया जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि माँ भगवती की कृपा से प्रदेश विकास के नए आयाम स्थापित करेगा।

इस अवसर पर मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या उपस्थित रही। मुख्यमंत्री ने मंदिर में उपस्थित श्रद्धालुओं से संवाद कर उन्हें नवरात्रि की शुभकामनाएं भी दीं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के पुनरोद्धार और विकास के लिए अभूतपूर्व कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज भारत अपनी सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और पुनर्जागरण के नए युग में प्रवेश कर चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या में भव्य श्री राम मंदिर का निर्माण भारत की आस्था, श्रद्धा और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक है। इसी प्रकार उत्तराखंड में बद्रीनाथ धाम के पुनर्विकास हेतु बद्रीनाथ मास्टर प्लान के अंतर्गत व्यापक कार्य किए जा रहे हैं, जबकि केदारनाथ धाम में आपदा के बाद हुए पुनर्निर्माण कार्यों ने पूरे विश्व में एक मिसाल प्रस्तुत की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं और धार्मिक पहचान को सुरक्षित रखने के लिए निरंतर प्रयासरत है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में किसी भी प्रकार का डेमोग्राफिक परिवर्तन (जनसंख्या असंतुलन) नहीं होने दिया जाएगा तथा राज्य की मूल संस्कृति और पहचान की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मां भगवती की कृपा से भारत तेजी से प्रगति के पथ पर अग्रसर है और वर्ष 2047 तक “विकसित भारत” के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सभी नागरिकों का योगदान अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे इस लक्ष्य की प्राप्ति में अपनी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करें।

इस दौरान कैबिनेट मंत्री खजान दास, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे।

नायक से जननायक पुष्कर सिंह धामी पंचांग कैलेंडर का हुआ विमोचन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में पंचांग टेबल कैलेंडर ‘‘उत्तराखण्ड़ की मिट्टी से-नायक से जन नायक पुष्कर सिंह धामी’’ का विमोचन किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पंचांग कैलेंडर में तिथि, वार, पक्ष, मास, पर्व एवं विशेष दिवसों की जानकारी के साथ पारंपरिक त्योहारों, व्रतों आदि को दर्शाया गया है। मुख्यमंत्री ने ऐसे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इससे लोगों को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलेगा। इस कैलेंडर की संकल्पना मुख्यमंत्री के मीडिया समन्वयक मदन मोहन सती द्वारा की गई है।

इस पंचाग टेबल कैलेंडर में मुख्यमंत्री द्वारा जनहित में लिए गये दूरदर्शी र्निणयों राज्य सरकार की योजनाओं, उपलब्धियों तथा जनकल्याणकारी नीतियों को भी समाहित किया गया है। इस अवसर पर मीडिया सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रो. गोविन्द सिंह, दीप कोश्यारी, किशोर भट्ट आदि उपस्थित थे।

पीएम मोदी ने चार वर्ष के कार्यकाल पर दी राज्य सरकार को दी बधाई

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार के चार वर्ष पूरे होने पर शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री को भेजे गए अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा है कि मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड विकास, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तराखंड की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि देवभूमि सदियों से आस्था, अध्यात्म, साहस और समृद्ध परंपराओं की भूमि रही है। यहां की विविध भाषाएं-बोलियां, लोक परंपराएं और सरल जीवनशैली प्रदेश को विशिष्ट पहचान देती हैं। उन्होंने कहा कि जब से केंद्र में हमारी सरकार बनी है, तब से उत्तराखंड ‘विकसित भारत’ के संकल्प के अनुरूप लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। चार धाम ऑल वेदर रोड परियोजना के तहत चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है, वहीं ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन के माध्यम से प्रदेश में रेल संपर्क को मजबूत किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने प्रदेश के सीमांत क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बढ़ाने और शीतकालीन पर्यटन को प्रोत्साहित करने के प्रयासों को भी सराहा। उन्होंने कहा कि इन पहलों से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिला है, बल्कि पलायन रोकने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में भी मदद मिली है। अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने राज्य सरकार द्वारा स्थानीय उत्पादों के प्रोत्साहन, महिला सशक्तिकरण, युवाओं के लिए रोजगार सृजन, स्टार्टअप्स को बढ़ावा तथा डिजिटल और हरित विकास जैसे प्रयासों को सराहनीय बताया। साथ ही, आपदा प्रबंधन की सुदृढ़ व्यवस्था और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता को राज्य की प्रगति के लिए महत्वपूर्ण बताया।
प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि ‘अमृत काल’ में विकसित भारत के निर्माण में उत्तराखंड की भूमिका और मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर, समृद्ध और सुदृढ़ उत्तराखंड के निर्माण में प्रदेश के प्रत्येक नागरिक की सहभागिता अहम है।
अंत में प्रधानमंत्री ने राज्य के नागरिकों को भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं देते हुए आशा व्यक्त की कि आने वाले वर्षों में उत्तराखंड विभिन्न क्षेत्रों में नई उपलब्धियां हासिल करेगा।

पूरा हो रहा देवभूमि का गौरव पुनर्स्थापित करने का संकल्प: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सरकार के चार वर्ष पूरा होने पर परेड ग्राउंड में आयोजित 4 साल बेमिसाल कार्यक्रम को संबोधित किया। इस मौके पर उन्होने विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी किया।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को नवरात्र की शुभकामनाओं देने के साथ अपनी बात रखते हुए कहा कि आज से चार वर्ष पूर्व प्रदेश की जनता ने सभी मिथकों तोड़कर, उन्हें पुन: राज्य की सेवा का अवसर प्रदान किया था। इसके बाद इसी मैदान में शपथ ग्रहण के दौरान उन्होंने राज्य आंदोलनकारियों के सपनों के अनुसार देवभूमि के गौरव को पुनर्स्थापित करने का संकल्प लिया था। अब चार साल के बाद वो गर्व से कह सकते हैं कि वो संकल्प तेजी से सिद्धि की ओर बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2021 में बाबा केदारनाथ की दिव्य धरा से कहा था कि “21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा। इसलिए प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री के मुख से निकले इन शिवोमयी शब्दों को चरितार्थ करने के संकल्प को लेकर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार ने बीते चार वर्षों में जहां सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रेल एवं हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत कर नागरिकों के जीवन स्तर को ऊँचा उठाने का प्रयास किया है। वहीं, विभिन्न नीतियों और योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के समग्र विकास का विजन प्रस्तुत किया है। इन्हीं प्रयासों से बीते चार वर्षों में राज्य ऐसी कई ऐतिहासिक उपलब्धियों का साक्षी बना है जो किसी भी छोटे राज्य के लिए असंभव समझी जाती थीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहली बार राज्य में जी-20 जैसे वैश्विक सम्मेलन की बैठकों का सफल आयोजन किया गया, वहीं राष्ट्रीय खेलों का भी भव्य आयोजन किया गया। इतना ही नहीं, पहली बार उत्तराखंड में ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट का आयोजन किया गया, जिसमें 3.76 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिसमें से 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश को धरातल पर उतारा जा चुका है।

*रखी सरकार की प्रगति रिपोर्ट*
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि बीते चार साल में राज्य की आर्थिकी में डेढ़ गुना से अधिक की वृद्धि हुई है और बीते एक वर्ष में राज्य की जीएसडीपी में 7.23 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई, साथ ही प्रतिव्यक्ति आय में भी 41 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इस दौरान राज्य में 20 हजार से अधिक नए उद्योग स्थापित हुए हैं, वहीं स्टार्टअप की संख्या 7 सौ से बढ़कर साढ़े 17 सौ हो गई है। यही नहीं इस दौरान 2 लाख 65 हजार से अधिक माताएं-बहनें लखपति दीदी बनी हैं। राज्य सरकार के सतत प्रयासों से रिवर्स पलायन में 44 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की है।

*केंद्र ने भी सराहा*
मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग द्वारा जारी वर्ष 2023-24 के सतत् विकास लक्ष्य इंडेक्स में उत्तराखंड को प्रथम स्थान प्राप्त होने से राज्य सरकार के प्रयासों पर मुहर लगी है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में भी उत्तराखंड को एचीवर्स तथा स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर्स की श्रेणी भी प्राप्त हुई है। नीति आयोग द्वारा जारी इंडिया इनोवेशन इंडेक्स रिपोर्ट में हिमालयी राज्यों की श्रेणी में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ। बीते चार वर्षों से लगातार देश में “मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट” होने का गौरव प्राप्त हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तराखंड को नेशनल लॉजिस्टिक्स इंडेक्स, स्टेट स्टार्टअप इकोसिस्टम, स्टेट एनर्जी एंड ग्रीन इंडेक्स जैसे कई राष्ट्रीय सूचकांकों में भी विभिन्न पुरुस्कार प्राप्त हुए हैं। राज्य को खनन क्षेत्र में किए गए सुधारों के लिए केंद्र सरकार द्वारा जारी “राज्य खनन तत्परता सूचकांक’’ में देशभर में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है, साथ ही, इसके लिए राज्य को 200 करोड़ रुपये का पुरस्कार भी प्रदान किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा लिए गए सख्त और पारदर्शी निर्णयों का ही परिणाम है कि आबकारी और खनन जैसे विभागों से राज्य को पहले की तुलना में कई गुना अधिक राजस्व प्राप्त हो रहा है।

*नई कार्य संस्कृति विकसित*
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार देहरादून को एक आधुनिक और विकसित शहर बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ निरंतर कार्य कर रहे हैं। आज देहरादून में लगभग 14 सौ करोड़ रुपये से अधिक लागत की विभिन्न विकास परियोजनाओं पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के समय केवल घोषणाएं होती थी, तब केंद्र से भेजा गए 1 रुपए में से 15 पैसे ही लोगों तक पहुंच पाते थे। परंतु आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में नई कार्य संस्कृति का सूत्रपात कर शासन व्यवस्था से दलालों और बिचौलियों का सफाया करने का काम किया। इसलिए आज प्रदेश सरकार जिस कार्य का शिलान्यास करती है उसे तय समय में पूर्ण कर उसका लोकार्पण भी करती है।

*30 हजार युवाओं को मिली सरकारी नौकरी*
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पहले प्रदेश में नकल और पेपर लीक के कारण प्रतिभावान युवाओं के सपने चूर-चूर हो जाते थे। इसलिए युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों पर अंकुश लगाने के लिए प्रदेश सरकार सख्त नकल विरोधी कानून लेकर आई। जिसके परिणामस्वरूप पिछले साढ़े 4 चार वर्षों में राज्य के 30 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्राप्त हुई है। आज 100 से अधिक नकल माफिया जेल की हवा खा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व में प्रदेश में भ्रष्टाचार के मामलों में केवल छोटी मछलियों पर ही कार्रवाई होती थी। लेकिन आज प्रदेश में बड़े आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जा रहा है।

*देवभूमि के देवत्व बचाने का प्रयास*
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार देवभूमि के दैवत्व की रक्षा के लिए डेमोग्राफी को भी संरक्षित रखने का प्रयास कर रही है। इसके लिए जहां एक ओर प्रदेश में सख्त धर्मांतरण विरोधी और दंगा विरोधी कानूनों को लागू किया। उन्होने कहा कि प्रदेश सरकार ने सख्त कार्रवाई करते हुए 12 हजार एकड़ से अधिक की सरकारी भूमि को मुक्त कराया है। साथ ही छद्म भेष धारण कर लोगों को ठगने वालों के खिलाफ ऑपरेशन कालनेमि संचालित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने समान नागरिक संहिता कानून लागू कर सभी धर्मों के नागरिकों के लिए एक समान कानून लागू किया है, जिसे देशभर के राष्ट्रवादी सोच के लोगों ने सराहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी वर्ष से जुलाई से उत्तराखंड में सभी मदरसों में सरकारी बोर्ड द्वारा मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम ही पढ़ाया जाएगा।

इससे पहले मुख्यमंत्री ने कनक चौक से कार्यक्रम स्थल तक रोड शो में प्रतिभाग किया। साथ ही विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनियों का भी अवलोकन किया। समारोह में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, गणेश जोशी, खजान दास, राम सिंह कैडा, राज्य सभा सांसद नरेश बंसल, मेयर सौरभ थपलियाल, विधायक सहदेव पुंडीर, उमेश शर्मा काऊ, विनोद चमोली, सविता कपूर, मुन्ना सिंह चौहान, बृजभूषण गैरोला, मुख्य सचिव आनंद वदर्धन, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, प्रमुख सचिव डॉ आरके सुधांशु, एल. फैनई, डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव एसएन पांडेय और आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पांडेय, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल उपस्थित रहे।

पर्यटन में बढ़ते कदम: आस्था, रोमांच और इंफ्रास्ट्रक्चर से उत्तराखण्ड बना फेवरेट डेस्टिनेशन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड पर्यटन के क्षेत्र में लगातार नए आयाम स्थापित कर रहा है। आस्था, रोमांच और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के संगम से राज्य को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर और मजबूत किया जा रहा है।

प्रदेश में तीर्थ यात्राओं को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए बड़े स्तर पर रोपवे परियोजनाओं की शुरुआत की गई है। केदारनाथ धाम के लिए सोनप्रयाग से 12.9 किमी लंबा रोपवे ₹4,081 करोड़ की लागत से बनाया जाएगा। वहीं, हेमकुण्ड साहिब के लिए गोविंदघाट से 12.4 किमी रोपवे ₹2,730 करोड़ की लागत से तैयार किया जाएगा।

इन परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद श्रद्धालुओं की यात्रा समय और कठिनाई दोनों में बड़ी कमी आएगी।

उत्तराखण्ड में पहली बार शीतकालीन यात्रा की शुरुआत की गई, जिससे पर्यटन को वर्षभर बढ़ावा मिल रहा है। इस पहल को प्रोत्साहित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं मुखवा पहुंचे, जो मां गंगा का शीतकालीन निवास स्थल है।

कुमाऊं क्षेत्र में मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के तहत 48 मंदिरों और गुरुद्वारों को एक धार्मिक सर्किट के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी।

केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में मास्टर प्लान के तहत तेजी से कार्य जारी है। बदरीनाथ धाम को स्मार्ट आध्यात्मिक पहाड़ी कस्बे के रूप में विकसित करने के लिए ₹255 करोड़ की योजनाएं संचालित हैं।

इसके साथ ही हरिपुर कालसी में यमुना तीर्थ स्थल का निर्माण और महासू मंदिर, हनोल के मास्टर प्लान को मंजूरी देकर नए धार्मिक स्थलों को भी विकसित किया जा रहा है।

*एडवेंचर और स्पोर्ट्स टूरिज्म को बढ़ावा*

उत्तराखण्ड को एडवेंचर टूरिज्म हब बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। राज्य में 83 प्रमुख हिमालयी चोटियों को पर्वतारोहण के लिए खोल दिया गया है, जिससे देश-विदेश के पर्वतारोहियों को आकर्षित किया जा रहा है।

आदि कैलाश में राज्य की पहली हाई एल्टीट्यूड अल्ट्रा रन मैराथन का आयोजन किया गया, जिसमें 22 राज्यों से 700 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। यह आयोजन एडवेंचर टूरिज्म को नई पहचान दे रहा है।

राज्य ट्रेकिंग, रिवर राफ्टिंग, स्टार गैजिंग का प्रमुख आकर्षण बन कर उभरा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वेड इन उत्तराखंड की अपील के बाद वेडिंग डेस्टिनेशन के तौर पर भी पहचान बन रही है।

चार वर्षों में उत्तराखण्ड ने पर्यटन के क्षेत्र में “आस्था के साथ आधुनिकता” का मॉडल प्रस्तुत किया है। रोपवे, धार्मिक सर्किट, धामों का पुनर्विकास और एडवेंचर गतिविधियों के विस्तार से राज्य पर्यटन में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है।