समावेशी विकास की दिशा में मजबूत कदम, आंदोलनकारियों, सैनिकों और आमजन को धामी सरकार ने दिया सहारा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड सरकार ने अपने चार साल के कार्यकाल में राज्य आंदोलनकारियों, सैनिकों और आमजन के सम्मान व कल्याण को प्राथमिकता देते हुए कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं।

राज्य आंदोलनकारियों के योगदान को सम्मान देते हुए सरकारी नौकरियों में उन्हें 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण प्रदान किया गया है। इसके साथ ही उनके आश्रितों की पेंशन ₹3000 से बढ़ाकर ₹5500 प्रतिमाह कर दी गई है।

वहीं, राज्य आंदोलन के दौरान 7 दिन जेल गए अथवा घायल हुए आंदोलनकारियों की पेंशन भी ₹6000 से बढ़ाकर ₹7000 प्रतिमाह कर दी गई है, जो उनके संघर्ष के प्रति सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है।

सैनिकों के सम्मान में भी बड़े फैसले लिए गए हैं। शहीद सैनिकों के आश्रितों को मिलने वाली अनुग्रह राशि ₹10 लाख से बढ़ाकर ₹50 लाख कर दी गई है। वहीं, परमवीर चक्र विजेताओं के लिए यह राशि ₹50 लाख से बढ़ाकर ₹1.5 करोड़ कर दी गई है।

इसके अलावा, राज्य में अग्निवीर योजना के अंतर्गत सेवा देने वाले युवाओं को भी सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने का निर्णय लिया गया है।

*‘सेवा का संकल्प’ से जन-जन तक पहुंची सरकार*

धामी सरकार की “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” पहल ने जनसेवा के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इस अभियान के तहत प्रदेशभर में 686 शिविर आयोजित किए गए, जिनमें 5.37 लाख से अधिक लोगों ने भाग लिया।

इन शिविरों के माध्यम से 2.96 लाख से अधिक नागरिकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मिला। वहीं, प्राप्त 51,317 शिकायतों में से 33,990 का मौके पर ही समाधान किया गया, जो प्रशासन की तत्परता को दर्शाता है।

डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देते हुए अपुणि सरकार पोर्टल के माध्यम से करीब 950 सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराया गया है, जिससे आम नागरिकों को घर बैठे सुविधाएं मिल रही हैं।

*समाज के हर वर्ग का ध्यान*

सरकार ने वृद्धजनों के लिए वृद्धावस्था पेंशन बढ़ाकर ₹1500 कर दी है, जिससे अब बुजुर्ग दंपत्ति दोनों को इसका लाभ मिल रहा है। इसके अलावा, वृद्ध एवं आर्थिक रूप से कमजोर कलाकारों और लेखकों की मासिक पेंशन ₹3000 से बढ़ाकर ₹6000 करने का निर्णय लिया गया है।

चार वर्षों में लिए गए इन फैसलों से स्पष्ट है कि राज्य सरकार ने न केवल विकास को गति दी है, बल्कि समाज के हर वर्ग—आंदोलनकारी, सैनिक, बुजुर्ग, महिलाएं और आम नागरिक—को साथ लेकर चलने का प्रयास किया है।

सरकार का लक्ष्य “सेवा, सम्मान और सुशासन” के मूल मंत्र के साथ उत्तराखण्ड को एक सशक्त और संवेदनशील राज्य के रूप में स्थापित करना है।

चार साल बेमिसाल: ऐतिहासिक फैसलों से विकास को नई दिशा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड सरकार ने अपने चार वर्ष के दौरान कई ऐसे ऐतिहासिक और सशक्त फैसले लिए, जिनसे राज्य की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत हुई है।

सबसे बड़ी उपलब्धि के रूप में उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य बना, जहां समान नागरिक संहिता लागू की गई। इसके साथ ही राज्य में सशक्त भू-कानून, सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून और दंगारोधी कानून लागू कर कानून-व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।

सरकार ने युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया। इसका परिणाम यह रहा कि बीते चार वर्षों में 30 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां मिलीं, जिससे पारदर्शिता और भरोसा दोनों बढ़े हैं।

शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव करते हुए उत्तराखण्ड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन किया गया, जिसके अंतर्गत मदरसा बोर्ड को समाप्त कर दिया गया है। अब यही प्राधिकरण पाठ्यक्रम और शिक्षा व्यवस्था को नियंत्रित करेगा।

वहीं, अवैध अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए राज्य में 12 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है, जो प्रशासनिक दृढ़ता का बड़ा उदाहरण माना जा रहा है।

*महिलाओं के सशक्तिकरण पर विशेष फोकस*

धामी सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए कई अहम फैसले लिए हैं। सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण लागू किया गया, वहीं सहकारी प्रबंध समितियों में 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया गया है।

महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना शुरू की गई।

प्रदेश में अब तक 2.54 लाख से अधिक महिलाएं “लखपति दीदी” बन चुकी हैं, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का संकेत है। स्वयं सहायता समूहों को ₹5 लाख तक का बिना ब्याज ऋण देकर महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है।

इसके अलावा, मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना की शुरुआत कर महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक रूप से आगे बढ़ाने का प्रयास किया गया है।

*समग्र विकास की ओर बढ़ता उत्तराखण्ड*

चार वर्षों में लिए गए इन फैसलों और योजनाओं ने उत्तराखण्ड को विकास की नई दिशा दी है। मजबूत कानून व्यवस्था, पारदर्शी भर्ती प्रणाली और महिला सशक्तिकरण जैसे कदमों ने राज्य को एक मॉडल स्टेट के रूप में स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ाया है।

देहरादून डीएम ने 136 से अधिक बालिकाओं की शिक्षा को किया पुनर्जीवित

ऋषिपर्णा सभागार कलेक्ट्रेट में आज ‘‘ नंदा-सुनंदा’’ 14वें संस्करण का आयोजन किया गया। नवंरात्र के पावन अवसर पर जिलाधिकारी सविन बसंल ने नंदा-सुनंद देवी रूपी 10 बालिकाओं की शिक्षा को पुनर्जीवित कर की देवियों की स्तुति। नंदा-सुनंदा देवी रूपी 10 बालिकाओं की शिक्षा 2.03 लाख के चैक वितरित किए गए। जिला प्रशासन का प्राजेक्ट ‘‘नंदा-सुनंदा’’ से जनपद अंतर्गत अब तक 136 से अधिक असहाय जरूरतमंद बालिकाओं की शिक्षा को पुनर्जीवित किया जा चुका है। यह पहल समाज के कमजोर वर्गों की बेटियों के लिए आशा की किरण बनकर उभरी है तथा बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक प्रभावी मॉडल के रूप में स्थापित हो रही है।

जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री का सकंल्प है कि जनमानस के विकास, शिक्षा आदि के लिए संचालित योजना के क्रियान्वयन में जिले स्तर पर यदि कहीं कोई गैप रह जाते हैं तो उनको भरते हुए जरूरममंदो को योजना से लाभान्वित किया जाना है।

मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देशन में जिला प्रशासन द्वारा संचालित प्रोजेक्ट ‘‘नंदा-सुनंदा’ का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता प्रदान करना नहीं, बल्कि नंदा-सुनंदा देवी रूपी बालिकाओं को शिक्षित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव मजबूत करना है। इस योजना के माध्यम से ऐसी बालिकाओं को चिन्हित किया जा रहा है जिनके परिवार में किसी दुर्घटना/घटना से परिवार आर्थिक से शिक्षा बाधित हो गई है ऐसी होनहार बालिकाओं जिनमें शिक्षित होकर आगे बढने की ललक है उनकी शिक्षा को पुनर्जीवित कर सशक्त बनाना है।

जिलाधिकारी ने चयन समिति एंव ग्रांउड स्तर पर कार्य कर ही टीम के कार्यों की सराहना भी की। यदि हम किसी बेटी को सशक्त करते हैं तो पूरा कुल सशक्त होता है।

बनियावाला निवासी आराध्या सिंह जिनके पिता की मृत्यु होने के उपरान्त कक्षा 4की शिक्षा बाधित हो गई थी। ग्राम सुद्धोवाला निवासी मान्यता ठाकुर जिनके पिता लापता हैं तथा 05 भाई-बहन है तथा बड़ी बेटी विकलांग है परिवार की आर्थिक स्थिति खराब है बेटी की 10वीं शिक्षा बाधित हो गई है। मोलाराम कालोनी सहस्त्रधारा निवासी माही चौहान जिनके पिता की मृत्यु 2021 में हो गई है परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है। एमडीडीए कालोनी डालनवाला निवासी नियति वासुदेव जिनके पिता नशे के आदी है नशामुक्ति केन्द्र में भर्ती है परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है तथा कक्षा 06 की शिक्षा बाधित हो गई थी। नई बस्ती गुरूरोड पटेलनगर निवासी सोफिया अल्वी पिता की मृत्यु हो चुकी है परिवार की आर्थिक स्थिति दयनीय है।

झंडाबाजार निवासी अनुष्का शर्मा पिता की मृत्यु 2022 में हो गई चुकी माता कपड़े की दुकान काम करती है परिवार की आर्थिक स्थिति रूप से अत्यंत कमजोर होने से कक्षा 9 की शिक्षा बाधित हो गई है। ओगल भट्टा सुभाषनगर निवासी नंन्दनी व नंदिता जिनके पिता 01 वर्ष से अलग रह रहे है तथा माता घरों मे साफ-सफाई कर घर का खर्चा चलाती हैं, माता हार्ट पेंशेंट है तथा नंदनी की कक्षा 6 व नंदिता की कक्षा 4 की शिक्षा बाधित हो गई है। हरिपुर रायवाला निवासी हर्षिता की जिनके पिता की मृत्यु हो गई है परिवार की आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण बीकॉम की शिक्षा बाधित हो गई है। हर्रावाला निवासी त्रिशा जिनकी माता की कैंसर से मृत्यु हो गई है माता के उपचार पर अत्यधिक खर्चा होने के उपरान्त आर्थिक स्थिति खराब हो गई है पिता फीस देने में असमर्थ है तथा कक्षा 5 की शिक्षा बाधित हो गई थी सभी बालिकाओं की शिक्षा को प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा से पुनर्जीवित कर दिया है। पारिवारिक घटनाओं से आर्थिक संकट में फंसे परिवार की बेटियों को प्रोजेक्ट नंदा-सुनदां से शिक्षा पुनर्जीवित सशक्त बनाने बेड़ा उठाया है अब तक 136 बालिकाओं की शिक्षा पुनर्जीवित की गई है।

मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने कहा कि बालिकाएं अपनी पढाई पर ध्यान दें प्रशासन आपकी आगे भी सहायता करता रहेगा। उन्होंने अपेक्षा की सफल होकर अपने जैसे अन्य जरूरतमंदो को आगे बढाएं। पुलिस अधीक्षक नगर प्रमोद कुमार ने कहा कि जिला प्रशासन का यह प्रोजेक्ट सराहनीय है बालिकाओं एवं उनके परिजनों को पुलिस की सहायता की आवश्यकता है तो पुलिस सदैव तत्पर है।

कार्यक्रम में उपस्थित अभिभावकों ने मुख्यमंत्री के निर्देशन में जिला प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए बालिकाओं की शिक्षा पुनर्जीवित करने पर राज्य सरकार का जिला प्रशासन का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस योजना को समाज के लिए प्रेरणादायी बताया।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, पुलिस अधीक्षक नगर प्रमोद कुमार, मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार ढौंडियाल, जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास जितेन्द्र कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट उपस्थित रहे।

प्रदेशभर में धामी सरकार चार साल की उपलब्धि पर चलाएगी कार्यक्रम

राज्य सरकार के चार वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 23 मार्च 2026 से 25 मार्च 2026 तक प्रदेशभर में जन-जन की सरकार-4 साल बेमिसाल’’ थीम के अन्तर्गत तीन दिवस में विभिनन कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे है।

जनपद देहरादून में आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड सरकार द्वारा 23 मार्च 2026 को अपरान्ह् 12ः30 बजे सम्बोधन किया जाएगा, जिसका सजीव प्रसारण राज्य के अन्य 12 जनपदों में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में किया जाएगा।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने जनपद में आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम की तैयारियों एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा बैठक कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कार्यक्रम हेतु तैनात सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी अधिकारी अपने-अपने दायित्वों को भलीभांति समझ लें आपसी समन्वय से व्यवस्था बनाना सुनिश्चित करें ताकि कार्यक्रम के दिवस किसी प्रकार की अव्यवस्था न होने पाए। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि मंच, सिटिंग व्यवस्था, बेरिकेटिंग, लाईट, पेयजल सफाई आदि समुचित व्यवस्थाएं समय से पूर्ण कर ली जाएं। निर्देशित किया कि कार्यक्रम स्थल पर होने वाले कार्यक्रमों की मिनट-2-मिनट कार्यक्रम के अनुसार व्यवस्थाएं बनाई जाए।

जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को स्वास्थ्य परीक्षण, टीकाकरण एवं महिलाओं/युवतियों के लिए विशेष स्वास्थ्य जांच स्टॉल लगाने के निर्देश दिए। समाज कल्याण विभाग को डीडीआरसी के माध्यम से दिव्यांगजनों के प्रमाण पत्र निर्गत करने एवं सहायक उपकरण वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा विद्युत विभाग को निर्बाध विद्युत आपूर्ति, जल संस्थान को स्वच्छ पेयजल, जिला पूर्ति अधिकारी को जलपान व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। लोक निर्माण विभाग को मंच निर्माण एवं बैरिकेडिंग, नगर निगम को स्वच्छता व्यवस्था तथा पुलिस विभाग को सुरक्षा एवं यातायात प्रबंधन की जिम्मेदारी सौंपी गई।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध रूप से पूर्ण कर कार्यक्रम को भव्य एवं सुव्यवस्थित रूप से आयोजित किया जाए। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम सरकार की उपलब्धियों को आमजन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण अवसर है।

समस्त जनपद के मुख्यालयों में 23 मार्च 2026 को कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है जिसमें सूचना विभाग द्वारा राज्य सरकार की उपलब्धियों का प्रचार-प्रसार तथा साहित्य वितरण भी किया जाएगा।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, अपर मुख्य नगर आयुक्त प्रवीन कुमार, पुलिस अधीक्षक नगर प्रमोद कुमार, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व के.के मिश्रा, संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल कुमार, नगर मजिस्ट्रेट प्रत्युष सिंह, उप जिलाधिकारी सदर हरिगिरि, उप जिलाधिकारी अपूर्वा सिंह, मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार ढौंडियाल, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ मनोज शर्मा, निदेशक ग्राम्य विकास अभिकरण विक्रम सिहं, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, अधि.अभि लोनिवि ओपी सिंह, संभागीय परिवहन अधिकारी अनिता चमोला, जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल, जिला पूर्ति अधिकारी के.के अग्रवाल, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास जितेन्द्र कुमार सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने ही 2022 में सीएम धामी को दिया था धाकड़ उपनाम, अब बोले हो गए धुरंधर धामी

2027 के चुनाव से पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, धुरंधर हो चुके हैं पुष्कर सिंह धामी। पिछले विधानसभा चुनावों के दौरान उत्तराखंड में एक जनसभा में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को धाकड़ का उपनाम दिया था। अब 2027 के विधानसभा चुनाव का श्रीगणेश करने उत्तराखंड पहुंचे राजनाथ सिंह ने, सीएम को धाकड़ के साथ धुरंधर भी करार दिया है। साथ ही कहा है कि अपने कार्यकाल के छठवें साल में धामी 2027 में चुनावी सिक्सर लगाने के लिए तैयार हैं।

हल्द्वानी में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह पूरी तरह फार्म में नजर आए। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में किए जा रहे कार्यों की तारीफ करते हुए, कहा कि उत्तराखंड आज हर तरह से आदर्श राज्य बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने 2022 की चुनावी सभा को याद करते हुए कहा कि तब उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के लिए धाकड़ धामी कहा था, लेकिन अब राज्य सरकार के चार वर्ष के धुआंधार काम के आधार पर वो इस नतीजे पर पहुंचे हैं, कि धामी धुरंधर की तरह काम कर रहे हैं।

चार वर्ष में चौका, छह में लगाएंगे छक्का
रक्षा मंत्री ने कहा कि पुष्कर सिंह धामी अपने पहले चार साल के कार्यकाल में शानदार चौका लगाने का काम कर चुके हैं। 2027 के चुनावों तक मुख्यमंत्री के कार्यकाल को छठवां साल शुरु हो जाएगा, इस कारण वो अपने छठवें साल में सिक्सर लगाकर लगातार तीसरी बार भाजपा सरकार बनाने का काम करेंगे।

राज्य सरकार की पीठ थपथपाई

रक्षा मंत्री ने महिला सशक्तिकरण, सैनिक कल्याण, आर्थिक उन्नति, आधारभूत सुविधाओं सहित सभी क्षेत्रों में शानदार प्रदर्शन के लिए, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की जमकर तारीफ की। भाजपा के वरिष्ठ नेता राजनाथ सिंह ने कहा कि राज्य सरकार ने जहां एक और यूसीसी लागू कर महिला सशक्तिकरण का उदाहरण प्रस्तुत किया।

वहीं अवैध घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई कर उत्तराखंड का स्वरूप बचाने का प्रयास किया है। राजनाथ सिंह ने सख्त नकल विरोधी कानून के लिए भी मुख्यमंत्री धामी की तारीफ करते हुए, कहा कि इसके दूरगामी परिणाम सामने आए।

मानधन योजना में पात्र किसानों को अधिक से अधिक पंजीकृत किया जाए: बर्द्धन

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में राष्ट्रीय कृषि योजना के अंतर्गत वार्षिक कार्य योजना 2026-27 के लिए राज्य स्तरीय संस्तुति समिति की बैठक आयोजित हुई।

बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने वार्षिक कार्य योजना के लिए अगली राज्य स्तरीय संस्तुति समिति की बैठक दिसम्बर – जनवरी माह में आयोजित किए जाने के निर्देश दिए। समिति द्वारा राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत् वार्षिक कार्य योजना को स्वीकृति प्रदान की गई।

मुख्य सचिव ने किसान मानधन योजना का प्रचार प्रसार करते हुए अधिक से अधिक पात्र किसानों को इसमें पंजीकृत किया जाए। उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के 100 प्रतिशत संतृप्तिकरण के लिए विशेष कैंप आयोजित किए जाएं। उन्होंने आधार आधारित भुगतान और ई – केवाईसी को मजबूती से लागू किये जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) तैयार कर क्लस्टर आधारित खेती पर फोकस किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रदेश में जैविक और प्राकृतिक खेती की दिशा में प्रयास बढ़ाए जाने पर भी जोर दिया। साथ ही साथ अधिक से अधिक फार्म मशीनरी बैंक स्थापित किए जाने की बात भी कही। उन्होंने स्थानीय उत्पादों और फसलों के लिए बाजार सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण किए जाने के निर्देश दिए हैं।

इस अवसर पर सचिव दिलीप जावलकर एवं एस.एन. पाण्डेय सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

वाराही धाम के नव-निर्मित कार्यों का शुभारम्भ होना हम सभी के लिए सौभाग्य का क्षण: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास से श्री वाराही धाम देवीधुरा, चम्पावत में आयोजित मंदिर के नव निर्माण कार्य के शिलान्यास कार्यक्रम को वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री वाराही धाम के नव-निर्मित कार्यों का शुभारम्भ होना हम सभी के लिए सौभाग्य का क्षण है। उन्होंने कहा माँ वाराही का प्राचीन धाम सदियों से श्रद्धा, आस्था और शक्ति का केंद्र रहा है। वाराही धाम में आयोजित होने वाला बग्वाल मेला हमारी वीरता, परंपरा और सामूहिक आस्था का अद्भुत संगम है। राज्य सरकार ने इसे राजकीय मेला घोषित भी किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मां वाराही मंदिर का नव-निर्माण मंदिर को और अधिक भव्य एवं आकर्षक स्वरूप प्रदान करेगा। यह धाम आस्था के साथ विकास और समृद्धि का भी प्रतीक बनेगा। उन्होंने कहा प्रदेश में स्थित चारधाम, शक्तिपीठ, सिद्धपीठ और अन्य मंदिर, हमारी सनातन परंपरा और सांस्कृतिक पहचान के जीवंत प्रतीक हैं। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास के साथ धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के संरक्षण एवं पुनरुत्थान का कार्य भी किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार देवभूमि की सांस्कृतिक विरासत को भव्य रूप प्रदान करने का काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने अपने संकल्प को दोहराते हुए कहा कि यह देवभूमि है, यहां देवताओं का वास है, राज्य सरकार देवभूमि की समृद्ध आध्यात्मिक विरासत को दिव्य,भव्य और सुरक्षित बनाने का अपना काम इसी प्रकार जारी रखेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार, देवभूमि उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने का कार्य कर रही है। केदारखंड के साथ ही मानसखंड के पौराणिक मंदिरों के सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा चंपावत के बालेश्वर मंदिर, पाताल रुद्रेश्वर मंदिर और माँ रणकोची मंदिर, मां पूर्णागिरी मंदिर का भी पुनर्विकास किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा चंपावत क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए शारदा कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है। 179 करोड़ रुपये की लागत से शारदा घाट के पुनर्विकास कार्य का शिलान्यास किया गया है। लगभग 430 करोड़ रुपये की लागत से गोल्ज्यू कॉरिडोर के निर्माण की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोहाघाट के छमनिया में लगभग ₹ 10 करोड़ से अधिक की लागत से आधुनिक एथलेटिक सिंथेटिक ट्रैक का निर्माण, लगभग 257 करोड़ रुपये की लागत से महिला स्पोर्ट्स कॉलेज का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा राजीव गांधी नवोदय विद्यालय में करीब 15 करोड़ रुपये की लागत से भवन और छात्रावास का निर्माण कार्य चल रहा है। सड़क संपर्क को मजबूत करने के लिए रीठा साहिब क्षेत्र में लगभग 24 करोड़ रुपये की लागत से सड़क नवीनीकरण और सुधार कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा शहीद शिरोमणी चिल्कोटी मोटर मार्ग के सुधार कार्य भी तेजी से किए जा रहे हैं। लोहाघाट में फायर स्टेशन के प्रशासनिक भवन का निर्माण भी किया जा रहा है। देवीधुरा में पुलिस चौकी का निर्माण कार्य भी पूर्ण हो चुका है, जिससे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार का प्रयास है कि विकास समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मज़बूत नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार में दिल्ली और देहरादून से भेजा गया एक – एक पैसा, पूरी पारदर्शिता के साथ सीधे प्रदेश के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक डीबीटी के माध्यम से पहुँच रहा है।

इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष गोविंद सामंत, वाराही शक्ति पीठ ट्रस्ट संरक्षक/संस्थापक लक्ष्मण सिंह लमगड़िया, अध्यक्ष हीरा बल्लभ जोशी, निर्मल माहरा, श्याम नारायण पाण्डे, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने ली राज्य नोडल अधिकारियों की बैठक

देहरादून। उत्तराखण्ड में आगामी अप्रैल माह में होने वाले विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने शुक्रवार को सचिवालय में SIR के लिए तैनता नोडल अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सबंधित अधिकारीयों को विस्तृत दिशा-निर्देश दिए।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बैठक में बताया कि प्रदेश के सभी बूथ लेवल ऑफिर्स के साथ आईटी वॉलिंटियर्स की तैनाती की जा रही है। ये सभी वालिंटियर्स गणना प्रपत्र के डिजिटलाइजेशन में सहायता करेंगे, इसके साथ ही इनका गणना प्रपत्र बांटने और उसके संकलन में भी वालिंटियर्स सहायता करेंगे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने अपर सचिव ग्राम्या विकास और निर्देशक शहरी विकास विभाग को निर्देश दिए इस सम्बंध में जल्द तकनीकी रुप से दक्ष युवाओं को इस अभियान में शामिल किया जाए।

बैठक में मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने गढ़वाल और कुमाऊ आयुक्तों को भी मैपिंग पर विशेष जोर देने के निर्देश दिए।

बैठक में निदेशक शहरी विकास विनोद गिरी गोस्वामी, संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रकाश चन्द्र, अपर सचिव झरना कमठान, निदेशक महिला बाल विकास बीएल राणा, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी, निदेशक एसआईसी मनीष जुगरान, अपर निदेशक आईटीडीए तीरथ पाल, उप निदेश सूचना रवि बिजारनियां सहित गढवाल और कुमाऊ मंडल के अपर आयुक्त शामिल रहे।

रक्षा मंत्री के दौरे को लेकर सीएम धामी ने कार्यक्रम स्थल का किया निरीक्षण, व्यवस्थाओं पर दिए निर्देश

उत्तराखंड सरकार के 4 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर नैनीताल जनपद के एमबी इंटर कॉलेज, हल्द्वानी में शनिवार, 21 मार्च को एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर आयोजित जनसभा में मुख्य अतिथि के रूप में भारत सरकार के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह प्रतिभाग करेंगे।

रक्षा मंत्री के प्रस्तावित भ्रमण कार्यक्रम एवं आयोजन की तैयारियों के दृष्टिगत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शनिवार को हल्द्वानी पहुंचे। उन्होंने सर्किट हाउस, काठगोदाम में अधिकारियों के साथ बैठक कर कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

बैठक में आयुक्त कुमाऊं मंडल दीपक रावत ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की तैयारियों की जानकारी दी। इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने एमबी इंटर कॉलेज मैदान पहुंचकर कार्यक्रम स्थल का स्थलीय निरीक्षण किया तथा व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने निर्देश दिए कि जनसभा में आने वाले लोगों के लिए बैठने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही पेयजल, साफ-सफाई एवं शौचालय की पर्याप्त व्यवस्था की जाए, ताकि आगंतुकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि शहर की जनता एवं बाहरी आगंतुकों को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए पूर्व में ही रूट डायवर्जन प्लान तैयार कर उसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।

इस अवसर पर क्षेत्रीय सांसद अजय भट्ट, विधायक कालाढूंगी बंशीधर भगत, लालकुआं से मोहन सिंह बिष्ट, नैनीताल से सरिता आर्या, रामनगर से दीवान सिंह बिष्ट, जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दरमवाल, भाजपा जिला अध्यक्ष प्रताप बिष्ट, प्रदेश महामंत्री तरुण बंसल, दायित्वधारी डॉ. अनिल कपूर (डब्बू), शंकर कोरंगा, शांति मेहरा, दिनेश आर्य, दीपक मेहरा सहित आईजी कुमाऊं रिद्धिम अग्रवाल, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टीसी तथा अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

परंपरा से परे निर्णय: धामी नेतृत्व ने बदली उत्तराखंड की राजनीतिक धारा

उत्तराखंड की राजनीति में वर्षों से एक अनकही परंपरा चली आ रही थी कार्यकाल का अंतिम वर्ष आते-आते, विशेषकर मार्च के आसपास, नेतृत्व परिवर्तन लगभग तय मान लिया जाता था। यह एक तरह से राजनीतिक अस्थिरता का प्रतीक बन चुकी थी। लेकिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस स्थापित धारणा को न केवल चुनौती दी, बल्कि उसे निर्णायक रूप से ध्वस्त कर दिया।

धामी के नेतृत्व में पहली बार भाजपा ने उत्तराखंड में मुख्यमंत्री को रिपीट कर स्थिरता का संदेश दिया था और अब पांचवें वर्ष में मंत्रिमंडल विस्तार कर यह स्पष्ट कर दिया गया है कि यह सरकार परंपरागत राजनीति से अलग, आत्मविश्वास और प्रदर्शन की राजनीति पर चल रही है। जहां विरोधी दल यह अनुमान लगा रहे थे कि इतिहास खुद को दोहराएगा और धामी को भी बदला जाएगा, वहीं धामी ने एक सधे हुए राजनीतिक कौशल के साथ पूरा परिदृश्य ही बदल दिया।

इस महत्वपूर्ण मंत्रिमंडल विस्तार के साथ सरकार ने क्षेत्रीय और राजनीतिक संतुलन को भी साधने का प्रयास किया है। शपथ लेने वाले जनप्रतिनिधियों में भीमताल से विधायक राम सिंह कैड़ा, राजपुर रोड (देहरादून) से खजान दास, रुड़की से प्रदीप बत्रा, रुद्रप्रयाग से भरत सिंह चौधरी तथा हरिद्वार से मदन कौशिक शामिल हैं। इन नेताओं का अनुभव, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और संगठनात्मक पकड़ न केवल मंत्रिमंडल को और सशक्त बनाएगी, बल्कि धामी सरकार की विकासात्मक प्राथमिकताओं को भी नई गति प्रदान करेगी।

यह मंत्रिमंडल विस्तार केवल एक प्रशासनिक कवायद नहीं, बल्कि एक सशक्त राजनीतिक संदेश है नेतृत्व में विश्वास, संगठन में संतुलन और भविष्य की स्पष्ट रणनीति। धामी ने यह दिखाया है कि वे परिस्थितियों के शिकार नहीं बल्कि उन्हें अपने पक्ष में मोड़ने वाले नेतृत्वकर्ता हैं।

सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि धामी ने न केवल प्रदेश में अपनी पकड़ मजबूत की है बल्कि केंद्रीय नेतृत्व का भी पूर्ण विश्वास अर्जित किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर गृह मंत्री अमित शाह और शीर्ष संगठन तक, जिस प्रकार धामी को निरंतर समर्थन मिला है, वह उनकी विश्वसनीयता और कार्यक्षमता का प्रमाण है।

एक युवा मुख्यमंत्री के रूप में धामी ने जिस प्रकार निर्णायक फैसले लिए हैं, उसने उनकी छवि को ‘अस्थायी विकल्प’ से आगे बढ़ाकर ‘स्थायी नेतृत्व’ में परिवर्तित कर दिया है। आज उत्तराखंड की राजनीति में यदि कोई चेहरा स्थिरता, निर्णायकता और भविष्य की दिशा का प्रतीक बनकर उभरा है, तो वह पुष्कर सिंह धामी हैं।

मंत्रिमंडल विस्तार के इस फैसले ने एक और संकेत साफ कर दिया है भाजपा अब उत्तराखंड में नेतृत्व को लेकर किसी प्रयोग के मूड में नहीं है। धामी केवल वर्तमान के मुख्यमंत्री नहीं, बल्कि भविष्य की राजनीति के केंद्र बिंदु बन चुके हैं। यही कारण है कि अब यह चर्चा केवल अटकल नहीं, बल्कि एक संभावित रणनीति के रूप में देखी जा रही है कि 2027 का विधानसभा चुनाव भी धामी के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा।

उत्तराखंड की राजनीति में यह एक युगांतकारी परिवर्तन है जहां अस्थिरता की जगह स्थिरता ने ली है और परंपरा की जगह प्रदर्शन ने। इस परिवर्तन के केंद्र में हैं—एक युवा, आत्मविश्वासी और निर्णायक नेता, पुष्कर सिंह धामी।