अधिक से अधिक नागरिक केंद्रित सेवाओं को सेवा का अधिकार एक्ट के दायरे में लाया जाए: वर्धन

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में सेवा का अधिकार के अंतर्गत सेवाओं की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने कहा कि अधिक से अधिक नागरिक केंद्रित सेवाओं को सेवा का अधिकार एक्ट के दायरे में लाया जाना चाहिए। उन्होंने आईटीडीए को आरटीएस और नॉन आरटीएस 1053 अधिसूचित सेवाओं को शीघ्र ऑनलाइन किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि विभागों द्वारा निर्धारित समय सीमा के अंतर्गत सेवाओं को उपलब्ध कराया जाए। निर्धारित समयावधि में उक्त सेवा प्रदान नहीं की जाती है तो सिस्टम द्वारा अपनेआप उच्च स्तरीय अधिकारी तक पहुंच जाए।

मुख्य सचिव ने सेवा का अधिकार के तहत् विभागों द्वारा दी जा रही सेवाओं की जानकारी अनिवार्य रूप से कार्यालयों के आगे पटल पर प्रदर्शित किए जाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा कि प्रथम एवं द्वितीय अपीलीय प्राधिकारी की जानकारी भी प्रदर्शित की जाए।

मुख्य सचिव ने आयुक्त, सेवा का अधिकार आयोग को सेवा का अधिकार के लिए ड्राफ्ट नियम तैयार किए जाने की बात कही, ताकि इसे और प्रभावी रूप से लागू किया जा सके।

इस अवसर पर सचिव नितेश कुमार झा, आयुक्त सेवा का अधिकार आयोग भूपाल सिंह मनराल एवं निदेशक आईटीडीए आलोक पाण्डेय भी उपस्थित थे।

विश्व अल्पसंख्यक अधिकार दिवस: सीएम ने अल्पसंख्यक मेधावी छात्रों को किया सम्मानित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हिमालयन सांस्कृतिक केन्द्र, नींबूवाला, देहरादून में विश्व अल्पसंख्यक अधिकार दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अल्पसंख्यक समुदाय के मेधावी छात्रों को सम्मानित एवं विभिन्न स्टालों का अवलोकन किया।

बड़ी संख्या में आई मुस्लिम महिलाओं ने उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू करने पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। महिलाओं ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री धामी एक भाई के रूप में प्रदेश और अल्पसंख्यक समुदाय के लिए कार्य कर रहे हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय के लिए सरकार द्वारा कई योजनाएं चलाई जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि आज का दिन भारत की एकता और अखंडता के संरक्षण के लिए हमारे मौलिक कर्तव्यों को याद करने का अवसर है। भारतीय संस्कृति में सदियों से समानता और सभी धर्मों तथा समुदायों के प्रति सम्मान की परंपरा रही है। भारत में अनेकों संस्कृतियों, परंपराओं, भाषाओं और खान-पान की विविधता के बावजूद एकता की भावना रही हैं। उन्होंने कहा वसुधैव कुटुम्बकम के महान सिद्धांत को आत्मसात करते हुए भारत ने हमेशा समूची दुनिया को एक परिवार के रूप में माना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सबका साथ, सबका विकास के मंत्र के साथ सभी समुदायों को आगे बढ़ाया जा रहा है। आज जन-धन योजना, उज्जवला योजना, पीएम आवास योजना, मुफ्त राशन योजना जैसी अनेकों योजनाओं के माध्यम से अल्पसंख्यक समुदाय के सभी लोगों को मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में करतारपुर साहिब कॉरिडोर का निर्माण, लंगर से सभी प्रकार के करों को हटाना, जियो पारसी योजना, बौद्ध सर्किट का विकास, जैन अध्ययन केंद्र की स्थापना, हज यात्रा की प्रक्रिया को डिजिटल और पारदर्शी बनाने एवं तीन तलाक जैसी कुप्रथा का अंत जैसे निर्णय लिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के माध्यम से अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में स्कूल, कॉलेज, छात्रावास, आईटीआई, स्वास्थ्य केंद्र और कौशल विकास संस्थान स्थापित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा नए वक़्फ़ कानूनों में सुधार के माध्यम से वक़्फ़ संपत्तियों के पारदर्शी, उत्तरदायी की दिशा में भी ठोस कदम उठाए गए हैं, ताकि इन संपत्तियों का वास्तविक लाभ समाज के गरीब, जरूरतमंद और पिछड़े वर्गों तक पहुँच सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक प्रोत्साहन योजना के माध्यम से अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रोत्साहन राशि दे रही है। पूर्वदशम एवं दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजनाओं के अंतर्गत अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चों को वार्षिक छात्रवृत्ति भी प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा जनता से किए वादे के अनुसार हमने राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने का काम किया है। हमने समान नागरिक संहिता लागू कर सामाजिक न्याय और समानता की दिशा में पूरे देश को एक नई दिशा दिखाने का कार्य किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अल्पसंख्यक क्षेत्रों में मांग के अनुरूप आर्थिक एवं शैक्षणिक विकास को गति देने के लिए अल्पसंख्यक विकास निधि की स्थापना भी की गई है। जिसके अंतर्गत प्रतिवर्ष 4 करोड़ रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री हुनर योजना के माध्यम से अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को रोजगार से जोड़ा जा रहा है। अल्पसंख्यक स्वरोजगार योजना के अंतर्गत स्वरोजगार के लिए 25 प्रतिशत सब्सिडी के साथ 10 लाख रुपये तक का ऋण भी उपलब्ध कराया जा रहा है। मौलाना आज़ाद एजुकेशन ऋण योजना के अंतर्गत अल्पसंख्यक वर्ग के गरीब छात्र-छात्राओं को 5 लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त शिक्षा ऋण भी उपलब्ध कराया जा रहा है। जिसके अंतर्गत पिछले 4 वर्षों में 169 लाभार्थियों को 4 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि वितरित की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के अल्पसंख्यक समुदायों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से प्रदेश में नया अल्पसंख्यक शिक्षा कानून लागू किया है। ये कानून किसी एक समुदाय तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्तराखंड के सभी अल्पसंख्यक समुदायों सिख, ईसाई, जैन, बौद्ध, पारसी और मुस्लिमों को शिक्षा के क्षेत्र में समान अवसर और संवैधानिक अधिकार प्रदान करेगा। जिसके अंतर्गत सभी मदरसों सहित सभी अल्पसंख्यक विद्यालयों में धार्मिक शिक्षा के साथ-साथ उत्तराखण्ड विद्यालयी शिक्षा बोर्ड द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम पढ़ाया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने सभी धर्मों की स्वायत्तता की रक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्य में धर्मांतरण विरोधी कानून भी लागू किया है। ताकि किसी भी प्रकार के दबाव, प्रलोभन या छल से होने वाले धर्मांतरण को रोका जा सके और सामाजिक सौहार्द बना रहे। मुख्यमंत्री ने कहा विश्व के कई अन्य देशों में अल्पसंख्यक समुदायों को भेदभाव, उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है। मुख्यमंत्री ने विश्व अल्पसंख्यक दिवस के अवसर पर सभी अल्पसंख्यको से आह्वान करते हुए कहा कि सभी सोशल मीडिया के माध्यम से उन देशों में हो रहे अत्याचार और भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाएं।

इस अवसर पर उत्तराखण्ड अल्पसंख्यक आयोग की उपाध्यक्ष फरजाना बेगम, पद्मश्री डॉ. आर.के जैन, श्री हेमकुंड साहिब ट्रस्ट अध्यक्ष नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा, अध्यक्ष वक्फ बोर्ड शादाब शम्स एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री की पहल पर राज्यभर में ‘‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’’ अभियान का शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर प्रदेश में ‘‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’’ अभियान का बुधवार को शुभारंभ हो गया है। न्याय पंचायतों में कैम्प आयोजित कर आम लोगों को सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी देने के साथ ही जरूरतमंद लोगों को मौके पर ही विभिन्न योजनाओं के लाभ प्रदान करने के लिए यह महत्वाकांक्षी अभियान पैंतालीस दिनों तक संचालित किया जाएगा। अभियान में राजस्व, ग्राम्य विकास, पंचायती राज, कृषि, समाज कल्याण सहित 23 विभाग शामिल रहेंगे। अभियान के पहले दिन राज्य के सभी जिलों में तय कार्यक्रम के अनुसार चयनित न्याय पंचायतों में आयोजित शिविरों में बड़ी संख्या में आम लोगों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की। राज्य सरकार की इस महत्वपूर्ण जन-कल्याणकारी पहल से शुरूआती दिन राज्य के विभिन्न स्थानों पर आयोजित शिविरों में हजारों ग्रामीणों को लाभान्वित किया गया।

*पिथौरागढ*
“जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान के तहत पिथौरागढ़ जिले के विकास खंड बिण की न्याय पंचायत दौला में आयोजित शिविर का शुभारंभ कुमाऊँ मण्डल के आयुक्त श्री दीपक रावत द्वारा किया गया। इस शिविर में 800 से अधिक लोगों ने प्रतिभाग कर शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाया तथा अपनी समस्याएँ आयुक्त के समक्ष रखीं, जिनमें से अधिकांश का मौके पर ही निस्तारण किया गया। इस अवसर पर आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप इस अभियान के दौरान जनसमस्याओं का स्थायी, पारदर्शी एवं समयबद्ध समाधान का प्रभावी माध्यम सुनिश्चित किया जाय। जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने बताया कि पिथौरागढ़ जिले की सभी 64 न्याय पंचायतों में शिविरों के आयोजन की व्यवस्था की गई है।
इस अवसर पर दायित्वधारी गणेश भंडारी, अध्यक्ष जिला पंचायत जितेंद्र प्रसाद, मेयर नगर निगम श्रीमती कल्पना देवलाल ने मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा संचालित इस योजना को जनता के हित में प्रभावी एवं दूरदर्शी पहल बताते हुए कहा कि इससे शासन की योजनाएँ सीधे आमजन तक पहुँचेंगी और नागरिकों को त्वरित लाभ प्राप्त होगा।

*चम्पावत*
“जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान की अंतर्गत चम्पावत जिले के सिमल्टा में आयोजित शिविर में 500 से अधिक लोगों को लाभान्वित किया गया। शिविर में जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याओं व शिकायतों को गंभीरता से सुना और मौके पर ही 100 से अधिक शिकायतों का निस्तारण किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी द्वारा बाल विकास विभाग की बालिका जन्मोत्सव मनाने की पहल को आगे बढाते हुए नन्हीं बालिकाओं के साथ केक काटा गया।
इस शिविर में श्रम विभाग से 13, चिकित्सा विभाग से 100 से अधिक, महिला एवं बाल विकास से 30, ऊर्जा विभाग से 3, सहकारिता से 6, पशुपालन से 56, समाज कल्याण से 4, डेयरी विभाग से 70, वन विभाग से 19, राजस्व विभाग से 3, बैंक एवं वित्तीय संस्थानों से 6, ग्राम विकास विभाग से 10, पंचायती राज से 6, कृषि विभाग से 25, आयुष विभाग से 80, होम्योपैथी से 57, मत्स्य विभाग से 4, सेवायोजन विभाग से 11 तथा आपदा प्रबंधन विभाग से 17 लाभार्थियों को सेवाएँ प्रदान की गईं। शिविर में 6 आधार कार्ड भी बनाए गए और से कृषि यंत्र भी बांटे गए। शिविर में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के अंतर्गत पंजीकरण की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई। कार्यक्रम के दौरान सिंग्देव नौले में व्यापक स्वच्छता एवं संरक्षण अभियान भी चलाया गया।
इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख चम्पावत श्रीमती अंचला बोहरा सहित अनेक जन-प्रतिनिधिगण, मुख्य विकास अधिकारी डॉ जी.एस.खाती, अपर जिलाधिकारी श्री कृष्ण नाथ गोस्वामी भी उपस्थित रहे।

*अल्मोड़ा*
अभियान के पहले दिन अल्मोड़ा जिले में 11 विकासखंडों की 13 न्याय पंचायतों में शिविरों का आयोजन किया गया। न्याय पंचायत सल्लाभाटकोट के अंतर्गत रा.इ.का. भल्यूटा में आयोजित शिविर में मुख्य विकास अधिकारी रामजीशरण शर्मा, डीएफओ प्रदीप कुमार धौलाखंडी , पुलिस उपाधीक्षक जीडी जोशी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी दी गई तथा प्राप्त शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। शिविर में दिव्यांगों को एक व्हीलचेयर एवं दो छड़ियाँ वितरित की गईं तथा 77 लोगों को चिकित्सीय परामर्श एवं उपचार उपलब्ध कराया गया। शिविर में राजस्व विभाग द्वारा 15 भूमि प्रमाणपत्र निर्गत करने के साथ ही नाम संशोधन का कार्य भी संपादित करने के साथ ही विभन्न विभागों द्वारा सेवाएं उपलब्ध कराई गईं।

*बागेश्वर*
बागेश्वर में जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे की अध्यक्षता में न्याय पंचायत गढ़सेर के अंतर्गत ब्लॉक सभागार गरूड़ में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आमजन को केन्द्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई तथा पात्र लाभार्थियों को मौके पर ही आवेदन, शिकायत निस्तारण एवं लाभ स्वीकृति की सुविधा उपलब्ध कराई गई। शिविर में विभिन्न विभागों ने स्टॉल लगाकर विभागीय सेवाओं एवं योजनाओं से ग्रामीणों को लाभान्वित किया। इस दौरान ब्लॉक प्रमुख किशन बोरा, एसडीएम वैभव कांडपाल सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

*ऊधमसिंहनगर*
ऊधमसिंहनगर जिले में मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी के नेतृत्व में खटीमा में आयोजित शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टाल लगाकर योजनाओं की जानकारियां दी गयी व पात्र लोगों को योजनाओं से लाभान्वित किया गया। इस अवसर पर 73 शिकायतें दर्ज की गई, जिसमे से 38 मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। शिविर में एनआरएलएम योजनान्तर्गत 09 महिला स्वयं सहायता समूहों को रू. 36 लाख 15 हजार की धनराशि के चैक विततरित किए गए। कार्यक्रम में ब्लॉक प्रमुख सरिता राणा सहित अनेक जन-प्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे।
अभियान के दौरान रूद्रपुर में उप जिलाधिकारी मनीष बिष्ट की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में भूमि जांच से सम्बन्धित 03 शिकायतों का निस्तारण करने के साथ ही खतौनी-वितरण के 46, स्थायी निवास के 21, जाति प्रमाण पत्र के 07, आय प्रमाण पत्र के 08, उत्तरजीवी प्रमाण पत्र के 02 तथा 01 हैसियत प्रमाण पत्र बनाकर शिविर में उपलब्ध कराये गये।

*देहरादून*
देहरादून जिले में अभियान का शुभारंभ विकास खंड चकाराता की सूदूरवर्ती न्याय पंचायत क्वांसी से हुआ। शिविर में 109 समस्याएं प्रस्तुत की गई। डीएम सबिन बंसल ने शिविर में उपस्थित रहकर जनता की समस्याओं व शिकायतों को सुना और अधिकारियों को मौके पर ही समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का संकल्प के अनुरूप सभी विभाग यह सुनिश्चित करें कि प्रत्येक नागरिक तक सरकार की योजनाओं का लाभ पारदर्शी और समयबद्ध ढंग से पहुँचे तथा कोई भी व्यक्ति बुनियादी सुविधाओं से वंचित न रहे। शिविर में 658 से अधिक लोगों की निःशुल्क स्वास्थ्य जांच, दिव्यांग एवं अन्य प्रमाण पत्र निर्गत करने के सेवाएं उपलब्ध कराई गई। शिविर में जिलाधिकारी ने तीन लाभार्थियों को 80 प्रतिशत सब्सिडी पर पावर वीडर प्रदान किए। वयोश्री योजना के अंतर्गत पीएम दिव्यांग केंद्र की तरफ से 50 बुजुर्गो को निःशुल्क 250 सहायक उपकरण वितरित किए। साध ही 15 लाभार्थियों को किशोरी व वेबी किट प्रदान किए। शिविर में पहुंची असहाय 90 वर्षीय दिव्यांग महिला रामू देवी का आधार कार्ड न बनने की समस्या पर डीएम ने समाज कल्याण अधिकारी को बुजुर्ग महिला को आधार केन्द्र तक ले जाकर आधार कार्ड बनवाने के निर्देश देते हुए कहा कि उन्हें दिव्यांग पेंशन सुविधा से भी लाभान्वित किया जाय।
शिविर में दायित्वधारी गीता राम गौड़ सहित अन्य जन प्रतिनिधि तथा अधिकारी मौजूद रहे।

*रुद्रप्रयाग*
जनपद रुद्रप्रयाग में राजकीय इंटर कॉलेज, तैला में जिलाधिकारी प्रतीक जैन की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में ग्रामीणों द्वारा लगभग 100 से अधिक समस्याएं प्रस्तुत की गई जिनमें से अधिकांश समस्याओं का मौके पर ही समाधान कर लंबित समस्याओं के शीघ्र निस्तारण हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए। शिविर में क्षेत्र पंचायत प्रमुख विनीता चमोली, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा, उप जिलाधिकारी जखोली अनिल सिंह रावत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

*उत्तरकाशी*
उत्तरकाशी जिले में इस अभियान की शुरूआत दूरस्थ विकासखण्ड मोरी के न्याय पंचायत नानई से की गई। मुख्य विकास अधिकारी जय भारत सिंह की अध्यक्षता में आयोजित नानई में आयोजित शिविर में 42 शिकायतें प्रस्तुत की गई, जिनमें से मौके पर ही निस्तारण करने के बाद शेष मामलों पर संबंधित विभागों को त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिए गए। शिविर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा 59 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा राजस्व विभाग द्वारा 20 लोगों के जाति व आय प्रमाण पत्र निर्गत किए गए है। इस अवसर पर कृषि और उद्यान विभाग द्वारा कृषि उपकरण और रसायनों का वितरण भी किया गया। कार्यक्रम में ब्लॉक प्रमुख रणदेव सिंह राणा, उपजिलाधिकारी मुकेश चन्द रमोला, सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

*टिहरी गढ़वाल*
टिहरी गढ़वाल जिले में अभियान के अंतर्गत जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में न्याय पंचायत दिखोलगांव के श्रीदेव सुमन राजकीय इंटर कॉलेज चम्बा में कार्यक्रम आयोजित किया गया। वहीं अपर जिलाधिकारी अवधेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में विकासखंड देवप्रयाग की पलेटी न्याय पंचायत अंतर्गत राजकीय इंटर कॉलेज, हिण्डोलाखाल में कार्यक्रम संपन्न हुआ। इसी क्रम में जिला विकास अधिकारी मो. असलम की अध्यक्षता में विकासखंड कीर्तिनगर के अंतर्गत राजकीय इंटर कॉलेज, मलेथा में तथा परियोजना निदेशक डीआरडीए पी.एस. चौहान की अध्यक्षता में विकासखंड कार्यालय थत्यूड़ में और मुख्य कृषि अधिकारी विजय देवराडी की अध्यक्षता में विकासखंड नरेंद्रनगर के मुख्यालय फकोट में कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन शिविरों में लगभग दो दर्जन विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर अपनी-अपनी विभागीय योजनाओं की जानकारी देने के साथ ही विभागीय सुविधओं एवं सेवाओं को उपलब्ध कराया गया। इस अवसर पर क्षेत्र पंचायत प्रमुख चंबा सुमन सजवान सहित भारी संख्या में जनता उपस्थित रही।

*हरिद्वार*
जनपद हरिद्वार में विकास खंड बहादराबाद, नारसन, खानपुर के अंतर्गत बहुउद्वेशीय शिविरों का आयोजन कर विभागों योजनाओं एवं सेवाओं से सैकड़ों लोगों को लाभान्वित किया गया। बहादराबाद में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में आयोजित शिविर में विभिन्न विभागों से सम्बन्धित 40 शिकायतें दर्ज करायी गयी। जिलाधिकारी द्वारा 18 प्रकरणों का मौके पर निस्तारण कर शेष समस्याओं पर संबंधित अधिकारियों को त्वरित निस्तारण करने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर विधायक रानीपुर आदेश चौहान, दायित्वधारी देशराज कर्णवाल भी उपस्थित रहे।
विकासखण्ड नारसन के जूनियर हाई स्कूल मूण्डलाना में आयोजित शिविर में विभिन्न विभागों से सम्बन्धित 28 शिकायतें दर्ज करायी गयी। जिसमें से 12 शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया गया। विकासखण्ड खानपुर में उपजिलाधिकारी सौरभ असवाल की अध्यक्षता में शिविर का आयोजन किया गया।

*चमोली*

अभियान के तहत चमोली जिले में न्याय पंचायत बैरांगना में बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन कर 23 विभागों के स्टॉल लगाकर ग्रामीणों को सरकार की जनोपयोगी योजनाओं की जानकारी दी गई। साथ इस दौरान दर्ज 181 शिकयातें एवं आवेदन पत्र प्राप्त हुए। अधिकांश शिकायतों का मौके पर निस्तारण कर शेष शिकायतों के निस्तारण के लिए विभागीय अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। मुख्य विकास अधिकारी डॉ अभिषेक त्रिपाठी की उपस्थिति में आयोजित इस शिविर में विभागीय सेवाओं से ग्रामीणों को लाभान्वित करने के साथ ही विभिन्न योजनाओं के पात्र लाभार्थियों के लिए आवेदन करने की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई। साथ ही ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच कर निशुल्क दवाइयों का वितरण भी किया गया।

पौड़ी जनपद में अभियान की शुरूआत गुरूवार को यमकेश्वर ब्लॉक के गंगा भोगपुर मल्ला न्याय पंचायत से होगी।

स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर उत्तराखंड का निर्माण हमारा संकल्प: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत 3848 लाभार्थियों के बैंक खातों में 33.22 करोड़ रुपये की धनराशि का मुख्यमंत्री आवास से ऑनलाइन माध्यम से वितरण किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि उत्तराखंड का युवा नौकरी ढूंढने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बने। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना राज्य की उन प्रमुख योजनाओं में से एक है, जिसने वास्तविक रूप से पलायन को रोकने, रिवर्स माइग्रेशन को बढ़ावा देने और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 के दौरान लौटे प्रवासी, युवा उद्यमी, कारीगर, हस्तशिल्पी एवं शिक्षित बेरोजगार इस योजना के प्रमुख लाभार्थी हैं। योजना के अंतर्गत राज्य के मूल और स्थायी निवासियों को विनिर्माण, सेवा एवं व्यापार क्षेत्र में राष्ट्रीयकृत, सहकारी एवं क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के माध्यम से ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। विनिर्माण इकाइयों के लिए ₹25 लाख तक और सेवा एवं व्यापार इकाइयों के लिए ₹10 लाख तक की परियोजना लागत अनुमन्य है। योजना के अंतर्गत परियोजना लागत का 15 से 25 प्रतिशत तक मार्जिन मनी उपादान (सब्सिडी) के रूप में प्रदान किया जा रहा है। योजना के अंतर्गत लगभग 32 हजार लाभार्थियों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया था, इस योजना से अब तक 35 हजार से अधिक लाभार्थी लाभान्वित हो चुके हैं। योजना के तहत अब तक ₹1,389 करोड़ से अधिक का ऋण वितरण किया गया है, जिससे लगभग 64,966 नए रोजगार सृजित हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रमाण है कि योजना केवल कागज़ों में नहीं, बल्कि धरातल पर सशक्त रूप से कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने इसे छोटे व्यापारियों और आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रदेश के लिए एक “गेम चेंजर योजना” बताया। उन्होंने कहा कि योजना की सफलता को देखते हुए वर्ष 2025 से मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना 2.0 (MSY 2.0) प्रारंभ की गई है, जिसमें MSY और नैनो योजना का एकीकरण किया गया है। नई व्यवस्था में सब्सिडी की सीमा 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 30 प्रतिशत तक कर दी गई है। साथ ही भौगोलिक, सामाजिक और उत्पाद बूस्टर की अवधारणा के अंतर्गत अतिरिक्त 5 प्रतिशत सब्सिडी का प्रावधान किया गया है, जिससे योजना आर्थिक के साथ-साथ सामाजिक रूप से भी सशक्त बनेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लाभार्थियों को सब्सिडी ऑनलाइन माध्यम से सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर की गई है। यह सरकार की पारदर्शिता, टेक्नोलॉजी-आधारित और भ्रष्टाचार-मुक्त कार्यप्रणाली का प्रमाण है। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना केवल एक योजना नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर उत्तराखंड की मजबूत नींव है। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि हर जिले में स्थानीय उद्यम, हर गांव में रोजगार और हर युवा के हाथ में काम हो। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करते हुए डबल इंजन सरकार उत्तराखंड के युवाओं को स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने इस दौरान मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना से लाभार्थियों से संवाद भी किया। लोहाघाट, चंपावत के कमल सिंह पार्थोली ने कहा कि उन्होंने स्मार्ट लाइब्रेरी के लिए इस योजना के तहत 10 लाख रुपये का लोन लिया। अभी यहां 130 बच्चे पढ़ रहे हैं, वे अब ई-लाइब्रेरी भी बनाएंगे। उधम सिंह नगर के प्रदीप अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने गाड़ी सर्विस के कार्य के लिए 10 लाख रुपये का लोन लिया; वे पहले साइकिल रिपेयरिंग का कार्य करते थे। उत्तरकाशी के जसपाल ने बताया कि उन्होंने फिटनेस क्लब की स्थापना के लिए 10 लाख रुपये का लोन लिया, अब वे इसका और विस्तार कर रहे हैं। पौड़ी गढ़वाल के अयान मंसूरी ने बताया कि उन्होंने रजाई और गद्दा निर्माण के कार्य के लिए 10 लाख रुपये का लोन लिया, उनके साथ इस रोजगार से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से कई लोग जुड़े हैं। इस साल उनका कारोबार तीन करोड़ रुपये होने का अनुमान है। बागेश्वर की चंपा देवी ने कहा कि उन्होंने मोबाइल सेल एंड सर्विस के लिए सात लाख रुपये का लोन लिया था। इस कार्य से उनकी आजीविका बढ़ी है।

इस अवसर पर सचिव उद्योग विनय शंकर पांडेय, महानिदेशक उद्योग एवं एमडी सिडकुल डॉ. सौरभ गहरवार, उप सचिव शिव शंकर मिश्रा, उद्योग विभाग से अपर निदेशक मृत्युंजय सिंह, संयुक्त निदेशक अनुपम द्विवेदी, दीपक मुरारी, उप निदेशक महावीर सजवान, राजेंद्र कुमार, उद्योग मित्र अभिषेक नैनवाल एवं अनुराग गुप्ता मौजूद थे।

इंडोर खेल प्रतियोगिता के विजेता प्रतिभागियों को महानिदेशक सूचना ने प्रदान किये पुरस्कार

उत्तराखण्ड सूचना कर्मचारी संघ (मुख्यालय), देहरादून द्वारा प्रथम इंडोर खेल प्रतियोगिता-2025 का आयोजन किया गया। आज प्रतियोगिता के विजयी प्रतिभागियों को महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी द्वारा पुरस्कार प्रदान किये गये।

महानिदेशक सूचना तिवारी द्वारा सभी विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं मेडल प्रदान करते हुए कहा कि हम सभी को अपनी जीवनशैली में योग और खेल को शामिल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें अपनी जीवनशैली में बढ़ते तनाव को कम करने के लिये नियमित रूप से व्यायाम करना चाहिए। खेल की भावना जीवन को अनुशासित बनाने के साथ शारीरिक व मानसिक विकास में भी मददगार रहती है। उन्होंने कहा कि सूचना संघ द्वारा यह अच्छी पहल की गई है। सभी कर्मचारी बधाई के पात्र है। उन्होंने कहा कि विभागीय परिसर में एक बैडमिंटन कोर्ट तैयार कराया जाय। इसके लिए विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया जाय।

इस अवसर पर अपर निदेशक आशिष कुमार त्रिपाठी ने सभी प्रतिभागियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिता भविष्य में भी आयोजित की जाय। कार्यक्रम में संयुक्त निदेशक डॉ. नितिन उपाध्याय, उप निदेशक मनोज श्रीवास्तव, रवि बिजारनिया द्वारा भी अपने विचार व्यक्त किये गये।

कार्यक्रम में संघ के महामंत्री अंकित चौहान द्वारा स्वागत भाषण किया गया। चौहान ने कहा कि महानिदेशक सूचना की प्रेरणा और मार्गदर्शन से ही खेल प्रतियोगिता आयोजित की गई है। कार्यक्रम में संघ के अध्यक्ष कैलाश रावत द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया। इस अवसर पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र भी वितरित किये गये।

कार्यक्रम में में महानिदेशक सूचना तिवारी द्वारा शतरंज प्रतियोगिता में विजयी रहे कैलाश रावत एवं उप विजेता राजेन्द्र सिंह कलूड़ा को पुरस्कृत किया गया। महिला वर्ग में कैरम सिंगल्स की विजेता आरती बिष्ट एवं उप विजेता विदिशा नेगी को पुरस्कार प्रदान किये गये। कैरम प्रतियोगिता में पुरूष वर्ग के सिंगल्स श्रेणी के विजेता अतुल डिमरी एवं उप विजेता गजेन्द्र सिंह को पुरस्कृत किया गया। कैरम प्रतियोगिता के डबल्स श्रेणी में विजेता अतुल डिमरी एवं गजेन्द्र सिंह, उप विजेता चेतन कुमार पाण्डेय एवं राम सिंह परजोली को पुरस्कृत किया गया। यह खेल प्रतियोगिता विगत 12 एवं 14 दिसम्बर, 2025 को सूचना भवन सभागार में आयोजित की गई थी।

इस अवसर पर संघ के समस्त पदाधिकारीगण एवं कर्मचारीगण उपस्थित थे।

ऋषिकेश में समाज कल्याण की शिकायतों की भरमार, डीएम ने तत्काल एडीओ की तैनाती के दिए आदेश

जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में ऋषिकेश तहसील परिसर में जन सुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। जन सुनवाई में 326 फरियादी अपनी-अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। जिलाधिकारी ने एक-एक कर सभी समस्याएं सुनी और अधिकांश शिकायतों का ऑन द स्पॉट समाधान किया। शेष मामलों पर अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा में समाधान के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि जन समस्याओं को गंभीरता से ले और प्राथमिकता पर उनका समाधान सुनिश्चित करें। जन सुनवाई के दौरान लोगों ने पेयजल, सडक, भूमि विवाद, प्रमाण पत्र निर्गमन, पेंशन, खाता खतौनी, राजस्व संबंधी मुद्दों सहित विभिन्न समस्याएं रखीं।

जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु पूर्णतः प्रतिबद्ध है। सरकार और प्रशासन की प्राथमिकता आमजन की शिकायतों का समयबद्ध और प्रभावी निस्तारण करना है। जनता और प्रशासन के बीच संवाद मजबूत होने से विकास कार्यों में तेजी आएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे संवेदनशीलता के साथ शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें।

ऋषिकेश में डीएम की जनसुनवाई में जनसैलाब उमडा। शाम 7ः30 बजे रात तक नान स्टाप मैराथन जन सुनवाई में कई शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण हुआ। ऋषिकेश में समाज कल्याण की शिकायतों की भरमार को देखते हुए डीएम ने तत्काल प्रभाव से ऋषिकेश में सहायक समाज कल्याण अधिकारी की तैनाती के आदेश दिए।

ऋषिकेश में प्रतिबंध के बावजूद अवैध रूप से मीट की दुकान संचालित होने तथा बिना लाइसेंस के पशुओ का बध करने की शिकायत पर जिलाधिकारी ने नगर आयुक्त व एसडीएम ऋषिकेश को फूड सेफ्टी ऑफिसर के साथ टीम बनाकर छापेमारी करते हुए अवैध रूप से संचालित दुकानों पर कडी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

जन सुनवाई में जोगीवाला के समस्त ग्रामवासियों ने नशामुक्ति केंद्र से हो रही परेशानियां डीएम के सामने रखी। इस पर एसडीएम को जांच करते हुए केंद्र के विरूद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

गणेश विहार निवासी 80 वर्षीय मनीराम ने डीएम से गुहार लगाई कि उनके बेटे मनमाने ढंग से उन्हें उनकी ही संपत्ति से बेदखल कर रहे हैं। इसके साथ ही बुजुर्ग धर्मराज सिंह पुंडीर व विमला देवी को अपनी भूमि संबंधी मामलों पर भी जिलाधिकारी ने सचिव विधिक सेवा प्राधिकरण को विधिक सलाह तथा निशुल्क सरकारी वकील उपलब्ध कराने को प्रेषित किया ।

भटोंवाला निवासी व्यथित विधवा अनीता ने जिलाधिकारी से गुहार लगायी कि उनके पति द्वारा बैंक से ऋण लिया गया था जिसका बीमा भी कराया था, पति की वर्ष 2024 में मृत्यु हो गई जिस कारण बैंक वाले अल्मोड़ा कोऑपरेटिव बैंक उन सभी के नाम नोटिस भेज रहे हैं जिसमें 12 वर्षीय नाबालिक बच्चों के नाम में नोटिस भेजा जा रहा है। इसका बच्चों पर मानसिक दुष्प्रभाव पड रहा हैं। उन्होंने जिलाधिकारी से बीमा का क्लेम दिलाने का अनुरोध किया। जिलाधिकारी ने बैंक की आरसी जारी करने के निर्देश दिए।

नगर निगम के पार्षदों ने डीएम से शिकायत करते हुए बताया कि यूपीसीएल के आवासों में किराएदार रखें गए है जो खुलेआम बिजली चोरी करते हैं। इसके अलावा निगम क्षेत्र में विद्युत के कई पल जर्जर स्थिति में है जिनको विभाग द्वारा ठीक नहीं कराया जा रहा है। इस पर जिलाधिकारी ने कमेटी गठित कर जांच के निर्देश दिए है।

फरियादी पंकज गुप्ता ने हीरालाल लाल मार्ग पर सीवर लाइन न होने की समस्या पर पेयजल निगम को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। रेलवे रोड ऋषिकेश पर कोई भी शौचालय न होने और यहां नगर निगम की खाली भूमि पर महिला शौचालय बनाने की मांग पर निगम को समस्या का समाधान करने को कहा गया। सीमा डेन्टल और गुमानी वाला में खाली भूमि पर निराश्रित गौवंश के लिए गौशाला सचालन हेतु सीवीओ को कार्रवाई करने को कहा।

जिला पंचायत सदस्य दिव्या बेलवाल ने राइका सत्य मित्रानंद हरीपुर कलां में शिक्षकों की कमी, रायवाला मुख्य बाजार में ट्रैफिक लाइट की समस्या और निराश्रित पशुओं के लिए गौशाला न होने की समस्या पर जिलाधिकारी में संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। फरियादी अभिषेक चावला ने बताया कि गांव के कुछ लोगों ने सरकारी रास्ता बंद कर दिया है जिससे वह अपने प्लॉट पर मकान नहीं बना पा रहे।

ऋषिकेश नगर निगम में शामिल किए गए 17 ग्रामीण वार्डों में पानी का बिल ज्यादा आने की शिकायत पर डीएम ने अधिशासी अभियंता को जांच कर रिपोर्ट देने को कहा। गड़ी एवं भल्ला फार्म में सिंचाई नहर क्षतिग्रस्त होने की शिकायत अधिशासी अभियंता को आवश्यक कार्रवाई कर अवगत कराने की निर्देश दिए गए। जन सुनवाई में रजिस्ट्री में गडबडी, निजी भूमि पर अतिक्रमण, जमीन धोखाधडी, सीवर लाईन, यूनीपोल, सामाजिक पेंशन आदि मुद्दे छाए रहे

जन सुनवाई के दौरान ऋषिकेश विधायक प्रेम चन्द्र अग्रवाल, महापौर शंभू पासवान, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, सीएमओ डा. एमके शर्मा, एसडीएम योगेश मेहरा, पीडी डीआरडीए विक्रम सिंह, डीडीओ सुनील कुमार, नगर आयुक्त गोपाल राम बिनवाल सहित सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

विशेष पूंजी निवेश सहायता योजना के तहत उत्तराखंड को बड़ा वित्तीय सहयोग

केंद्र सरकार ने उत्तराखंड राज्य को विशेष पूंजी निवेश सहायता योजना 2025-26 के अंतर्गत ₹249.56 करोड़ की दूसरी किस्त जारी कर दी है। यह राशि भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग द्वारा राज्य सरकार को प्रदान की गई है। इस सहायता से राज्य में विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजनाओं को और अधिक गति मिलने की उम्मीद है।

इस संबंध में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “*यह वित्तीय सहायता उत्तराखंड के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने, जनोपयोगी विकास कार्यों को आगे बढ़ाने तथा रोजगार के नए अवसर सृजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का यह सहयोग राज्य के आर्थिक सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।*

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार केंद्र और राज्य के समन्वय से प्रदेश के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्राप्त धनराशि का उपयोग पूंजीगत परियोजनाओं, जैसे सड़क, पुल, शहरी एवं ग्रामीण अधोसंरचना, पेयजल, ऊर्जा और अन्य विकास कार्यों में पारदर्शी, प्रभावी और समयबद्ध तरीके से किया जाएगा, ताकि आम जनता को इसका सीधा लाभ मिल सके।

मुख्यमंत्री धामी ने यह भी कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि सभी परियोजनाएं गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूर्ण हों और उनके क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की देरी न हो। उन्होंने बताया कि इन परियोजनाओं के माध्यम से न केवल प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों को बल मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

गौरतलब है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक केंद्र सरकार द्वारा उत्तराखंड को कुल ₹847.49 करोड़ की सहायता ऋण स्वरूप प्रदान की जा चुकी है। इस वित्तीय सहयोग से राज्य में विभिन्न विकासात्मक योजनाओं और परियोजनाओं को नई गति मिली है, जिससे उत्तराखंड के संतुलित, समावेशी और सतत विकास को मजबूती मिलेगी।

युवा पीढ़ी को स्किल्ड बनाने की जरूरत: सुबोध उनियाल

देहरादून। पब्लिक रिलेशन सोसाइटी ऑफ इंडिया (पीआरएसआई) का तीन दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन आज भव्य रूप से संपन्न हो गया। अधिवेशन के समापन सत्र में उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री एवं वन मंत्री सुबोध उनियाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में देशभर से आए जनसंपर्क, संचार एवं मीडिया क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया। अधिवेशन के दौरान समसामयिक विषयों, जनसंचार की भूमिका, तकनीकी बदलावों और राष्ट्र निर्माण में संचार के योगदान पर गहन मंथन हुआ।

*आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक तकनीक का युग- सुबोध उनियाल*

समापन अवसर पर अपने संबोधन में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि वर्तमान युग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक तकनीक का युग है। ऐसे में देश की युवा पीढ़ी को अधिक स्किल्ड और दक्ष बनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यदि युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर और आवश्यक कौशल उपलब्ध कराए जाएं तो पलायन जैसी गंभीर समस्या पर अंकुश लगाया जा सकता है और रिवर्स माइग्रेशन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति हैं और उन्हें तकनीक के साथ जोड़कर राष्ट्र निर्माण में भागीदार बनाया जाना चाहिए। सुबोध उनियाल ने कहा कि जनसंचार देश को सशक्त बनाने का एक मजबूत माध्यम है। बीते एक दशक में विश्व पटल पर भारत को देखने का नजरिया बदला है और भारत आज एक उभरती हुई वैश्विक शक्ति के रूप में स्थापित हुआ है। उन्होंने कहा कि हम सभी का उद्देश्य भारत को एक मजबूत आर्थिक शक्ति बनाना होना चाहिए और इसमें जनसंचार से जुड़े लोगों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने देशभर से आए प्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे सकारात्मक, तथ्यपरक और राष्ट्रहित में संवाद को आगे बढ़ाएं।

*सारथी की भूमिका निभाएं देशभर से आए प्रतिनिधि- उमेश शर्मा ‘काऊ’*

अधिवेशन की अध्यक्षता कर रहे विधायक उमेश शर्मा ‘काऊ’ ने पीआरएसआई की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में जनसंचार की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने में सेतु और सारथी की भूमिका निभाएं, ताकि योजनाओं का वास्तविक लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में सकारात्मक संवाद, सही जानकारी और जिम्मेदार जनसंचार की बड़ी भूमिका है। यदि योजनाओं की सही जानकारी आम जनता तक पहुंचेगी, तभी उनका वास्तविक लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सकेगा।

*इस अवसर पर इंडियन ऑयल फरीदाबाद के डायरेक्टर आलोक शर्मा ने ऊर्जा क्षेत्र में हो रहे नवाचारों पर* प्रकाश डाला। उन्होंने ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में इंडियन ऑयल द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी देते हुए कहा कि कंपनी का लक्ष्य कच्चे तेल के आयात को कम करना है। उन्होंने बताया कि 2027 तक कार्बन उत्सर्जन को शून्य करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। साथ ही बायो फ्यूल, अफोर्डेबल और सस्टेनेबल एनर्जी को बढ़ावा देने पर विशेष फोकस किया जा रहा है।

*पीआरएसआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजीत पाठक ने आयोजन को अभूतपूर्व बताते हुए* देहरादून चैप्टर की प्रशंसा की। उन्होंने देशभर से आए प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया और कहा कि इस तरह के अधिवेशन जनसंचार के क्षेत्र को नई दिशा देते हैं।

कार्यक्रम के दौरान जनसंचार के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित भी किया गया। मंत्री उनियाल ने पीआरएसआई की प्रशंसा करते हुए कहा कि संस्था ने न केवल जनसंचार को मजबूती दी है, बल्कि देश की सनातनी संस्कृति और मूल्यों को बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभाई है।

*वहीं, पीआरएसआई देहरादून चैप्टर के अध्यक्ष रवि बिजारनिया ने* सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि पीआरएसआई सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि संस्था मानवीय जीवन मूल्यों और तकनीक को साथ लेकर चल रही है तथा जनता को सकारात्मक और तथ्यपरक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि पीआरएसआई की अगली राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस वर्ष 2026 में भुवनेश्वर, ओडिशा में आयोजित की जाएगी। अंत में राष्ट्रगान के साथ तीन दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन का औपचारिक समापन किया गया।

लालपानी में अनुबंध शर्तों की अनदेखी पड़ी भारी, डीएम ने तलब की विस्तृत रिपोर्ट, पेनल्टी, कार्रवाई तय

जिलाधिकारी ने आज ऋषिकेश के लालपानी क्षेत्र में निर्माणाधीन एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (इंटीग्रेटेड सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट) प्लांट का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता एवं समयबद्धता की समीक्षा की।

ऋषिकेश अमित ग्राम में नगर निगम के माध्यम से 23.15 करोड़ की लागत से 240 मेट्रिक टन पर डे ठोस अपशिष्ट प्रोसेसिंग प्लांट का निर्माण कार्य प्रगति पर है। कार्यदाई संस्था निकाफ कंपनी को इस प्लांट के निर्माण का जिम्मा सौंपा गया था। कंपनी द्वारा दिसंबर 2025 में कार्य पूर्ण किया जाना था, परंतु कंपनी द्वारा अभी तक मौके पर 60 प्रतिशत कार्य किया गया है। जिलाधिकारी ने इस पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए नगर निगम और कार्यदायी संस्था को फटकार लगाई। डीएम ने अनुबंध की निर्धारित शर्तो और टाइम लाइन का पूरा ब्यौरा और प्लांट निर्माण के कार्यों में परिलक्षित समस्याओ की रिपोर्ट तलब की है। प्लांट में अभी तक एलटीपी मशीनें सेटअप न होने पर भी डीएम ने नगर आयुक्त को फोलोअप करने और मशीन इंस्टालेशन कार्यो को तेजी से पूरा कराने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्लांट का निर्माण निर्धारित मानकों के अनुरूप किया जाए तथा कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने कहा कि यह प्लांट क्षेत्र में ठोस अपशिष्ट के वैज्ञानिक निस्तारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जिससे स्वच्छता व्यवस्था सुदृढ़ होगी और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।

निरीक्षण के दौरान डीएम ने प्लांट में स्थापित की जा रही मशीनरी, कचरा पृथक्करण व्यवस्था, लीचेट ट्रीटमेंट और भविष्य की संचालन योजना की भी जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्य को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण कर प्लांट को शीघ्र संचालित किया जाए।

इस अवसर पर महापौर नगर निगम ऋषिकेश शंभू पासवान, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, नगर आयुक्त गोपाल राम बिनवाल, परियोजना निदेशक विक्रम सिंह जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार सहित कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधि तथा अन्य कर्मचारी मौजूद थे।

6 वर्षों से 300 छात्रों से पूर्ण शुल्क वसूलने के बावजूद संरचना विहीन संस्थान में रखना पड़ा भारी, जिला प्रशासन ने की कार्यवाही

जिले के बड़े बकायेदारों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत जिला प्रशासन ने सुभारती समूह पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशों के अनुपालन में लंबित बकाया वसूली के तहत रू 87.50 करोड़ की कुर्की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।

जिलाधिकारी ने सुभारती समूह से बकाया राजस्व वसूली सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन का कहना है कि भविष्य में भी किसी बड़े या छोटे बकायेदार को बकाया राशि न जमा करने पर कानूनी कार्रवाई से नहीं बख्शा जाएगा। जनपद में राजस्व वसूली को गति देने तथा सरकारी धन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह कार्यवाही कर कड़ा संदेश दिया है। जिलाधिकारी ने द्वारा जारी कुर्की वारंट से स्पष्ट किया गया है कि बार-बार नोटिस दिए जाने के बावजूद भुगतान न होने पर यह कठोर कदम उठाया गया है।

जिलाधिकारी ने कहा कि ‘जनता के धन की लूट करने वालों को किसी भी स्थिति में छोड़ा नहीं जाएगा।” उन्होंने निर्देशित किया है कि समस्त उप जिलाधिकारी अपने-अपने तहसील क्षेत्रों में ऐसे सभी छोटे एवं बड़े बकायेदारों की सूची तैयार करें, जिन्होंने लंबे समय से देय राशि जमा नहीं की है या जानबूझकर भुगतान से बच रहे हैं। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि इनके विरुद्ध विशेष वसूली अभियान चलाकर तत्परता से वसूली सुनिश्चित की जाए।

संस्थान को 6 वर्षों से 300 छात्रों से पूर्ण शुल्क वसूलने के बावजूद संरचना विहीन संस्थान में रखना भारी पड़ गया है, जिला प्रशासन ने वसूली वारंट जारी कर दिया है, अगले कुछ ही दिवसों में संस्थान का बैंक खाता सीज संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई की जा सकती है।चिकित्सा शिक्षा निदेशक ने डीएम से की सिफारिशचिकित्सा शिक्षा निदेशक ने संस्थान से पूर्ण वसूली के जाने के सिफारिश जिलाधिकारी को की थी।

शैक्षिणक सत्र 2017-18 में प्रवेश पाये द्वितीय बैच के कुल 74 छात्रों द्वारा मा० उच्चतम न्यायालय में एंव रिट याचिका (सिविल) योजित की गई थी, जिसमें में छात्रों की ओर से संस्थान में संरचना उपलब्ध नहीं है, से लगतार शिक्षा प्राप्त नही कर सकते है। याचिका में एम०सी०आई० द्वारा अपने तथ्य रखे गये थे और याचिका में यह प्रश्न था कि छात्रों को अन्य संस्थान में प्रवेश देकर अन्तरित किया जायें। वर्ष 2019 में मा0 उच्चतम न्यायालय ने यह निर्देश दिया गया था कि 300 छात्राओं को राज्य के तीन राजकीय मेडिकल कॉलेजों में अन्तरित किया जाये। मा० उच्चतम न्यायालय ने यह भी आदेश दिया गया था कि यह छात्र केवल राजकीय मेडिकल कॉलेज में लागू फीस का ही भुगतान करेगे। मा० उच्चतम न्यायालय ने अपने आदेश को 12 अप्रैल 2019 के आदेश में पुनः पुष्ट किया गया था। श्रीदेव सूमन सुभारती मेडिकल कॉलेज में इन सभी 300 छात्राओं को राजकीय मेडिकल कॉलेजों में समयोजित किये जाने हेतु लगभग एक नये मेडिकल कॉलेज को खोलने के अनुरूप अपेक्षित संरचना स्थापित करने की आवश्यकता थी, जिसमें राज्य सरकार पर अनापेक्षित वित्तीय भार आ गया था, जबकि उक्त संस्था द्वारा इन छात्रों से शुल्क बिना किसी काम के संग्रहित किया गया था।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि राजस्व की हानि किसी भी प्रकार से स्वीकार्य नहीं है। बकायेदारों द्वारा देरी या भुगतान से बचने की प्रवृत्ति पर अब सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि बकायेदारों की विस्तृत रिपोर्ट तत्काल तैयार करें, प्राथमिकता के आधार पर बड़े बकायेदारों पर कार्रवाई करें, लगातार फॉलोअप करते हुए वसूली की दैनिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें, आवश्यक होने पर कुर्की, नोटिस, बैंक खाता कुर्की या अन्य विधिक कार्रवाई भी अमल में लाई जाए।

जिलाधिकारी ने कहा कि सरकारी योजनाओं एवं विकास कार्यों के लिए जनता की कमाई से जुटाया गया धन अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसे में किसी भी प्रकार की लापरवाही या लूट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देशित किया कि अभियान को पूरी गंभीरता और पारदर्शिता के साथ चलाया जाए ताकि जनपद में राजस्व वसूली की स्थिति मजबूत हो सके।