जितना योगदान उत्तराखंड का देश को सैनिक देने में है, उतना किसी अन्य का नहीं

सोमवार को राज्य स्थापना सप्ताह के तहत आयोजित कार्यक्रम ‘‘मेरे सैनिक मेरा अभिमान’’ के अंतर्गत पहले सत्र में ‘राष्ट्रीय सुरक्षाः चुनौतियों के बदलते आयाम पर चर्चा की गयी। सत्र में वक्ता के रूप में पूर्व वाइस आर्मी चीफ ले. जन एएस लांबा, ले. जन ओपी कौशिक व पूर्व रॉ चीफ आलोक जोशी ने प्रतिभाग किया।
‘‘मेरे सैनिक मेरा अभिमान कार्यक्रम’’ के द्वितीय सत्र में ‘आंतरिक सुरक्षा और सुरक्षा बलों का प्रशिक्षण व आधुनिकीकरण’ विषय पर चर्चा की गयी। इस सत्र में वक्ता के रूप में कमांडेंट, आईएमए ले.जन. एस.के.झा, पूर्व कमांडेंट, आईएमए ले.जन. जी.एस.नेगी, ले.जन.के.के. खन्ना व डीजी लॉ एंड ऑर्डर (उत्तराखण्ड पुलिस) अशोक कुमार ने प्रतिभाग किया।

‘‘मेरे सैनिक मेरा अभिमान कार्यक्रम’’ के तृतीय सत्र में ‘सैनिक कल्याण एवं सेवानिवृत्ति के बाद गरिमा’ पर चर्चा की गयी। इस सत्र में वक्ता के रूप में निदेशक सैनिक कल्याण ब्रिगेडियर के.बी.चंद व एमडी उपनल ब्रिगेडियर पी.पी.एस पाहवा ने प्रतिभाग किया।

इस अवसर पर केन्द्रीय परिवहन राज्य मंत्री (रि.)जनरल वी.के. सिंह भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि वी.के सिंह का उत्तराखंड से गहरा लगाव है। उनके लोकसभा क्षेत्र में उत्तराखंड के ज्यादातर लोग रहते हैं। केन्द्रीय परिवहन राज्य मंत्री (रि.)जनरल वी.के. सिंह ने कहा कि जिस देश में सैनिकों का सम्मान नहीं होता वह देश कभी आगे नहीं बढ़ सकता। देश को आगे बढ़ाने के लिए हमें सैनिकों का मनोबल बढ़ाना होगा। उत्तराखंड ऐसा राज्य है जिसके हर दूसरे घर में एक सैनिक है। यहां देश के सर्वोत्तम शौर्य मेडल से सम्मानित जवान हैं। वर्तमान में 70 हजार से ज्यादा सैनिक सेना में कार्यरत है। जितना योगदान उत्तराखंड का देश को सैनिक देने में रहा है उतना और किसी का नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार रिटायर्ड सैनिकों का सही इस्तेमाल कर सकती है। इससे प्रदेश की प्रगति होगी। हमारे सैनिक हमेशा ये सोचते हैं कि कैसे हमारे देश का नाम दुनिया में हो। ऐसे में हमें उनका मनोबल बढ़ाना चाहिए।

‘‘मेरे सैनिक मेरा अभिमान कार्यक्रम’’ के चतुर्थ सत्र में ‘देश की सुरक्षा में उत्तराखण्ड का योगदान’ विषय पर चर्चा की गयी। चतुर्थ सत्र में वक्ता के रूप में पूर्व राज्यसभा सांसद तरूण विजय, ब्रिगेडियर के.जी.बहल, अध्यक्ष एक्स सर्विसमैन लीग ब्रिगेडियर आर.एस.रावत ने प्रतिभाग किया।

उत्तराखंड स्वाभाविक रूप से आर्गेनिक राज्यः सीएम

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, सेना प्रमुख जनरल विपिन रावत, एनटीआरओ के पूर्व प्रमुख आलोेक जोशी, कोस्ट गार्ड के पूर्व महानिदेशक राजेन्द्र जोशी, उत्तराखण्ड के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत सहित विभिन्न हस्तियों ने उत्तराखण्ड सरकार द्वारा आयोजित ‘रैबार-2‘ कार्यक्रम में शिरकत की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रैबार के सफल परिणाम आए हैं। कोस्ट गार्ड का रिक्यूरिंग सेन्टर हमें मिला है। तमाम विकास की योजनाओं में हमें जो समर्थन मिला है उसमें कहीं न कहीं रैबार कार्यक्रम का भी योगदान रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हम कहते हैं कि शहीद राज्य आंदोलनकारियों की भावनाओं के अनुरूप उत्तराखण्ड बने तो इसका आशय प्रदेश के संतुलित विकास से होता है। हमें उन क्षेत्रों में आगे बढ़ना होगा जिसमें हमारा एकाधिकार हो सकता है। उत्तराखण्ड स्वाभाविक रूप से आर्गेनिक राज्य है। हमने पूरे प्रदेश में आर्गेनिक क्लस्टर तैयार किये है।

पिरूल को हम अभिशाप मानते हैं, वो हमारे लिए वरदान साबित होने वाला है। हम पिरूल से बिजली बनाने के लिए नीति बनाई है। पिरूल की पत्तियों से बिजली बनाने के 23 प्रोजेक्ट शीघ्र ही राज्य में शुरू होने वाले हैं, इससे कुछ ही दिनों मंे बिजली बनना आरम्भ हो जायेगा। गैस की अपेक्षा पिरूल की पत्तियों से होने वाली ऊर्जा की लागत काफी कम है, जल्द ही हम पाईन की पत्तियों से फ्यूल बनाने का पहला प्रोजेक्ट लगाने जा रहे है। चीड़ वनों में विनाश का कारण बन रहा था, पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहा था, वही चीड़ की पत्तियों से हमे अब ऊर्जा मिलेगी, हजारांे लोगों को रोजगार मिलेगा, यह हमारे विकास का आधार बनेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रैबार कार्यक्रम के बाद इन्वेस्टर्स समिट के समय हम 10 नई पॉलिसी लेकर आए और 05 पॉलिसी में परिवर्तन किया। परिणामस्वरूप एक वर्ष एक माह में ही प्रदेश में 17,000 करोड़ रूपए से अधिक का निवेश ऑन ग्राउण्ड हुआ है। सोलर ऊर्जा के क्षेत्र में भी हम आगे बढ़े हैं। सोलर में राज्य में 600 करोड़ रूपये का निवेश हुवा है।

उत्तराखंडवासी जहां भी गया अपना योगदान दियाः योगी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने रैबार-2 को अपनी भूमि से जोड़ने का एक अभिनव प्रयोग बताते हुए कहा कि उत्तराखण्ड के चारधामों के प्रति देश व दुनिया के श्रद्धालु अपनी सच्ची श्रद्धा रखते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड का वासी जहां कहीं भी गया है वहां की समृद्धि में अपना योगदान दिया है। देश की सेना सहित अन्य क्षेत्रों में इस प्रदेश ने कई विभूतियां दी है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड उनकी भी जन्म भूमि है। आज उत्तराखण्ड के हर क्षेत्र में सड़क, बिजली, पानी व स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध है, फिर भी पर्वतीय क्षेत्रों में पलायन होना चिन्ता का विषय है। जरा सोचिए आज से 60-70 साल पहले तक जब यहां सड़क, बिजली, स्वास्थ्य सुविधा व पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता नही थी बावजूद इन तमाम दुष्वारियों के हमारे पूर्वज यहां आकर बसे। वे बिना सुविधाओं के यहां बसे आज की पीढ़ी सुविधाओं के बावजूद अपने गांवो को छोड़ रही है। उन्होंने कहा कि भगवान राम ने भी कहा था कि जननी और जन्मभूमि का कोई विकल्प नहीं हो सकता है।

उत्तराखंड के सैनिकों ने हर आतंकवादी घटना का मुहतोड़ जवाब दियाः सेना प्रमुख
सेना प्रमुख जनरल विपिन रावत ने कहा कि सन् 1962 से लेकर आज तक विभिन्न युद्धों में और आतंकवादी घटनाओं को नाकाम करने में उत्तराखण्ड के सैनिकों ने जो महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। रैबार-2 के लिए उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत का धन्यवाद देते हुए उन्होंने कहा कि यह देखकर बहुत खुशी होती है कि यह प्रदेश काफी तेज गति से विकास की ओर अग्रसर हो रहा है। पहले विनाश के रूप में पहचाने जाने वाले चीड़ की पत्तियों से अब विकास का आधार तैयार किया जा रहा है। कई प्रकार की औषधि हैं जो पहले नष्ट कर दी जाती थी, अब उपयोग में लायी जा रही हैं। पर्यटन के क्षेत्र में भी काफी कार्य किया गया है।

हाल ही मे हमने चीन के साथ लगे पहाड़ी इलाकों में अखरोट और चिंगोले की खेती में सहयोग के साथ टेलिकॉम की सुविधा, सड़क निर्माण एवं एडवांस लैंडिंग एयर फील्ड में भी पहल की है। मुझे यह भी खुशी है कि प्रदेश में जो भी कार्यक्रम होता है उसमें सदा ही भारतीय सैनिकों व माताओं को सम्मानित किया जाता है। उत्तराखण्ड, भारतीय सेना में लगातार बहादुर जवान तैनात करते आया है। उत्तराखण्ड का निवासी, नौजवान, नारियां कभी भी दुशमन व आतंकवाद का सामना करने से पीछे नही हटते, इसके लिए हमें आप सब पर गर्व है। उत्तराखण्ड ने हमारी सेना को कई वीर सपूत दिये हैं।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को उत्तराखण्ड के विकास में योगदान की शपथ भी दिलाई। इसके अतिरिक्त वीर नारियों को सम्मानित भी किया गया।

उत्तराखंड में फिल्मों की शूटिंग के लिए सिंगल विंडो क्लीयरेंस की व्यवस्थाः त्रिवेन्द्र

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत से शनिवार को मुख्यमंत्री आवास में फिल्म निर्माता विनोद बच्चन ने शिष्टाचार भेंट की। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में इस माह 10 दिनों तक मसूरी, देहरादून एवं ऋषिकेश में ‘गिन्नी वेड्स सन्नी’ फिल्म की शूटिंग की जायेगी।

इस फिल्म के निर्देशक पुनीत खन्ना, प्रमुख कलाकार विक्रान्त मासी एवं यामी गौतम हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में फिल्मों के फिल्मांकन के लिए अच्छा प्राकृतिक सौन्दर्य है। स्विटजरलैण्ड में कुछ ही स्थान फिल्मों की शूटिंग के लिए अच्छे हैं, लेकिन उत्तराखण्ड में ऐसे अनेक स्थान हैं। देवभूमि उत्तराखण्ड में फिल्मों के फिल्मांकन में भी अच्छा सहयोग मिलता है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि उत्तराखण्ड में फिल्मों की शूटिंग के लिए सिंगल विंडो क्लीयरेंस की व्यवस्था की गई है। पिछले ढ़ाई साल में प्रदेश में कई फिल्मों का फिल्मांकन किया गया है। उत्तराखण्ड के पर्वतीय क्षेत्रों में अनेक दर्शनीय स्थल हैं। ऑल वेदर रोड का कार्य पूर्ण होने के बाद फिल्मों की शूटिंग के लिए और सुगमता होगी।

इस अवसर पर कोरियोग्राफर राजीव सूर्ति, विकास सिंह, उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद् के नोडल अधिकारी केएस चौहान, लोकल लाईन प्राड्यूसर पूरन थापा, अभिषेक मैन्दोला, फिल्म एक्सपर्ट सुमित अद्लखा आदि उपस्थित रहे।

एकता दिवस एक देश एक विधान का सपना साकार हुआः मोदी

लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के केवड़िया में स्टैचू ऑफ यूनिटी पर सरदार पटेल की प्रतिमा पर फूल चढ़ाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। पीएम ने इस मौके पर आयोजित एकता दिवस परेड की सलामी ली। केवड़िया में सरदार पटेल की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इस दौरान कलाकारों ने मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम की झलक पेश की।
सरदार पटेल की जयंती पर केवड़िया में पीएम मोदी ने लोगों को एकता की शपथ भी दिलाई। राष्ट्रीय एकता दिवस पर सरदार पटेल को श्रद्धांजलि देने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अध्यादेश 370 ने जम्मू-कश्मीर को अलगाववाद और आतंकवाद के सिवाय कुछ नहीं दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में अध्यादेश 370 के हटने के बाद अब स्थिरता आएगी। सरकार के इस फैसले से क्षेत्र के आधार पर भेदभाव खत्म होगा।
जम्मू-कश्मीर में चुनाव का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद पहली बार बीडीसी का चुनाव हुआ जिसमें लोगों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। देश की एकता को अखंड बताते हुए प्रधानमंत्री ने चेतावनी दी कि जो भी देश की एकता को चोट पहुंचाने की कोशिश करेगा, उसे मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। पीएम ने कहा कि हमारी एकता में छेद करने की कोशिश हो रही है, अलगाव को उभारने का प्रयास किया जा रहा है, हमारी एकता को ललकारा जा रहा है लेकिन वे भूल जाते हैं कि सदियों से ऐसी कोशिशों के बाद भी हमें कोई मिटा नहीं सका। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें विविधता के हर अवसर को मनाना है। यही एक भारत श्रेष्ट भारत के रुप में दर्शाता है।

पिसा परीक्षा की तैयारियों को लेकर निशंक ने किया संवाद

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने केंद्रीय विद्यालय संगठन एवं नवोदय विद्यालय समिति के उपायुक्तों के साथ संवाद किया। इस अवसर पर केंद्रीय मन्त्री ने (pisa) 2021 की तैयारियों की समीक्षा की और सभी उपायुक्तों को इस परीक्षा में भारत को सफलता दिलाने के लिए कड़ी मेहनत करने का निर्देश दिया।
इस अवसर पर निशंक ने कहा कि भारत 2021 में होने वाली पिसा (pisa) की प्रतियोगिता में भाग लेने जा रहा है। यह परीक्षा भारतीय प्रतिभा को वैश्विक पहचान दिलाने का एक महत्वपूर्ण मंच है। हमारे विद्यार्थियों में योग्यता, अनुशासन एवं प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, बस आवश्यकता इस बात की है कि उन्हें सही दिशा और मार्गदर्शन मिले। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हमें संकल्प लेना है कि इस परीक्षा में हमें दुनिया भर में अव्वल स्थान पर आना है और इसके लिए हमें बहुत मेहनत करनी होगी। हमें हमारी शिक्षण व्यवस्था को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाना होगा तभी हमारे विद्यार्थी वैश्विक परीक्षाओं में अपना बेहतर स्थान सुनिश्चित कर पाएंगे। हमें किताबी ज्ञान के साथ-साथ अनुभवात्मक शिक्षा पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है तभी हम इस कठिन परीक्षा में सबसे श्रेष्ठ प्रदर्शन कर पाएंगे।
निशंक ने कहा कि पिसा (pisa) परीक्षा अब बहुत दूर नहीं है इसलिए इसकी तैयारी अब युद्ध स्तर पर की जाएगी। उन्होंने मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री संजय धोत्रे की अध्यक्षता में प्रत्येक 15 दिन में समीक्षा बैठक करने का निर्देश दिया। मंत्री जी ने आशा जताई कि धोत्रे के नेतृत्व में पिसा परीक्षा की तैयारियां सही दिशा में आगे बढ़ेंगी एवं इस कठिन परीक्षा में देश अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर पायेगा।
निशंक ने सभी उपायुक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि अगर हम संकल्प ले लें तो 2021 की पिसा परीक्षा में इतिहास रच सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि सफलता के लिए समय का प्रबंधन एवं अनुशासन जरूरी है और ये दोनों गुण हमें विद्यार्थियों में विकसित करने होंगे। उन्होंने कहा कि सफलता के लिए हमें विद्यार्थियों में गहन सोच की क्षमता विकसित करने की जरूरत है।
पिसा (pisa) आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन (OECD) द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थी मूल्यांकन कार्यक्रम है, जिसमें विश्व के अनेक देश भाग लेते हैं। भारत ने 2021 में इस परीक्षा में भाग लेने का निर्णय लिया है। इस परीक्षा में केंद्रीय विद्यालय संगठन, नवोदय विद्यालय समिति और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के विद्यार्थी भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।

फेसबुक फ्रेंड ने भारत आने की बात कहकर आशिक से ठगे पांच लाख दो हजार

ऋषिकेश के एक 38 वर्षीय व्यक्ति ने विदेशी युवती से दोस्ती के चक्कर में पांच लाख दो हजार रुपये गंवा दिए। युवक की दोस्ती फेसबुक के जरिए हुई थी। इसके बाद युवती ने भारत पहुंचने का झांसा दिया। इतना ही नहीं युवती ने व्यक्ति को विश्वास में लेने के लिए एक फर्जी टिकट भी व्हाट्सअप किया। इसके बाद कई चरणों में पांच लाख दो हजार रूपए ठग लिए गए।

श्यामपुर हाट के बगल में रहने वाले वीरेंद्र सिंह राणा पुत्र अख्तर सिंह राणा ने फेसबुक के जरिए करीब एक माह पूर्व इंग्लैंड की एंजलिना से दोस्ती की। दोनों ने व्हाट्सअप नंबर के जरिए बातचीत शुरू की। बात इतनी आगे बढ़ गई कि वीरेन्द्र को युवती से प्यार हो गया। इसके बाद एंजलिना ने वीरेंद्र से मिलने की बात कही और अपना 21 अक्टूबर का टिकट दिखाते हुए भारत पहुंचने की बात कही। एंजलिना ने 21 अक्टूबर की दोपहर फोन पर कहा कि वह नई दिल्ली एयरपोर्ट पहुंच चुकी है, लेकिन उसके पास जो सामान है, उस पर 68 हजार रुपये कस्टम ड्यूटी लग रही है।

इसके लिए वीरेंद्र ने 68 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद शाम को युवती ने दोबारा फोन किया और 1 लाख 26 हजार रुपये फिर भेजने को कहा। वीरेंद्र ने यह रकम भी ट्रांसफर कर दी। इसके बाद युवती ने इंग्लैंड की करेंसी छुड़वाने के लिए दो लाख 98 हजार रुपये मांगे। वीरेंद्र ने वह रुपये भी दे दिए। इसके बाद विदेशी महिला ने अपने तीनों व्हाट्सअप नंबर से पीड़ित को ब्लॉक कर दिया और अपने सभी नंबर स्विच ऑफ कर लिए। ठगी का एहसास होने पर वीरेंद्र सिंह राणा ने सोमवार को श्यामपुर पुलिस चौकी में तहरीर दी है।

पर्यावरण के प्रति भारत समय पर जागाः त्रिवेन्द्र

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखण्ड श्रद्धा, विश्वास एवं आस्था की भूमि है। भारतीय संस्कृति की प्रतीक गंगा का उद्भव यही से हुआ है। हमारे संत महात्मा हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संवाहक है। हमारे संतो ने सदैव ही समाज को सदमार्ग पर चलने की प्रेरणा दी है, चाहे वह पर्यावरण संरक्षण की बात हो या पौधारोपण अथवा नदियों के पुनर्जीवीकरण हो सभी उद्देश्यों की प्राप्ति के लिये संतो ने समाज का मार्गदर्शन किया है तथा समाज को प्रेरणा प्रदान की है।

शुक्रवार को परमार्थ निकेतन ऋषिकेश में संत नर्मदानंद बापजी द्वारा सम्पादित की जा रही 10,300 कि0मी0 लम्बी द्वादस ज्योर्तिलिंगों की यात्रा का उत्तराखण्ड में स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने संत नर्मदानंद द्वारा राष्ट्र व समाज हित में की जा रही यात्रा को समाज व मानव कल्याण के लिये कल्याणकारी बताया। उन्होंने कहा कि समाज कल्याण के लिये हमारे संतो के प्रयास सदैव सार्थक हुए हैं। पर्यावरण संरक्षण एवं गंगा की शुद्धता के लिये किये जा रहे संत नर्मदानंद के प्रयास फलीभूत होंगे, इसकी उन्होंने कामना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण के प्रति भारत समय पर जागा है। इस दिशा में किये जा रहे प्रयासों से एक संदेश भी गया है। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि गंगा गोमुख से गंगासागर तक निर्मल हो, गंगा ही नही देश की हर नदी स्वच्छ हो इसके लिये देश में जागरूकता का व्यापक प्रसार भी हुआ है।

संत नर्मदानंद ने कहा कि उनके द्वारा जल, जीवन व जंगल की रक्षा को लेकर यह यात्रा की जा रही है। देवभूमि उत्तराखण्ड भगवान केदार एवं गंगा का उद्गम क्षेत्र है। इस पावन क्षेत्र से उन्होंने यात्रा की शुरूआत की है। उन्होंने उत्तराखण्ड में पर्यावरण संरक्षण एवं गंगा स्वच्छता के लिये मुख्यमंत्री के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि उनकी यह कामना है कि गंगा की पवित्रता व जल की शुद्धता जितनी हरिद्वार में है वह आगे भी हमें प्राप्त होती रहे। उन्होंने कहा कि पर्यावरण के प्रति जागरूकता समाज व प्रकृति के लिये हितकर है।

इस अवसर पर स्वामी चिदानन्द मुनि ने कहा कि स्वामी नर्मदानंद जी द्वारा देवभूमि के साथ ही योग एवं ध्यान की इस पावन भूमि से अपनी राष्ट्रहित व समाज हित से जुड़ी यात्रा की शुरूआत नये आयाम स्थापित करेगी। उन्होंने कहा कि स्वामी जी द्वारा 12 ज्योर्तिलिंगो की यह यात्रा पैदल सम्पन्न होगी जो समाज को नया सन्देश देगी।

इस दौरान मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने परमार्थ निकेतन मे आयोजित गंगा पूजन एवं गंगा आरती में भी सम्मिलित हुए तथा प्रदेश वासियों की खुशहाली की कामना की।

नेलांग वैली को 30 किमी आगे तक खोलने की मुख्यमंत्री ने की घोषणा

हर्षिल एप्पल फेस्टिवल में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रतिभाग किया और उन्हें कई अहम घोषणाएं की। उन्होंने कहा कि चीन सीमा से लगे प्रदेश के विकास खण्डों भटवाड़ी उत्तरकाशी, धारचूला, मुनस्यारी, पिथौरागढ़, जोशीमठ चमोली में केेन्द्रीय योजना सीमान्त विकास योजना की भांती स्टेट एरिया डेवलपमेंट योजना लागू की जाएगी। नेलांग वैली से 30 किमी आगे तक पर्यटन हेतु खोला जाएगा। सीमावर्ती नेलांग में जिन लोगों की सम्पत्ति है उनके लिए घर बनाने के लिए अलग से फंड की व्यवस्था की जाएगी। यदि कोई स्थानीय होम स्टे योजना के तहत अपना घर बनाना चाहता है तो उसे होम स्टे योजना के लाभ के अलावा सरकार अलग से सहायता करेगी। सीमावर्ती विकास खण्ड के लिए राज्य में अलग से किसान फंड बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों की मांग के अनुरूप हर 15 दिन के भीतर मिट्टी की जांच व सेब के बारे में बागवानों को जानकारियां देने हेतु वैज्ञानिकों की सेवा ली जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह क्षेत्र औद्यानिकी की दृष्टि से बहुत ही महत्वपूर्ण है। पूरे देश की 45 प्रतिशत भाग की सिंचाई गंगा बेसिन से ही होती है। कृषि उत्पादन के लिए मां गंगा का अहम योगदान है। राज्य सरकार किसानों को खेती करने के लिए 1 लाख रूपये तक ब्याज मुक्त ऋण दे रही है। इसके साथ ही कृषि समूह के लिए 5 लाख तक का ब्याज मुक्त ऋण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने के लिए तमाम योजनाएं देश भर में चल रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बुजुर्ग किसान, श्रमिक, नाई, होटल, मनरेगा के अन्तर्गत श्रमिकों आदि के लिए श्रमयोगी पेंशन योजना लागू की है।

इससे पूर्व मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने हर्षिल में पहुँचकर लक्ष्मीनारायण मंदिर में पूजा अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की तथा तिलक सोनी द्वारा लिखित पुस्तक टेकिंग गढ़वाल इन हिमालय का भी विमोचन किया। इस अवसर पर विधायक गोपाल सिंह रावत ने कहा कि हर्षिल सेब महोत्सव आयोजित होने से किसान व बागवान को इसका लाभ मिला है। सेब की अनेक किस्म की प्रजाति आज हर्षिल में उत्पादित हो रही है। सेब के उत्पादन के लिये मिट्टी की जांच के साथ ही सेब के पेड़ के लिए कब-कब आवश्यक रासायनिक व जैविक खाद व दवाई डाली जानी है इन सबकी जानकारी सेब विशेषज्ञ व वैज्ञानिकों द्वारा दी गई है। उन्होंने कहा कि सेब के साथ हम नकदी फसलों को भी बढ़ावा दे रहे हैं, ताकि 2022 तक किसान की आय दोगुनी की जा सके।
इस अवसर पर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री व जिला प्रभारी मंत्री डा. धन सिंह रावत, जिला उपाध्यक्ष भाजपा विजय संतरी, जिलाधिकारी डॉ आशीष चैहान, पुलिस अधीक्षक पंकज भट्ट सहित अधिकारी, स्थानीय ग्रामीण व देशी विदेशी पर्यटक भी मौजूद थे।

पलायन और रोजगार के लिए पर्यावरण का संरक्षण जरुरीः बिपिन रावत

थल सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत ने चमोली जिले में चीन सीमा पर स्थिति अग्रिम चैकियों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जवानों के साथ समय बिताया और स्थानीय लोगों से भी मुलाकात की। नीती घाटी में चीनी सैनिकों की घुसपैठ के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में चीन के साथ किसी तरह के टकराव की बात नहीं है।
थल सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत गुरुवार को हेलीकॉप्टर से सीधे मलारी पहुंचे। यहां उन्होंने सेना के ’’प्लांटेशन फॉर लाइवलीहुड’’ कार्यक्रम में शिरकत की। स्थानीय लोगों से मुलाकात कर समारोह में अखरोट और चिलगोजा के पौधों का रोपण किया गया। इस कार्यक्रम के तहत सीमावर्ती क्षेत्र में स्थानीय लोगों की मदद से एक लाख पौधों का रोपण किया जाना है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इस प्रोग्राम से क्षेत्र में पर्यावरण का संरक्षण तो होगा ही, स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिल सकेगा।
इस दौरान स्थानीय लोगों ने जनरल बिपिन रावत से मोबाइल नेटवर्क न होने की समस्या उठाई। जनरल रावत ने कहा कि इस दिशा में हरसंभव कोशिश की जाएगी। उन्होंने साफ किया कि संचार नेटवर्क न होने की वजह सेना नहीं है। उन्होंने कहा कि सेना सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिए लगातार काम कर रही है। जनरल रावत ने जवानों और स्थानीय लोगों को दीपावली की शुभकामनाएं भी दीं। दोपहर बाद वह हेलीकॉप्टर से दिल्ली रवाना हो गए। नीती घाटी में बाड़ाहोती नाम के स्थान पर चीनी सैनिकों की घुसपैठ सुर्खियां बनती रही है। पिछले साल जुलाई में चीनी सैनिकों ने इस क्षेत्र में पांच बार घुसपैठ की थी। गौरतलब है कि बाड़ाहोती 80 वर्ग किलोमीटर में फैला चारागाह है जहां पर स्थानीय लोग अपने जानवरों को लेकर आते हैं।

उत्तराखंड में हवाई सेवा के विस्तार का खाका तैयार

केन्द्रीय नागरिक उड्डयन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हरदीप सिंह पुरी ने नागरिक उड्डयन संबंधित विभिन्न विषयों पर वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से समीक्षा की।
मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने केन्द्रीय मंत्री को अवगत कराया कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा प्रदेश में प्रथम चरण की चयनित वायुयान सेवा देहरादून-पंतनगर (एलायंसएयर) तथा द्वितीय चरण की वायुयान सेवा देहरादून-पिथौरागढ़, पिथौरागढ़-देहरादून, पिथौरागढ़-हिंडन आपरेटर हेरिटेज द्वारा चलाई जा रही है। उन्होंने भारत सरकार नागरिक उड्डयन मंत्रालय का आभार प्रकट किया। इसी क्रम में उन्होंने मंत्रालय द्वारा तृतीय चरण की चयनित वायुयान सेवा पंतनगर-चंडीगढ़, पंतनगर-लखनऊ (हेरीटेज आॅपरेटर) एवं पंतनगर-कानपुर (स्पाईसजेट) सेवाएं तथा द्वितीय चरण की चयनित देहरादून-इलाहाबाद (इंडिगो) एवं पिथौरागढ़ -पंतनगर (हेरिटेज) वायुयान सेवाओं को भी शीघ्र ही संचालित करने का अनुरोध किया।
मुख्य सचिव ने देहरादून एयरपोर्ट के विस्तारीकरण की ओर मंत्री का ध्यान आकृष्ट किया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में देहरादून एयरपोर्ट की रनवे लम्बाई 2140 मीटर है, जिससे अधिकतम 130 से 140 यात्रियों का प्रति विमान आवागमन संभव है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा जौलीग्रांट हवाई अड्डे को अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के रूप में विकसित किये जाने की सैद्धान्तिक सहमति प्रदान की गई है, जिसके क्रम में प्रथम चरण में जौलीग्रांट हवाई अड्डे के विस्तारीकण हेतु भूमि अधिग्रहण का निर्णय लिया गया है। प्रथम चरण में एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के बाद एयरपोर्ट के रनवे की लम्बाई 2765 मीटर हो जाएगी जिससे इस एयरपोर्ट से एयरबस ए-321 एवं ए-320 की उड़ान संभव हो पायेगी एवं लगभग 172 से 180 यात्रियों का प्रति वायुयान का आवागमन संभव होगा। उन्होंने अवगत कराया कि द्वितीय चरण में भी जौलीग्रान्ट हवाई अड्डे के विस्तार के लिए 3500 मीटर के रनवे का निर्माण करने का प्रदेश सरकार द्वारा सैद्धान्तिक निर्णय लिया गया है।
मुख्य सचिव ने भारत सरकार की क्षेत्रीय संपर्क योजना के अंतर्गत चयनित स्थलों पर छवद. ैबीमकनसम व्चमतंजवते च्मतउपज के अंतर्गत संचालन की अनुमति का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश सरकार पर व्यय भार कम पड़ेगा, जिसपर मा. मंत्री द्वारा विचार करने की बात स्वीकार की गई। मुख्य सचिव ने भारत सरकार की क्षेत्रीय संपर्क योजना के अंतर्गत नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा केन्द्रीयकृंत स्तर पर उपकरणों के क्रय कर उन्हें संबंधित हैलीपैड एवं हवाई पट्टियों पर शीघ्र स्थापित कराने का अनुरोध किया। मुख्य सचिव द्वारा यह भी अवगत कराया गया कि आर.सी.एस योजना में देहरादून- पिथौरागढ़ एवं पिथौरागढ़-पंतनगर एवं पंतनगर-हिंडन तक हवाई सेवा संचालित है, किन्तु समय-समय पर उक्त सेवा में व्यवधान बना रहता है, जिसे नियमित कराने का अनुरोध किया। उन्होंने उक्त वायुयान मार्गों पर यात्रियों की संख्या अधिक होने की जानकारी देते हुए इन वायुयान मार्गों पर अधिक क्षमता के वायुयान विमान संचालित कराने का अनुरोध किया।