पद्मश्री से सम्मानित अगुस इंद्र उदयन का तीर्थनगरी में सम्मान

गंगा गौ सेवा समिति के तत्वाधान में आज मुनिकीरेती में पद्मश्री से सम्मानित अगुस इंद्र उदयन का विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने सम्मान किया। इस मौके पर विस अध्यक्ष ने कहा कि ऐसे ही मनुष्यों के द्वारा समाज को दिशा दी जाती है। उन्होंने कहा कि उदयन से प्रेरणा लेकर समाज के अंदर कार्य करने की आवश्यकता है। साथ ही विस अध्यक्ष ने अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी अल्ट्रा मैराथन के विजेता अतुल कुमार को भी सम्मानित किया।
गंगा गौ सेवा समिति मुनिकीरेती द्वारा प्रसिद्द समाज सेवी एवं पर्यावरण के प्रति चिंतनशील तथा महात्मा गांधी के विचारों को आत्मसात करने वाले पद्मश्री अगुस इंद्र उदयन का सम्मान समारोह आयोजित किया गया।
सम्मान समारोह में विस अध्यक्ष ने कहा कि उदयन के बाली और लोम्बोक में चार आश्रम हैं जो अहिंसा, मानवता और सत्यवादिता के गांधीवादी सिद्धांतों का पालन करते हुए मानव कल्याण के लिए कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उदयन ने संस्थान सामाजिक मान्यताओं को आगे बढ़ाते हुए सांस्कृतिक मंचों के माध्यम से आम जनमानस के बीच में संवाद बनाने के लिए कार्य करते हैं। वहीं अपने संस्थान के साथ भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद के साथ मिलकर अपनी गतिविधियों को आगे बढ़ा रहे हैं जिससे आम जनमानस लाभान्वित हो रहा है। आपकी इन्हीं उपलब्धियों के कारण भारत के राष्ट्रपति ने आपको पद्मश्री सम्मान से नवाजा है।
इस अवसर पर श्री शत्रुघ्न मंदिर के महंत मनोज द्विवेदी, पंडित रवि शास्त्री, बचन पोखरियाल, दिवाकर चौबे, निर्मला उनियाल, बीना जोशी, शैला खंडूरी, प्रतिमा रावत, रोशनी राणा, रूपा देवी, आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन सुभाष डोभाल ने किया।

खटीमा में गंगा स्नान मेले का सीएम ने किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर खटीमा स्थित 22 पुल झनकईया में लगने वाले गंगा स्नान मेले का शुभारंभ किया तथा शारदा के गंगा घाट पर गंगा आरती की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मेले हमारी कला एवं संस्कृति को संजो कर रखने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं उन्होंने कहा कि बचपन से ही मेले का लगाव रहा है, जिस कारण मैं कक्षा चार से ही 22 पुल झनकईया मेले में शामिल होता रहा हूं। उन्होंने कहा कि इस मेले से मेरा बचपन से ही लगाव एवं जुड़ाव होने के कारण समिति के कहने पर व्यस्ततम कार्यक्रम के बावजूद मेले में शामिल हुआ हूँ। यह मेरा सौभाग्य है कि गंगा स्नान पर्व यहाँ मना रहा हूँ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 21 सालों से उत्तर प्रदेश के साथ परिसंपत्तियों के बंटवारे को लेकर वार्ताएं चल रही थी परंतु समाधान तक नहीं पहुंच पा रही थी। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का धन्यवाद करते हुए कि मुख्यमंत्री स्तर की बैठक में एक-एक करके परिसंपत्तियों के बंटवारे को लेकर एक-एक बिंदु पर सहमति बन गई। मुख्यमंत्री ने परिसंपत्तियों के बंटवारे से उत्तराखंड व क्षेत्र को होने वाले फायदों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
इस अवसर पर मेला कमेटी ने मोमेंटो भेंट कर मुख्यमंत्री को सम्मानित किया। इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने बगूलिया दुर्गा मन्दिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की तथा प्रदेश वासियों की सुख-समृद्धि एंव खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री ने वन शक्ति मन्दिर में भी पूजा की।
इस अवसर पर विधायक नानकमत्ता प्रेम सिंह राणा ने भी अपने विचार रखे। इस दौरान मेला कमेटी अध्यक्ष शेर सिंह दानू, उपाध्यक्ष ओमनाथ यादव, प्रबन्धक पूरन सिंह धामी, जिलाधिकारी उधम सिंह नगर रंजना राजगुरु, एसएसपी दलीप सिंह कुंवर, मुख्य विकास अधिकारी आशीष भटगाई, परियोजना निदेशक हिमांशु जोशी, अपर जिलाधिकारी जयभारत सिंह सहित क्षेत्रीय जनता उपस्थित रहीं।

गुरु नानक सिखों के ही गुरु ही नहीं, पूरे विश्व के भी गुरु है-विस अध्यक्ष

श्री गुरुनानक देव महाराज का 552वां प्रकाश उत्सव श्री गुरु सिंह सभा गुरुद्वारा में धूमधाम से मनाया गया। विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने माथा टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया तथा प्रदेश के खुशहाली की कामना की।
गुरुद्वारा सिंह साहिब के तत्वावधान में रेलवे रोड़ स्थित नानक निवास में दोपहर को दीवान सजाया गया। हजारों लोगों ने गुरुग्रंथ साहिब के सम्मुख मत्था टेका व गुरु की अमृत वाणी सुनी। गुरु का अटूट लंगर भी छका। भक्तों ने शंख ध्वनि और घंटा घडियालों के साथ पूजन अर्चन की गई। इसी बीच गुरुनानक देव के जयकारों से जहां प्रांगण गूंज उठा, वहीं भक्ति भजनों से कार्यक्रम स्थल गुंजायमान रहा। भक्ति भजनों से समां बांधा।
इस अवसर पर विस अध्यक्ष अग्रवाल ने गुरुपर्व दी सुब नु लाख लाख बधाई दी। उन्होंने कहा कि गुरु नानक जंयती कार्तिक पूर्णिमा के दिन पूरे देश में बड़े ही उत्साह के साथ मनाई जाती है। आज के दिन को प्रकाश पर्व के रूप में मनाया जाता है। गुरु नानक सिखों के ही पहले गुरु ही नहीं है, बल्कि पूरे विश्व के भी गुरु हैं। उन्होंने कहा कि गुरू नानक देव ने अपने उपदेशों से साम्प्रदायिक एकता और सद्भाव की ज्योति जलाई थी। गुरू नानक देव का जीवन एवं उनके सिद्धान्त हमें उदारता अपनाने और अहंकार से दूर रहने की सीख देते हैं। गुरु नानक ने सार्थक जीवन के तीन संदेश दिए, जिसमें भगवान के नाम का जप करना, कड़ी मेहनत करना और जरूरतमंदों की मदद करना शामिल है।
इस अवसर पर सिंह सभा के अध्यक्ष सरदार गोविंद सिंह, सरदार मंगा सिंह, सरदार गोल्डी सिंह पार्षद, पूर्व पालिकाध्यक्ष दीप शर्मा, सरदार इंदर सिंह, सरदार बूटा सिंह, परमवीर सिंघल, इंद्रपाल सिंह, प्रेम सिंह, सरदार गुरविंदर सिंह, सरदार अमरप्रीत सिंह, सरदार अमनदीप, हरीश आनंद, रामकुमार संगर, सुमित सेठी, सरदार परमजीत सिंह, बिना देवी, कमलेश जैन, कपिल गुप्ता, हैप्पी सेमवाल सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

नानक देव के प्रकाश पर्व पर गुरुदारों में आर्शीवाद लिया

कांग्रेस के प्रदेश महासचिव राजपाल खरोला ने जानकारी देते हुए बताया कि आज सिख धर्म के प्रथम गुरु, गुरु नानक देव जी के 552वें प्रकाश पर्व के अवसर पर ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत विभिन्न गुरुद्वारों (हेमकुंड साहिब गुरुद्वारा, गुरुसिंह सभा गुरुद्वारा, नानक निवास, निर्मल आश्रम गुरुद्वारा, गुरुद्वारा सिंह सभा श्यामपुर, गुरुद्वारा सिंह सभा जोगीवाला माफ़ी छिद्दरवाला) पर माथा टेका और प्रातः 8 बजे प्रभात फेरी से लेकर दोपहर सेवा कर लंगर का प्रसाद ग्रहण तक विभिन्न कार्यक्रमों में जाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
खरोला ने कहा कि श्री गुरु नानक देव जी ने वहम, जात पात तथा भ्रम की भावना से ऊपर उठकर मानवता की सेवा करने को प्रेरित किया था। इसके साथ ही उन्होंने इंसानियत के धर्म की पालना करने का संदेश दिया था। जिस पर चलकर जीवन को कृतार्थ किया जा सकता है।
इस मौके पर सरदार जगजीत सिंह, सरदार मंगा सिंह, राजेन्द्र गैरोला, अभिषेक शर्मा, परवीन बिष्ट भी कार्यक्रमों में मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने प्रवसियों से किया समृद्ध, सशक्त और आध्यात्मिक उत्तराखण्ड बनाने का आह्वान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लखनऊ दौरे के दूसरे दिन बीरबल साहनी मार्ग स्थित पंडित गोविंद बल्लभ पंत सांस्कृतिक ऑडिटॉरीयम में उत्तराखंड महापरिषद द्वारा आयोजित उत्तराखण्ड महोत्सव 2021 के समापन कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में उत्तराखण्ड महापरिषद से जुड़े हजारों प्रवासी उत्तराखंडियों ने मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया।
कार्यक्रम में संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज का दिन उत्तराखण्ड के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अनुरोध किया था कि “ऐसे बंटवारा कर दीजिए जैसे एक छोटे और बड़े भाई के बीच में होता है, ना कि 2 राज्यों के मध्य में और उन्होंने भी हमारी बात को सहृदय स्वीकार किया”। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार प्रकट करते हुए कहा कि जो मुद्दे दो दशक से ज्यादा समय से नहीं सुलझ पाई वे आज आपसी सहमति से सुलझ चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के निर्माण में राज्य आंदोलनकारियों की विशेष भूमिका रही है, उन्हीं आंदोलनकारियों के सपनों का उत्तराखंड बनाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। प्रदेश में महिला सशक्तिकरण, युवाओं और हर क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल में प्रदेश सरकार ने 600 करोड़ का कोविड-19 पैकेज, घस्यारी योजना, वात्सल्य योजना के साथ ही महालक्ष्मी योजना समेत अनेक कल्याणकारी योजना प्रारंभ की हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड का चौमुखी विकास हो रहा है। केदारनाथ -बदरीनाथ में पुनर्निर्माण कार्य, ऑल वेदर रोड, ऋषिकेश- कर्णप्रयाग रेल परियोजना, टनकपुर बागेश्वर रेल परियोजना, कुमाऊं में एम्स के सेटेलाइट सेंटर समेत एक लाख करोड़ के योजनाओं पर काम चल रहा है। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में सभी प्रवासी उत्तराखंडवासियों से आह्वान करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में सभी लोग 25 साल के युवा उत्तराखंड को समृद्ध सशक्त और अध्यात्म का केंद्र बनाने में सहभागी बनें।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने इस उत्तराखंड महोत्सव को और अधिक भव्य रूप से आयोजित करने हेतु 21 लाख देने की घोषणा की। इसके अलावा ही उत्तराखंड महोत्सव में समस्त कलाकारों को 2000 पुरस्कार, लखनऊ से रामनगर ट्रेन चलाने हेतु केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजने, और भविष्य में उत्तराखंड से संबंधित समस्याओं के निस्तारण हेतु उत्तराखंड भवन गोमती नगर में प्रकोष्ठ के स्थापना करने की भी घोषणा की।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री स्वामी यतिश्वरानंद, सांसद प्रोफेसर रीता बहुगुणा जोशी, विधायक राजेश शुक्ला, भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश के उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह, उत्तराखंड महासंघ के अध्यक्ष हरीश चंद्र पंत महासचिव भरत सिंह बिष्ट समेत हजारों की संख्या में प्रवासी उत्तराखंडी मौजूद रहे।

स्पीकर ने लोक कलाकारों को दी प्रोत्साहन राशि, बोले संस्कृति का प्रचार प्रसार में अहम भूमिका

ग्राम पंचायत चक जोगीवाला एवं जोगीवाला माफी में लोक कलाकारों के साथ आयोजित एक बैठक में विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचन्द अग्रवाल ने कहा कि उत्तराखंड की लोक संस्कृति एवं लोक कलाएं संपूर्ण देश में प्रसिद्ध है। उन्होंने लोक कलाकारों के प्रोत्साहन के लिए विधानसभा अध्यक्ष विवेकाधीन कोष से कार्यक्रम में प्रतिभाग करने वाले लोक कलाकारों को एक लाख और युवक मंगल दल एवं महिला मंगल दल को एक लाख रुपये कुल दो लाख रुपए देने की घोषणा की।
चक जोगीवाला में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा है कि उत्तराखंड की संस्कृति संपूर्ण देश मे और विश्व में प्रसिद्ध है। उन्होंने कहा है कि संस्कृति को आगे बढ़ाने का श्रेय यहां के लोक कलाकारों को है।
स्पीकर ने कहा कि लोक कलाकारों द्वारा जिस प्रकार विभिन्न अवसर पर अपनी लोक संस्कृति का प्रचार-प्रसार किया जाता है वह अनुकरणीय है उन्होंने ईगास पर्व के अवसर पर विभिन्न स्थानों पर किए गए कार्यक्रम को लेकर भी स्थानीय लोगों को अपनी शुभकामनाएं दी।
स्पीकर ने विधानसभा अध्यक्ष चक जोगीवाला में आयोजित ईगास कार्यक्रम में प्रतिभाग करने वाले सांस्कृतिक कलाकारों को एक लाख रुपये जबकि कार्यक्रम आयोजन समिति को एक लाख रुपये विधानसभा अध्यक्ष विवेकाधीन कोष से कुल दो लाख देने की घोषणा की है।
इस अवसर पर ग्राम प्रधान सोबन सिंह केंतुरा, रविंद्र राणा, प्रधान चमन पोखरियाल, देवेंद्र नेगी, भगवान सिंह महर, कमलदीप कौर, अमर खत्री, उत्तरा कलूडा, चमन पोखरियाल, महिला मंगल दल की अध्यक्ष सुशीला देवी, सुनीता जेटुड़ी, युवक मंगल दल के प्रमोद रावत, जगमोहन सिंह, विजय जुगरान, विजय बिष्ट, अरुण बडोनी, राजेंद्र पांडे, विजेंद्र मोघा, राजवीर रावत आदि उपस्थित रहे।

जौलजीवी मेले का सीएम धामी ने किया शुभारंभ, विपक्षी विधायक हरीश धामी भी रहे मौजूद

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को काली एवं गोरी नदी के संगम पर स्थित जौलजीवी में प्रसिद्ध ऐतिहासिक, पारंम्परिक एवं व्यापारिक जौलजीवी मेले का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने मेले में विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनियों का अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेला हमारी बहुत बड़ी सास्कृतिक धरोहर हैं। मेले धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देते हैं। जौलजीवी मेले को और अधिक विकसित एवं सुविधायुक्त बनाया जाएगा। जौलजीवी मेला भारत नेपाल के मैत्री संबंधों को भी बढ़ाता है। मेले हमारी धरोहर एवं संस्कृति के द्योतक हैं, उन्हें हमें आगे बढ़ाते हुए जीवित रखना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार द्वारा विगत 4 महीनों में प्रदेश के हित में 400 से अधिक फैसले लिए हैं। इन सभी फैसलों का शासनादेश भी जारी हो चुके हैं। जो भी घोषणाएं की गई हैं उन्हें धरातल पर उतारा जा रहा है। उन्होंने कहा कि मेरा सौभाग्य है कि मैंने इस भूमि में जन्म लिया है। मैं यहाँ जब भी आता हूँ, लोगों का अपार स्नेह मिलता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनहित में सरकार ने अनेक निर्णय लिए हैं। उन्होंने कहा कि अतिथि शिक्षकों का मानदेय 15 हजार से 25 हजार रुपए प्रतिमाह किया है। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय भी बढ़ाया गया है। जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए कार्य किए जा रहे हैं। प्रदेश में महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत किये जाने हेतु महिला समूहों को आर्थिक रूप से सहयोग प्रदान हेतु 3 से 5 लाख तक का ऋण शून्य प्रतिशत ब्याज पर दिया जा रहा है। इसके परिणाम स्वरूप आज ये महिला समूह अन्य को भी रोजगार प्रदान कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र की महत्वपूर्ण बरम से कनार तक सड़क का निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा। कोरोना काल में अनेक समस्याएं आई। सरकार द्वारा प्रभावितों को हर संभव सहायता दी जा रही है। स्वयं सहायता समूहों हेतु 119 करोड़ का पैकेज घोषित किया गया है। 5 लाख तक का ऋण शून्य ब्याज पर दिया जा रहा है। इसके अतिरिक्त परिवहन एवं पर्यटन के क्षेत्र में कार्य कर रहे व्यक्तियों को भी आर्थिक सहायता हेतु 200 करोड़ रुपये का पैकेज जारी करते हुए उनके खाते में डीबीटी के माध्यम से धनराशि जमा की जा रही है। आशा,उपनल कर्मी,ग्राम प्रधानों के हित में फ़ैसले लिए गए हैं। प्राथमिक एवं सामुदायिक चिकित्सालय में भी अनेक स्वास्थ्य की जांचें मुफ्त में की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा राहत के सभी मानकों में धनराशि बढ़ाए जाने हेतु भी भारत सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है। राज्य स्तर पर पूर्व में आपदा के दौरान घर पर पानी आ जाने और आंशिक नुकसान पर जो 3800 रुपये दिए जाते थे अब उसे बढ़ाकर 5000 कर दिया गया है। भवन क्षति की धनराशि भी 1 लाख 1900 से बढ़ाकर अब 1 लाख 50 हजार कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक वर्ष आने वाली आपदाओं की रोकथाम हेतु राज्य में एक आपदा अनुसंधान संस्थान खोले जाने हेतु भारत सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है।
मुख्यमंत्री द्वारा इस अवसर पर क्षेत्र के विकास हेतु विभिन्न घोषणाएं की गई। उन्होंने घोषणा की कि चामी से मेतली तक मोटर मार्ग का निर्माण किया जाएगा। जौलजीवी में स्वास्थ्य केन्द्र का निर्माण किया जाएगा। जौलजीवी से वनराजि जनजाति बस्ती गानागांव-पचकाना-ढुंगातोली तक सड़क का निर्माण किया जाएगा। मवानी-दवानी से मणिधामी मोटर मार्ग निर्माण किया जाएगा। बसन्तकोट से मुन्नगरधार-उछति-लिलम तक मोटर मार्ग का निर्माण किया जाएगा। सिंमगड नदी के दाई ओर स्थित घटन (नाचनी) बाढ़ सुरक्षा हेतु तटबंध निर्माण किया जाएगा। मुनस्यारी बरार गाड़ के बाईं ओर खेत भराड़ गांव में बाढ़ सुरक्षा हेतु तटबंध निर्माण किया जाएगा। एलोपैथिक चिकित्सालय तेजम का उच्चीकरण किया जाएगा। मल्लधार से मडलकिया तक मोटर मार्ग का निर्माण किया जाएगा। बलमरा से बसोरा-सल्याडी मोटर मार्ग का निर्माण किया जाएगा। नोला पब्लिक स्कूल जुम्मा को अनुदान सूची में शामिल किया जाएगा। जौलजीवी में बुनकर भवन का निर्माण किया जाएगा। एलोपैथिक चिकित्सालय बरम हेतु कार्यवाही की जाएगी। स्थानीय लोगों की सहमति पर मुनस्यारी को नगर पंचायत बनाया जाएगा। ग्राम पंचायत पांगला के स्वास्थ्य केन्द्र खोले जाने हेतु कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने जौलजीवी मेले के आयोजन हेतु 5 लाख रुपये देने की घोषणा भी की।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री बिशन सिंह चुफाल ने कहा कि यह मेला भारत एवं नेपाल दोनों देशों का सांस्कृतिक मेला है। पूर्व में यह एक बड़ा व्यापारिक मेला होता था, अब इसका स्वरूप धीरे धीरे बदल रहा है। सांसद अजय टम्टा ने केन्द्र द्वारा संचालित कार्यों की जानकारी दी।
इस अवसर पर विधायक धारचूला हरीश धामी, ब्लॉक प्रमुख धन सिंह धामी, नगर पालिका अध्यक्ष राजेश्वर देवी, जिलाध्यक्ष भाजपा विरेन्द्र वल्दिया, जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान, पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह और मित्र राष्ट्र नेपाल के आम नागरिक व संस्कृति कर्मी भी उपस्थित रहे।

नीरजा देवभूमि चेरिटेबल ट्रस्ट ने चिल्ड्रन डे पर 50 बच्चों को सामग्री दी

आज 14 नवंबर को नीरजा देवभूमि चेरिटेबल ट्रस्ट ने निर्धन वर्ग के 50 बच्चों को स्टेशनरी, कुरकुरे, लेस और पेस्ट्री वितरण कर मनाया चिल्ड्रन डे।
इस दौरान ट्रस्ट संस्थापक नीरजा गोयल जी द्वारा बच्चों को अच्छे कार्य करने और शिक्षा के प्रति जागरूक किया गया।
इस दौरान ट्रस्ट सह संस्थापक नूपुर गोयल, कुसुम गोयल, मीडिया प्रभारी दिवाकर मिश्रा, आशु, ध्रुव, सोनिया, अक्षरा, गार्गी, विपिन, सचिन आदि उपस्थित रहे।

डीडीहाट में बोले सीएम अपनों के बीच आया हुं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पिथौरागढ़ के डीडीहाट में आयोजित पांच दिवसीय डीडीहाट महोत्सव के समापन अवसर पर शनिवार को कुमाउँनी भाषा में संबोधित करते हुए क्षेत्र के विकास हेतु विभिन्न घोषणाएं की। जिसमें डीडीहाट नगर से सिराकोट मंदिर तक रोपवे का निर्माण करने, जीजीआइसी डीडीहाट का नाम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय देव सिंह डसीला के नाम किए जाने, डीडीहाट खेल मैदान के विस्तारीकरण करने की कार्यवाही हेतु जिलाधिकारी को प्रस्ताव तैयार करते हुए शासन को प्रेषित करने की घोषणा, घसाड़ विद्यालय का उच्चीकरण किए जाने, डीडीहाट नगर के आंतरिक मार्गों के निर्माण व सौंदर्यीकरण किए जाने की स्वीकृति की घोषणा, डीडीहाट महोत्सव को प्रत्येक वर्ष राजकीय मेले के रूप में मनाए जाने की घोषणा की गई। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर स्वामी विवेकानंद की 18 फीट ऊंची मूर्ति “स्टेच्यू ऑफ मोरालिटी“ का लोकार्पण भी किया गया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज अपनों के बीच आकर में अभिभूत हूं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दुनिया में भारत की अलग पहचान बनी है। उत्तराखंड से प्रधानमंत्री का विशेष लगाव है जिसके फलस्वरूप यहां विभिन्न क्षेत्रों में विकास योजनाओं के कार्य चलाए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने भी कहा है कि आने वाला दशक उत्तराखण्ड का दशक है और इस दशक को उत्तराखण्ड का दशक बनाने के लिए हमारी मातृशक्ति की अहम भूमिका रहेगी। प्रधानमंत्री जी ने 2025 तक उत्तराखंड के लिए जो विजन दिया है, सरकार इस दिशा में तेजी से कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा की उत्तराखण्ड को एक आदर्श मॉडल राज्य के रूप में स्थापित करने के लिए राज्य सरकार प्रयासरत है। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में केंद्र सरकार से राज्य को पूरा सहयोग मिल रहा है। उत्तराखण्ड में सड़क मार्गाे का विकास किया जा रहा है, वहीं पहाड़ में रेल का सपना भी साकार हो रहा है। उन्होंने कहा केन्द्र सरकार ने उत्तराखण्ड के लिए ऑलवेदर रोड, भारत माला प्रोजेक्ट, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन की योजनाओं की सौगात दी है। उससे आने वाले समय में उत्तराखण्ड का आवागमन और अधिक सुगम होगा। उन्होंने कहा सरकार जनता के साझीदार के रूप में कार्य कर रही है। लोक पर्वों को बढ़ावा देने के लिए लोकपर्व इगास पर छुट्टी करने का निर्णय लिया है।
पेयजल मंत्री विशन सिंह चुफाल ने अपने संबोधन में कहा कि डीडीहाट क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं, जिले को जोड़ने वाली सभी सड़क मार्गों की स्थिति बेहतर होने से यहां तक पंहुचने हेतु पर्यटकों को अब आसानी हो रही है। पहले टनकपुर से डीडीहाट तक पंहुचने में अत्यधिक समय लगता था, अब ऑल वैदर रोड के निर्माण से यह समय काफी कम हो गया है। महिलाओं के लिए शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर 5 लाख तक का ऋण प्रदान किया जा रहा है।
सांसद अजय टम्टा ने कहा कि आज प्रदेश में रेलवे लाईन निर्माण के साथ ही सीमांत क्षेत्र तक सड़कों को पंहुचाया जा रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा दो लाभार्थियों को मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट का वितरण करते हुए नवजात बच्चे को अपने गोद में लेकर आशीर्वाद दिया।

ईगास पर्व हमारे पूर्वजों की धरोहर व पर्वतीय संस्कृति की विरासत-विस अध्यक्ष

विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने आज कार्यकर्ताओं के संग बैराज स्थित अपने कैंप कार्यालय में भैलो खेल कर प्रदेश के लोक पर्व एवं संस्कृति के संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यह पर्व हमारे पूर्वजों की धरोहर व पर्वतीय संस्कृति की विरासत है। हमें अपने लोकपर्वाे व संस्कृति को संरक्षित रखने की आवश्यकता है।
इस अवसर पर विस अध्यक्ष अग्रवाल ने कहा कि इगास पर्व का संदेश स्पष्ट है कि इस दिन सहयोगियों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करना, वंचितों के आंचल में भी हर्ष-उल्लास व पकवान-मिष्ठान्न सुनिश्चित करना और इससे भी बढ़कर यह अंधकार को दूर करने के लिए अंत तक प्रयास करना है। उन्होंने कहा कि ईगास पर्व पर भैलो खेलने की परंपरा है। भैलो को अंधेरे में उजाले का प्रतीक माना जाता है।
इस अवसर पर ग्राम प्रधान सोबन सिंह केंतुरा, रविंद्र राणा, प्रधान चमन पोखरियाल, दिनेश पयाल, विजय जुगरान, विजय बिष्ट, अरुण बडोनी, राजेंद्र पांडे, विजेंद्र मोघा, राजवीर रावत, ताजेंद्र नेगी, कौशल बिजलवान सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।