त्रिवेणी घाट पर दीप दान कर शहीदों को श्रद्धांजली अर्पित की

उत्तराखण्ड स्थापना की पूर्व संध्या पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य जयेन्द्र रमोला के नेतृत्व में उत्तराखण्ड के शहीदों की स्मृति में त्रिवेणी घाट पर दीप दान कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। जिसमें आंदोलनकारियों व आमजन ने दीप दान में बढ़चढ़कर सहयोग किया।
श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए एआईसीसी के सदस्य जयेन्द्र रमोला ने कहा कि हम शहीदों के बलिदान को कभी भुला नहीं सकते। हमको उनके बलिदान से ही उत्तराखण्ड राज्य की प्राप्ति हुई। हम आज दीप दान कर उनको शत् शत् प्रणाम करते हैं। रमोला ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने कहा था ‘उठो, जागो और तब तक रुको नहीं, जब तक लक्ष्य हासिल न हो जाए’। इसे हमें सार्थक करने की पूरी कोशिश करनी होगी। इसी तरह सभी लोग संकल्प लें कि हर व्यक्ति उत्तराखंड प्रदेश और भारत वर्ष के समग्र विकास और समृद्धि के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देगा। यही शहीद राज्य आंदोलनकारियों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। सभी को मिलकर उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाना है।
दीप दान कार्यक्रम में राजकुमार अग्रवाल, मदन मोहन शर्मा, वेद प्रकाश शर्मा, अरविंद जैन, प्रदीप जैन, सतीश रावत, राजेन्द्र तिवारी, लल्लन राजभर, विक्रम भण्डारी, गम्भीर मेवाड़, धर्मेंद्र गुलियाल, पार्षद शकुंतला शर्मा, यश अरोड़ा, दीपक भारद्वाज, गौरव राणा, परितोष हालदार, प्रिंस सक्सेना, मधु जोशी, शेलेंद्र गुप्ता, राम बदन साहनी, राम नारायण राजभर, इमरान हाशमी, विवेक तिवारी, बुरहान अली, जितेंद्र त्यागी, रोशनी शर्मा, सीमा, सोमवती, अंजू गैरोला, मुनि जानी, वेद प्रकाश शर्मा, संदीप शर्मा, तन्नु रस्तोगी, रेखा चौबे, परमेश्वरी जोशी, कुसुम जोशी, सुनीता ममंगाई, विद्या तिवारी, अरविंद भट्ट, जयपाल सिंह, कमलेश शर्मा, शुकंतला धीमान, सरोजनी थपलियाल, सतीश शर्मा, नवदीप हुडा, परमेश्वर राजभर, अरविन्द भट्ट, जयपाल बिटू, करम चन्द आदि बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

उच्चस्तरीय समिति में तीर्थपुरोहित और हक-हकूकधारियों को किया सदस्य नामित

सरकार ने चारधाम देवस्थानम बोर्ड को लेकर गठित उच्चस्तरीय समिति में नौ तीर्थपुरोहित और हक-हकूकधारियों को बतौर सदस्य नामित किया है। सचिव धर्मस्व एचसी सेमवाल की ओर से इसके आदेश किए गए।
चारधाम के तीर्थ पुरोहित देवस्थानम बोर्ड भंग करने की मांग कर रहे हैं। उनके विरोध को देखते हुए सरकार ने तीर्थ पुरोहितों एवं हकूकधारियों के सुझाव लेने के लिए उच्चस्तरीय समिति बनाई थी। इसकी कमान भाजपा के वरिष्ठ नेता मनोहर कांत ध्यानी को दी गई है। ध्यानी इस मामले में अपनी अंतरिम रिपोर्ट सरकार को दे भी चुके हैं। हालांकि, तीर्थपुरोहित और हक-हकूकधारी ध्यानी का भी विरोध कर रहे हैं। उनका आरोप है कि ध्यानी उनकी बात सुनने को तैयार नहीं हैं। इसलिए, सरकार ने इस समिति में नौ तीर्थपुरोहितों को सदस्य नामित किया है।

इन्हें नामित किया गया सदस्य
-बदरीनाथ धाम से विजय कुमार ध्यानी, संजय शास्त्री और रवींद्र पुजारी
-केदारनाथ धाम से विनोद शुक्ला और लक्ष्मी नारायण जुगराण
-गंगोत्री धाम से संजीव सेमवाल और रवीन्द्र सेमवाल

धार्मिक महत्व और संस्कृतियों पर आधारित मां पीताम्बरा पुस्तक में प्राचीन धर्मस्थलों का है वर्णन

नैनीताल पर्यटन एवं परिवहन विकास सहकारी संघ लिमिटेड द्वारा उत्तराखण्ड की धार्मिक संस्कृति एवं प्राचीन धर्म स्थलों के महत्व पर लिखित पुस्तक मां पीताम्बरा का आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून स्थित मुख्यमंत्री आवास में विमोचन किया।
इस अवसर पर पुस्तक के लेखक रमाकान्त पन्त व प्रकाशक ललित पंत को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि देव भूमि उत्तराखण्ड में ऐसे अनेकानेक प्राचीन धार्मिक स्थल मौजूद हैं, जो देव भूमि की सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के अंचलों में स्थित ऐसे धर्म स्थल जहां स्थानीय लोगों की धार्मिक परम्पराओं के प्रमुख केन्द्र हैं वहीं धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से भी ये काफी महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि ऐसे प्राचीन धार्मिक स्थलों के समुचित विकास के लिए सरकार निरंतर प्रयत्नशील है उन्होंने इस दिशा में नैनीताल पर्यटन एवं परिवहन विकास सहकारी संघ लिमिटेड द्वारा किये जा रहे कार्यों एवं प्रयासों की सराहना करते हुए समाज के लिए प्रेरणादायी बताया। इस इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार पवन पांडे, दानेश्वर मंदिर कमेटी के अध्यक्ष प्रसाद चंद्र भट्ट, समाज सेविका निर्मला जोशी, डॉ बीएस नेगी, मंगल सिंह, मनोज कुमार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

30 राज्यो के 500 से अधिक हस्त शिल्पकार और हुनरमंद पहुंचे देहरादून

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं केन्द्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने शुक्रवार को रेसकोर्स देहरादून में हुनर हाट मेले का उद्घाटन किया। हुनर हाट मेले में 30 से अधिक राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों से 500 से अधिक हस्त शिल्पकारों एवं हुनरमंदों द्वारा प्रतिभाग किया जा रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री एवं केन्द्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री के साथ विश्वकर्मा वाटिका एवं विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया। 75वें आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री एवं केन्द्रीय मंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों को भी सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हुनर हाट मेले का आयोजन देहरादून में करवाने पर केन्द्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने देवभूमि उत्तराखण्ड में विभिन्न राज्यों से आये हुनरमंदों का स्वागत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत की दिशा में हुनर हाट मेले का आयोजन एक सराहनीय प्रयास है। इससे जहां बाजारों को उत्पाद मिलेगा वहीं उत्पादों को बाजार मिलेगा। वोकल फॉर लोकल को बढ़ावा देने के लिए भी इस तरह के आयोजन महत्वपूर्ण हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास किये जा रही हैं। प्रदेश में वन डिस्ट्रिक टू प्रोडक्ट को बढ़ावा दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड के जनजातीय क्षेत्रों में अनेक हुनरमंद लोग हैं। उन्होंने केन्द्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी से अनुरोध किया कि इन हुनरमंद लोगों के लिए अपने उत्पादों के लिए बाजार मिल सके इसके लिए केन्द्र से कोई योजना बनाई जाय। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। सरलीकरण, समाधान एवं निस्तारण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उत्तराखण्ड पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण राज्य है। राज्य में पर्यटन को तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है। केन्द्र सरकार के सहयोग से राज्य में सड़क, रेल एवं हवाई कनेक्टिविटी तेजी से बढ़ी है।
केन्द्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि देशभर में हुनर हाट मेलों का आयोजन किया जा रहा है। 30वां हुनर हाट मेले का आयोजन देहरादून में किया जा रहा है। यह मेला 10 दिनों तक चलेगा। उन्होंने कहा कि हुनर हाट के माध्यम से अभी तक लगभग 06 लाख शिल्पकारों एवं कारीगरों को रोजगार के अवसर मिले हैं। इसमें देश के अलग-अलग हिस्सों के हस्तशिल्प कलाओं को देख सकते हैं। विभिन्न राज्यों के पकवानों के स्टॉल लगाये गये हैं। हुनरमंद लोगों द्वारा वेस्ट को बेस्ट में बदलकर स्वरोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है।
पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि इस तरह के मेलों के आयोजन से हस्तशिल्प एवं हस्तकला को प्रोत्साहन मिलेगा और हुनरमंदों को एक-दूसरे से अनुभवों को साझा करने का मौका भी मिलेगा।
पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि वोकल फॉर लोकल की दिशा में यह अच्छा प्रयास किया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के आत्मनिर्भर भारत की दिशा में प्रत्येक विभागों द्वारा योजनाएं चलाकर लोगों को स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
इस अवसर पर सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक हरबंस कपूर, शक्ति लाल शाह, मेयर सुनील उनियाल गामा, भाजपा के महामंत्री संगठन अजय कुमार, भाजपा के प्रदेश महामंत्री सुरेश भट्ट, बलजीत सोनी, केन्द्रीय अल्पसंख्यक मामलों की सचिव रेणुका देवी मौजूद थे।

बदरीनाथ पहुंचे सीएम ने पूजा अर्चना कर कार्यों में तेजा लाने के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज बद्रीनाथ धाम पहुंचकर भगवान श्री बद्रीनाथ की विशेष पूजा अर्चना करते हुए देश और प्रदेश की खुशहाली की कामना की। इस दौरान रावल ईश्वर प्रसाद नंबूदरी, धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल ने पूजा अर्चना कराई। मुख्यमंत्री अपने कार्यक्रम के तहत गुरुवार को बद्रीनाथ धाम पहुॅचे। उन्होंने भगवान बद्रीनारायण की पूजा की। इस दौरान उन्होंने बद्रीनाथ धाम में तीर्थयात्रियों से भी बातचीत करते हुए यात्रा व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी भी ली।
पत्रकारों से वार्ता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत बद्रीनाथ धाम के लिए मास्टर प्लान के तहत कार्य चल रहा है। इसके लिए 250 करोड़ की धनराशि भी प्राप्त हो गई है। मुख्यमंत्री ने बद्रीनाथ धाम में मास्टर प्लान के तहत संचालित कार्यों का निरीक्षण करते हुए प्रस्तावित कार्याे में तेजी लाने के भी निर्देश दिए।

लोनिवि व संस्कृति विभाग की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश

अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने मंगलवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री द्वारा की गई लोक निर्माण विभाग तथा संस्कृति एवं धर्मस्व विभाग से सम्बन्धित घोषणाओं की समीक्षा की।
अपर मुख्य सचिव ने मुख्यमंत्री द्वारा की गयी घोषणाओं को शीघ्रता से पूरा करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने घोषणाओं से सम्बन्धित प्रस्तावों पर जो भी औपचारिकताएं होनी है, उन्हें शीघ्रता से पूरा किया जाय। उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता तथा पारदर्शिता का विशेष ध्यान देने के भी निर्देश दिये। समीक्षा के दौरान बताया गया कि लोक निर्माण विभाग से सम्बन्धित माह जुलाई, 2021 से अब तक मुख्यमंत्री द्वारा कुल 181 घोषणायें की गई है जिसमें 1 घोषणा राज्यस्तरीय तथा 180 घोषणाएं जनपद स्तरीय है। 3 योजनाओं के शासनादेश निर्गत किये जा चुके हैं, शेष पर कार्यवाही गतिमान है। 55 घोषणाओं का आगणन प्राप्त हो गया है, जबकि शेष की डीपीआर तैयार की जा रही है।
अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने निर्देश दिये कि जिन 55 घोषणाओं के आगणन शासन को प्राप्त हो चुके है। उनके शासनादेश एक हफ्ते के अन्दर निर्गत कर दिये जाय, तथा शेष के आगणन 10 नवम्बर तक तैयार हो जाय इसकी व्यवस्था की जाय। उन्होंने कहा कि 10 नवम्बर तक प्राप्त होने वाले आगणनों के शासनादेश 17 नवम्बर तक जारी हो जाय यह भी सुनिश्चित किया जाय। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिये कि 15 दिसम्बर तक की गई घोषणाओं की योजनाओं पर निर्माण कार्य प्रारम्भ कर दिये जाएं।
संस्कृति एवं धर्मस्व विभाग के अन्तर्गत मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा में बताया गया कि संस्कृति विभाग की कुल 16 घोषणाएं जिसमें 1 घोषणा मंत्रिमंडल द्वारा लिये गये निर्णय, 3 घोषणा राज्य स्तरीय तथा 12 घोषणा जनपद स्तरीय है। धर्मस्व में कुल 24 घोषणाओं में से 1 राज्य स्तरीय घोषणा तथा 23 जनपद स्तरीय घोषणाएं सम्मिलित हैं। जिन पर कार्यवाही गतिमान है।
संस्कृति एवं धर्मस्व विभाग के अन्तर्गत की गई घोषणाओं के सम्बन्ध में बताया गया कि जागेश्वर धाम श्रावणी मेले को राज्य मेला घोषित किये जाने एवं सोबन सिंह जीना के जन्मदिवस पर उनके पैतृक ग्राम सुनोली में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले उत्सव को राजकीय मेला घोषित किये जाने, विधानसभा क्षेत्र सोमेश्वर के चनौदा शहीद दिवस को राजकीय मेला घोषित किये जाने के साथ ही विधानसभा क्षेत्र लोहाघाट के अन्तर्गत बग्वाल मेले को भी राजकीय मेला घोषित करने के साथ ही विभागीय मेला सूची में सम्मिलित किये जाने की कार्यवाही कर दी गई है। इसके साथ ही स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शहीद चन्द्र शेखर आजाद के बलिदान दिवस पर दुगडडा में आयोजित होने वाले शहीद मेले को विभागीय मेला सूची में शामिल कर दिया गया है।
लखुडियार चित्रित शैलाश्रय, ग्राम दिंगोली, अल्मोड़ा के सौन्दर्यीकरण, बग्वालीपोखर मे रामलीला मैदान का विस्तारीकरण चाहरदीवारी व मंच निर्माण, विधानसभा क्षेत्र खटीमा के नेपाल बार्डर पर आकर्षक भव्य गेट निर्माण, नौगवानाथ के गुरू गोरखनाथ के स्थान पर गुरू गोरखनाथ भव्य द्वार बनाये जाने के सम्बन्ध में कार्यवाही की जा रही है।
इस दौरान बैठक में सचिव अमित नेगी, प्रभारी सचिव एस.एन.पाण्डेय, अपर सचिव सोनिका तथा अतर सिंह, उप सचिव हीरा सिंह बसेड़ा, निदेशक संस्कृति बीना भट्ट सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

लोक कला एवं लोक संस्कृति को बढ़ावा दे रही सरकार-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखंड के कलाकारों के दल ने भेंट की। इस अवसर पर उत्तराखंड में लोक कला एवं लोक संस्कृति को बढ़ावा देने पर बातचीत हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक परम्परा को आगे बढ़ाने में कलाकारों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। किसी भी क्षेत्र की पहचान में वहां की लोक संस्कृति, बोली एवं लोक परम्परा का अहम योगदान होता है। जन चेतना से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर जागरूकता में हमारे कलाकार महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस अवसर पर उत्तराखंड के कलाकारों के दल में कमल भंडारी, जितेंद्र पंवार, पदम गुसाईं, रवि गुसाईं एवं अन्य कलाकार मौजूद थे।

देवस्थानम बोर्ड पर उच्चस्तरीय समिति की रिपोर्ट सरकार को मिली

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सोमवार को सचिवालय में देवस्थानम बोर्ड के सम्बन्ध में गठित उच्चस्तरीय समिति के अध्यक्ष मनोहर कान्त ध्यानी ने भेंट की।
इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष मनोहर कान्त ध्यानी ने देवस्थानम बोर्ड के सम्बन्ध में उच्च स्तरीय समिति द्वारा तैयार की गई अन्तरिम रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपी।
सूत्रों के अनुसार, रिपोर्ट में कई बिन्दुओं पर तीर्थ पुरोहित समाज व पंडा समाज से वार्ता के बाद संशोधन का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है। जिन बिन्दुओं पर आपत्ति है वे बिन्दुओं पर सरकार अब क्या एक्शन लेगी ये तो सरकार ही तय करेगी।

बलूनी ने भी दिए थे संकेत
तीर्थ पुरोहितों से जुड़े हुए कुछ पदाधिकारियों ने दिल्ली में राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी से भेट की थी। जिसके बाद तीर्थपुरोहितों की ओर से ये दावा किया गया था कि अनिल बलूनी ने देवस्थानम बोर्ड को भंग करने के संकेत दिये है। हालांकि सांसद की ओर से ऐसा कोई बयान नही आया था। सूत्र बतातें है कि चुनावी वर्ष में अब सरकार इसके नफा नुकसान का आंकलन करके ही आगे की रणनीति के तहत कार्य करेगी।

विस अध्यक्ष ने नीरजा देवभूमि चौरिटेबल ट्रस्ट को एक लाख रुपये देने की घोषणा की

नीरजा देवभूमि चौरिटेबल ट्रस्ट द्वारा आयोजित कोरोना योद्धा सम्मान समारोह में विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने कोरोना काल के दौरान जिन लोगों ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई उन लोगों का सम्मानित किया। इस अवसर पर विस अध्यक्ष अग्रवाल ने ट्रस्ट को विधानसभा अध्यक्ष विवेकाधीन कोष से एक लाख रुपये देने की घोषणा की।
इस अवसर पर विस अध्यक्ष ने कहा है कि ट्रस्ट द्वारा जनहित के लिए सराहनीय कार्य किया जा रहा है। विस अध्यक्ष ने कहा है कि कोरोना काल के दौरान अनेक लोगों ने जान की बाजी लगाकर कोरोना पीड़ित लोगों की सहायता की और अनेक लोगों को कोविड-19 से बचाने का कार्य किया। उन्होंने कहा है कि इस दौरान शहर की स्वच्छता बनाने के लिए पर्यावरण मित्रों ने अथक प्रयास किया उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। चिकित्सक, पुलिसकर्मी एवं फ्रंटलाइन वर्कर ने कोरोना कॉल के दौरान पीड़ित लोगों की सहायता कर मानवता की मिसाल प्रस्तुत की।
विस अध्यक्ष ने कहा कि नीरजा देवभूमि चौरिटेबल ट्रस्ट द्वारा समय-समय पर स्वास्थ्य चिकित्सा एवं जरूरतमंदों को सहायता उपलब्ध कराने के कार्य किए जाते हैं। ट्रस्ट द्वारा कोरोना योद्धा सम्मान करना भी सराहनीय पहल है। उन्होंने कहा कि ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत 13 हजार से अधिक लोगों को कोरोना काल के दौरान राशन किट एवं हजारों लोगों को आर्थिक सहायता दी जबकि 61 हजार लोगों को मास्क व सैनिटाइजर का वितरण किया।
इस मौके पर हर्षवर्धन शर्मा, कुंवर सिंह रावत, पीडी रतूड़ी, पंकज गुप्ता, विनोद कुमार द्विवेदी, आरसी भट्ट, हरीश आनन्द, भावना, आयुषी, मनप्रीत छाबड़ा, मंजीत कौर, ललित मनचंदा, गीता मनचंदा, प्रधानाचार्य गोविंद सिंह रावत, जितेंद्र बिष्ट, मुकेश अग्रवाल अंजना सैनी, ज्योतिषचार्य दया कृष्ण, प्रधानाचार्य दून इंटर नेशनल पब्लिक स्कूल डॉ तनुजा पोखरियाल, अध्यापिका सीता रावत, नीरजा देवभूमि चौरिटेबल ट्रस्ट की संरक्षक कुसुम गोयल, संस्थापक सुश्री नीरजा गोयल, कोषाध्यक्ष सुश्री नूपुर गोयल, समाजसेवी पंकज गुप्ता, कुंवर सिंह रावत, मुकेश अग्रवाल, रंजन अंथवाल, नरेंद्र खुराना, आचार्य संतोष व्यास, कमल चतुर्वेदी, मीडिया प्रभारी दिवाकर मिश्रा आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन सुनील थपलियाल ने किया ।

सीएम पीड़ितों से मिलकर उनकी परेशानियों को पूछकर समस्या दूर करने के दे रहे निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार पांचवें दिन आपदा प्रभावित क्षेत्रों के दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने पीड़ितों का हाल जाना। उनका दुःखदृदर्द साझा किया। हर इलाके में हुए नुकसान की जानकारी ली। प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। अपने हाथों से सहायता राशि के चेक वितरित किए। हर जनपद में अधिकारियों के साथ बैठक कर उन्हें उचित दिशा निर्देश जारी किए। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर प्रभावित लोगों में भी आस जगी है।
17 व 18 अक्टूबर को अतिवृष्टि से आई आपदा के बाद मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी संकट झेल रही जनता के बीच लगातार मौजूद हैं। 19 अक्टूबर को मुख्यमंत्री ने आपदा प्रबंधन मंत्री डा. धन सिंह रावत के साथ रुद्रप्रयाग और फिर नैनीताल जिले से अपने दौरे की शुरुआत की। बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित गांवों का भ्रमण करते हुए उन्होंने आपदा से प्रभावित लोगों से मिलकर उनका हाल जाना और ढाढस बंधाया। पीड़ितों की आम जरूरतों को पूरा करने के निर्देश उन्होंने जिलाधिकारी व अधिकारियों को दिए। 20 अक्टूबर को मुख्यमंत्री ने हल्द्वानी, रुद्रपुर, किच्छा, खटीमा, काशीपुर आदि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। तीसरे दिन 21 अक्टूबर को मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के साथ आपदाग्रस्त क्षेत्रों का हवाई दौरा किया और अधिकारियों को दिशानिर्देश दिए। 22 अक्टूबर को मुख्यमंत्री ने सीमांत जनपद चमोली के आपदा प्रभावित गांव डूंगरी पहुंचकर आपदा पीड़ितों का हाल जाना। शनिवार को मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी आपदा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करने के लिए चम्पावत, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा और नैनीताल के दो दिवसीय दौरे पर रवाना हुए। दौरे के पहले दिन मुख्यमंत्री ने चंपावत और पिथौरागढ़ के आपदाग्रस्त गांवों में पहुंचकर सभी पीड़ितों से मुलाकात की। उनकी परेशानियां पूछीं और अधिकारियों को उनके समाधान के लिए कहा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आपदाग्रस्त क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं को तत्काल बहाल करने के निर्देश दिए।