नमामि गंगे के तहत खटीमा और ऋषिकेश को मिली 6 करोड़ की दो योजनाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के सीमान्त क्षेत्र खटीमा से सटे झनकईयां स्थान पर 3.62 करोड़ के दो स्नान घाटों के निर्माण तथा ऋषिकेश में 2.50 करोड़ लागत वाली घाट क्लीनिंग परियोजना की स्वीकृति प्रदान किये जाने पर केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री का आभार जताया है।
ज्ञातव्य है कि राजीव रंजन मिश्रा, महानिदेशक, राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन की अध्यक्षता में नई दिल्ली में सम्पन्न बैठक में उत्तराखण्ड राज्य के सीमान्त क्षेत्र खटीमा से सटे झनकईयां स्थान पर 3 करोड़ 62 लाख की लागत से स्नान घाट परियोजना की स्वीकृति प्रदान की गयी है, इस परियोजना के अन्तर्गत 40-40 मीटर के दो स्नान घाटों का निर्माण किया जायेगा। गौरतलब है कि भारत-नेपाल सीमा से लगे होने के चलते यह घाट का सामरिक दृष्टि से अत्यन्त महत्वपूर्ण है। इसके साथ ही योग नगरी ऋषिकेश में घाटों की सफाई हेतु घाट क्लीनिंग परियोजना को भी स्वीकृति प्रदान हुई है। लगभग 2.5 करोड़ की लागत से ऋषिकेश में 2 वर्षों हेतु घाट क्लीनिंग परियोजना क्रियान्वित की जायेगी, जिसमें केन्द्र से 70 प्रतिशत एवं राज्यांश 30 प्रतिशत रहेगा।

काशी विश्वनाथ धाम की भव्यता देखते ही बन रही-मोदी

भारत की सभ्यागत धरोहर की जीवटता की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि औरंगजेब जैसे आततायियों ने इस धरोहर को ध्वस्त करने के प्रयास किए, लेकिन आतंक के वे पर्याय इतिहास के काले पन्नों तक सिमट कर रह गए, जबकि पवित्र नगरी काशी अपने गौरव को फिर से नई भव्यता दे रही है। काशी विश्वनाथ धाम का उद्घाटन करने के बाद मोदी ने कहा कि भारत सदियों की गुलामी से उत्पन्न हीनभावना से बाहर निकल रहा है। उन्होंने साथ ही कहा कि नया गलियारा देश को एक निर्णायक दिशा देगा तथा इसे एक उज्ज्वल भविष्य की ओर ले जाएगा। देश के एक नए इतिहास के रचनाकाल से गुजरने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, यहां अगर औरंगजेब आता है तो शिवाजी भी उठ खड़े होते हैं! अगर कोई सालार मसूद इधर बढ़ता है तो राजा सुहेलदेव जैसे वीर योद्धा उसे हमारी एकता की ताकत का अहसास करा देते हैं। और अंग्रेजों के दौर में भी, (ब्रिटिश गर्वनर जनरल) वारेन हेस्टिंग्स का क्या हश्र काशी के लोगों ने किया था, ये तो काशी के लोग जानते ही हैं। आततायियों ने इस नगरी पर आक्रमण किए, इसे ध्वस्त करने के प्रयास किए!
उन्होंने काशी की धरोहर के वैभव का जिक्र करते हुए कहा, कितनी ही सल्तनतें उठी और मिट्टी में मिल गई लेकिन बनारस बना हुआ है। मोदी ने कहा, औरंगजेब के अत्याचार, उसके आतंक का इतिहास साक्षी है… जिसने सभ्यता को तलवार के बल पर बदलने की कोशिश की, जिसने संस्कृति को कट्टरता से कुचलने की कोशिश की! लेकिन इस देश की मिट्टी बाकी दुनिया से कुछ अलग है। उन्होंने हर-हर महादेव का उद्घघोष करते हुए यह बात कही। प्रधानमंत्री ने कहा, देखिए, कैसे समय बदल गया। आज, आंतक के पर्याय रहे लोग इतिहास के काले पन्नों तक सिमट कर रह गये, जबकि काशी आगे बढ़ रही है और वह अपने गौरव को फिर से नयी भव्यता दे रही है।

कई इतिहासकारों का मानना है कि औरंगजेब ने मंदिर को ध्वस्त कर एक मस्जिद बनाने का आदेश दिया था। मोदी ने मंदिर के पुनर्निर्माण के लिए रानी अहिल्याबाई होल्कर और मंदिर के गुंबद पर स्वर्ण आवरण (प्लेटिंग) चढ़ाने को लेकर सिख शासक रणजीत सिंह की सराहना की। मोदी ने कहा कि काशी विश्वनाथ धाम का पूरा परिसर महज एक भव्य भवन नहीं है बल्कि भारत की सनातन संस्कृति, इसकी आध्यात्यिमक आत्मा और परंपरा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यदि भारत राम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम बना रहा है तो वह समुद्र में हजारों किमी लंबी ऑप्टिकल फाइबर भी बिछा रहा है, गरीबों के लिए लाखों मकान बना रहा है और लोगों को अंतरिक्ष में भेज रहा है।
उन्होंने बौद्ध और सिख तीर्थ यात्रा केंद्रों के लिए किये गये कार्य का भी उल्लेख किया। उन्होंने काशी विश्वनाथ धाम का उल्लेख करते हुए कहा कि यह प्राचीन और नवीनता का समन्वय है। यह हमारी ताकत का और इस बात का भी गवाह है कि यदि एक दृढ़ संकल्प हो तो कुछ भी असंभव नहीं है। प्रधानमंत्री ने लोगों से स्वच्छता, सृजन और आत्मनिर्भर भारत के लिए निरंतर प्रयास करने की भी अपील की। मोदी ने गुलामी की लंबी अवधि का उल्लेख करते हुए कहा, इसने हमारे विश्वास को इस कदर तोड़ दिया कि हमने अपनी सृजन क्षमता में विश्वास खो दिया। उन्होंने कहा, आज इस हजारों साल पुरानी काशी से मैं हर देशवासी से पूरे विश्वास के साथ सृजन और नवोन्मेष करने की अपील करता हूं।
उन्होंने काशी के गौरव का उल्लेख करते हुए कहा कि यह नगर अविनाशी है और यह भगवान शिव के संरक्षण में है। मोदी ने भव्य मंदिर परिसर के निर्माण कार्य में शामिल श्रमिकों का भी आभार प्रकट किया। उन्होंने उनसे मुलाकात की और उन पर फूल बरसाए। बाद में उनके साथ भोजन भी किया। उन्होंने भाषण के बीच में स्थानीय बोली का भी उपयोग किया।

आर्थिक रुप से कमजोर लोगों की मदद को आगे आना चाहिए-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को रूद्रपुर में लघु उद्योग व्यापार मण्डल एवं सर्वसमाज कल्याण समिति द्वारा फुटबॉल मैदान ट्रांजिट कैम्प में आयोजित 5वें सामूहिक विवाह कार्यक्रम में पहुंचकर सभी वर-वधु को आशीर्वाद दिया।
मुख्यमंत्री ने 24 दम्पतियों को बधाई देते हुए कहा कि सबसे बड़ा दान कन्या दान है, विश्व में कन्यादान से बड़ा कोई दान नहीं। उन्होंने सभी नव दंपत्तियों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि परिवार में सभी आपसी स्नेह एवं प्रेम से रहें, सभी का जीवन सुखमय एवं समृद्ध हो। उन्होंने कहा कि यह सामूहिक विवाह कार्यक्रम नहीं बल्कि उत्सव है। मुख्यमंत्री ने समिति द्वारा कराये जा रहे इस कार्य की सराहना करते हुए कहा कि एक समय था जब गरीब की बेटी की शादी के खर्च से रिश्तेदार भी घबराते थे, लेकिन आज समाज के बुद्धिजीवियों एवं समितियों के ऐसे सहयोग एवं सहभागिता से गरीब एवं निःसहाय बेटियों की शादी आसानी से होने के साथ ही लिंगानुपात में भी सुधार आएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बांग्लादेश से मजबूरी के कारण भारत आये और यहॉ के परिवेश में घुल मिलने के साथ ही एक साथ कदम-ताल की, उनके प्रमाण पत्र में लिखा जाने वाला पूर्वी पाकिस्तान शब्द अपमानजनक महसूस करता था, जिसे हटा दिया गया है। उन्होंने कहा कि वे श्यामा प्रसाद मुखर्जी को मूल्य-आदर्शों पर चलते हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण में बंगाल के प्रबुद्धजनों का बहुत बड़ा योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्य सेवक के रूप में पिछले पांच माह से एक-एक पल व क्षण राज्य एवं राज्य की 1.25 करोड़ जनता के लिए समर्पित किया है। उन्होंने कहा कि मजबूरी के कारण नजूल भूमि पर बसे व्यक्तियों को मालिकाना हक दिलाने की लम्बे समय से मांग रही है, जिसका समाधान करते हुए नजूल भूमि पर काबिज लोगों को मालिकाना हक दिया है।
उन्होंने कहा कि हमारा देश विश्व-बन्धुत्व की भावना वाला देश है। उदार चरित्र वाले व्यक्तियों के लिए पूरी दुनिया अपनी होती है। देश प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में लगातार आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि देश में 120 करोड़ लोगां को निःशुल्क वैक्सीन लग चुकी है। उन्होंने कहा कि निःशुल्क वैक्सीन लगवाने में सरकार 600 रूपये वहन करती है। उन्होंने कहा कि समिति द्वारा दिये गये मांग पत्र पर परीक्षण कराते हुए हर संभव कार्य किया जायेगा।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री बंशीधर भगत, विधायक राजकुमार ठुकराल, जिलाध्यक्ष शिव अरोरा, जिलाधिकारी युगल किशोर पन्त, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दलीप सिंह कुंवर, मुख्य विकास अधिकारी आशीष भटगाई, अपर जिलाधिकारी ललित नारायण मिश्र, उप जिलाधिकारी प्रत्यूष सिंह, कौस्तुभ मिश्रा, संजय ठुकराल, समिति के अध्यक्ष संजीव गुप्ता, सचिव मनोज गुप्ता, संरक्षक उत्तम दत्ता, शिवानन्द महाराज उर्फ दूधिया बाबा आदि मौजूद रहे।

सामूहिक विवाह समारोह में 7 कन्याओं का कन्यादान

समर्पण सेवा मिशन वेलफेयर सोसायटी एवं ग्राम पंचायत हरिपुर कला के तत्वावधान में कन्याओं के सामूहिक विवाह समारोह के दौरान उपस्थित उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने दांपत्य जीवन में बंधने वाले सभी जोड़ों को आशीर्वाद दिया।
हरिपुर कला के एक स्थानीय वेडिंग प्वाइंट में आयोजित कन्याओं के सामूहिक विवाह समारोह के दौरान समर्पण सेवा मिशन वेलफेयर सोसायटी एवं ग्राम पंचायत हरिपुर कला के संयुक्त सहयोग से 7 कन्याओं का विवाह कराया गया। इस दौरान सभी कन्याओं का विवाह पारंपरिक रीति रिवाज एवं विधि विधान से संपन्न हुआ।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि कन्यादान करना किसी के भी जीवन में सबसे बड़ा महादान है। समर्पण सेवा मिशन वेलफेयर सोसाइटी के सहयोग से कन्याओं का सामूहिक विवाह समारोह किया जाना समाज के लिए एक प्रेरणा स्रोत का कार्य करेगा। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने सभी दांपत्य सूत्र में बंधने वाले जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए दांपत्य जीवन की शुभकामनाएं दी।
इस अवसर पर बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक, ललितानंद महाराज, अखिलेशनंद महाराज, हरि चेतनानंद महाराज, समाजसेवी मनोज जखमोला, आचार्य बेनी प्रसाद, अंकित बिजलवान, अमित शर्मा, ग्राम प्रधान गीतांजलि जखमोला, मुकेश गौनियाल, अंकित बाहुखंडी, मनोज शर्मा, धर्मेंद्र ग्वाडी सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

पंचतत्व में विलीन हुए जनरल दंपति, हरिद्वार में कल परिवार अस्थियां लेकर आयेंगे

जब तक सूरज चांद रहेगा, बिपिन रावत का नाम रहेगा…। अमरता के इन नारों और 17 तोपों की सलामी की गूंज के बीच देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका रावत पंचतत्व में विलीन हो गए। दोपहर दो बजे दिल्ली के 3, कामराज मार्ग स्थित उनके घर से निकली अंतिम यात्रा में हजारों लोग हमसफर बने। आंखें नम थीं, लेकिन वीरता का गर्व भी था और उसके सम्मान में पुष्पवर्षा करते रहे। मां भारती के वीर सपूत के लिए नारे लगाते रहे। सीडीएस रावत और उनकी पत्नी को उनकी बेटियों कृतिका और तारिणी ने रुढ़ियों को तोड़ते हुए मुखाग्नि दी। यही नहीं जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी के शव भी एक साथ ही चिता पर रखे गए थे।

कई देशों के सेनाध्यक्षों और राजनियकों ने भी अंतिम विदाई
इस मौके पर जनरल बिपिन रावत के छोटे भाई का परिवार, मधुलिका रावत की फैमिली के लोग भी मौजूद थे। यही नहीं बड़ी संख्या में सैनिकों के परिवार, राजनीतिक हस्तियां, कई देशों के सेनाध्यक्ष और राजनियक भी मौजूद थे। जनरल बिपिन रावत किस कद के सैन्य अधिकारी थे, इसका अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि इजरायल, अमेरिका, फ्रांस और रूस समेत कई देशों ने उनकी मौत पर शोक जाहिर किया। यही नहीं उनके निधन को अपने एक गहरे दोस्त को खोने जैसा बताया था।

दिन भर हस्तियों का लगा रहा श्रद्धांजलि के लिए तांता
बुधवार को दोपहर 12:08 बजे तमिलनाडु के नीलगिरि जिले के कुन्नूर हुए हेलिकॉप्टर क्रैश में सीडीएस जनरल बिपिन रावत, पत्नी मधुलिका रावत और 11 अन्य सैन्य अफसरों की मौत हो गई थी। विमान में कुल 14 लोग सवार थे, जिनमें से एक विंग कमांडर वरुण सिंह ही जीवित हैं और उनकी हालत भी चिंताजनक बनी हुई है। इसके बाद गुरुवार शाम को जनरल बिपिन रावत समेत सभी सैनिकों के शवों को दिल्ली लाया गया था और सुबह जनरल रावत और उनकी पत्नी का शव 3,कामराज मार्ग स्थित उनके घर पर पहुंचा था। सुबह से ही उनके घर पर श्रद्धांजलि अर्पित करने वाली हस्तियों और आम लोगों का तांता लगा था।

कल हरिद्वार में अस्थियां प्रवाहित करेगा परिवार
प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी की अस्थियां शनिवार को हरिद्वार में गंगा में प्रवाहित की जाएंगी। पारिवारिक सदस्यों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। जनरल रावत के छोटे भाई एवं पूर्व सैन्य अधिकारी विजय रावत ने कहा, ‘‘हम कल उनकी अस्थियों को हरिद्वार ले जाएंगे। हम परिवार के सदस्य उनकी अस्थियों को गंगा में प्रवाहित करने जाएंगे।’’

राज्य सरकार की हर घोषणा धरातल पर हो रही साकार-धामी

पोखरी में हिमवंत कवि चन्द्रकुंवर बर्त्वाल खादी ग्रामोद्योग एवं पर्यटन शरदोत्सव मेले का रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ आगाज हुआ। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पोखरी नगर पंचायत द्वारा आयोजित इस पांच दिवसीय मेले का उद्घाटन किया। इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक महेन्द्र प्रसाद भट्ट, जिप अध्यक्ष रघुवीर सिंह बिष्ट, नगर पंचायत अध्यक्ष लक्ष्मी प्रसाद पंत, कॉपरेटिव बैंक अध्यक्ष गजेंद्र सिंह बिष्ट एवं वरिष्ठ क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। मुख्यमंत्री के पोखरी पहुंचने पर क्षेत्रवासियों ने उनका भव्य स्वागत किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने पोखरी में 97.30 लाख लागत से निर्मित पर्यटक आवास गृह का लोकार्पण करने के साथ ही पोखरी मेले को राजकीय मेला घोषित करते हुए इस वर्ष 2 लाख की राशि देने और क्षेत्र के विकास के लिए विभिन्न विकास योजनाओं की घोषणाएं भी की। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बेनीताल में 7 दिसंबर की सांय से आयोजित होने वाले तीन दिवसीय स्टार गेजिंग व एस्ट्रो फोटोग्राफी इवेंट का उद्घाटन भी किया। मेले में खादी, उद्योग एवं अन्य विभागों के स्टॉल, चर्खी, बच्चों के झूले, सर्कस, खेलकूद व सांस्कृतिक कार्यक्रमों सहित अनेक मनोरंजक गतिविधियां सहसा ही लोगों को आकर्षित कर रही है।
मुख्यमंत्री ने मेलार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रकृति के चितेरे कवि चन्द्र कुंवर बर्त्वाल ने मात्र 28 साल की उम्र में हिंदी साहित्य को अनमोल कविताओं का समृद्ध खजाना दे दिया था। उनकी कविताओं में अटूट प्रकृति प्रेम झलकता है। जीवन के इस छोटे सफर में उन्होंने सात सौ से भी ऊपर कविताएं, गीत, मुक्तक, निबंध आदि लिखकर एक इतिहास रचा है। काफल पाक्यों के अमर गायक चन्द्र कुंवर बर्त्वाल ने अपनी कालजयी कविताओं में हिमालय का जीवन साकार किया है। हिमाच्छादित शैल शिखर, सदानीरा कल कल करती नदियां, लंबे चौड़े लहलहाते चारागाह, दूर दूर तक फैले चीड, बांज, बुरांश, देवदार के घने जंगल, रंग बिरंगे फूलों से लदालद भरी घाटियां, पशु पक्षी, ऋतुओं का पट-परिवर्तन, घन गर्जन सभी का चमत्कारिक चित्रण उनकी कविताओं में मिलता है।

ग्रामीण विकास के लिए काम कर रही सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ग्रामोदय से भारत उदय मिशन के साथ लगातार काम कर रही है। केन्द्र और राज्य सरकार के माध्यम से गरीब कल्याण के लिए अनेक योजनाएं शुरू की गई है। लघु एवं कुटीर उद्योग लगाने के लिए नियमों में स्थिलता प्रदान की गई है। ताकि हमारे दूरस्थ पहाड़ों में भी कुटीर एवं लघु उद्योग लगे और अधिक से अधिक लोगों को स्वरोजगार मिल सके। सरकार पहाड़ों में होम स्टे बढाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारे राज्य के साथ ही पूरे देश में अनेकों कार्य किए जा रहे हैं। माताओं, बहनों को मुफ्त में गैस कनेक्शन देने का काम यदि किसी ने किया है तो वह भारत माता के लाल प्रधानमंत्री मोदी ने किया है। उन्होंने कहा कोई मरीज इलाज से वंचित न रहे, इसके लिए आयुष्मान भारत योजना की शुरुआत की गई है। ऐसे परिवार जो इलाज करवाने में सक्षम नही है, उन परिवारों को 5 लाख तक का इलाज मुफ्त किया जा रहा है। हमारी सरकार ने लंबे समय से चली आ रही मांगों को देखते हुए पी.आर.डी जवानों उपनल कर्मियों, ग्राम प्रधानों, त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, भोजन माताओं का मानदेय बढ़ाने का कार्य किया है।

हर फैसला जनता को समर्पित
उन्होंने कहा मेरे मुख्य सेवक बनने के बाद सरकार ने 500 से ज्यादा जनहित के फैसले लिए हैं और हमारा हर फैसला जनता को समर्पित है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा समाज के हर वर्गों को ध्यान में रखते हुए योजनाएं चलाई जा रही है। उन्होंने कहा हम प्रत्येक घोषणा के लिए पूर्व सुनियोजित तरीके से वित्तीय खर्च का प्रबंधन कर रहे हैं, जिससे हमारी सारी घोषणाएं धरातल पर उतर रही है।

21 वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखण्ड का
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने पूरी दुनिया को संदेश दिया कि तीसरा दशक उत्तराखण्ड का होगा। राज्य जब 25वां स्थापना दिवस मना रहा होगा, तब राज्य सभी क्षेत्रों में देश का अग्रणीय एवं आदर्श राज्य होगा। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में 21वी सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा, जो पर्यटन, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, कृषि जैसे विभिन्न क्षेत्रों में नंबर वन बनेगा। उन्होंने कहा बोधिसत्व विचार श्रृंखला के माध्यम से सरकार विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर चुके अनुभवी लोगों से सुझाव ले रही है। कहा हमारी सरकार हर समय जनता की सेवा में समर्पित है। हमारा प्रण है कि जितना भी समय हमारे पास है उसका प्रत्येक पल और क्षण हम उत्तराखण्ड की जनता की सेवा में समर्पित करें। उन्होंने कहा हमारी सरकार युवाओं को रोजगार देने पर कार्य कर रही है। विभिन्न विभागों में रिक्त चल रहे 24000 पदों पर भर्ती एवं युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए युवाओं हेतु प्रत्येक जिले में मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के अंतर्गत ऋण वितरित किए जा रहे है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने शहीद योगेम्बर सिंह भण्डारी के पिताजी को शॉल भेंट कर सम्मानित भी किया।

घोषणाएं-
इस दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास के लिए निम्न विकास योजनाओं की घोषणाएं भी की।
1- पोखरी में हिमवंत कवि चन्द्रकुंवर बर्त्वाल खादी ग्रामोद्योग एवं पर्यटन शरदोत्सव मेले को राजकीय मेला घोषित करते हुए इस वर्ष 2 लाख रुपये मेला समिति को देने की घोषणा की।
2- राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान तपोवन ढाक (जोशीमठ) का नाम बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के पूर्व अध्यक्ष स्व० मोहन प्रसाद थपलियाल जी के नाम पर रखा जायेगा।
3-अमर शहीद सैनिक योगेम्बर सिंह भंडारी की स्मृति में नैलसांकरी में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र खोला जाएगा।
4- विकासखण्ड जोशीमठ में गैस गोदाम से रेगढ़ तक मोटर मार्ग का प्रथम चरण का निर्माण किया जायेगा।
5- विकासखण्ड दशोली के पलेठी-सरतोली मोटर मार्ग के कि०मी० 7 एवं 8 में सतह सुधारीकरण एवं सुरक्षात्मक कार्य किया जायेगा।
6- विकासखण्ड दशोली के बणद्वारा से काण्डई मोटर मार्ग का (द्वितीय चरण स्टेज) का नव निर्माण किया जायेगा।
7-विकासखंड दशोली के जुंआ-दिगोली मो.मार्ग से मेहर गांव में मोटर मार्ग का निर्माण किया जाएगा।
8- विकासखण्ड पोखरी के उडामांडा-सिमखोली-चोपडा मोटर मार्ग के सिमखोली बैण्ड से होते हुए प्रा०वि० विरसण सेरा मोटर मार्ग का (प्रथम चरण) का नव निर्माण किया जायेगा।
9- विकासखंड पोखरी के उडामांडा-रौता-चोपडा मोटर मार्ग के नलडुंगा से विरसण मोटर मार्ग का निर्माण किया जाएगा।
10- विकासखण्ड पोखरी-गोपेश्वर मोटर मार्ग से डुंबरा गाव के लिए से मोटर मार्ग का (प्रथम चरण) नव निर्माण किया जायेगा।
11-राजकीय प्रा.वि. सरतोली का उच्चीकरण किया जाएगा।
12-निजमुला के दुर्मी घाटी में सचल पशु चिकित्सा केन्द्र खोला जाएगा।

बद्रीनाथ विधायक महेंद्र प्रसाद भट्ट एवं नगर पंचायत अध्यक्ष लक्ष्मी प्रसाद पंत ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए शॉल, मोमेंटों एवं चन्द्र कुंवर बर्त्वाल का चित्र भेंट किया। वही चारधाम के पंडा पुरोहितो ने सीएम का आभार व्यक्त करते हुए धर्म ध्वजा और अंगवस्त्र भेंट किए। क्षेत्रवासियों ने पारंपरिक पांडव ढोल दमाऊ एवं पांडव नृत्य के साथ मुख्यमंत्री के पहली बार क्षेत्र आगमन पर भव्य स्वागत किया गया। कार्यक्रम का संचालन आनंद राणा द्वारा किया गया।
इस दौरान ग्रामीण मंडल अध्यक्ष वीरेन्द्र पाल भंडारी, नगर अध्यक्ष जीतेन्द्र सती, अन्य वरिष्ठ क्षेत्रीय जन प्रतिनिधियों सहित जिलाधिकारी हिमांशु खुराना, पुलिस अधीक्षक यशवंत सिंह चौहान, सीडीओ वरूण चौधरी, संयुक्त मजिस्ट्रेट अभिनव शाह आदि मौजूद रहे।

आंगनवाड़ी कर्मियों को फिर दिया सीएम ने तोहफा, अब 2 लाख का बीमा भी होगा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सनातन धर्म इंटर कॉलेज रेस कोर्स में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान आंगनवाड़ी संगठन द्वारा मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए मानदेय वृद्धि करने पर आभार व्यक्त किया गया।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर घोषणा की, कि सभी आंगनवाड़ी कर्मियों को 2 लाख का वार्षिक दुर्घटना बीमा पॉलिसी उपलब्ध करवाई जायेगी। आंगनवाड़ी कर्मियों का मासिक मानदेय डिजिटल तरीक़े से सीधे उनके खाते मे दिया जायेगा। आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों के 25 प्रतिशत पद आंगनवाड़ी सहायिकाओं, जिन्होंने 10 वर्ष की संतोषजनक सेवा पूर्ण की हो और आवश्यक शैक्षिक योग्यता पूरी करती हो, के द्वारा भरे जायेंगे। प्रदेश में जिन लोगों पर राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू नहीं होता है, उन्हें दिसंबर 2021 से मार्च 2022 तक प्रत्येक माह कुल 20 किलोग्राम खाद्यान्न/प्रति कार्ड उपलब्ध कराया जाएगा। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से सेनेटरी नैपकिन के लिए जो एक रुपये का भुगतान करना पड़ता था वो अब निशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के निर्माण में मातृशक्ति की बड़ी भूमिका है, महिला सशक्तिकरण की दिशा में राज्य सरकार द्वारा अनेक कार्य किये जा रहे हैं। उत्तराखण्ड राज्य निर्माण आन्दोलन में मातृशक्ति की अहम भूमिका निभाई। सरकार जनता की साझीदार के रूप में कार्य कर रही है। बीते पाँच महीनों में सरकार ने 500 से ज़्यादा निर्णय लिए और उन पर शासनादेश जारी किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा प्रयास है कि 2025 तक राज्य हर क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बने। खेलों को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में नई खेल नीति बनाई गई है। हर वर्ग को ध्यान में रखते हुए योजनाएं बनाई जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने आंगनबाड़ी वर्कर का मानदेय बढ़ाकर उनके ऋण को चुकाने का प्रयास किया है। विपरीत परिस्थितियों में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां किस प्रकार कार्य करते हैं, यह सब बखूबी जानते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके दोनों बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा भी आंगनबाड़ी केंद्र में ही हुई है, इसलिए आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के मेहनत से भलीभांति अवगत हैं। राज्य के विकास के लिए नारी का सशक्त होना जरूरी है। राज्य में महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा सराहनीय कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना काल के बाद सरकार के पास आय के संसाधनों में भी कमी आई है, लेकिन इसके बावजूद सरकार ने मानदेय बढ़ाने में कंजूसी नहीं की। सरकार ने आजीविका से जुड़ी प्रदेश की महिलाओं को मजबूत करने के लिए 119 करोड़ रूपये का कोविड राहत पैकेज जारी किया। इसके अलावा सरकार ने आशा, उपनल समेत तमाम विभागों में कार्यरत कर्मचारियों का मानदेय बढ़ाया है।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि प्रदेश में होने वाली विभिन्न गतिविधियों में आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों का अहम योगदान होता है। हर क्षेत्र में आंगनवाड़ी बहनों द्वारा सहयोग दिया जाता है। आंगनवाड़ी बहनों के हित में राज्य सरकार द्वारा हर संभव कार्य किये जा रहे हैं। महिला एवं बाल विकास के क्षेत्र में केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं। बीते पांच वर्षों में आंगनवाड़ी केंद्रों को ग्राम स्तर पर स्वास्थ्य एवं पोषण की धुरी मानते हुए आंगनवाड़ी केंद्रों में गैस सिलिंडर, पेयजल, शौचालय, स्वच्छता किट, प्री स्कूल किट, मेडिसिन किट तथा किचन गार्डन आदि अनेक सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं हैं। ग्राम स्तर पर आंगनवाड़ी कार्मिकों की सशक्त एवं सक्रिय उपस्थिति का परिणाम है कि आंगनवाड़ी के केंद्रों के माध्यम से प्रतिमाह लगभग 9 लाख लाभार्थियों को पोषाहार उपलब्ध कराया जाता है।
इस अवसर पर विधायक उमेश शर्मा काऊ, महेंद्र भट्ट, भरत चौधरी, सचिव महिला एवं बाल विकास एच.सी.सेमवाल, मंच संचालिका डॉ. कंचन नेगी, संबंधित विभागीय अधिकारी एवं बड़ी संख्या में आंगनवाड़ी कार्यकत्रियां मौजूद रही।

सैन्यधाम के निरीक्षण को पहुंचे सीएम, दिए निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को पुरूकुल में बनने वाले सैन्यधाम स्थल का निरीक्षण किया। इस अवसर पर सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी भी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सैन्यधाम सबकी भावनाओं से जुड़ा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन के अनुरूप उत्तराखण्ड के पांचवे धाम के रूप सैन्यधाम बनाया जा रहा है। यह सैन्यधाम भव्य बनाया जायेगा। सैन्यधाम में सभी शहीद जवानों की स्मृतियों को संजो कर रखा जायेगा। उत्तराखण्ड के शहीद जवानों के आंगन की मिट्टी सैन्यधाम में लाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिव सैनिक कल्याण एवं जिलाधिकारी देहरादून को निर्देश दिये कि सैन्यधाम के निर्माण के लिए होने वाली सभी आवश्यक कार्यवाही में तेजी लाई जाय।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव एल. फैनई, जिलाधिकारी देहरादून डॉ. आर. राजेश कुमार, एमडी उपनल ब्रिगेडियर (से.नि.) पी.पी.एस. पाहवा एवं संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री का हरिद्वार में संतों ने किया भव्य स्वागत

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का रविवार को श्री निरंजनी अखाड़ा, हरिद्वार में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष व श्री निरंजनी अखाड़े के सचिव श्रीमहन्त रविन्द्रपुरी और अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री श्रीमहन्त हरिगिरि, जगतगुरू राजराजेश्वराश्रम, निरंजन पीठाधीश्वर कैलाशानन्द गिरि, आनन्द पीठाधीश्वर महामण्डलेश्वर बालकानन्द गिरि, जूना अखाड़ा के सभापति प्रेम गिरिजी, आह्वान आखाड़े के श्रीमहन्त सत्य गिरि, नया अखाड़ा उदासीन के श्रीमहंन्त भगतराम जी, श्रीमहन्त नारायण गिरि, महामण्डलेश्वर ललितानन्द गिरिजी महाराज ने आयोजित समारोह में शॉल ओढ़ाकर, प्रतीक चिह्न व गंगाजलि भेंटकर अभिनन्दन व स्वागत किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने समारोह को सम्बोधित करते हुये जूना अखाड़ा दुःख हरण मन्दिर, जूना अखाड़ा घाट में सौन्दर्यीकरण और यहां की धार्मिक मान्यताओं की स्थापना हेतु एक त्रिशूल लगाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने समारोह में देवस्थानम बोर्ड का जिक्र करते हुये कहा कि विभिन्न सन्तों, हक-हकूक धारियों तथा धार्मिक संगठनों द्वारा देवस्थानम बोर्ड को वापस लेने या इसमें बदलाव लाने की मांग की जा रही थी, जिसके लिये मनोहर कान्त ध्यानी के नेतृत्व में कमेटी गठित की गयी थी तथा मंत्रिमण्डल की उप समिति ने भी अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि हम निश्चित रूप से जो भी फैसला करेंगे सबकी भावनाओं के अनुसार करेंगे। उन्होंने कहा कि पूज्य सन्तों की यही भावना थी। उन्होंने कहा कि इस समय सबके हित में, मुख्य सेवक के रूप में, देवस्थानम बोर्ड को वापस लेने का निर्णय लिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हम उत्तराखण्ड की 25वीं वर्षगांठ मनायेंगे, उस समय उत्तराखण्ड हर क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य होगा। इसके लिये हम सभी के विचार आमंत्रित कर रहे हैं तथा अगले 10 सालों का रोडमैप तैयार कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले पांच माह में 500 से अधिक फैसले लिये हैं, जो घोषणा की जा रही है, उसका शासनादेश भी तुरन्त जारी होता है। उन्होंने कहा कि हमने हर क्षेत्र में फैसले लिये हैं तथा हम चाहते हैं कि हर क्षेत्र का सम्पूर्ण विकास हो। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने उत्तराखण्ड के चौमुखी विकास लिये 18 हजार करोड़ की विभिन्न योजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण किया।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानन्द, किच्छा विधायक राजेश शुक्ला, पूर्व सांसद बलराज पासी, जिला अध्यक्ष भाजपा डॉ. जयपाल सिंह, जिला महामंत्री भाजपा विकास तिवारी, गंगा सभा के अध्यक्ष प्रदीप झा, महामंत्री तन्मय वशिष्ठ सहित पुलिस व प्रशासन के सम्बन्धित अधिकारीगण उपस्थित रहे।

नौ सेना दिवस पर स्मारिका का विमोचन

नौ सेना दिवस के अवसर पर राजपुर रोड स्थित राष्ट्रीय जल सर्वेक्षण कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (से.नि.) गुरमीत सिंह ने बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी कार्यक्रम में मौजूद थे। इस दौरान राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने “इंडियन लिस्ट ऑफ रेडियो सिग्नल्स” स्मारिका के पांचवें संस्करण का संयुक्त रूप से विमोचन किया और नौ सेना की प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।
इस अवसर पर चीफ हाइड्रोग्राफर (भारत सरकार) वॉइस एडमिरल अधीर अरोड़ा (नौसेना मेडल), ज्वाइंट हाइड्रोग्राफर रियल एडमिरल लोचन सिंह, डीजीपी अशोक कुमार सहित अन्य सैन्य अधिकारी एवं गणमान्य लोग उपस्थित थे।