नालन्दा शिक्षण संस्थान खदरी को राष्ट्रीय कवि श्रीराम शर्मा प्रेम सम्मान

ऋषिकेश।
राष्ट्रीय कवि श्रीराम शर्मा प्रेम सम्मान 2016 नालन्दा शिक्षण संस्थान खदरी के प्रबन्धक महावीर प्रसाद उपाध्याय को दिया गया।
श्यामपुर खदरी स्थित नालन्दा शिक्षण संस्थान खदरी व प्रबन्धक महावीर प्रसाद उपाध्याय को शिक्षा व समाज के प्रति योगदान व उनकी प्रतिाद्वता के लिये महान स्वाधीनता सेनानी व राष्ट्रीय कवि श्रीराम शर्मा प्रेम सम्मान वर्ष 2016 से सम्मानित किया गया। धरातल संस्था देहरादून की और से आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जनकवि डा. अतुल शर्मा ने संस्थान के प्रबन्धक महावीर प्रसाद उपाध्याय को स्मृति चिन्ह, अभिनन्दन पत्र व शाल भेंट करते हुये कहा कि स्वाधिनता सेनानी राष्ट्रीय कवि श्रीराम शर्मा को देश की आजादी की लडा़ई में भारत छोडों आन्दोलन के दौरान 1944 में सेन्ट्रल सेकेट्रिएट नई दिल्ली में तिरंगा फहराने पर गिरफ्तार कर फिरोजपुर जेल में बन्द किया गया था। जेल में बन्दी के दौरान उनकी लिखी कवितायें आज गढ़वाल विश्वविद्यालय व कुमाऊ विश्वविद्यालय में बीए द्वितीय वर्ष के पाठ्यक्रम में पढा़ई जाती है।

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सम्मान समारोह का संचालन कर रहे कवि प्रबोध उनियाल ने बताया कि स्वतन्त्रता व समानता के लिये लडने वाले राष्ट्रीय कवि श्रीराम शर्मा प्रेम के पांच कविता संग्रह जलीत धरती झुलसे पांव, युगचरण, दिल्ली चलो, जलती निशानी श्रृद्वांजली प्रकाशित हुये है। इस अवसर पर आवाज साहित्य संस्था के अशोक के्रजी, सतेन्द्र चौहान, नरेन्द्र रयाल, शिवप्रसाद बहुगुणा, सुनील थपलियाल,राजेश पयाल, ऋषिकेश जिला पंचायत सदस्य सुनीता उपाध्याय ग्राम प्रधान खदरी सरोप सिंह पुण्डीर, भट्टोवाला प्रधान सतीश रावत, पंचायत सदस्य श्रीकांत रतूडी, टेक सिंह चौहान, मोहनसिंह रावत, केपी कण्डवाल, रोशन उपाध्याय, रीना चौहान, भावना जोशी, पुष्पा कलूडा आदि उपस्थित थे।

सीता की खोज में निकली वानर सेना

ऋषिकेश।
श्रीरामलीला कमेटी सुभाष बनखंडी में रामलीला मंचन के 9वें दिन राम-सुग्रीव मित्रता, बाली वध और सीता की खोज तक की लीलाओं का मंचन किया गया। हनुमान अवतरण की लीला आकर्षण का केंद्र रही। श्रीरामलीला कमेटी ने भोग लगाया और श्रद्धालुओं में प्रसाद का वितरण किया।

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राम भेंट के दौरान हनुमान को जब पता चला कि उनके प्रभु राम उनके सामने हैं तो वह खुशी से नाचने लगे। सुग्रीव की सहायता करने को श्रीराम तैयार हो गए। श्रीराम युद्ध के दौरान बाली का वध करते हैं। सुग्रीव राज्य मिलने के बाद सीता माता की खोज के लिए पूरी वानर सेना को लगा देते हैं। श्रीरामलीला मंचन में हनुमान अवतरण पर हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। श्रद्धालुओं ने हनुमान जी की आरती में भाग लिया। इस दौरान विनोद पाल, हरीश तिवाड़ी, सतीश पाल, बालीपाल, अशोक मौर्य, सतपाल, राजेश दिवाकर, पप्पू पाल, राकेश पारछा, दीपक जोशी, प्रशांत पाल, शिव सिंह, राजू कुशवाहा, राजेश साहनी, लोकश कुमार आदि मौजूद रहे।

रावण ने सीता हरण को छल का लिया सहारा

ऋषिकेश।
श्रीरामलीला कमेटी सुभाष बनखण्डी में रामलीला मंचन के 8वें दिन सीता हरण, जटायु मरण और शबरी मिलन की लीलाओं का मंचन किया गया। रामलीला देखने को पंडाल में इन दिनों श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ती जा रही है।
सीता हरण में दिखाया गया कि रावण ने छल पूर्व माता सीता का हरण किया और आकाश मार्ग से लंका की ओर जाने लगा। इस दौरान सीता ने श्रीराम और लक्ष्मण के नाम से मदद की गुहार लगाई। पक्षीराज जटायु ने सीता को बचाने का प्रयास किया। लेकिन रावण के छल का सामना जटायु को भी करना पड़ा। धोखे से रावण ने जटायु के पंख काट डाले। सीता की खोज में वन भटक रहे राम और लक्ष्मण को जटायु ने सीता को रावण द्वारा ले जाने की सूचना दी। और जटायु ने श्रीराम की गोद में प्राण त्याग दिये।

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शबरी मिलन में दिखाया कि श्रीराम ने शबरी का आतिथ्य स्वीकार किया। और प्रेम वश कहीं खट्टे बेर प्रभु को न चले जाये, सोचकर शबरी के झूठे बेर को भी श्रीराम ने प्रसाद समझकर चखा। लक्ष्मण झूठे बेर को श्रीराम की नजरों से बचाकर फेंक देते है। इस दौरान विनोद पाल, हरीश तिवाड़ी, सतीश पाल, बालीपाल, अशोक मौर्य, सतपाल, राजेश दिवाकर, पप्पू पाल, राकेश पारछा, दीपक जोशी, प्रशांत पाल, शिव सिंह, राजू कुशवाहा, राजेश साहनी आदि मौजूद रहे।

परमार्थ निकेतन में स्वरोस्की वाटर स्कूल का उदघाटन

ऋषिकेश।
परमार्थ निकेतन में स्वरोस्की वाटर स्कूल का शुभारंभ हो गया। परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद मुनि महाराज ने कहा कि छात्र देश का भविष्य हैं। वह जल व स्वच्छता के लिए जागरूक रहें। शुभारंभ अवसर पर कैंबिनेट मंत्री प्रीतम सिंह पंवार उपस्थित रहे।
मंगलवार को स्कूल के शुभारंभ अवसर पर स्वरोस्की विद्यालय के छात्रों ने मनमोहक नृत्य, नाटिकाओं की प्रस्तुति दी। परमाध्यक्ष ने कहा कि जल व उसकी स्वच्छता को लेकर प्रत्येक मनुष्य को जागरूक होने की आवश्यकता है। आओ जल को बचाएं हम के नारे को लेकर बच्चों को जागरूक करने की आवश्यकता है। विद्यालय का शुभारंभ इसी उदेश्य से किया गया है। जिससे बच्चों में जल की स्वच्छता को लेकर विभिन्न तौर तरीकों को बताया जाएगा। शहर विकास एवं लघु सिंचाई मंत्री प्रीतम सिंह पंवार ने कहा कि बच्चे आने वाले कल का भविष्य हैं। अगर इनमें प्रकृति एवं जल संरक्षण के प्रति जागरूकता आ गई तो विलक्षण परिवर्तन लाया जा सकता है। इस अवसर पर श्रीमती डोना, नरेंद्र सिंह रावत, राजेंद्र भट्ट आदि उपस्थित रहे।

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प्रभु तुम भवसागर पार कराना, मैं सरयू पार कराऊं

श्रीराम और केवट लीला के दृश्य में भक्ति की बहार बही

ऋषिकेश।
रामलीला प्रागंण में छठें दिन केवट लीला में दिखाया गया कि श्रीराम को सरयू पार करने के लिए केवट से मदद मांगनी पड़ी। केवट ने उनसे आग्रह किया कि प्रभु मैं आपको नदी पार कराता हूं, आप मुझे भवसागर पार करा देना। श्रीराम द्वारा नदी पार कराने की उतराई माता सीता की अगूंठी देने पर केवट ने लेने से मना कर दिया। लेकिन अमानत के तौर पर रखने को कहकर श्रीराम ने वापसी के समय देने को कहा तो केवट मान गया। केवट की भूमिका में गुरुदेव हुकमचंद ने सशक्त अभिनय किया।

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सुमंत के अयोध्या लौटने पर राजा दशरथ को जब पता चला कि श्रीराम, सीता व लक्ष्मण नही लौटे, तो पुत्र वियोग में उन्होंने प्राण त्याग दिये। पूरी अयोध्या में शोक की लहर दौड़ गई। भरत व शत्रुघ्न को ननिहाल से बुलाया गया। दासी मंथरा के कहने पर कैकयी के द्वारा श्रीराम को वनवास सुनकर भरत विचलित हो गये। पिता के प्राण त्यागने पर उन्होंने भी वनवासी वस्त्र धारण किये और श्रीराम को लेने के लिए वन की ओर चल दिये।

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चित्रकूट में भरत विलाप के दृश्य में भरत द्वारा श्रीराम से अयोध्या लौटने का आग्रह किया गया और पिता का समाचार दिया। पिता के वचनों के पालन को श्रीराम ने अयोध्या लौटने से इंकार किया। जिसपर भरत ने उनकी खड़ाऊं को राजगद्दी मानते हुए राजकाज चलाने की जानकारी दी। दो भाईयों के अटूट प्रेम के दृश्य का मंचन देख कई श्रद्धालुओं की आंखें भर आयी।
इस मौके पर रामलीला कमेटी अध्यक्ष विनोद पाल, महामंत्री हरीश तिवाड़ी, सतीश पाल, दीपक जोशी, राकेश पारछा, राजेश साहनी, हरीशचंद्र राही, अशोक मौर्य, प्रशांत पाल, नितीश पाल, पप्पू पाल, राजू कुशवाहा, संजय शर्मा, ललित शर्मा, अनिल धीमान, भारतेन्द्र शंकर पाण्डेय, सुशील, सुभाष पाल, मनोज गर्ग आदि मौजूद रहे।

पिता के वचन निभाने श्रीराम चले वनवास

मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के वनवास जाने का दृश्य देख भाव-विभोर हो उठे दर्शक
ऋषिकेश।
‘रघुकुल रीति सदा चली आई, प्राण जाय पर वचन न जाई’ को चरितार्थ करती बनखंडी की रामलीला। मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम अपने पिता के वचन निभाने के लिए 14 वर्ष का वनवास सहर्ष स्वीकार कर लेते हैं।
श्रीरामलीला कमेटी बनखंडी की ओर से आयोजित रामलीला के पांचवें दिन यह दृश्य देखकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। इससे पहले रानी केकैयी ने राजा दशरथ से दो वचन निभाने को कहा। उन्होंने भरत को राजगद्दी सौंपने के साथ ही श्रीराम को 14 वर्ष का वनवास मांगा तो राजा दशरथ यह कटु सत्य स्वीकार नहीं कर पाए। लेकिन, जब श्रीराम को यह जानकारी मिलती है तो वह वनवास जाने के लिए तैयार हो जाते हैं। उनकी पत्नी सीता और छोटे भाई लक्ष्मण भी श्रीराम के साथ चलने के लिए कहते हैं। इसके बाद श्रीराम अपने पिता दशरथ से आज्ञा मांगते हैं और श्रीराम के वनवास जाते ही अयोध्यावासी शोकाकुल हो जाते हैं। इस मौके पर कमेटी अध्यक्ष विनोद पाल, महामंत्री हरीश तिवाड़ी, सतीश पाल, दीपक जोशी, राकेश पारछा, पवन गोयल, सतीश दुबे, रोहिताश पाल, हुकमचंद, मोनू पाल, राकेश पाल, मनोज गर्ग, मनमीत कुमार, मनोज जैन, मिलन कुमार, संजय आदि मौजूद रहे।

धूम सिंह रावत का गढ़वाली एलबम ‘पदमा’ लांच

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री दिनेश धनै ने की लांचिंग
यू-ट्यूब चैनल पर देख सकते हैं एलबम के गीत कों

ऋषिकेश।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री दिनेश धनै ने गायक धूम सिंह रावत के गढ़वाली एलबम ‘पदमा’ के गीतों को लांच किया। इन गीतों को यू-ट्यूब चैनल पर देखा जा सकता है। उन्होंने लोक गीतों को बढ़ावा देने की अपील की।
ऋषिकेश प्रेस क्लब में रविवार को आयोजित कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री दिनेश धनै ने कहा कि आज हमारी भाषा बोली विलुप्त होने की कगार पर खड़ी है। युवा पीढ़ी अपनी भाषा-बोली नहीं बोल रहे। केवल लोक गीतों के माध्यम से ही पहाड़ की बोली जिंदा है। उन्होंने पहाड़ के लोगों से बोली-भाषा को बढ़ावा देने की अपील की। कैबिनेट मंत्री दिनेश धनै ने कहा कि राज्य की बोली-भाषा को लेकर सरकार प्रयास कर रही है। सामूहिक प्रयास से ही सफलता मिल सकती है। कहा कि उत्तराखंड फिल्म बोर्ड का गठन किया जा चुका है, लेकिन राजनीतिक कारणों से विवाद हो रहा है। गढ़वाल फिल्मों के निर्देशक बलदेव राणा ने कहा कि जन सहयोग से ही क्षेत्रीय फिल्मों और नाटकों को सफलता मिल सकती है।

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कार्यक्रम का संचालन डॉ. राजे नेगी ने किया। इस मौके पर कमल सिंह राणा, जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर रामगिरी महाराज, प्रतीक यादव, उत्तम सिंह असवाल, जगत सिंह रावत, विक्रम नेगी, लक्ष्मण सिंह धर्मशक्तु, वीरेन्द्र नौटियाल, रवि कुकरेती, कलम सिंह बिष्ट, राजा ढिंगरा आदि मौजूद रहे। उधर, कैबिनेट मंत्री ने चारधाम यात्रा को लेकर संतोष जताया। कहा कि इस वर्ष अब तक साढ़े 13 लाख श्रद्धालु चारधाम यात्रा कर चुके हैं। उन्होंने वर्ष 2012-13 का रिकार्ड तोड़ने की उम्मीद जताई। वहीं, चारधाम यात्रा बस टर्मिनल की समस्याओं के शीघ्र निवारण की बात कही।

बेटी है खुशियों की चाबी, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ

बेटी दिवस के उपलक्ष्य में उड़ान स्कूल में कार्यक्रम का आयोजन
स्लोगन में शोभा, अंकित व आरुषि क्रमश: पहले, दूसरे व तीसरे स्थान में रहे

ऋषिकेश। मायाकुंड स्थित उड़ान स्कूल में बेटी दिवस के उपलक्ष्य में विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। नन्हें बच्चों की प्रस्तुति ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।

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शनिवार को उड़ान स्कूल के नन्हें बच्चों ने बेटी दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में शानदार प्रस्तुति दी। कविता और स्लोगन के माध्यम से बेटी का महत्व समझाया। स्लोगन व कविता में शोभा ने बेटी को बेटा भी कह लेते है की प्रस्तुति देकर पहला स्थान प्राप्त किया। अंकित की प्रस्तुति बेटी है खुशियों की चाबी और आरुषी की पापा कहते है को क्रमश: दूसरा व तीसरा स्थान प्राप्त हुआ। अन्य प्रतियोगिताओं में आंचल, नीलम व आयुष को क्रमश: पहला, दूसरा व तीसरा स्थान प्राप्त हुआ।
वक्ताओं ने बेटी बचाने को लेकर आम जनमानस से अपील की। कहाकि बेटी है तो कल सुरक्षित है। बेटी की खूबियों को भी वक्ताओं ने रखा। कार्यक्रम के उपरान्त लक्ष्मण सिंह धर्मशक्तु ने शेव गल्र्स चाइल्ड की करीब सौ टी-शर्ट वितरित की। मौके पर स्कूल निदेशक डॉ. राजे नेगी, दिव्या, निधि, पूजा, रिचा, रमेश लिंगवाल, राजा ढिगरा आदि मौजूद रहे।

उड़ान स्कूल के बच्चों को बांटी ड्रेस

ऋषिकेश।
अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर उड़ान स्कूल के बच्चों को मिस व मिस्टर उत्तराखंड सौदर्य स्पर्धा के विजेता ख्याति शर्मा और वासु ने ड्रेस वितरित किए। साथ ही त्रिवेणीघाट पर गंगा आरती में हिस्सा लिया।107
चंद्रेश्वरनगर स्थित स्कूल में बच्चों के लोक नृत्य और गीतों की शानदार प्रस्तुति दी। विकास बहुगुणा और अमित रतूड़ी के बैंड की धुनों से समा बांधा। लोकगायक धूम सिंह ने मेरी गजणा गीत सुनाकर खूब तालियां बटौरी। इंडियन मेमोरी चौम्पियन प्रतीक यादव ने मेमोरी बढ़ाने के टिप्स दिए। स्कूल के निदेशक डॉ. राजे नेगी और उत्तम सिंह असवाल ने अतिथियों का सम्मान किया। इस अवसर पर राजा ढिंगरा, कमल सिंह, योगेश कुमार, उषा रावत, कुसुम जोशी, एसपी अग्रवाल, उमा देवी, दिव्या सस्सेना, रिचा रावत, सोमन आदि उपस्थित थे।

जुर्माने में पचास पौधे लगाने का दंड


ऋषिकेश।
वीरभद्र स्थित की पर्यावरण संरक्षण समिति ने पेड़ पौंधों को नुकसान पहुंचाने वालों पर पचास पौधे लगाने का दण्ड रखा है।
वीरभद्र संस्थान परिसर को हराभरा रखने के लिये पर्यावरण संरक्षण समिति प्रतिवर्ष सैकडों पौधों का रोपण करती है। लेकिन गुजर्रों के पशु संस्थान परिसर में प्रवेश कर पौधों को नुकसान पहुंचा जाते हैं। लेकिन इसके लिए अब समिति ने एक नियम बना दिया है। समिति ने परिसर में लगे पौधों को नुकसान वाले पर पचास पौधे का दण्ड रख दिया है। शनिवार को समिति के लोगों ने परिसर में चारा चुंगा रहे पशुपालकों को पकड़ लिया और उन्हें आईडीपीएल पुलिस चौकी ले आई। पशुपालकों ने समिति के दण्ड को स्वीकार करते हुये रोपे गये पौधों की रक्षा का आश्वासन दिया। कहा कि यदि उनके पशुओं द्वारा पौधों को नुकसान पहुंचाया गया तो वह जुर्मानें के रूप मे पचास पौधों को लगाकर भरपाई करेंगे। इस अवसर पर समिति के सचिव सुनिल कुटलेहडिया, राजेश राईटर, वासुदेव, नरेश पंत, जयपाल त्यागी, महावीर चमोली , दीपक रावत, अमित जयसवाल, राजेश राजपूत मुस्तफा, रिजवान आदि उपस्थित रहे।