मुख्य सचिव ने जागेश्वर घाम मास्टर प्लान के संबंध में ली पर्यटन विभाग की बैठक

मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु ने सचिवालय में जागेश्वर धाम मास्टर प्लान के सम्बन्ध में पर्यटन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जागेश्वर धाम के साथ ही आसपास के क्षेत्रों को भी पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाए।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि जागेश्वर धाम मास्टर प्लान में क्षेत्र की यातायात व्यवस्था आने वाले 30-40 सालों के अनुरूप विकसित की जाए। आने वाले समय में जो क्षेत्र बॉटल नेक बन सकते हैं, उन्हें अभी से इस प्रकार से डिजाइन किया जाए कि यातायात बढ़ने के बाद भी जाम की संभावना कम हो। उन्होंने कहा कि आसपास के क्षेत्र में वन क्षेत्र होने के कारण ईको टूरिज्म की संभावनाएं भी तलाशी जाएं, साथ ही बच्चों और युवाओं के अनुरूप ट्रेकिंग आदि की संभावनाएं भी तलाशी जाएं। उन्होंने कहा कि जागेश्वर धाम के पास वृद्ध जागेश्वर क्षेत्र को भी मास्टर प्लान में सम्मिलित करते हुए विकसित किया जाए।
मुख्य सचिव ने प्रदेश भर में ऐसे दर्शनीय स्थलों को भी चिन्हित किए जाने के निर्देश दिए, जहाँ दूरबीन स्थापित की जा सकती है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में ऐसे बहुत से व्यू प्वाइंट हैं जहाँ से हिमालय की पूरी श्रंखला दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में चारधाम यात्रा के दौरान गढ़वाल क्षेत्र में काफी भीड़ होती है, ऐसे में कुमाऊं क्षेत्र विकसित हो जाने के बाद कुमाऊं क्षेत्र के ऐसे धार्मिक और पर्यटक स्थल पर्यटकों के लिए अच्छा विकल्प हो सकते हैं।
इस अवसर पर सचिव सचिन कुर्वे सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

सीएम ने स्व. हेतवती नन्दन बहुगुणा को बताया विलक्षण प्रतिभा का धनी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अल्मोडा में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं पूर्व मुख्यमंत्री स्व. हेमवती नन्दन बहुगुणा की 104वीं जयंती के अवसर पर जनसेवा आधारित बहुद्देशीय शिविर एवं कृषक महोत्सव कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए स्व. हेमवती नन्दन बहुगुणा को विलक्षण प्रतिभा का धनी बताया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 256.75 करोड की विभिन्न विकास योजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। जिसमें 217.75 करोड की योजनाओं का शिलान्यास तथा 39 करोड की योजनाओं का लोकार्पण सामिल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्व. हेमवती नन्दन बहुगुणा का स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आजादी के बाद देश को और विशेष रूप से अविभाजित उत्तर प्रदेश को आगे बढ़ाने में उनका अमूल्य योगदान रहा। उन्होंने अपनी विलक्षण बौद्धिक प्रतिभा के बल पर भारतीय राजनीति में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनायी। अपने राजनैतिक जीवन में स्वर्गीय बहुगुणा जी ने यूपी के मुख्यमंत्री तथा केन्द्र में मंत्री रहते हुए अनेक जन कल्याणकारी योजनाएं प्रारंभ की। वे पहाड़ के ऐसे महान नेता थे जिन्होंने तमाम संवैधानिक पदों पर रहते हुए भी उत्तराखण्ड के विकास और उत्तराखंडियों के हित के लिए अनेक कदम उठाये। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय बहुगुणा जी ने स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद के कई दशकों तक भारत की राजनीति को सकारात्मक रूप से प्रभावित करने का कार्य किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्व. हेमवती नन्दन बहुगुणा का पहाड़ और उत्तराखंड के प्रति अतुलनीय स्नेह था। पहाड़ो के विकास के लिये एक सपना था, एक चिन्तन था। स्व. बहुगुणा ने पहाड़ के विकास के लिए जो सपना देखा था उस सपने को पूर्ण करने के लिये हम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में निरंतर प्रयासरत हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में, आज अभूतपूर्व रूप से भारत का सांस्कृतिक उत्थान हो रहा है। सनातन संस्कृति का परचम विश्व में लहरा रहा है और हमारी आस्था के केन्द्रों का इतिहास और महत्व उसी गौरव के साथ प्रदर्शित किया जा रहा है, जिसके साथ इसे किया जाना चाहिए था।चाहे श्री राम मंदिर का निर्माण हो, बाबा विश्वनाथ मंदिर का अविस्मरणीय पुनरुद्धार हो, केदारपुरी व बद्रीनाथ पुरी का पुनर्निर्माण व सौन्दर्यीकरण हो या हाल ही में राष्ट्र को समर्पित श्री महाकाल लोक हो। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में भारत की अस्मिता के प्रतीकों व सांस्कृतिक धार्मिक- धरोहरों को जिस प्रकार से संरक्षित व संवर्धित किया जा रहा है उसकी शब्दों में व्याख्या संभव नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन बहुत शुभ है क्योंकि आज भगवान केदार के कपाट खुल गए हैं। 2013 की आपदा से क्षतिग्रस्त केदारपुरी का प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में कायाकल्प हुआ है अब हम सबके सामने दिव्य एवं भव्य केदारनाथ मंदिर मौजूद है। यही नही बद्रीनाथ का मास्टर प्लान के तहत विकास हो रहा है। केदारनाथ धाम में रोपवे का भी निर्माण किया जा रहा है। मानसखंड में आने वाले सभी मंदिरों का भी विकास किया जा रहा है, उसका मास्टर प्लान तैयार हो गया है।

उन्होंने कहा कि राज्य में समान नागरिक संहिता के लिए गठित समिति कार्य कर रही है तथा राज्य में इस ड्राफ्ट के तहत कार्य होगा। राज्य में धर्मांतरण को लेकर सख्त कानून बनाया है। नकल विरोधी कानून बनाकर युवाओं के भविष्य को सुरक्षित किया है। युवाओं के भविष्य के प्रति सरकार गंभीर है। नई खेलनीति युवाओं के लिए नए अवसर लाएगी। पर्यटन, उद्योग, सौर ऊर्जा के लिए नई नीति लाई जाएगी। स्वरोजगार को भी प्रोत्साहन देने के लिए नई पोलीहाउस योजना लागू की गयी है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने शहीद सैनिकों के आश्रितों एवं अन्य महत्वपूर्ण कार्य वालों को भी सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अवसर पर जिन जनकल्याणकारी विकास योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया गया है उन योजनाओं के पूर्ण होने पर इस क्षेत्र में विकास के एक नए युग का सूत्रपात होगा। क्योंकि ये सभी योजनाएं स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल और सिंचाई की क्षमता के विकास सहित अन्य जनोपयोगी तथा जनहितकारी क्षेत्रों से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने सभी को विश्वास दिलाया कि जब तक हमारी सरकार उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के अपने “विकल्प रहित संकल्प“ को पूर्ण नहीं कर लेगी तब तक चौन से नहीं बैठेगी। उत्तराखण्ड के समग्र विकास में हम प्राण प्रण से जुटे रहेंगे।
मुख्यमंत्री ने स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के स्टॉलों का भी निरिक्षण किया। स्टॉलों के माध्यम से लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया तथा विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी गई। इस बहुउद्देशीय शिविर में आधार केंद्र, चिकित्सा, कृषि, उद्यान, उद्योग, बाल विकास, सहकारिता, समाज कल्याण समेत अन्य विभागों के माध्यम से बड़ी संख्या में लोगों को लाभान्वित किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कृषि विभाग के किसान रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया तथा किसान महोत्सव का उद्घाटन भी किया। इस शिविर के माध्यम से कृषि विभाग ने किसानों को 40 छोटे एवं 8 बड़े कृषि यंत्र भी प्रदान किए। 4 किसानों को उत्कृष्ठ कार्य हेतु पुरस्कृत किया। 25 आवेदन पीएम किसान सम्मान निधि के प्राप्त किए। 42 लोगों का पीएम किसान सम्मान निधि प्रकरण का निस्तारण किया गया। होम्योपैथी विभाग ने 130 लोगों की स्वास्थ्य जांच की तथा उनको औषधि वितरित की। समाज कल्याण विभाग के माध्यम से 8 लोगों के यूडीआईडी कार्ड बनाए गए। 3 लोगों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराए गए।

इस अवसर पर महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी, पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा, तथा कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य, चंदन रामदास, सौरभ बहुगुणा, सुबोध उनियाल, सांसद अजय टम्टा सहित अन्य गणमान्य लोगों ने स्व बहुगुणा के जीवन पर प्रकाश डालते हुए उनको श्रद्धा सुमन अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

विकास कार्यों की माह में दो बार समीक्षा करने के निर्देश

जिलाधिकारी विकास कार्यों की माह में दो बार समीक्षा अवश्य करें। विधायकगणों के माध्यम से विकास कार्यों के लिए जो भी प्रस्ताव जिलाधिकारियों को प्राप्त होते हैं, उन्हें शासन में भेजने के बाद भी उस पर कार्य प्रगति की शासन से जिलाधिकारी अपडेट भी लेते रहें। जन समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाय। पत्रावलियों के निस्तारण में अनावश्यक विलम्ब न किया जाए और न ही अनावश्यक आपत्ति लगाई जाए। यह निर्देश मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लोकसभा क्षेत्र अल्मोड़ा की विधानसभा क्षेत्रों के समीक्षा के दौरान अधिकारियों को दिये।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जन समस्याओं का तीव्रता से समाधान हो सके, जन प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के मध्य निरंतर संवाद स्थापित हो, इस उद्देश्य से विधानसभावार जनहित के कार्यों की समीक्षा की जा रही है। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि अधिकांश जन समस्याओं का समाधान जनपद स्तर पर किया जाए। आवश्यकता पड़ने पर ही समस्याओं को मण्डल एवं शासन स्तर पर भेजा जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश की विषम भौगोलिक परिस्थितियों के दृष्टिगत अलग-अलग क्षेत्रों की अलग-अलग समस्याएं हैं। अधिकारियों को क्षेत्र विशेष की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कार्य करने होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसखण्ड कॉरिडोर के लिए तेजी से कार्य किये जाएं। उन्होंने कहा कि अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ एवं चम्पावत जनपद को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की अनेक संभावनाएं हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि नालियों की सफाई एवं झाड़ी कटान का कार्य नियमित हो, इसके लिए अभियान के तहत कार्य किये जाएं। मुख्यमंत्री घोषणाओं एवं स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर बनाने के लिए अलग से समीक्षा की जायेगी। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के कार्यों में और तेजी लाई जाए। जटिल प्रक्रियाओं के सरलीकरण की दिशा में लगातार प्रयास किये जाएं। प्रक्रियाओं के सरलीकरण के लिए विभागों द्वारा क्या कार्य किये गये हैं, इसकी भी जल्द समीक्षा की जायेगी।
बैठक में विधायकगणों द्वारा सड़कों के निर्माण एवं सुधारीकरण, पुल निर्माण के कार्य, विशेषज्ञ चिकित्सकों की आवश्यकता, बाढ़ नियंत्रण से संबधित कार्य एवं क्षेत्र की अन्य समस्याओं से अवगत कराया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विधायकगणों द्वारा जो भी समस्याएं रखी गई हैं, अधिकारी इन समस्याओं का त्वरित निवारण का प्रयास करें।
बैठक में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या, चन्दन रामदास, सांसद अजय टम्टा, विधायक डीडीहाट विशन सिंह चुफाल, गंगोलीहाट फकीर राम, कपकोट सुरेश गढ़िया, रानीखेत प्रमोद नेनवाल, सल्ट महेश जीना, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, नितेश झा, रणजीत सिन्हा, एच. सी, सेमवाल, अपर सचिव रणवीर सिंह चौहान, विनीत कुमार, उदयराज, योगेन्द्र यादव, नवनीत पाण्डेय, जगदीश चन्द्र काण्डपाल, वर्चुअल माध्यम से कुमांऊ कमिश्नर दीपक रावत, संबंधित जिलाधिकारी एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

वीडियों का संज्ञान लेकर सीएम ने दिए निर्देश, तो पुलिस टीम बुजुर्ग महिला को लेकर लौटी

कुछ दिन पहले सोशल मीडिया के माध्यम से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के संज्ञान में एक वीडियो आया। जिसमें एक बुजुर्ग महिला मुंबई की सड़क पर फटे हुए कपड़े पहने बैठी थी एवं वीडियो बनाने वाले को बता रही थी कि मैं अल्मोड़ा की रहने वाली हूं वहां मेरा बेटा और बेटी रहते हैं इत्यादि।

मुख्यमंत्री द्वारा उस महिला की खोज कर मुंबई से वापस घर लाने के लिए पुलिस विभाग को निर्देशित किया गया। तदोपरान्त प्रदीप कुमार राय, पुलिस अधीक्षक, अल्मोडा ने तहकीकात की तो पता चला कि वायरल वीडियो में जो माता जी दिख रही हैं। वह हेमा देवी निवासी ग्राम कोटियाग तहसील भिकियासैण जिला अल्मोड़ा हैं। वे मानसिक रूप से विक्षिप्त हैं तथा पिछले 5-6 महीने से लापता हैं। उनकी गुमशुदगी दर्ज नहीं कराई गई है।

अल्मोड़ा पुलिस की एक टीम मुंबई गई और उक्त बुजुर्ग महिला को तलाश कर लिया गया है। अब इनका मेडिकल चेकअप कराकर लाया जा रहा है। बुजुर्ग महिला के मिल जानें पर मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए पुलिस टीम को बधाई दी है।

सीएम के निर्देश पर माता जी को खोजने अल्मोड़ा पुलिस मुंबई हुई रवाना

मुंबई की सड़कों पर दर-बदर की ठोकरें खा रही अल्मोड़ा निवासी एक बुजुर्ग महिला का सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर मुख्यमंत्री ने उक्त बुजुर्ग महिला को खोजने के निर्देश अल्मोड़ा पुलिस को दिए हैं। अल्मोड़ा के एसपी प्रदीप राय ने बुजुर्ग महिला की तलाश हेतु एक टीम को मुंबई रवाना कर दिया है।
सोशल मीडिया के माध्यम से मुख्यमंत्री के संज्ञान में एक वीडियो आया जिसमें एक बुजुर्ग महिला मुंबई की सड़क पर फटे हुए कपड़े पहने बैठी थी एवं वीडियो बनाने वाले को बता रही थी कि “मैं अल्मोडा की रहने वाली हूं, वहां मेरा बेटा और बेटी रहते हैं इत्यादि। मुख्यमंत्री द्वारा उस महिला की खोज कर मुंबई से वापस घर लाने के लिए पुलिस विभाग को निर्देशित किया गया। प्रदीप कुमार राय, पुलिस अधीक्षक, अल्मोडा ने तहकीकात की तो पता चला कि वायरल वीडियो में जो माता जी दिख रही हैं, वह श्रीमती हेमा देवी निवासी ग्राम कोटियाग तहसील भिकियासैण जिला अल्मोडा हैं। वे मानसिक रूप से विक्षिप्त हैं तथा पिछले 5-6 महीने से लापता हैं। उनकी गुमशुदगी दर्ज नहीं कराई गई है। माता जी के 4 पुत्र व एक पुत्री होना ज्ञात हुआ है जिसमें से 2 पुत्र दिवंगत हो गए हैं। एक बेटा महेंद्र सिंह ग्राम देवरापाणी भदरोज खान के पास रहता है, दूसरा बेटा राम सिंह दिव्यांग है तथा पुत्री अपनी ससुराल में हैं।
उन्होंने बताया कि अल्मोड़ा पुलिस की एक टीम मुंबई रवाना हो गई है। जिसने वीडियो बनाया था, उनसे सम्पर्क हुआ है तथा माता जी की खोजबीन जारी है। शीघ्र ही हमारी टीम माता जी को लेकर अल्मोडा वापस आ जाएगी। यदि उनके परिवार वाले देखभाल में असमर्थ होंगे, तो उन्हें अल्मोडा के नारी निकेतन में सम्मानपूर्वक भेजा जायेगा।

एनसीसी कैडेट्स के साथ सीएम ने किया उत्तराखंड राज्य श्रेष्ठ राज्य विषय पर संवाद

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज 91.24 लाख रुपए की लागत से मॉल रोड अल्मोड़ा स्थित राजकीय पुस्तकालय का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने एन0सी0सी0 कैडटस् तथा अन्य प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं के साथ ‘‘उत्तराखण्ड राज्य श्रेष्ठ राज्य‘‘ विषय पर संवाद किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजकीय पुस्तकाल भ्रमण के दौरान वहॉ आये छात्र-छात्राओं से उनके शैक्षिक अनुभवों के बारे में चर्चा की तथा पुस्तकालय के संसाधनों को बारे में फीडबैक भी प्राप्त किया। इस दौरान उन्होंने टाटा के सीएसआर मद के माध्यम से रेडक्रास समिति अल्मोड़ा को दी गयी वैक्सीनेशन वैन को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया।

इस दौरान जनपद के प्रभारी मंत्री धन सिंह रावत, कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य, सांसद अजय टम्टा समेत अन्य गणमान्य व्यक्ति तथा जिलाधिकारी वंदना, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रदीप कुमार राय, सीडीओ अंशुल सिंह समेत अन्य उपस्थित थे।

मोदी कर रहे भारत की संस्कृति और सभ्यता को बचाने का कार्य-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मल्ला महल, अल्मोड़ा में आयोजित आजीविका महोत्सव सांस्कृतिक संध्या कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने दृष्टिबाधित बालिका नेहा के लोकगीत गाने पर प्रोत्साहन धनराशि भी प्रदान की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य की सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा में लोक संस्कृति की विभिन्न झलक देखने से ही बनती है। अल्मोड़ा जिले में हमेशा से ही लोक संस्कृति को बचाने का कार्य हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की संस्कृति एवं सभ्यता को बचाने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा केन्द्र सरकार के नेतृत्व में राज्य सरकार मानसखण्ड कारिडोर मिशन पर कार्य कर रही है जिसके अन्तर्गत पौराणिक मन्दिरों एवं धार्मिक स्थलों का संरक्षण कर इन्हें आपस में जोड़ने पर कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार लोक संस्कृति के संरक्षण एवं लोक विधाओं को आगे बढ़ाने हेतु प्रतिबद्व है। उन्होंने कहा कि हमें संकल्प के तौर पर पलायन को रोकना होगा। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों एवं विभिन्न संस्थानों द्वारा बनाये जा रहे सभी स्थानीय उत्पादों को राज्य सरकार एक मंच उपलब्ध करायेगी जिससे इन उत्पादों को देश के साथ ही विदेशों में पहचान मिल सके। इस कार्यक्रम में राजस्थानी लोक कलाकारों, श्रीनगर से आयी पाण्डावास टीम द्वारा रंगारंग सुन्दर प्रस्तुत दी गयी।
इस दौरान कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री डा0 धन सिंह रावत, केबिनेट मंत्री रेखा आर्या, सांसद अजय टम्टा, भाजपा जिलाध्यक्ष रमेश बहुगुणा, विधायक अल्मोड़ा मनोज तिवारी, विधायक कपकोट सुरेश गड़िया, जिलाधिकारी वन्दना, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रदीप कुमार राय, मुख्य विकास अधिकारी अंशुल सिंह सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

महिला संगठनो और स्वयं सहायता समूहों के साथ सीएम का संवाद

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को हवालबाग, अल्मोड़ा में ’मुख्य सेवक आपके द्वार’ कार्यक्रम के अंतर्गत महिला संगठनो एवं स्वयं सहायता समूहों के साथ संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने समाज कल्याण विभाग के सहयोग से दिव्यांगजनों को 3 व्हील चेयर वितरित की तथा वन विभाग द्वारा लीस रॉयल्टी के 8 करोड़ के डमी चेक भी वितरित किए।
मुख्यमंत्री ने महिला कृषक समूह के सदस्यों, खेल से जुड़े युवाओं, नव उद्यमियों, कृषकों एवं विभिन्न समाज सेवियों से भी संवाद किया। इस संवाद के दौरान कुल 29 आवेदन पत्र/सुझाव प्राप्त हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के विकास की हम सबकी यह सामूहिक यात्रा है। हम सभी के सुझावों एवं विचारों का संज्ञान लेकर आगे बढ़ रह हैं। जनता की समस्याओं का त्वरित निस्तारण हो इसके लिये शासन एवं जिला स्तरीय अधिकारियों को तत्परता के साथ कार्यवाही के निर्देश दिये गये हैं।
मुख्यमंत्री ने महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा किये जा रहे उत्पादन कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वोकल फॉर लोकल का जिक्र करते हुए देशवासियों से आग्रह किया कि जहां भी जाएं एक संकल्प करें कि यात्रा पर जितना भी खर्च करते हैं उसका कम से कम 5 प्रतिशत वहां के स्थानीय उत्पाद खरीदने पर खर्च करें। इससे राज्य के उत्पादों को बढ़ावा मिलने के साथ देश व दुनिया में उनकी पहचान भी बनेगी। मुख्यमंत्री ने जनपद की स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से कहा कि वे जनपद की अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार से जुड़ने के लिए प्रेरित करें।
इस दौरान कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री डा0 धन सिंह रावत, केबिनेट मंत्री रेखा आर्या, सांसद अजय टम्टा, भाजपा जिलाध्यक्ष रमेश बहुगुणा, जिलाधिकारी वन्दना, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रदीप कुमार राय एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

जनपद अल्मोड़ा हमारी सांस्कृतिक चेतना का ध्वजवाहक- मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को हवालबाग, अल्मोड़ा में आयोजित आजीविका महोत्सव में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने 298 करोड़ की 37 विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया, जिनमें 39 करोड़ लागत की 20 योजनाओं का लोकार्पण एवं 259 करोड़ की 17 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर अल्मोड़ा के ऐतिहासिक पटाल बाजार को प्राचीन स्वरूप में चरणबद्व तरीके से पुनः विकसित किए जाने, महिला चिकित्सालय अल्मोड़ा का जीर्णाेद्वार किए जाने, राजकीय चिकित्सालय रानीखेत में एन0आई0सी0यू0 यूनिट, सी0टी0 स्कैन मशीन, एम0आर0आई0 मशीन स्थापित किए जाने, विकासखण्ड धौलादेवी के गुणादित्य में बच्चों के लिए मिनी स्टेडियम का निर्माण कार्य किए जाने, सोमेश्वर में पौराणिक मन्दिर जयन्ती जंयतकोट में विद्युतीकरण का कार्य किए जाने, अटल उत्कृष्ट राजकीय इण्टर कालेज का नाम शहीद बिशन सिंह बोरा के नाम पर किए जाने, द्वाराहाट में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में मानकानुसार अवस्थापना सुविधाओं का विकास किए जाने, विकासखण्ड चौखुटिया में गढ़स्यारी तोक गंगोलिया क्षेत्र में मोबाईल टॉवर स्थापित किए जाने, सल्ट विधानसभा क्षेत्र में शिव मन्दिर भिकियासैंण का निर्माण कार्य एवं सौन्दर्यकरण कार्य किए जाने, मनिला फारेस्ट बंगले का पुर्ननिर्माण व आधुनिकरण किए जाने, द्वाराहाट में मिल्टा मार्ग का पुर्ननिर्माण कार्य किए जाने एवं सोमेश्वर में सुनियाकोट-सोनकोटुली मोटर मार्ग का कार्य किए जाने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने रूरल बिजनेस इनक्यूबेटर (आर0बी0आई0) में आयोजित कार्यशाला में प्रतिभाग कर उद्यमियों से चर्चा की। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित साइकिल रैली को भी हरी झण्डी दिखाकर रवाना करने के साथ ही विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत 21.83 करोड़ का लोन सांकेतिक रूप से वितरित किया एवं हिलांस द्वारा निर्मित मंडुवा डोसा, इडली का शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड पर्यटन प्रदेश है। यदि किसी को उत्तराखंड की सांस्कृतिक विशिष्टता को भली भांति समझना हो तो एक बार उसे अवश्य अल्मोड़ा में कुछ समय बिताना चाहिए, पिछले वर्ष से आयोजित हो रहा यह आजीविका महोत्सव अपने-आप में विशिष्ट है, क्योंकि इसका स्वरूप जहां एक ओर मेले जैसा है वहीं यह व्यापारिक और स्वरोजगार के क्षेत्र में कार्य कर रहे युवाओं को अपने कार्य का प्रदर्शन करने का एक मंच भी प्रदान करता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश का संपूर्ण विकास केवल तभी संभव है, जब सरकार के साथ-साथ प्रदेश का प्रत्येक नागरिक भी अपने-अपने दायित्वों का भली भांति निर्वहन करे। ऐतिहासिक नगरी अल्मोड़ा का प्रत्येक नागरिक अपने सामाजिक दायित्वों से भलीभांति परिचित हैं। उन्होंने कहा हमारी सरकार भी हर क्षेत्र में लगातार अपने कर्तव्यों का पालन सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है। हम राज्य के लोगों को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज के आधुनिक युग में भी प्रत्येक उत्तराखंडी अपनी संस्कृति से जुड़ा हुआ है और मेरा मानना है कि अल्मोड़ा जिला इस सांस्कृतिक चेतना का ध्वजवाहक है। उन्होंने कहा आज का यह महोत्सव, अपनी जड़ों से जुड़े रहने की हमारी इसी जिद को प्रदर्शन कर रहा है। पिछले वर्ष हमारी सरकार ने इस महोत्सव के माध्यम से लोन मेला आयोजित कर यहां के युवाओं को टर्म लोन देने का काम प्रारंभ किया था, जिसके अच्छे परिणाम सामने आए। इसके साथ ही हमने पिछले वर्ष जो कुमाऊँ मण्डल के पहले रूरल बिजनेस इनक्यूबेटर का लोकार्पण किया था, वो भी आज स्वरोजगार के क्षेत्र में युवाओं को प्रोत्साहित करने का कार्य कर रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज के समय में भारत की पुरातन संस्कृति व खोए हुए वैभव को पुनर्स्थापित करने का कार्य यदि किसी ने किया है तो वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही हैं। उन्होंने कहा अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर के निर्माण का कार्य हो, काशी में विश्वनाथ कॉरिडोर जैसे जटिल कार्य को सफल बनाने का कार्य हो, उज्जैन में महाकाल लोक की स्थापना हो या केदारपुरी और बद्रीकापुरी का पुनर्निर्माण करने का कार्य हो, यह सब प्रधानमंत्री मोदी के प्रेरणादाई व कुशल नेतृत्व में ही संभव हो पाया हैं। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री का हमारी देवभूमि के प्रति विशेष लगाव रहा है, और इसे राज्य में केंद्र सरकार द्वारा संचालित विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से समझा जा सकता है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमारी सरकार ने पिछले 5 वर्षों में अल्मोड़ा में लगभग 931 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को पूर्ण कराया है। वर्तमान में यहां के विकास के लिए 5 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले 559 करोड़ के कार्य प्रगति पर हैं। इसके साथ ही 5 करोड़ रुपये से कम लागत वाले 223 करोड़ के कार्य भी गतिमान हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार पलायन जैसी वृहद समस्या के निराकरण के लिए भी निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा इकोनॉमी और इकोलॉजी के अंतर्गत हम प्रदेश के समुचित विकास के साथ ही यहां के प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए भी प्रतिबद्ध हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आजीविका महोत्सव परिसर में विभिन्न विभागों एवं स्वयं सहायता समूह द्वारा लगाए गए स्टालों का भी अवलोकन किया।
इस दौरान कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री डा0 धन सिंह रावत, कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या, सांसद अजय टम्टा, विधायक अल्मोड़ा मनोज तिवारी, विधायक सल्ट महेश जीना, विधायक रानीखेत प्रमोद नैनवाल, विधायक जागेश्वर मोहन सिंह माहरा, महिला आयोग उपाध्यक्ष ज्योति शाह मिश्रा, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष कैलाश शर्मा, पूर्व विधायक रघुनाथ सिंह चौहान, ब्लॉक प्रमुख हवालबाग बबीता भाकुनी, जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष ललित लटवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष रमेश बहुगुणा, जिलाधिकारी वन्दना, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रदीप कुमार राय एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

पंत ने कुली बेगार प्रथा और जमींदारी उन्मूलन के निर्णायक संघर्ष में निभाई अहम भूमिका-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सर्वे चौक स्थित आई.आर.डी.टी. सभागार में भारत रत्न पं. गोविन्द बल्लभ पंत के 135 वें जन्मदिन समारोह कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने पं. गोविन्द बल्लभ पंत के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पं. गोविन्द बल्लभ पंत महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, समाजसेवी एवं कुशल प्रशासक थे। उन्होंने देश को नई दिशा देने के साथ ही कुली बेगार प्रथा तथा जमींदारी उन्मूलन के लिए निर्णायक संघर्ष कर समाज में व्याप्त बुराइयों को मिटाने में अहम भूमिका निभाई। देश की आजादी से पूर्व एवं देश की आजादी के बाद भी उन्होंने देश सेवा के लिए जो कार्य किये, वे सभी कार्य हमें हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरणा देते रहेंगे। उन्होंने अपना पूरा जीवन समाज सेवा के लिए समर्पित किया। हिन्दी को राजभाषा का दर्जा दिलाने में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पं. गोविन्द बल्लभ पंत का पहाड़ के प्रति विशेष लगाव था। जीवन में तमाम समस्याओं के बावजूद भी वे अपने कर्तव्य पथ से कभी पीछे नहीं हटे। उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री एवं भारत के गृह मंत्री के महत्वपूर्ण दायित्व उनके पास रहे। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड के ऐसे महान सपूत से प्रेरणा लेकर हमें आगे बढ़ना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड युवा राज्य है। 2025 में हम उत्तराखण्ड राज्य की स्थापना की रजत जयंती मनायेंगे। तब तक उत्तराखण्ड हर क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में हो, इसके लिए सबको मिलकर प्रयास करने होंगे। हमें विकल्प रहित संकल्प के साथ आगे बढ़ना होगा।
पूर्व मुख्यमंत्री एवं हरिद्वार सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि पं. गोविंद बल्लभ पंत ने देश की आजादी के लिए पूरा जीवन खपाया। उन्होंने पहाड़ के विकास एवं संस्कृति के संरक्षण का कार्य किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड देवभूमि के साथ वीरभूमि भी है। पं. गोविंद बल्लभ पंत जैसे क्रांतिकारी इसी देवभूमि में पैदा हुए। डॉ. निशंक ने कहा कि भारत रत्न पं. गोविंद बल्लभ पंत ने जो रास्ता दिखाया, उससे प्रेरणा लेकर हमें आगे बढ़ना होगा। वे देवभूमि उत्तराखण्ड के गौरव एवं सम्मान हैं। उन्होंने कहा आज देश ज्ञान-विज्ञान अनुसंधान के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
इस अवसर पर विधायक खजान दास, मैती आन्दोलन के प्रणेता पद्मश्री कल्याण सिंह रावत, दीप्ति रावत भारद्वाज, श्री राकेश डोभाल एवं अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।