टनकपुर में नदी में हो रहे भू कटाव का सीएम ने जायजा लेकर दिए निर्देश

दो दिवसीय दौर पर सीएम पुष्कर सिंह धामी चंपावत गए हुए है। दो दिवसीय दौरे के दूसरे दिन सीएम ने अधिकारियों के साथ कई जगहों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कई अहम निर्देश भी अधिकारियों को दिए।

आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने टनकपुर के बूम स्थित शारदा घाट का औचक निरीक्षण किया एवं नदी से हो रहे भूमि कटाव का जायजा लिया। इस दौरान मुख्यमंत्री द्वारा अधिकारियों को नदी से हो रहे कटाव रोकने हेतु तत्काल कार्रवाई करने की दिशा निर्देश दिए।
साथ ही उन्होंने स्थानीय लोगों की समस्या सुन मौके पर मुख्य सचिव से फोन में वार्ता कर शारदा नदी के बहाव को दूसरी दिशा में मोड़ने पर होने वाले चैनेलाइजेशन एवं तटबंद दीवारों के निर्माण जैसे कार्यों को शासन स्तर से जल्द मंजूरी दिलाए जाने एवं संबंधित अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने हेतु निर्देशित किया।
इस दौरान विधायक चंपावत कैलाश गहतोड़ी, जिलाधिकारी विनीत तोमर, एसपी देवेन्द्र पींचा, बीजेपी जिलाध्यक्ष दीप पाठक मौजूद रहे।

सरकार ने पर्यावरण मित्रों का एक दिन का मानदेय किया 500 रूपये

सरकार ने पर्यावरण मित्रों का एक दिन का मानदेय बढ़ाकर 500 रुपए कर दिया है। उन्होंने कहा की नए बजट में सरकार ने गरीब परिवारो हेतु एक साल में तीन सिलेंडर मुफ़्त देने का वादा किया है, जो पूरा किया जाएगा। यह बात आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चंपावत दौरे के दौरान कही।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज दो दिवसीय चंपावत दौरे पर पहुंचे। चंपावत के बनबसा स्टेडियम में पहुंचे धामी ने जनसभा को संबोधित करते हुए मां पूर्णागिरी की धरती को नमन किया। उन्होंने भारी संख्या में मौजूद जनता का अभिनंदन किया। उन्होंने बनबसा स्टेडियम को खेल विभाग के अंतर्गत किए जाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की घोषणा की। जिससे इसका विकास हो सके एवं खेलों में जनपद के युवाओं को मौका मिले।

सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि शारदा नदी किनारे बसे इस शहर में पूर्णागिरी मैया के दर्शन करने आया हूं। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश लगातार नए कीर्तिमान रच रहा है। उन्होंने कहा उत्तराखंड की जनता ने भी एक नया इतिहास रचा है। हमारी सरकार जनता की भावनाओं को समझते हुए कल्याणकारी कदम उठाएगी। सरकार जन जन तक पहुंचकर उनके विकास को लेकर संकल्पित है।

उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में देश निरंतर आगे बढ़ रहा है। इसी मार्गदर्शन में उत्तराखंड का भी विकास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि टनकपुर से सितारगंज तक पूरी चार लेन सड़क का सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। पर्वतमाला योजना के तहत राज्य के प्रमुख धार्मिक स्थलों को रोपवे सुविधा से जोड़ा जाएगा।

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार विकल्प रहित संकल्प के ध्येय वाक्य पर काम कर रही है। सरकार की प्राथमिकता है कि जो घोषणा पूर्व में की गई हैं उनके शासनादेश भी जारी हो। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड से विशेष लगाव है। उनके नेतृत्व में यह दशक उत्तराखंड का दशक होगा। अपनी रजत जयंती के अवसर पर उत्तराखंड देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य होगा। हमारा राज्य हर क्षेत्र में आगे इसके लिए सरकार निरंतर विकास कार्य करेगी।

इस दौरान विधायक चंपावत कैलाश गहतोड़ी, कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत, आईजी अजय रौतेला, डीआईजी नीलेश आनंद भरणे, जिलाधिकारी विनीत तोमर, एसपी देवेन्द्र पींचा, बीजेपी जिलाध्यक्ष दीप पाठक आदि मौजूद रहे।

सीएम ने चंपावत जिले में हुई दुर्घटना में जताया शोक

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चम्पावत जनपद में सुखीढांग-डांडा-मीनार मार्ग पर हुए वाहन दुर्घटना में मृतकों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्माओं की शांति एवं शोक संतप्त परिजनों को धैर्य प्रदान करने की ईश्वर से कामना की है।

मुख्यमंत्री ने स्थानीय प्रशासन को राहत एवं बचाव कार्यों को पूर्ण तत्परता के साथ करने एवं घायलों के शीघ्र उपचार करने के निर्देश दिए हैं।

चंपावत के राइंका सूखढांग में भोजन माता प्रकरण की जांच करे डीआईजी कुमांयूः सीएम


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने डीआईजी कुमांयू डॉ. नीलेश आनन्द भरणे को निर्देश दिये कि चम्पावत जनपद के राजकीय इण्टर कॉलेज सूखीढ़ांग में भोजन माता प्रकरण की जाँच करवाकर दोषियों के खिलाफ सख्त कारवाई करे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में दुष्प्रचार करने वालों पर भी निगरानी रखी जाय। डीआईजी कुमांयू द्वारा मौके पर जाकर पूरे मामले की जांच की जायेगी।

बता दें कि जीआईसी सूखीढांग में भोजनमाता के रिटायरमेंट के बाद नवंबर माह में एक भोजन माता की नियुक्ति हुई थी। ज्वाइनिंग से पहले उसे हटा दिया और विद्यालय प्रशासन ने दिसंबर माह के पहले हफ्ते दूसरी नियुक्त कर दी। इस बीच कुछ अवांछनीय तत्व सक्रिय हो गए और कुछ बच्चों ने स्कूल में मिड डे मिल का बना खाना छोड़ दिया।

सीएम धामी ने डीआईजी कुमाऊं नीलेश आनंद भरणे को मौके पर जाकर इस मामले की जांच के निर्देश दिए। कहा कि जो भी तत्व माहौल खराब कर रहे हैं, उन पर निगरानी रख कार्रवाई की जाए। उधर, डीआईजी भरणे ने बताया कि तीन-तीन भोजन माताओं की नियुक्ति से यह भ्रांति पैदा हुई है। मामले की जांच कराई जा रही है।

सीएम ने लिया आध्यात्मिक गुरु प्रेम सुगंध से आशीर्वाद

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को चम्पावत स्थित नखुडा (खरही) में साक्षी फाउंडेशन के आध्यात्मिक गुरु प्रेम सुगंध से उनके साधना केंद्र पर जाकर भेंट कर आशीर्वाद लिया।
इस अवसर पर मीडिया से वार्ता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखण्ड के मध्य 21 सालों से जो मामले लंबित पड़े थे, उन सब पर सहमति बन गई है। इसके लिए उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त किया। दोनों राज्यों के बीच परिवहन, सिंचाई, आवास, पर्यटन तथा लंबित परिसम्पतियों के सम्बन्ध में महत्वपूर्ण बैठक हुई, सभी मामलों पर दोनों राज्यों की सहमति बनी।
इस दौरान सांसद अजय टम्टा, विधायक पूरण फर्त्याल, जिलाधिकारी चम्पावत विनीत तोमर भी उपस्थित रहे।

चंपावत पहुंचे सीएम, पीड़ित परिवारों को बधांया ढ़ाढंस

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज आपदा प्रभावित जनपद चम्पावत में हालात का जायजा लिया। उन्होंने चम्पावत के तेलवाडा में जाकर आपदा में मृतकों के परिजनों से मिलकर उनके प्रति संवेदना व्यक्ति की। मुख्यमंत्री ने दिवंगतों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना भी की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार उनकी पीड़ा को समझती है तथा इस मुश्किल घड़ी में सरकार पीड़ितों एवं आम जनमानस के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से पीड़ितों को हर संभव मदद दी जाएगी। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि जनपद में आपदा प्रभावितों को जल्द से जल्द मुवावजे देने की कार्रवाई पूरी की जाए।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने सर्किट हाउस में समस्त जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने कहा कि राहत एवं बचाव कार्यों में लापरवाही ना बरती जाए तथा कहा कि बचाव व राहत कार्यों में तेजी से काम किया जाएं।
उन्होंने निर्देश दिए कि शीघ्र, अति शीघ्र आपदा प्रभावित इलाकों में राशन व्यवस्था समेत मूलभूत आवश्यकताओं की व्यवस्था की जाए। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि आपदा से निपटने के लिए उपकरणों की आवश्यकता है तो क्रय कर लिए जाएं। उन्होंने निर्देश दिए की जिन परिवारों को विस्थापित किया जाना है, उनके लिए स्थान का जल्द से जल्द चयन कर उन्हें विस्थापित की जाने की कार्रवाई जल्द से जल्द की जाए। कहा की युद्ध स्तर पर कार्य करें। उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों का भू सर्वेक्षण किया जाए। जिसमे एडीएम को उसका नोडल अधिकारी बनाया जाए। प्रशासन को निर्देश दिए कि आपदा ग्रस्त लोगों को हर सम्भव सहयोग दिया जाए।
उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए कि जनपद में संचार, सड़क, बिजली तथा पानी जैसी मूलभूत आवश्यकताओं समेत सभी व्यवस्थाओं को जल्द से जल्द दुरुस्त किया जाए।
जिलाधिकारी विनीत तोमर ने जनपद में राहत कार्यों के बारे में जानकारी दी। इस दौरे पर मुख्यमंत्री के साथ आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, विधायक पूरण फर्त्याल, कैलाश गहतोड़ी तथा स्थानीय जनप्रतिनिधि समेत अन्य मौजूद रहे।

दो दिन से लगातार अतिवृष्टि से प्रभावित लोगों की बीच मौजूद हैं मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी राज्य के अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों में पूरे समर्पित भाव से जनता के बीच मौजूद हैं। लगातार दूसरे दिन पीड़ितों के बीच पहुंचकर उन्होंने राहत और बचाव कार्य का जायजा लिया। तूफानी दौरा कर वह हर उस स्थान पर पहुंच रहे हैं जहां के लोगों पर प्रकृति ने कहर बरपाया है। जब हल्द्वानी से मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर टेक ऑफ नहीं कर पाया तो समय जाया किए बगैर वह सड़क मार्ग से ही प्रभावित इलाकों के लिए निकल पड़े। कई बार उन्होंने ट्रैक्टर में बैठकर भी निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री से प्रेरित होकर समूची सरकारी मशीनरी चौबीस घण्टे एक्टिव मोड में है। इधर, मुसीबत की इस घड़ी में मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर पीड़ित जनता राहत महसूस कर रही है।
सैनिक पुत्र धामी में दैवीय आपदा से जूझने में सेना के जवान वाला जज्बा देखने को मिल रहा है। रात-दिन तूफानी दौरे, त्वरित फैसले और कड़क मॉनिटरिंग से युवा मुख्यमंत्री ने अपने कौशल का परिचय दिया है। बीते 17 और 18 अक्टूबर को आई मूसलाधार बारिश ने उत्तराखण्ड के कई जिलों में तबाही मचा दी। प्रभावित इलाकों में युद्धस्तर पर बचाव और राहत कार्य चलाया जा रहा है। सेना के तीन हेलीकॉप्टर भी इस मिशन में जुटे हुए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं ग्राउंड जीरो पर उतर कर बचाव और राहत कार्य की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
बीते मंगलवार को उन्होंने गढ़वाल मण्डल के प्रभावित स्थानों में जाकर अपना दौरा शुरू किया जो अब कुमाऊं मण्डल में जारी रहा। पीड़ित जनता से मिलकर मुख्यमंत्री लगातार उनका हौसला बढ़ा रहे हैं। रेस्क्यू अभियान की खुद अगुवाई करके उन्होंने पूरे ’सरकारी सिस्टम’ को राहत के काम में झोंक रखा है।
मंगलवार की देर रात तक प्रभावित लोगों दुख-दर्द बांटने के बाद बुधवार की सुबह हल्द्वानी में उन्होंने ’जनता दरबार’ लगाया और स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनीं। अधिकांश समस्याओं का ’एट दि स्पॉट’ समाधान किया गया। अधिकारियों को सख्त हिदायत दी गई है कि आपदा प्रभावित लोगों की हर संभव मदद की जाए। उनकी समस्या का समाधान किया जाए और आवश्यक जरूरतें पूरी की जाएं। जनता दरबार के बाद मुख्यमंत्री प्रभावित क्षेत्रों के लिए निकले पर हल्द्वानी में उनका हेलीकॉप्टर टेक ऑफ नहीं हो पाया। मुख्यमंत्री सड़क मार्ग से ही चले गए। रुद्रपुर, काशीपुर, हल्द्वानी व आसपास के तमाम क्षेत्रों का उन्होंने सघन भ्रमण किया।
मुख्यमंत्री ने खटीमा के बाढग्रस्त प्रतापपुर व नौसर में ट्रेक्टर द्वारा पहुंचकर बाढ़ पीड़ित लोगों का हाल चाल जाना व किसानों से वार्ता की। उन्होने किसानो से कहा कि सरकार द्वारा हर सम्भव सहयोग किया जायेगा। इसके बाद मुख्यमंत्री बण्डियां सत्रहमील होते हुये खटीमा में मेलाघाट रोड स्थित रेलवे कांसिग के पास दुकानदारों से मिलकर उनका हाल चाल जाना। तद्पश्चात उन्होंने मेलाघाट रोड स्थित पकड़िया में स्थानीय लोगों से मुलाकात की। अपना घरबार व फसल गंवा चुके लोगों से मिलकर उन्हें ढाढस बंधाया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि आपदा से हुए नुकसान का अतिशीघ्र आंकलन पर प्रभावितों को उचित मुआवजा दिया जाए। जो लोग बेघर हो गए हैं उनके आवास और भोजन की व्यवस्था की जाए। जिलाधिकारियों को बचाव व राहत अभियान की कमान अपने हाथ में लेने और हर घण्टे इसकी प्रगति से अपडेट रहने को कहा गया है।
खटीमा के पश्चात् मुख्यमंत्री ने चंपावत एवं तल्ला रामगढ़ के आपदाग्रस्त क्षेत्रों का हवाई व स्थलीय निरीक्षण तथा भिकियासैंण का हवाई निरीक्षण करने के पश्चात् अतिवृष्टि से क्षेत्र में हुई हानि का ब्यौरा लिया।
मुख्यमंत्री के साथ राज्य के आपदा प्रबंधन मंत्री डा. धन सिंह रावत, केन्द्रीय रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट और शासन-प्रशासन के उच्च अधिकारी मौजूद रहे।

भारतीय सेना के जवानों ने रेस्क्यू कर बचाई 313 लोगों की जान

उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र में भारी वर्षा के कारण मची तबाही के बीच सेना के जवान देवदूत बनकर राहत बचाव कार्य में जुटे हुए हैं। मंगलवार को सेना के जवानों ने टनकपुर और नैनीताल से 313 लोगों का रेस्क्यू करते हुए सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। इसमें महिलाओं के अलावा छोटे बच्चे भी शामिल थे। देहरादून स्थित उत्तराखंड सब एरिया मुख्यालय से सेना के विशेष अभियान की जानकारी साझा की गई। प्रेस को जारी विज्ञप्ति में बताया गया कि भारी बारिश के कारण काली नदी टकनपुर में जल स्तर बढ़ गया। मंगलवार को इस नदी में बाढ़ आ गई। सेना ने तत्काल सुबह साढ़े आठ बजे मुख्यालय उत्तराखंड उप क्षेत्र और उत्तर भारत क्षेत्र के तत्वावधान में पंचशूल ब्रिगेड की जम्मू-कश्मीर लाइट इन्फैंट्री से दो बाढ़ राहत कॉलम जुटाए। इसके बाद टनकपुर के शारदा घाट गांव और अंबेडकर नगर गांव में राहत बचाव अभियान चलाया गया। करीब चार घंटे ये अभियान चला। इस दौरान 283 ग्रामीणों को बचाया गया। इसमें 89 पुरुष, 139 महिलाएं और 55 बच्चे शामिल थे। जम्मू और कश्मीर लाइट इन्फैंट्री के अतिरिक्त बचाव कॉलम किसी भी अप्रत्याशित आकस्मिकता से निपटने और नागरिक प्रशासन को आगे की सहायता के लिए बनबासा सैन्य स्टेशन पर स्टैंडबाय पर रखे गए हैं।
सेना के जवानों ने तल्लीताल नैनीताल में भी रेस्क्यू अभियान चलाया। यहां भी अचानक पानी बढ़ने और तेज बहाव के कारण कई दुकानदार अपनी-अपनी दुकानों में फंस गए। नैनीताल प्रशासन ने सहायता के लिए अनुरोध किया और सेना मौके पर पहुंच गई। पंचशूल ब्रिगेड की निगरानी और लक्ष्य प्राप्ति बैटरी से एक बाढ़ राहत कॉलम पंचशूल ब्रिगेड, मुख्यालय उत्तराखंड उप क्षेत्र और उत्तर भारत क्षेत्र के तत्वावधान में नैनीताल के तल्लीताल में बचाव अभियान चलाया गया। यहां छह घंटों में 30 लोगों को बचाया गया। इसमें दो बच्चे भी शामिल हैं। किसी भी अप्रत्याशित आकस्मिकता से निपटने के लिए नैनीताल मिलिट्री स्टेशन पर जवानों को मुस्तैद रखा गया है।

टनकपुर-बागेश्वर नई ब्राडगेज रेल लाईन के फाईनल लोकेशन सर्वे के लिए 28.95 करोड़ मंजूर

रेल मंत्रालय द्वारा टनकपुर-बागेश्वर नई ब्राडगेज रेल लाईन के फाईनल लोकेशन सर्वे को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि रेल लाईन बनने से क्षेत्र में विकासात्मक गतिविधियां बढेंगी और लोगों को काफी सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का उत्तराखण्ड से विशेष लगाव है। उनके कार्यकाल में उत्तराखण्ड में उल्लेखनीय विकास कार्य हुए हैं। विशेष तौर पर कनेक्टीवीटी के क्षेत्र में चारधाम सङक परियोजना, ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल परियोजना। एयर कनेक्टीवीटी में ऐतिहासिक काम हुए हैं या गतिमान हैं। इससे आने वाले समय में उत्तराखण्ड की आर्थिकी में क्रांतिकारी परिवर्तन आएंगे।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री और रेल मंत्री से नई दिल्ली में भेंट के दौरान विशेष रूप से 154.58 किमी की टनकपुर-बागेश्वर नई ब्राडगेज रेल लाईन के फाईनल लोकेशन सर्वे का अनुरोध किया था। इसी क्रम में इसे मंजूरी दी गई है। फाईनल लोकेशन सर्वे के लिए 28.95 करोड़ रूपए की भी स्वीकृति दी गई है।

4275.48 लाख रुपये की लागत से टनकपुर में हुआ योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद चम्पावत के टनकपुर क्षेत्र भ्रमण के दौरान कुल 4275.48 लाख रुपये की 17 योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। उन्होंने गांधी मैदान नगर पालिका टनकपुर में 3851.98 लाख रुपये लागत की 14 योजनाओं का लोकार्पण और 423.50 लाख रुपये लागत की 03 योजनाओं का शिलान्यास किया।

लोकार्पण
मुख्यमंत्री ने 320.00 लाख रुपये की लागत से बने विशेष सहायता योजना के अंतर्गत चंपावत शहर के आंतरिक मार्गों का बिटुमिनस कंक्रीट द्वारा पेवमेन्ट की सतह सुधार का कार्य, 160.17 लाख रुपये की लागत से बने एन. कोविड 19 की रोकथाम हेतु उप जिला चिकित्सालय टनकपुर में 4 बेड का आईसीयू, इमरजेंसी वार्ड एवं ऑक्सीजन पाइप लाइन का निर्माण, 100.45 लाख रुपए की लागत से बने फायर स्टेशन टनकपुर में आवासीय/अनावासीय भवनों का निर्माण कार्य, 189.52 लाख लागत के चम्पावत में ईवीएम और वीवीपीएटी गोदाम का निर्माण, 54.31 लाख के जीआईसी सुखिढांग में साइंस लेब, आर्ट क्राफ्ट कक्ष लाइब्रेरी कक्ष का निर्माण, 70.36 लाख के जीएसएस नीड़ में साइंस लेब, आर्ट क्राफ्ट रूम, लाइब्रेरी, कक्षा कक्ष का निर्माण, 70.95 लाख के जीआईसी दियुरी में साइंस लेब, कंप्यूटर कक्ष, आर्ट एवं क्राफ्ट रूम तथा लाइब्रेरी का निर्माण, 60.48 लाख के जीएचएस पल्सों में साइंस लेब, कंप्यूटर कक्ष एवं अतिरिक्त कक्षा कक्ष का निर्माण, 50.00 लाख से पूर्णागिरि मेले में समस्त अवस्थापना सुविधा तथा रास्ते शौचालय, तथा साइनेज आदि का कार्य, 78.50 लाख के जिला ऑडिटोरियम चम्पावत के अवशेष कार्य एवं अग्निशमन उपकरणों की स्थापना, 2073.35 लाख बने डॉ एपीजे अब्दुल कलाम प्रौद्योगिकी संस्थान टनकपुर एकेडमीक ब्लॉक 01, 195.47 लाख के राजकीय औद्योगिक संस्थान तल्ला देश चम्पावत, 89.11 लाख के ग्राम छिनीगोठ एवम भैंसाजाला में 02 सं. मिनी नलकूप निर्माण की योजना, 339.31 लाख की नरसिंहडांडा-गुरेली मो.मा. किमी 7 से कनयूड़ा-बड़पास मोटर मार्ग ( नचहतंकमजपवद ) समदहजी 5 किमी योजनाओं का लोकार्पण किया।

शिलान्यास
मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत जनपद चम्पावत के अंतर्गत 13 डिस्ट्रिक्ट 13 डेस्टिनेशन योजना के अंतर्गत सीलिंगटाक में स्थित टी- टूरिज्म हट की कुल धनराशि 105.50 लाख से मरम्मत व्यू पॉइंट कैफेटेरिया टिकट हाउस तथा फेंसिंग कार्य, 98.00 लाख की जनपद चम्पावत के विकासखंड चम्पावत में ग्राम खि़रद्वारी में 01 संख्या सोलर चलित लिफ्ट सिंचाई योजना का निर्माण, भारतीय स्टेट बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) चम्पावत के भवन निर्माण लागत 220.00 लाख का शिलान्यास किया।

घोषणाएं
इस दौरान मुख्यमंत्री ने कई योजनाओं की घोषणाएं भी की। बनबसा में गैस एजेंसी का खोला जाना, क्वेरेला नदी के दाएं पार्श्व पर स्थित ग्राम झालाकूड़ी की सुरक्षा हेतु बाढ़ सुरक्षा योजना, शारदा नदी के दाएं एवं बाये पार्श्व में ग्राम कोठौल एवं किचौल की सुरक्षा हेतु बाढ़ सुरक्षा हेतु बाढ़ सुरक्षा योजना, शारदा नदी के दाएं पार्श्व में घस्यारामण्डी बस्ती में शारदा नदी के किनारे बाढ़ सुरक्षा योजना, ग्राम उचौलीगोट मैं शारदा नदी के दाएं पाशर्व पर स्नान घाट का निर्माण, चम्पावत-ढकना-मौरलेख-मल्लधामिसौंन-खेतीखान मोटर मार्ग का निर्माण, हिंगला देवी मोटर मार्ग का पुनर्निर्माण एवं सुधारी करण कार्य, कालूखान-गुरौली मोटर मार्ग, जमीन की व्यवस्था हो जाने पर बनबसा में सिडकुल का निर्माण शीघ्र प्रारम्भ किया जाएगा, चम्पावत-खेतीखान 5 किमी पैदल मार्ग का निर्माण, टनकपुर में नवनिर्मित ट्रामा सेंटर में नए फनीचर आदि की व्यवस्था कर उसे संचालित किया जाएगा, ग्राम प्रधानों का मानदेय रुपये 1500 से बढ़ाकर 3500 किया जाएगा तथा ग्राम प्रधानों को 10000 रुपये की आकस्मिक निधि व्यय करने की अनुमति दी जायेगी, 500 पंचायत घरों के निर्माण के लिए 20 करोड़ रुपये की धनराशि अवमुक्त की जाएगी के अन्य विकास कार्याे की घोषणा की।

जनसमस्याओं का निस्तारण
इस अवसर पर लगभग 160 से अधिक जन समस्याओं का पंजीकरण हुआ, जिनके निस्तारण के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार सरलीकरण, समाधान व निस्तारण इन तीन बिंदुओं पर कार्य कर रही हैं। उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो कार्य जिस स्तर का हो उसका निस्तारण उसी स्तर पर करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि यदि बेवजह शिकायतें उच्च स्तर पर आएगी तो सम्बन्धित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार इस प्रकार की कार्यप्रणाली से कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि हम उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ प्रदेश बनाना चाहते हैं ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखंड प्रदेश को ख्याति प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में निरन्तर प्रदेश का चहुमुँखी हो रहा है।
इस दौरान सांसद अजय टम्टा, विधायक चम्पावत कैलाश गहतोड़ी, आयुक्त कुमाऊ सुशील कुमार, आईजी कुमाऊ अजय रौतेला, जिलाधिकारी विनीत तोमर, पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष टनकपुर विपिन कुमार, भाजपा जिलाध्यक्ष दीप चंद्र पाठक आदि उपस्थित रहे।