62 राजकीय इंटर कॉलेज में आधुनिक टेक्नोलॉजी युक्त 220 कंप्यूटर स्थापित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय से पिटकुल द्वारा सीएसआर मद के अन्तर्गत प्रदान की जा रही कम्प्यूटर ऑन व्हील वाहन का फ्लैग ऑफ किया। मुख्यमंत्री की प्रेरणा से पिटकुल द्वारा शिक्षा की गुणवत्ता के प्रसार के लिए चंपावत जनपद के 62 राजकीय इंटर कॉलेज में 110 लाख रुपये की लागत से आधुनिक टेक्नोलॉजी युक्त 220 कंप्यूटर स्थापित किए गये हैं। मुख्यमंत्री ने शिक्षा की बेहतरी एवं छात्रों के व्यापक हित में ऐसे प्रयासों की सराहना की।
प्रबंध निदेशक पी.सी. ध्यानी ने बताया कि पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन ने रचनात्मक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक मोबाइल कंप्यूटर वाहन का निर्माण कराया है जिसमें उच्च गुणवत्ता के 10 आधुनिक कंप्यूटर लगे हैं। आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित इस वाहन के 1 वर्ष के संचालन का व्यय भी पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन प्रदान कर रहा है। मोबाइल कंप्यूटर वाहन के निर्माण से लेकर संचालन का कुल खर्च 45 लाख पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन ने अपने सीएसआर मद से प्रदान किया है। इस प्रकार कुल एक करोड़ पचपन लाख रूपये सी एस आर मद के अन्तर्गत व्यय किये गये हैं।
इस अवसर पर पिटकुल की अध्यक्षा एवं अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव ऊर्जा आर. मीनाक्षी सुन्दरम, निदेशक परियोजना नीरज टम्टा, मुख्य अभियंता एच एस ह्यांकी, इला पंत, अधीक्षण अभियंता डी पी सिंह, पंकज चौहान आदि उपस्थित रहे।

मां वाराही धाम के प्रसिद्ध बगवाल मेले में सीएम ने किया प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज चंपावत जिले के देवीधुरा स्थित मां वाराही धाम में लगने वाले प्रसिद्ध बगवाल मेले में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने माँ वाराही मंदिर में विधि विधान से पूजा अर्चना कर राज्य की खुशहाली की कामना की एवं मां वाराही धाम में चार खाम सात थोक के बीच खेले जाने वाले प्रसिद्ध पाषाण युद्ध के साक्षी बने।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह स्थान आध्यात्मिक रूप से जितना समृद्ध है प्राकृतिक रूप से उतना ही अधिक मनोरम है। इस अलौकिक भूमि का न केवल ऐतिहासिक महत्व रहा है बल्कि इस क्षेत्र का पौराणिक महत्व भी किसी से छिपा नहीं है। उन्होंने कहा कि संस्कृति की महानता के विषय में आम लोगों को जागृत करने का काम हमारे ऐतिहासिक मेले करते हैं और बगवाल का यह ऐतिहासिक मेला भी इसी का एक अनुपम उदाहरण है। इस प्रकार के मेले से हमारी लोक संस्कृति और लोक परंपराओं को बढ़ावा देने के साथ-साथ हमारे लोक कलाकारों को भी बढ़ावा मिलता है। इस विरासत को संभाले रखना हम सभी का परम कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि मेले हमारे समाज को जोड़ने तथा हमारी प्राचीन संस्कृति और परंपराओं के बारे में नई पीढ़ी को जागरूक करने में भी अपनी अहम भूमिका निभाते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश में एक सशक्त नेतृत्व वाली सरकार है, जिसके साथ दुनिया का हर देश खड़ा होने को आतुर है। एक ओर जहां हमारा देश जी-20 जैसे शक्तिशाली समूह की अध्यक्षता कर रहा है वहीं संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थाई सीट के लिए अनेक देश भारत का समर्थन भी कर रहे हैं। आज दुनिया के देश भारतीय नीतियों का अनुसरण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में देश एक विश्व शक्ति व विश्व गुरु की ओर अग्रसर है। प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन पर चलकर प्रदेश सरकार भी उत्तराखंड में धार्मिक स्थलों के पुनर्निर्माण और अस्मिता को बचाने के लिए कृत संकल्पित है। सरकार केदारनाथ खंड की भांति कुमाऊं में मानस खंड कॉरिडोर बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं, जिसके अंतर्गत कुमाऊं क्षेत्र के सभी प्राचीन मंदिरों का विकास किया जा रहा है। मानसखंड मंदिर माला के अंतर्गत चंपावत के लगभग सभी मंदिर भी शामिल हैं।

इससे पूर्व देवीधुरा आगमन पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मेला स्थल में लगाए गए विभिन्न विभागों के सरकारी स्टालों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से जानकारी लेते हुए निर्देश दिये कि प्रत्येक जनमानस तक सरकार की विभिन्न विकास योजनाओं का लाभ पहुंचे। उन्होंने सभी अधिकारियों से तत्परता से कार्य करने के लिये कहा।

गुरुवार को पाटी ब्लॉक के मां बाराही धाम देवीधुरा खोलीखांड डुवाचौड़ मैदान पर सुबह प्रधान पुजारी द्वारा पूजा अर्चना की गई। एक-एक कर सभी चारों खामों तथा सात थोक के बगवालियों का आगमन हुआ। सबसे पहले सफेद पगड़ी में वालिक खाम ने मंदिर में प्रवेश किया। उसके बाद गुलाबी पगड़ी पहने चम्याल खाम ने प्रवेश किया। उसके बाद गहड़वाल खाम ने मंदिर में प्रवेश किया। सबसे आखरी में पीली पगड़ी पहने लमगड़िया खाम ने प्रवेश किया। सभी खामों के प्रवेश के बाद प्रधान पुजारी द्वारा मंदिर से शंखनाद किया गया जिसके बाद बगवाल शुरू हुई। बगवाल शुरू होते ही माँ के जयकारों से पूरा खोलीखाण दुवाचौड़ मैदान के साथ पूरा मंदिर गुंजियमान हो गया। पीठाचार्य पंडित श्री कीर्ति बल्लभ जोशी का कहना है कि फल फूलों से चार खाम और सात थोकों के बीच खेली जाने वाली यह बगवाल देखने वालों के लिए भी फलदाई है। उन्होंने बताया कि इस बार 10 क्विंटल से अधिक फलों से बगवाल खेली गई।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अनेक घोषणांए की। जिसमें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पाटी का उच्चीकरण-मानकों का परिक्षण कर टाइप ए से टाइप बी में किया जाएगा। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवीधुरा में सुविधाओं का उच्चीकरण, एम्बुलेंस की तैनाती, व आवासीय परिसर का सुधारीकरण किया जाएगा। नगर पंचायत पाटी की स्थापना की जाएगी। कालसन ठाठा मोटर मार्ग से बनोली सुदर्का ठाठा मार्ग का सुधारीकरण किया जाएगा। देवीधुरा मेला बगवाल हेतु यथोचित धनराशि दी जाएगी। चौड़ाख्याली सीम मोटर मार्ग, पनियां रीठाखाल मोटर मार्ग 02 किमी का निर्माण किया जाएगा। भींगराड़ा मंदिर स्थल का सौन्दर्यकरण किया जाएगा। मेरौली से करौली मोटर मार्ग सुधारीकरण व मेरौली में रतिया नदी में पुल निर्माण किया जाएगा। तुंगीधार सकदेना टाकबलवाड़ी अ0जा0 बस्ती में 3 किमी सड़क के निर्माण के साथ ही ज्योसुड़ा से निलोटी से क्विडागांव 02 किमी मोटरमार्ग का निर्माण किया जाएगा।

इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी ने भी मां बाराही के दर्शन कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की तथा जनता को संबोधित किया।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष ज्योति राय, भाजपा जिलाध्यक्ष निर्मल मेहरा, ब्लॉक प्रमुख सुमनता, पूर्व विधायक पूरन सिंह फर्त्याल, बाराही मंदिर समिति संरक्षक लक्ष्मण सिंह लमगड़िया, जिलाधिकारी नवनीत पांडे, पुलिस अधिक्षक देवेन्द्र पींचा सहित विभिन्न क्षेत्रों से आये जनप्रतिनिधि आदि उपस्थित थे।

चंपावत में बड़ी संख्या में महिलाओं ने मुख्यमंत्री को बांधा रक्षा सूत्र

प्रदेश की नारी शक्ति अपने कार्यों व आत्मविश्वास के बल पर आत्मनिर्भर बनकर अन्य को भी आर्थिक व सामाजिक रूप से सशक्त बना रही है। आज मातृशक्ति हर क्षेत्र में प्रतिनिधित्व कर देश का नाम विश्व पटल पर अंकित कर रही है। यह बात मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद चंपावत के बिरगुल क्षेत्र के रामलीला मैदान दुबचौड़ा लधौली में आयोजित रक्षाबंधन कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुये कहीं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी को रक्षाबंधन की बधाइयां व शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में आई महिलाओं ने मुख्यमंत्री को रक्षासूत्र भेंट कर उनकी दीर्घायु की कामना की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में सभी को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि रक्षाबंधन कार्यक्रम में आशीर्वाद देने आई बहनों का मैं हृदय की गहराइयों से विशेष धन्यवाद करता हूं, जो आपने मुझे अपने भाई के रूप में इतना स्नेह दिया। यह त्यौहार भाई बहन के पवित्र रिश्ते का प्रतीक है, साथ ही रक्षाबंधन महिलाओं के सम्मान के साथ-साथ पौराणिक एवं सांस्कृतिक महत्व का पर्व भी है। उन्होंने महिलाओं व बहनों को उनकी रक्षा करने के साथ ही उनके हितों के लिए कार्य करने का आश्वासन दिया। साथ ही प्रदेश में जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुंचाने की बात कही।

मुख्यमंत्री ने जनपद की स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा हस्तनिर्मित पिरूल, ऐपण, सूत व अन्य स्थानीय उत्पादों से बनाई गई राखियों व अन्य निर्मित उत्पादों की सराहना की। उन्होंने कहा कि हमारे जनपद की माताएं व बहने ‘वोकल फॉर लोकल’ को चरितार्थ कर जहां स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा दे रही है, वहीं अन्य स्थानीय महिलाओं को भी रोजगार उपलब्ध कराकर सराहनीय कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए महिला स्वयं सहायता समूहों को 05 लाख रूपये तक का ब्याज मुक्त ऋण सरकार द्वारा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को मजबूत बनाने के लिए राज्य में ‘महिला सशक्त बहना उत्सव योजना’ शुरू की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण की दिशा में अनेक कार्य हो रहे हैं। उनके नेतृत्व में देश में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान चलाया गया। इस बार का यह पर्व हमारे लिये और भी महत्वपूर्ण है। चन्द्रयान-3 के सफल प्रक्षेपण व सफल लेंडिंग पर पूरे विश्व ने भारत का लोहा माना हैं। जिसमें माताओं व बहनों का विशेष योगदान रहा हैं उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा रक्षाबंधन पर्व पर महिलाओं को रसोई गैस में 200 रुपये जबकि उज्वला योजना के तहत 400 रुपये की कटौती की गई है जिसका सीधा लाभ लगभग 33 करोड़ महिलाओं व उनके परिजनों को मिलेगा। प्रधानमंत्री जी द्वारा चलाई जा रही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का उद्देश्य अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति को भी मुख्यधारा में जोड़ने का है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चंपावत जिले को उत्तराखंड का अग्रणी जिला बनाने के लिए अनेकों विकास कार्य किए जा रहे हैं। महिलाओं के उत्थान व सशक्तिकरण के लिए सरकार द्वारा अनेक योजनाएं संचालित की गई हैं, इन योजनाओं से आज महिलाओं को उनके उत्पादों का बेहतर बाजार व मूल्य मिल रहा है। मुख्यमंत्री सशक्त बहिना उत्सव योजना लागू होने के बाद प्रदेश में इनके 50 लाख रूपये से अधिक उत्पादों की बिक्री हो गई है। चंपावत जिले को सभी क्षेत्रों में आगे ले जाने हेतु विशेष परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। जिसके तहत साहसिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए सितंबर मांह में टनकपुर में राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने क्षेत्र के विकास हेतु कुल 12 घोषणाएं की। जिसमें केदारनाथ किमाड़ के अंतर्गत आने वाली सड़क का नाम शिक्षाविद/स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पंडित घनश्याम शास्त्री के नाम से करने की घोषणा की। इसके अतिरिक्त राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिरगुल को इंटरमीडिएट में उच्चीकृत किए जाने, टाकखनदक-करौली मोटर मार्ग का डामरीकरण व सुधारीकरण किए जाने, हनुमान मंदिर एड़ी मेला स्थल लधौली का सौंदर्यीकरण किए जाने, कीमौटा-रिखाड़ी मोटर मार्ग का निर्माण किए जाने, बालातड़ी के गोलचोरा बैंड से खरही के मटखानी तक मोटर मार्ग का निर्माण किए जाने, चमतोला से ओलना मोटर मार्ग का निर्माण किए जाने, रामलीला मंच दुबचौड़ा हेतु यथाचित डीपीआर बनाकर धनराशि दिए जाने, एड़ी फटक शिला मंदिर सड़क (1.5 किमी) का डामरीकरण किए जाने, फुटलिंग मेला स्थल का सौन्दर्यकरण किए जाने, रा०ई०का० दुबचौड़ा में विज्ञान वर्ग की स्वीकृति और इसी विद्यालय का नाम शहीद विक्रम सिंह बिष्ट के नाम से किए जाने की घोषणा की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा क्षेत्र के जनसंघ से जुड़े कार्यकर्ता, वीर शहीदों के परिजनों, पूर्व सैनिक व उनकी वीर नारियों को भी सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर गीता पुष्कर धामी, जिला पंचायत अध्यक्ष ज्योति राय, भाजपा जिला अध्यक्ष निर्मल मेहरा, पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पींचा, नोडल अधिकारी मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय केदार सिंह बृजवाल सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री मुकेश कलखुड़िया द्वारा किया गया।

मुख्यमंत्री ने उड़ीसा में रेल हादसे को दुखद बताकर सांस्कृतिक कार्यक्रम और रोड शो किया निरस्त

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उड़ीसा में हुई रेल दुर्घटना को दुखद बताते हुए चंपावत में होने वाले सभी सांस्कृतिक कार्यक्रम और रोड शो को किया निरस्त।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चम्पावत विधायक के तौर पर एक साल का कार्यकाल पूरा होने पर चम्पावत वासियों को 50.54 करोड़ की 42 विभिन्न विकास योजनाओं की सौगात दी। इस दौरान जनता से संवाद करते हुए मख्यमंत्री ने कहा कि चम्पावत व प्रदेश के विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। आदर्श चम्पावत की राह आदर्श उत्तराखंड की तरफ जाएगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने चम्पावत के विकास के लिए 14 लोक महत्व की महत्वपूर्ण घोषणाएं भी की।

मुख्यमंत्री ने जिन विकास योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया उनमें जनपद चम्पावत विधानसभा हेतु 9 करोड़ 82 लाख 89 हजार की तीन विकास योजनाओं का लोकार्पण तथा 23 करोड़ 45 लाख 29 हजार की 28 विकास योजनाओं का शिलान्यास शामिल है। इसमें लोहाघाट विधानसभा की 16.81 करोड़ की 10 योजनाओं का शिलान्यास तथा 45 लाख लागत की एक विकास योजना का लोकार्पण भी शामिल है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सरकार द्वारा चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं से सम्बंधित विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण कर सभी स्टालों पर उपस्थित उद्यमियों, अग्रणी व प्रगतिशील किसानों, स्वयं सहायता समूह आदि का उत्साहवर्धन कर सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कृषि, कृषि उत्पादों,नवाचारों, उद्यमों को बढ़वा दिया जा रहा है। विभिन्न योजनाएं संचालित कर सीधा लाभ लाभार्थियों तक पहुंच रहा है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री द्वारा सूचना एवं लोक सम्पर्क विभाग, देहरादून द्वारा प्रकाशित विकास पुस्तिका व आदर्श चम्पावत की ओर बढ़ते कदम कलेंडर तथा जनपद चम्पावत की विकास पुस्तिका का विमोचन किया तथा उत्तराखंड भवन एवं अन्य सनिर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड चम्पावत के कैम्प कार्यालय का भी शुभारंभ किया।

इस अवसर पर बड़ी संख्या में उपस्थित क्षेत्रीय जनता का अभिवादन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हम विकल्प रहित संकल्प के साथ उत्तराखण्ड को देश का सर्वश्रेष्ठ प्रदेश की बनाने की ओर अग्रसर है। श्रेष्ठ जनपद, श्रेष्ठ राज्य की परिकल्पना के तहत जनपद चम्पावत को आदर्श चम्पावत बनाया जा रहा है। उन्होंने चम्पावत उप-चुनाव की ऐतिहासिक विजय की वर्षगांठ के अवसर पर न्याय के देवता भगवान गोल्ज्यू की पवित्र व ऐतिहासिक भूमि चंपावत की समस्त देवतुल्य जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आप सभी के स्नेह, आशीर्वाद एवं सहयोग के कारण ही उन्हें विधानसभा में ऐतिहासिक नगरी चंपावत की आवाज बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस एक वर्ष के कालखण्ड में उत्तराखण्ड के समग्र विकास के साथ ही चम्पावत को विकास की दृष्टि से प्रदेश का आदर्श एवं अग्रणी जनपद बनाने के लिए एक मजबूत आधार तैयार किया किया जा चुका है, जिस पर आने वाले वर्षों में विकास की एक शक्तिशाली इमारत तैयार की जाएगी। जनपद चम्पावत हेतु लोक निर्माण विभाग, पेयजल विभाग, सिंचाई विभाग सहित विभिन्न विभागों की जिन लोकार्पण व शिलान्यास किया गया है इन सभी योजनाओं के पूर्ण होने के बाद चंपावत में एक नए युग का सूत्रपात होगा। उन्होंने कहा कि श्रम विभाग के अधीन बीओसीडब्ल्यू बोर्ड द्वारा संचालित योजनाओं के माध्यम से एक वर्ष में करीब दो करोड़ रुपए से अधिक की सहायता राशि भी करीब 510 लाभार्थियों को प्रदान की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चम्पावत की जनता के आशीर्वाद के कारण आज हमारा राज्य “एक श्रेष्ठ राज्य“ व हमारा जनपद चंपावत “एक आदर्श जिला“ बनने की राह पर अग्रसर है। पिछला विधानसभा चुनाव कई अर्थों में ऐतिहासिक था क्योंकि उत्तराखंड की राजनीति में यह पहला अवसर था जब जनता-जनार्दन ने किसी एक दल को दोबारा सेवा का अवसर प्रदान दिया। एक साल पहले उपचुनाव में मिली जीत… हमारी नहीं चंपावत और इस प्रदेश की जनता की अपनी जीत थी, उसके द्वारा देखे गए विकास के सपने की जीत थी।

उन्होंने कहा कि आज उत्तराखंड के विकास की नई कहानी उत्तराखंड की जनता स्वयं लिख रही है। इस एक वर्ष के दौरान, हमने हर क्षण यह प्रयास किया है कि जितनी भी प्रदेश के सामने चुनौतियां हैं उन सभी का समाधान निकाला जाए और राज्य को विकास के पथ पर आगे बढ़ाया जाए। उत्तराखंड को विकसित राज्य बनाने का जो “विकल्प रहित संकल्प“ लेकर हम चल रहे हैं उसके कुछ पड़ाव हमने पार कर लिए हैं पर अभी कई पड़ाव पार करने बाकी हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे युगदृष्टा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आशीर्वाद से उत्तराखण्ड की देवतुल्य जनता के जीवन को सुखमय बनाने के यज्ञ को पूर्णता प्रदान करने के लिए राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगाठ तक चंपावत जिला शिक्षा, स्वास्थ्य, बागवानी, कृषि, पर्यटन, जैसे विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़े इसके लिए हम पूर्ण मनोयोग से कार्य कर रहे हैं। चम्पावत के प्रत्येक गांव में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं संचार जैसी मूलभूत सुविधायें पहुंचे इसके लिए भौगोलिक आधार पर विभिन्न योजनाएं तैयार कर उन्हें धरातल पर लाने का प्रयास किया जा रहा है। चम्पावत के समग्र विकास तथा आम जनता की सुख – सुविधा के लिये चम्पावत में मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय की स्थापना भी की गई है,जिससे आप लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान निकाला जा रहा हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2021 में आदरणीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बाबा केदारनाथ की पवित्र भूमि से कहा था कि “इक्कसवीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखण्ड का दशक होगा“। इसके लिए उनकी सरकार निरंतर, पूर्ण मनोयोग के साथ कार्य कर रही है। अंत्योदय परिवारों को तीन गैस सिलेंडर देने हों, प्रदेश की महिलाओं के लिये क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था को लागू करना हो, समान नागरिक आचार संहिता का मसौदा तैयार करना हो, जबरन धर्मांतरण पर रोक के लिये कानून बनाना हो, लैंड जिहाद और लव जिहाद को रोकने के लिए उठाए गए कड़े कदम हों, देश का सबसे कड़ा नकल विरोधी कानून बनाना हो, आंदोलनकारियों को आरक्षण देना हो, या फिर हाल ही में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे प्रदेश के विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति के लिए उठाए गए कदम हों, हमने इन सभी महत्वपूर्ण कार्यों को धरातल पर उतारने का प्रयास किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चम्पावत जनपद वीरों की भूमि है और यहां पूरे उत्तराखंड की भांति ही लगभग प्रत्येक परिवार से कोई न कोई सदस्य सेना और अर्धसैनिक बलों में कार्यरत है,आज के इस अवसर पर आपका यह मुख्य सेवक जो एक सैनिक पुत्र भी है,आपको यह विश्वास दिलाता है कि मोदी के नेतृत्व वाली हमारी सरकार आपके हितों के लिए भी निरंतर प्रयास करती रहेगी। इस एक वर्ष के दौरान कई बाधाएं भी हमारे सामने आई, लेकिन सभी बाधाओं को दूर कर हमने प्रदेशहित के लिए कार्य करने का जो संकल्प लिया है जब तक उस संकल्प को पूर्ण नहीं कर देते तब तक हमारा प्रयास जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में केंद्र सरकार द्वारा विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाएं प्रदेश के लिए न केवल स्वीकृत की गई हैं बल्कि इनमें से कई पूर्ण होने की कगार पर भी हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा प्रयास है कि हम जब भी हम कोई नीति बनायें उसमें सम्पूर्ण समाज और प्रत्येक वर्ग के विचारों और आवश्यकताओं का समावेश हो, क्योंकि हमें अपने में परिपूर्ण, उत्तम मॉडल विकसित करना है जिसे अन्य हिमालयी राज्य भी भविष्य में अंगीकार करें और सहर्ष अपनाएं। चंपावत में विकसित किया जा रहा विकास का मॉडल, उत्तराखण्ड समेत अन्य हिमालयी राज्यों का भी प्रतिनिधित्व करेगा और इसे राज्य के अन्य जिलों में भी दोहराया जायेगा।

उन्होंने कहा कि जनपद में लोगों की आजीविका बढाये जाने हेतु दुग्ध उत्पादन, मधु उत्पादन, कृषि, बागवानी, सुगन्धित पौधों और फूलों की खेती, स्थानीय मसालों की खेती,मार्केटिंग और होम स्टे निर्माण आदि को बढ़ावा दिया जा रहा है। टेली मेडिसिन, टेली एजुकेशन, टेली कम्युनिकेशन पर तकनीकी सहायता तथा प्रशिक्षण कार्यक्रमों हेतु विशिष्ट कार्ययोजनायें तैयार की जा रही हैं। चम्पावत को शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी जनपद बनाये जाने के लिए सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय अल्मोड़ा का चम्पावत में कैंपस भी बनाया जा रहा है। जिले के सभी विद्यालय भवनों का जीर्णाेद्धार, सौंदर्यीकरण सहित उनमें आवश्यक सुविधायें उपलब्ध करायी जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि चंपावत जिला नदियों, वनों, धार्मिक व प्राकृतिक स्थलों से आच्छादित है, हमारी सरकार यहाँ की इन्हीं विशिष्ट संभावनाओं को सजाने और संवारने का कार्य कर रही है। यहां स्थित माँ पूर्णागिरी धाम में लाखों दर्शनार्थी और धार्मिक पर्यटक आते हैं। उनकी सुखद यात्रा के लिये भी एक विशिष्ट कार्ययोजना बनायी जा रही हैं। नए उत्तराखण्ड के संकल्प में “साहसिक-पर्यटन“ राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इसके अंर्तगत साहसिक खेलों को बढ़ावा देकर भी इस क्षेत्र को एक नई पहचान दिलाये जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि आज इस अवसर पर मुझे यह बताते हुए अत्यंत हर्ष हो रहा है कि बीएसएनएल की और से पूरे जनपद में 23 मोबाइल टावर लगाए जाएँगे, जिसके बाद पूरा चंपावत 4जी कनेक्टिविटी से जुड़ जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में एक नई कार्य संस्कृति के साथ हमारी सरकार प्रदेश में पूर्ण सुशासन स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। हम हर क्षेत्र में उत्तराखंड को सर्वश्रेष्ठ बनाने के लिए अपने “विकल्प रहित संकल्प“ के मंत्र को आत्मसात करते हुए आगे बढ़ रहे हैं। हम एक और जहां श्रेष्ठ उत्तराखंड निर्माण के लिए संकल्पबद्ध है, वहीं चंपावत को भी श्रेष्ठ बनाने के लिए कृतसंकल्पित हैं। जब तक हम उत्तराखंड के साथ ही चंपावत को भी सर्वश्रेष्ठ जिला नहीं बना देते चौन से नहीं बैठेंगे। क्योंकि श्रेष्ठ उत्तराखंड राज्य बनाने के लिए, श्रेष्ठ चंपावत जिला बनाना भी अत्यंत आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर उड़ीसा के बालासोर में हुई भीषण रेल दुर्घटना में मृतकों के प्रति शोक संवेदना प्रकट करते हुए उनकी आत्मा की शांति के लिए 2 मिनट का मौन भी रखा। मुख्यमंत्री के निर्देश पर इस अवसर पर आयोजित होने वाले सभी सांस्कृतिक कार्यक्रम और रोड शो को निरस्त कर दिया गया।

इससे पूर्व मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने न्याय के देवता श्री गोल्ज्यू महाराज के दर्शन कर जनपद व पूरे प्रदेश की सुख शांति व समृद्धि की कामना की।

इस अवसर पर विभिन्न जन प्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रीय जनता उपस्थित थी।

श्री रीठा साहिब गुरूद्वारा दरबार में मात्था टेक सीएम ने की प्रदेश की खुशहाली की कामना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चम्पावत में सिखों के प्रमुख तीर्थ स्थल गुरुद्वारा श्री रीठा साहिब में जोड़ मेले का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री के श्री रीठा साहिब पहुचने पर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री ने श्री रीठा साहिब गुरुद्वारा दरबार मे मत्था टेक कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की।
मुख्यमंत्री ने श्री रीठा साहिब में आयोजित जोड़ मेले की सभी को लख-लख बधाइयां देते हुए कहा की मेरी प्रार्थना है कि यह मेला सभी के जीवन में नव तरंग, नव उमंग और नवसृजन लेकर आए। उन्होंने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे आज मुख्य सेवक के रूप में रीठा साहिब जैसे पवित्र स्थल पर अरदास करने का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि गुरु ग्रंथ साहिब में कहा गया है कि जितने बैसन साध जन, सो थान सुहन्दा अर्थात जहाँ महापुरुषों के चरण पड़ते हैं वह स्थान तीर्थ बन जाता है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि, बताया जाता है कि वर्ष 1501 में श्री गुरु नानक देव जी अपने शिष्य मरदाना के साथ रीठा साहिब आए तो इस दौरान उनकी मुलाकात सिद्ध मंडली महंत गुरु गोरखनाथ के शिष्य ढेरनाथ से हुई। जब गुरु नानक महाराज और ढेरनाथ के बीच लंबा संवाद चल रहा था, तभी शिष्य मरदाना को भूख लगी। जब भोजन ना मिला तो फिर निराश होकर श्री गुरु नानक देव के पास पहुंचा। गुरु नानक देव ने शिष्य के सामने रीठे के पेड़ को छूकर खाने का आदेश दिया। रीठा कड़वा होता है, जानकर भी मरदाना ने गुरु के आदेश का पालन करते हुए जैसे ही एक रीठे को खाया, रीठे के फल को मीठा पाया। तब से इस स्थान का नाम रीठा साहिब पड़ गया और तभी से यहां पर श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में भी मीठा रीठा बांटा जाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री रीठा साहिब ऐसा दिव्य स्थान है जहां गुरुनानक देव ने सत्संग कर कड़वे रीठे में मिठास भर कर दुनिया को प्रेम, सेवा व समर्पण का संदेश दिया था। जैसी अनुभूति आप सभी को कार सेवा के समय होती है, वैसी ही अनुभूति आज मुझे ‘जोड़ मेले’ में आप सबके बीच उपस्थित होकर हो रही है। उन्होंने कहा कि आज इस पवित्र अवसर पर आप सभी लोगों के द्वारा मुझे दिया गया सम्मान मेरे लिए महज सम्मान नहीं, बल्कि हमारी सांझी संस्कृति के तेज, त्याग और तपस्या का प्रसाद है, यह सम्मान मेरा नहीं बल्कि प्रदेश की समस्त जनता का सम्मान है। उन्होंने कहा कि मैं आज इस सम्मान को, इस गौरव को गुरु नानक देव जी के चरणों में समर्पित करता हूँ एवं गुरुनानक साहब जी के चरणों में नमन करते हुए नम्रतापूर्वक यही प्रार्थना करता हूँ कि मेरे भीतर का सेवाभाव दिनों दिन बढ़ता रहे और उनका आशीर्वाद ऐसे ही मुझ पर तथा प्रदेश की सवा करोड़ जनता पर बना रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार के मेले हमारी लोक संस्कृति और लोक परंपराओं को बढ़ावा देने का काम करते हैं। पहले जब संचार और परिवहन की सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं, तो इन मेलों और त्यौहारों के द्वारा ही मित्रों और सगे- संबंधियों से मुलाकात संभव हो पाती थी। गुरुनानक देव जी की शिक्षाओं में ‘इक ओंकार सत नाम’ का मूल मंत्र गहन प्रेरणा देने वाला है। भलाई के मार्ग पर चलने के साथ-साथ करुणा, न्याय और समानता की भावना को प्रदर्शित करने वाली उनकी शिक्षाएं सारी मानव जाति का मार्गदर्शन करने वाली हैं। उन्होंने कहा कि गुरू नानक देव जी के ‘नाम जपो, कीरत करो’ के संदेश में उनकी सभी शिक्षाओं का सार है। उनकी पवित्र शिक्षाएं समस्त मानवजाति के लिए प्रेरणा का स्त्रोत हैं तथा समाज को एकता के सूत्र में पिरोने का कार्य करने वाली हैं। उन्होंने कहा कि गुरु महाराज के पवित्र उपदेश बंधुता और सौहार्द की भावना के साथ ही हमें जीवन को सकारात्मक रूप से जीने की प्रेरणा भी देते हैं। उन्होंने प्रत्येक व्यक्ति को आत्मसम्मान पर आधारित जीवन जीने का बोध कराया है तथा भारतीय समाज और संस्कृति को एक नयी ऊर्जा और चेतना दी। उनका आध्यात्मिक दर्शन व्यक्ति को सेवा भाव के लिए प्रेरित करने वाला है। उन्होंने कहा कि गुरु नानक देव जी की ऐसी पवित्र शिक्षाओं के प्रचार और प्रसार के लिए उत्तराखण्ड की धरती समर्पित है। देवभूमि उत्तराखण्ड की यह पवित्र धरती गुरु परम्परा की समृद्ध थाती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु नानक देव जी के इस चमत्कारिक शक्ति केन्द्र रीठा साहिब के अलावा गुरु गोविंद सिंह जी की दिव्य तपस्थली हेमकुंट साहिब, नानकमत्ता साहिब और गुरु परम्परा के अनेक पवित्र स्थल इस उत्तराखण्ड की धरती पर गुरु महाराज की शिक्षाओं का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं। उत्तराखण्ड में स्थित इन पवित्र सिक्ख तीर्थ स्थानों पर मत्था टेकने की हर संगत की आस होती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमालय में स्थित गुरुओं के पावन द्वार हेमकुंट साहिब की यात्रा का संकल्प लेकर भी अनेक स्थानों से हर साल बड़ी संख्या में संगत हेमकुंट साहिब की यात्रा पर उत्तराखण्ड आती है। उन्होंने कहा कि पहले हेमकुंट साहिब की यह यात्रा कठिन लगती थी पर अब पहाड़ों पर सड़कों के विस्तार हो जाने से सुविधाजनक हो गयी है। उन्होंने कहा कि यह हम सभी के लिए प्रसन्न्ता का विषय है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में हेमकुंट साहिब तक रोपवे का निर्माण किया जा रहा हैं। अब दुनियाभर से सिक्ख श्रद्धालु हेमकुंट साहिब के दर्शन सुविधापूर्वक कर पायेंगे। यह प्रधानमंत्री जी के ही कुशल नेतृत्व का प्रतिफल है कि आज करतारपुर कॉरिडोर प्रारंभ करने जैसा कठिन कार्य पूर्ण हो पाया और सिख समाज की जो वर्षों पुरानी मुराद थी वो पूरी हो पाई।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक ओर जहां 26 दिसंबर को गुरू गोविंद सिंह जी के साहिबजादों की शहादत को याद करने के लिए पहली बार ‘वीर बाल दिवस’ मनाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया। वहीं दूसरी ओर गुरू तेग बहादुर जी की जयंती पर सूर्यास्त के बाद लाल किले से जनता को संबोधित कर इतिहास रचने वाले पहले प्रधानमंत्री बने। उन्होंने कहा कि आज हम सब इस पावन पर्व पर गुरुओं की पवित्र शिक्षाओं पर अटूट श्रद्धा और दृढ़ विश्वास के साथ पवित्र परम्पराओं को आगे बढाने का संकल्प लें, साथ ही गुरु महाराज के बताये गये मार्ग पर न्यायपूर्ण, समावेशी और सामंजस्यपूर्ण समाज के सपने को पूरा करने के लिए खुद को समर्पित करने का प्रयास करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तराखंड को सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के अपने विकल्प रहित संकल्प को लेकर निरंतर कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि उत्तराखंड को सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के हमारे इस संकल्प की पूर्ति में प्रदेश की जनता का सहयोग हमें इसी प्रकार मिलता रहेगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा रीठासाहिब में लधिया नदी में मोटर पुल के निर्माण की घोषणा की गई। गुरुद्वारा में मत्था टेकने के पश्चात मुख्यमंत्री जी ने उससे लगे गुरु गोरखनाथ मन्दिर में भी दर्शन कर आशिर्वाद लिया तथा प्रदेश की सुख-शांति की कामना की।
इससे पूर्व जिलाधिकारी नरेंद्र सिंह भंडारी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का गाज चन्योली पहुँचने पर पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। इस दौरान वहां आयोजित कार्यक्रम में नंदा कान्वेंट पब्लिक स्कूल के बच्चों द्वारा स्वागत गीत गाकर मुख्यमंत्री का स्वागत एवं अभिनन्दन किया गया। लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद चंपावत प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है, चाहे वह फलों के क्षेत्र में हो, साइंस सिटी के क्षेत्र में हो या शिक्षा आदि के क्षेत्र में हो। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि जनपद का सुदूरवर्ती क्षेत्र भी हर क्षेत्र में विकास की धारा से जुड़े और पंक्ति में खड़े अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुचें। इस दौरान ग्रामीणों द्वारा मुख्यमंत्री के समक्ष क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को रखा गया। मुख्यमंत्री द्वारा ग्रामीणों की समस्याओं पर आश्वासन दिया गया कि उनकी मांगों एवं समस्याओं के समाधान के लिये शीध्र प्रयास किये जायेंगे।
इस अवसर पर कार सेवा प्रमुख बाबा बचन सिंह, बाबा सुरेन्द्र सिंह,बाबा तरसेम सिंह जी, गुरुद्वारा प्रबंधक बाबा श्याम सिंह, बाबा जसविंदर सिंह, विधायक लोहाघाट खुशाल सिंह अधिकारी, जिलाध्यक्ष भाजपा निर्मल महरा, देश विदेश से आए श्रद्धालु, विभिन्न जनप्रतिनिधि सहित स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

आदर्श चंपावत एवं आदर्श उत्तराखण्ड बनाने की दिशा में बढ़ा एक और कदमः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चम्पावत के गोरलचोड़ स्थित आडिटोरियम में स्मार्ट स्कूल-स्मार्ट ब्लॉक कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। उन्होंने कहा कि इससे शिक्षा के क्षेत्र में नये आयाम प्राप्त होंगे उन्होंने इसे चंपावत को आदर्श जनपद बनाने की दिशा में बढ़ाया कदम बताते हुए कहा कि यह आदर्श उत्तराखण्ड के लिये भी अच्छी पहल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ’’सम्पर्क’’ अर्थात ’’जुड़ना’’, समाज के वंचित और हाशिए पर रह रहे लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना संपर्क फाउण्डेशन के उद्वेश्य को सार्थक करता है। उन्होंने इसके लिये सम्पर्क फाउण्डेशन के प्रयासों को भी समाजहित में बताया। उन्होंने कहा कि आज का युग साइंस और टेक्नोलॉजी का है और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी भी कहा करते हैं कि देश के विकास के लिए लोग साइंस और टेक्नोलॉजी का भरपूर उपयोग करें। उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी के माध्यम से हम कार्यों को आसानी के साथ ही कम समय में अधिक काम कर सकते हैं। उन्होंने कहा की विद्यालयों को संपर्क स्मार्ट डिवाइस दिए गए हैं जिससे बच्चे आसानी से, सरल भाषा में, आनंदमय तरीके से शिक्षा ले सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में नए भारत का निर्माण हो रहा है। दुनिया में अनेक देशों की अर्थव्यवस्था बिगड़ रही है, खराब हो रही है वहीं भारत की अर्थव्यवस्था इस विषम समय में भी 11 वें स्थान से 5 वें स्थान की अर्थव्यवस्था बन गई है। आने वाले समय में स्वतंत्रता की शताब्दी में भारत दुनिया का नेतृत्व करने वाला भारत बन जाएगा। किसी भी देश का सामाजिक एवं आर्थिक विकास उस देश के नौनिहाल व बच्चें है। उनकी शिक्षा किस प्रकार की हो, उसकी गुणवत्ता किस प्रकार की हो उस पर निर्भर करता है। यह सब कार्य शिक्षकों के जिम्मे है। पहला संस्कार माता-पिता देते हैं दूसरा शिक्षक गण देते हैं। उन्हें जीवन में शिक्षा देने, आगे बढ़ाने का कार्य शिक्षक करते हैं। चंपावत से निकलने वाले बच्चें विभिन्न क्षेत्रों में जाएंगे वहां जाकर अपने माता-पिता का नाम रोशन करने के साथ ही गांव, क्षेत्र, जिला, प्रदेश का नाम रोशन करेंगे, वहीं शिक्षकों का भी नाम रोशन करेंगे, जहां से उन्होंने शिक्षा ग्रहण की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय अल्मोड़ा का चम्पावत में बनाये जा रहे कैंपस का शासनादेश जारी कर दिया गया है। साथ ही चम्पावत जिले के सभी विद्यालय भवनों का जीर्णाेद्धार, सौंदर्यीकरण सहित सभी में आवश्यक सुविधाए उपलब्ध करायी रही है, उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम छोर पर खड़़े व्यक्ति तक आधुनिक शिक्षा पहॅुचाने का कार्य संपर्क फाउण्डेशन, सरकार के सहयोग से किया जा रहा है। राज्य के सरकारी स्कूलों में अभिनव और अपनी तरह का पहला अध्ययन कार्यक्रम प्रस्तुत करने के लिए राज्य सरकार और संपर्क फाउंडेशन की यह साझेदारी शिक्षा की बेहतरी के लिये किया जा रहा प्रयास है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में अनेक नवाचार हो रहे हैं साथ ही अनेक चुनौतियां भी आई है। इन सभी चुनौतियों के मध्य नई शिक्षा नीति आई है। यह नीति स्कूली शिक्षा एवं उच्च शिक्षा को नए आयाम देने का कार्य करेगी। वही सभी वर्गों के लोगों के लिए समानता के अधिकार के तहत शिक्षा प्राप्त करने का अवसर प्रदान करेगी। नई शिक्षा नीति के तहत प्रतियोगी परीक्षाओं के अध्ययन छात्र छात्राओं को लाभ मिलेगा। उत्तराखंड प्रथम राज्य है जिसने नई शिक्षा नीति है जो उसे स्कूली शिक्षा में पूरी तरह से लागू किया गया है। संपर्क फाउंडेशन ने इस कार्य में जो स्मार्ट कक्षाओं की नींव रखी गई है उससे बच्चों को लाभ मिलेगा।

इस अवसर पर सम्पर्क फाउंडेशन के फाउंडर चेयरमैन, विनीत नायर ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि शासकीय स्मार्ट स्कूल्स स्मार्ट ब्लॉक्स कार्यक्रम का उद्देश्य राज्य में चंपावत जिले के चंपावत ब्लॉक में 137 स्कूलों के 274 शिक्षकों को प्रशिक्षण देकर 5484 बच्चों के अध्ययन के परिणामों में सुधार लाना है। चंपावत ब्लॉक में 100 दिनों तक सफल क्रियान्वयन करने के बाद इस कार्यक्रम का विस्तार समयबद्ध तरीके से पौड़ी जिले के खिर्सु ब्लॉक में किया जाएगा। सम्पर्क की टीम शिक्षकों की क्षमताओं का विकास भी सुनिश्चित करेगी ताकि शिक्षण व्यवस्थित और आसान बन सके। उन्होंने बताया कि सम्पर्क फाउंडेशन अपने अभिनव अध्ययन के संसाधनों की संपूर्ण श्रृंखला को स्मार्ट स्कूल्स स्मार्ट ब्लॉक्स प्रोग्राम में ले कर आया है। ये संसाधन राज्य के पाठ्यक्रम और एससीईआरटी के अनुरूप है, और कक्षा में अध्ययन की प्रक्रिया को पूरी तरह से बदल देंगे सुविधा युक्त बनाने में मददगार होगा। इस कार्यक्रम के लिए सम्पर्क द्वारा प्रदान किए जाने वाले संसाधनों में हर स्कूल के लिए टीवी सेट, सम्पर्क टीवी डिवाईसेज, सम्पर्क स्मार्ट शाला एप्लीकेशन, सम्पर्क दीदी ऑडियो बॉक्स के साथ गणित एवं अंग्रेजी किट, 500 पाठ योजनाएँ , 1100 पाठ के वीडियो, टीएलएम के साथ 450 गतिविधियां, कक्षा और विषय के अनुरूप 2000 वर्कशीट, मूल्यांकन के लिए 3000 प्रश्न – केबीसी के प्रारूप में सम्पर्क दीदी के सवाल, कक्षा 6 से 8 के लिए विज्ञान विषय पर गाने एवं प्रयोग के वीडियो और शिक्षकों के लिए संसाधन पुस्तिका शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि सम्पर्क एफएलएन टीवी कक्षा 1 से कक्षा 5 के लिए एक किफायती प्लग-एंड-प्ले डिवाइस है, जिसमें एक एंड्रॉयड सेट-टॉप बॉक्स और एक रिमोट होता है। इसे संभालना और चलाना बहुत आसान है और यह सामान्य टेलीविज़न को एक संवादपूर्ण एवं दिलचस्प अध्ययन के मंच में बदल देता है, जिससे कक्षा एक स्मार्ट क्लासरूम बन जाती है। सम्पर्क की टीम जिला, ब्लॉक, और क्लस्टर के स्तर पर शैक्षणिक पदाधिकारियों को स्कूलों और कक्षाओं में टीएलएम और संसाधनों के उपयोग पर निगरानी रखने का प्रशिक्षण भी देगी।

इस अवसर पर जिलाधिकारी नरेंद्र सिंह भंडारी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने एक आदर्श चंपावत की जो अवधारणा दी थी वह सफलता के नए मुकाम गढ़ रही है। जिसके तहत चम्पावत विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। जनपद के विकास के लिए शासन की ओर से लगातार फंडिंग भी उपलब्ध कराई जा रही है। जिसमें कुछ कार्य प्रारंभ हो चुके हैं तथा कुछ कार्य योजना स्तर पर हैं। जनपद में साइंस सेंटर का भी निर्माण होने जा रहा हैं। जिसके लिए भूमि भी हस्तांतरित की जा चुकी है साथ ही डीपीआर के लिए भी धनराशि प्राप्त हो चुकी है। उन्होंने कहा कि चंपावत शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन के क्षेत्र में अलग ऊंचाइयों को प्राप्त कर रहा हैं।

जिलाधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री के प्रयास से पिटकुल सीएसआर के तहत पहली बार जनपद के बहुत से विद्यालय (हाईस्कूल व इंटरमीडिएट कॉलेजों) में कंप्यूटर लैब लगाई जाएंगी साथ ही उन्होंने बताया कि आपदा मद, अनटाइट फंड व जिला योजना से लगभग 10 करोड़ की धनराशि शिक्षा विभाग को दी जा चुकी है। जिसके परिणाम भी दिखने लगे हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशन में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय को 20 लाख की धनराशि दी गई है, जिससे वहां भी सुधार हो रहा है।जिलाधिकारी ने कहा कि हाल ही में मुख्यमंत्री जी द्वारा कक्षा 11 व 12 के विद्यार्थियों के लिए स्कूल में बनने वाले विभिन्न प्रमाण पत्रों के लिए जो ऐतिहासिक कदम उठाया गया है उससे विद्यार्थियों को बहुत फायदा मिलेगा और साथ ही शिक्षा का स्तर और भी इम्प्रूव होगा।

इस अवसर पर अध्यक्ष जिला पंचायत ज्योति राय, अध्यक्ष नगर पालिका विजय वर्मा, ब्लाक प्रमुख चंपावत रेखा देवी, बराकोट विनीता फर्त्याल, पाटी सुमनलता, विधायक प्रतिनिधि चंपावत विधानसभा प्रकाश तिवारी, दीपक रजवार, मुकेश कालखुड़िया, पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पींचा, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, अपर जिलाधिकारी हेमंत कुमार वर्मा समेत जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी, अध्यापक, अध्यापिका एवं संपर्क फाउंडेशन की टीम मौजूद रही।

चंपावत विधानसभा में सीएम घोषणाओं के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने गुरूवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री द्वारा जनपद चम्पावत में मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र के लिए की गई घोषणाओं की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने सभी घोषणाओं के लिए समय सीमा निर्धारित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक घोषणा के लिए क्रमबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण होने की तिथि निर्धारित की जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि सभी घोषणाओं का साप्ताहिक अनुश्रवण किया जाए, ताकि घोषणाएं समय से पूर्ण हो सके। जो घोषणाएं पूर्ण हो चुकी हैं अथवा चल रही हैं, उनकी अद्यतन जानकारी सीएम घोषणा पोर्टल पर अवश्य अपलोड की जाए। उन्होंने कहा कि जिन विभागों द्वारा घोषणाओं के प्रस्ताव अभी तक नहीं भेजे गए हैं, वे विभाग प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र उपलब्ध कराएं।
बैठक के दौरान बताया गया कि मुख्यमंत्री द्वारा चम्पावत विधानसभा क्षेत्र के लिए कुल 132 घोषणाएं की गयी थी। जिनमें से 46 घोषणाएं पूर्ण हो चुकी हैं, 71 घोषणाओं पर कार्य गतिमान है एवं 15 घोषणाएं अपूर्ण हैं।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, विशेष प्रमुख सचिव अभिनव कुमार, सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, नितेश कुमार झा, डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरूषोत्तम, रविनाथ रमन, हरिचन्द्र सेमवाल, डॉ. आर. राजेश कुमार एवं सुरेन्द्र नारायण पाण्डेय सहित अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।

अंबेडकर ने भारतीय संविधान के निर्माण में अपना बहुल्य योगदान दिया-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चंपावत में नरसिंह डांडा के राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। उन्होंने भारत रत्न डॉ. बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की 132वीं जयंती पर उनके चित्र में पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
मुख्यमंत्री ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि अंबेडकर ने समाज के वंचित वर्गों को मुख्यधारा में लाने का कार्य किया। जाति प्रथा और इससे उत्पन्न होने वाले सामाजिक कुप्रभावों को लेकर देश में एक मजबूत आवाज उठाई थी। भारतीय संविधान के निर्माण में डॉ. अंबेडकर के योगदान के लिए देशवासी सदैव उनके प्रति कृतज्ञ रहेंगे। आधुनिक भारत की नींव तैयार करने में भी बाबा साहब की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने सामाजिक, कानूनी तथा राजनीतिक क्षेत्र में भी देश व समाज के लिए अनेक महान कार्य किए। उन्होंने हर वर्ग के उत्थान के लिए कार्य किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रधानमंत्री के नेतृत्व में समाज के हर वर्ग को ध्यान में रखकर कार्य किए जा रहे हैं। जन धन योजना, आवास योजना, आयुष्मान भारत योजना, उज्जवला योजना, किसान सम्मान निधि या फिर 80 करोड़ लोगों को राशन देने का कार्य हो आज मोदी के नेतृत्व में किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि, बाबा केदार की भूमि से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा, इस दिशा में राज्य सरकार तेजी से कार्य कर रही है। चारधाम यात्रा एवं कावड़ यात्रा में पिछले साल श्रद्धालुओं की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई। इस साल चारधाम यात्रा में और अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। मानसखंड मंदिर माला मिशन के अंतर्गत कुमाऊं मंडल के सभी मंदिरों का सौंदर्यीकरण कर उनमें अवस्थापना सुविधाएं विकसित कर उन्हें जोड़ने का कार्य एक सर्किट के रूप में किया जा रहा है। देश में उत्तराखंड राज्य एक ऐसा राज्य होगा जो प्रत्येक क्षेत्र में आगे होगा। उत्तराखंड का मॉडल पूरे भारत के लिए एक मॉडल बनेगा।
इस अवसर पर लोहाघाट ग्रोथ सेंटर में 40 महिलाओं को रोजगार देने वाली नारायणी देवी को उनके इस सरहनीय कार्य के लिए मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया और इसी तरह आगे को भी कार्य करने के लिए प्रेरित किया।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर क्षेत्र के विकास के लिए विभिन्न घोषणाएं की। उन्होंने कहा कि जिला पुस्तकालय चंपावत का और अधिक विस्तारीकरण किया जाएगा, साज सज्जा का भी कार्य किया जाएगा। राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नरसिंह डांडा का इंटरमीडिएट में उच्चीकरण किया जाएगा। नरसिंह डांडा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण किया जाएगा। नरसिंह डांडा में लिफ्ट पेयजल योजना का निर्माण किया जाएगा। नरसिंह डांडा में अंबेडकर भवन का निर्माण किया जाएगा। नरसिंह डांडा की भूमि पर निवास कर रहे परिवारों को मालिकाना हक दिलाए जाने की कार्यवाही को आगे बढ़ाया जाएगा। सिद्ध नरसिंह मंदिर कालू खान का सौंदर्यीकरण का कार्य किया जाएगा।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष ज्योति राय, ब्लाक प्रमुख चंपावत रेखा देवी बाराकोट विनीता फर्त्याल, भाजपा जिलाध्यक्ष निर्मल महरा, भाजपा जिला अध्यक्ष अनुसूचित जाति मोर्चा गोविंद प्रसाद, जनपद प्रभारी भाजपा गणेश भंडारी, महामंत्री मुकेश कलखुडिया, जिलाध्यक्ष एस सी प्रकोष्ठ मदन राम,ग्राम प्रधान नरसिंह डांडा कविता देवी सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक अधिकारी, जनता मौजूद रही। कार्यक्रम का संचालन प्रमोद टम्टा द्वारा किया गया।

सीएम ने टनकपुर में मां शारदा चुंगी के समीप खाटू श्याम मंदिर में की पूजा अर्चना

जनपद चंपावत के विकास हेतु मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा की जा रही घोषणाएं लगातार पूरी हो रही हैं।

टनकपुर से खाटू श्याम राजस्थान बस सेवा को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने टनकपुर में स्थित खाटू श्याम मंदिर के समीप से हरी झंडी दिखाकर बस को खाटू श्याम के लिए रवाना किया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने टनकपुर के शारदा चुंगी के समीप स्थापित खाटू श्याम मंदिर में पूजा अर्चना कर ईश्वर से प्रदेश की सुख शान्ति की कामना की। पूजा अर्चना के बाद मुख्यमंत्री एवं जनपद चंपावत की प्रभारी मंत्री रेखा आर्या द्वारा हरी झंडी दिखाकर खाटू श्याम के लिए परिवहन निगम की बस को रवाना किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि टनकपुर, बनबसा एवं खटीमा समेत अन्य शहरों की जनता के लिए आज का दिन बहुत खुशी का दिन है। अब टनकपुर बनबसा एवं खटीमा के लोगों को सीधे टनकपुर से खाटू श्याम के लिए दर्शन हेतु सुविधा मिल गई है।

इस मौके पर परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक पवन मेहरा ने बताया की बस में प्रथम दिवस पर अभी तक 36 सवारी यात्रा कर रहे हैं, बस में सीट की क्षमता 52 है। यह बस शाम 5ः00 बजे टनकपुर से रवाना होकर प्रातः 10 बजे खाटू श्याम पहुंचेगी तथा सायं 6 बजे खाटू श्याम से रवाना होकर प्रातः 10ः00 टनकपुर पहुंचेगी।

इस अवसर पर अध्यक्ष नगर पालिका टनकपुर विपिन कुमार,भाजपा जिलाध्यक्ष, पूर्व अध्यक्ष नगर पालिका हर्षवर्धन सिंह रावत जिलाधिकारी नरेन्द्र सिंह भंडारी, पुलिस अधीक्षक अमित श्रीवास्तव सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक अधिकारी आदि उपस्थित रहे।

वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का स्थानीय जनता ने इस बस सेवा का शुभारंभ करने पर धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर जिला अधिकारी नरेंद्र भंडारी, अपर जिलाधिकारी हेमंत वर्मा, उप जिलाधिकारी सुंदर सिंह, सीओ अविनाश वर्मा, एआरएम के एस राणा, आरएम पवन मैहरा, रोहिताश अग्रवाल वैभव अग्रवाल, संजय अग्रवाल, कपिल भार्गव, मनीष अग्रवाल, राजेश अग्रवाल, मयंक गर्ग, संजय गर्ग, दीन दयाल अग्रवाल, हर्षवर्धन रावत, सहित आदि लोग मौजूद थे।

मां पूर्णागिरी मेले का शुभारंभ कर सीएम ने की पूजा अर्चना

एक दिवसीय चंपावत दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने टनकपुर के ठुलीगाड़, पूर्णागिरी मार्ग में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए उत्तर भारत के प्रसिद्ध मां पूर्णागिरि मेले का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने पूजा अर्चना कर प्रदेश में सुख, शांति एवं खुशहाली की कामना की।
इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा करते हुए कहा कि ककराली गेट, टनकपुर से मां पूर्णागिरि धाम तक यात्रा मार्ग में विद्युत विभाग द्वारा स्ट्रीट लाइट लगाई जाएगी। मां पूर्णागिरि धाम में लगने वाले मेले व्यवस्थाओं के सुचारू संचालन हेतु मंदिर समिति को अनुदान दिया जाएगा। टनकपुर जौलजीबी मोटर मार्ग के बाटनागाड़ में पुल का निर्माण किए जाने, भैरव मंदिर में स्थाई पुलिस चौकी बनाए जाने, पूर्णागिरि क्षेत्र को इको टूरिज्म हब के रूप में विकसित किए जाने, टनकपुर शारदा नदी के तट पर कर्मशाला का निर्माण किए जाने, बनबसा में मुक्तिधाम का निर्माण किए जाने, बनबसा खटीमा सितारगंज होते हुए टनकपुर से राजस्थान खाटूश्याम के लिए बस सेवा शुरू किए जाने, चम्पावत पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग को यातायात हेतु रात्रि में भी खोले जाने, राजकीय प्राथमिक विद्यालय भजनपुर में एक फ्लोर और चार अतिरिक्त कक्ष बनाये जाने, चंपावत में साइंस सेंटर का निर्माण किए जाने, श्री पूर्णागिरी मंदिर घाटी क्षेत्र में हेलीपैड का निर्माण किया जाने एवं आदि कैलाश, ओम पर्वत की यात्रा को जाते वक्त अल्मोड़ा से एवं चम्पावत के रास्ते यात्रा को वापस लाए जाने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने माँ पूर्णागिरि मेले के शुभारंभ अवसर पर बधाई देते हुए कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि आज मुझे इस पावन मेले का शुभारंभ कर मां पूर्णागिरि मैया के चरणों में शीश नवाने का सुअवसर प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा मां पूर्णागिरि मैया की महिमा से हम सभी भली-भांति परिचित हैं। उन्होंने कहा पूर्णागिरि मेला उत्तर भारत का प्रसिद्ध मेला है जहां लाखों की संख्या में श्रद्धालु विभिन्न स्थानों से आते हैं। उन्हें प्रत्येक सुविधा मुहैया कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सनातन संस्कृति की पताका संपूर्ण विश्व में लहरा रही है और दुनिया भर के देश हमारी प्राचीन संस्कृति और दर्शन से परिचित हो रहे हैं। हमारे धर्म ने कभी भी ’’स्व’’ अर्थात स्वयं की बात नहीं की, इसने सदा ’’सर्व’’ अर्थात सभी की बात की है, यही हमारी विशेषता है। हजारों वर्षों के पश्चात भी विश्व हमारी आस्थाओं और मान्यताओं के सामने नतमस्तक है। हम सभी का यह कर्तव्य है कि हम अपने धर्म मार्ग से कभी विचलित ना हों और अपनी सनातन संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए सदैव प्रयत्नशील रहें। आज देश में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की भावना पुनः जागृत हुई है। वहीं प्रदेश सरकार भी उत्तराखंड के प्राचीन मंदिरों के पुनर्निर्माण और जीर्णाेद्धार के लिए प्रतिबद्ध है। आध्यात्मिक एवं धार्मिक रूप से उत्तराखंड को देवी-देवताओं की भूमि माना जाता है। यही कारण है कि गढ़वाल मंडल के पर्वतीय क्षेत्रों को भगवान केदारनाथ की भूमि मानते हुए जहां केदारखंड पुकारा जाता है वहीं कुमाऊं मंडल के पर्वतीय क्षेत्रों को कैलाश मानसरोवर की भूमि मानते हुए मानसखंड कहा जाता है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि केदारखंड के मंदिरों को विकसित करने के साथ ही हम मानसखंड कॉरिडोर को भी विकसित करने कि दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। जिसके अंतर्गत कुमांऊ के गोलज्यू मंदिर, पाताल भुवनेश्वर, कोट भ्रामरी, देवीधुरा, कैंचीधाम, बाल सुंदरी तथा मां पूर्णागिरि मंदिर सहित अनेक मंदिरों को चिह्नित किया गया है। गणतंत्र दिवस के अवसर पर “कर्तव्य पथ“ में मानसखंड कॉरिडोर पर आधारित हमारी झांकी को पहली बार प्रथम पुरस्कार मिला। राज्य सरकार उत्तराखंड के पौराणिक धार्मिक स्थलों को विश्व स्तर पर पहचान दिलाने के साथ साथ विकास के ऐसे नए नए आयाम स्थापित करें जिससे उत्तराखंड का नाम पूरे देश में गूंजे। प्रधानमंत्री जी के दिशा निर्देशन में हमारी सरकार आज उत्तराखंड को सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए ’’विकल्प रहित संकल्प’’ के मंत्र के साथ निरंतर कार्य कर रही है।
इस दौरान मुख्यमंत्री धामी द्वारा समूह की महिलाओं द्वारा पूर्णागिरि धाम हेतु तैयार किए गए प्रसाद तथा प्रसाद रखने हेतु समूह की महिलाओं द्वारा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत पीरुल की टोकरी जो बनाई गई है, उसका भी शुभारंभ किया गया।
सांसद अजय टम्टा ने कहा कि सभी धामों को आगे बढ़ाने हेतु कुमाऊं मंडल के सभी धामों, मंदिरों को मानसखंड में शामिल कर उन्हें आगे बढ़ाने हेतु राज्य सरकार द्वारा ऐतिहासिक कार्य किया जा रहा है।जिससे धार्मिक पर्यटन बढ़ेगा। युवा नेतृत्व में राज्य विकास की सही दिशा में आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार पर्यटन, साहसिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए लगातार कार्यरत है। उन्होंने कहा आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री धामी के दिशा-निर्देशों में प्रत्येक वर्ग का विकास तेजी के साथ किया जा रहा है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्णागिरि मेले में आए श्रद्धालुओं का माल्यार्पण कर स्वागत किया एवं भक्तों द्वारा लगाए गए भंडारे में पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया।
शुभारंभ के अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष ज्योति राय, भाजपा जिला अध्यक्ष निर्मल महरा, पूर्णागिरि मंदिर समिति के अध्यक्ष किशन तिवारी, भाजपा प्रदेश मंत्री हेमा जोशी, नगर पालिका अध्यक्ष टनकपुर विपिन कुमार, नगर पंचायत अध्यक्ष बनबसा रेनू अग्रवाल, जिला अधिकारी नरेंद्र भंडारी, पुलिस अधीक्षक अमित श्रीवास्तव एवं अन्य लोग मौजूद रहे।