एनडीएस का 25वां वार्षिकोत्सव धूमधाम से मनाया

निर्मल आश्रम दीपमाला पब्लिक स्कूल (एनडीएस) ऋषिकेश का 25वां वार्षिकोत्सव का आयोजन किया गया। इसका शुभारंभ मुख्य अतिथि क्षेत्रीय विधायक व कैबिनेट मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने मां शारदा के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर किया। इस मौके पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुए और मंत्री डा. अग्रवाल ने मेधावी बच्चों को सम्मानित भी किया।
सोमवार को विद्यालय परिसर पर आयोजित वार्षिकोत्सव की शुरूआत स्वागत गीत के साथ हुई, जिसे विद्यालय की छात्राओं द्वारा मुख्य अतिथि के सम्मान में प्रस्तुत किया गया। इस दौरान गंगा पर लघु नाटिका का मंचन किया गया। साथ ही प्लास्टिक हटाने, गंगा को स्वच्छ, निर्मल बनाने की अपील की।
इस मौके पर मंत्री डा. अग्रवाल ने कहा कि महंत राम सिंह और संत जोध सिंह ने 1997 में एनडीएस स्कूल की स्थापना समाज के सभी वर्गों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से की गई थी, जिसे आज भी विद्यालय भलीभांति निभा रहा है। डा. अग्रवाल ने कहा कि एनडीएम विद्यालय शिक्षा के हर मानक पर खरा उतरता है। उन्होंने कहा कि एनडीएस शिक्षा के क्षेत्र के अलावा छात्रों के भीतर के बौद्धिक, खेलकूद, आध्यात्मिक, रचनात्मक, कलात्मक रूचि को भी निखारता है। डा. अग्रवाल ने विद्यालय की प्रशंसा करते हुए कहा कि एनडीएस से शिक्षा लेकर बच्चे देश ही नहीं विदेशी सरजमीं पर विद्यालय का नाम रोशन कर रहे है। डा. अग्रवाल ने कहा कि एनडीएस में छात्रों को दया, करूणा, ममता की सीख के अलावा पयार्वरण संरक्षण को बनाये रखने तक की शिक्षा दी जाती है, जो कि सराहनीय है।
डा. अग्रवाल ने कहा कि एनडीएस की गौरांगी चावला ने 2019 में अखिल भारतीय स्तर पर दूसरा रैंक हासिल कर विद्यालय की कामयाबी का एक नया पंख जोड़ा था। इसके लिए डा. अग्रवाल ने विद्यालय के शिक्षकों को बधाई दी।
इस मौके पर महंत राम सिंह दास महाराज, संत जोध सिंह, डॉ रणवीर सिंह, कर्नल सुरेश कुमार, गुरविंदर सिंह, दर्शन सिंह, डॉ एसएन सोंधी, प्यारा सिंह, के के जुनेजा, मदन मोहन शर्मा, डीपी रतूड़ी, प्रधानाध्यपिका लतिका कृष्णा स्वामी, रवीना शर्मा, नीरजा त्रिवेदी, मुकुल तायल, सुमित पैन्यूली, सुनील यादव आदि उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने बच्चों को दी नई ऊर्जा के साथ जीवन में आगे बढ़ने की सीख

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय बाल दिवस के अवसर पर सोमवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में उत्तराखण्ड बाल संरक्षण आयोग द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय परामर्श बैठक एवं चिल्ड्रन चैंपियन अवार्ड कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।
मुख्यमंत्री ने बाल संरक्षण एवं बाल विकास के क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने वाली संस्थाओं एवं व्यक्तियों को पुरस्कार प्रदान करते हुए कहा कि निराश्रितों एवं बेसहारा बच्चों को सहायता एवं सहयोग हेतु अपनी व्यस्तता के बावजूद समय निकालना वास्तव में मानवता की बड़ी सेवा है। अपने सिवा दूसरों की चिंता करने वालों पर ईश्वर की भी कृपा रहती है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग समाज को प्रेरणा के साथ दिशा देने का भी कार्य करते हैं। मुख्यमंत्री ने समाज हित में कार्यों में संलग्न अनाम लोगों को भी समाज पहचान दिलाये जाने की जरूरत बतायी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने वात्सल्य योजना का जिक्र करते हुए कहा कि कोरोना महामारी के दौरान अपने माता पिता व अभिभावकों को खोने वाले बच्चों के लिये राज्य सरकार द्वारा वात्सल्य योजना की घोषणा इसी स्थान से की थी। तब हमने प्रार्थना की थी कि यह योजना लम्बी न चले, प्रदेश में कोई बच्चा अनाथ न हो। वह समय बहुत ही दुःखदायी रहा है। मुख्यमंत्री ने वात्सल्य योजना से आच्छादित बच्चों से भी भेंट की। बच्चों ने मुख्यमंत्री को मामा कह कर सम्बोधित किया।मुख्यमंत्री ने बच्चों का आह्वान किया कि वे जीवन में हर समय उत्साह व उमंग में रहें। शिक्षा व संस्कार देने वाले शिक्षक का सम्मान करें, जो काम करें पूरे मनोयोग से करें। हर क्षेत्र में सदैव आगे रहने का प्रयास करें। नई ऊर्जा के साथ जीवन में आगे बढ़ने का प्रयास करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में देश के अंदर लोकहित के कार्यों को सर्वाधिक महत्व दिया जा रहा है। कोरोना की दो दो वैक्सीन एक साल के अंदर तैयार कर देशवासियों को ही नहीं विश्व के कई देशों को उपलब्ध करायी। इस वैक्सीन ने हमें जीवनदान दिया है। पोलियो का टीका बनाने में देश में 15 साल लगे। पिछले आठ वर्षों के कालखण्ड में समर्थ, समरस एवं शक्तिशाली भारत का निर्माण प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा देश तेजी से विकास की राह पर चल रहा है। हमारी इकोनामी 5 वें नम्बर पर है। 2047 तक भारत नम्बर वन इकोनॉमी वाला देश बनने की राह पर अग्रसर है। आज दुनिया के देश भारत की ओर देख रहे हैं। यूक्रेन युद्ध इसका उदाहरण है। इस युद्ध के दौरान भारतीय छात्रों के साथ कई अन्य देशों के छात्र भी भारतीय तिरंगे के साथ वहां से सुरक्षित निकले हैं। आजादी व अमृत काल में भारत दुनिया का नेतृत्व करने वालों के रूप में जाना जायेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश व प्रदेश के विकास में हम सबको सहयोगी बनना होगा। हम जिस क्षेत्र में कार्य करते हैं हमें अधिक मेहनत व इमानदारी से कार्य करना होगा। क्षमता से अधिक कार्य करने में हमें अपना रिकार्ड खुद तोड़ने होंगे। अथक परिश्रम के बल पर ही हम अपने प्रदेश को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने में सफल होंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री से गोरखपुर से आये बच्चों के दल ने भी भेंट की।
इस अवसर पर उत्तराखण्ड बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्षा गीता खन्ना, विधायक फकीर राम टम्टा, महिला आयोग की अध्यक्षा कुसुम कंडवाल, अल्पसंख्यक कल्याण आयोग के अध्यक्ष डॉ. आर. के जैन, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, आयोग के सदस्य विजय कपरवाण, डी.आई.जी. पी रेणुका देवी, से.नि. जस्टिस वी.के माहेश्वरी सहित आयोग के पूर्व व वर्तमान सचिव व सदस्यगण, शिक्षक एवं छात्र उपस्थित रहे।

हेलीपोर्ट्स और हेलीपैड्स के निर्माण कार्य में गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश

मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु ने सोमवार को सचिवालय में हेलीपोर्ट्स एवं हेलीपैड्स की प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को हेलीपोर्ट्स एवं हेलीपैड्स के निर्माण में तेजी लाने के साथ ही निर्माण कार्य में गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि जिन स्थानों पर हेलीपैड्स और हेलीपोर्ट्स के लिए भूमि चयनित कर ली गई है, शीघ्र उनकी डीपीआर तैयार कर ली जाए। लैंड ट्रांसफर में अटके मामलों को प्रतिदिन मॉनिटरिंग कर निस्तारित किया जाए। मुख्य सचिव ने पर्यटन विभाग को पर्यटकों को भी ध्यान में रखते हुए लगातार नए हेलीपोर्ट्स और हेलीपैड्स बनाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के दूर दराज के अनछुए क्षेत्रों में भी पर्यटन स्थलों की तलाश लगातार जारी रखते हुए उन्हें विकसित कर पर्यटकों के लिए आसान पहुंच बनाने के लिए हेलीपैड्स और हेलीपोर्ट्स तैयार किए जाएं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक हेलीपैड और हेलीपोर्ट के लिए कार्य पूर्ण होने तिथि पूर्व में ही निर्धारित की जाए। साथ ही, सभी हेलीपोर्ट्स एवं हेलीपैड्स के निर्माण में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए।
बैठक में बताया गया कि प्रदेशभर में विभिन्न हेलीपोर्ट्स और हेलीपैड्स पर कार्य गतिमान है। कोटी कॉलोनी स्थित हेलीपोर्ट का कार्य पूर्ण हो चुका है। 6 हेलीपोर्ट्स का निर्माण कार्य गतिमान है, जिनको दिसम्बर माह तक पूर्ण कर लिया जाएगा। पर्यटन विभाग द्वारा भी नए हेलीपैड्स चिन्हित कर उनके निर्माण कार्य विभिन्न स्तरों पर गतिमान है।
इस अवसर पर सचिव दिलीप जावलकर, सीईओ सिविल एविएशन डेवलपमेंट अथॉरिटी सी. रविशंकर सहित अन्य सम्बन्धित विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।

पंडित मदन मोहन मालवीय की पुण्य स्मृति पर हिंदी के अध्यापकों का सम्मान

महान शिक्षाविद पंडित मदन मोहन मालवीय की पुण्य स्मृति पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर हिंदी विषय के अध्यापकों को क्षेत्रीय विधायक व कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने शॉल पहनाकर सम्मानित भी किया। इस मौके पर मंत्री डॉ अग्रवाल ने बताया कि जर्मनी यात्रा के दौरान अपनी मातृभाषा में बात करने का सौभाग्य मिला।
बैराज रोड स्थित कैंप कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में पंडित मदन मोहन मालवीय को श्रद्धा सुमन अर्पित कर उनके जीवन पर प्रकाश डाला गया। मंत्री डॉ अग्रवाल ने कहा कि महामना पंडित मदन मोहन मालवीय भारतीय संस्कृति के संरक्षक रहे। उन्होंने चरित्र निर्माण को सर्वाेपरि स्थान देते हुए भारतीय युवाओं को अपनी सनातन संस्कृति के साथ-साथ आधुनिकतम ज्ञान-विज्ञान की शिक्षा से समृद्ध करने के उद्देश्य से बनारस हिंदू विश्वविद्यालय की स्थापना की।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि महामना मालवीय ने केवल राजनीतिक स्वतंत्रता और सामाजिक विषमताओं के विरुद्ध ही विशद संघर्ष नहीं किया अपितु भारतीय जनमानस को विदेशियों की मानसिक दासता से मुक्त करने के लिए वैचारिक आंदोलनों का भी संचालन किया।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि पंडित मालवीय ने भारत के अधिकाधिक जनों की हिंदी भाषा के महत्त्व को समझाया और उसकी सुरक्षा, प्रचार-प्रसार में प्राणपण से जुट गए। उन्होंने अपने लेखों द्वारा हिंदी के लिए जन-जागृति उत्पन्न की। मालवीय को यह अटल विश्वास था कि सिर्फ हिंदी में ही राष्ट्रभाषा बनने की क्षमता है। वे हिंदी और संस्कृत भाषा के प्रबल पक्षधर थे।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि महामना हिंदी सुरक्षा के ऐसे शक्तिशाली स्तंभ बनकर उभरे जिसने अपनी विद्वता से मां हिंदी के ललाट को सुसज्जित किया। उन्होंने ऐसी कई संस्थाओं की स्थापना में महत्त्वपूर्ण योगदान किया। जो हिंदी के प्रचार-प्रसार एवं उन्नति के लिए दृढ़ संकल्पित है।
इस मौके पर राइका प्रतीतनगर धूम सिंह खंडेलवाल, सत्येश्वरी देवी इंटर कॉलेज रायवाला प्रमोद बडोला, राइका गढ़ी सुधा रानी, नीता गोस्वामी, राइका खदरी सुधीर दुबे, राइका छिद्दरवाला चंडी रावत, दून घाटी इंटर कॉलेज गुमानीवाला वी एस बिष्ट, श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज सुशीला बडथ्वाल, पंजाब सिंध क्षेत्र इंटर कॉलेज ललित किशोर शर्मा, सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज आवास विकास नागेंद्र पोखरियाल, राइका आईडीपीएल श्याम सुंदर रयाल को सम्मानित किया।
इस मौके पर जिलाध्यक्ष रविंद्र राणा, ब्लॉक प्रमुख भगवान सिंह पोखरियाल, मंडल अध्यक्ष दिनेश सती, महामंत्री जयंत शर्मा, पूर्व पालिका अध्यक्ष शंभू पासवान, देवेंद्र नेगी, राकेश चंद्र, विनोद जुगलान, पार्षद विरेंद्र रमोला, प्रदीप कोहली, संजीव पाल, सोबन सिंह कैंतुरा, देवदत्त शर्मा, बलविंदर सिंह, संजीव सिलस्वाल, मानवेन्द्र कंडारी, आशुतोष शर्मा, रूपेश गुप्ता, सिमरन गाबा आदि उपस्थित रहे।

फिल्मों की शूटिंग के लिए उत्तराखण्ड में बहुत अच्छा वातावरण-नवाजुद्दीन सिद्दीकी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शनिवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में फिल्म अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने भेंट की। नवाजुद्दीन सिद्दीकी उत्तराखण्ड में फिल्म की शूटिंग कर रहे हैं। रोतु की बेली, चंबा, मसूरी एवं देहरादून में उनके द्वारा फिल्मांकन किया गया। उन्होंने कहा कि फिल्मों की शूटिंग के लिए उत्तराखण्ड में बहुत अच्छा वातावरण है। उत्तराखण्ड का नैसर्गिक सौंदर्य फिल्मांकन के लिए लोगों को आकर्षित कर रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड में हवाई, रेल एवं सड़क कनेक्टिविटी का तेजी से विस्तार हो रहा है। उत्तराखण्ड के पर्वतीय क्षेत्रों में फिल्मांकन की दृष्टि से अनेक रमणीक स्थल हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में राज्य सरकार द्वारा पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा है। इन क्षेत्रों में अच्छे होटल खुलें, इस दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। फिल्मों की शूटिंग के लिए राज्य में सिंगल विंडो सिस्टम बनाया गया है। इस अवसर पर फिल्म अभिनेता हेमन्त पांडे एवं फिल्म जगत के अन्य कलाकार मौजूद रहे।

प्रदेश में ऐसा माहौल बने कि कोई भी अपराध करने की सोच भी न पाएं-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि महिलाओं से संबंधित अपराधों में पुलिस जांच त्वरित और समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित की जाए। ऐसे मामलों की विवेचना में किसी प्रकार की कमी न रहने पाए। साथ ही न्यायालयों में भी प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की जाए। ताकि अपराधी किसी दशा में बचने न पाएं। प्रदेश में ऐसा माहौल बने कि कोई भी अपराध करने की सोच भी न पाएं। मुख्यमंत्री ने शनिवार को सचिवालय में राज्य में महिला सुरक्षा एवं सशक्तिकरण के सबंध में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पुलिस कंट्रोल रूम में बात कर जन शिकायतों के निस्तारण के लिए की जा रही कार्यवाही की जानकारी भी ली।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर थाने में महिला सब इंस्पेक्टर की तैनाती हो। महिला मित्र प्रकोष्ठ की स्थापना की जाए। महिला के प्रति अपराधों को रोकने के लिए जन सहभागिता भी जरूरी है। महिलाओं से जुड़े संगठनों से नियमित सम्पर्क रखा जाए। सिस्टम इस प्रकार का हो कि महिलाओं का इसके प्रति विश्वास बढ़े और वे अपनी शिकायतें बिना संकोच के दर्ज करा सकें। महिला अपराधों से संबंधित शिकायतों पर तुरंत कार्यवाही हो। शिकायतकर्ता महिलाओं से भी समय-समय पर फीडबैक लिया जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि पुलिस की वेबसाइट पर अपराधियों के नामों की लिस्ट अपलोड की जाए। महिला अपराधों से संबंधित मामलों की जनपदों में जिलाधिकारी स्तर पर लगातार समीक्षा की जाए। विवेचना और पैरवी में कमी पाए जाने पर तत्काल दूर की जाएं। बैठक में जानकारी दी गई कि सीएम हेल्पलाईन में पिछले 10 माह में जो शिकायतें दर्ज हुई, उनमें से 92 प्रतिशत शिकायतों का निस्तारण किया जा चुका है।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, डीजीपी अशोक कुमार, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, अरविन्द सिंह ह्यांकी, रविनाथ रमन, एडीजी वी. मुरूगेशन, आईजी ए.पी. अशुमान, अपर सचिव गृह रिद्धिम अग्रवाल, डीआईजी गढ़वाल के. एस. नगन्याल, डीआईजी सेंथिल अबुदई, पी रेनुका देवी, जिलाधिकारी देहरादून सोनिका, एस.एस.पी देहरादून दलीप सिंह कुंवर, वर्चुअल माध्यम से गढ़वाल कमिश्नर सुशील कुमार एवं सभी जिलाधिकारी एवं एस.एस.पी उपस्थित रहे।

गौरा शक्ति एप लांच, कामकाजी महिलाएं स्व रजिस्ट्रेशन कराए

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को सचिवालय में उत्तराखंड पुलिस एप के अन्तर्गत सरकारी एवं गैर सरकारी कार्यालयों/संस्थानों में कार्यरत महिलाओं के लिए स्व रजिस्ट्रेशन सुविधा का शुभारंभ किया। किसी भी कार्यालय में कार्यरत महिलाएं उत्तराखण्ड पुलिस एप में दिये गये विकल्प गौरा शक्ति से अपना रजिस्ट्रेशन कर सकती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सुरक्षा एवं सशक्तिकरण के दृष्टिगत सरकारी एवं गैरसरकारी कार्यालयों में कामकाजी महिलाओं को इस एप में रजिस्ट्रेशन के लिए प्रेरित किया जाए। इसका व्यापक स्तर पर प्रचार एवं प्रसार भी किया जाए। सभी जनपदों में इसके लिए संगोष्ठियों एवं अन्य प्रचार माध्यमों से प्रचारित किया जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि गौरा शक्ति के तहत प्राप्त होने वाली शिकायतों पर संबंधित थानों से त्वरित कार्रवाई की जाए। उच्च स्तर से कृत कारवाई की नियमित निगरानी रखी जाए। इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए। मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि महिलाओं के स्व रजिस्ट्रेशन की यह सुविधा प्रधानमंत्री द्वारा महिला सुरक्षा के लिए बेहतर ईको सिस्टम विकसित करने के विजन के अनुरूप कामकाजी महिलाओं में सुरक्षा की भावना बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगा।
बैठक में जानकारी दी गई कि इस एप में रजिस्ट्रेशन करने वाली सभी महिलाओं की रजिस्ट्रेशन से संबंधित जानकारी को गोपनीय रखा जायेगा। इसके लिए प्रत्येक जनपद में एक महिला सब इंस्पेक्टर एवं थानों में एक महिला सब इंस्पेक्टर एवं एक महिला कांस्टेबल तैनात की गई है। उत्तराखंड पुलिस एप के अन्तर्गत गौराशक्ति विकल्प में जाकर जब कोई महिला अपना रजिस्ट्रेशन करायेंगी तो संबंधित थाने से महिला सब इंस्पेक्टर को इसकी सूचना प्राप्त होते ही रजिस्ट्रेशन कराने वाली महिला से बात कर रजिस्ट्रेशन पूर्ण होने की जानकारी देगी, साथ ही समय-समय पर फीडबैक भी लिया जायेगा। गौरा शक्ति के अन्तर्गत स्व रजिस्ट्रेशन के अतिरिक्त महिलाएं ई-शिकायत भी दर्ज करा सकती हैं, साथ ही इसमें महिलाओं के कानूनी अधिकारों की जानकारी और महत्वपूर्ण फोन नम्बर भी उपलब्ध हैं।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, डीजीपी अशोक कुमार, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, अरविन्द सिंह ह्यांकी, रविनाथ रमन, एडीजी वी. मुरूगेशन, आईजी ए.पी. अशुमान, अपर सचिव गृह रिद्धिम अग्रवाल, डीआईजी गढ़वाल के. एस. नगन्याल, डीआईजी सेंथिल अबुदई, पी रेनुका देवी, जिलाधिकारी देहरादून सोनिका, एस.एस.पी देहरादून दलीप सिंह कुंवर, वर्चुअल माध्यम से गढ़वाल कमिश्नर सुशील कुमार एवं सभी जिलाधिकारी एवं एस.एस.पी उपस्थित रहे।

40 लाभार्थियों को लॉटरी के माध्यम से मिले आवास, शहरी विकास मंत्री ने सौंपे दस्तावेज

प्रदेश के आवास विकास मंत्री डॉ प्रेम चन्द अग्रवाल द्वारा विधानसभा स्थित सभाकक्ष में ई-बुकिंग पोर्टल के माध्यम से उत्तराखंड आवास एवं विकास परिषद द्वारा किये जा रहे आवास आवंटन हेतु आनलाइन ई-बुकिंग पोर्टल का शुभारंभ किया गया।
मंत्री डॉ अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के ए०एच०पी० घटक अन्तर्गत उत्तराखण्ड आवास एवं विकास परिषद द्वारा कुल 16 परियोजनाओं पर निजी विकासकों के माध्यम से कार्य गतिमान है। उक्त परियोजनाओं पर माह अप्रैल, 2022 के उपरान्त कार्य प्रारम्भ हुआ है। 3 परियोजनाएं क्रमशः कनकपुर- काशीपुर 1256, शिकारपुर-रुड़की 768 आवास एवं उकरौली-सितारगंज 1168 हेतु परिषद्, नगर निगमों/नगर निकायों तथा जिला विकास प्राधिकरणों व जनपद स्तरीय अन्य कार्यालयों के माध्यम से आवास आवंटन हेतु पात्र व्यक्यिों से आवेदन प्राप्त किये गये। उक्त आवेदनों की संवीक्षा उपरान्त प्राधिकरण, जिला प्रशासन एवं नगर निकाय के प्रतिनिधियों द्वारा संयुक्त स्थल निरीक्षण उपरान्त लॉटरी के माध्यम से आवास आवंटन की व्यवस्था की गयी है। लॉटरी हेतु परिषद् द्वारा एच०डी०एफ०सी० बैंक के साथ मिलकर ऑनलाईन आवास बुकिंग एवं ऑनलाईन लॉटरी हेतु ई-बुकिंग पोर्टल विकसित किया गया है।
मंत्री डॉ अग्रवाल ने कहा कि भविष्य में आवास आवंटन हेतु बुकिंग ऑफलाईन पद्धति के साथ-साथ ई-बुकिंग पोर्टल के माध्यम से ऑनलाईन आवेदन भी प्राप्त किये जा सकते हैं। इस हेतु राज्य स्तर पर कॉमन सर्विस सेन्टर के साथ पोर्टल का इन्टीग्रेशन किया जा चुका है। भविष्य में सभी परियोजनाओं की बुकिंग ऑफलाईन माध्यम के साथ-साथ कॉमन सर्विस सेन्टर के माध्यम से भी की जायेगी।
मंत्री आवास एवं शहरी विकास प्रेम चन्द अग्रवाल द्वारा ऑनलाईन ई-बुकिंग पोर्टल का शुभारम्भ अपर मुख्य सचिव आवास आनन्द बर्द्धन तथा आयुक्त उत्तराखण्ड आवास एवं विकास परिषद सुरेन्द्र नारायण पाण्डेय की उपस्थिति में किया गया। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार गरीबों के लिए है जिसका प्रयास है कि पारदर्शी तरीके से अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को सरकार की योजनाओं का लाभ मिल सके।
मंत्री डॉ अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अन्तर्गत शिकारपुर- रूड़की के 768 ई0डब्ल्यू0एस0 आवास हेतु कुल 923 आवेदन प्राप्त हुए थे। संवीक्षा एवं स्थलीय सत्यापन में 49 आवेदन पत्र अयोग्य पाये गये। शेष 874 आवेदकों में से 768 आवेदकों को ई-बुकिंग पोर्टल के माध्यम से ऑनलाईन लॉटरी आवंटित किये गये। उक्त लॉटरी में वरिष्ठ नागरिकों एवं दिव्यांगों को भूतल में आवास आंवटित किये गये हैं।
मंत्री डॉ अग्रवाल ने कहा कि लगभग 40 लाभार्थियों को आनलाइन लाटरी के माध्यम से आवास आवंटित किये गये हैं। परिषद् द्वारा आवास आवंटन के आवेदन, जांच/लॉटरी से आवंटन हेतु पूर्ण रूप से पारदर्शी पोर्टल एच०डी०एफ०सी० बैंक के सहयोग से विकसित किया गया है। इस अवसर पर एच०डी०एफ०सी० बैंक की ओर से विपिन त्रिपाठी, स्टेट हेड एवं बकुल सिक्का, एरिया हेड भी उपस्थित रहे।

फिल्म निर्माण के लिए राज्य सरकार द्वारा बेहतर सुविधाएं प्रदान की जा रही-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सिल्वर सिटी में सातवें देहरादून अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में बड़ी संख्या में फिल्म निर्माता शूटिंग के लिए उत्तराखंड आ रहे हैं। फिल्म निर्माण के लिए राज्य सरकार द्वारा बेहतर सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में फिल्मकारों के हित में फिल्मांकन की स्वीकृति हेतु ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध करायी गई है। अब एक सप्ताह में फिल्मांकन की स्वीकृति प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड आने वाले समय में फिल्म मेकर्स का पसंदीदा डेस्टिनेशन बनेगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में देहरादून-दिल्ली एलिवेटेड एक्सप्रेस वे से दिल्ली से देहरादून का सफर महज दो से ढाई घंटे में किया जा सकेगा। उत्तराखण्ड अध्यात्म व योग की धरती है। प्रदेश का लगभग 70 प्रतिशत भूभाग प्राकृतिक सुंदरता व वनों से घिरा हुआ है जो फिल्मांकन के लिये अनुकूल है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, विधायक सुरेश गड़िया, फिल्म निर्माता निर्देशक मधुर भंडारकर, रोहित राय, करण प्रधान, अभिनेत्री रूपा गांगुली, दीपा चिखलिया, हास्य कलाकार एहसान कुरैशी आदि उपस्थित रहे।

कौथिग उत्तराखण्ड महोत्सव में बिखरी उत्तराखण्ड की लोक संस्कृति की झलक

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शुक्रवार को रेसकोर्स बन्नू चौक स्थित गुरूनानक बालिका इंटर कॉलेज मैदान में आयोजित 10 दिवसीय अखिल गढ़वाल सभा देहरादून द्वारा आयोजित कोथिग उत्तराखण्ड महोत्सव में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अखिल गढ़वाल सभा जैसी संस्थाएं न केवल सामाजिक दायित्वों को पूरा कर रही है बल्कि उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन में भी अहम भूमिका निभा रही हैं। जो निश्चित रूप से सराहनीय प्रयास है। उन्होंने कहा कि अखिल गढ़वाल सभा के लिये भूमि उपलब्ध कराये जाने के प्रयास किये जायेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस महोत्सव में पहाडों के लोक गीत, लोक नृत्य और संस्कृति के विविध रूप दर्शकों को देखने को मिलेंगे। इससे हमारी संस्कृति के साथ पारम्परिक परिधानों व उत्पादों को पहचान मिलेगी। उन्होंने कहा कि जब हमारी युवा पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक विरासत के महत्व को पहचानेगी तभी इससे उनका जुड़ाव भी होगा।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी राज्य की समृद्ध लोक संस्कृति एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड को देश और दुनिया का नम्बर वन पर्यटन प्रदेश बनने के साथ ही अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पटल पर पहचान दिलाने के लिये भी हम प्रयासरत हैं। उत्तराखण्ड की संस्कृति, मेलों, उत्सवों के संरक्षण के लिए भी राज्य सरकार द्वारा प्रयास किये जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सम्पूर्ण देश में जो सांस्कृतिक पुनर्जागरण का महा अभियान चल रहा है, उसमें उत्तराखंड भी अपना योगदान दे रहा है। उत्तराखंड में भी केन्द्र सरकार के सहयोग से प्राचीन धार्मिक व सांस्कृतिक स्थलों के पुनर्द्धार और संरक्षण का कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी हमने अपना राज्य स्थापना दिवस मनाया, राज्य स्थापना के इन 22 वर्षों में राज्य ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। राज्य के सर्वांगीण विकास के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हम सबको मिलकर कार्य करना होगा। मुख्यमंत्री ने सभी से अपेक्षा की कि हम सब मिलकर देवभूमि को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का स्वप्न साकार करने में सहयोगी बने।
महोत्सव में लोक कलाकारों द्वारा राज्य की लोक संस्कृति के रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किये गये। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, विधायक खजान दास, प्रमोद नैनवाल, सुरेश गढ़िया, अखिल गढ़वाल सभा के अध्यक्ष रोशन धस्माना, महासचिव गजेन्द्र भण्डारी, सांस्कृतिक सचिव पं. उदय शंकर भट्ट एवं संस्कृति कर्मी उपस्थित रहे।