सीएम ने 100 दिन के कामकाज की विस्तार से दी जानकारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि हम अपने प्रत्येक संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध हैं। जनता से जो भी वादे किए गए, उन्हें पूरा किया जाएगा। वर्तमान सरकार के कार्यकाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार के 100 दिन विकास, समर्पण और प्रयास के रहे हैं। उत्तराखण्ड की देवतुल्य जनता ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ ही राज्य सरकार के कार्यों एवं नीतियों पर भरोसा करते हुए बढ़ चढ़कर आर्शीवाद दिया। जनता ने हम पर जो विश्वास दिखाया, उस पर हमारी सरकार खरा उतरेगी। हमने 100 दिन में अच्छा कार्य किया है और आगे भी अच्छा कार्य करने के साथ नया कीर्तिमान बनायेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपेक्षा के अनुसार उत्तराखण्ड को हर क्षेत्र में देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिये सभी के सहयोग से काम किया जा रहा है। 21वीं सदी का तीसरा दशक निश्चित तौर पर उत्तराखंड का दशक होगा। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में एक नई कार्य संस्कृति एवं कार्य व्यवहार आया है। हम उत्तराखण्ड में भी कार्यसंस्कृति में सुधार ला रहे हैं। राज्य सरकार पारदर्शिता के साथ विकल्प रहित संकल्प के साथ कार्य कर रही है। सरलीकरण, समाधान एवं निस्तारीकरण हमारे मूल मंत्र हैं। अपणि सरकार पोर्टल, ई-केबिनेट, ई-ऑफिस, सीएम डैश बोर्ड उत्कर्ष, सीएम हेल्पलाईन 1905, सेवा का अधिकार और ट्रांसफर एक्ट की पारदर्शी व्यवस्था के चलते कार्य संस्कृति में गुणात्मक सुधार हुआ है। भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के लिये 1064 शुरू की गई है। सचिवालय में सोमवार को नो मीटिंग डे रखा गया है ताकि शासन के अधिकारी लोगों से मिलने के लिये उपलब्ध रहें। जिला स्तरीय अधिकारियों को भी निर्देश दिये गये हैं कि वे सोमवार से शुक्रवार तक प्रातः 10 बजे से 12 बजे तक अपने कार्यालयों में आम जनता से मिलने के लिये उपलब्ध रहेंगे। अधिकारी व कर्मचारी समय पर कार्यालय आएं, इसके लिये बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य की गई है। सरकारी सेवाओं की डोरस्टेप प्रदान करने के लिये नई पहल की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम अपने हर वादे को पूरा करने में जुटे हैं। हमारी सरकार ने उत्तराखंड राज्य के लिए ’यूनिफॉर्म सिविल कोड’ का ड्राफ्ट तैयार करने हेतु कमेटी का गठन करा है, जो की जल्द ही अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। इस यूनिफॉर्म सिविल कोड का दायरा सभी नागरिकों के लिये समान क़ानून चाहे वे किसी भी धर्म में विश्वास रखते हों, होगा। हम गरीब परिवारों को तीन सिलेण्डर मुफ्त उपलब्ध करवाने जा रहे हैं। इसके लिये बजट में प्राविधान भी किया गया है। चारधाम सर्किट में आने वाले सभी मंदिरों और गुरूद्वारों में भौतिक ढांचे और परिवहन सुविधाओं का विस्तार की योजना है। मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के अंतर्गत कुमायूं के प्राचीन मंदिरों को भव्य बनाने की योजना है। इसके लिये प्रधानमंत्री से भी अनुरोध किया गया है। पर्वतीय क्षेत्रों में रोपवे नेटवर्क निर्माण के लिये पर्वत माला परियोजना पर कार्य किया जा रहा है। सुरकण्डा देवी रोपवे का संचालन प्रारम्भ कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिम प्रहरी योजना के अंतर्गत राज्य के भूतपूर्व सैनिकों एवं युवाओं को अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं के निकटवर्ती जिलों में बसने के लिये सभी आवश्यक सहायता प्रदान करने की आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। व्यापारी दुर्घटना बीमा योजना की धनराशि को 5 लाख रूपए से बढ़ाकर 10 लाख रूपए किया है। उत्तराखण्ड राज्य के वीरता पदक से सम्मानित सैनिकों को देय एकमुश्त अनुदान में वृद्धि को मंजूरी दी गई है। हमारी सरकार ने आंगनबाड़ी और आशा बहनों के साथ ही पर्यावरण मित्रों और शिक्षा मित्रों के मानदेय में बढ़ोतरी की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के 8 वर्ष के कार्यकाल में उत्तराखण्ड के लिये सवा लाख करोड़ रूपए से अधिक की विभिन्न परियोजनाएं प्रदेश के लिए स्वीकृत हुई हैं। इनमें बहुत सी योजनाओं पर काम तेजी से हो गया है या चल रहा है। श्री केदारपुरी का पुनर्निर्माण आदरणीय प्रधानमंत्री जी के विजन, नेतृत्व एवं संकल्प का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण है। बद्रीनाथ धाम के मास्टर प्लान पर भी काम हो रहा है। 16,216 करोड़ रूपए की 125 किमी लम्बी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है। परियोजना को 2024-25 तक पूरा करने का लक्ष्य है। टनकपुर-बागेश्वर और डोइवाला से गंगोत्री-यमुनोत्री रेललाइन के सर्वे के साथ ही हरिद्वार-देहरादून रेललाइन के दोहरीकरण का कार्य की भारत सरकार द्वारा सहमति दी गई है। केदारनाथ, बदरीनाथ, यमुनोत्री और गंगोत्री के साथ ही टनकपुर-पिथौरागढ़ की सड़क कनेक्टीवीटी में सुधार के लिए चारधाम ऑलवेदर सड़क परियोजना पर काफी कुछ काम किया जा चुका है।
केंद्र सरकार से पौंटा साहिब-देहरादून, बनबसा-कंचनपुर, भानियावाला-ऋषिकेश, काठगोदाम-लालकुंआ-हल्द्वानी बाईपास और रूद्रपुर बाईपास परियोजनाओं की महत्वपूर्ण सौगात मिली हैं। देहरादून में नियो मेट्रो रेल की रूपरेखा भी तैयार की जा रही है।जौलीग्रांट एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाया जा रहा है। उत्तराखण्ड पहला राज्य हैं जहां उड़ान योजना में हेली सर्विस शुरू की गई है। पिछले कुछ वर्षों मे एयर कनेक्टीवीटी को बहुत मजबूती मिली है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार द्वारा अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। इनमें 526 करोड़ की लागत से बाह्य सहायतित परियोजना ‘उत्तराखण्ड इंटिग्रेटेड हार्टिकल्चर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट’ औद्यानिकी के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगी। 38 छोटे नगरों में पेयजल के लिए 1600 करोड़ की लागत से ‘उत्तराखण्ड अर्बन वाटर सप्लाई प्रोजेक्ट’ और 2021 करोड़ लागत की सौंग परियोजना महत्वपूर्ण पेयजल योजनाएं हैं। 952 करोड़ की लागत से उत्तराखण्ड क्लाईमेट रेन-फेड फार्मिंग प्रोजेक्ट भी स्वीकृत किया गया है। भारत सरकार द्वारा 1750 करोड़ की परियोजना ‘डेवलपमेंट ऑफ बेस्ट इन क्लास ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर इन देहरादून एण्ड मसूरी’ स्वीकृत हो गई है। जमरानी बांध बहुद्देशीय परियोजना से नैनीताल व ऊधमसिंहनगर के तराई क्षेत्र लाभान्वित होंगे। सौंग बांध परियोजना से देहरादून में वर्ष 2053 तक अनुमानित आबादी के लिए पेयजल आपूर्ति उपलब्ध हो सकेगी। 300 मेगावाट की लखवाड़ बहुद्देशीय परियोजना के लिये निविदा भी आमंत्रित कर दी गई हैं। रूपए 1930 करोड़ से टिहरी लेक डेवलपमेंट का काम किया जा रहा है। ऋषिकेश में अर्न्तराष्ट्रीय कन्वेन्सन सेन्टर तथा वैलनेस सिटी को नीति आयोग, भारत सरकार द्वारा चयनित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अमृत योजना अन्तर्गत 7 शहरों में 593 करोड़ रूपए की कुल 151 योजनाएं (सीवरेज, पेयजल योजना, ड्रेनेज, पार्क निर्माण योजना) पर काम चल रहा है।उत्तराखण्ड में अनेक उच्च स्तरीय संस्थाएं लाए हैं। इनमें ऊधमसिंहनगर में एम्स का सैटेलाईट सेंटर, देश का पहला ड्रोन एप्लीकेशन सेंटर, सीपेट, कोस्ट गार्ड भर्ती सेंटर, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ऑन नेचुरल फाईबर प्रमुख हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो वर्षों में हमने प्रधानमंत्री के नेतृत्व में कोरोना महामारी का डटकर मुकाबला किया, वहीं विकास की गति को भी आगे बढ़ाया है। कोविड-19 की पहली और दूसरी लहर में हमारे कोविड-वारियर्स द्वारा सराहनीय काम किया गया। चिकित्सा कर्मियों के साथ ही राजस्व, पुलिस, पीआरडी, आंगनबाड़ी आदि कोरोना वारियर्स को प्रोत्साहन व सम्मान राशि द्वारा हमारी सरकार ने इनके मनोबल को बढ़ाने का काम किया है। प्रदेश में कोविड-19 से प्रभावित पर्यटन, परिवहन व संस्कृति क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए लगभग 200 करोड़, चिकित्सा क्षेत्र के लिए 205 करोड़ जबकि महिला स्वयं सहायता समूहों और राज्य सरकार की स्वरोजगार योजनाओं से जुड़े लाभार्थियों को 118 करोड़ रूपए का कोविड राहत पैकेज दिया की व्यवस्था की गई। प्रदेश में कोविड से प्रभावित परिवारों के निराश्रित बच्चों को वात्सल्य योजना का सहारा दिया गया है।
राज्य के युवाओं को देश से बाहर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाने के लिये राज्य में विदेश रोजगार प्रकोष्ठ के गठन की स्वीकृति दी गई है। मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना प्रारम्भ की गई है। इस बजट में इसके लिये 25 करोड़ रूपए धनराशि का प्राविधान भी किया गया है। ऑनलाईन पढ़ाई को और सुगम बनाने के लिए राज्य के राजकीय स्कूलों के कक्षा 10 और 12 के छात्र-छात्राओं और गवर्नमेण्ट डिग्री कॉलेजों के छात्रों को टैबलेट उपलब्ध कराना प्रारम्भ कर दिया गया है।
राज्य में निशुल्क जांच योजना के तहत मरीजों को 207 प्रकार की पैथेलॉजिकल जांचों की निशुल्क सुविधा मिल रही है।हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर में कई गुना बढ़ोतरी हुई है। आयुष्मान योजना के अंतर्गत अब तक 4 लाख 80 हजार से अधिक मरीज मुफ्त में उपचार करा चुके हैं। योजना के अंतर्गत लाभार्थियों के उपचार पर अब तक 755 करोड़ से अधिक का व्यय किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार दूरस्थ और पिछड़े क्षेत्रों के विकास को समर्पित है। सीमांत तहसीलों के लिए मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास योजना शुरू की है। वोकल फॉर लोकल पर आधारित ‘एक जनपद दो उत्पाद’ योजना से स्थानीय लोगों के लिए स्वरोजगार के अवसर पैदा होंगे, वहीं स्थानीय उत्पादों को विश्वस्तरीय पहचान मिलेगी। मुख्यमंत्री स्वरोजगार अति सूक्ष्म उद्यम योजना के तहत 50 हजार रूपए तक का ऋण बैंको के माध्यम से उपलब्ध कराया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में प्रधानमंत्री आवास योजना में लगभग 55 हजार गरीबों को आवास दिये जाने का लक्ष्य रखा गया है। होम स्टे योजना से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। हमारी सरकार, किसानों को तीन लाख रूपए और महिला स्वयं सहायता समूहों को पांच लाख रूपए तक का ऋण बिना ब्याज के उपलब्ध करा रही है।जिन किसान भाईयों के पास कृषि उपकरण नहीं हैं, उनके लिए ‘‘फार्म मशीनरी बैंक’’ योजना शुरू की है। इसके लिए 80 फीसदी तक सब्सिडी उपलब्ध कराई जा रही है। चाय बागान धौलादेवी, मुन्स्यारी, बेतालघाट को जैविक चाय बागान में परिवर्तीत किया जा रहा है। गोवंश की सुरक्षा और संरक्षण के लिये हमारी सरकार ने गौ सदनों की स्थापना के लिये बजट प्राविधान को इस वर्ष छः गुना कर दिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में खेल और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए नई खेल नीति लाई गई है। स्पोर्ट्स कॉलेज रायपुर को अंतराष्ट्रीय स्तर का स्पोर्ट्स विश्वविद्यालय बनाने हेतु प्रयास किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन खेल छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत राज्य के 08 वर्ष से 14 वर्ष तक के उदीयमान खिलाड़ियों को 1500 रूपए प्रतिमाह खेल छात्रवृत्ति का प्राविधान किया गया है। ग्रामीण स्तर पर ओपन जिम के लिये 10 करोड़ रूपए का बजट में प्राविधान किया गया है।
पिछले लगभग पांच वर्षों में उत्तराखण्ड ने विभिन्न क्षेत्रों में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। सतत् विकास लक्ष्य सूचकांक में वर्ष 2018 में हम 10वें स्थान पर थे और अब हमारा स्थान चौथा हो गया है।तमाम सामाजिक-आर्थिक सूचकांकों में हम देश के अग्रणी राज्यों में हैं। उत्तराखण्ड नागरिक उड्डयन विभाग को रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के सफल संचालन में वर्ष 2020 में मोस्ट प्रो-एक्टीव स्टेट से सम्मानित किया गया है। इन्स्पायर अवार्ड हेतु नामांकन में विद्यालयवार प्रतियोगिता के आधार पर पूरे देश में उत्तराखण्ड प्रथम स्थान पर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की अपेक्षा के अनुसार वर्ष 2025 तक उत्तराखण्ड को देश का नम्बर एक राज्य बनाने के लिये हम विकल्प रहित संकल्प के साथ काम कर रहे हैं। हम अपने प्रत्येक संकल्प को पूरा करने के लिये प्रतिबद्ध है। हम विश्वास के साथ कह सकते हैं कि हम समृद्ध और आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड का निर्माण करेंगे।

बच्चों में नशें की प्रवृति रोकने के प्रयास किये जाये-मुख्य सचिव

मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु ने कहा कि गरीब बच्चों के लिए नशा मुक्ति हेतु विशेष प्रयास किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे नशा मुक्ति केंद्रों की जानकारी आमजन तक पहुंचाई जाए, ताकि आमजन विशेषकर गरीब लोग नशामुक्ति केंद्रों की जानकारी के अभाव में इधर उधर न भटकें, सरकारी योजनाओं का लाभ ले सकें। उन्होंने कहा कि स्कूलों में पेरेंट्स टीचर्स मीटिंग्स आयोजित कर जन जागरूकता फैलाई जाए। उन्होंने नशामुक्ति हेतु लगातार जागरूकता अभियान चलाए जाने के भी निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने सीज्ड ड्रग्स के निष्पादन हेतु लीगल मैकेनिज्म विकसित करने की बात भी कही। कहा कि एंटी ड्रग समितियों की लगातार बैठकें आयोजित की जाएं। जिला स्तरीय बैठकें अगले 15 दिनों में आयोजित कर ली जाएं। उन्होंने सभी स्टेकहोल्डर विभागों द्वारा अपने नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाने हेतु भी निर्देशित किया।
मुख्य सचिव ने जेलों में कैद 25 वर्ष से कम उम्र के युवाओं को अलग बैरकों में रखे जाने हेतु व्यवस्था किए जाने के निर्देश दिए। कहा कि इससे युवाओं को अपराध की दिशा में भटकने से बचाया जा सकेगा साथ ही उनके लिए कौशल विकास प्रशिक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि ऐसे युवा कौशल प्रशिक्षण लेकर अपने भविष्य को सुधार सकें।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, डीजीपी अशोक कुमार, प्रमुख सचिव एल फैनई एवं अपर सचिव गृह रिद्धिम अग्रवाल सहित अन्य सम्बन्धित विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।

जीएसटी क्षतिपूर्ति की अवधि को आगे बढ़ाने का अनुरोध

केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में चंडीगढ़ में 47वीं जीएसटी कॉउंसिल की दो दिवसीय बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में उत्तराखंड के वित्त मंत्री डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल शामिल हुए। बैठक के बीच डॉ अग्रवाल ने केंद्रीय मंत्री से मुलाकात की। उन्होंने जीएसटी परिषद को जीएसटी लागू होने के बाद उत्तराखंड की आर्थिक स्थिति की जानकारी दी और जीएसटी क्षतिपूर्ति की अवधि को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। इस सन्दर्भ में डॉ अग्रवाल ने केंद्रीय मंत्री को ज्ञापन भी दिया।
बुधवार को बैठक के दूसरे दिन केंद्रीय मंत्री से हुई मुलाकात में वित्त मंत्री डॉ. अग्रवाल ने बताया कि राज्य के गठन के समय वर्ष 2000-2001 में प्राप्त संग्रह 233 करोड़ था, नया राज्य गठन होने के बावजूद उत्तराखंड लगातार इस ओर वृद्धि प्राप्त कर रहा था। वर्ष 2016-17 में प्राप्त संग्रह राज्य गठन के समय से लगभग 31 गुना बढ़कर रू0 7,143 करोड़ हो गया था। इस अवधि राजस्व प्राप्ति के दृष्टिगत राज्य लगभग 19 प्रतिशत की दर से वृद्धि कर रहा था और वृद्धि दर के आधार पर देश के अग्रणी राज्यों में शामिल था। जबकि जीएसटी लागू होने के उपरान्त राज्य के राजस्व में अपेक्षित वृद्धि दर्ज नहीं की जा सकी है।
वित्त मंत्री ने इसके प्रमुख कारण भी गिनाये। उन्होंने कहा कि संरचनात्मक परिवर्तन, न्यून उपभोग आधार, एसजीएसटी के रूप में भुगतान किए गए करों का आईजीएसटी के माध्यम से बहिर्गमन, वस्तुओं पर वैट की तुलना में कर की प्रभावी दर कम होना, राज्य में सेवा का अपर्याप्त आधार तथा जीएसटी के अन्तर्गत वस्तुओं तथा सेवाओं पर कर दर में निरन्तर कमी होना हैं।
वित्त मंत्री डॉ. अग्रवाल ने कहा कि राज्य द्वारा प्राप्त वास्तविक राजस्व के कम रहने के कारण राज्य की जीएसटी प्रतिपूर्ति की आवश्यकता में निरंतर वृद्धि हुयी है। यह सम्भावित है कि क्षतिपूर्ति अवधि की समाप्ति के उपरान्त वर्ष 2022-23 में ही राज्य को लगभग सीधे तौर पर रू 5000 करोड़ की हानि होने की संभावना है। जो उत्तराखंड के भौगोलिक और आर्थिक दृष्टि से सही नही है।
वित्त मंत्री डॉ. अग्रवाल ने बताया कि उत्तराखण्ड राज्य की चीन और नेपाल के साथ एक लम्बी अन्तर्राष्ट्रीय सीमा है, जिसके कारण राज्य का अत्यधिक सामरिक महत्व है। सीमांत पर्वतीय राज्य होने के कारण सुविधाओं के अभाव में पलायन राज्य की एक मुख्य समस्या रहा है। सीमांत क्षेत्रों से पलायन राष्ट्रीय सुरक्षा के परिप्रेक्ष्य में अत्यन्त संवेदनशील है इसीलिए राज्य में आधार संरचना का विकास किया जाना अत्यधिक आवश्यक है। इस प्रकार राज्य में आधार संरचना विकसित किये जाने तथा अन्य विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त राजस्व संसाधनों की आवश्यकता है।
वित्त मंत्री डॉ. अग्रवाल ने कहा कि जीएसटी क्षतिपूर्ति पर राज्य की अत्यधिक निर्भरता होने के कारण क्षतिपूर्ति व्यवस्था के अभाव में राज्य के विकास एवं जन कल्याणकारी कार्य प्रतिकूल रूप से प्रभावित होंगे।
वित्त मंत्री डॉ. अगवाल ने इस बात पर जोर दिया कि जीएसटी क्षतिपूर्ति की अवधि जून, 2022 के पश्चात भी अग्रेत्तर वर्षों के लिये बढ़ाया जाना राज्य के हित में आवश्यक है। इस संदर्भ में डॉ अग्रवाल ने ज्ञापन भी दिया।
इस मौके पर केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने सकारात्मक कार्यवाही का भरोसा दिया। वहीं, डॉ अग्रवाल ने केंद्रीय मंत्री को वर्षाकाल के बाद चारधाम यात्रा पर आने का निमंत्रण भी दिया, जिसे केंद्रीय मंत्री ने स्वीकार भी किया।

केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्यो में लापरवाही बर्दाश्त नही-मुख्य सचिव

मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु ने बुधवार को सचिवालय में केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्यों की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि केदारनाथ में चल रहे सभी कार्य सुचारू रूप से चलते रहें, इसके लिए आवश्यक सामग्री और स्किल्ड-अनस्किल्ड लेबर की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि निर्माण सामग्री पहुंचाने हेतु भी फुल प्रूफ प्लान तैयार किया जाए ताकि किसी छोटी से छोटी सामग्री की कमी से कोई कार्य बाधित न हो। उन्होंने कहा कि निर्माण सामग्री के ट्रांसपोर्टेशन के लिए घोड़े-खच्चरों आदि की कमी नहीं हो, इसके प्रयास किए जाएं। चारधाम यात्रा में यात्रियों की संख्या कम होने से बहुत से घोड़े खच्चर के संचालकों को निर्माण सामग्री के ढुलान में लगाए जाने हेतु प्रयास किए जाएं।
मुख्य सचिव ने कहा कि स्किल्ड लेबर के साथ अनस्किल्ड लेबर को लगाकर स्किल्ड करने के प्रयास किए जाएं। उन्होंने कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण करने हेतु कार्यों में तेजी लाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण सामग्री और ट्रांसपोर्टेशन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लेबर को रहने खाने की समस्या न हो इसका विशेष ध्यान रखा जाए, साथ ही उनके बिलों का समय से भुगतान किया जाए।
इस अवसर पर सचिव दिलीप जावलकर सहित सम्बन्धित विभागों के उच्चाधिकारी एवं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग भी उपस्थित रहे।

सीएम के निर्देश-अगले तीन माह विशेष सतर्कता बरती जाये

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को सचिवालय में आपदा प्रबंधन की समीक्षा करते हुए कहा कि रेस्पोंस टाईम कम से कम होना चाहिए। आपदा की स्थिति में राहत व बचाव कार्य तत्काल शुरू हो जाने चाहिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आपदा से संबंधित किसी भी चुनौती से निपटने के लिए हर दम अलर्ट रहने के निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा प्रबंधन की दृष्टि से अगले तीन माह महत्वपूर्ण हैं। आपदा की चुनौतियों से निपटने के लिए जिलाधिकारी अधिकांश निर्णय अपने स्तर पर लें। जिन समस्याओं का समाधान जिलास्तर पर नहीं हो पा रहा है, उन्हें ही शासन तक भेजा जाय। उन्होंने सभी विभागों को समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड आपदा की दृष्टि से संवेदनशील राज्य है। आपदा के दृष्टिगत अगले तीन माह अधिकारियों की छुट्टी विशेष परिस्थिति में ही स्वीकृत की जाए। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि जिलों में आपदा प्रबंधन के लिए जो धनराशि दी जा रही है, उसका आपदा मानकों के हिसाब से अधिकतम उपयोग हो, यह सुनिश्चित किया जाए। आपदा प्रभावितों को आपदा मानकों के हिसाब से मुआवजा यथाशीघ्र मिले। आपदा प्रबंधन के दृष्टिगत रिस्पांस टाइम कम से कम हो। बारिश या भूस्खलन से सड़क, बिजली, पानी की आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में कम से कम समय में आपूर्ति सुचारू की जाय। यह सुनिश्चित किया जाए कि आपदा की दृष्टि से संवेदनशील स्थानों में जेसीबी की पर्याप्त व्यवस्था हो एवं उनके ट्रैकिंग सिस्टम की व्यवस्था की जाए। सभी सैटेलाईट फोन चालू अवस्था में रहें। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि राज्य के पर्वतीय जनपदों एवं आपदा की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों के लिए खाद्य सामग्री, आवश्यक दवाओं एवं अन्य आवश्यक वस्तुओं की पूर्ण व्यवस्था रखी जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा की दृष्टि से संवेदनशील स्थानों पर एसडीआरएफ की टीमें बढ़ायी जाए। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि जिन जनपदों में ड्रेनेज सिस्टम की समस्याएं हैं, ड्रेनेज प्लान शीघ्र भेजें। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि शासन स्तर पर जो बैठकें होती हैं, उससे पूर्व संबंधित विषयों पर जिलाधिकारी सभी विभागों की बैठक करें, ताकि शासन स्तर पर होने वाली बैठक में जिला स्तर पर आने वाली सभी परेशानियों को रखा जा सके।
मुख्यमंत्री वाहन दुर्घटना में मृतक परिजनों को दिये जाने वाले मुआवजे में वृद्धि का प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा प्रबंधन के साथ ही चारधाम यात्रा एवं कांवड़ यात्रा भी महत्वपूर्ण है। इस वर्ष चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ी है। मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा से जुड़े जनपदों के अधिकारियों को निर्देश दिये कि यह सुनिश्चित किया जाए कि चारधाम यात्रा सुव्यवस्थित चले। कांवड़ यात्रा की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी हरिद्वार, देहरादून, टिहरी एवं पौड़ी को पुलिस के साथ निरन्तर समन्वय बनाने के निर्देश दिये।
बैठक में मुख्य सचिव डॉ. एस.एस.संधु, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के.सुधांशु, डीजीपी अशोक कुमार, प्रमुख वन संरक्षक विनोद कुमार सिंघल, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, डॉ. रंजीत सिन्हा, कमिश्नर कुमांऊ दीपक रावत, डीआईजी कुमांऊ डॉ. नीलेश आनंद भरणे, सभी जिलाधिकारी, एस.एस.पी एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

टिहरी और उत्तरकाशी का प्रभारी मंत्री बनने पर प्रवासी नागरिकों ने किया अभिनंदन

कैबिनेट मंत्री व क्षेत्रीय विधायक डॉ प्रेमचंद अग्रवाल का टिहरी जिले का प्रभारी मंत्री बनने पर छिद्दरवाला में टिहरी जिले के प्रवासियों ने आतिशबाजी कर भव्य स्वागत किया।
मंगलवार को छिद्दरवाला स्थित गुरुद्वारा में स्वागत कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर आतिशबाजी की गई। पूर्व जिला पंचायत सदस्य देवेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि कैबिनेट मंत्री डॉ अग्रवाल के टिहरी जिले का प्रभारी मंत्री बनने से विकास की गति में बढ़ोतरी होगी। कहा कि डॉ अग्रवाल के काम करने की शैली विकास परक है। ऋषिकेश विधानसभा से चार बार विधायक उनकी विकास परक सोच को दर्शाता है।
ब्लॉक प्रमुख भगवान सिंह पोखरियाल ने कहा कि टिहरी जिले के मंत्री बनने से जिला नियोजन एवं अनुश्रवण समितियों के बजट रिलीज होने में अड़चने नहीं पैदा होंगी। इससे दोनों जिलों में विकास कार्यों को गति मिलेगी। कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में अक्सर समय पर बजट ना मिलने के कारण विकास कार्य अवरुद्ध हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि डॉ अग्रवाल के टिहरी जिले में प्रभारी मंत्री बनने पर यहां की जनता को सीधा लाभ मिलेगा। कहा कि डॉ अग्रवाल सबका साथ सबका विकास की धारणा से कार्य करते हैं। प्रभारी मंत्री बनने से हर वर्ग के लिए कार्य किया जाएगा। इस मौके पर आतिशबाजी कर डॉ अग्रवाल को बधाई दी गयी।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने मंत्रिमंडल के सदस्यों को जिलों में प्रभारी मंत्री के रूप में जिम्मेदारी सौंपी है इस क्रम में कैबिनेट मंत्री व ऋषिकेश विधायक डॉ प्रेमचंद अग्रवाल को टिहरी और उत्तरकाशी जिले की जिम्मेदारी मिली है।
स्वागत करने वालों में ब्लॉक प्रमुख भगवान सिंह पोखरियाल, पूर्व जिला पंचायत सदस्य देवेंद्र सिंह नेगी, प्रधान भगवान सिंह मेहर, सोबन सिंह कैंतुरा, प्रधान प्रतिनिधि बलविंदर सिंह लाला, पूर्व प्रधान हरीश कक्कड़, मण्डल अध्यक्ष महिला मोर्चा समा पंवार, क्षेत्र पंचायत सदस्य अमर खत्री, महामंत्री श्यामपुर मण्डल भूपेंद्र रावत, कैलाश रतूड़ी, बृज मोहन जोशी, बिशन सिंह बिष्ट, कपिल कक्कड़, राकेश पोखरियाल, अनिता राणा, कुलवीर बिष्ट, अम्बर गुरंग, आयुष रावत, चन्द्रवीर सिंह सजवाण, धर्म सिंह चौहान सहित टिहरी जिले के प्रवासी ग्रामीण आदि उपस्थित रहे।

केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतामरण ने वित्त मंत्री अग्रवाल की सराहना की

चंडीगढ़ में माल और सेवा कर परिषद की 47वीं दो दिवसीय बैठक का आयोजन हुआ। इसमें वित्त व संसदीय कार्य, शहरी विकास व आवास, पुनर्गठन एवं जनगणना मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने भी प्रतिभाग किया। इस दौरान डॉ अग्रवाल को केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण जी ने सम्मानित भी किया।
मंगलवार को आयोजित बैठक के प्रथम दिन केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जी की अध्यक्षता में सभी राज्यों के वित्त मंत्री सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
उत्तराखंड के वित्त मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने भी बैठक में प्रतिभाग किया। बैठक के दौरान उन्होंने विभिन्न एजेंडे पर अपनी बात रखी। बैठक की मध्यता के बीच केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने उत्तराखंड वित्त मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल को सम्मानित किया। उन्होंने 75वें आज़ादी के अमृत महोत्सव के लिए वित्त मंत्री डॉ अग्रवाल को शुभकामनाएं दी।
वित्त मंत्री डॉ अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने प्रथम बार उत्तराखंड का बजट पेश किया। जिसे सभी वर्ग को ध्यान में रखते हुए बनाया गया। बताया कि राज्य में संतुलित बजट पेश किया, जिसे काफी सराहा गया है। इस पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जी ने हर्ष व्यक्त किया।
इस दौरान सचिव वित्त सौजन्या, कमिश्नर वित्त इकबाल अहमद, जॉइंट कमिश्नर अनुराग मिश्रा भी मौजूद रहे।

योग शिविर में यौगिक क्रियाओं का अभ्यास कराया

प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग विभाग एचएनबी विश्वविद्यालय और ऋषिकेश योग पीठ के संयुक्त तत्वावधान में चल रहे योग प्रशिक्षण शिविर में साधकों को विभिन्न यौगिक क्रियाओं के अभ्यास के साथ ही उनसे होने वाले लाभों से रूबरू कराया।
राजकीय इंटर कालेज आईडीपीएल में आयोजित सप्ताहव्यापी योग प्रशिक्षण शिविर के चौथे दिन मंगलवार को प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग विभाग एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय के संस्थापक डॉ. विनोद नौटियाल, डॉ. रजनी नौटियाल (आचार्य योग विभाग) और उनके सहयोगी दल ने साधकों को योग प्रशिक्षण व प्राकृतिक चिकित्सा के गुर सिखाए। बताया कि कुछ विशिष्ठ योग के नियमित अभ्यास से गंभीर रोगों के उपचार संभव है। इस दौरान यमुनानगर से आए लिटिल मास्टर दक्ष धीमान ने योग की सुंदर प्रस्तुति दी। शिविर का संचालन डॉ. सुधीर कुमार और मनोज कुमार गुप्ता ने किया। मौके पर सेवानिवृत वायुसेना अधिकारी देवेश्वर प्रसाद रतूड़ी, सेतु फाउंडेशन अध्यक्ष सरिता भट्ट, कार्यक्रम अधिकारी विजय पाल सिंह, ओम प्रकाश गुप्ता, गीता पंत शर्मा, रीना कश्यप, संगीता, रूबी, रितु, शकुंतला, रुदाली, महिमा, श्रद्धा, पूजा, अनमोल कश्यप, छवि, श्रृष्ठि, कनिका, गरिमा, ईशिका राणा, प्राक्षी, अनमोल, अनामिका , कविता, स्वाति, मधुबाला, चिराग गुप्ता आदि मौजूद रहे।

पुलिस ने महिला से छेड़छाड़ करने के आरोपी को किया गिरफ्तार

कोतवाली अंतर्गत एक महिला से छेड़छाड़ और जबरदस्ती करने के आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
कोतवाली पुलिस ने महिला से छेड़छाड़ करने के आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक बीते रोज एक महिला ने तहरीर देकर बताया था कि मकसूद अली पुत्र सलीम अली निवासी शांतिगर, झुग्गी झोपड़ी ने रात को सोते समय महिला के साथ छेड़छाड़ की। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी भी दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी मकसूद को परशुराम चौक के पास से गिरफ्तार किया है। कोतवाल रवि सैनी ने बताया कि आरोपी को कोर्ट में पेश किया जायेगा।

दुकान की छत काटकर चोरी करने के आरोप में पुलिस ने किया गिरफ्तार

दुकान की छत से टीन काटकर नकदी और ग्लाइडर मशीन चोरी करने के आरोप में पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
कोतवाली पुलिस के मुताबिक 27 जून को दुकानदार शकील अहमद पुत्र बोदे मियां निवासी कृष्णा नगर कॉलोनी आईडीपीएल ऋषिकेश ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि उसकी बैराज कॉलोनी में आटा चक्की की दुकान है। 22 जून की रात किसी ने दुकान की छत काटकर नगदी और दुकान में रखी ग्लाइडर मशीन चोरी कर ली। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी। सोमवार को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने बैराज तिराहे के पास से एक युवक गिरफ्तार किया। कोतवाल रवि सैनी ने बताया की आरोपी ने स्वयं को मयंक कुमार पुत्र स्व. सुंदरलाल निवासी बैराज कॉलोनी, ऋषिकेश बताया। आरोपी से पांच हजार रुपये की नगदी और ग्लाइडर मशीन बरामद हुई है। जिसे वह बेचने के लिए ले जा रहा था।