हरिद्वार डोईवाला के बीच नहीं चले वाहन

कई स्थानों पर पुलिस ने अवरोधक लगा रोके वाहन
राष्ट्रपति की सुरक्षा को दो घंटे जीरो जोन रहा डोईवाला हाईवे
गुरूवार शाम 6 से 8 बजे तक मार्ग रहा बंद
रायवाला।
राष्ट्रपति का काफिला लगभग शाम छह बजकर चालीस मिनट पर जौलीग्रांट के लिए निकला। शाम सात बजकर दस मिनट पर राष्ट्रपति नेपाली फार्म तिराह क्रास किया। राष्ट्रपति के जाने पर हरिद्वार ऋषिकेश बीच वाहन चलने शुरू हो गए। जबकि करीब आधा घंटे बाद रोके गए वाहन नेपाली फार्म से डोईवाला के लिए छोड़े गए। सुरक्षा के चलते पुलिस ने शाम चार बजे से ही वाहनों का रूट डायवर्ट कर चीला बैराज से हरिद्वार भेजना शुरू कर दिया। जबकि हरिद्वार से ऋषिकेश व देहरादून जाने वाले वाहन भी चीला बैराज रानीपोखरी होकर देहरादून भेजे गए। शाम छह बजे बाद हरिद्वार जौलीग्रांट के बीच जीरो जोन होने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। खासकर लोकल वाहन चालकों को भी पुलिस रोके रखा। इसको लेकर दुपहिया चालकों की पुलिस से झड़पें भी हुई। सीओ चक्रधर अंथवाल ने बताया कि राष्ट्रपति की सुरक्षा को लेकर कड़े प्रतिबंध किए गए। जिससे हरिद्वार जौलीग्रांट हाईवे को दो घंटे तक जीरो जोन में रखा गया।

वेतन न मिलने से भड़के पालिका कर्मी बेमियादी हड़ताल पर

संविदा, आउटसोर्सिंग और मेला कर्मियों को तीन माह से नहीं मिला वेतन
नगर पालिका के ईओ पर संगठन अध्यक्ष से अभद्रता का आरोप लगाया
ऋषिकेश।
बुधवार को ऋषिकेश पालिका के कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर अधिशासी अधिकारी वीपीएस चौहान के दफ्तर पर इकट्ठा हुए। संयुक्त कर्मचारी संघर्ष समिति की अध्यक्ष मंजू चौहान के अनुसार, सुबह 11 बजे तक ईओ दफ्तर नहीं पहुंचे तो कर्मचारियों के कहने पर उन्होंने फोन घुमाया। उन्होंने कर्मचारियों के साथ वार्ता के लिए कहा तो आरोप है कि ईओ चौहान ने उन पर अभद्र टिप्पणी कर दी। इस दौरान मंजू चौहान ने अपने मोबाइल का स्पीकर ऑन किया हुआ था। जब कर्मचारियों ने ईओ की बात सुनी तो पालिका दफ्तर में काम करने से मना कर दिया। इसके बाद कर्मचारी बेमियादी हड़ताल पर चले गए। उन्होंने पालिका के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ऐसे में पालिका दफ्तर पहुंचे लोगो को बैरंग ही लौटना पड़ा। देर शाम तक पालिका कर्मचारी दफ्तर पर जमे रहे। लेकिन, न तो ईओ के साथ उनकी वार्ता हो सकी और न ही पालिकाध्यक्ष से कोई आश्वासन ही मिला। वहीं, इस बारे में पालिका ईओ वीपीएस चौहान से जब उनका पक्ष जानना चाहा तो कई बार कोशिश के बावजूद उनसे संपर्क नहीं हो सका। प्रदर्शन में वेद प्रकाश बिजल्वाण, राजेंद्र गर्ग, ज्योति प्रसाद उनियाल, ललित मोहन शर्मा, नवीन शर्मा, विनोद त्यागी, कविता लोहानी, मगना पोखरियाल, सरोजनी देवी, अनिता, सुमित्रा, सफाई नायक नरेश खैरवाल, महेंद्र, जितेंद्र, विनोद, मुकेश, सतपाल दानव, राजेश डोगरा, तीरथ, विनेश आदि शामिल रहे।

पालिका में कार्यरत हैं 125 कर्मचारी
ऋषिकेश पालिका में आउटसोर्सिंग के जरिये तैनात 40 कर्मचारियों और संविदा पर लगे 35 सफाई कर्मचारियों को पिछले तीन माह से वेतन नहीं मिला है। जबकि 50 मेला कर्मचारियों को एक माह 27 दिन से वेतन का इंतजार है। जबकि इन कर्मचारियों को पालिका प्रशासन ने समय से पहले ही बजट की कमी का हवाला देकर हटा दिया था, लेकिन वेतन नहीं दिया। नाम न छापने की शर्त पर एक कर्मचारी ने बताया कि पहले तो वेतन ही कम है और ऐसे में तीन माह से वेतन नहीं मिल रहा है। अब तो राशन विक्रेता भी सामान उधार में देने से मना कर रहा है। ऐसे में कर्मचारी कहां जाएं, हमारी आवाज कोई नहीं सुनता।

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ईओ से वार्ता का प्रयास किया गया था, लेकिन उन्होंने वार्ता नहीं की। दोपहर लंच के वक्त वह दफ्तर आए और कर्मचारियों से बिना मिले ही वापस लौट गए। जब तक पालिका प्रशासन से सकारात्मक वार्ता नहीं हो जाती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
मंजू चौहान, संयुक्त कर्मचारी संघर्ष समिति, ऋषिकेश पालिका

दवा की चपेट में आने से कर्मचारी बेहोश

दवा का छिड़काव कर रहा था कर्मचारी
ऋषिकेश।
नगर पालिका अपने कर्मचारियों को लेकर कितनी संजीदा है। इसकी बानगी मंगलवार को देखने को मिली। दवा छिड़काव कर रहे एक कर्मचारी कीटनाशक दवा की चपेट में आ गये। बताया जा रहा कि दवा छिड़काव कर रहे कर्मचारी ने मॉस्क और ग्लब्स नही पहना था। दवा के रिसाव की बात भी सामने आ रही है। सूत्रों की मानें तों पालिका कर्मचारियों को सुविधायें भी मुहैया नही कराती है।
सुबह घटित हुई घटना के बाद कर्मचारियों में पालिका के प्रति रोष देखने को मिला। नाम न छापने की शर्त पर एक कर्मचारी ने बताया कि सफाई कर्मचारियों को पालिका प्रशासन कोई सुविधा नही दे रहा है। वहीं, सरकारी अस्पताल में पीड़ित कर्मचारी को ड्रिप व दवाई दी गयी। तब जाकर कर्मचारी नार्मल हो पाया। सरकारी अस्पताल के अनुसार कीटनाशक दवा पीड़ित की सांस के साथ शरीर में चली गई। जिससे चक्कर आना, उल्टी व बेहोशी छाने लगी। अब हालत ठीक है।

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दवा छिड़काव करते समय दवा का रिसाव हुआ। कर्मचारी इसी की चपेट में आया है। मॉस्क व ग्लब्स कर्मचारियों को दिये जाते है।
सचिन रावत, सफाई निरीक्षक पालिका ऋषिकेश।

भूमिधरी के अधिकार की मांग को लेकर तहसील में प्रदर्शन

विस्थापितों ने एसडीएम के माध्यम से सीएम हरीश रावत को भेजा ज्ञापन
ऋषिकेश।
सोमवार को विस्थापित समन्वय विकास समिति के बैनर तले सैकड़ों टिहरी बांध प्रभावित जुलूस के रूप में तहसील पहुंचे और प्रदर्शन किया। करीब एक घंटे तक तहसील का घेराव जारी रखा। समिति अध्यक्ष हरि सिंह भण्डारी ने कहा कि 16 साल बीतने के बाद भी विस्थापित परिवारों को भूमिधरी का अधिकार नहीं मिल पाया है।

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टिहरी बांध के लिए 12 ग्राम सभाओं के तीन हजार परिवारों को वर्ष 2000 में पशुलोक में बसाया गया था। बताया कि लंबे समय तक मांग पूरी न होने के बाद वे बीती 25 जुलाई से सामुदायिक भवन में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। लेकिन सरकार अब भी उनकी सुध नहीं ले रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने पशुलोक विस्थापित क्षेत्र में बसाए परिवारों को जल्द भूमिधरी का अधिकार नहीं दिया तो आंदोलन उग्र कर दिया जाएगा। मौके पर मौजूद एसडीएम कुश्म चौहान के माध्यम से प्रदर्शनकारियों ने सीएम हरीश रावत को ज्ञापन भी भेजा। इस मौके पर बेताल खरोला, सब्बल सिंह राणा, करण सिंह रावत, उमाकांता बिज्लवाण, यशपाल सिंह, प्रताप सिंह राणा, सुरेन्द्र सिंह राणा, लक्ष्मण सिंह चौहान, विजयपाल, जगदंबा सेमवाल, कुशला राणा, मतादेवी पंवार, देवेश्वरी देवी, नीलम नौटियाल, लक्ष्मी खण्डूडी, सीता नौटियाल, लज्जा देवी, इंदु बहुगुणा, विमला देवी पंवार, पार्वती बुटोला, पार्वती नेगी, मंसूरी राणा, रोशनी बडियार, शकुंतला राणा, सरोजनी सहित सैकड़ों लोग मौजूद थे।

अतिक्रमण हटाने गई टीम बैरंग लौटी

नगर पालिका ऋषिकेश की टीम को नहीं मिली पुलिस फोर्स
जिलाधिकारी के निर्देश पर संयुक्त टीम को करनी थी कार्रवाई
ऋषिकेश।
डीएम के आदेश पर नगर पालिका ऋषिकेश टीम शनिवार को अतिक्रमण हटाने गई, लेकिन पुलिस फोर्स नहीं मिलने पर टीम को बैरंग लौटना पड़ा। पालिका के अधिकारी पुलिस की मौजूदगी में ही कार्रवाई की बात कह रहे हैं।
जिलाधिकारी रविनाथ रमन ने बड़े बाजार से अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए हैं। क्षेत्र होने के चलते नगर पालिका ऋषिकेश को अतिक्रमण हटाने की जिम्मेदारी मिली। पुलिस फोर्स की मौजूदगी में कार्रवाई होनी है। इसके लिए 24 सितंबर का तय हुआ था। पालिका की टीम तो शनिवार को समय पर पहुंच गई, लेकिन पुलिस फोर्स नहीं पहुंची। इस तरह का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले अवैध होर्डिंगों के खिलाफ चले अभियान में भी पुलिस का सहयोग पालिका को नहीं मिला था। ऐसे में दो सरकारी विभागों में तालमेल की कमी साफ नजर आ रही है। इस कारण अतिक्रमणकारियों और अवैध होर्डिंग लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो पा रही है।
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नगर पालिका की टीम तय समय पर अतिक्रमण हटाने पहुंची थी। पुलिस फोर्स का इंतजार किया गया। अतिक्रमण पर विवाद की स्थिति है, लिहाजा पुलिस की अनुपस्थित में कार्रवाई संभव नहीं है। उप जिलाधिकारी को अवगत करा दिया गया है।
वीपीएस चौहान, अधिशासी अधिकारी पालिका ऋषिकेश

राष्ट्रपति दौरे को लेकर सड़क मरम्मत का कार्य जोरों पर चल रहा है। ट्रैफिक व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस को कई जगह लगाना पड़ा है। इसके चलते शनिवार को अतिक्रमण हटाने के लिए पुलिस फोर्स उपलब्ध नहीं हुई। अतिक्रमण पर जल्द कार्रवाई की जाएगी।
कुश्म चौहान, एसडीएम ऋषिकेश

महिला लोक अदालत में दो मामले निस्तारित

5 मामले की जांच एसएसपी को सौंपी
2 अन्य मामलों में केस दर्ज करने के निर्देश
ऋषिकेश।
गुरुवार को नगर पालिका ऋषिकेश के स्वर्ण जयंती सभागार में उत्तराखंड महिला आयोग की अध्यक्ष सरोजनी कैंतुरा ने महिला लोक अदालत में घरेलू हिंसा के सात मामले की सुनवाई की। दो मामलों को मौके पर ही निस्तारित किया। पांच मामले एसएसपी देहरादून को जांच के लिए सौंपे। इस दौरान दो नए मामले घरेलू हिंसा के सामने आये, जिसमें केस दर्ज नही किया जा रहा था। आयोग अध्यक्ष सरोजनी कैंतुरा ने महिला हेल्प लाइन को घरेलु हिंसा के तहत मामला दर्ज करने के निर्देश दिये। 106
महिला आयोग के द्वारा घरेलू हिंसा के मामले महिला हेल्प लाईन 181 व 190 पर भी दर्ज कराने को लेकर जागरुक किया गया। आयोग अध्यक्ष ने आंगनबाडी कार्यकत्रियों को निर्देशित किया कि सरकार की योजनाओं का प्रचार-प्रसार करे, जिससे कि योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों को मिल सके। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने को लेकर चलाई जा रही योजनाओं की भी जानकारी महिला लोक अदालत में दी गयी। मौके पर राज्य महिला आयोग की सदस्य कृष्णा खत्री, विधिक अधिकारी वीआर सिंह, सचिव रविन्द्री मंद्रवाल सहित समाज कल्याण विभाग, बाल विकास, पुलिस विभाग, जल संस्थान सहित आंगनबाड़ी केन्द्रो की कार्यकत्रियां मौजूद रही।

प्रशासन के हस्तक्षेप से पालिका सड़कों पर

नियमित दवा छिड़काव व फागिंग नही करने को लेकर प्रशासन ने पालिका को लगाई थी फटकार
अब स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर पालिका प्रशासन ने शुरु किया अभियान
ऋषिकेश।
प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद पालिका ऋषिकेश नगर की सड़कों पर दिखने लगी है। स्वास्थ्य विभाग के निर्देश पर पालिका ने दवा छिड़काव करना भी शुरु कर दिया है। सफाई निरीक्षक की मानें तो पालिका घरों में दवा छिड़काव का आवेदन करने पर भी विचार कर रही है।
बुधवार को नगर पालिका ऋषिकेश के सफाई निरीक्षक सचिन रावत ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के निर्देश पर बंगाली बस्ती, सर्वहारानगर, मायाकुंड, बनखंडी व शांतिनगर के क्षेत्रों में दवा छिड़काव व फागिंग की गई। कई स्थानों में ब्लीचिंग पाउडर भी डाला गया। गौरतलब है कि नगर में मच्छर जनित रोगों की रोकथाम को लेकर स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पालिका की शिकायत दर्ज कराई थी।
एसडीएम ने पालिका प्रशासन को दवा छिड़काव को लेकर व्यवस्थाएं दुरस्त करने को कहा था। जिससे पालिका प्रशासन ने आनन-फानन में बैठकर कर अभियान में स्वास्थ्य विभाग को भी शामिल किया। बुधवार को दो टीमें बनाकर दवा छिड़काव व फागिंग कराई गयी। नगर संक्रामक रोग नियंत्रक एसएस यादव ने बताया कि डेंगू व चिकनगुनिया के मरीजों की संख्या क्षेत्रवार देखते हुए दवा छिड़काव को कहा जा रहा है।
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पालिका को सहयोग देगी रियल एस्टेट
ऋषिकेश रियल एस्टेट एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश कोठारी ने बताया कि पालिका प्रशासन को एक समय की दवा छिड़काव का सहयोग दिया जायेगा। उनका कहना है कि नगर में मच्छर जनित रोग का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। इस संदर्भ में उन्होंने पालिका से सहमति बनने की बात भी कही।करीब सवा लाख रूपये की दवा खरीदी गई है।

15 ओर कर्मचारी होंगे भर्ती
यात्रा सीजन के सफाई कर्मचारियों को समय से पहले हटाने के कारण नगर में सफाई व्यवस्था पर असर पड़ा है। अभी पिछले दिनों इसकी भरपाई के लिए पालिका प्रशासन ने 20 कर्मचारियों की भर्ती की है। बताया जा रहा कि कर्मचारियों की कमी के चलते व पूर्व की भर्तियों में सफाई नायकों की नाराजगी के चलते 15 अन्य सफाई कर्मचारी भर्ती किये जायेंगे। जो सिर्फ दवा छिड़काव व फागिंग को लेकर कार्य करेंगे।

ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था करने की डीएम से मांग

ऋषिकेश।
ऋषिकेश ग्राम पंचायत क्षेत्र में सफाई व्यवस्था न होने से खफा भाजपाईयों ने डीएम देहरादून से व्यवस्था बनाने की मांग की। कार्यकर्ताओं ने कहा कि ग्राम पंचायत ऋषिकेश क्षेत्र में आजतक शासन प्रशासन ने सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की है। अव्यवस्थाओं से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन आज तक यह तय नहीं कर पाया कि ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था को कौन करवाएगा। जबकि ग्रामीण पिछले कई सालों से प्रशासन से व्यवस्था बनाए रखने की मांग करते आ रहे हैं।104 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता अभियान को दो साल पूरे होने जा रहे हैं। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासन की उदासीनता के कारण सफाई अभियान धरातल पर नहीं उतर पा रहा है। क्षेत्र में घातक बीमारियों का प्रकोप बना हुआ है। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई, फागिंग व कीटनाशक दवा का छिड़काव नहीं हो पा रहा है। मांग की है कि प्रशासन ग्रामीण क्षेत्रों में व्यवस्था बनाए रखने की पहल करे। इस संबंध में कार्यकर्ताओं ने एसडीएम कुश्म चौहान के माध्यम से डीएम को ज्ञापन दिया। ज्ञापन देने वालों में भाजपा पूर्व जिलाध्यक्ष गोविंद अग्रवाल, ज्योति सजवाण, इंद्रकुमार गोदवानी, जय दत्त शर्मा, राकेश पारछा, कुसुम अग्रवाल, कपिल गुप्ता, अमृता नारायण, सुदेश अग्रवाल, छोटी देवी, पारो नारायण, अजय कुमार, थम्मन सैनी, सुभाष बाल्मीकि आदि शामिल रहे।

किशोरी ने केरोसिन डालकर की खुदकुशी, मौत

ऋषिकेश।
कोतवाली क्षेत्र के श्यामपुर इलाके में एक किशोरी ने खुद पर मिट्टी तेल छिड़ककर आग लगा ली। आनन-फानन में परिजनों ने उसे राजकीय अस्पताल पहुंचाया, जहां हालत नाजुक देखते हुए किशोरी को जौलीग्रांट रेफर किया। dnews-files-2014-01-why-do-people-commit-suicide-by-fire-140127-670x440-jpg
पुलिस के अनुसार शुक्रवार को भल्ला फार्म श्यामपुर में किराए के मकान में रहे एक परिवार की किशोरी ने स्वयं को आग लगा दी। घटना के दौरान किशोरी की मां व भाई घर पर ही मौजूद थे। घटना के कारणों का स्पष्ट पता नहीं लग पा रहा है। श्यामपुर चौकी प्रभारी आशीष गुसाईं ने बताया कि आरती (17) पुत्री जितेंद्र निवासी भल्लाफार्म, श्यामपुर ने शुक्रवार की सुबह खुद पर कैरोशिन डालकर आग लगा दी। घटना के दौरान किशोरी का भाई व उसकी मां दूसरे कमरे में थे। चीखपुकार सुनकर परिजनों ने उसे 108 एंबुलेंस के द्वारा राजकीय अस्पताल में भर्ती कराया। जहां हालत नाजुक देख उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है। पुलिस ने बताया कि किशोरी 90 प्रतिशत झुलस गई है। बहरहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। देर शाम पुलिस ने किशोरी की मौत की पुष्टि की।

ऋषिकेश पालिकाध्यक्ष और सभासदों के बीच मारपीट


 

ऋषिकेश नगर पालिका के कर विभाग में तालाबंदी से उपजा विवाद
एक-दूसरे के खिलाफ तहरीर, नाराज कर्मचारियों ने नहीं किया काम

ऋषिकेश।
ऋषिकेश पालिका उस वक्त अखाड़े में तब्दील हो गया, जब कर विभाग में तालाबंदी से उपजे विवाद ने पालिकाध्यक्ष और सभासदों के बीच मारपीट का रूप ले लिया। करीब आधे घंटे तक दोनों पक्षों के बीच जमकर लात-घूसे चले। पुरानी समितियों को बहाल करने से नाराज सभासद दोबारा चुनाव की मांग कर रहे थे।
हुआ यूं कि, सोमवार को नगर पालिका की पुरानी समितियां बहाल करने के खिलाफ सभासद विकास तेवतिया, सावित्री देवी और कविता शाह ने कर विभाग दफ्तर में ताले जड़ दिए और वहां धरना शुरू कर दिया। इस बीच दोपहर 12 बजे के आसपास पालिकाध्यक्ष दीप शर्मा अपने साथियों के साथ दफ्तर पहुंच गए। उन्होंने सफाई कर्मचारियों से ताला खोलने को कहा, लेकिन, वहां धरने पर बैठे सभासदों ने इसका विरोध किया। इससे दोनों पक्षों में तनातनी बढ़ी तो कुछ सफाई कर्मचारी हथौड़ा लेकर आ पहुंचे और ताला तोड़ने लगे। इसके बाद तो पालिका दफ्तर अखाड़ा बन गया। पालिकाध्यक्ष दीप शर्मा और सभासद विकास तेवतिया के बीच हाथापाई हो गई। यही नहीं, कुछ कर्मचारियों ने हाथापाई करने वाले सभासद की जमकर पिटाई कर डाली। इस दौरान महिला सभासद कविता शाह बीच-बचाव के लिए आईं तो उनके साथ भी अभद्रता की गई।

पालिकाध्यक्ष के समर्थन में कर्मचारी हड़ताल पर
पालिकाध्यक्ष के साथ मारपीट की घटना के विरोध में कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं। दोपहर 12.30 बजे के आसपास कर्मचारियों ने पालिका दफ्तर पर ताले ठोक दिए। वहीं, सफाई कर्मचारियों ने भी इस हड़ताल को अपना समर्थन दे दिया है। पिछले 13 सालों से सफाई कर्मचारी कभी अपनी मांगों को लेकर आवाज नहीं उठा पाए, लेकिन मामला राजनीतिक होने के चलते कुछ सफाई कर्मचारी इस मामले को नया मोड़ देते नजर आए। हालांकि, ज्यादातर कर्मचारियों ने इस मामले से दूरी बनाए रखना ही उचित समझा।
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पालिका दफ्तर में मर्यादाएं तार-तार
सोमवार को पालिका दफ्तर में सारी मर्यादाएं तार-तार हो गईं। यह मामला पुरानी समितियों को भंग करते हुए दोबारा चुनाव कराने की मांग को लेकर था। लेकिन, हाथापाई के दौरान महिला सभासद कविता शाह से कुछ कर्मचारियों ने अपमानजनक शब्द कह डाले। यहां तक कि, सभासद को धक्का दिया गया और गाली-गलौच भी की गई। लेकिन, वहां मौजूद पुलिस मूकदर्शक बनी रही। यह मामला पूरे दिनभर शहर में चर्चा का विषय बना रहा।

एक-दूसरे के खिलाफ दी तहरीर
नगर पालिका का विवाद दोपहर बाद कोतवाली जा पहुंचा। कर अधीक्षक निशात अंसारी ने पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया कि कुछ सभासदों ने पालिकाध्यक्ष के साथ मारपीट की और सरकारी काम में रुकावट डाली। वहीं, दूसरे पक्ष से सभासद विकास तेवतिया, कविता शाह और सावित्री देवी ने भी पुलिस को तहरीर दे दी। उनका आरोप था कि वह अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्वक धरने पर बैठे थे, लेकिन पालिकाध्यक्ष दीप शर्मा अपने कुछ साथी और कर्मचारियों ने उनके साथ मारपीट कर दी।

…तो भाजपा नेताओं ने बनाई दूरी
सभासद कविता शाह भाजपा की सक्रिय नेता रही हैं। कविता शाह भाजपा परवादून जिले की उपाध्यक्ष हैं। सोमवार के ऋषिकेश पालिका में मारपीट की घटना के बाद कोई भी भाजपा नेता मौके पर नहीं पहुंचे। सूत्रों के अनुसार, कविता शाह ने भाजपा नेता सभासद दल के नेता शिवकुमार गौतम को कोतवाली बुलवाया, लेकिन वह भी नहीं आए।
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यह था विवाद
नगर पालिका की समितियां एक साल के कार्यकाल के बाद भी दो साल से अधिक समय से यथावत हैं। सभासदों की मांग पर समितियों के चुनाव शुरू होते, इससे पहले ही 10 सितंबर को नाम वापसी के बाद दोपहर के समय पालिकाध्यक्ष ने चुनाव स्थगित करा दिए। साथ ही पुरानी समितियों को फिर बहाल कर दिया गया। इससे कुछ सभासद नाराज चल रहे हैं। सभासदों की यही नाराजगी सोमवार को ऋषिकेश पालिका को अखाड़ा बना बैठी।
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सभासदों पर अभद्रता का आरोप
अगर किसी को आपत्ति थी तो मामला बैठकर सुलझाया जाना चाहिए था। लेकिन, कर विभाग दफ्तर में ताले लगा दिए गए। ऐसे में पालिका पहुंचे लोग परेशान हुए तो मैंने ताले खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन कुछ सभासदों ने मेरे साथ अभद्रता कर दी। ऐसा नहीं होना चाहिए था।
-दीप शर्मा, पालिकाध्यक्ष

इंसाफ न मिला तो आमरण अनशन
पालिकाध्यक्ष पर ऐसे ही दर्जनों मुकदमें दर्ज नहीं हुए हैं। साजिश के तहत उन्होंने कुछ कर्मचारियों के साथ मिलकर मुझसे और दो सभासदों से मारपीट की। अब मुझे जान से मारने की धमकी दी जा रही है। अगर इंसाफ न मिला तो मैं आमरण अनशन पर बैठ जाऊंगा।
-विकास तेवतिया, सभासद
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साजिश के तहत करवाया हमला
लोकतंत्र में सबको अपनी बात रखने का अधिकार है। हम शांतिपूर्वक धरने पर बैठे ही थे कि सुनियोजित साजिश के तहत हम पर हमला कर दिया गया। कुछ कर्मचारी भी पालिकाध्यक्ष के साथ खड़े थे। मुझसे अभद्रता की गई, लेकिन किसी ने कुछ नहीं बोला।
-कविता शाह, सभासद एवं भाजपा जिला उपाध्यक्ष परवादून

इस मामले में तीन पक्षों से तहरीर मिली है। पालिका सभासद, नगर पालिका के कर अधीक्षक और स्वच्छकारों ने तहरीर दी है। मामले की जांच की जा रही है। इसके बाद ही मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
-चक्रधर अंथवाल, सीओ