ऋषिकेश।
तहसील दिवस में पेंशन संबधी मामलें छाए रहें। कुल 22 शिकायतें ही दर्ज हुयी, जिनमें 8 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। शेष शिकायतें संबधित विभागों को ट्रांसफर कर दी गयी। एसडीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि तहसील दिवस में दर्ज शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जायें।
मंगलवार को तहसील दिवस पर समाज कल्याण की पेंशन संबधी मामले छाए रहें। फरियादियों ने विभाग की ओर से दी जाने वाली वृद्धा, विकलांग व विधवा पेंशन नही आने के मामले उठायें। तहसील दिवस में कुल 22 शिकायतें दर्ज हुयी। जिनमें समाज कल्याण की 8, पीडब्ल्यूडी की तीन, विद्युत विभाग की दो, नगर पालिका ऋषिकेश की एक, राजस्व विभाग की चार व रायवाला पुलिस से संबधित चार शिकायतें शामिल हैं। एसडीएम कुश्म चौहान ने 8 मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया। शेष मामलें संबधित विभागों को ट्रांसफर कर दिये गये। एसडीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि संबधित शिकायतों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार हो। उन्होंने फरियादियों से तहसील दिवस का लाभ लेने की अपील भी की।
इस मौके पर तहसीलदार शूरवीर सिंह राणा, अमीन प्रमोद आदि अधिकारी मौजूद थे।
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भाजपा विधायक पर अभ्रदता का आरोप, पुतलां फूंका
ऋषिकेश।
क्षेत्रीय विधायक प्रेमचन्द अग्रवाल पर अभद्रता का आरोप लगाकर कांग्रेस बेघर प्रकोष्ठ ने प्रदर्शन कर पुतलां फूंका। रविवार को कांग्रेस गरीब बेघर जन प्रकोष्ठ का धरना 47वें दिन भी जारी रहा। प्रदेश संयोजक विजयपाल सिंह रावत ने कहा कि जनप्रतिनिधि होने के कारण विधायक आंदोलन को समर्थन देने की मांग कर रहे हैं। आरोप लगाया कि विधायक ने धरना स्थल में समर्थन के बहाने आकर सार्वजनिक रूप से धमकाया है। आरोप लगाया कि विधायक आवास घेरे जाने की घटना से नाराज विधायक गुंडागर्दी पर उतारु हो गये है। इस मौके पर गीता यादव, राजकुमारी, कुसुमनाथ, अंजलि सैनी, मिथलेश, निर्मला, ललिता, लज्जू डंगवाल, पार्वती, रुकमणि, बलवंत मिश्रा, राहुल आदि मौजूद थे।
बीन नदी में फंसे वाहन, पुलिस ने की कड़ी मशक्कत
ऋषिकेश।
ऋषिकेश से चीला होकर हरिद्वार जाने वाले मार्ग पर बीन नदी के ऊफान में एक बार फिर कई वाहन फंस गए। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद नदी में फंसे वाहनों को बाहर निकाला। इस दौरान एक बस नदी में बहने से बाल-बाल बची, इस बस में बड़ी संख्या में कावड़ यात्री सवार थे। सभी यात्री सुरक्षित निकाल लिए गए हैं।
श्रावण मास की कांवड़ यात्रा को देखते हुए इन दिनों ऋषिकेश व आसपास क्षेत्र में भारी भीड़ जुटी है। ऋषिकेश हरिद्वार के बीच वाहनों का दबाव भी अधिक बढ़ गया है, जिससे कुछ ट्रैफिक को चीला मार्ग पर डायवर्ट किया गया हैं। लगातार बारिश के कारण शनिवार की सुबह एक बार फिर से बीन नदी में उफान आ गया। सुबह करीब 9 बजे यहां से गुजर रहे करीब एक दर्जन वहां नदी में फंस गए। इस दौरान हरिद्वार से ऋषिकेश की और आ रही एक बस तेज बहाव में रपट भी गई। जिससे बस में सवार कांवड़ यात्रियों में हड़कंप मच गया। हालांकि, कुछ आगे तक अनियंत्रित होने के बाद बस रुक गई। इसके बाद सभी यात्रियों को सुरक्षित बहार निकल गया। पुलिस ने यहां फंसे वाहनों को किसी तरह बहार निकला। अब नदी में पानी काम होने के बाद फिर से वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है।
हमारी आवाज नही बन रहे भाजपा विधायक
ऋषिकेश।
कांग्रेस गरीब बेघर जन प्रकोष्ठ ने ऋषिकेश विधायक प्रेमचन्द अग्रवाल के आवास का घेराव किया, हालांकि कि पुलिस कर्मियों ने विधायक आवास से पहले ही प्रर्दशनकारियों को रोक लिया। प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक विजयपाल सिंह रावत ने आरोप लगाया कि कि नगर के बेघर परिवार पट्टे पर आंवटित जमीन की मांग कर रहे। लेकिन विधायक हमारी मांगों को उचित फोरम पर नही उठा रहे है।
गुरुवार को अपने पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत कांग्रेस गरीब बेघर जन प्रकोष्ठ के कार्यकर्ताओं ने ऋषिकेश भाजपा विधायक प्रेमचन्द अग्रवाल के आवास का घेराव किया। प्रदेश संयोजक विजयपाल सिंह रावत के नेतृत्व में सैकडों की संख्या में बेघर परिवार सहित विधायक आवास की ओर चल पडे। इस दौरान पुलिस ने भी अपनी तैयारी कर रखी थी। पुलिस फोर्स ने विधायक आवास से पहले ही प्रर्दशनकारियों को रोक लिया। इस दौरान विजयपाल सिंह रावत ने अरोप लगाया कि भाजपा विधायक उनकी आंदोलन को समर्थन नही दे रहे है। उनका कहना था कि नगर के बेघर व गरीब परिवार भूमि आंवटित कराने को लेकर आंदोलन कर रहे है, लेकिन विधायक ने एक बार भी उनकी सुध नही ली। उन्होंने विधायक पर बेघर परिवारों की अनदे,ाी का आरोप लगाया है।
वहीं, ऋषिकेश विधायक प्रेमचन्द अग्रवाल का कहना है कि आंदोलन कांग्रेस के बैनरतले किया जा रहा है। अगर आंदोलन का कोई राजनैतिक बैनर न होता तो वह भी उनके साथ धरने पर बैठते। अब बडा सवाल उठता है कि कांग्रेस-भाजपा की लडाई में अपनी आवाज उठा रहे लोगों की कब तक फजीहत होती रहेगी?
एनसीसी कैडिट्स के यात्रा भत्ता दोगुना और मैस एलाउंस केन्द्र के समान
एनसीसी मुख्यालय को मिला अपना भवन
देहरादून।
राष्ट्रीय कैडिट कोर (एनसीसी) नौजवानों में शिक्षा के साथ-साथ अनुशासन भी लाती है। युवाओं को एक गुणी नौजवान के रूप में तैयार कर एनसीसी आगे लाती है। अनुशासित जीवन में एनसीसी सहायक है। गुरूवार को ननूरखेड़ा में एनसीसी ग्रुप मुख्यालय के नव निर्मित भवन का लोकार्पण करते हुए मुख्यमंत्री हरीश रावत ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन, पुलिस, वन व अन्य विभागों में एनसीसी का कैसे प्रयोग किया जा सकता है, इस पर विचार किया जाएगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने माउन्ट एवरेस्ट फतह करने वाली एनसीसी की छात्राएं पूजा व नूतन को एक-एक लाख रूपये देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि एनसीसी हैडक्वाटर ट्रेनिंग ग्राउण्ड को व्यवस्थित करने एवं नवनिर्मित डोरमेट्री को सुसज्जित करने हेतु राज्य सरकार मदद करेगी। उन्होंने एनसीसी कैडिट्स के यात्रा भत्ते को दोगुना करने एवं मैस एलाउंस केन्द्र के समान करने की बात कही। मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि अगले वर्ष से एनसीसी कैडिट्स को राज्य सरकार द्वारा साल में एक बार यूनिफार्म उपलब्ध करायी जायेगी। साथ ही सीनियर व जूनियर डिविजन के अधिकारियों के भत्तों को अन्य राज्यो के भत्तों की व्यवस्था देखने के बाद इनमें सुधार किया जायेगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री रावत ने एनसीसी कैडिट्स के साथ अपने एनसीसी के अनुभवों को भी साझा किया।
इस अवसर पर शिक्षा मंत्री मंत्रीप्रसाद नैथानी, विधायक मनोज तिवारी, ललित फर्स्वाण, मेजर जनरल मणी, ब्रिगेडियर आर.एस.दहिया, निदेशक शिक्षा डीएसकुंवर सहित एनसीसी के कैडेट व अन्य उपस्थित थे।
गुलरानी में 2 हजार लीटर कच्ची शराब बरामद

ग्रामीणों में छापेमारी अभियान चलाकर किया नष्ट
ऋषिकेश।
श्यामपुर क्षेत्र ऋषिकेश में कच्ची शराब बनाने का ध्ंाधा जोरो पर है। अगर ऐसा नही तो ग्रामीणों के द्वारा चलाये जा रहे अभियान के बावजूद बड़ी मात्रा में कच्ची शराब नही मिलती है। प्रशासन ने पूर्व में कच्ची शराब बनाने और ग्रामीणों के बीच में माफीनामा कराया था। जिसमें शराब बनाने वाले लोगों ने स्टांप में लिखकर माफी मांगी थी।
लेकिन बुधवार को ग्रामीणों को भनक लगी कि श्यामपुर के जंगलो में गुलरानी क्षेत्र में कच्ची शराब बनाई जा रही है। अपने छापेमारी अभियान में महिलाओं को 2 हजार लीटर कच्ची शराब के कई ड्रम मिलें। महिलाओं ने शराब को मौके पर ही नस्ट कर दिया। हालांकि मौके से कोई पकड़ में नही आया है।
जगमगायेंगे शिवाजी नगर के मार्ग
ऋषिकेश।
कांग्रेस कमेटी प्रदेश महासचिव राजपाल खरोला व ग्राम प्रधान अनीता असवाल ने सयंुंक्तरुप से शिवाजी नगर के ग्रामीण क्षेत्रों में स्ट्रीट लाईटों का उद्घाटन किया। मौके पर कांग्रेस महासचिव खरोला ने कहा कि मुख्यमंत्री हरीश रावत के प्रयासों से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की नींव रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार विकास के प्रति संकल्पबद्ध है। हरीश रावत के नेतृत्व में पूरे प्रदेश का विकास होने की बात भी कही।
मौके पर ग्राम प्रधान अनीता असवाल ने खरोला के प्रयासों की सराहना की। मौके पर कांग्रेस सेवा दल के विधानसभा अध्यक्ष दीपक धमांदा, शिवाजी नगर विकास समिति के अध्यक्ष रघुवीर सिंह बिष्ट, मनवर पंवार, विक्रम रावत, अरुण गौड़, राजपाल रावत, हरिकिशन जोशी, रोहत थापा आदि मौजूद थे।
हरेला पर्व उत्तराखंड की संस्कृति व पर्यावरण का प्रतीक
देहरादून।
हरेला पर्व संस्कृति एवं पर्यावरण का प्रतीक है। हरेला से घी संग्रांद तक वृक्षारोपण का अभियान चलाया जा रहा है। इस वर्ष जन सहभागिता से हरेला वृहद स्तर पर मनाया जा रहा है। बुधवार को महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कालेज, रायपुर में वन विभाग द्वारा आयोजित हरेला पर्व के अन्तर्गत वृक्षारोपण एवं पौध वितरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हरीश रावत ने ने शिरकत की।
इस अवसर पर हरेला के तहत मुख्यमंत्री रावत ने रूद्राक्ष का पौधा लगाया। उन्होंने स्कूली बच्चों को पौधे भी वितरित किए। मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि पिछली बार हरेला पर्व राज्य सरकार की ओर से मनाया गया था। किन्तु इस बार जन संगठनों द्वारा हरेला को वृहद स्तर पर मनाया जा रहा है। इस बार राज्य सरकार की भूमिका इसमें एक सहयोगी की है। हरेला संस्कृति एवं पर्यावरण का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री रावत ने वन विभाग की प्रशंसा करते हुए कहा कि वन विभाग द्वारा मांग के अनुरूप पौधे उपलब्ध कराए गए है। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण हमारी आदत का हिस्सा होना चाहिए। हम सभी को वृक्षारोपण के प्रति दूसरो को भी जागरूक करना चाहिए। एक वृक्ष भी जीवन में परिवर्तन ला सकता है। अधिक से अधिक पौधे लगाए एवं पर्यावरण संरक्षण में सहायक बनें। मुख्यमंत्री रावत ने जिला प्रशासन, एम.डी.डी.ए. एवं वन विभाग को निर्देश दिए कि देहरादून के सभी शिवालयों में रूद्राक्ष का पौधा जरूर लगाएं। उन्होंने वन विकास निगम को निर्देश दिए कि जहां भी वन विकास निगम के डिपो है, वे डिपो के चारों ओर काष्ठ उद्योग में सहायक वृक्ष लगाए। इसके साथ ही रामगंगा घाटी में गैरसैंण से भिकियासैंण तक तून के पेड़ लगाए।
इस अवसर पर पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला, सचिव, खेल शैलेश बगोली, प्रमुख वन संरक्षक राजेन्द्र कुमार महाजन, डी.बी.एस. खाती सहित स्कूली बच्चे व अन्य उपस्थित थे।
पालिका की लापरवाही से मंदिर में गिरा विद्युत पोल
ऋषिकेश।
नगर पालिका ऋषिकेश की लापरवाही से रेलवे रोड़ स्थित वाल्मिीकि प्रार्थना मंदिर में विद्युत पोल दोपहर दो बजे गिर गया। गनीमत रही कि मंदिर परिसर व सड़क पर खेल रहे मौहल्ले के बच्चे विद्युत पोल की चपनेट मे नही आये।
पालिका ऋषिकेश की ओर से प्रार्थना मंदिर के गेट पर सौदर्यकरण के नाम पर एक विद्युत पोल लगाया गया था, लेकिन रखरखाव के अभाव में पोल स्तह से जर्जर व खोखला हो रखा था। जिसकी शिकायत स्थानीय लोगों ने पालिका प्रशासन को कई बार मौखिक व लिखित रुप में दी। लेकिन पालिका ने इस ओर समय रहते कोई कार्रवाई नही की। अब पालिका की लापरवाही से स्थानीय लोगों में आक्रोश पनप रहा है। स्थानीय निवासी एडवोकट राकेश पारछज्ञ ने बताया कि विद्युत पोल हटाने को लेकर पालिका के अधिकारियों को पूर्व में कई बार शिकायत दर्ज करावाई। मंदिर परिसर में भीड़ जुटने को लेकर दुर्घटना न हो इसकी जानकारी भी दी। लेकिन पालिका ने इस ओर कोई कार्रवाई करनी उचित नही समझी।
विस्थापितो की समस्या को दरकिनार कर रही सरकार
ऋषिकेश।
आज देश के विकास का प्रतीक बना टिहरी बांध में 16 वर्ष पहले गोदी, सिरांई, माली देवल, उपूं, छाम, गिरांणी, लम्पोखरी, डोबरा, डोबरा प्लास, असेना, बड़कोट, क्यारी, पिनार्स नाम की 12 ग्रामसभा हुआ करती थी जो कि आज बढ़कर 15 ग्राम सभाएं हो चुकी है, लेकिन विकास के प्रतीक टिहरी बांध में अपनी भूमि देने के बाद पुर्नवास विभाग नई टिहरी द्वारा ऋषिकेश के पशुलोक, आमबाग और श्यामपुर क्षेत्र की वन भूमि पर बसाए गए 3000 परिवारों को आज 16 साल बाद भी अपने भूमिधरी अधिकार नही मिल पाया है।
अपने घर, जंगल और प्राकृतिक संसाधनों को त्याग कर ऋषिकेश में बसे ग्रामीणों को भूमिधरी अधिकार न मिल पाने के कारण, इनके स्थाई निवास सहित अन्य कोई प्रमाण पत्र नही बन पाते है। इन्हे जमीन की जमानत पर बैक लोन भी नही मिल सकता है। कारण यह कि तब पुर्नवास विभाग ने इस विस्थापितों को वन विभाग की भूमि पर बसाया गया था जिसके कारण आज तक ग्रामीणों को भूमिधरी का अधिकार नही मिल पाया है।
ऋषिकेश के पशुलोक, आमबाग और श्यामपुर क्षेत्र में टिहरी विस्तापितों के 3000 से अधिक परिवार रहते है जो आज तक ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत, जिला पंचायत और निगर निकाय के चुनावों से वंचित रहे है इन लोगों को केवल लोकसभा और विधानसभा चुनाव में वोट देने का अधिकार है, चुनाव से पूर्व दो मुख्यमंत्री तक यहां आए और राजस्व ग्राम बनाने का वादा किया, लेकिन चुनावी जुमला होने के कारण वादे भूला दिये गये। ऐसे में अब ग्रामीणों ने आन्दोलन शुरू कर दिया है, सामुदायिक भवन में ग्रामीणों का धरना जारी है यही नही नेताओं के वादों से तंग हो चुके ग्रामीणों ने अब आने वाले विधानसभा चुनाव के बहिस्कार की चेतावनी तक दे डाली है, वही ऋषिकेश तहसील प्रशासन का कहना है कि राजस्व ग्राम का प्रस्ताव तहसील द्वारा बहुत पहले ही शासन को भेजा जा चुका है जिस पर शासन कुण्डली मार कर बैठा है।
