ऋषिकेश और हरिद्वार का ट्रेफिक प्लान को देखते हुए कार्ययोजना बनाने के निर्देश

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने बुधवार को सचिवालय में ऋषिकेश और हरिद्वार शहर के बाईपास मार्गों के सम्बन्ध में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण एवं सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अधिकारियों के साथ बैठक ली। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने अधिकारियों को ऋषिकेश एवं हरिद्वार शहरों को जोड़ते हुए संयुक्त रूप से योजना तैयार करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि हरिद्वार और ऋषिकेश तीर्थ और योगा कैपिटल की दृष्टि से विश्वभर में प्रसिद्ध हैं। हरिद्वार और ऋषिकेश अलग-अलग शहर होने के बावजूद उसका ट्रेफिक प्लान पृथक-पृथक नहीं बनाया जा सकता। उन्होंने कहा कि इन दोनों शहरों को जोड़ते हुए संयुक्त प्लान पर कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि इन सड़कों को कम से कम 50-60 सालों के यातायात संकुलन को देखते हुए तैयार किया जाना चाहिए।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु एवं प्रबन्ध निदेशक उत्तराखण्ड मेट्रो रेल कॉर्पाेरेशन जितेन्द्र त्यागी सहित भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण एवं सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अधिकारी उपस्थित रहे।

प्रदेश के सांसद, प्रभारी और प्रदेश अध्यक्ष के साथ मुख्यमंत्री ने की चर्चा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास में प्रदेश के सांसद गणों ने भेंट की। इस अवसर पर सभी सांसद गणों द्वारा प्रदेश के विकास से सम्बन्धित विभिन्न सम सामयिक विषयों पर मुख्यमंत्री से चर्चा की गई।
इस अवसर पर सांसद एवं केन्द्रीय राज्य मंत्री अजय भट्ट, सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, तीरथ सिंह रावत, सांसद अजय टम्टा, नरेश बंसल एवं कल्पना सैनी के साथ भाजपा प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट आदि उपस्थित रहे।

शहीद नेगी के चित्र पर सीएम ने माल्यार्पण कर दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को सांय आई.टी.बी.पी. के शहीद असिस्टेंट कमांडेंट टीकम सिंह नेगी के राजावाला स्थित आवास पर जाकर उनके परिजनों से भेंट कर उन्हें सांत्वना प्रदान की।
मुख्यमंत्री ने शहीद टीकम सिंह नेगी के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा के दौरान एक विशेष अभियान में शहीद नेगी ने अपने प्राणों का उत्सर्ग किया। हमें अपने वीर शहीद जवानों पर गर्व है। उनकी वीरता युवाओं को देश की सुरक्षा की प्रेरणा प्रदान करती रहेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद नेगी की स्मृतियों को चिरस्थायी बनाये जाने के प्रयास किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में राज्य सरकार शहीद के परिवार के साथ खड़ी है।

जल निकासी व्यवस्था मानसून सीजन से पहले पूर्ण करने के निर्देश

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने मंगलवार को सचिवालय में देहरादून स्मार्ट सिटी कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने सम्बन्धित अधिकारियों को देहरादून की सड़कों से जल निकासी व्यवस्था मानसून सीजन से पहले पूर्ण करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि ऐसे कार्यों, जिन से आमजन को असुविधा हो, को प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित समयसीमा से पूर्व पूर्ण किए जाने के प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि नाईट शिफ्ट में श्रमिकों की संख्या बढ़ाकर कार्य पूर्ण कराए जाएं। मुख्य सचिव ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी स्मार्ट सिटी सोनिका को निर्देश दिए कि अगले 15 दिनों में सड़कों के क्रॉस कनेक्शन सम्बन्धी कार्य पूर्ण कराए जाने हेतु सभी सम्बन्धित विभागों को निर्देशित किया जाए। उन्होंने कहा कि सड़कों की डामरीकरण के बाद पुनः खोदने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
मुख्य सचिव ने कहा कि स्मार्ट सिटी के तहत जो कार्य पूर्ण होने की कगार पर हैं उनको शीघ्र समाप्त कर जारी परियोजनाओं पर फोकस किया जाए। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सड़क, स्मार्ट पोल और एकीकृत जल निकासी प्रणाली सभी विभाग आपसी सामंजस्य से कार्य करते हुए निर्धारित समय में करना सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी देहरादून एवं सीईओ स्मार्ट सिटी सोनिका ने बताया कि स्मार्ट सिटी के तहत कुल 22 प्रोजेक्ट प्रस्तावित हैं, जिनमें से 14 पूर्ण किए जा चुके हैं और 8 प्रोजेक्ट्स पर कार्य गतिमान है। उन्होंने कहा ऑनगोईंग प्रोजेक्ट्स पर निर्धारित समयसीमा के अंदर पूर्ण कर लिया जाएगा।
इस अवसर पर निदेशक यातायात मुख्तार मोहसिन, एसपी ट्रेफिक अक्षय प्रह्नाद कोण्डे सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

मॉक ड्रिल के दूसरे दिन स्वास्थ्य सचिव ने लिया व्यवस्थाओं का जायजा

कोविड से डरने की नहीं, कोविड को हराने की आवश्यकता है। यह बात सचिव स्वास्थ्य डॉ0 आर0 राजेश कुमार द्वारा भारत सरकार द्वारा निर्देशित मॉक ड्रिल के द्वितीय दिवस पर राजकीय दून मेडिकल कॉलेज एवं चिकित्सालय में कोविड-19 के प्रबंधन को लेकर तैयारियों का जायजा लेते हुए कही। सचिव स्वास्थ्य ने चिकित्सालय में पहुंचकर ऑक्सीजन प्लांट, आईसीयू, वेंटीलेटर, बेड इत्यादि का जायजा लिया।
स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि वर्तमान में राज्य में कोरोना के सक्रिय रोगी हैं जिनमें अधिकतर सामान्य लक्षण के साथ है व होम आइसोलेटेड है। कुछ ही रोगियों को चिकित्सालय में भर्ती होने की आवश्यकता पड़ रही है। सचिव स्वास्थ्य द्वारा आम जनमानस से कोविड-19 एप्रोप्रिएट बिहेवियर का पालन करने की अपील की गई। सचिव स्वास्थ्य ने सभी चिकित्सकों को रोगियों के इलाज में किसी भी प्रकार की कोताही न बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोविड-19 की वर्तमान स्थिति में घबराने की आवश्यकता नहीं है। किसी अन्य गंभीर रोग से ग्रसित लोगों वृद्ध लोगों को अधिक सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। कोविड से बचाव हेतु स्वास्थ्य विभाग तत्पर एवं तैयार है। किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्थिति में आमजनमानस को सुविधाएं देने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूर्ण रूप से मुस्तैद है।
निरीक्षण के दौरान प्राचार्य/निदेशक चिकित्सा शिक्षा राजकीय दून मेडिकल कॉलेज डॉ0 आशुतोष सयाना, डॉ0 अजय नगरकर, अपर परियोजना निदेशक, उत्तराखण्ड राज्य एड्स नियन्त्रण समिति, डॉ0 पंकज कुमार, कार्यक्रम अधिकारी, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद थे।

‘‘ईजा-बोई शगुन योजना‘‘ मां और बच्चें के लिए वरदान-स्वास्थ्य सचिव

राष्ट्रीय सुरक्षित मातृत्व दिवस प्रत्येक वर्ष 11 अप्रैल को मनाया जाता है जिसके माध्यम से सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक देखभाल, चिकित्सा जांच, स्वास्थ्य सहायता और सरकारी पहल के बारे में जागरूकता को बढ़ावा दिया जाता है। गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के उद्देष्य से ही प्रत्येक वर्ष राष्ट्रीय सुरक्षित मातृत्व दिवस मनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को बच्चे के जन्म से पहले, जन्म के दौरान और बाद में देखभाल के बारे में जागरूक कराना है।
सुरक्षित मातृत्व दिवस के अवसर पर डा0 आर0 राजेश कुमार, सचिव, चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग, उत्तराखण्ड शासन द्वारा बताया गया कि प्रदेश में विभिन्न जन स्वास्थ्य प्रयासों के उपरान्त मातृ स्वास्थ्य संबंधित विभिन्न आंकड़ों में प्रगति दर्ज की गई है। हाल ही में जारी नेशनल फैमली हैल्थ सर्वे 2020-21 रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में गर्भवती महिलाओं को प्रथम तीमाही में पंजीकृत किए जाने में 22 प्रतिशत की बढ़ोतरी (68.8 प्रतिशत), 04 प्रसव पूर्व जांचों में 50 प्रतिशत बढ़ोतरी (61.8 प्रतिशत) एवं संस्थागत प्रसवों में 18 प्रतिशत बढ़ोतरी (83.2 प्रतिशत) दर्ज की गई है।
सचिव स्वास्थ्य द्वारा जानकारी साझा करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षित मातृत्व दिवस प्रदेश के विभिन्न चिकित्सालयों में मनाया गया है। साथ ही इस दिवस पर गर्भवती महिलाओं को चिकित्सकीय जांच, खान-पान तथा गर्भावस्था के दौरान एवं प्रसव के उपरान्त होने वाले जटिलताओं के सम्बन्ध में जानकारी प्रदान की गई।
डा0 आर0 राजेश कुमार, सचिव, चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग, उत्तराखण्ड ने मातृ एवं शिशु के बेहतर स्वास्थ्य से सम्बन्धित प्रयासों को साझा करते हुए कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य बेहतर करने हेतु जनपद हरिद्वार में 200 बेड एम.सी.एच. विंगचेनराय महिला चिकित्सालय, 50 बेड एम.सी.एच. विंग हल्द्वानी एवं 30 बेड अर्बन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, मेहुवाला जनपद देहरादून में शीघ्र स्थापित किया जा रहा है।
उन्होंने जानकारी दी कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार करना सरकार का प्राथमिक फोकस बना हुआ है इसी के दृष्टिगत प्रदेश में प्रसूता के लिए ईजा-बोई शगुन योजना लागू की गई है, जिसके अन्तर्गत सरकारी अस्पतालों में जच्चा-बच्चा के सुरक्षित स्वास्थ्य हेतु प्रसव उपरान्त सरकारी अस्पताल में 48 घण्टे तक रूकने वाली सभी पात्र प्रसूताओं को रू. 2000/- की एक प्रोत्साहन धनराशि के रूप में दी जानी है। जो कि जननी सुरक्षा योजना में दी जाने वाली प्रोत्साहन धनराशि रू. 1400/- (ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाली गर्भवती महिला) एवं रू. 1000/- (शहरी क्षेत्र में रहने वाली गर्भवती महिला) के अतिरिक्त है। यह नीति सरकार की प्रतिबद्धता को मजबूत करने और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार लाने के उद्देश्य से लागू की गई है।
डा0 आर0 राजेश कुमार, सचिव, चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग, उत्तराखण्ड शासन द्वारा बताया कि सुरक्षित प्रसव हेतु उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को जिला चिकित्सालय / स्वास्थ्य इकाइयों के नजदीक आश्रय प्रदान करने के लिए शीघ्र ही बर्थ वेटिंग होम वन स्टॉप सेन्टर में संचालित कर दिया जायेगा
उन्होंने आम जन से आवाहन किया है कि हम सब मिलकर सुरक्षित मातृत्व के सन्देश को जन-जन तक पहुॅचाकर जननी एवं शिशु को स्वस्थ एवं सुरक्षित भविष्य देने में अपना योगदान दें।

परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने मंगलवार को सचिवालय में वाह्य सहायतित परियोजनाओं की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने विभिन्न विभागों के अन्तर्गत चल रही 13 और 11 पाइपलाईन परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान सभी परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा के अंतर्गत पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने परियोजनाओं की गति बढाने हेतु जिलाधिकारियों एवं मुख्य विकास अधिकारियों को इन योजनाओं में शामिल किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारियों द्वारा इन योजनाओं की मासिक समीक्षा की जाए। साथ ही उन्होंने जिलाधिकारियों को परियोजनाओं के चयन में भी शामिल किए जाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने विभागों में आईटी सम्बन्धित उपकरणों की खरीद हेतु आईटी विभाग की बैठक प्रत्येक 15 दिन में आयोजित किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समिति की बैठक के लिए दिवस निर्धारित कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि जिन विभागों की प्रगति लक्ष्य के सापेक्ष कम है उन्हें लगातार परियोजनाओं का अनुश्रवण कर तेजी लायी जाए।
इस अवसर पर सचिव डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, डॉ. आर. राजेश कुमार, अपर सचिव रंजना राजगुर, विनीत कुमार एवं उदयराज सहित सम्बन्धित विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।

जब बच्चों को अगुंली पकड़कर अक्षरज्ञान कराने लगे सीएम धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को नेताजी सुभाष चन्द्र बोस आवासीय विद्यालय बनियावाला, देहरादून में शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित ‘‘प्रवेशोत्सव’’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। शैक्षणिक वर्ष 2023-24 के लिए शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेशभर में आज से प्रवेशोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन एक माह तक चलेगा। नेताजी सुभाष चन्द्र बोस आवासीय विद्यालय बनियावाला में बालिकाओं का प्रवेशोत्सव विद्यारम्भ संस्कार के साथ शुरू किया गया गया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर नेताजी सुभाष चन्द्र बोस आवासीय विद्यालय बनियावाला के उच्चीकृत भवन का शिलान्यास भी किया। उन्होंने विद्यालय से 8वीं पास करने वाली बालिकाओं को मैट्रिकुलेशन सेरेमनी से अलंकृत भी किया। इस अवसर पर प्राथमिक विद्यालयों के 21 हजार से अधिक अध्यापकों को टेबलेट के लिए उनके स्कूलों में डीबीटी के माध्यम से 21 करोड़ 76 लाख रूपये की धनराशि हस्तांतरित की गई। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर कुछ अध्यापकों को टेबलेट भी प्रदान किये। इनका उपयोग शिक्षा शिक्षण अधिगम के लिए करेंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर घोषणा की कि नेताजी सुभाष चन्द्र बोस आवासीय छात्रावास बनियावाला में उपलब्ध भूमि की चाहरदीवारी एवं उपलब्ध भूमि के अनुरूप खेल का मैदान बनाया जायेगा। नेताजी सुभाष चन्द्र बोस आवासीय छात्रावासों एवं कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका छात्रावासों में मानदेय पर कार्यरत अल्पकालिक शिक्षकों तथा अन्य कार्मिकों के मानदेय में तर्कसंगत वृद्धि की जायेगी। राजकीय विद्यालयों में पीएम पोषण योजना के अन्तर्गत मानदेय पर रखे गये भोजनमाता एवं अनुसेवकों के लिए कल्याण कोष की स्थापना की जायेगी। इस कल्याण कोष का उपयोग संबंधित भोजनमाता एवं अनुसेवकों के द्वारा एक निश्चित योगदान अवधि पूर्ण करने के बाद विद्यालय से मुक्त होने पर उन्हें एकमुश्त तर्कसंगत धनराशि दिए जाने के लिए किया जायेगा। नेताजी सुभाष चन्द्र बोस आवासीय छात्रावास बनियावाला के लिए डाइनिंग हॉल एवं 2 अतिरिक्त कक्षों का निर्माण किया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने स्कूलों में प्रवेशोत्सव करने पर सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज से नया शैक्षणिक सत्र प्रारंभ हो रहा है, वहीं दूसरी और विद्यार्थियों के लिए करीब साढ़े तीन करोड़ से उच्चीकृत एक नए नेताजी सुभाष चन्द्र बोस छात्रावास का भी शिलान्यास किया जा रहा है। इस समय राज्य में टनकपुर, चम्पावत, श्रीनगर, पौड़ी गढ़वाल, उधमसिंह नगर, पीठसेन में कुल 11 ऐसे आवासीय छात्रावास स्वीकृत हुए हैं, जिनके माध्यम से हमारे विद्यार्थियों को शिक्षा प्राप्त करने में मदद मिल रही है, इसके अलावा इस वित्तीय वर्ष में 2 नये आवासीय छात्रावास टनकपुर एवं श्रीनगर में स्वीकृत किये गये हैं साथ ही 3 छात्रावास गदरपुर, पीठसेन एवं बनियावाला को भी उच्चीकृत किया गया है। इन छात्रावासां के माध्यम से बालकों तथा बालिकाओं दोनों को निःशुल्क भोजन, आवास, गणवेश, शिक्षण सामग्री आदि उपलब्ध कराई जा रही है। राजकीय प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों को डिजिटल सुदृढ़ीकरण के उद्देश्य से टीचर रिर्साेस पैकेज के तहत टैबलेट क्रय के लिए दस हजार रूपये की धनराशि प्रदान की गई है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि समय के साथ शिक्षा में इनोवेशन बहुत जरूरी है। ज्ञान और शिक्षा सिर्फ किताबी नहीं हो सकते हैं। शिक्षा का मकसद व्यक्ति के हर आयाम का सन्तुलित विकास करना है। सन्तुलित विकास इनोवेशन के बिना सम्भव नहीं है। उन्होंने कहा कि शिक्षा हमें उच्च विचार, उच्च आचार, उच्च संस्कार और उच्च व्यवहार के साथ ही समाज की समस्याओं का उच्च समाधान भी उपलब्ध कराती है। बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा निरन्तर प्रयास किये जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने बेटी पढ़ाओ, बेटी बढाओ का जो नारा दिया है उस नारे को हमें सार्थक करके दिखाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे नौनिहाल इस देश का भी भविष्य हैं, बच्चे ही वो मजबूत नींव है, जिस पर नए भारत की तकदीर और नए भारत का भविष्य टिका हुआ है। राज्य सरकार विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। शिक्षा के द्वारा ही कोई समाज समृद्धशाली और शक्तिशाली बन सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई शिक्षा नीति से स्कूली शिक्षा और उच्च शिक्षा को नए आयाम प्राप्त होंगे, इससे सभी वर्ग के लोगों को समानता के आधार पर शिक्षा प्राप्त करने के अवसर भी मिलेंगे। नई शिक्षा नीति के माध्यम से रोजगार परक शिक्षा मिलेगी, साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अलग से तैयारी नहीं करनी पड़ेगी। इससे शोध एवं अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा तथा देश को विकसित राष्ट्र बनाने में नई शिक्षा नीति कारगर साबित होगी। उत्तराखंड देश का प्रथम राज्य है जिसने स्कूली शिक्षा में नई शिक्षा नीति को लागू किया है।
शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य में प्रवेशोत्सव कार्यक्रम एक माह तक चलेगा। स्कूलों में प्रवेशोत्सव कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधिगण भी भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ड्रॉप आउट बच्चों की संख्या को शून्य प्रतिशत करने के लिए सरकार द्वारा लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। राज्य में जल्द ही विद्या समीक्षा केन्द्र का शुभारंभ किया जायेगा। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों के अलावा अशासकीय विद्यालयों के बच्चों को भी मुफ्त में किताबें देने का निर्णय सरकार ने लिया है, जल्द ही सभी को किताबें मिल जायेंगी। अब प्रत्येक स्कूलों में बुक बैंक बना रहे हैं। शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश में जितने भी अल्पसंख्यक स्कूल हैं, उन सभी स्कूलों को सर्वे किया जा रहा है, जिन मानकों के हिसाब से स्कूलों को अल्पसंख्यक का दर्जा मिला है, उनका कितना पालन हो रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग में स्थानान्तरण की पॉलिसी को मजबूत बनाया जा रहा है। राज्य में माह में बच्चों को स्कूलों में एक दिन बस्ता फ्री दिवस करने जा रहे हैं, उस दिन व्यायाम, योगा एवं अन्य गतिविधियां कराई जायेंगी। जल्द ही शिक्षा के पांचों बोर्ड की बैठक की जाएगी, इस बैठक में बच्चों के बस्ते के वजन को कम करने के लिए निर्णय लिया जायेगा।
इस अवसर पर विधायक सहदेव सिंह पुण्डीर, दलीप सिंह रावत, मोहन सिंह मेहरा, सचिव शिक्षा रविनाथ रमन, महानिदेशक शिक्षा बंशीधर तिवारी एवं शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

शहर की विभिन्न समस्याओं के समाधान को सीएम से मिले व्यापारी

नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के महामंत्री प्रतीक कालिया के नेतृत्व में शहर के व्यापारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की। इस दौरान उन्हें शहर की विभिन्न समस्याओं को लेकर एक ज्ञापन सौंपा।
व्यापारी नेता प्रतीक कालिया के नेतृत्व में रविवार को नगर के व्यापारी नेताओं ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की। इस दौरान विभिन्न समस्याओं को लेकर व्यापार मंडल के महामंत्री ने उन्हें जानकारी देते हुए बताया कि चारधाम यात्रा के मुख्य पड़ाव ऋषिकेश के हरिद्वार रोड़ पर पिछले काफी वर्षों खाली भूखंड में कूड़े का पहाड़ खड़े होने से शहर की सुंदरता पर ग्रहण लगने के साथ लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ रहा है। इस पर सरकार को तत्काल कदम उठाए जाने की आवश्यकता है। इसके अलावा शहर में ट्रासपोर्ट नगर, थोक गल्ला मंडी की मांग, जमीनों के सर्किल रेट कम करने की मांग सहित पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बैराज झील पर वाटर स्पोर्ट्स शुरु कराने, योग नगरी रेलवे स्टेशन के समीप और चन्द्रभागा पुल पर पार्किंग का निर्माण सहित शहर में सी एन जी फीलिंग स्टेशन खोले जाने की मांग एवं श्यामपुर फाटक में रोज लगने वाले जाम से मुक्ति के लिए जल्द से जल्द ओवरब्रिज बनवाने की मांग की गई है।
प्रतिनिधिमंडल को मुख्यमंत्री ने तमाम समस्याओं पर सकारात्मक कारवाई की बात कही। मुख्यमंत्री से मिलने वालों में प्रांतीय डिस्ट्रीब्यूटर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष कोहली, व्यापार सभा के अध्यक्ष मनोज कालड़ा, प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के मंत्री श्रवण जैन, व्यापार सभा के पूर्व अध्यक्ष नवल कपूर, नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के उपाध्यक्ष प्रदीप कोहली, धीरज मखीजा शामिल रहे।

मुख्यमंत्री ने किया भाजपा के बुजुर्ग कार्यकर्ताओं को सम्मानित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमें अपने बुजुर्ग कार्यकर्ताओं से राष्ट्र सेवा एवं राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा मिलती है। हमारे इन महान कार्यकताओं के अथक परिश्रम के बल पर आज भारत ही नही विश्व का बडा संगठन खड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि यह हमारे वरिष्ठ लोगों के प्रताप का फल है कि आज उन जैसा सामान्य कार्यकर्ता उत्तराखण्ड़ के मुख्य सेवक के रूप में कार्य कर रहा है।
सर्वे चौक स्थित आई.आर.डी.टी. सभागार में भाजपा द्वारा आयोजित विचार यात्रा संगोष्ठी में सांसद नरेश बंसल, भाजपा अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट, विधायक खजान दास आदि ने भी सम्बोधित कर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को युवा मुख्यमंत्री के रूप में उनके द्वारा राज्य हित में लिये जा रहे निर्णयों की जमकर सराहना की। उन्होंने मुख्यमंत्री के कार्यों को अन्य राज्यों के लिये भी प्रेरणादायी बताया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर 101 बुजुर्ग कार्यकर्ताओं को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया तथा उनका आर्शीवाद लिया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्व. डॉ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी व स्व. पं.दीनदयाल उपाध्याय का स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने ‘राष्ट्रवाद’ और ‘अंत्योदय’ को परम कर्तव्य मानने का विचार हमें दिया। उन्होंने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी कश्मीर को भारत से अलग मानने के भी घोर खिलाफ थे और उन्होंने पहले दिन से ही धारा-370 का विरोध किया था। जम्मू कश्मीर को भारत का पूर्ण और अभिन्न अंग बनाने हेतु उन्होंने नारा भी बुलंद किया और कहा कि “एक देश में दो निशान, दो प्रधान दो विधान नहीं चलेंगे”। आज उनके दिखाए मार्ग पर चलते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जम्मू-कश्मीर से धारा-370 को समाप्त करने का महान कार्य किया है। जनसंघ के माध्यम से ही देश को स्व. पंडित दीन दयाल उपाध्याय के रूप में एक महान विचारक और प्रखर राष्ट्रवादी नेता भी प्राप्त हुए। उनके द्वारा दिया गया ‘अंत्योदय’ और ‘एकात्म मानववाद’ का सिद्धांत आज भी मानवीय विकास का सबसे उपयुक्त विचार है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत रत्न स्व.अटल बिहारी वाजपेयी ने जब पार्टी के प्रथम अधिवेशन में – ‘अंधेरा छटेगा, सूरज निकलेगा और कमल खिलेगा’ कहा तो उसी क्षण यह तय हो गया था कि यही दल भविष्य में एक नए भारतष् का निर्माण सुनिश्चित करेगा। आज अटल जी के ये शब्द पूर्ण रूप से सत्य साबित हुए हैं और देश के एक बड़े भाग पर जन-संतुष्टि रुपी कमल खिल रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम भारत के इकलौते ऐसे राजनीतिक दल हैं जो हर स्तर पर लोकतांत्रिक मूल्यों पर विश्वास रखता है। ये जनसंघ या भारतीय जनता पार्टी में ही संभव है कि एक सामान्य सा कार्यकर्ता भी राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद को प्राप्त कर पाता है और एक गरीब परिवार से आने वाला सामान्य कार्यकर्ता प्रधान सेवक या मुख्य सेवक बन सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में पहली बार भाजपा ने वोट बैंक की राजनीति को टक्कर देने का साहस किया और इसके नुकसान देश को समझाने में सफलता प्राप्त की। वोट बैंक की राजनीति को दरकिनार करते हुए हमारी सरकारों द्वारा किए गए विकास कार्यों के कारण ही आज हमें प्रत्येक क्षेत्र में जनता का भरपूर आशीर्वाद मिल रहा है। आज दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों, किसानों, नौजवानों के साथ ही जिस तरह महिलाएं हमारे पक्ष में मजबूती से खड़ी हुई हैं, वो अपने आप में एक नए युग के प्रारंभ होने का प्रत्यक्ष प्रमाण है। हमारे लिए राजनीति और राष्ट्रनीति साथ-साथ चलते हैं। हम राजनीति से राष्ट्रनीति को अलग करके चलने वाले लोग नहीं हैं। देश में अब वो दिन दूर नहीं जब केवल राष्ट्रभक्ति ही राजनीति की प्रथम आवश्यकता होगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत की सांस्कृतिक, धार्मिक, आध्यात्मिक एवं ऐतिहासिक पद्धतियों का समूचे विश्व में मान बढ़ रहा है। यह हमारा सौभाग्य है कि आज हम सभी प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व में देश में किए जा रहे महान कार्यों के साक्षी हैं। चाहे वो कश्मीर से धारा 370 हटाना हो, अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हो, तीन तलाक की समस्या का समाधान हो या फिर उत्तर पूर्व के प्रदेशों को देश की मुख्यधारा से जोड़ने का महान कार्य हो, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई ऐतिहासिक कार्य किए हैं। आज हम सभी एक नए भारत, समृद्ध भारत और शक्तिशाली भारत के अपने सपने को पूरा होते हुए देख पा रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में आज जिस प्रकार भारत प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है और एक मजबूत अर्थव्यवस्था, नॉलेज बेस्ड इकॉनोमी, समृद्ध लोकतंत्र, वैश्विक मंच पर शांतिदूत तथा मानवता के प्रयासों में अग्रदूत के रूप में स्थापित हुआ है उसी प्रकार उनकी अध्यक्षता में जी-20 समूह भी अपने महान उद्देश्यों और लक्ष्यों को प्राप्त करने में सफल होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत‘ के स्वप्न को साकार करने हेतु उत्तराखंड की डबल इंजन की सरकार निरंतर कार्य कर रही है। राज्य सरकार के ‘सर्वश्रेष्ठ उत्तराखण्ड‘ निर्माण के अपने ‘विकल्प रहित संकल्प‘ से 21वी सदी के तीसरे दशक को उत्तराखंड का दशक बनाने के लिये प्रयासरत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने चुनावों से पहले समान नागरिक संहिता का वायदा किया था और जनता जनार्दन से हमें भरपूर आशीर्वाद भी मिला। समान नागरिक संहिता के लिये गठित समिति जनप्रतिनिधियों, विभिन्न संगठनों, संस्थाओं, आमजन आदि से सुझाव लेकर ड्राफ्ट तैयार कर रही है। हमें खुशी है कि समान नागरिक संहिता के लिये हमें देखकर दूसरे राज्य भी आगे आ रहे हैं। जैसे ही समिति अपना ड्राफ्ट बनाकर सौंपेगी हम उस पर कानून बनाकर आगे बढ़ाया प्रलोभन से धर्म परिवर्तन पर रोक लगाने के लिये हमारी सरकार ने सख्त धर्मांतरण कानून बनाया है। उन्होंने कहा कि नकल विरोधी कानून में 10 वर्ष की सजा तथा नकल माफिया की संपत्ति को जब्त करने का प्रावधान किया गया है, नकल में सम्मिलित कई लोगों को जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाया गया है। छात्रों के व्यापक हित में उन पर दर्ज मुकदमों को राज्य सरकार द्वारा वापस लिया गया है ताकि उनका भविष्व खराब न हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने भी कुछ दिन पूर्व ही अपने कार्यकाल के एक वर्ष पूर्ण किए हैं। इस एक वर्ष के दौरान, हमने हर क्षण यह प्रयास किया है कि प्रदेश के सामने जो भी चुनौतियां हैं उन सभी का समाधान निकाला जाए और राज्य को विकास की राह पर आगे बढ़ाया जाए। यही कारण है कि जनता से हमें आज पूरा समर्थन मिल रहा है और इस एक वर्ष के दौरान हमने जनता के विश्वास को और भी अधिक सुदृढ़ किया है। उत्तराखंड को विकसित राज्य बनाने का जो विकल्प रहित संकल्प लेकर हम चल रहे हैं उसके बहुत से पड़ाव पार करने अभी बाकी हैं। इस एक वर्ष में हमने नए उत्तराखण्ड निर्माण के संकल्प को ध्यान में रखते हुए दिन – रात कार्य करने का प्रयास किया है। इस एक वर्ष के दौरान हमने जनता से किए अपने वादों को या तो पूरा किया है या फिर उन्हें पूरा करने कि दिशा में निर्णायक कदम बढ़ाए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चाहे अंत्योदय परिवारों को तीन गैस सिलेंडर देने हों, प्रदेश की महिलाओं के लिये क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था को लागू करना हो, नई शिक्षा नीति लागू करना हो, नई खेल नीति लागू करना हो, राज्य आंदोलनकारियों व उनके आश्रितों को सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत का क्षैतिज आरक्षण देना हो या फिर लैंड जेहाद जैसे मुद्दों पर खुलकर बात करना हो.. हमने इन सभी कठिन परंतु राज्य के लिए आवश्यक कार्यों को अपने छोटे से कार्यकाल में कर दिखाने का साहस किया है। हमारे लिए प्रदेश और प्रदेश के हित सर्वाेपरि हैं और जब तक हमारी सरकार है, हम किसी भी वर्ग का अहित नहीं होने देंगे।
इस अवसर पर जिन्हें सम्मानित किया गया उनमें सत्यवती घोष, दीपा शाह, देवप्रकाश, नरेंद्र मित्तल, विनोद भल्ला, हरिओम ओमी, सुशीला बलूनी, योगेन्द्र कोहली, प्रभाकर उनियाल, चमन लाल वाल्मीकि, रूप सिंह कठैत, विजय श्रेय, सूरज भाटिया, विनोद शर्मा, रविन्द्रनाथ कौशिक आदि प्रमुख रहे।