आपरेशन कावेरी के तहत उत्तराखंड के 11 और लोगों ने की वापसी

सूडान में फंसे भारतीय नागरिकों को “आपरेशन कावेरी” के तहत भारत लाए जा रहे निकासी अभियान में शुक्रवार को भारतीय वायुसेना के विमान में उत्तराखंड के 11 लोग भी वापस नई दिल्ली पालम एयरपोर्ट पहुंचे। नई दिल्ली पहुंचने पर इन 11 लोगों का उत्तराखंड के स्थानिक आयुक्त अजय मिश्रा और सहायक प्रोटोकॉल अधिकारी मनोज जोशी, अमर बिष्ट ने स्वागत किया।
इस ग्रुप में गिरीश गरकोटी, अब्बल सिंह, भोला सिंह पंवार, अरविंद प्रसाद गैरोला, विनोद रावत, कुलदीप सिंह, गणेश सिंह, राजेश सिंह, बॉबी सिंह, नरेश कुमार और बिनोद कुमार सिंह शमिल हैं। इसके अलावा 3 और उत्तराखंडवासियों को कल देर रात्रि मुंबई एयरपोर्ट में उत्तराखंड के प्रतिनिधि चंद्रशेखर लिंगवाल द्वारा उत्तम सिंह रौतेला, प्रशांत कुमार चौधरी और योगेश को रिसीव किया गया। अभी तक “आपरेशन कावेरी” के तहत उत्तराखण्ड राज्य के कुल 24 लोगों को वापस लाया जा चुका है।

राज्य आंदोलनकारियों के आश्रितों को पेंशन देने का रास्ता साफ

राज्य आंदोलन के दौरान सात दिन जेल गए अथवा घायल हुए आंदोलनकारियों से इतर चिह्नित आंदोलनकारियों के आश्रित पति या पत्नी भी अब पेंशन के हकदार हो गए हैं।
यह पेंशन उन्हीं आश्रितों को मिलेगी, जिन आंदोलनकारियों की मृत्यु एक जून, 2016 से पहले हो चुकी है। उन्हें प्रतिमाह 4500 रुपये पेंशन देने का निर्णय लिया गया है। इन आश्रितों को अभी तक पेंशन के दायरे में नहीं लिया गया था।
अलग चिह्नित किए गए आंदोलनकारी, जिनकी मृत्यु एक जून, 2016 को पेंशन स्वीकृत होने का शासनादेश जारी होने से पहले हो चुकी है, उनके आश्रित पति या पत्नी को अब पेंशन मिलेगी। पहले यह आश्रित पेंशन 3100 रुपये प्रतिमाह थी। 17 दिसंबर, 2021 के शासनादेश में पेंशन राशि को बढ़ाकर प्रतिमाह 4500 रुपये किया गया है।

भगवान परशुराम के जीवन से मिलती है ऊर्जा-मंत्री अग्रवाल

परशुराम जयंती के अवसर पर क्षेत्रीय विधायक व मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और भगवान परशुराम की प्रतिमा पर पुष्पांजलि कर लोगों को बधाई दी। साथ ही परशुराम जी के विचारों को आत्मसात करने का आवाहन किया। उन्होंने बताया कि साढ़े छह लाख रुपए परशुराम पार्क के सौंदर्यीकरण के लिए स्वीकृत किये हैं।
परशुराम चौक पर आयोजित कार्यक्रम में हवन पूजन कर मंत्री डॉ अग्रवाल ने कहा कि पुराणों में आठ महापुरुषों का वर्णन है जिन्हें अजर-अमर माना जाता है, उनमें परशुराम जी भी है। उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम विष्णु जी के दशावतारों में से छठवें अवतार है।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि परशुराम जी को उनकी वीरता और पराक्रम के कारण जानते है। उनका शस्त्र एक फरसा था जो की महादेव द्वारा उन्हें वरदान में मिला था। वे त्रेता युग के ऋषि थे, जो की विष्णु भगवान् के अवतार थे। परशुराम जयंती का पर्व ज्यादातर ब्राह्मण और पंडित धर्म के लोगो द्वारा बहुत ही श्रद्धा से मनाया जाता है।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि परशु’ प्रतीक है पराक्रम का और ‘राम’ पर्याय है सत्य सनातन का। उन्होंने कहा कि परशुराम का अर्थ पराक्रम के कारक और सत्य के धारक। बताया कि शास्त्र में ऐसी मान्यता है कि परशुराम भगवान विष्णु के छठे अवतार हैं, पिता जमदग्नि और माता रेणुका ने तो अपने पाँचवें पुत्र का नाम ‘राम’ ही रखा था, लेकिन तपस्या के बल पर भगवान शिव को प्रसन्ना करके उनके दिव्य अस्त्र ‘परशु’ (फरसा या कुठार) प्राप्त करने के कारण वे राम से परशुराम हो गए।
महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने कहा कि परशुराम का जन्म अक्षय तृतीया के दिन हुआ। इसलिए परशुराम की शस्त्रशक्ति भी अक्षय है और शास्त्र संपदा भी अनंत है। विश्वकर्मा के अभिमंत्रित दो दिव्य धनुषों की प्रत्यंचा पर केवल परशुराम ही बाण चढ़ा सकते थे। यह उनकी अक्षय शक्ति का प्रतीक था, यानी शस्त्रशक्ति का।
इस मौके पर मेयर अनिता ममगाई, अध्यक्ष नगर पालिका देवप्रयाग कृष्ण कांत कोठियाल, अध्यक्ष नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मण्डल ललित मोहन मिश्र, अध्यक्ष परशुराम महासभा राकेश शर्मा, महामंत्री महासभा सतीश दुबे, उपाध्यक्ष सन्दीप शास्त्री, पूर्व दर्जाधारी कृष्ण कुमार सिंघल, दिनेश सती, मण्डल अध्यक्ष सुमित पंवार, इंद्र कुमार गोदवानी, जयंत शर्मा, पार्षद शिव कुमार गौतम, डॉ शशि कंडवाल, जयेंद्र रमोला, प्रेम शर्मा, प्रभाकर शर्मा, सुरेंद्र कैंतुरा, ओम प्रकाश शर्मा, दिवाकर चौबे, मण्डल अध्यक्ष महिला मोर्चा माधवी गुप्ता, पूर्व सभासद सीमा रानी, कपिल शर्मा, आशुतोष शर्मा, अभिषेक शर्मा आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन प्यारे लाल जुगलान ने किया।

यात्रियों की पूर्व निर्धारित संख्या का प्रतिबंध समाप्त होने पर खुशी जताई

प्रदेश के चारों धामों में यात्रियों की पूर्व निर्धारित संख्या का प्रतिबंध समाप्त किये जाने पर श्री 5 मंदिर समिति गंगोत्री धाम (हिमालय), उत्तरकाशी एवं समस्त रावल तीर्थ पुरोहितों ने मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र प्रेषित कर आभार एवं कृतज्ञता प्रकट की।
अध्यक्ष श्री 5 मंदिर समिति गंगोत्री हिमालय रावल हरीश सेमवाल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को प्रेषित धन्यवाद पत्र के माध्यम से चारों धामों में यात्रियों की पूर्व निर्धारित संख्या का प्रतिबंध समाप्त करने पर श्री 5 मंदिर समिति एवं समस्त रावल तीर्थ पुराहित की ओर से मुख्यमंत्री को धन्यवाद ज्ञापित किया है। उन्होंने मां गंगा से मुख्यमंत्री के यश कीर्ति में सतत वृद्धि की भी प्रार्थना की।

स्वास्थ्य मंत्री ने दिये कोविड जांच बढ़ाने के निर्देश

चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने चार धाम यात्रा की तैयारियों के मध्यनजर स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक ली। जिसमें उन्होंने चार धाम यात्रा में चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ एवं अन्य सहायोगी कार्मिकों की तैनाती को लेकर विस्तृत समीक्षा की। डा. रावत ने बताया कि राज्य सरकार ने चार धाम यात्रा मार्गों पर 6 दर्जन आपातकालीन सेवा 108 सहित कुल 200 एम्बुलेंस तैनात की गई हैं। जिनमें ऑक्सीजन सिलेंडर सहित आवश्यक जीवन रक्षक सुविधाएं उपलब्ध है। यात्रा मार्गों पर तैनात आपातकालीन सेवा 108 के रिस्पांस टाइम को घटाकर 15 मिनट कर दिया गया है।
स्वास्थ्य मंत्री डा. धन सिंह रावत ने विधानसभा स्थित कार्यालय कक्ष में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चार धाम यात्रा को लेकर समीक्षा बैठक की। जिसमें उन्होंने यात्रा पर आने वाले यात्रियों को बेहतर से बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिये। डा. रावत ने कहा कि विशेष कर केदारनाथ व हेमकुंड साहिब जाने वाले यात्रियों की सुविधा के लिये बनाये गये एमआरपी (मेडिकल रिस्पांस प्वाइंट) पर तैनात मेडिकल स्टॉफ को आवश्यक जीवन रक्षक उपकरण एवं सुविधाएं उपलब्ध कराई जाय। इसके साथ ही उन्होंने गंगोत्री, यमुनोत्र व बदरीनाथ यात्रा मार्गां पर स्थित स्थाई एवं अस्थाई चिकित्सा इकाईयों में पर्याप्त दवाईयों के साथ ही चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती पर विशेष ध्यान देने को कहा।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर को बदरीकेदार एवं हेमकुंड साहिब यात्रा के लिये बेस कैम्प बनाया गया है जहां पर कार्डिक यूनिट सहित अन्य विशेषज्ञ चिकित्सक तैनात रहेंगे। इसी प्रकार गंगोत्री, यमुनोत्री आने वाले यात्रियों के लिये एम्स ऋषिकेश को बेस कैम्प बनाया गया है ताकि आपातकाल स्थिति में किसी भी यात्री को निश्चित समय के अंतर्गत स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सके। विभागीय मंत्री ने कहा कि राज्य में कोरोना संक्रमण की स्थिति नियंत्रण में है, फिर भी सभी को सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को प्रदेशभर में अधिक से अधिक संख्या में कोरोना टेस्टिंग एवं टीकाकरण अभियान संचालित करने के निर्देश दिये साथ ही आम जनमानस को कोरोना के प्रति जागरूक करने को भी कहा।
बैठक में अपर सचिव स्वास्थ्य अमरदीप कौर, अपर सविच अरूणेन्द्र सिंह चौहान, महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ. विनीता शाह, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. आशुतोष सयाना, निदेशक स्वास्थ्य डॉ. भारती राणा, अपर निदेशक डा. मीतू शाह, संयुक्त निदेशक डा. सुनीता चुफाल, कुलसचिव उत्तराखंड मेडिकल यूनिवर्सिटी डा.एम.के. पंत, डॉ. अनिल मोहन सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

राज्य मंत्रिमंडल ने कई फैसलों पर लगाई मुहर

प्रदेश में प्रारंभिक शिक्षा के स्तर में सुधार दिखाई देगा। मंत्रिमंडल ने 603 राजकीय प्राथमिक और 76 राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों को उत्कृष्ट विद्यालय (सेंटर आफ एक्सीलेंस) बनाने का निर्णय लिया है। इन विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर लैब, फर्नीचर जैसी समस्त सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
प्रदेश सरकार अब शिक्षा की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दे रही है। सरकारी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में छात्रसंख्या घटने और अभिभावकों की घटती रुचि को देखते हुए सरकार को अब गुणात्मक सुधार के लिए कदम उठाने पड़ रहे हैं। इसे देखते हुए प्रदेश के ऐसे राजकीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों को उत्कृष्ट बनाने का निर्णय लिया गया है, जहां छात्रसंख्या अच्छी है।
विद्यालयों के प्रति स्थानीय समुदाय की अच्छी धारणा को देखते हुए सरकार ने 679 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों को शिक्षा की उत्कृष्टता के केंद्र के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया। इन विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को कक्षाकक्षों में बैठने से लेकर अन्य सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हो जाएंगी।
विद्यालय भवनों में नए कक्षाकक्षों का निर्माण किया जा सकेगा। पांच किमी की परिधि में राज्य के इन 679 विद्यालयों को कई भौतिक संसाधनों व सुविधाओं का तोहफा मिल सकेगा।

लोक सेवा आयोग में 30 अस्थायी पद होंगे सृजित
लोक सेवा आयोग के बढ़ते कार्य को देखते हुए सरकार ने यहां 30 नए अस्थायी पद सृजित करने का निर्णय लिया है। इन पदों पर संविदा के आधार पर कार्मिकों की नियुक्ति की जाएगी। ये पद एक वर्ष के लिए सृजित किए जा रहे हैं।

कैंपस बने कालेजों में यथावत रहेगी व्यवस्था
मंत्रिमंडल ने अन्य निर्णय में तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित छह राजकीय इंजीनियरिंग कालेज अब वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कैंपस होंगे। इनमें प्रौद्योगिकी संस्थान गोपेश्वर, महिला प्रौद्योगिकी संस्थान देहरादून, डा एपीजे अब्दुल कलाम प्रौद्योगिकी संस्थान टनकपुर, नन्हीं परी सीमांत प्रौद्योगिकी संस्थान पिथौरागढ़, टीएचडीसी-आइएचटी नई टिहरी और बौन इंजीनियरिंग कालेज उत्तरकाशी सम्मिलित हैं।
मंत्रिमंडल ने इन कालेजों को जैसे हैं, जहां है के आधार पर कुछ शर्तों के साथ यह स्वीकृति दी है। इन सभी स्ववित्तपोषित संस्थानों को राज्य सरकार से वित्तीय सहायता नहीं दी जाएगी। साथ में सभी संस्थानों में निदेशक मंडल (बीओजी) यथावत कार्य करता रहेगा।

उपनल कार्मिकों को मासिक आधार पर मिलेगी प्रोत्साहन
राशि मंत्रिमंडल ने उपनल कर्मचारियों को अब मासिक आधार पर प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया है। प्रदेश में अभी तक उपनल कर्मियों को त्रैमासिक आधार पर प्रोत्साहन भत्ता दिया जाता है। इसके तहत 10 साल की सेवा पूरी कर चुके कार्मिकों को 17,400 रुपये और 10 साल से कम सेवा वालों को 14,400 रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाती है।
इस संबंध में पूर्व में भी निर्णय लिया गया था लेकिन तब वित्त विभाग ने इस पर आपत्ति लगा दी थी। इसके बाद से ही उपनल कर्मी प्रतिमाह प्रोत्साहन राशि देने की मांग कर रहे थे। ऐसे में अब मंत्रिमंडल ने इन्हें प्रतिमाह 5800 रुपये और 4800 रुपये प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया है।
भवन मानचित्र पर आवास विभाग ने दिया प्रस्तुतिकरण मंत्रिमंडल की बैठक में पर्वतीय क्षेत्रों में राजमार्गों के किनारे बनने वाले भवनों के मानचित्र स्वीकृत करने के संबंध में आवास विभाग ने विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया। सूत्रों की मानें तो इसमें जोशीमठ की घटना का हवाला देते हुए पर्यटन व औद्योगिक दृष्टि से विकसित हो रहे पर्वतीय क्षेत्रों में जिला विकास प्राधिकरणों को सक्रिय करने की बात कही गई।
कहा गया कि इन क्षेत्रों में सुनियोजित तरीके से विकास को गति देने के लिए भवन मानचित्र अनिवार्य किए जाएं। इसी में यातायात की दृष्टि से सड़कों के किनारे भवन निर्माण में भी मानचित्र बनाने की बात कही गई। इसके लिए 200 मीटर का दायरा प्रस्तावित किया गया, जिस पर मंत्रिमंडल में आमराय नहीं बन पाई।

मंत्रिमंडल ने लिए ये निर्णय
देहरादून के तरला नागल में तिब्बती शरणार्थियों की आवासीय योजना में 65 लाख की कंपाउंडिंग फीस में छूट।
सिंचाई विभाग के संरचनात्मक ढांचे में बदलाव को मंजूरी। शोध अधिकारी के 24 और सहायक शोध अधिकारी के 12 पदों को दी गई स्वीकृति।
हाईकोर्ट के निर्देशानुसार सिरौलीकलां को नगर पंचायत के रूप में गठित करने की अधिसूचना ली वापस।
गैरसैंण में आयोजित विधानसभा सत्र के सत्रावसान को दिया गया अनुमोदन

प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार विजेता बच्चों के लिए पुरस्कार सामग्री दी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार विजेता बच्चों अनुराग रमोला, देहरादून एवं शिवम रावत, किच्छा उधमसिंहनगर को पुरस्कार सामग्री उनके माता-पिता को प्रदान की। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार द्वारा प्रत्येक वर्ष बच्चों को उनकी असाधारण उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार प्रदान किया जाता है। ये पुरस्कार नवाचार, शैक्षिक, खेल, कला और संस्कृति, समाज सेवा और बहादुरी के क्षेत्र में असाधारण क्षमताओं और उत्कृष्ट उपलब्धि वाले बच्चों को मान्यता के रूप में दिए जाते है। अनुराग रमोला, देहरादून एवं शिवम रावत, किच्छा उधमसिंहनगर को यह पुरस्कार दिया जाना राज्य का भी सम्मान है तथा अन्य बच्चों के लिये भी प्रेरणादायी है।
इस अवसर पर सचिव हरि चन्द सेमवाल आदि उपस्थित रहे।

धामी ने सैन्यधाम के निर्माण में तेजी लाने के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सैन्यधाम के निर्माण कार्यों में और तेजी लाई जाए। सैन्य धाम का स्वरूप भव्य एवं दिव्य हो, इसके लिए अन्य राज्यों के सैन्य धामों (शौर्य स्थलों) की जो स्टडी की गई है, उनमें जो बेहतर कार्य किये गये हैं, उन कार्यों का समावेश सैन्य धाम में किया जाए। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि सैन्यधाम में उत्तराखण्ड की झलक दिखे। सैन्यधाम के आसपास केदारखण्ड एवं मानसखण्ड की थीम पर आधारित क्या गतिविधियां हो सकती हैं, इस पर भी ध्यान दिया जाए। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को सचिवालय में सैन्य धाम (शौर्य स्थल) की उच्च स्तरीय बैठक के दौरान ये निर्देश अधिकारियों को दिये।
बैठक में जानकारी दी गई कि सैन्यधाम के निर्माण की कार्य प्रगति 45 प्रतिशत तक हो चुकी है। जिसके अन्तर्गत ऑडिटोरियम, टैंक प्लेटफॉर्म, मुख्य द्वार, बाबा जसवंत सिंह एवं बाबा हरभजन सिंह मन्दिर, शौर्य स्तम्भ, बुकिंग काउंटर, चाहरदीवारी एवं म्यूजियम का कार्य प्रगति पर है।
बैठक में सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधू, जी.ओ.सी उत्तराखण्ड सब-एरिया मेजर जनरल संजीव खत्री, मेजर जनरल सम्मी सभरवाल (से.नि) सचिव सैनिक कल्याण दीपेन्द्र चौधरी, एस.एन. पाण्डेय, जिलाधिकारी देहरादून सोनिका एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

राज्य के युवाओं के लिए स्किल कोर्स को बढ़ाने जा रही राज्य सरकार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास में स्विस एजुकेशन ग्रुप के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर क्लाडियो रैकनेलो के नेतृत्व में प्रतिनिधिमण्डल ने भेंट की। इस अवसर पर राज्य में युवाओं को पर्यटन एवं होटल व्यवसाय से संबंधित प्रशिक्षण के लिए चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पर्यटन के क्षेत्र में राज्य में अपार संभावनाएं हैं। इस दिशा में यहां के युवाओं में स्किल को बढ़ावा देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि राज्य में युवाओं को पर्यटन एवं होटल व्यवसाय के क्षेत्र में प्रशिक्षित करने के लिए, यदि स्विटजरलैण्ड से कुछ अच्छे प्रशिक्षकों की व्यवस्था हो सकती है, तो इस दिशा में कार्य किया जाए। राज्य में प्रशिक्षण के लिए आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था सरकार की ओर से की जायेगी। युवाओं को सर्टिफिकेट कोर्स की अच्छी सुविधा मिलने से उनके हुनर को बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत राज्य में 11वीं और 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए बेहतर व्यावसायिक पाठ्यक्रम के लिए भी स्विस एजुकेशन ग्रुप से मदद ली जाए। विद्यार्थियों को बेहतर व्यावसायिक शिक्षा मिले इसके लिए विस्तृत योजना बनाई जाए। राज्य में पर्यटन के साथ-साथ साहसिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए ध्यान दिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पर्यटन, शिक्षा, साहसिक पर्यटन की गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए स्विटजरलैण्ड से यदि कोई प्रतिनिधिमण्डल आना चाहता है, तो उनको देवभूमि उत्तराखण्ड में सरकार की ओर से पूरा सहयोग दिया जायेगा।
स्विस एजुकेशन ग्रुप के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर क्लाडियो रैकनेलो ने कहा कि स्विट्जरलैंड में आध्यात्मिक गतिविधियों के क्षेत्र में कार्य करने की काफी संभावनाएं हैं। यदि वहां पर आध्यात्मिक गतिविधियों पर आधारित केन्द्रों में उत्तराखण्ड से इस क्षेत्र के विशेषज्ञ कार्य करें, तो इसमें कार्य करने के लिए अनेक संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि राज्य की और से जो भी सहयोग मांगा जायेगा, उसे पूरा करने के हर संभव प्रयास किये जाएंगे।
इस अवसर पर स्वामी अभय दास, सूर्य प्रताप सिंह, सचिव शैलेश बगोली, रविनाथ रमन, सचिन कुर्वे, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, शिक्षा महानिदेशक बंशीधर तिवारी उपस्थित रहे।

गंगा को स्वच्छ रखने का सामूहिक प्रयास जरुरी-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने परमार्थ निकेतन में आयोजित गंगा समग्र अविरल गंगा निर्मल गंगा कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि अविरल गंगा निर्मल गंगा अभियान के तहत गंगा को स्वच्छ रखने के लिए कार्य किए जा रहे हैं जिसमें गंगा को साफ सुथरा रखने के साथ-साथ जल स्रोतों के संरक्षण एवं संवर्धन भी शामिल है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवनदायिनी मां गंगा के मूल स्वरूप को बचाए रखना हम सबका नैतिक दायित्व है। केंद्र व राज्य सरकार इस दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। प्रथम चरण के तहत गंगा में मिलने वाले 132 गंदे नालों के पानी को एसटीपी के माध्यम से स्वच्छ किया गया है। जबकि दूसरे चरण के लिए प्रस्ताव प्राप्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि गंगा के साथ साथ उसकी सहायक नदियों पर भी कार्य किया जा रहा है।
इस अवसर पर स्थानीय विधायक रेनू बिष्ट, स्वामी चिदानंद महाराज, रामाशीष राय सहित स्वच्छ गंगा मिशन से जुड़े कार्यकर्ता उपस्थित रहे।