कावड़ मेला में श्रद्धालुओं की सुविधाओं का रखा जाए पूरा ध्यानः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आज मेला नियंत्रण भवन (सी0सी0आर0) हरिद्वार में कांवड़ यात्रा-2023 की तैयारियों के सम्बन्ध में जन-प्रतिनिधियों, शासन के उच्चाधिकारियों एवं जिला स्तर के अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय गहन समीक्षा बैठक आयोजित हुई।
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को कावड़ मेला आरंभ होने से पूर्व सभी आवश्यक व्यवस्थायें समयबद्धता के साथ सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने निर्देश दिये कि कावड़ यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जाए। श्रद्धालु अपने मन-मस्तिष्क में देवभूमि का अच्छा सा संदेश लेकर अपने गन्तव्य को जाए। उन्होंने निर्देश दिये कि साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाये तथा साफ-सफाई की ऐसी व्यवस्था बनाई जाये कि हर दो-दो घण्टे में शौचालयों आदि की सफाई की जाये, जिसके लिये सम्बन्धित की जिम्मेदारी निर्धारित की जाये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्किंग स्थलो पर जहां आवश्यकता हो इण्टरलांकिंग टाइल्स लगाई जायें ताकि पार्किंग में कीचड़ न हो तथा गाड़ियों के फंसने की समस्या पैदा न हो। उन्होंने ये भी निर्देश दिये कि जो भी सीसीटीवी लगाये जा रहे हैं, उनकी नियमित मॉनिटरिंग हो ताकि जहां पर भी ऐसी कोई घटना सामने आती है, जिस पर सुरक्षा आदि की दृष्टि से तुरन्त निर्णय लेना है, उस पर दु्रत गति से निर्णय लिया जाये तथा वहां पर बिल्कुल भी ढिलाई न बरती जाये।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि कावड़ यात्रा सकुशल सम्पन्न कराना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। सभी सम्बन्धित अधिकारी अपनी इस जिम्मेदारी का निर्वहन कर्तव्यनिष्ठा एवं सजगता से करे। कावड़ यात्रा मार्ग पर तथा पार्किग स्थलों पर साइनेज प्रकाश एवं स्वच्छता आदि को भी कारगर व्यवस्था बनाये जाने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ यात्रा के लिए श्रद्धालुओं की सुविधा के दृष्टिगत जो एडवाइजरी बनाई गई है, उसका व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाए। कांवड़ यात्रा सुव्यवस्थित हो इसके लिए एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया जाए, जिसमें शासन के वरिष्ठ अधिकारी, पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी एवं कांवड़ मेले से संबंधित जिलों के अधिकारी शामिल किये जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ मेला अवधि में हरिद्वार में कांवड़ मेले से संबंधित सभी व्यवस्थाओं का पर्यवेक्षण प्रमुख सचिव श्री आर.के. सुधांशु करेंगे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि पार्किंग स्थलों में पेयजल की पूर्ण व्यवस्था रखी जाए। स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि कांवड़ यात्रा मार्गों पर साइनेज की पूर्ण व्यवस्था हो। कांवड़ पटरी पर विद्युत की पर्याप्त व्यवस्था हो। वन क्षेत्र में जंगली जानवरों से सुरक्षा हेतु चेतावनी बोर्ड लगाये जाएं। कांवड़ मेला के दौरान यात्रा रूटों का पूरा चार्ट दिया जाए। भण्डारे एवं लंगर के लिए हाइवे से दूरी पर स्थान चिन्हित किये जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भी सुनिश्चित किया जाए कि कांवड़ मेले के दौरान पर्वतीय जनपदों में आवश्यक सेवाओं एवं सामग्रियों को भेजने के लिए कोई परेशानी न हो। होटलों एवं दुकानों में रेट लिस्ट चस्पा की जाए। स्थानीय स्तर पर लोगों को आवागमन में अधिक परेशानी का सामना न करने पड़े।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बैठक में अधिकारियों से नीलकण्ठ महादेव की व्यवस्थाओं के बारे में विस्तार से जानकारी ली तथा व्यवस्थाओं को चाक-चौबन्द रखने के निर्देश दिये। बैठक में हिलबाई पास रोड को खोले जाने का प्रकरण भी सामने आया। इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि आज ही हिलबाईपास को खोले जाने के सम्बन्ध में एनओसी जारी की जाये ताकि हिलबाई पास की मरम्मत आदि का कार्य यथासमय पूरा कर लिया जाये।
बैठक में जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से कांवड़ यात्रा की समयावधि, विभिन्न राज्यों से आने वाले कांवड़ियों का क्या अनुपात है, कावंड़ यात्रा के क्या-क्या नियम रहेंगे, कांवड़ मार्गों का विवरण, वैकल्पिक मार्गों का विवरण, कांवड़ यात्रा की क्या-क्या चुनौतियां हैं, रोड़ीबेलवाला, बैरागी कैम्प सहित पार्कों में की गयी व्यवस्था, कावंड़ यात्रा के सफल संचालन के लिये नोडल अधिकारियों की नियुक्ति, सरकारी तथा गैर सरकारी प्रमुख स्टेक होल्डर, कांवड़ यात्रियों की सुविधा हेतु क्या-क्या व्यवस्थायें की जा रही है, कांवड़ मेले की दृष्टि से स्वास्थ्य, नगर निगम, विद्युत, सिंचाई, लोक निर्माण आदि विभागों द्वारा की जा रही तैयारियों आदि के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी दी।
जिलाधिकारी हरिद्वार धीराज सिंह गर्ब्याल ने बताया कि कांवड़ मेले के लिए 60 हजार वाहनों की क्षमता के लिए 13 पार्किंग स्थल बनाये गये हैं। इसके अलावा विशेष परिस्थितियों के लिए 03 अतिरिक्त पार्किंग स्थल आरक्षित हैं। उन्होंने कांवड़ यात्रा की तैयारियों के सम्बन्ध में आगे बताया कि कावंड़ मेले के लिये 2720 से अधिक शौचालय, 640 से अधिक यूरेनल तथा मोबाइल शौचालयों की व्यवस्था की जा रही है, जिसके लिये 1200 से अधिक सफाई कार्मिक तैनात किये जा रहे हैं तथा आवश्यकता पड़़ने पर यह संख्या और बढ़ाई जायेगी। उन्होंने बैठक में स्वास्थ्य सम्बन्धी तैयारियों की जानकारी देते हुये बताया कि पूरे मेला क्षेत्र में 21 स्वास्थ्य कैम्प लगाये जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त सभी अस्पतालों में हर तरह के इलाज की व्यवस्था की जा रही है।
जिलाधिकारी ने कांवड़ मेले की एसओपी का उल्लेख करते हुये बताया कि कोई भी कांवड़ 12 फीट से ऊंची नहीं होगी, कांवड़िये कोई भी ऐसी सामग्री अपने साथ लेकर नहीं चलेंगे, जिससे नुकसान पहुंचने की संभावना हो तथा व्यापारी बन्धु भी इस तरह की कोई भी सामग्री की बिक्री नहीं करेंगे तथा कांवड़ियों को निर्धारित ध्वनि प्रदूषण के नियमों का पालन करना होगा। इस पर मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि कानून एवं व्यवस्था के प्रश्न पर कहीं पर भी कोई समझौता नहीं किया जायेगा।
बैठक में जिलाधिकारी ने बताया कि कांवड़ मेले से सम्बन्धित सारी व्यवस्थायें 30 जून तक पूरी कर ली जायेंगी। बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को कांवड़ मेले के संचालन के लिये बनाई गयी व्यवस्था के सम्बन्ध में बताया कि कांवड़ मेले को 12 सुपर जोन, 32 जोन तथा 134 सेक्टरों में बांटा गया है, जिसके पूरे संचालन के लिये पांच नोडल अधिकारी नामित किये गये हैं।
बैठक में प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था, पेट्रोल, डीजल, गैस, खाद्य सामग्री आदि का कांवड़ मेले की दृष्टि से रिजर्व स्टॉक रखना, वन विभाग के क्षेत्र में जंगली जानवरों से रक्षा के लिये टीम गठित करना, आपदा प्रबन्धन द्वारा की जाने वाली व्यवस्थायें, एनएसएस, स्वयंसेवी संस्थाओं आदि की सहायता लेना, रेलवे तथा रोडवेज की व्यवस्थायें, विभिन्न स्थानों में कावंड़ियों को राहत देने के लिये स्पेंक्लर स्थापित करना आदि की जानकारी देते हुये उस पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।
समीक्षा बैठक में सांसद डॉ0 रमेश पोखरियाल निशंक, विधायक मदन कौशिक, आदेश चौहान, प्रदीप बत्रा, ममता राकेश, पूर्व विधायक लक्सर संजय गुप्ता, भाजपा जिला अध्यक्ष संदीप गोयल, गंगा सभा के अध्यक्ष नितिन गौतम, महामंत्री तन्मय वशिष्ठ ने भी कांवड़ मेले को सकुशल सम्पन्न कराये जाने के सम्बन्ध में महत्वपूर्ण सुझाव दिये।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, मुख्य सचिव डॉ0 एस0एस0 सन्धु, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, आनन्द वर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के.सुधांशु, सचिव मुख्यमंत्री विनय शंकर पाण्डेय, सचिव डॉ आर0 राजेश कुमार,, एडीजी लॉ एण्ड आर्डर, एडीजी इंटलीजेंस, आयुक्त गढ़वाल मण्डल सुशील कुमार, आईजी गढ़वाल मण्डल के0एस0 नगन्याल, मुख्य विकास अधिकारी प्रतीक जैन, अपर जिलाधिकारी(वित्त एवं राजस्व) बीर सिंह बुदियाल सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी एवं जन प्रतिनिधि उपस्थित थे।

उत्तराखंड संस्कृत विवि के 10वें दीक्षांत समारोह में पहुंचे राज्यपाल

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने आज हरिद्वार में उत्तराखण्ड संस्कृत विश्वविद्यालय के 10वें दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने विश्वविद्यालय के मेधावी छात्र-छात्राओं को पदक और शोधार्थियों को शोध उपाधियां प्रदान की। दीक्षांत समारोह में राज्यपाल द्वारा पतंजलि विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य बालकृष्ण को आयुर्वेद एवं भारतीय ज्ञान परम्परा के संरक्षण के लिए तथा शिक्षाविद् पद्मश्री डॉ. पूनम सूरि को समाज सेवा एवं वैदिक शिक्षा के प्रचार-प्रसार के लिए डी. लिट की मानद उपाधि प्रदान की गई। राज्यपाल ने इस अवसर पर विश्वविद्यालय की नई शोध पत्रिका ‘देवभूमि जर्नल ऑफ मल्टीडिसीप्लिनरी रिसर्च’ का भी विमोचन किया।

दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने पदक एवं उपाधि प्राप्त करने वाले सभी छात्र-छात्राओं एवं उनके अभिभावकों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने उपाधि प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं से कहा कि आप सभी संस्कृत के प्रचार एवं प्रसार में अपना योगदान दें। उन्होंने कहा कि संस्कृत को पूरे विश्व तक ले जाना आप सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि युवा आने वाले 25 वर्ष विकसित भारत, आत्मनिर्भर भारत, समृद्ध भारत, श्रेष्ठ भारत और विश्वगुरू भारत के लक्ष्यों को प्राप्त करने में पूर्ण उत्साह, समर्पण और निष्ठा के साथ कार्य करें।

राज्यपाल ने युवाओं का आह्वान किया कि वे अपनी परम्पराओं का संरक्षण करते हुए भारत को समृद्ध और दुनिया का सर्वश्रेष्ठ राष्ट्र बनाने के महान अभियान का हिस्सा बनें। उन्होंने कहा कि संस्कृत भाषा में उपलब्ध ज्ञान में सभी चुनौतियों का समाधान निहित है। देश की एकता में संस्कृत का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि संस्कृत हमारी समृद्ध संस्कृति का आधार और भारत की आत्मा की वाणी है। उन्होने कहा कि संस्कृत भाषा भारतीयता की डीएनए है एवं प्राचीन के संरक्षण के साथ नवीन ज्ञान का प्रयोग भी आवश्यक है।

राज्यपाल ने संस्कृत विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की प्रशंसा करते हुए संस्कृत के विकास एवं प्रचार-प्रसार के लिए सराहना की। उन्होंने संस्कृत के क्षेत्र में लड़कियों को ज्यादा अवसर व प्रोत्साहन देने पर जोर दिया ताकि संसकृत का ज्ञान प्रत्येक घरों तक पहुंचे। राज्यपाल ने विश्वविद्यालय में 04 शोध पीठों की स्थापना होने पर खुशी जताते हुए इसे विश्वविद्यालय के हित में सराहनीय कदम बताया।

अपने संबोधन में कुलपति प्रोफेसर दिनेश चंद्र शास्त्री ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों, भविष्य की योजनाओं और चुनौतियों को विस्तार से सामने रखा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय को शासन स्तर पर उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि संस्कृत विश्वविद्यालय की प्रकृति को देखते हुए यहां पर प्राचीन ज्ञान से संबंधित न्याय, वैशेषिक, सांख्य, मीमांसा, वेदांत, धर्मशास्त्र और पुराणों आदि से संबंधित उच्च स्तरीय अनुसंधान होना जरूरी है। इसके लिए अपेक्षित संख्या में पद उपलब्ध न होने के कारण चुनौतियां बनी हुई हैं।

दीक्षांत समारोह के आधार संबोधन में केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय नई दिल्ली के कुलपति प्रोफेसर श्रीनिवास बरखेड़ी ने कहा कि संस्कृत विश्वविद्यालयों को भारतीय ज्ञान प्रणाली के उल्लेखनीय केंद्रों के रूप में विकसित होना चाहिए। साथ ही संस्कृत को आधुनिक तकनीकों का प्रयोग करके लोगों तक पहुंचाना चाहिए। उन्होंने उत्तराखंड को ज्ञान की भूमि बताया और कहा कि यहां के छात्रों और शिक्षकों को अपनी मूल परंपरा का संरक्षण करते हुए अंतरविषयी ज्ञान को बढ़ावा देना चाहिए।

दीक्षांत समारोह के समापन से पूर्व कुलसचिव गिरीश कुमार अवस्थी ने धन्यवाद ज्ञापित किया। वरिष्ठ आचार्य प्रोफेसर दिनेश चमोला ने स्नातकों को उपाधि हेतु उपस्थित किया। संचालन का दायित्व डॉ शैलेश तिवारी ने निभाया।

इस अवसर पर गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सोमदेव शतांशु, आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सुनील जोशी, उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर ओम प्रकाश नेगी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह, मुख्य विकास अधिकारी प्रतीक जैन, अपर जिलाधिकारी(प्रशासन) पी0एल0 शाह, एसडीएम पूरण सिंह राणा, एसपी सिटी स्वतंत्र कुमार सिंह, एस0एस0 जायसवाल, डॉ0 सुशील उपाध्याय सहित अनेक विशिष्ट लोग उपस्थित थे।

व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिये अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी का होगा गठन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को ऋषिकुल ऑडिटोरियम में आयोजित ’’व्यापारी सम्मेलन’’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया तथा मंत्रोच्चारण के बीच दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिये अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की जायेगी।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये मुख्यमंत्री ने ’’9 वर्ष उत्कर्ष के’’ उपलक्ष्य में आयोजित व्यापारी सम्मेलन की सभी व्यापारी भाइयों को हार्दिक बधाई व शुभकामना दी। उन्होंने कहा कि व्यापारी देश व प्रदेश की अर्थव्यवस्था और वित्तीय शक्तियों की रीढ़ हैं तथा वे ब्रांड इंडिया के सच्चे राजदूत हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वोकल फॉर लोकल का जिक्र करते हुए अपील की कि वे प्रधानमंत्री के वोकल फार लोकल के आह्वान पर जोर दें और ब्रांड इंडिया के सच्चे राजदूत बनने के लिए हरसंभव प्रयास करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यापार केवल माल या सेवाओं का आदान-प्रदान नहीं है, बल्कि इसके जरिए समाज में परस्पर विश्वास का भी आदान-प्रदान होता है। समान की गुणवत्ता के महत्व का उल्लेख करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यापार की एक ही कुंजी है, गुणवत्ता, और गुणवत्ता रूपी कुंजी ही उत्पादकता और लाभ रूपी ताले को खोल सकती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हर कारोबार का देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान है तथा आज अमृतकाल में सबके प्रयास की यही भावना देश की ताकत बन रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में एक नई कार्य संस्कृति विकसित हुई, जिसको आगे बढ़ाने में व्यापारियों का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा व्यापारी हितों में नए-नए कदम उठाए जा रहे हैं। आज पूरे देश में हर स्तर पर व्यापारियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है तथा आज देश-विदेश के उद्यमी देवभूमि उत्तराखंड में निवेश करने के लिए बहुत उत्साहित हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नौ वर्षों के कार्यकाल में देश ने प्रत्येक क्षेत्र में तेजी से विकास किया है तथा विदेशों में देश का गौरव बढ़ा है। आज उन्हीं के दिशा निर्देशन में उत्तराखंड में हर क्षेत्र में तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं, चाहे केदारनाथ धाम का सौंदर्यीकरण हो या बाबा बद्रीविशाल में चल रहे निर्माण कार्य हों, ऋषिकेश से कर्णप्रयाग तक बन रही रेल लाइन हो या फिर दिल्ली से देहरादून के बीच बन रहा एलिवेटेड हाइवे हो, हरिद्वार में बन रहा मेडिकल कॉलेज हो या फिर उधमसिंहनगर में एम्स का सेटेलाइट सेंटर हो, हर क्षेत्र में विकास हो रहा है, जो डबल इंजन की सरकार में ही सम्भव है तथा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखण्ड का चहुंमुखी विकास हो रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भ्रष्टाचार तथा भयमुक्त समाज का जिक्र करते हुये कहा कि आज व्यापारी वर्ग स्वयं को सुरक्षित महसूस कर रहा है तथा व्यवसायी बिना किसी डर के व्यापार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार किसी भी कीमत पर व्यापारी समाज का अहित नहीं होने देगी।
लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल का जिक्र करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल ने कहा था कि भारत में संपदा की कोई कमी नहीं है, बस हमें अपने दिमाग और संसाधनों का सही उपयोग करना है तथा श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में वर्ष 2047 के विजन के अनुरूप आने वाले 25 सालों के लिए जब हम एक संकल्प के साथ निकले हैं तो हमें लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल जी की इस बात को भूलना नहीं है तथा प्रधानमंत्री के कथन कि 21वीं सदी का तीसरा दशक, उत्तराखंड का दशक होगा, को चरितार्थ करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेंगे।
इस मौके पर कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल, हरिद्वार सांसद डॉ0 रमेश पोखरियाल निशंक, हरिद्वार विधायक मदन कौशिक, भाजपा जिला अध्यक्ष संदीप गोयल आदि ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये व्यापारियों के योगदान पर विस्तृत प्रकाश डाला।
इस अवसर पर रूड़की विधायक प्रदीप बत्रा, रानीपुर विधायक आदेश चौहान, डोईवाला विधायक ब्रजभूषण गैरोला, जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह सहित सम्बन्घित पदाधिकारी एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने संतों का आशीर्वाद लेकर विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को कनखल स्थित जगतगुरू आश्रम में जगतगुरू स्वामी राजराजेश्वराश्रम से शिष्टाचार भेंट की तथा उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इसके बाद डामकोठी पहुंचे, जहां उन्होंने पंचायती निर्मल अखाड़ा के स्वामी ज्ञानदेव शास्त्री, बड़ा अखाड़ा के महन्त दुर्गादास, महन्त रूपेन्द्र सहित अन्य सन्त महात्माओं से भी शिष्टाचार भेंट की तथा उनका आशीर्वाद लिया।
इस अवसर पर हरिद्वार सांसद रमेश पोखरियाल ’निशंक’, रूड़की विधायक प्रदीप बत्रा, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानन्द, पूर्व लक्सर विधायक संजय गुप्ता, जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह अधिकारीगण उपस्थित रहे।

रुड़की में अब अपना कार्यालय होगा भाजपा का, सीएम ने संगठन पदाधिकारियों के साथ किया भूमि पूजन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरूवार को रूड़की में भाजपा कार्यालय के भूमि पूजन कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने रूड़की क्षेत्र के लिए तीन घोषणाएं की। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर घोषणा की कि रूड़की के पठानपुरा से आदर्श नगर पैट्रोल पम्प तक आर.सी.सी. नाला का निर्माण कार्य किया जाएगा। रुड़की के मेन हाईवे से कान्हापुर तक बी.एम. एस.डी.बी.सी. द्वारा सड़क निर्माण कार्य कराया जाएगा। रुड़की के सोलानीपुरम की आन्तरिक सड़कों का इंटरलॉकिंग टाइल्स द्वारा सड़क व नाली निर्माण का कार्य किया जाएगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि बाबा केदार एवं भगवान बद्रीविशाल के आशीर्वाद और सभी कार्यकर्ताओं की सेवा, समर्पण और पार्टी के प्रति सच्ची निष्ठा के बल पर रुड़की में पार्टी कार्यालय का भूमि पूजन संपन्न हुआ है। मुख्यमंत्री ने स्व. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का स्मरण करते हुए कहा कि जनसंघ के रूप में उन्होंने ऐसे राष्ट्रवादी संगठन की नींव रखी जो आज भारतीय जनता पार्टी के रूप में सम्पूर्ण विश्व का सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बन चुकी है। उन्होंने स्व. दीनदयाल उपाध्याय का स्मरण कर कहा कि दीनदयाल उपाध्याय ने अपनी आदर्श छवि एवं विशिष्ट बौद्धिकता से सम्पूर्ण विश्व में भारत के गौरव को बढ़ाने का कार्य किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी का स्मरण भी करते हुए कि अटल के प्रधानमंत्रित्व काल में ही उत्तराखण्ड अलग राज्य बना।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश हर क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है। उन्होंने कहा कि आज नव भारत के निर्माण के यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है उसमें सभी कार्यकर्ताओं ने अपने श्रम की आहुति देनी है तथा एक भारत’ और श्रेष्ठ भारत के महा संकल्प को साकार करना है। देश आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष में प्रवेश कर चुका है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल एवं ऊर्जावान नेतृत्व में देश में अमृत युग प्रारंभ हो चुका है। एक ओर जहां भारत राष्ट्रीय स्तर पर विकास की नई-नई ऊंचाइयों को छू रहा है, वहीं वैश्विक स्तर पर एक सशक्त, सामर्थ्यवान और आत्मनिर्भर देश के रूप में नई पहचान प्राप्त कर रहा है। प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व में एक नए भारत की नींव रखी जा रही है। नया भारत आत्मनिर्भर बन रहा है। हर वर्ग का विकास सुनिश्चित हो रहा है। भारत पुनः विश्व गुरु बनने का प्रयत्न कर रहा है। अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हो रहा है। केदारनाथ के पुनर्निर्माण कार्य तेजी से चल रहे हैं। बद्रीनाथ में मास्टर प्लान के तहत कार्य किये जा रहे हैं। केदारनाथ एवं हेमकुंट में रोपवे का निर्माण किया जा रहा है। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन का कार्य तेजी से चल रहा है। देहरादून से दिल्ली तक एलिवेटेड रोड पर तेजी से कार्य चल रहा है। हमारी सेना सशक्त और शक्तिशाली बन रही है। स्वास्थ्य सेवाओं का तेजी विस्तार हो रहा है। अंतिम पंक्ति पर खड़े व्यक्ति को विकास की मुख्य धारा से जोड़ा जा रहा है। प्राचीन शिक्षा पद्धति और आधुनिक शिक्षा पद्धति के समिश्रण से बनी नई शिक्षा नीति का अनुसरण किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के गौरव को पुनः प्रशस्त करने के लिए सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’’ का मंत्र दिया है उसने देश की राजनीति की दिशा और दशा को बदलने का कार्य किया है। गरीब कल्याण योजनाओं ने अंतिम पायदान पर खड़े हुए प्रत्येक व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान लाने का काम किया है। आज देश के इंफ्रास्ट्रक्चर को विश्व स्तरीय बनाने के लिए जहां बड़ी-बड़ी योजनाओं का प्रधानमंत्री द्वारा शिलान्यास किया जाता है, वहीं उनका उद्घाटन भी किया जाता है। आज केन्द्र और राज्य सरकार के सहयोग से हमारा प्रदेश भी सर्वश्रेष्ठ राज्य बनने की दौड़ में तेज गति से आगे बढ़ रहा है। राज्य में भ्रष्टाचार और भर्ती घोटालों पर किए गए प्रहार से लेकर समान नागरिक आचार संहिता, धर्मांतरण कानून, महिला आरक्षण, भू-कानून, देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून बनाना और गरीबों को तीन निःशुल्क सिलेंडर देने जैसे कठिन मुद्दों पर सरकार द्वारा उठाए गए कदम इस बात का प्रमाण हैं कि आज राज्य सरकार प्रदेश हित में ऐसे मुद्दों पर भी निर्णय लेने का कार्य कर रही है, जिन मुद्दों को वर्षों तक ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था।
इस अवसर पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट, हरिद्वार सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक प्रदीप बत्रा, महामंत्री संगठन अजेय कुमार, जिलाध्यक्ष भाजपा शोभाराम प्रजापति एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा-राज्य में जबरन धर्मान्तरण कानूनन अपराध, हमने बनाया है कानून

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को कनखल, हरिद्वार में विश्व हिन्दू परिषद द्वारा आयोजित केन्द्रीय मार्ग दर्शक मण्डल की बैठक में प्रतिभाग किया तथा आज के सत्र का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारम्भ किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में धर्म एवं संस्कृति का लगातार उत्थाान हो रहा है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में श्रीराम का भव्य मन्दिर बनाने का कई वर्षों का सपना अब साकार होने जा रहा है। वहां श्रीराम का भव्य व दिव्य मन्दिर तैयार हो रहा है। उज्जैन में महाकालेश्वर ने दिव्य व भव्य स्वरूप प्राप्त कर लिया है। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर बनने के बाद वहां का पूरा स्वरूप ही परिवर्तित हो गया है। वहां पर अब पांच लाख से अधिक श्रद्धालु गंगा से पवित्र जल लेकर वहां आसानी से जलाभिषेक कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है। आने वाले समय में रोपवे बन जाने से केदारनाथ तथा हेमकुण्ड धाम की यात्रा और भी आसान होने वाली है। चारधाम यात्रा की भांति कुमाऊं में मानसखंड मन्दिर माला मिशन के तहत कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में समान नागरिक संहिता के लिए बनाई गई समिति ने 90 प्रतिशत से अधिक का कार्य पूरा कर लिया है, जो आगामी 30 जून तक अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत कर देगी। उन्होंने कहा कि राज्य में जबरन धर्मान्तरण की रोकथाम के लिये सख्त कानून बनाया गया है।
बैठक में महामण्डलेश्वर स्वामी परमानन्द गिरिजी महाराज, परम पूज्य शंकराचार्य वासुदेवानन्द सरस्वती, राम राजेश्वरा महाराज, महामण्डलेश्वर विश्वेश्वरानन्द महाराज, महामण्डलेश्वर यतीन्द्रानन्द गिरि, स्वामी विवेकानन्द महाराज, सचिव महानिर्वाणी अखाड़ा रवीन्द्र पुरी, स्वामी गिरधर गिरि महाराज आदि ने अपने-अपने विचार रखे।
इस मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देश के कोने-कोने से आये हुये धर्माचार्यों, सन्त-महात्माओं का एक-एक करके माल्यार्पण करते हुये उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।

मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 528 गरीबों को प्रदान किये आवास

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सिडकुल रोशनाबाद हरिद्वार में लगभग 120 करोड़ की 16 विभिन्न विकास योजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। इसमें 52.22 करोड़ की 9 विकास योजनाओं का लोकार्पण तथा 68 करोड़ से अधिक की 7 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 528 गरीब परिवारों को आवास भी प्रदान किये।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में सिडकुल में सर्विस लेन का नाले सहित निर्माण, रो नदी पर पुल का निर्माण, सिडकुल बहादराबाद औद्योगिक क्षेत्र में पेयजल की समस्या के समाधान हेतु पानी की टंकी का निर्माण, सिडकुल क्षेत्र में जलभराव समस्या के समाधान हेतु नाले का निर्माण कर बड़े नाले से जोड़े जाने, बहादरा औद्योगिक सिडकुल क्षेत्र की आंतरिक सड़कों का लोक निर्माण विभाग के माध्यम से निर्माण कार्य कराये जाने के साथ बहादराबाद औद्योगिक क्षेत्र में फायर स्टेशन की स्थापना किये जाने की घोषणा की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना अन्तर्गत नव-निर्मित भवनों का निरीक्षण किया तथा एनिमल एम्बुलेंस को हरी झण्डी दिखाकर रवाना भी किया।

समारोह को सम्बोधित करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र के विकास में ये योजनायें मील का पत्थर साबित होंगी। इससे राज्य के समग्र विकास के संकल्प को साकार करने में भी मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने स्वयं के घर का मालिक बने लोगों को भी बधाई देते हुए कहा कि आम आदमी के घर का सपना पूरा होने से उनके जीवन में स्थिरता आती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीबों को अपना पक्का घर देने का हमारा ये अभियान सिर्फ एक सरकारी योजना मात्र नहीं है, ये प्रदेश के एक-एक वंचित को इस बात का विश्वास देने की प्रतिबद्धता है कि सरकार उनके सशक्तिकरण के लिए संकल्पित है। उन्होंने कहा कि पहले घर, दुकान, गाड़ी, खेत सभी पुरुषों के नाम पर हुआ करते थे, परन्तु हमने यह नियम बदल कर महिलाओं को भी घर की मालकिन बनाने का कार्य किया। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने इस योजना के तहत लाखों रूपये के पी.एम आवास से देश की करोड़ों दीदियों को लखपति बनने का भी कार्य किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार विकास कार्यों और लाभार्थियों की सहायता करते समय न किसी गरीब की जाति देखती है और न ही किसी गरीब का धर्म। गरीबों को समर्पित हमारी सरकार गरीब की आवश्यकताओं को भली भांति समझती है तथा हर गरीब को अपनी पक्की छत देने के लिए दिन-रात काम कर रही है,उसी का परिणाम है जो आज इतनी बड़ी संख्या में ये घर रिकॉर्ड समय में बन सके हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में पिछले 9 वर्षों में करीब 4 करोड़ से अधिक पक्के घर गरीब परिवारों को मिल चुके हैं, इनमें से करीब 70 प्रतिशत घर महिलाओं के नाम पर हैं। 2014 से पहले जो सरकार थी, उसने देश में शहरी आवास योजनाओं के तहत सिर्फ 13 लाख मकान ही मंजूर किए थे और इसमें से भी केवल 8 लाख मकान ही बनाए थे। इससे यह भी साबित होता है कि जब कोई सरकार “अंत्योदय“ को अपना ध्येय मानकर कार्य करती है तो परिणाम कितने अलग होते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सेवा और सुशासन के आधार पर देश में विकास की एक नई परिभाषा लिखने का कार्य किया है। देश में जिस स्तर पर शोषितों और वंचितों का आज सशक्तिकरण हो रहा है वैसा आज से पहले कभी नहीं हुआ। प्रधानमंत्री की प्रेरणा तथा उनके ही मार्गदर्शन में, उत्तराखंड में भी विकास के एक नए युग का सूत्रपात हुआ है। आज प्रदेश के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने और राज्य को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अनेकों कार्य किये जा रहे हैं। प्रदेश में हर स्तर पर कनेक्टिविटी को सुधारा जा रहा है, उद्योगों के विकास पर बल दिया जा रहा है और भविष्य की आवश्यकताओं को केंद्र में रख कर नीतियां बनाई जा रही हैं। हमारे शहर अब तेजी से आर्थिक गतिविधियों का केंद्र बन रहे हैं और इसी के दृष्टिगत हम निरंतर अपने शहरों को भविष्य के लिए तैयार कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री पहले ही 21वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखंड का दशक बता चुके हैं। हमें अब अपनी पूरी क्षमता के साथ उनके इस कथन को सार्थक कर के दिखलाना है। हमें “चरैवेति चरैवेति“ के मूल मंत्र को अपना कर, विकास को गति देते हुए सर्वश्रेष्ठ उत्तराखंड के ’’विकल्प रहित संकल्प’’ को सिद्ध करना है। उन्होंने कहा कि भारत के इस अमृत काल में राज्य के समग्र विकास के संकल्प के लक्ष्य की प्राप्ति में सभी को एक साथ मिलकर सहयोगी बनना होगा।

पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद डॉ0 रमेश पोखरियाल ’निशक’ ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अन्तर्गत बने इन आवासों का निर्माण रिकार्ड समय में पूर्ण किया गया है। उन्होंने कहा कि सभी के प्रयास से वर्ष 2025 तक उत्तराखण्ड को मॉडल स्टेट बनाया जायेगा।

कैबिनेट मंत्री प्रेम चंद अग्रवाल, राज्य सभा सांसद कल्पना सैनी, नगर विधायक हरिद्वार मदन कौशिक, रानीपुर विधायक आदेश चौहान, मेयर नगर निगम हरिद्वार अनीता शर्मा ने भी कार्यक्रम को सम्बोधित किया।

जिलाधिकारी विनय शंकर पाण्डेय ने इस अवसर पर लोकार्पण व शिलान्यास की गयी योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। इस अवसर पर रूड़की विधायक प्रदीप बत्रा, भाजपा जिला अध्यक्ष हरिद्वार संदीप गोयल, अध्यक्ष रूड़की शोभाराम प्रजापति, पूर्व विधायक ज्वालापुर सुरेश राठौर, भाजपा महामंत्री आशु चौधरी, उपाध्यक्ष तिवारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

लोकार्पण एवं शिलान्यास की गई योजनाओं का विवरण

हरिद्वार में जिन योजनाओं का लोकार्पण किया गया उनमें हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण की प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत इंद्रलोक फेस-02 में 528 नवनिर्मित आवास, जिनकी लागत 4175.00 लाख रुपए, बहादराबाद स्थित पण्डित दीन दयाल उपाध्याय उद्यान का निर्माण/सौंदर्यीकरण का कार्य लागत 104.61 लाख रूपये, बिरला घाट से चण्डी चौक तथा ललतारों चौक की ओर रिक्त पड़ी भूमि पर उद्यानीकरण तथा सौन्दर्यीकरण का कार्य, लागत 9.89 लाख रूपये, शंकराचार्य चौक से ऋषिकेश की ओर जाते हुये बाये किनारे पर उद्यानीकरण/सौन्दर्यीकरण का कार्य, जिसकी लागत 11.48 लाख रूपये, इन्द्रलोक आवासीय योजना फेस-1 एवं आसपास के क्षेत्रों में जल भराव की समस्या के निदान हेतु नाले का निर्माण, जिसकी लागत 145.10 लाख रूपये है।

नगर निगम हरिद्वार क्षेत्रांन्तर्गत सूखे कूड़े के निस्तारण हेतु एमआरएफ सेण्टर की स्थापना लागत 300.00 लाख रूपये, नगर निगम हरिद्वार क्षेत्रान्तर्गत गीले कूडे़ के निस्तारण हेतु बायो कम्पोस्टर की स्थापना, लागत 279.00 लाख रूपये, नगर निगम हरिद्वार क्षेत्रान्तर्गत निर्मित ए0बी0सी0 सेण्टर के संचालन, अवशेष सिविल कार्य एवं उपकरणों की स्थापना, जिसकी लागत 119.33 लाख रूपये तथा स्वच्छ भारत मिशन योजनान्तर्गत नगर निगम हरिद्वार क्षेत्र में 18 नवनिर्मित सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण, जिसकी लागत 78.00 लाख रूपये है, का लोकार्पण किया।

इसी तरह जिन योजनाओं का शिलान्यास किया गया उनमें हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण द्वारा सिटी काम्पलेक्स हरिद्वार में 02 टेनिस कोर्ट, 02 स्क्वाश कोर्ट, इंडोर शूटिंग रेंज, सिंथेटिक बैडमिंटन कोर्ट और मौजूदा बैडमिंटन कोर्ट की विशेष मरम्मत का कार्य, जिनकी लागत 600.00 लाख रूपये, अवस्थापना विकास निधि के विभिन्न निर्माण/विकास कार्य, जिसकी लागत 2919.70 लाख रूपये, अवस्थापना विकास निधि में जनपद हरिद्वार स्थित विभिन्न पार्कों/स्थलों के निर्माण/ सौन्दर्यीकरण का कार्य, लागत 310.59 लाख रूपये, नगर निगम हरिद्वार क्षेत्रान्तर्गत चारधाम यात्रा हेतु 22 ऑटोमैटिक स्मार्ट वाटर एटीएम, जिनकी लागत 66.00 लाख रूपये, नगर निगम हरिद्वार क्षेत्रान्तर्गत पावन धाम आश्रम के निकट निराश्रितों हेतु रैन बसेरों का निर्माण, लागत 190.99 लाख रूपये, नगर निगम हरिद्वार क्षेत्रान्तर्गत चण्डीघाट एवं सराय स्थित 4.21 मी0टन लीगेसी वेस्ट का भूमि पुनरूद्धार कार्य, जिसकी लागत 2314.00 लाख रूपये, नगर निगम क्षेत्रान्तर्गत 20 स्मार्ट टॉयलेट, जिनकी लागत 400.00 लाख रूपये है, प्रमुख हैं।

मानव उत्थान सेवा समिति ने श्रद्धालुओं के लिए बीमा धनराशि का चेक सीएम को सौंपा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को ऋषिकुल कॉलेज मैदान, हरिद्वार में मानव उत्थान सेवा समिति द्वारा आयोजित सद्भावना सम्मेलन एवं राष्ट्रीय एकता शिविर कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने ऋषिकुल मैदान में चाहर दिवारी के निर्माण कार्य को घोषणा की। इस दौरान मानव उत्थान सेवा समिति की ओर से मुख्यमंत्री को आगामी चार धाम यात्रा में आने वाले 1000 श्रद्धालुओं के लिए दुर्घटना बीमा चेक सौंपा गया। उल्लेखनीय है कि मानव उत्थान सेवा समिति द्वारा चारधाम यात्रा में आने वाले प्रति यात्री के लिए 1 लाख की करवाई जा रही है। चार धामों के लिए 1000 व्यक्तियों के लिए कुल 10 करोड़ का दुर्घटना बीमा समिति द्वारा किया जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मानव उत्थान सेवा समिति द्वारा किए जा रहे मानवता के कार्य अति सराहनीय है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत को जी-20 की अध्यक्षता करने का मौका मिला है। आज जी-20 के कार्यक्रम देश के कोने कोने में कराए जा रहे हैं, ताकि भारत का प्रत्येक नागरिक इस महासम्मेलन का प्रतिभागी बन सके। उन्होंने कहा आज सरकार की योजनाओं का निर्वाण अंत्योदय पर केंद्रित रहता है। समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक किस प्रकार योजनाओं का लाभ पहुंचे इस पर हर स्तर पर गंभीरता से विचार किया जाता है। मोदी जी के नेतृत्व में कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक देश को एक सूत्र में पिरोने का कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य तेजी से प्रगति की ओर बढ़ रहा है। राज्य सरकार ने आगामी चार धाम यात्रा की पूर्ण तैयारियां कर ली है। राज्य आगामी चार धाम यात्रा के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होने कहा बीते 1 साल में राज्य सरकार ने कई कार्य किए हैं। समान नागरिक संहिता पर कार्य चल रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा राज्य के विभिन्न स्थानों पर अवैध निर्माण के मामले सामने आए है। उन्होंने कहा सरकारी भूमि पर किसी को भी अतिक्रमण करने नहीं दिया जाएगा। जिन जगहों पर अतिक्रमण हुआ है उन्हें हटाया जा रहा है। उन्होंने कहा राज्य सरकार के लिए जनता का हित सर्वाेपरि है।
इस दौरान कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, जिलाधिकारी विनय शंकर पांडे वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

ऋषिकेश और हरिद्वार का ट्रेफिक प्लान को देखते हुए कार्ययोजना बनाने के निर्देश

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने बुधवार को सचिवालय में ऋषिकेश और हरिद्वार शहर के बाईपास मार्गों के सम्बन्ध में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण एवं सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अधिकारियों के साथ बैठक ली। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने अधिकारियों को ऋषिकेश एवं हरिद्वार शहरों को जोड़ते हुए संयुक्त रूप से योजना तैयार करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि हरिद्वार और ऋषिकेश तीर्थ और योगा कैपिटल की दृष्टि से विश्वभर में प्रसिद्ध हैं। हरिद्वार और ऋषिकेश अलग-अलग शहर होने के बावजूद उसका ट्रेफिक प्लान पृथक-पृथक नहीं बनाया जा सकता। उन्होंने कहा कि इन दोनों शहरों को जोड़ते हुए संयुक्त प्लान पर कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि इन सड़कों को कम से कम 50-60 सालों के यातायात संकुलन को देखते हुए तैयार किया जाना चाहिए।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु एवं प्रबन्ध निदेशक उत्तराखण्ड मेट्रो रेल कॉर्पाेरेशन जितेन्द्र त्यागी सहित भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण एवं सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अधिकारी उपस्थित रहे।

गांव, किसान और कृषि ही आत्मनिर्भर भारत के तीन आधार स्तंभ-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को रुड़की स्थित रजवाड़ा फॉर्म में भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा उत्तराखण्ड की प्रदेश कार्यसमिति के समापन सत्र में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा किसानों हेतु चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं पर आधारित स्टॉलो का अवलोकन किया साथ ही शोभा यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अन्नदाताओं को धरती पुत्र बताते हुए कहा कि किसानों की मेहनत और पुरुषार्थ के कारण ही हमें भोजन उपलब्ध हो पाता है। किसानों के परिश्रम और अथक प्रयासों के आगे बाकी सब सूक्ष्म है। गांव, किसान और कृषि ही आत्मनिर्भर भारत के तीन आधार स्तंभ हैं, ये जितने मजबूत होंगे आत्मनिर्भर भारत की नींव उतनी ही अधिक मजबूत होगी। देश के संतुलित विकास के लिए ये अत्यंत आवश्यक है कि हमारे किसान, हमारे अन्नदाता, हमारे भूमिपुत्र सशक्त बनें। किसानों के सशक्तिकरण के बिना भारत का सशक्तिकरण अधूरा है। विकसित भारत का सपना भी तभी साकार हो सकता है जब हमारा किसान सशक्त होगा। उन्होंने कहा भाजपा किसान मोर्चा के साथियों का काम सरकार और किसानों के बीच एक सेतु का निर्माण करना है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भारत हमेशा एक कृषि प्रधान देश रहा है। खेती-किसानी के इर्द-गिर्द ही हमारा समाज विकसित हुआ, हमारी परम्पराएं पोषित हुईं और हमारे पर्व व त्योहार निर्धारित हुए। कृषि विषय पर भारतीय इतिहास इतना समृद्ध है कि हमारे पास कृषि-पाराशर और कृषि सूक्त जैसे प्राचीन ग्रन्थ उपलब्ध हैं। जिन्होंने खेती और किसानी के उचित तौर-तरीकों के बारे में आम लोगों को बताने का कार्य किया है। हमारे इसी वैज्ञानिक और उन्नत कृषि विज्ञान ने सदियों से भारत को समृद्ध बनाया हुआ है। इतिहास में अनेकों ऐसे वर्णन मिलते हैं जब विदेश से आए हुए लोग, भारत की कृषि पद्धतियों को देखकर हतप्रभ रह गए। माटी को मां मानने वाले भारत के किसानों ने हमेशा अपने मूल कर्तव्य को पूरा किया है। देश के सामने खाद्यान्न संकट आने पर भी हमारे मेहनती किसानों ने अपने परिश्रम और पसीने से धरती को सींचा है। अपने कर्मठ किसानों की बदौलत भारत आज कृषि उत्पादन में ना केवल आत्मनिर्भर है बल्कि दूसरे देशों का भी पेट भर रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र एवं राज्य सरकार हमेशा से किसान हितैषी रही है। किसानों का जितना सशक्तिकरण हुआ है वो अभूतपूर्व है। प्रधानमंत्री का मत है कि देश के किसान का आत्मविश्वास देश का सबसे बड़ा सामर्थ्य है। केंद्र सरकार किसानों की दशा सुधारने और कृषि नीतियों को किसान केंद्रित बनाने का कार्य कर रही है। सरकार का निरंतर ये प्रयास है कि दुनिया के बड़े-बड़े देशों के किसानों को जो आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं वो भारत के किसान को भी मिलें। प्रधानमंत्री का संकल्प है कि हमारे किसान के लिए बीज से बाजार तक की यात्रा ना केवल सुगम हो बल्कि ये उसकी आय में वृद्धि करने वाली भी हो। बीते वर्षों में यूरिया की कमी, बिजली कटौती और अव्यवस्थित सिंचाई जैसी किसान की पारंपरिक परेशानियों को कम किया ही गया है, फसल बीमा योजना, सॉइल हेल्थ कार्ड, किसान सम्मान निधि और किसान क्रेडिट कार्ड जैसी योजनाओं से किसानों को एक संरक्षित वातावरण भी उपलब्ध करवाया गया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज कृषि को आधुनिक और स्मार्ट बनाने के साथ किसान को तकनीकी रूप से सक्षम और बाजार की नब्ज़ पकड़ने वाला बनाया जा रहा है। ऑर्गैनिक फार्मिंग में भारत एक बड़े ग्लोबल प्लेयर के रूप में सामने आया है और जैविक खेती का दायरा देश में लगातार बढ़ रहा है। हमारे उत्तराखंड में अनेकों किसान जड़ी-बूटी और फूलों की खेती कर मुनाफा कमा रहे हैं। राज्य में पहले कुल डेढ़ सौ हेक्टेयर में ही फूलों की खेती होती थी जिसका एरिया अब बढ़ कर 1600 हेक्टेयर से अधिक हो चुका है। कृषि क्षेत्र में नित नए अभिनव प्रयोग हो रहे हैं और नवाचार को हर स्तर पर प्रोत्साहन मिल रहा है। आज का हमारा किसान ड्रोन और आर्टिफिशल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल भी कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारे सीमांत किसानों का सशक्तीकरण हमारी पहली प्राथमिकता है। कृषि संबंधित नीतियां बनाते हुए विशेष रूप से इस बात का ध्यान रखा जा रहा है कि खेती में छोटे किसानों के लिए कम से कम जोखिम हो। उन्हें उनकी फसल और मेहनत का उचित और त्वरित मूल्य मिले इसके लिए अभूतपूर्व प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि बीते 1 साल में राज्य सरकार ने कई कार्य किए हैं। समान नागरिक संहिता पर कार्य चल रहा है। कठोर धर्मांतरण कानून बना कर धर्म परिवर्तन पर रोक लगाई है। राज्य में सभी परीक्षाओं को नकल विहीन बनाने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। राज्य में नई खेल नीति, नई शिक्षा नीति को भी लागू किया गया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हाल ही में राज्य के विभिन्न स्थानों में सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण के मामले सामने आए हैं। उन्होंने कहा सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण नहीं होने दिया जाएगा। जिन जगहों पर अतिक्रमण हुआ है उन्हें हटाए जाएगा। साथ ही राज्य के अंतर्गत जल्द ही स्पेशल वेरिफिकेशन ड्राइव चलाया जाएगा। उन्होंने कहा राज्य सरकार के लिए जनता का हित सर्वाेपरि है। हमारी सरकार राज्य हित को प्राथमिकता से लेगी एवं कठोर फैसले लेने से पीछे नहीं हटेगी।
इस दौरान कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद डॉ रमेश पोखरियाल ’ निशंक, किसान मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष जोगेंद्र सिंह पुंडीर, विधायक प्रदीप बत्रा, प्रदेश महामंत्री भाजपा आदित्य कोठारी, जिला अध्यक्ष रुड़की शोभाराम प्रजापति एवं अन्य लोग मौजूद रहे।