अल्मोड़ा में 39 प्रतिशत लौटे प्रवासी स्वरोजगार पर निर्भर

पलायन आयोग के उपाध्यक्ष एसएस नेगी ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह को कराया कि राज्य में लौटे 3.57 लाख प्रवासियों में से एक लाख प्रवासी वापस लौटे हैं। सितम्बर, 2020 के अंत तक कोविड-19 महामारी के कारण राज्य में लौटे प्रवासियों में से लगभग 29 प्रतिशत पुनः पलायन कर गए हैं। राज्य में लौटे प्रवासियों में से लगभग 71 प्रतिशत अपने मूल निवास या उसके पास के क्षेत्रों में चले गए हैं। इनमें से लगभग 33 प्रतिशत कृषि, पशुपालन आदि, 38 प्रतिशत मनरेगा, 12 प्रतिशत स्वरोजगार तथा 17 प्रतिशत अन्य पर आजीविका पर निर्भर हैं।

उन्होंने बताया कि जनपद अल्मोड़ा में लगभग 39 प्रतिशत लौटे प्रवासी स्वरोजगार पर निर्भर हैं जो कि अन्य जनपदों से काफी अधिक है। जनपद नैनीताल, ऊधमसिंह नगर तथा टिहरी में भी अधिक संख्या में लौटे प्रवासी स्वरोजगार पर अपनी निर्भरता दिखा रहे हैं।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि हमारा उद्देश्य राज्य के युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। इसके लिये सभी सम्बन्धित विभाग रोजगार परक योजनाओं के चिन्हीकरण के साथ ही आपसी समन्वय के साथ कार्ययोजना पर ध्यान दें। प्रशिक्षित युवाओं का बेहतर मार्गदर्शन के साथ ही जिस क्षेत्र में युवा अपनी अभिरूचि दिखाये इसके लिये उनके मार्गदर्शन की भी प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये हैं।

इस अवसर पर उत्तराखण्ड कौशल विकास मिशन एवं ग्राम्य विकास विभाग (उत्तराखण्ड राज्य आजीविका मिशन) के मध्य एमओयू हस्ताक्षरित किया गया। इस सहभागिता से ग्राम्य विकास विभाग के अन्तर्गत स्थापित स्वये सहायता समूहों को रूरल सेल्फ इंप्लायमेंट ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट के माध्यम से कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों का क्रियान्वयन उत्तराखण्ड कौशल विकास मिशन के माध्यम से किये जाने की योजना के साथ ही ‘‘इंटीग्रेटेड लाइवलीहुड सपोर्ट प्रोजेक्ट’’ के अन्तर्गत राज्य का ब्राँड विकसित किये जाने की भी योजना है।

इसके साथ ही उत्तराखण्ड कौशल विकास मिशन, तकनीकी शिक्षा एवं नेसकॉम के मध्य त्रिपक्षीय एम.ओ.यू हस्ताक्षरित किया गया, जिसके अन्तर्गत तकनीकी शिक्षा विभाग के छात्र-छात्राओं को फ्यूचर स्किल्स-हाई एंड स्किल्स में प्रशिक्षित कर रोजगार-स्वरोजगार के अवसरों से जोड़े जाने की योजना है। इस सहयोग से युवाओं को नवीनतम कौशल में दक्ष कर उनकी रोजगारपरकता में वृद्धि किये जाने हेतु कार्य योजना तैयार की गई है।

बैठक में मुख्यमंत्री के तकनीकी सलाहकार नरेन्द्र सिंह आई.टी. सलाहकार रविन्द्र दत्त, आर्थिक सलाहकार आलोक भट्ट, मुख्य सचिव ओम प्रकाश, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, मनीषा पंवार, प्रमुख सचिव आनन्द वर्द्धन, सचिव अमित नेगी, आर. मीनाक्षी सुन्दरम, राधिका झा, दिलीप जावलकर आदि उपस्थित थे।

जिला विकास प्राधिकरणः लिफ्ट वाले भवनों को सक्षम अधिकारी से प्रमाणित कराना होगा

एमडीडीए तथा अन्य जिला विकास प्राधिकरणों के साथ सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बैठक की। इस दौरान उपाध्यक्ष, एमडीडीए द्वारा नागरिकों के हित में निम्न निर्णय लेते हुए उन पर शीघ्र कार्य करने का आश्वासन दिया गया-

1. जिन आवेदकों को स्वीकृति हेतु मानचित्र ऑनलाईन अपलोड करने अथवा ऑनलाईन फीस भुगतान करने में कठिनाई हो, उनके लिए एमडीडीए में एक सुविधा-डेस्क स्थापित की जायेगी।
2. प्रयुक्त सॉफ्टवेयर का वित्तीय मोडयूल अभी निर्मित किया जा रहा है अतः आरटीजीएस अथवा बैंक-चालान द्वारा जमा किये जा रहे भुगतानों को इस प्रकार इंटीगे्रट किया जायेगा कि उनके पृथक से मिलान, जिसमें वर्तमान में समय लगता है, की आवश्यकता समाप्त हो जायेगी।
3. व्यवसायिक मानचित्रों की स्वीकृति की समय-सीमा 60 दिन से घटाकर 30 दिन सुनिश्चित की जायेगी।
4. ऐसे भवनों जहाँ लिफ्ट प्रयुक्त की जा रही है, वहाँ सुरक्षा के दृष्टिगत लिफ्ट का सक्षम प्राधिकारी द्वारा प्रमाणीकरण कराये जाने के उद्देश्य से प्राधिकारी के चिन्हीकरण से संबंधित शासनादेश जारी कराया जायेगा।

कंपाउंडिंग की सेवा हेतु वर्कफ्लो तथा पदाभिहित अधिकारी एवं अपीलीय प्राधिकारियों को चिन्हित कर आयोग को सूचित किया जायेगा।

बैठक के दौरान निम्न सेवाओं को संशोधित कर अधिसचित कराये जाने का निर्णय लिया गयाः-
1. व्यवसायिक मानचित्रों के 02 प्रकार होंगे – (अ) जो स्वीकृति हेतु प्राधिकरण के बोर्ड के विचारार्थ रखे जाते हैं एवं बोर्ड की बैठक 03 माह में आहूत होने के कारण जिनकी स्वीकृति में अधिक समय लग जाता है तथा (ब) जो स्वीकृति हेतु प्राधिकरण के बोर्ड के विचारार्थ नहीं रखे जाते एवं 30 दिन के भीतर स्वीकृत किये जा सकते हैं।
2. कार्यपूर्ति प्रमाण-पत्र की सेवा के 03 प्रकार होंगे – (अ) आवासीय मानचित्र (ब) अनावासीय मानचित्र तथा (स) व्यवसायिक मानचित्र

250 सेवाएं अपणि सरकार पोर्टल के जरिए तीन माह में जनता के समक्ष होंगी

उत्तराखण्ड सेवा का अधिकार अधिनियम, 2011 के अंतर्गत अधिसूचित सेवाओं सहित लगभग 250 सेवाओं को अपणि सरकार पोर्टल के अंतर्गत तीन माह में जनता के लिए उपलब्ध कराने का है लक्ष्य
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में बैठक आयोजित हुई। इसमें नागरिकों को सुविधा के लिए सेवायें उपलब्ध कराये जाने हेतु ‘’अपणि सरकार’’ ऑनलाईन सर्विस पोर्टल को विकसित करने का निर्णय लिया।

राजस्व विभाग के साथ बैठक
राजस्व विभाग के साथ बैठक में आईटीडीए एवं एनआईसी सहित गढ़वाल मण्डल के देहरादून जनपद के अधिकारी व्यक्तिगत रूप से तथा कुमाँऊ मण्डल के नैनीताल जनपद के अधिकारी वीडियो काँफ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित हुए। बैठक के दौरान सेवाओं के वर्कफ्लो, आवेदन-प्रारूपों, अतिरिक्त सेवाओं को जोड़े जाने आदि के संबंध में चर्चा हुयी।
आयोग ने पाया कि सामान्य जाति प्रमाण-पत्र की सेवा के संबंध में शासनादेश का अभाव है। हैसियत प्रमाण-पत्र की सेवा में भवनों के आंकलन के संबंध में प्रक्रियात्मक सुधार आवश्यक है तथा राजस्व मैनुअल्स के अनुसार प्रत्येक 06 वर्ष में नयी खतौनी तैयार की जानी प्राविधानित है परंतु यह कार्य दृढतापूर्वक नहीं किया जा रहा है। अतः इन विषयों पर आयोग ने राज्य सरकार को सुविचारित शासनादेश जारी करने हेतु अपनी संस्तुति प्रेषित कर दी है। बैठक के दौरान 05 नयी सेवाओं को अधिसूचित किये जाने हेतु चिन्हित किया गया। पोर्टल पर कतिपय विशेष प्राविधान यथा फोटो सहित अथवा फोटो रहित प्रमाण-पत्र प्राप्त करने की सुविधा तथा पूर्व में जारी किसी प्रमाण-पत्र के गुम होनेध्नष्ट होनेध्अपठनीयध्खराब हो जाने की दशा में नागरिकों को द्वितीय प्रति प्रिंट करने की सुविधा देने हेतु प्ज्क्। एवं छप्ब् को निर्देशित किया गया। बैठक का कार्यवृत्त मुख्य आयुक्त के अनुमोदनोपरांत संबंधितों को कार्यवाही हेतु जारी किया जा चुका है।

गृह विभाग के साथ बैठक
गृह विभाग के साथ बैठक में पुलिस अधीक्षक सहित थाना स्तर तक के कार्मिक उपस्थित रहे। जिला प्रशासन, देहरादून का प्रतिनिधित्व अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं प्रशासन) द्वारा किया गया।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के निर्देशानुसार शीघ्र ही अन्य सभी विभागों के साथ एस रामास्वामी, मुख्य आयुक्त की अध्यक्षता में अपणि सरकार पोर्टल में सेवा के अधिकार से संबंधित सेवाओं को जनता को उपलब्ध कराने के लिए बैठकें की जाएगी एवं उत्तराखण्ड की जनता के लिए अपणि सरकार पोर्टल को तीन माह के भीतर उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे घर बैठे-बैठे सरकार द्वारा दी जा रही सेवाओं का लाभ लिया जा सके और अधिकारी भी निश्चित दिनों के भीतर जनता को सेवाएं उपलब्ध कराएं।

उत्तराखंड में ऐरोमैटिक पौधों की खेती से रूकेगा जंगली जानवरों से खेती को नुकसान

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने राज्य में सेब, नाशपाती सहित अन्य फलों के बागों के पुनर्जीविकरण व विस्तारीकरण के लिए भरसार विवि और जीबी पंत विवि के कुलपतियों की एक समिति बनाने के निर्देश दिए हैं। किसानों के स्किल डेवलपमेंट की योजना बनाई जाए। उन्होंने कहा कि फार्म मशीनरी बैंक और माइक्रो इरीगेशन का लाभ अधिकतम गांवों तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। सूअर, बंदर आदि जंगली जानवरों से खेती को होने वाले नुकसान का सर्वे करते हुए अधिक प्रभावित क्षेत्रों में किसानों को राहत पहुंचाने के लिए तार-बाड़, दीवार बनाने का काम प्राथमिकता से किया जाए। सीएम आवास में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के साथ कृषि, उद्यान, रेशम विकास विभागों की समीक्षा की।

आधुनिकतम तकनीक से फलों की खेती को लाभप्रद बनाया जाए
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में सेब व अन्य फलों की खेती को आधुनिकतम तकनीक के उपयोग द्वारा लाभप्रद बनाया जाए। आवश्यकता होने पर दूसरी किस्मों से बदला भी जा सकता है। इसके लिए औद्यानिकी विभाग ठोस काम करे। किसानों के स्किल डेवलपमेंट के लिए योजना बनाई जाए। मुख्यमंत्री ने राज्य में सेब, नाशपाती सहित अन्य फलों के बागों के पुनर्जीविकरण व विस्तारीकरण के लिए भरसार विवि और जीबी पंत विवि के कुलपतियों की एक समिति बनाने के निर्देश दिए।

फार्म मशीनरी बैंक से जुडें अधिकाधिक गांव
मुख्यमंत्री ने कहा कि फार्म मशीनरी बैंक किसानों के लिए काफी लाभप्रद हो रहे हैं। प्रयास किए जाएं कि अधिक से अधिक गांव इसके अंतर्गत आ सकें। माइका्रे इरीगेशन पर भी विशेष ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है। विभाग इसके लिए कार्ययोजना बनाए।

जंगली जानवरों से खेती को नुकसान का हो सर्वे
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेती में एक बड़ी समस्या जंगली जानवरों के कारण आ रही है। सूअर, बंदर आदि जानवरों से खेती को होने वाले नुकसान का व्यापक सर्वे किया जाए। जिन क्षेत्रों में समस्या ज्यादा गम्भीर है, वहां प्राथमिकता के आधार पर तार-बाड़, दीवार आदि बनाने का काम किया जाए।

किसान सम्मान निधि में सावधानी से हो डाटा फीडिंग
मुख्यमंत्री ने कहा कि जैविक खेती का और विस्तार किए जाने की जरूरत है। जैविक उत्पादों के विपणन के लिए ग्रोथ सेंटरों का उपयोग किया जाए। नमामि गंगे के तहत गंगा किनारे जैविक कृषि के लिए चयनित गांवों में मानिटरिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। किसान सम्मान निधि में किसी तरह की शिकायत न आए। इसके लिए डाटा फीडिंग सावधानीपूर्वक की जाए।

कृषि से जुड़ी शिक्षण संस्थान निकटवर्ती गांवों में काम करें
मुख्यमंत्री ने कहा कि कीड़ा जड़ी, मशरूम आदि उत्पादों पर रिसर्च की जाए। कृषि व औद्यानिकी से जुड़ी शिक्षण संस्थानों के छात्रों को प्रायोगिक ज्ञान के लिए निकटवर्ती गांवों में भेजे जाएं। भरसार व जीबी पंत विवि अपने निकवर्ती गांवों में कार्य करें। जल्द से जल्द चाय विकास बोर्ड की बैठक आयोजित की जाए। अधिकारी फील्ड में जाएं और वहां किसानों से मिलकर उनकी समस्याओं को दूर करें।

3 के आर्गेनिक उत्तराखण्ड आउटलेट
कृषि मंत्री श्री सुबोध उनियांल ने कहा कि प्रदेश के आर्गेनिक उत्पादों की मार्केटिंग के लिए ‘3 के आर्गेनिक उत्तराखण्ड आउटलेट’ स्थापित किए जाएंगे। यहां 3 के से तात्पर्य कृषि एवं कृषक कल्याण है। अगले 2 वर्ष में 1300 आउटलेट बनाए जाने का लक्ष्य रखा गया है। राज्य में किसानों को लाभकारी खेती के लिए प्रेरित किया जा रहा है। हरिद्वार में बहुत से किसानों ने गन्ने की खेती के स्थान लेमनग्रास की खेती शुरू की है। उन्हें इसकी अच्छी कीमत भी मिल रही है। एकीकृत फार्मिंग की कन्सेप्ट पर भी काम किया जा रहा है।

किसान सम्मान निधि में 8.57 लाख किसान लाभान्वित, 1444 फार्म मशीनरी बैंक स्थापित
बैठक में बताया गया कि किसान सम्मान निधि के अन्तर्गत पात्र 8.74 लाख कृषकों मे से 8.57 लाख कृषको को 852.04 करोड का भुगतान किया गया है। वर्ष 2017-18 से अब तक 230 कस्टम हायरिंग सेन्टर, 1444 फार्म मशीनरी बैंक स्थापित हुए हैं। खाद्यान उत्पादन वृद्धि के लिए प्रदेश को निरन्तर 2 वर्ष भारत सरकार से प्रशंसा एवं कृषि कर्मण अवार्ड प्राप्त हुआ है।

परम्परागत कृषि विकास योजना में 1 लाख 95 हजार किसान लाभान्वित
परम्परागत कृषि विकास योजना में 78000 है॰ क्षेत्रफल आच्छादित हुआ, 195000 कृषक लाभान्वित हुए। उत्तराखण्ड जैविक कृषि अधिनियम 2019 लागू किया गया है, जिससे जैविक कृषि को संगठित करने में सहायता प्राप्त होगी। वर्तमान में विभाग के प्रयास से यह क्षेत्रफल बढ़कर 1.54 लाख है॰ हुआ है।

8.82 लाख कृषको को मृदा स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध
वर्ष 2017-18 से वर्तमान तक जंगली जानवरों से खेती की सुरक्षा हेतु 94 गांव लाभान्वित हुये, जिनमें 101 कि॰मी॰ घेरबाड की गयी। प्रदेश के 8.82 लाख कृषको को मृदा स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध कराए गए। मृदा परीक्षण की संस्तुतियों को अपनाने से रू॰ 212 करोड़ लागत के 1.17 लाख मै॰ टन॰ उर्वरकां की कम खपत हुयी जिससे रू॰ 202.00 करोड़ अनुदान की बचत हुयी। उत्पादकता वृद्धि के साथ-साथ भूमि की उर्वरकता में भी सुधार हो रहा है।

प्रदेश में 3900 जैविक क्लस्टर, नमामि गंगे में 42 ग्राम जैविक खेती के लिए चयनित
प्रदेश को जैविक प्रदेश बनाने हेतु संचालित योजना में वर्ष 2018-19 से वर्ष 2020-21 तक के लिए 3900 कलस्टरों का चयन किया गया। नमामि गंगे के तहत गंगा किनारे बसे ग्राम पंचायतों में जैविक कृषि को प्रोत्साहित किया जा रहा है ताकि गंगा नदी के जल को प्रदूषित होने से रोका जा सके। योजना के प्रथम चरण में वर्ष 2017-18 से गंगा बेसिन पर बसे 5 जनपदां के 42 ग्रामों को चयनित किया गया। इनमें 50 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल को स्वीकृति प्रदान की गयी है। जनपद हरिद्वार 10000 है॰, टिहरी 20000 है॰, चमोली 5000 है॰, उत्तरकाशी 5000 है॰, रुद्रप्रयाग 5000 है॰, पौडी 4500 है॰ एवं देहरादून 500 है॰ को लिया गया है। लगभग 1,25,000 कृषकों को लाभान्वित किया जायेगा।

बैठक में सचिव श्री हरबंस सिंह चुघ, विशेष सचिव मुख्यमंत्री डा. पराग मधुकर धकाते, जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति डा. तेज प्रताप, वीर चंद्र सिंह गढ़वाली उत्तराखण्ड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, भरसार के कुलपति डा. अजीत कुमार कर्नाटक सहित विभागीय अधिकारी और वीडियो कान्फ्रेंसिंग द्वारा जिलाधिकारी उपस्थित थे।

लक्ष्मणझूला घाट पर चोरी करने वाले गिरोह हुआ अरेस्ट

लखनऊ हाईकोर्ट बैंच के समीक्षा अधिकारी गौरव कुमार सोनकर ने लक्ष्मणझूला में तहरीर दी। बताया कि वह परिवार के साथ ऋषिकेश घूमने पहुंचे थे। 25 अक्टूबर को गीताभवन घाट नंबर एक पर बैठा था। तभी अज्ञात व्यक्ति ने उनका बैग चोरी कर लिया। बताया कि बैग में पत्नी व उनका मोबाइल फोन के साथ अन्य जरूरी सामान था। तहरीर के आधार पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ चोरी का मुकदमा दर्ज किया था।

उच्चाधिकारियों के निर्देश पर थाना प्रभारी प्रमोद कुमार उनियाल के नेतृत्व में पुलिस व सीआईयू टीम का गठन हुई। गठित टीम ने चोरी में संलिप्त दो लोगों को चोरी के सामान के साथ भीमगौड़ा बैराज हरिद्वार से गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तीसरा आरोपी को चोरी के सामान के साथ टिहरी बस अड्डा ऋषिकेश से गिरफ्तार किया है।

आरोपी के नाम इस प्रकार है-

1. हरिशंकर उर्फ शंकर थापा पुत्र लाल बहादुर थापा निवासी- हरिपुर कला, निकट विरला फार्म, थाना रायवाला, जनपद देहरादून उम्र- 48 वर्ष।
2. तुषार सिंह पुत्र रघुनन्दन सिंह- निवासी म0 न0-36 फेस 2 भूपतवाला, गंगा विहार कॉलोनी, जनपद हरिद्वारउम्र- 32 वर्ष।
3. संदीप कुमार पुत्र बंशी लाल, निवासी- जस्सावाला, थाना- कलियर, जनपद हरिद्वारउम्र- 25 वर्ष।

बरामद सामान
1. 01 मोबाईल फोन वन प्लस (कीमत लगभग 30,000- रूपये) व 4000- रूपये नगद अभियुक्त हरिशंकर उर्फ शंकर थापा के कब्जे से बरामद
2. 01 मोबाईल फोन एम.आई. (कीमत लगभग 16,000- रूपये) व 1500- रूपये नगद अभियुक्त तुषार के कब्जे से बरामद
3. 01 घड़ी टाईमेक्स (कीमत लगभग 12,000- रूपये) व 1500- रूपयें नगद अभियुक्त सन्दीप के कब्जे से बरामद

नीरजा देवभूमि ट्रस्ट ने 76 वर्षीय दिव्यांग को उपलब्ध कराई व्हीलचेयर

अब दिव्यांग धन बहादुर को दैनिक दिनचर्या में दिक्कत नहीं आएगी। नीरजा देवभूमि चेरिटेबल ट्रस्ट ने दिव्यांग धन बहादुर को व्हीलचेयर भेंट की। आईडीपीएल निवासी धन बहादुर की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण व्हीलचेयर खरीद पाने में असमर्थ थे, इस बात की जानकारी स्थानीय निवासी अमित जायसवाल ने ट्रस्ट की संस्थापक व पैरा ओलंपिक खिलाड़ी नीरजा गोयल को दी। नीरजा ने दिव्यांग धन बहादुर से मुलाकात कर वास्तविक हालात जाने।

धन बहादुर ने नीरजा गोयल को बताया कि उनके पैर में फ्रैक्चर हो गया था इस कारण उन्हें व्हीलचेयर की जरूरत थी मगर आर्थिक स्थिति ठीक ना होने के कारण वह व्हीलचेयर खरीद पाने में असमर्थ थे इसके चलते वह दैनिक कार्य भी नहीं कर पा रहे थे । इसके बाद आज 02 नवम्बर 2020 को ट्रस्ट ने धन बहादुर को व्हीलचेयर उपलब्ध कराई है। मौके पर ट्रस्ट की सह संस्थापक नूपुर गोयल भी मौजूद रही।

प्रदेश के मुखिया पर कीचड़ उछालने के बहाने विपक्ष को मिला काम

बीते दिनों उत्तराखंड में जिस तरह का माहौल रहा, जिसमें पहले हाईकोर्ट में दाखिल एक याचिका पर स्वतः संज्ञान लेकर न्यायधीश ने राज्य के मुखिया के खिलाफ सीबीआई जांच का आदेश दे दिया। इस आदेश पर राजनीतिज्ञों, कानूनी जानकारों सहित केंद्र तक आश्चर्य जताया गया। वहीं, हाईकोर्ट के आदेश को प्रदेश के मुखिया और प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती थी। सरकार सुप्रीम कोर्ट को यह समझाने में कामयाब रही कि जब हाईकोर्ट में याचिका करने वाले पत्रकार उमेश शर्मा ने सीबीआई जांच जैसी कोई मांग ही नहीं की थी तो उनके खिलाफ यह आदेश देने का मतलब क्या रह जाता है और इस बात को सुप्रीम कोर्ट ने भी समझा और सीएम त्रिवेंद्र के खिलाफ हाईकोर्ट के आदेश को निरस्त कर दिया।

इन दोनों घटनाओं हाईकोर्ट का आदेश देना और सुप्रीम कोर्ट का आदेश आना..। …तक के समयावधि के बीच विपक्ष को मानों सीएम त्रिवेंद्र के खिलाफ बोलने का मुद्दा मिल गया हो। उन्होंने प्रदेश भर में सीएम के खिलाफ मोर्चा खोला और इस्तीफा देने की मांग भी कर डाली। इस दौरान कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को आपस में साथ घूमना और समय बीताने का भी अवसर मिला। कार्यकर्ताओं में बेवजह का उत्साह नजर आया। जो अल्प ही समय में बिखर गया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को बदल दिया।

यह बात तो तय है कि त्रिवेंद्र सिंह के खिलाफ साजिश में विपक्ष का ही हाथ था। मगर, क्या राजनीति इस स्तर पर पहुंच जाएगी, ऐसा किसी ने नहीं सोचा होगा। विपक्ष ने भ्रष्टाचारियों और माफियाओं के साथ मिलकर राज्य की सरकार को हिलाने की कोशिश की। वह तो त्रिवेंद्र सिंह रावत थे, जो अपने राज्य हित के लिए मजबूत फैसलों और ईमानदारी की छवि रखते है। इसके चलते विपक्ष और माफिया सफल नहीं हो सके। विपक्ष को कुछ वक्त के लिए रोजगार तो मिला।

सरकार ईमानदारी से करती रहेगी काम
बतौर सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी कहा है कि हम पहले दिन से भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं, हम आज भी इसपर कायम हैं और आगे भी ऐसा करते रहेंगे। हमारी कार्रवाई से भ्रष्टाचारी परेशान हैं इसलिए सरकार को धमकाने के लिए ऐसे हथकंडे अपना रहे हैं।

उन्होंने आगे कहा कि, हमारे कार्यकाल में भ्रष्टाचार पर हो रही कार्रवाई से ये लोग बौखलाए हुए हैं इसलिए ऐसा कर रहे हैं. लेकिन इन लोगों की यह कोशिश असफल रहेगी और सरकार ईमानदारी से काम करती रहेगी।

ऋषिकेश में एमडीडीए के निशाने पर 360 अवैध निर्माण, जल्द होगी कार्रवाई

मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण यानी एमडीडीए तीर्थनगरी के करीब 360 अवैध निर्माणों पर दीपावली बाद कार्रवाई करेगा। प्राधिकरण इन 360 अवैध निर्माणों को नोटिस भेज रहा है। हाईकोर्ट में अनिल कुमार गुप्ता की याचिका पर अगस्त 2018 में न्यायालय ने सभी विभागों को अपनी संपत्ति से अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए थे। दो वर्ष बीतने के बाद भी सभी विभागों ने इस पर पूरी तरह से कार्यवाही नहीं की थी जिस पर याचिकाकर्ता ने संबंधित विभागों को न्यायालय की अवमानना संबंधी कार्यवाही की चेतावनी दी थी।

लिहाजा, एमडीडीए के द्वारा होने वाली कार्रवाई भी अभी तक लंबित थी। प्राधिकरण ने अब तक 360 अवैध निर्माण चिह्नित किया है, इसमें 50 मामले ऐसे हैं, जिनमें घरेलू उपयोग के लिए भवन का नक्शा पास किया गया था, लेकिन इनका व्यवसायिक प्रयोग हो रहा है। इस पर दीपावली के बाद कार्यवाही होगी।

डोबरा-चांठी पुल से जाने पर हरक सिंह रावत का रास्ता ग्रामीणों ने रोका

डोबरा-चांठी पुल के रास्ते सेम मुखेम मंदिर परिवार के साथ जा रहे वन मंत्री हरक सिंह रावत को ग्रामीणों ने जाने नहीं दिया। ग्रामीणों की जिद के आगे हरक सिंह रावत को हारना पड़ा और उन्हें दूसरे रास्ते से जाने पर मजबूर होना पड़ा।

दरअसल कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत अपने परिवार सहित प्रताप नगर के सेम मुखेम मंदिर में दर्शनों के लिए जा रहे थे। इस दौरान जल्दी मंदिर पहुंचने के लिए वन मंत्री का काफिला डोबरा चांठी पुल के ऊपर से गुजर रहा था। पुल के दूसरी तरफ चांठी गांव की तरफ रोलाकोट गांव के ग्रामीण पिछले एक सप्ताह से विस्थापन की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं। ग्रामीणों ने उनका काफिला रोक लिया और अपनी समस्याएं बताई। बताया कि लंबे समय से ग्रामीण विस्थापन की मांग कर रहे हैं लेकिन सरकार उनका विस्थापन नहीं कर रही है।

राज्य सरकार माफिया तंत्र से मुक्ति के लिए संकल्पबद्धः सीएम

हमें भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने की जरूरत है। माफिया तंत्रों जो अवैध रूप से प्रदेश के अन्दर घुसने का प्रयास करते हैं, चाहे नशा माफिया हो, खनन माफिया हो, वन माफिया हो इनके खिलाफ एक होकर हमें लड़ना है। राज्य सरकार माफिया तंत्र से मुक्ति के लिए संकल्पबद्ध है। सरदार बल्लभ भाई पटेल का जीवन हमें प्रेरणा और बल देगा। यह बात मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पुलिस लाईन में राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर रैति परेड में प्रतिभाग के दौरान कही।

उन्होंने परेड का निरीक्षण किया व राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई। मुख्यमंत्री ने पोखरी थाना को सर्वश्रेष्ठ थाना चयनित होने पर ट्रॉफी एवं एक लाख रूपये का चेक देकर सम्मानित किया। पुलिस के अधिकारियों को अग्निशमन के क्षेत्र में विशिष्ट पदक तथा सेवा पदक, उत्कृष्ट विवेचना एवं उत्कृष्ट अनावरण के पदकों से सम्मानित किया।

उन्होंने कहा कि सरदार बल्लभ भाई पटेल ने देश की आजादी के लिए लंबा संघर्ष किया। आजादी के बाद उन्होंने मजबूत इच्छा शक्ति से देश की रियासतों को मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य किया। किसी भी देश, राज्य एवं बल की मजबूती के लिए एकता होना सबसे जरूरी है। समाज की शक्ति एकता से ही बढ़ती है। सरदार वल्लभभाई पटेल जी ने समाज के हर वर्ग के समान विकास के लिए प्रयास किये। उन्होंने प्रशासनिक तंत्र और पुलिस को मजबूती देने का कार्य किया। कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों से सरदार वल्लभ भाई पटेल के ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ का सपना साकार हो रहा है।

इस अवसर पर सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचन्द अग्रवाल, पुलिस महानिदेशक अनिल कुमार रतूड़ी, विधायक हरबंस कपूर, गणेश जोशी, खजान दास, मुन्ना सिंह चैहान, मेयर सुनील उनियाल गामा, नरेश बंसल, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव गृह नितेश झा, पुलिस महानिदेशक अपराध एवं कानून अशोक कुमार आदि उपस्थित रहे।