मिशन मेरी सहेलीः ट्रेन में महिलाओं को मिल रही सुरक्षा

अब चलती ट्रेन में महिलाओं को सुरक्षा देने में मिशन मेरी सहेली महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसके लिए आरपीएफ के हेल्पलाइन नंबर 182 पर सूचना देने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
दून रेलवे स्टेशन के मुख्य वाणिज्यिक निरीक्षक एसके अग्रवाल के अनुसार, महिला यात्रियों की निगरानी के लिए टीम काम कर रही है। इसमें एक महिला सब इंस्पेक्टर और चार सिपाही शामिल है।

दुकानों में ‘‘इस सीट पर न बैठें’’ का स्टीकर लगाया जाएः मुख्य सचिव

मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने सचिवालय में कोविड-19 की रोकथाम हेतु किये जा रहे प्रयासों के सम्बन्ध में बैठक की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान ‘‘जब तक दवाई नहीं, तब तक ढिलाई नहीं‘‘ का व्यापक प्रचार प्रसार किए जाने के भी निर्देश दिए। पर्यटन स्थलों में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ेगी ऐसे में सोशल डिस्टेंसिंग और सैनेटाईजेशन पर विशेष ध्यान दिया जाए। मास्क, सैनिटाईजर का प्रयोग एवं सोशल डिस्टेंसिंग पर वॉल राईटिंग का व्यापक अभियान चलाया जाए।

कहा कि रेस्टोरेंट एवं होटल्स में डिस्पोजेबल कटलेरी एवं गिलास आदि की व्यवस्था को लागू करवाया जाए। आदेशों की अवहेलना करने वालों पर पुलिस कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि पारिवारिक कार्यक्रमों में भी डिस्पोजेबल को बढ़ावा दिए जाने के प्रति आमजन को जागरूक किया जाए। उन्होंने होटल, रेस्टोरेंट व दुकानों में सीटों पर ‘‘इस सीट में न बैठें‘‘ का स्टीकर लगाये जाने को बढ़ावा दिए जाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि एग्जोस्ट फैन (निकास पंखे) के इस्तेमाल को भी बढ़ावा दिया जाए।

मुख्य सचिव ने सभी विभागों के पोर्टल्स पर कोरोना हेतु जागरूकता के लिए स्क्रॉल चलाए जाने हेतु एनआईसी को निर्देश दिए। उन्होंने सभी विभागों से अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पूल करने हेतु सूचना विभाग एवं अन्य विभागों से आपस में समन्वय बनाकर कोरोना के प्रति जागरूकता में प्रोएक्टिव होकर अपना योगदान देने के भी निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य विभाग को सीडीओ एवं सीएमओ के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जन जागरूकता हेतु संदेश दिए जाने के निर्देश दिए। अगले कुछ दिनों में बारिश होने की संभावना है, जिसके कारण कोरोना का प्रकोप भी बढ़ने की सम्भावना है, इसे देखते हुए विशेष प्रयास किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने अस्पतालों में ओपीडी की संख्या घटने पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि मरीजों को बेवजह कोरोना टेस्ट किए जाने को मजबूर न किया जाए। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा शीघ्र निर्देश जारी किए जाएं।

सचिव सूचना दिलीप जावलकर ने बताया कि राज्य में जनजागरूकता अभियान के तहत प्रिंट मीडिया, इलैक्ट्रॉनिक मीडिया, आउटडोर मीडिया, सोशल मीडिया, एफएम एवं कम्यूनिटी रेडियो के माध्यम से कोविड-19 से बचाव हेतु व्यापक स्तर पर प्रचार प्रसार किया गया है। खेल विभाग द्वारा कोरोना विनर्स के लिए वॉकाथन एवं बैडमिन्टन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।

देश का सबसे लंबा डोभरा चांठी पुल का डीएम टिहरी ने किया निरीक्षण

नई टिहरी। जिलाधिकारी ईवा आशीष श्रीवास्तव ने डोभरा-चांठी पहुंचकर देश के सबसे लंबे सस्पेंशन ब्रिज का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता सुरेंद्र सिंह मखलोगा को निर्देश दिए कि पुल के अंतिम चरण के फिनिशिंग कार्यो लाइट, प्रवेश द्वार पर चेक पोस्ट, सफाई, अप्रोच मार्ग सहित पूरे ब्रिज पर साफ-सफाई इत्यादि को समय से पूरा करने के निर्देश दिए है। वहीं डोभरा में आवंटित दुकानों को व्यवस्थित ढंग से एकरूपता के साथ निर्माण करने के निर्देश दिए है। स्पष्ट किया कि डोभरा- चांठी पुल के आसपास की सरकारी भूमि पर प्लानिंग के तहत व्यवस्थाएं स्थापित की जाएगी इसलिए इस भूमि पर अतिक्रमण न होने पाए। उन्होंने कहा कि पुल के उद्धघाटन के उपरांत यह पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र होगा।

वहीं क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ाने के लिए डोभरा में एक बोटिंग पॉइंट बनाया जाना प्रस्तावित है। ताकि डोभरा-चांठी ब्रिज को देखने हेतु आने वाले पर्यटकों को नोकायन की सुविधा मिल सके। इसके उपरांत जिलाधिकारी ने ओलणी-मल्ला उप्पू मोटर मार्ग के उप्पू खाला में स्लाइडिंग जोन पर लोनिवि चम्बा द्वारा किये जा रहे कार्यो का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

टिहरी झील में पर्यटकों के बढ़ते आवागमन से स्थानीय स्तर पर युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए तिवाड गांव में होम स्टे एवं अन्य संभावित पर्यटन गतिविधियों के संचालन की संभावनाओं का भी जायजा लिया। इसके उपरांत जिलाधिकारी ने बौराड़ी पहुंचकर बसअड्डे व रेन बसेरा का का भी निरीक्षण किया। रेन बसेरे में सभी व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गई। गणेश चैक पर वाहनों के आड़े-तिरछे खड़े किए गए वाहनों के कारण जान की स्थिति उत्त्पन्न होने के कारण जिलाधिकारी ने एसडीएम टिहरी व ईओ नगर पालिका नई टिहरी को नई टिहरी एवं बौराड़ी में पीली-सफेद पट्टी के अंदर के क्षेत्र में दुपहिया व चैपहिया वाहनों के लिए पार्किंग एरिया चिन्हित करते हुई एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए है। मौके पर एसडीएम टिहरी एफआर चैहान, अधिशासी अभियंता एसएस मखलोगा आदि उपस्थित थे।

महंत जी की याद में जरूरतमंद लोगों के लिए रक्तदान का आयोजन

दिवंगत महंत अशोक प्रपन्नाचार्य की स्मृति में श्री भरत मंदिर के महंत वत्सल शर्मा और श्री भरत मंदिर सोसाइटी के वरूण शर्मा की प्रेरणा से आज श्री भरत मंदिर सभागार में विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इसमें स्थानीय लोगों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया और दिवंगत महंत अशोक प्रपन्नाचार्य को उनके सामाजिक कार्यों के लिए याद कर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए।

शिविर में युवा पार्षद राजेंद्र प्रेम सिंह बिष्ट अपने साथियों के साथ पहुंचे। शिविर में रिकाॅड रक्तदान हुआ इसमें 160 रक्तदाता शामिल हुए। श्री भरत मंदिर स्कूल सोसाइटी के प्रबंधक हर्षवर्धन शर्मा ने कहा कि कोरोना काल में भी ऋषिकेश की जनता के अंदर दूसरों का जीवन बचाने के लिए रक्तदान के प्रति अपार उत्साह देखने को मिला जो ऋषिकेश की तीर्थ नगरी के लोगों की विशेषता को प्रदर्शित करता है।

महंत वत्सल प्रपन्न शर्मा ने कहा कि इस समय कोरोना महामारी के कारण अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश और स्वामी राम हिमालयन अस्पताल देहरादून दोनों ही चिकित्सा संस्थानों में रक्त की कमी चल रही थी जिसको देखते हुए उनके मन में कई बार रक्तदान शिविर लगाने का विचार आया और उन्होंने यह निर्णय लिया कि अपने पिताजी स्वर्गीय महंत अशोक प्रपन्नाचार्य महाराज जी की स्मृति में लोगों को खून की कमी न हो। इसके लिए एक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया और इसमें लक्ष्य के अनुरूप अधिकतम रक्तदान भी हुआ रक्त दाताओं ने बढ़ चढ़कर रक्तदान करने में भागीदारी की।

कार्यक्रम में यह भी रहे मौजूद…
इस मौके पर मेयर अनिता ममगाईं, प्रधानाचार्य मेजर गोविंद सिंह रावत, सुधीर कुकरेती, जयेंद्र रमोला, कृष्णा रमोला, महंत विनय सारस्वत, पूर्व पालिकाध्यक्ष दीप शर्मा, विनय उनियाल, प्रधानाचार्य धीरेंद्र जोशी, युवा नेता निखिल बड़थ्वाल, हिजामं के महानगर अध्यक्ष संजय प्रेम सिंह बिष्ट, पंडित रवि शास्त्री, जिपंस संजीव चैहान, अनुराग पायल, दीपक भारद्वाज, पार्षद शिव कुमार गौतम, विकास तेवतिया, सुमित पंवार, रीना शर्मा, विजयलक्ष्मी, डा. सुनील दत्त थपलियाल, जितेंद्र बिष्ट, लखविंदर सिंह, संजीव कुमार, प्रवीन रावत, विवेक शर्मा, डीपी रतूड़ी, कविता शाह, रंजन अंथवाल आदि उपस्थित थे।

इतना रक्त हुआ एकत्र…
एम्स से डॉक्टर पनदीप कौर और एपीआरओ दिनेश सेमवाल के नेतृत्व में 70 यूनिट रक्त एकत्र किया गया और जौलीग्रांट से डॉक्टर मनीष रतूड़ी के नेतृत्व में टीम के द्वारा 90 यूनिट रक्त एकत्र किया गया।

सिटी फारेस्ट को विकसित करने को सीएम ने साधना जयराज को किया सम्मानित

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने उत्तराखण्ड वन विभाग मुख्यालय में ई-ऑफिस कार्यप्रणाली का शुभारम्भ किया। उन्होंने घोषणा की कि चमोली एवं पिथौरागढ़ में भालुओं के लिए एक-एक रेस्क्यू सेंटर बनाया जायेगा। बंदरों के लिए चार रेस्क्यू सेंटर बनाने का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा गया है। झाझरा में ‘आनंद वन’ सिटी फॉरेस्ट को विकसित करने के लिए मुख्यमंत्री ने साधना जयराज को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि ई-ऑफिस प्रणाली को जल्द ही जिला एवं क्षेत्रीय कार्यालयों में भी विस्तारित किया जाय। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कार्यों में तेजी और पारदर्शिता लाने के लिए डिजिटल इंडिया की जो शुरूआत की उसके बेहतर परिणाम आज सबके सम्मुख हैं। राज्य में ई-कैबिनेट की शुरूआत की गई। ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण को ई-विधानसभा बनाया जा रहा है। 37 ऑफिस, ई-ऑफिस प्रणाली से जुड़ चुके हैं। डिजिटल कार्यप्रणाली की ओर हम जितने तेजी से बढ़ेंगे, उतनी तेजी से जन समस्याओं का निदान होगा।

अगले वर्ष हरेला पर लगेंगे एक करोड़ पौधे
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले वर्ष हरेला पर्व पर एक करोड़ फलदार पौधे लगाये जायेंगे। इसके लिए वन विभाग द्वारा अभी से तैयारियां शुरू की जाय। ये फलदार पौधे जंगलों में भी लगाये जायेंगे, जिससे जंगली जानवर आबादी वाले क्षेत्रों में कम आयेंगे। जंगली जानवरों को आहार की उपलब्धता जंगलों में पूरी हो सके। राज्य में पिरूल पर जो कार्य हो रहा है, इसे और विस्तार देने की जरूरत है। पिरूल एकत्रीकरण पर राज्य सरकार द्वारा 02 रूपये प्रति किग्रा एवं विकासकर्ता द्वारा 1.5 रूपये प्रति किग्रा एकत्रकर्ता को दिया जा रहा है। इसका उपयोग ऊर्जा के लिए तो किया ही जायेगा, लेकिन इसका सबसे फायदा वन विभाग को होगा। वनाग्नि और जंगली जानवरों की क्षति को रोकने में यह नीति बहुत कारगर साबित होगी। स्थानीय स्तर पर गरीबों के लिए स्वरोजगार के लिए पिरूल एकत्रीकरण का कार्य एक अच्छा माध्यम बन रहा है।
मुख्य वन संरक्षक जयराज ने कहा कि ई-ऑफिस प्रणाली गुड-गवर्नेंस की दिशा में एक अच्छी पहल है। वन विभाग द्वारा इस प्रणाली को जिला, क्षेत्रीय कार्यालयों एवं वन पंचायतों तक विस्तारित किया जायेगा। कॉर्बेट नेशनल पार्क में ऑनलाईन बुकिंग शुरू की गई है, जिसके अच्छे परिणाम मिले हैं। वन विभाग द्वारा रिजॉर्ट्स में भी ऑनलाईन बुकिंग की प्रक्रिया शुरू करने के लिए प्रयास किये जा रहे हैं।
मौके पर मुख्यमंत्री के आईटी सलाहकार रविन्द्र दत्त, वन विभाग के सलाहकार ग्रामीण विकास एवं पलायन आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. एसएस नेगी, अध्यक्ष वन पंचायत सलाहकार समिति वीरेन्द्र सिंह बिष्ट, पीसीसीएफ रंजना काला, विनोद कुमार सिंघल, मुख्य वन संरक्षक आईटी नरेश कुमार आदि उपस्थित रहे।

केदारनाथ स्थित ईशानेश्वर मंदिर के नव निर्माण में मुंबई के दानी मनोज सोलंकी ने जताई इच्छा

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की अध्यक्षता में उत्तराखण्ड चारधाम देवस्थानम प्रबन्धन बोर्ड की बैठक हुई। बैठक में बोर्ड के संचालन से सम्बन्धित विषयों के साथ ही बोर्ड द्वारा तैयार किये विभिन्न ड्राफ्ट रूल को स्वीकृति प्रदान की गई, जिसे शासन को उपलब्ध कराया जायेगा। इसमें पुजारियों, न्यासी, तीर्थ पुरोहितो, पण्डो व हक हकूक धारियों के अधिकारों का विनिश्चय एवं संरक्षण से सम्बन्धित नियमावली भी शामिल है। इस अवसर पर देवस्थानम बोर्ड के लोगो (प्रतीक चिन्ह्) की डिजाइनों पर भी चर्चा हुई। जिनमें कतिपय संशोधन के पश्चात अन्तिम निर्णय लिया जायेगा।
बैठक में श्री बद्रीनाथ धाम में मन्दिर एवं समीपवर्ती स्थलों के विस्तारीकरण एवं सौन्दर्यीकरण के सम्बन्ध में निर्णय लिया गया कि बद्रीनाथ धाम में यात्रियों की संख्या में प्रतिवर्ष हो रही वृद्धि के कारण इस क्षेत्र का विस्तारीकरण एवं सौन्दर्यीकरण आवश्यक है ताकि भविष्य में यात्रियों को दर्शन, यातायात एवं ठहरने की समुचित व्यवस्था हो सके इसके लिए देवस्थानम बोर्ड को इसकी व्यवस्था सौंपे जाने पर विचार किया गया। बोर्ड के स्तर पर इससे सम्बन्धित कार्यवाही सुनिश्चित कर शीघ्र प्रस्ताव तैयार कर शासन को प्रेषित करने पर सहमति बनी। बोर्ड अपने स्तर पर इसके लिये तकनीकि एवं विषय विशेषज्ञों की व्यवस्था भी कर सकेगा। इसके साथ ही बैठक में तृतीय केदार श्री तुंगनाथ मन्दिर एवं सभा मण्डप आदि के जीर्णोद्धार पर भी सहमति बनी इसके लिये यू.एस.ए. के दानी पंकज कुमार द्वारा धनराशि व्यय करने की इच्छा जतायी है।
केदारनाथ स्थित ईशानेश्वर मन्दिर के नव निर्माण के लिये भी स्वीकृति प्रदान की गई इस मन्दिर के निर्माण के लिये मुम्बई के दानी मनोज सोलंकी ने इच्छा व्यक्त की है। श्री केदारनाथ मन्दिर के पूरब द्वार की मरम्मत पर भी सहमति बनी जिसके लिये धनराशि दानी हरियाणा के श्री यतिन घई ने दान की सहमति दी है।

बैठक में केदारनाथ मे रावल पुजारी आदि के कक्षों की मरम्मत भविष्य में ऊखीमठ मन्दिर के जीर्णोद्वार, बहुमूल्य पाण्डुलिपियों को डिजिटाइल किये जाने, कार्तिक स्वामी मन्दिर को देवस्थानम बोर्ड के अधीन लाये जाने तथा थैलीसैण्ड स्थित विन्देश्वर मन्दिर के जीर्णोद्वार किये जाने पर सहमति प्रदान की गई।
बैठक में मुख्यमंत्री एवं अध्यक्ष, उत्तराखण्ड देवस्थानम प्रबन्धन बोर्ड त्रिवेन्द्र ने यात्रा मार्गो सहित मन्दिर परिसरो में देवस्थानम बोर्ड के साइनेज होर्डिंग आदि लगाये जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि बद्रीनाथ, केदारनाथ मन्दिरों के पुजारियों, पण्डों, पुरोहितों, वाद्य यंत्र वादको आदि का विवरण तैयार किया जाय ताकि जरूरत पड़ने पर इन लोगों को भी आर्थिक सहायता उपलब्ध करायी जा सके। उन्होंने कहा कि ये लोग हमारी संस्कृति के संवाहक हैं।
उत्तराखण्ड देवस्थानम प्रबन्धन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रविनाथ रमन ने बताया कि 25 अक्टूबर तक चारधाम में 1.72 लाख यात्री दर्शनार्थ आये हैं तथा 2 लाख द्वारा रजिस्ट्रेशन किया गया है, जबकि बद्रीनाथ मन्दिर को 7.55 करोड़ तथा केदारनाथ मन्दिर को 75 लाख की आय हुई है।
बैठक में कैबिनेट मंत्री एवं उपाध्यक्ष उत्तराखण्ड देवस्थानम प्रबन्धन बोर्ड सतपाल महाराज, विधायक महेन्द्र भट्ट, गोपाल रावत, सचिव पर्यटन दिलीप जावलकर, सचिव वित्त श्रीमती सौजन्या, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी बीडी सिंह, देवस्थानम बोर्ड के अनिल ध्यानी, प्रमोद नोटियाल, डॉ0 हरीश गौड आदि उपस्थित थे।

सीएम त्रिवेंद्र का ड्रीम प्रोजेक्ट सूर्यधार बैराज निर्माण में नहीं हो लापरवाहीः महाराज

देहरादून। सूर्यधार बैराज मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का ड्रीम प्रोजेक्ट है इसलिए इसके निर्माण में किसी भी तरह की लापरवाही और अनियमितता बर्दाश्त नहीं होगी। सूर्यधार बैराज के निर्माण में कई स्तर पर गड़बडियां हैं जिसकी सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज की ओर से विशेष आदेश दिए हैं। महाराज ने आदेश देते हुए कहा है कि 1837.34 लाख रूपये की लागत के सापेक्ष 4100 लाख का अभी तक भुगतान किया जा चुका है। संभवतः अभी और भी किया जाना है।

उन्होंने कहा कि विचारणीय विषय यह है कि डीपीआर के उपलब्ध होने पर बैराज की ऊंचाई 8 मीटर से 10 मीटर तक किए जाने हेतु समिति की रिपोर्ट 6 सितंबर 2018 को आईआईटी अहमदाबाद से वैट एवं आईआरआई रुड़की से मॉडल स्टडी करवाया गया इन सबके बावजूद टेंडर को पुनर्रीक्षित कर अनुबंध क्यों नहीं किया गया। सतपाल महाराज ने अपने आदेश में यह कहा है कि जिस समिति का उल्लेख किया जा रहा है उसके द्वारा अपनी रिपोर्ट में ऊंचाई बढ़ाने की कहीं भी संस्तुति नहीं की गई है। तकनीकी सलाहकार ने 11 जून 2019 को अतिरिक्त कार्यों को कराने के लिए सलाह दी यह सलाह अनुबंध करने से पूर्व क्यों नहीं प्राप्त की गई इस सलाह का क्या औचित्य था। उन्होंने कहा कि सलाहकार को नियुक्त करने के लिए क्या प्रशासन से अनुमति ली गई और उनकी सलाह को मानने से पूर्व कार्यों का तकनीकी परीक्षण कराकर क्या शासन की अनुमति प्राप्त की गई। यह तमाम कारण हैं जिसके लिए सिंचाई मंत्री ने सूर्यधार बैराज के निर्माण से संबंधित कार्यों की विशेष जांच के आदेश दिए हैं। सिंचाई मंत्री ने सचिव सिंचाई को निर्देश दिए हैं कि इस बात की भी जांच की जाए कि जब अनुबंध पुरानी ऊंचाई 8 मीटर के आधार पर किया गया, बढ़ी हुई ऊंचाई के आधार पर नहीं, जबकि निविदा आमंत्रित करने से पूर्व ही ऊंचाई बढ़ाए जाने का निर्णय लिया जा चुका था जो कि प्रमुख अभियंता के मौखिक निर्देश के क्रम में हुआ। श्री महाराज ने कहा कि विभागीय कार्यों को कराए जाने का आधार विभागीय सेड्यूल ऑफ रेट होता है बाजार की दरों को कैसे एवं क्यों सम्मिलित किया वह भी निविदा की लागत का आंकलन करने में स्पष्ट नहीं है। इसलिए इसकी भी जांच की जाएगी।

सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज ने सचिव सिंचाई को सूर्यधार बैराज निर्माण कार्यों की जांच के आदेश देते हुए सेड्यूल ऑफ रेट से 20 प्रतिशत अधिक दर पर सिविल कार्य कराए गये एवं इसी अनुबंध की दर के अंतर्गत ही अतिरिक्त कार्य भी कराए गये जिसके कारण सम्पूर्ण कार्य लगभग 62.00 करोड़ का कराया गया जो कि योजना हेतु स्वीकृत धनराशि 50. 24 करोड से लगभग 12 करोड़ अधिक है। स्वीकृत धनराशि से 12.00 करोड अतिरिक्त धनराशि व्यय किया जाना शासकीय धन का दुरुपयोग है।

उल्लेखनीय है कि सूर्यधार बांध परियोजना से भोगपुर, घमंडपुर व लिस्ट्राबाद के 18 गांव की 1287 हेक्टेयर भूमि पर पूरे साल पर्याप्त सिंचाई हो सकेगी। इस जलाशय के निर्माण से लगभग 33500 लोगों को पेयजल की समस्या से निजात मिल पायेगी। ज्ञात हो कि 27 अगस्त 2020 को सूर्यधार बैराज निर्माण परियोजना का सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज ने स्थलीय निरीक्षण कर परियोजना लागत बढ़ने पर नाराजगी जाहिर करते हुए इसकी जांच की बात कही थी।

उपलब्धिः उत्तराखंड के लाल का नासा में हुआ चयन

उत्तराखंड के लिए बड़ी गौरव की बात है, दरअसल यहां कुमाऊं मंडल के यूएस नगर जिला के सितारंगज स्थित कुंवरपुर सिसैया गांव के डा. गुरजीत सिंह का नासा में चयन हुआ है। उनकी इस उपलब्धि पर क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। अमेरिका के लिए उनकी पत्नी और बेटे को भी वीजा दिया गया है। उनका जेपीएल पोस्टडाक्टोरल स्कॉलर से नासा में चयन हुआ है। उन्हें 71590 डॉलर का पैकेज मिला है।

बता दें कि गुरजीत सिंह ने वर्ष 2003 में जीआईसी सितारगंज से इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। यहां के बाद उन्होंने गोविन्द बल्लभ पंत कृषि विश्वविद्यालय से एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री ली। आईआईटी खड़कपुर से एमटेक की डिग्री के बाद उन्होंने पीएचडी आईआईटी भुवनेश्वर से की। डॉ. गुरजीत के पिता सुरजीत सिंह पेशे से किसान हैं, जबकि माता गुरमीत कौर एक गृहणी हैं। डॉ. गुरजीत की इस उपलब्धि पर उन्हें बधाई संदेश देने वालों की भीड़ लग रही है।

ट्रांसफार्मर से हुई भाजपा नेता के भाई की मौत मामले में मुकदमा दर्ज

भाजपा नेता सुभाष पाल के भाई प्रदीप पाल की मौत मामले में कोतवाली ऋषिकेश पुलिस ने अज्ञात रेलवे अधिकारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस में आईपीसी की धारा 304 ए में मुकदमा दर्ज किया हैं। वहीं, कोतवाल रितेश शाह ने मामले की विवेचना सब इंस्पेक्टर अरूण त्यागी को सौंपी है।

बता दें कि बीते 25 अक्टूबर की रात भाजपा नेता सुभाष पाल के 38 वर्षीय छोटे भाई प्रदीप पाल पुत्र चंद्रभान की पुराना रेलवे स्टेशन के पास सड़क के बीचों बीच बने ट्रांसफार्मर से टकराकर मौत हो गई। प्रदीप पाल ढालवाला से काम कर अपने बनखंडी स्थित घर लौट रहे थे। घटना उक्त तिथि को रात्रि करीब नौ बजे के आसपास घटी थी। घटना स्थल पर पथ प्रकाश की व्यवस्था तक नहीं थी। मौत को रेलवे की लापरवाही बता कर पीड़ित पक्ष ने कोतवाली में रेलवे के अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की थी।

क्या है आईपीसी की धारा 304 ए

उच्चतम न्यायालय ने आईपीसी की धारा 304 ए के तहत लापरवाही से मौत के मामले में अधिकतम सजा को एकदम अपर्याप्त करार दिया है। इस धारा के तहत अपराध के लिए अधिकतम दो साल के कारावास और जुर्माने की सजा का प्रावधान है। इस मामले में यदि आरोपी पर आरोप सिद्ध हो जाता है तो उसे दो साल की जेल या जुर्माना या दोनों सजा हो सकती है।

नैनीझील का जल होगा स्वच्छ और स्वस्थ, सीएम ने जल गुणवत्ता प्रणाली का किया लोकार्पण

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने एक दिवसीय नैनीताल भ्रमण के दौरान नैनीझील में एक करोड़ की लागत से यूएनडीपी के सहयोग से स्थापित दिव्य नैनीझील जल गुणवत्ता आंकलन प्रणाली का लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि नैनीझील अपनी प्राकृतिक सुन्दरता के लिए दुनिया भर में जानी जाती है व सदैव से ही पर्यटकों को आकर्षित करती रही है। उन्होने कहा कि नैनीझील हमारी सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न अंग है। उन्होंने जिला प्रशासन व यूएनडीपी को इस अभिनव पहल के लिए बधाई देते हुए सभी से नैनीझील को स्वस्थ व स्वच्छ रखने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि जल गुणवत्ता प्रणाली जल संरक्षण के साथ ही जल की निर्मलता बनाये रखेगी। प्रदेश में जल संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रदेश की नदियों, झीलों तालाबों और जलस्रोतों को पुर्नजीवित करने के लिए व्यापक जन अभियान शुरू किया गया है, जिसमें सफलता मिली है।

कहा कि उत्तराखण्ड पर्यटन प्रदेश है। यहां अतिथि देव भवः के साथ ही स्थानीय उत्पाद व स्थानीय भोजन को बढावा देना होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश मे होम स्टे को प्रोत्साहित किया जा रहा है। प्रदेश में 2200 होम स्टे संचालित है इनको और बढाया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि नैनीताल में एसटीपी व पार्किग के निर्माण की स्वीकृति दे दी गई है। बलिया नाले पर अल्पकालीन व दीर्घकालीन दोनों योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा रैमजे चिकित्सालय को पीपीपी मोड पर चलाये जाने हेतु शीघ्र विज्ञप्ति जारी की जायेगी ताकि यहां की जनता व आने वाले पर्यटकों को और बेहतर स्वास्थ्य सुविधायें मिल सके।

क्षेत्रीय विधायक संजीव आर्य ने जनपद आगमन पर मुख्यमंत्री का धन्यवाद अदा करते हुये जिला प्रशासन द्वारा किये जा रहे कार्यो की तारीफ की।