पहाड़ से बचने के चक्कर में अफसरों ने डूबो दिया एकमात्र जड़ी-बूटी शोध संस्थान

देहरादून।
एक तरफ राज्य सरकार जहां प्रदेश में जड़ी-बूटियों की खोज के लिये संजीवनी प्राधिकरण बनाने की बात कह रही है, वहीं राज्य का एकमात्र जड़ी-बूटी शोध संस्थान शासन की लापरवाही और देहरादून में रहने के मोह के चलते धीरे-धीरे सिमटता जा रहा है। आज स्थिति कुछ ऐसी है कि बिना स्थाई डायरेक्टर के चलने वाले इस संस्थान में महज संविदा के कुछ कर्मचारियों के साथ-साथ चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी इस संस्थान को चला रहे हैं। वहीं आज तक इस संस्थान में स्थाई वैज्ञानिक को तैनात तक नहीं किया गया है जो संस्थान की दशा बताने के लिये काफी है।

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यह जड़ी-बूटी शोध संस्थान चमोली जिला मुख्यालय गोपेश्वर से 12 किमी दूर मंडल में स्थित है। यह राज्य का एकमात्र जड़ी-बूटी शोध संस्थान जो यहां पहाड में होने वाली जड़ी-बूटियों के दोहन के साथ ही रोजगार परक बनाने के लिये खोला गया था वह उपेक्षित है। अधिकारी देहरादून में रहने का मोह नहीं छोड़ पा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब इस क्षेत्र में संस्थान खोला गया तो सरकार ने ग्रामीणों की सैकडों नाली जमीन इस शर्त के साथ ली गई थी कि यहां स्थानीय लोगों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार दिया जायेगा. आज हालत यह है कि न ग्रामीणों के पास जमीन रही और न ही रोजगार मिल पाया। कईं बार इसको लेकर आंदोलन भी किये गये लेकिन हर बार सरकार की तरफ से आश्वासन मिला मगर संस्थान की स्थिति आज तक नहीं सुधर पाई है।

बैंक में आग लगने से लाखों रुपये का नुकसान

रूद्रपुर।
सिविल लाइन स्थित पंजाब नेशनल बैंक शाखा में शार्ट सर्किट से आग भड़क उठी जिससे बैंक परिसर में रखे बैटरे, टोकन मशीन, नोट काउंटिंग मशीन, दर्जनों कम्प्यूटर, चेक ड्रॉप बॉक्स, एअरकंडीशन सहित लाखों की कीमत का सामान जलकर राख हो गया। जानकारी मिलने पर कई दमकल वाहनों ने मौके पर पहुंचकर कापफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
सोमवार देर रात करीब 3बजे सिविल लाइन स्थित पंजाब नेशनल बैंक की शाखा में भवन स्वामी मनोज ने धुआं निकलते देखा। वह जब भवन से नीचे आया तो शटर से आग की लपटें निकल रही थीं। उनहोंने घटना की सूचना तुरन्त दमकल एवं पुलिस विभाग को दी। सूचना मिलते ही कई दमकल कर्मी वाहनों के साथ तुरन्त मौके पर पहुंचे। वहीं पुलिस अधिकारी भी घटनास्थल पर आ गये। शटर उठाने पर अंदर आग की तेज लपटें दिखायी दीं। दमकलकर्मियों ने भारी मशक्कत के पश्चात किसी तरह आग पर काबू पाया।

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सूचना मिलने पर बैंक के वरिष्ठ प्रबंध्क महेश खुराना भी साथी बैंककर्मियों के साथ शाखा में पहुंचे। उन्होंने बताया कि जिस कमरे में बैटरे रखे गये हैं वहां शार्ट सर्किट से आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धरण कर लिया। उन्होंने बताया कि अग्निकांड की इस घटना में 8 एअरकंडीशन, एलईडी, 22 कम्प्यूटर, चेक ड्राप बॉक्स, टोकन मशीन, नोट गिनने वाली मशीन, 6 किलोवाट व 3किलोवाट का एक-एक यूपीएस, पफर्नीचर आदि सामान जलकर राख हो गया। उन्होंने बताया कि अग्निकांड की इस घटना में करीब 50लाख रूपए का नुकसान होने का अनुमान है। गौरतलब है कि बैंक में पिछले तीन दिनों से अवकाश चल रहा है। उन्होंने बताया कि घटना की सूचना बैंक के उच्चाधिकारियों को दे दी गयी है।

जागेश्वर को पांचवें धाम के रुप में विकसित किया जा रहाः मुख्यमंत्री

अल्मोडा।
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य देवभूमि के नाम से जाना जाता है यहॉ पर पुरातन काल से ही योग विद्या को महत्व दिया गया है और राज्य गठन के बाद अब शासन ने इसे प्राथमिक शिक्षा से उच्च शिक्षा तक पाठयक्रम के रूप में लागू कर दिया है। मुख्यमंत्री ने जागेश्वर धाम के समीप हरित शवदाह गृह का भी शुभारम्भ करते हुए कहा कि इससे जहॉ एक ओर पर्यावरण शुद्ध रहेगा वहीं दूसरी ओर इस शवदाह गृह के बन जाने से लकड़ी की खपत कम होगी। इस योग महोत्सव में बाहरी देशो के आये लोगो का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास रहेगा कि आने जाने अधिक कठिनाई न हो इसके लिए हवाई सेवा की सुविधा देने के साथ ही अन्य सुविधा जो सम्भव हो सके उसे दिलाये जाने का प्रयास किया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के उददेश्य से जागेश्वर को पाचवें धाम के रूप में विकसित करने के साथ ही इस क्षेत्र को अन्य सुविधाओं से विकसित करने के लिए ठोस योजना बनायी जा रही है ताकि शीघ्र ही यह क्षेत्र विश्व के मानचित्र में अपना अलग स्थान बना सके। इसके साथ ही शासन द्वारा पर्यटको की संख्या में निरन्तर वृद्वि हो उसके लिए अनेक कार्य किये जा रहे है। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जागेश्वर क्षेत्र के विकास के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जायेगी। जागेश्वर के साथ ही झॉकर सैम, वद्ध जागेश्वर सहित अन्य धार्मिक पर्यटन स्थलों को विकसित किया जायेगा। उन्होंने इस अवसर पर जटागगां में आरती घाट के निर्माण हेतु तुरन्त आगणन भेजने के निर्देश जिलाधिकारी को दिये साथ ही कहा कि गगां आरती हेतु एक वार्षिक कलैण्डर भी तैयार कर लिया जाय ताकि बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को इसकी जानकारी मिल सके। उन्होंने जन प्रतिनिधियों से इस आरती में अधिकाधिक सम्मलित होने की बात कही।
विधानसभा अध्यक्ष गोविन्द सिंह कुंजवाल ने कहा कि प्रदेश में जिस तरह पर्यटन व्यवसाय को बढ़ावा देने के कार्य को प्राथमिकता दी जा रही है निःसन्देह आगामी वर्षो में इसके परिणाम सार्थक होंगे और पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी।

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परमार्थ निकेतन के स्वामी चिदानन्द सरस्वती महाराज ने कहा कि जागेश्वर के युवाओं हेतु यहॉ पर एक कम्प्यूटर सेन्टर की स्थापना के साथ ही यहॉ पर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रशिक्षित किया जायेगा और यहॉ पर मन्दिर पुजारियों के बच्चों कर्मकाण्ड आदि की शिक्षा दिलाये जाने का प्रयास किया जायेगा।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष पार्वती मेहरा, विधायक मनोज तिवारी, सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष एके सिकन्दर पवॉर, पालिकाध्यक्ष प्रकाश चन्द्र जोशी, डीआईजी कुमाऊॅ अजय रौतेला, एसएसपी दलीप सिंह कुॅवर, एसडीएम एनएस नगन्याल, रजा अब्बास, डीडीओ मोहम्मद असलम, केएमवीएन के महाप्रबन्धक टीएस मर्तोलिया, डीके शर्मा, पर्यटक विकास परिषद के विवेक चौहान, उप निदेशक पर्यटन जेसी बेरी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मोहन सिंह मेहरा, दिनेश कुंजवाल, कौपरेटिव बैंक के अध्यक्ष प्रशान्त भैसोड़ा, उपाध्यक्ष अनुसूचित जाति आयोग राजेन्द्र बाराकोटी, रेणुका रावत आदि उपस्थित थे।

पिण्डारी, कफनी व सुंदरढुंगा ट्रैक रूट की वर्तमान स्थिति खराब

बागेश्वर।
राज्यसभा सांसद प्रदीप टम्टा ने विकासखण्ड कपकोट के सुदूरवर्ती क्षेत्रों का भ्रमण करने के पष्चात विकास भवन सभागार में आयोजित अधिकारियों की बैठक में उक्त स्थानों में पायी गयी विभिन्न कमियों के बारे में अधिकारियों को जानकारी दी तथा इन कमियों को शीघ्र दूर करने के निर्देष दिये।
सांसद ने बताया कि पिण्डारी, कफनी व सुंदरढुंगा ट्रैक रूट की वर्तमान स्थिति काफी खराब है लिहाजा उसे शीघ्रातिषीघ्र दु्रुस्त किया जाय ताकि उस रूट में चलने वाले लोगों को किसी भी प्रकार की परेषानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने बताया कि वर्ष 2016-17 में ट्रैक रूट में आये ट्रैकरों की संख्या लगभग 1467 है। उन्होंने कहा कि पर्यटन की दृष्टि से भी इन मार्गों की मरम्मत किया जाना नितांत आवष्यक है क्योंकि ये पर्यटक क्षेत्र होने के कारण यहॉं की अर्थव्यवस्था से सीधे तौर से जुड़े हुए हैं। उन्होंने पर्यटकों के रात्रि विश्राम हेतु बनाये गये फाइबर हट्स, गैस्ट हाउसों, डाक बंगलों और शौचालयों की स्थिति पर भी चर्चा की तथा सम्बन्धित अधिकारियों से मार्गों सहित इन सब का निरीक्षण करने के पष्चात् कमियों को दूर करते हुए उन्हें अधिक से अधिक लाभकारी व सुविधाजनक बनाने के निर्देष दिये।

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उन्होंने इस वर्ष वर्षाकाल में क्षतिग्रस्त सार्वजनिक मार्गों, भवनों, विद्यालयों, पेयजल, सिंचाई, विद्युत, आदि योजनाओं एवं परिसम्पत्तियों का ब्यौरा तैयार रखने के निर्देष अधिकारियों को दिये ताकि भ्रमण व जॉंच हेतु आ रहे केन्द्र सरकार के दल को वास्तविक वस्तुस्थिति से अवगत कराने में आसानी हो सके।
बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष हरीष ऐठानी, विधायक कपकोट ललित फर्स्वाण, सीडीओ एस.एस.एस. पॉंगती, उप जिलाधिकारी कपकोट कैलाष टोलिया, डीडीओ केएन तिवारी, डीएफओ एमबी सिंह, सीएमओ डा. संजय साह, पर्यटन अधिकारी लता बिष्ट, मुख्य पषुचिकित्साधिकारी डा0 उदय शंकर, कु0मं0 वि0नि0 के सहायक अभियन्ता दीपचन्द्र लोहनी सहित सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

काण्डा में बीपीएल महिला को मिले गैस कनेक्शन

बागेश्वर।
केन्द्रीय कपडा राज्य मंत्री अजय टम्टा ने काण्डा में प्रधानमंत्री उज्जवला योजना का शुभारम्भ करते हुए कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा गरीबों के उत्थान के लिए अनेक योजनाऐं संचालित की गई है। प्रधानमंत्री की मंषा के अनुसार हर योजना का लाभ पात्र व्यक्ति तक पहुॅचना चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्ही योजनाओं में से प्रधानमंत्री उज्जवला योजना एक महत्वपूर्ण योजना है। जिसका मुख्य उद्देष्य महिलाओं को सम्मान देना तथा गरीब तबके के वीपीएल कार्ड धारक महिलाओं को इस योजना का लाभ देना। उन्होंने महिलाओं का आह्वान करते हुए कहा कि इसके अलावा जनधन बीमा योजना, अटल पेंषन योजना आदि अनेक योजनाऐं संचालित की गई है जिनका लाभ लेकर गरीब महिलाओं को अपना भविष्य उज्जवल बनाना चाहिए।

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कालीका मन्दिर परिसर में आयोजित प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत टम्टा ने 26 वीपीएल कार्ड धारक महिलाओं को गैस कनैक्षन वितरित किये जिसमें चूल्हा, रेगुलेटर, गैस सिलैण्डर तथा गैस के कागजात शामिल हैं। गैस प्रबन्धक काण्डा प्रमोद पाण्डे ने बताया कि काण्डा गैस डिपों के अन्तर्गत कुल 1300 प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के गैस कनैक्षन का लक्ष्य प्राप्त हुआ है जिनकी औपचारिकताऐं पूर्ण होने के उपरान्त उन्हंे ऑनलाईन कर वितरित किया जायेगा। इस मौके पर पूर्व कबिना मंत्री बलबन्त सिंह भौर्याल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विक्रम सिंह साही, जिला अध्यक्ष भाजपा उमा बिष्ट, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्षा दीपा आर्या, ब्लाक प्रमुख कपकोट मनोहर राम सहित अनेक गणमान्य एवं प्रतिष्ठित व्यक्ति मौजूद थें।

मंडी समिति ने पकड़ा चावल से लदा ट्रक

ऋषिकेश।
गुरूवार को मंडी समिति के सचल दल को सूचना मिली की चंद्रभागा पुल के पास एक ट्रक संदिग्ध हालात में खड़ा है। सूचना पर पहुंचे सचलदल ने ट्रक को पकड़ लिया। ट्रक में 75 कुंतल चावल रखा गया था। वाहन चालक से जब माल व मंडी से संबंधित दस्तावेज मांगे गए तो उसने ऋषिकेश की एक कंपनी का दस्तावेज दिखाया और कहा कि चावल इस कंपनी में ले जाए जाने हैं। मामला संदिग्ध लगने पर सचल दल ने संबंधित कंपनी से संपर्क किया तो मामला कुछ और ही निकला। कंपनी मालिक ने कहा कि उसने कहीं से भी कोई चावल नहीं मंगाया है। जिस पर सचल दल ट्रक को मंडी में ले आए। जहां उन्होंने मालधारक से मंडी कर 3500, विकास सेस 788, समन शुल्क 21000 कुल 24938 का मंडी शुल्क वसूल लिया।

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मंडी समिति अध्यक्ष राम विलास रावत ने कहा कि मंडी शुल्क की चोरी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। सचल दल का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। सचल दल में सहायक चंद्रशेखर, किशन पाल, अनूप सक्सेना, देवेंद्र कुमार, संजय कुमार आदि शामिल हैं। बताया जा रहा है कि सूचना पर सेल्स टैक्स कर्मचारी भी मौके पर पहुंच गए। जिन्होंने सेल्स टैक्स के दस्तावेज मंगवाए हैं।

फरियादी नही दिखा रहे तहसील दिवस में रुचि

ऋषिकेश।
मंगलवार को तहसील दिवस में नगर पालिका ऋषिकेश के तीन, कोतवाली के तीन, तहसील के तीन, पीडब्ल्यूडी के दो, लेखाधिकारी कार्यालय देहरादून का एक, जल संस्थान के दो, पेयजल निगम का एक मामला फरियादियों ने पंजीकृत कराया। फरियादियों के कम पहुंचने से तहसील दिवस फीका रहा। इससे पहले भी तहसील दिवस में फरियादियों ने कम ही रुचि दिखाई है। तहसील दिवस में समस्या का समाधान समय से नही होने के चलते धीरे-धीरे फरियादी कम होने लगे है। मंगलवार को भी कई फरियादी इसकी चर्चा करते दिखे।

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एसडीएम वृजेश कुमार तिवारी ने पंजीकृत कुल 17 मामलों को संबधित विभागों में निस्तारण करने के निर्देश दिये। मौके पर तहसीलदार रेखा आर्य, सहायक समाज कल्याण अधिकारी महेश प्रताप, अवर अभियंता जल संस्थान हिमांशु असवाल, गन्ना विभाग से गजेन्द्र सिंह, राजस्व विभाग से दर्शन सिंह व शंभुनाथ गांगुली, वन दरोगा सुरेन्द्र कुमार, जल संस्थान से मनोज कुमार, ग्राम विकास अधिकारी दिग्विजय सिंह, सिंचाई विभाग से सीएम भटट आदि मौजूद थे।

नियमितिकरण की मांग को लेकर हड़ताल पर है लाइनमैन

ऋषिकेश।
नगर पालिका ऋषिकेश में लाइनमैनों की हड़ताल का असर दिखने लगा है। हड़ताल के चलते स्ट्रीट लाईटें न जलने से कई मोहल्लों में अंधेरा छाने लगा है। नियमितिकरण की मांग को पालिका के लाइनमैन हड़ताल पर है।

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नगर पालिका के लाइनमैन शंभू प्रसाद कोठारी, आशाराम भट्ट व शंभू प्रसाद भट्ट मंगलवार को भी हड़ताल पर रहे। इससे नगर पालिका में हररोज आने वाली शिकायतों का निदान नहीं हो पाया। खराब स्ट्रीट लाइटों के ठीक न होने से लोग परेशान है। मंगलवार को ढाई सौ से अधिक खराब स्ट्रीट लाइटें ठीक नहीं हो पाई। जिन्हें ठीक करने का जिम्मा तीनों लाइनमैन के कंधे पर है। तीनों लाइनमैन का कहना है कि वर्ष 1984 से पालिका में कार्यरत है। लेकिन अभीतक नियमितिकरण नहीं हो पाया है।

तो लोकल रूटों पर चलेंगी टीजीएमओसी की बसें

ऋषिकेश।
टीजीएमओसी ने लोकल रूटों पर बसों के संचालन की शासन से गुहार लगाई है। कंपनी ने लोकल रूटों पर परमिट देने की मांग की है। लोकल रूटों पर सेवाएं चलने से लोगों का राहत मिलेगी।
परिवहन कंपनी टिहरी गढ़वाल मोटर ऑनर्स कॉरपोरेशन ने छिद्दरवाला, श्यामपुर, रायवाला लोकल रूटों पर बसों के संचालन को लेकर नए परमिट की मांग की है। कॉरपोरेशन के सचिव हिम्मत सिंह रावत का कहना है कि सवारियों की डिमांड को देखते हुए शासन से परमिट जारी करने की मांग की गई है। अगर परमिट जारी होता है, तो लोकल रूटों पर बसों का संचालन किया जाएगा। बसों में ऑटो-विक्रम से किराया भी कम होगा। फिलहाल हरिद्वार जाने वाली बसें वाया चीला होकर जाती है। अगर वाया रायवाला का परमिट मिलता है तो इसका फायदा हजारों लोकल यात्रियों को होगा। उन्होंने कहा कि उनके पास प्रर्याप्त बसें है, जो नई रूटों पर भी चल सकती हैं।

अनशनकारियों का सरकार के खिलाफ प्रदर्शन

ऋषिकेश।
नरेन्द्रनगर के दोगी पट्टी क्षेत्र में सूरजकुंड-रानीताल पेयजल पंपिंग योजना पूरी करने की मांग को लेकर ग्रामीण अनशन पर बैठे है। उन्होंने मंगलवार को सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
क्रमिक अनशन पर मंगलवार को पूर्व जिला पंचायत सदस्य सरदार सिंह पुण्डीर, पावकी देवी संघर्ष समिति के अध्यक्ष राजेन्द्र जेठूड़ी, क्षेत्र पंचायत सदस्य महिपाल जेठूड़ी, कान्ति रावत बैठे। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से दोगी पट्टी के 30 हजार लोग पेयजल की समस्या को हल करने की मांग करते आ रहे है। लेकिन सरकार की उदासीनता के चलते योजना अधर में लटकी हुई है। समर्थन में भीम सिंह चौहान, धर्म सिंह जेठूड़ी, अब्बल सिंह जेठूड़ी, बलबीर सिंह, मान सिंह , कर्ण सिंह, कीर्तन सिंह, गुड्डी देवी, सुमित्रा देवी, दशरथ सिंह बैठे।

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