क्षतिग्रस्त सड़क का संज्ञान लेकर सीएम ने अधिकारियों को शीघ्र आवागमन सुचारु करने के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोली जनपद के दशोली विकासखंड अंतर्गत ग्राम खैनूरी को जोड़ने वाली सड़क के आपदा के कारण क्षतिग्रस्त होने का तत्काल संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी चमोली सहित संबंधित विभागीय अधिकारियों को सड़क को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र दुरुस्त कर आवागमन सुचारु करने के निर्देश दिए हैं।

ग्राम खैनूरी के ग्रामीणों ने दूरभाष के माध्यम से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से वार्ता कर गांव को जोड़ने वाली सड़क की वर्तमान स्थिति से उन्हें अवगत कराया। ग्रामीणों ने बताया कि आपदा के कारण सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है, जिससे गांव के लगभग 120 परिवारों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों की समस्या सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने तत्काल संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि क्षतिग्रस्त सड़क को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त करते हुए ग्रामीणों के लिए सुरक्षित एवं सुचारु आवागमन सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को मौके की स्थिति का आकलन कर आवश्यकतानुसार सभी जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक की समस्या का समयबद्ध और प्रभावी समाधान राज्य सरकार की प्राथमिकता है। आपदा प्रभावित क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, विद्युत एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की बहाली के कार्यों में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए जनसुविधाओं को शीघ्र बहाल करना सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आपदा के कारण प्रभावित क्षेत्रों में जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशीलता के साथ कार्य किया जाए। ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों से प्राप्त शिकायतों पर विशेष ध्यान देते हुए उनका त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि स्थानीय लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार जनसरोकारों से जुड़े विषयों पर संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। शासन-प्रशासन का दायित्व है कि आमजन से प्राप्त समस्याओं पर तत्काल प्रतिक्रिया देते हुए समाधान के लिए धरातल पर प्रभावी कार्रवाई दिखाई दे।

उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य जनजीवन को शीघ्र पटरी पर लाना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए सभी संबंधित अधिकारियों को पूरी तत्परता के साथ कार्य करने तथा आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

स्वास्थ्य मंत्री ने विधायक संग की सीएम धामी से मुलाकात, यह रहा प्रमुख कारण…

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से आज मुख्यमंत्री आवास पर स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल तथा टिहरी विधानसभा क्षेत्र के विधायक किशोर उपाध्याय ने शिष्टाचार भेंट की।

भेंट के दौरान टिहरी जनपद में मेडिकल कॉलेज की स्थापना से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत एवं सार्थक चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि टिहरी जैसे महत्वपूर्ण एवं भौगोलिक दृष्टि से संवेदनशील जनपद में उच्च स्तरीय चिकित्सा शिक्षा संस्थान की स्थापना न केवल स्थानीय जनता के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करेगी, बल्कि पूरे गढ़वाल मंडल के स्वास्थ्य ढांचे को भी नई मजबूती प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनभावनाओं एवं क्षेत्रीय आवश्यकताओं के अनुरूप इस दिशा में सकारात्मक एवं ठोस कदम आगे बढ़ाएगी।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार एवं आधुनिकीकरण सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सरकार का उद्देश्य है कि राज्य के दूरस्थ, पर्वतीय एवं सीमांत क्षेत्रों तक भी विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाएं, आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं तथा गुणवत्तापूर्ण उपचार व्यवस्था प्रभावी रूप से पहुंच सके। इसके लिए चिकित्सा अवसंरचना के विकास, मेडिकल एवं नर्सिंग शिक्षा के विस्तार, चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित स्वास्थ्य संस्थानों के निर्माण की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड में स्वास्थ्य क्षेत्र में अभूतपूर्व परिवर्तन देखने को मिले हैं। आयुष्मान भारत योजना, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, टेलीमेडिसिन सेवाओं का विस्तार तथा मेडिकल शिक्षा संस्थानों की संख्या में वृद्धि जैसे अनेक प्रयासों से आम नागरिकों को बेहतर और सुलभ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं। राज्य सरकार इन प्रयासों को और अधिक गति प्रदान करते हुए प्रत्येक नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है।

स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने मुख्यमंत्री को टिहरी जनपद की स्वास्थ्य आवश्यकताओं, चिकित्सा शिक्षा के विस्तार तथा मेडिकल कॉलेज स्थापना से संबंधित प्रस्तावों एवं संभावनाओं की जानकारी दी। विधायक किशोर उपाध्याय ने भी टिहरी क्षेत्र की जनभावनाओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराते हुए मेडिकल कॉलेज की स्थापना को क्षेत्र की दीर्घकालिक आवश्यकता बताया।

मुख्यमंत्री ने दोनों जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तुत सुझावों एवं प्रस्तावों पर सकारात्मक विचार का आश्वासन देते हुए कहा कि प्रदेश के स्वास्थ्य तंत्र को और अधिक मजबूत, आधुनिक एवं जनोन्मुख बनाने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है तथा इस दिशा में आवश्यक सभी कदम प्राथमिकता के आधार पर उठाए जाएंगे।

कांवड़ यात्रा के दौरान ईंधन एवं रसोई गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित होगी

कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं एवं आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो तथा पेट्रोल, डीजल एवं रसोई गैस की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित की जाने हेतु जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुपालन में जिला पूर्ति अधिकारी के.के. अग्रवाल की अध्यक्षता में ऋषिकेश क्षेत्र के समस्त पेट्रोल पंप एवं गैस एजेंसी संचालकों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

बैठक में जिला पूर्ति अधिकारी ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान ईंधन एवं एलपीजी की आपूर्ति किसी भी स्थिति में बाधित नहीं होनी चाहिए। इसके लिए सभी गैस एजेंसियों को घरेलू एवं व्यावसायिक गैस सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने तथा उपभोक्ताओं को समयबद्ध आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने निर्देश दिए कि यात्रा अवधि के दौरान रविवार को भी सभी गैस एजेंसियां अनिवार्य रूप से खुली रहेंगी, ताकि श्रद्धालुओं एवं स्थानीय उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

बैठक में सुरक्षा व्यवस्था को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए निर्देशित किया गया कि गैस वितरण में प्रयुक्त सभी लोडर वाहनों पर एजेंसी की स्पष्ट फ्लैक्सी/बैनर लगाए जाएं। प्रत्येक वाहन में अग्निशमन यंत्र (फायर एक्सटिंग्विशर) एवं तौलने का कांटा अनिवार्य रूप से उपलब्ध रहे। साथ ही सभी डिलीवरी कर्मियों के पास ड्रेस एवं पहचान पत्र (आईडी कार्ड) होना भी सुनिश्चित किया जाए।

जिला पूर्ति अधिकारी ने सभी पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देशित किया कि कांवड़ यात्रा की संपूर्ण अवधि में पेट्रोल एवं डीजल की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखें तथा सभी पेट्रोल पंप 24×7 (दिन-रात) संचालित किए जाएं, जिससे श्रद्धालुओं, आपातकालीन सेवाओं एवं आम नागरिकों को निर्बाध ईंधन उपलब्ध हो सके।

बैठक के दौरान पेट्रोल पंप एवं गैस एजेंसी संचालकों ने जिला पूर्ति अधिकारी के समक्ष सुझाव रखा कि कांवड़ यात्रा के दौरान ईंधन एवं गैस के टैंकरों के निर्बाध आवागमन के लिए प्रतिदिन रात्रि 10 बजे से प्रातः 05 बजे तक मार्ग को खुला रखा जाए, जिससे आवश्यक आपूर्ति समय पर विभिन्न केंद्रों तक पहुंचाई जा सके।

कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं, स्थानीय नागरिकों तथा आवश्यक सेवाओं को निर्बाध रूप से ईंधन एवं रसोई गैस उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। बैठक में वरिष्ठ पूर्ति निरीक्षक सुनील देवली, संजीव कुमार गोयल, अनिरुद्ध गोयल, अशोक जैन, सुनील अग्रवाल, नवनीत नागलिया, दिवंबर प्रसाद लखेड़ा, मुकुल दलाल, कमल सिंह सहित क्षेत्र के अनेक प्रमुख व्यवसायी एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

गुरुकुल कांगड़ी केवल शिक्षण संस्थान नहीं, राष्ट्र निर्माण और संस्कारों का केंद्रः धामी

गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय में आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि युवाओं के चेहरों पर दिखाई देने वाला आत्मविश्वास इस बात का प्रमाण है कि भारत का भविष्य सुरक्षित हाथों में है। उन्होंने कहा कि गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, राष्ट्रवाद और संस्कारों का जीवंत प्रतीक है। यहां विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, राष्ट्रसेवा और भारतीय मूल्यों की शिक्षा भी दी जाती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत आज दुनिया का सबसे युवा देश है, जहां 65 प्रतिशत से अधिक आबादी 42 वर्ष से कम आयु की है। यही युवा शक्ति विकसित भारत के निर्माण की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि आज का युवा नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि स्टार्टअप और नवाचार के माध्यम से रोजगार देने वाला ष्जॉब क्रिएटरष् बन रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्टार्टअप इंडिया, स्टैंडअप इंडिया, मेक इन इंडिया, स्किल इंडिया, खेलो इंडिया और फिट इंडिया जैसी योजनाओं ने युवाओं को नए अवसर प्रदान किए हैं।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार भी युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री युवा प्रोत्साहन योजना, दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण विकास योजना, कौशल विकास योजना, एक जनपद-दो उत्पाद योजना, हाउस ऑफ हिमालय ब्रांड, स्टेट मिलेट मिशन, एप्पल मिशन, सौर स्वरोजगार योजना, नई पर्यटन नीति और नई फिल्म नीति जैसी योजनाओं के माध्यम से रोजगार एवं स्वरोजगार को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने बताया कि राज्य में 44 प्रतिशत रिवर्स पलायन दर्ज हुआ है और बेरोजगारी दर में 4.4 प्रतिशत की ऐतिहासिक कमी आई है। साथ ही नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्यों के इंडेक्स में उत्तराखंड देश में प्रथम स्थान पर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के भविष्य की सुरक्षा के लिए राज्य में देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। पिछले साढ़े चार वर्षों में 100 से अधिक नकल माफियाओं को जेल भेजा गया तथा बिना भेदभाव के साथ 34 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरियां दी गई हैं, जो पूर्ववर्ती सरकारों की तुलना में दोगुनी से भी अधिक हैं।

युवा संवाद कार्यक्रम के आयोजक/युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष विक्रम भुल्लर ने मुख्यमंत्री को अंग वस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंटकर स्वागत किया।

युवा शक्ति संवाद कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, विधायक रानीपुर आदेश चौहान, कुलपति प्रतिभा लूथरा, जिलाध्यक्ष भाजपा आशुतोष शर्मा, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, शिवालिक नगर पालिका अध्यक्ष राजीव शर्मा, राज्य मंत्री डॉ जयपाल सिंह चौहान सहित जनप्रतिनिधि एवं भारी संख्या में युवा शक्ति मौजूद रहे।

सीएम धामी ने एनडीआरएफ बटालियन गदरपुर का किया भ्रमण, जवानों से संवाद कर आपदा प्रबंधन व्यवस्थाओं की ली जानकारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने एक दिवसीय गदरपुर-रुद्रपुर भ्रमण कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) बटालियन, गदरपुर का दौरा किया। इस अवसर पर उन्होंने एनडीआरएफ के अधिकारियों एवं जवानों से संवाद कर उनकी कार्यप्रणाली, आपदा प्रबंधन की तैयारियों तथा राहत एवं बचाव कार्यों से संबंधित व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड प्राकृतिक आपदाओं की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील राज्य है। ऐसे में एनडीआरएफ जैसी संस्थाओं की भूमिका जनजीवन की सुरक्षा और आपदा के समय त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों में अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आपदा प्रबंधन तंत्र को और अधिक आधुनिक, सशक्त एवं प्रभावी बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में शीघ्र और समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

मुख्यमंत्री धामी ने एनडीआरएफ के अधिकारियों एवं जवानों के साहस, समर्पण और सेवा भावना की सराहना करते हुए कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी एनडीआरएफ के जवान पूरी निष्ठा और तत्परता के साथ मानव जीवन की रक्षा के लिए कार्य करते हैं। उनका अनुशासन, दक्षता और सेवा भाव पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है।

भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने एनडीआरएफ परिसर में पौधरोपण भी किया। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने तथा उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण केवल पर्यावरण संरक्षण का माध्यम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की आधारशिला भी है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में आधुनिक तकनीक, नियमित प्रशिक्षण और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय को प्राथमिकता दी जाए, जिससे किसी भी आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य और अधिक प्रभावी ढंग से संचालित किए जा सकें।

इस अवसर पर एनडीआरएफ के वरिष्ठ अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बटालियन की कार्यप्रणाली, उपलब्ध संसाधनों, प्रशिक्षण गतिविधियों तथा आपदा राहत एवं बचाव अभियानों की जानकारी दी।

इस अवसर पर प्रभारी मंत्री प्रदीप बत्रा, विधायक अरविंद पाण्डे, शिव अरोरा, त्रिलोक सिंह चीमा, मेयर दीपक बाली, विकास शर्मा, जिलाध्यक्ष भाजपा मनोज पाल, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, कमांडेंट संतोष कुमार, सीएमओ परमिंदर सिंह, डिप्टी कमांडेंट दीपक भट्ट, राजेंद्र जोशी, अवनीश पुरोहित, मनोज जोशी, जवान आदि उपस्थित थे।

सीएम धामी ने रूद्रपुर कलेक्ट्रेट परिसर पर किया 40 लाख की लागत से स्थापित 9 फीट ऊँची कांस्य प्रतिमा का विधिवत अनावरण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने जनपद भ्रमण के दौरान रुद्रपुर स्थित कलेक्ट्रेट परिसर में महान क्रांतिकारी शहीद ऊधम सिंह की पुण्यतिथि के अवसर पर ₹40 लाख की लागत से स्थापित 9 फीट ऊँची कांस्य प्रतिमा का विधिवत अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर अमर शहीद को भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा उनके अदम्य साहस, राष्ट्रभक्ति और सर्वाेच्च बलिदान को नमन किया।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि शहीद ऊधम सिंह का जीवन देशभक्ति, आत्मसम्मान और अन्याय के विरुद्ध संघर्ष का अमर प्रतीक है। उनका बलिदान आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रहित के लिए समर्पित होकर कार्य करने की प्रेरणा देता रहेगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनसुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का भी लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। उन्होंने ₹120.18 लाख की लागत से कलेक्ट्रेट परिसर में निर्मित पार्किंग, लैंडस्केपिंग एवं ड्रेन निर्माण कार्य का लोकार्पण किया। इस परियोजना से परिसर में पार्किंग व्यवस्था बेहतर होने के साथ-साथ सौंदर्यीकरण एवं जल निकासी की सुविधाएं भी सुदृढ़ होंगी।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने रुद्रपुर स्थित कैनाल कॉलोनी में ₹264.97 लाख की लागत से बनने वाली सरफेस पार्किंग का शिलान्यास भी किया। इस परियोजना के पूर्ण होने से क्षेत्र में यातायात प्रबंधन को मजबूती मिलेगी तथा नागरिकों को सुव्यवस्थित पार्किंग सुविधा उपलब्ध होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आधुनिक आधारभूत सुविधाओं के विकास के साथ-साथ जनसुविधाओं के विस्तार और बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश में प्रत्येक विकास कार्य गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ पूर्ण किए जा रहे हैं, ताकि आमजन को उनका सीधा लाभ मिल सके।

मुख्यमंत्री धामी ने वर्चुअल माध्यम से पंजाब में निवासरत शहीद ऊधम सिंह के परिजनों से भी वार्ता की। उन्होंने कहा कि शहीद ऊधम सिंह के बलिदान और साहस को वे दिल से सलाम करते हैं तथा प्रदेश उनके सर्वाेच्च बलिदान को सदैव स्मरण रखेगा। इस दौरान उन्होंने कलेक्ट्रेट परिसर में रुद्राक्ष का पौधा भी रोपा।

इस अवसर पर विधायक शिव अरोरा, त्रिलोक सिंह चीमा, भाजपा जिलाध्यक्ष कमल जिंदल, मनोज पाल, मेयर विकास शर्मा, दीपक बाली, दर्जा राज्य मंत्री अनिल कपूर डब्बू, मंजीत सिंह, सुरेंद्र सिंह नामधारी, फरजाना बेगम, रणजीत सिंह नामधारी, उत्तम दत्ता, रामपाल सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।

संत रविदास जयंती पर बोले सीएम धामी, जन्म नहीं, श्रेष्ठ कर्म बनाते हैं व्यक्ति को महान

संत शिरोमणि गुरु रविदास की 650वीं जयंती के अवसर पर चुड़ियाला, भगवानपुर में आयोजित कलश बंधन महारैली में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संत शिरोमणि गुरु रविदास के मंदिर में पूजा-अर्चना कर कलश यात्रा का शुभारंभ किया। इसके उपरांत मुख्यमंत्री धामी कलश को अपने सिर पर रखकर कार्यक्रम स्थल सीएमडी इंटर कॉलेज पहुंचे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भारतीय संस्कृति में कलश मंगल, शुभारंभ और समृद्धि का प्रतीक है। यह अभियान संत रविदास के समरसता, समानता और मानवता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का महाअभियान है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि संत रविदास ने सामाजिक विषमताओं के दौर में प्रेम, समानता और मानवता का संदेश दिया। उन्होंने समाज को यह शिक्षा दी कि कोई व्यक्ति जन्म से बड़ा नहीं होता, बल्कि अपने श्रेष्ठ कर्मों और मानव सेवा से महान बनता है। उन्होंने कहा कि जब तक समाज से भेदभाव समाप्त नहीं होगा, तब तक सशक्त और समरस राष्ट्र का निर्माण संभव नहीं है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मूल मंत्र पर कार्य कर रही है। उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन, आयुष्मान भारत और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी योजनाओं के माध्यम से गरीब, दलित, वंचित और जरूरतमंद परिवारों तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचाई गई हैं। उन्होंने कहा कि ये योजनाएं संत रविदास के समरस समाज के सपने को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने भगवानपुर क्षेत्र में हुए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि बहादुरपुर-सोनाली क्षेत्र में लगभग 12 करोड़ रुपये की लागत से बाढ़ सुरक्षा कार्य, करीब 3 करोड़ रुपये की लागत से झील का सौंदर्यीकरण, 49 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक विद्यालय का निर्माण, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट की स्थापना तथा 8 करोड़ रुपये की लागत से नवीन तहसील भवन का निर्माण कराया गया है। इसके अलावा क्षेत्र में सड़कों, संपर्क मार्गों, सीसी रोड और हाईमास्ट लाइट जैसी अनेक विकास परियोजनाएं भी पूरी की गई हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने लोगों से संत रविदास के समरसता, समानता और मानवता के संदेश को अपने जीवन में अपनाने तथा सामाजिक सद्भाव और जनभागीदारी के माध्यम से भेदभावमुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लेने का आह्वान किया।

संत शिरोमणि गुरु रविदास की 650वीं जयंती के अवसर पर कैबिनेट मंत्री खजान दास ने कहा कि महापुरुषों के विचारों और उनके संदेश को जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने समझा है। उन्होंने कहा कि संत रविदास की जन्मस्थली काशी के गोवर्धनपुर की पवित्र मिट्टी को देशभर के विभिन्न स्थानों पर कलश यात्राओं के माध्यम से पहुंचाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार का कार्य केवल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ही संभव हुआ है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड में समरसता संकल्प यात्रा का शुभारंभ किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य संत रविदास जी के समरसता, समानता और मानवता के संदेश को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना है।

इस अवसर पर स्वामी निर्मलदास ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सराहना करते हुए कहा कि वे प्रदेश के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मनुष्य को सदैव परमेश्वर के बताए मार्ग पर चलना चाहिए, क्योंकि जो व्यक्ति उस मार्ग से भटकता है, उसे अपने कर्मों का फल अवश्य मिलता है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कलश बंधन यात्रा को प्रदेश के सभी जिलों में संचालित किए जाने के लिए प्रदेश के सभी भाजपा जिलाध्यक्षों को कलश प्रदान किए।

इस अवसर पर साध्वी सन्तोष रानी, संत सतपाल दास, संत 108 रोशनी दास, महंत बंटी दास, संत पिरुमल दास, कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा, भाजपा प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, भाजपा जिलाध्यक्ष हरिद्वार आशुतोष शर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष रुड़की मधु सिंह, राज्य मंत्री देशराज कर्णवाल, अजीत चौधरी, आदेश सैनी, श्यामवीर सैनी, जिला प्रभारी आदित्य चौहान, ओबीसी मोर्चा अध्यक्ष बलबीर धुनियाल, पूर्व विधायक मीना गंगोला, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष (अनुसूचित जाति मोर्चा) मास्टर सत्यपाल, सागर गोयल, जिलाध्यक्ष एससी मोर्चा नीतू सिंह, रवींद्र कटियार, मुख्यमंत्री के सचिव विनय शंकर पांडे, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र, एसपी देहात शेखर सुयाल, जॉइंट मजिस्ट्रेट रुड़की दीपक रामचंद्र सेठ, उप जिलाधिकारी देवेंद्र सिंह नेगी सहित प्रदेश के सभी जिलों के भाजपा जिलाध्यक्ष, विभिन्न क्षेत्रों से आए मंडल अध्यक्ष, कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि तथा भारी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

उत्तराखंड में जन समस्याओं पर शून्य प्रतिशत कार्यवाही करने वाले अधिकारियों को नोटिस देगी धामी सरकार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1905 की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि हेल्पलाइन पर प्राप्त प्रत्येक जन शिकायत का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन प्रदेशवासियों की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम है। शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी तथा जवाबदेही हर स्तर पर सुनिश्चित की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने पेयजल विभाग एवं जल जीवन मिशन से संबंधित अधिक संख्या में प्राप्त शिकायतों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि एक सप्ताह के भीतर सभी लंबित शिकायतों का प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि समय पर जन शिकायतों का निस्तारण न होने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सीएम हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में जिन अधिकारियों की कार्यवाही शून्य प्रतिशत है, उन्हें संबंधित विभागाध्यक्ष तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी करें। यदि संतोषजनक स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं होता है तो उनके विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन शिकायतों का निर्धारित समयावधि में समाधान नहीं हो पा रहा है, उनकी नियमित समीक्षा विभागाध्यक्ष एवं जिलाधिकारी स्तर पर की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि स्पेशल क्लोज, डिमांड, सजेशन तथा अन्य श्रेणियों में परिवर्तित की गई शिकायतों का भी गंभीरता से परीक्षण किया जाए, ताकि किसी भी वास्तविक शिकायत का निस्तारण प्रभावित न हो।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रत्येक सोमवार को जनपद स्तर पर जिलाधिकारी, मंडल स्तर पर दोनों मंडलायुक्त तथा शासन स्तर पर सभी सचिव समाधान दिवस के माध्यम से जन समस्याओं की नियमित सुनवाई एवं समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि समाधान दिवस को प्रभावी जनसेवा के मंच के रूप में विकसित किया जाए तथा इसकी नियमित मॉनिटरिंग भी की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय पुलिस सेवा एवं भारतीय वन सेवा के अधिकारियों को पूर्व में निर्देश दिए गए थे कि वे अपने सेवाकाल की शुरुआत वाले क्षेत्रों में जनसुविधाओं के दृष्टिगत नवाचार करें। उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसे सभी नवाचारों की विस्तृत सूची 50 दिनों के भीतर उपलब्ध कराई जाए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि यह सुनिश्चित किया जाए कि कार्मिकों को सेवानिवृत्ति के उपरांत प्रथम माह से ही पेंशन प्राप्त होनी प्रारंभ हो जाए। उन्होंने कहा कि इस कार्य में किसी प्रकार की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी तथा इसकी जिम्मेदारी संबंधित विभागाध्यक्ष की होगी।

मुख्यमंत्री ने सचिव आपदा प्रबंधन, लोक निर्माण विभाग, पर्यटन, स्वास्थ्य तथा पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को चारधाम यात्रा मार्गों का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं सुचारु बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने भूमि संबंधी विवादों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि ऐसे मामलों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा अनावश्यक रूप से लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण किया जाए।

समीक्षा बैठक में सचिव डॉ. पंकज पांडेय ने अवगत कराया कि 18 अप्रैल से 28 जुलाई 2026 तक मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1905 पर कुल 67,843 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें 20,461 शिकायतों का पूर्ण निस्तारण, 31,363 का आंशिक निस्तारण, 7,404 शिकायतें प्रक्रियाधीन, 4,061 शिकायतें लंबित तथा 3,738 शिकायतें स्पेशल क्लोज श्रेणी में हैं। इस अवधि में स्पेशल क्लोज की दर घटकर 5.5 प्रतिशत रह गई है, जो पूर्व अवधि की तुलना में उल्लेखनीय सुधार को दर्शाती है।

बैठक में यह भी बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों की संख्या में वृद्धि हुई है, जबकि प्रमुख विभागों में शिकायतों के औसत निस्तारण समय में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। साथ ही शिकायतों के समाधान के उपरांत शिकायतकर्ताओं से फीडबैक प्राप्त करने एवं विभागवार मॉनिटरिंग व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया गया है।

मुख्यमंत्री ने सभी सचिवों एवं जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1905 की अगली समीक्षा बैठक से पूर्व अपने-अपने स्तर पर व्यापक समीक्षा कर लें। उन्होंने कहा कि अगली बैठक में केवल शिकायतों की संख्या नहीं, बल्कि शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण, शिकायतकर्ताओं की संतुष्टि तथा विभागीय उत्तरदायित्व के आधार पर विस्तृत समीक्षा की जाएगी।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न जनपदों के शिकायतकर्ताओं से फोन पर वार्ता कर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1905 पर दर्ज शिकायतों के निस्तारण की स्थिति की जानकारी ली।

अल्मोड़ा के मोहम्मद सलमान ने मुख्यमंत्री को बताया कि कूड़ा निस्तारण संबंधी उनकी शिकायत का समाधान हो गया है। उन्होंने नाली निर्माण की समस्या भी बताई, जिस पर मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी अल्मोड़ा को 24 घंटे के भीतर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए। टिहरी गढ़वाल के आकाश रमोला ने बताया कि चम्बा स्थित सुमन कॉलोनी में पेयजल आपूर्ति संबंधी उनकी शिकायत का समाधान हो गया है। हरिद्वार के जुल्फिकार खान द्वारा राजस्व विभाग से संबंधित समस्या बताने पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को शीघ्र समाधान के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने उधम सिंह नगर के नजम खान तथा अल्मोड़ा के नंदन सिंह से भी बातचीत की। दोनों शिकायतकर्ताओं ने हेल्पलाइन के माध्यम से उनकी शिकायतों के संतोषजनक निस्तारण पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर राज्य आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय कुमार रुहेला, प्रमुख सचिव आर. के सुधांशु, एल. फैनई, डॉ.आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिवगण, अपर सचिवगण, विभागों के विभागाध्यक्ष एवं वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारी मौजूद थे

सीएम धामी ने किया वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वालों को सम्मानित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सिंगल-यूज़ प्लास्टिक पर प्रतिबंध का प्रभावी क्रियान्वयन केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है। इसके लिए जनभागीदारी, जन-जागरूकता तथा प्रत्येक नागरिक के सक्रिय सहयोग की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सिंगल-यूज़ प्लास्टिक के विरुद्ध अभियान को जन-आंदोलन का स्वरूप देकर उत्तराखंड को सिंगल-यूज़ प्लास्टिक मुक्त राज्य बनाने के संकल्प को साकार करना होगा।

मुख्यमंत्री ने विश्व बाघ दिवस के अवसर पर जाखन स्थित एक होटल में आयोजित ष्एकल उपयोग प्लास्टिक प्रतिबंध के प्रभावी क्रियान्वयन एवं प्रवर्तनष् विषय पर आयोजित राज्य स्तरीय परामर्श कार्यशाला में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने बाघ संरक्षण पर आधारित चित्र एवं पोस्टकार्ड का विमोचन किया।मुख्यमंत्री ने मानव-वन्यजीव संघर्ष में साहसिक कदम उठाने तथा वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व बाघ दिवस के अवसर पर इस विषय पर आयोजित कार्यशाला अत्यंत सार्थक है। यह आयोजन केवल एक कार्यशाला नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और हरित भविष्य सुनिश्चित करने का सामूहिक संकल्प है। उन्होंने कहा कि बाघ केवल एक वन्यजीव नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध जैव विविधता और संतुलित पारिस्थितिकी तंत्र का प्रतीक है। यदि हमारे जंगल सुरक्षित रहेंगे, तो बाघ सुरक्षित रहेंगे और प्रकृति का संतुलन भी सुरक्षित रहेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में प्रकृति को माता का स्वरूप माना गया है। देवभूमि उत्तराखंड अपनी समृद्ध जैव विविधता, वन संपदा और वन्यजीव संरक्षण के लिए देशभर में विशिष्ट पहचान रखता है। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व और राजाजी टाइगर रिजर्व सहित प्रदेश के वन क्षेत्र इस विरासत के सशक्त प्रतीक हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंगल-यूज़ प्लास्टिक पर्यावरण, नदियों, मिट्टी, जल स्रोतों और वन्यजीवों के लिए गंभीर खतरा बन चुका है। वन क्षेत्रों में छोड़ा गया प्लास्टिक अनेक बार वन्यजीवों के भोजन में मिल जाता है, जिससे उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि जंगलों, नदियों और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए सिंगल-यूज़ प्लास्टिक के विरुद्ध प्रभावी और निर्णायक अभियान चलाना समय की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्वच्छ भारत अभियान, एक पेड़ माँ के नाम, नमामि गंगे तथा स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने जैसी पहलों ने पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन का स्वरूप दिया है। राज्य सरकार भी पर्यावरण संरक्षण को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि विकास और पर्यावरण एक-दूसरे के पूरक हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सिंगल-यूज़ प्लास्टिक पर प्रतिबंध के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान, निरीक्षण एवं प्रवर्तन की कार्रवाई कर रही है। चारधाम यात्रा मार्गों तथा प्रमुख पर्यटन स्थलों को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए विशेष अभियान संचालित किए जा रहे हैं। साथ ही प्लास्टिक अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन एवं रीसाइक्लिंग को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने लोगों से कपड़े के थैले, जूट तथा पर्यावरण-अनुकूल उत्पादों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने प्रदेश में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों से भी प्राकृतिक स्थलों पर प्लास्टिक अथवा अन्य प्रकार का कचरा न छोड़ने की अपील की। उद्योग जगत से इको-फ्रेंडली पैकेजिंग और आधुनिक रीसाइक्लिंग तकनीकों को अपनाने तथा युवाओं से विद्यालयों, महाविद्यालयों, ग्राम सभाओं, स्वयं सहायता समूहों एवं सामाजिक संगठनों के माध्यम से इस अभियान को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य स्तरीय परामर्श कार्यशाला से प्राप्त सुझाव उत्तराखंड में सिंगल-यूज़ प्लास्टिक पर प्रतिबंध के प्रभावी क्रियान्वयन को और अधिक सुदृढ़ करेंगे तथा राज्य को सिंगल-यूज़ प्लास्टिक मुक्त उत्तराखंड बनाने के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

इस अवसर पर मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल, जिला पंचायत अध्यक्ष टिहरी इशिता सजवाण, प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, प्रमुख वन संरक्षक हॉफ कपिल लाल, प्रमुख वन संरक्षक वन्यजीव नीना ग्रेवाल, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते एवं विषय विशेषज्ञ मौजूद थे।

धामी सरकार की त्वरित कार्रवाई, नंदा की चौकी में मात्र 12 घंटे के भीतर बहाल हुआ आवागमन

देहरादून। भारी वर्षा के चलते आज प्रातः लगभग 6ः30 बजे नंदा की चौकी स्थित पुल की एप्रोच रोड का एक छोटा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ। घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तत्काल अधिकारियों को मौके पर राहत एवं मरम्मत कार्य युद्धस्तर पर शुरू करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देशों के बाद लोक निर्माण विभाग, जिला प्रशासन एवं संबंधित एजेंसियों ने समन्वित रूप से कार्य करते हुए लगातार अभियान चलाया और मात्र 12 घंटे के भीतर क्षतिग्रस्त एप्रोच रोड की मरम्मत कर मार्ग को पुनः सुचारु रूप से आवागमन के लिए खोल दिया। मार्ग खुलते ही स्थानीय लोगों को राहत मिली तथा आवश्यक सेवाओं का संचालन भी सामान्य हो गया। एक एम्बुलेंस भी बिना किसी बाधा के मरीज को अस्पताल पहुंचाने में सफल रही।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट कहा है कि आपदा की स्थिति में राहत एवं पुनर्स्थापन कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभी आवश्यक तकनीकी एवं सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएं।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर पुल, एप्रोच रोड एवं संबंधित निर्माण कार्यों के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार से स्पष्टीकरण तलब करने की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है। यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही या मानकों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय नागरिकों ने भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जिस तेजी से सरकार ने स्थिति पर नियंत्रण पाया और मात्र 12 घंटे में मार्ग को पुनः चालू कराया, उससे लोगों को बड़ी राहत मिली। नागरिकों ने इसे संवेदनशील, जवाबदेह और त्वरित निर्णय लेने वाली सरकार का उदाहरण बताया।

धामी सरकार ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि प्रदेशवासियों की सुरक्षा, सुगम आवागमन और जनहित सर्वाेच्च प्राथमिकता है तथा आपदा की हर स्थिति में सरकार पूरी तत्परता के साथ जनता के साथ खड़ी है।