आपदा पीड़ितों को हर संभव सहायता पहुंचाना हमारी प्राथमिकताः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद रुद्रप्रयाग के आपदा प्रभावित बसुकेदार क्षेत्र के तालजामण, डूंगर, बड़ेथ, जौला, कमद, उछोला, छैनागाड़, पटुय आदि गांवों का हवाई सर्वेक्षण किया। तत्पश्चात उन्होंने जिला पंचायत सभागार, रुद्रप्रयाग में बैठक कर आपदा प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे बचाव एवं राहत कार्यों, विद्युत, पेयजल, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता, मोटर मार्गों की अद्यतन स्थिति और श्री केदारनाथ धाम यात्रा की व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष मानसून काल में समूचे प्रदेश ने आपदा के कारण कठिन परिस्थितियों और चुनौतियों का सामना किया है। उन्होंने प्रभावितों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और आपदा के समय जिला प्रशासन की तत्परता से कार्य करने पर सराहना की। उन्होंने कहा कि स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के प्रभावित क्षेत्रों में तत्परता से पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य किए जाने से प्रभावितों को हौसला मिला है।

मुख्यमंत्री ने आपदा की इस घड़ी में राज्य को पूर्ण सहयोग देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में आई आपदा की स्थिति की जानकारी का अपडेट समय-समय पर प्रधानमंत्री ले रहे थे। देहरादून पहुंचकर उन्होंने प्रभावितों से भेंट करने के साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में तात्कालिक राहत पहुंचाने के लिए 1200 करोड़ की धनराशि देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आगामी 30 सितम्बर तक अलर्ट मोड पर रहकर आपदा से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए। उन्होंने नदी-नालों पर अतिक्रमण हटाने पर विशेष निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसून के बाद श्री केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं की संख्या में तेजी से वृद्धि होने की संभावना है, इसके दृष्टिगत यात्रा व्यवस्थाओं को चाक – चौबंद बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है और यात्रा को सुगम बनाने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य किए जाएं।

जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग प्रतीक जैन ने मुख्यमंत्री को जनपद में मानसून काल तथा 28 अगस्त को आई आपदा से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने आपदा के दौरान प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने एवं राहत शिविरों में आश्रय देने की व्यवस्था, खाद्यान्न किट, रिफ्रेशमेंट किट, सोलर लाइट, कंबल, टेंट, तिरपाल, टॉर्च, चिकित्सा सुविधाएं एवं मेडिकल कैंप संचालित किए जाने राहत एवं बचाव कार्यों में मानवीय संसाधन, हेली सेवा द्वारा प्रसव पीड़िताओं को अस्पताल पहुंचाना, खाद्यान्न वितरण आपदा से पशु क्षति, निजी संपत्ति एवं पशुधन क्षति, भवन व गौशालाओं की क्षति सहित सड़क मार्ग, पेयजल योजनाएं, विद्युत पोल-ट्रांसफार्मर, कृषि भूमि आदि प्रभावित हुए परिसंपत्तियों के बारे में मुख्यमंत्री को विस्तृत जानकारी दी।

जिलाधिकारी द्वारा मुख्यमंत्री को जनपद के सड़क मार्गों पर जवाड़ी बाईपास, सिरोबगड़, मुनकटिया, गौरीकुंड हाईवे सहित संवेदनशील स्थलों तथा श्री केदारनाथ धाम पैदल मार्ग पर हुए नुकसान एवं सुधार कार्यों की जानकारी प्रस्तुत की गई तथा केदारनाथ यात्रा के दूसरे चरण में अनुमानित यात्रियों की संख्या, हेली सेवाओं एवं व्यवस्थाओं की जानकारी भी दी गई।

विधायक रुद्रप्रयाग एवं विधायक केदारनाथ ने आपदा की घड़ी में त्वरित कार्यवाही के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में आपदा से हुई क्षति, सड़क मार्ग निर्माण एवं अन्य समस्याओं से भी अवगत कराया।

इस अवसर पर चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम कठैत, विधायक रुद्रप्रयाग भरत चौधरी, विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल, राज्य मंत्री चंडी प्रसाद भट्ट, जिला पंचायत उपाध्यक्ष रितु नेगी, भाजपा जिलाध्यक्ष भारत भूषण भट्ट, भाजपा पूर्व जिलाध्यक्ष महावीर पंवार, जिलाधिकारी प्रतीक जैन, पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रहलाद कोंडे, अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा सहित विभिन्न विभागीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं आमजन उपस्थित रहे।

गढ़वाल से लेकर कुमायूं तक दैवीय आपदा, बादल फटने की सूचना पर सीएम ने जिलाधिकारियों से राहत कार्यों की जानकारी ली

जनपद रुद्रप्रयाग, चमोली, टिहरी और बागेश्वर के कुछ क्षेत्रों में बादल फटने की सूचना प्राप्त होते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों से फोन पर वार्ता कर राहत एवं बचाव कार्यों को त्वरित गति से संचालित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि प्रभावित लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए और किसी भी प्रकार की देरी न हो।

मुख्यमंत्री धामी ने मुख्यमंत्री आवास में आयोजित आपदा प्रबंधन की उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में सभी मूलभूत सुविधाएं शीघ्र उपलब्ध कराई जाएं। सड़क, विद्युत एवं पेयजल आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में उन्हें तत्काल सुचारू किया जाए। उन्होंने वर्चुअल माध्यम से रुद्रप्रयाग, चमोली और टिहरी और बागेश्वर के जिलाधिकारियों से बादल फटने की घटनाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की तथा राहत एवं बचाव कार्यों में और तेजी लाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी नैनीताल से भी मुख्यमंत्री ने बारिश और सड़कों की स्थिति की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि पूरे मानसून सीजन तक शासन और प्रशासन अलर्ट मोड पर रहे। जिलाधिकारियों द्वारा आपदा राहत कार्यों के लिए जो भी आवश्यक संसाधन और सुविधाएं अपेक्षित हों, उन्हें तत्काल उपलब्ध कराया जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रभावित परिवारों को निर्धारित मानकों के अनुसार मुआवजा शीघ्र उपलब्ध हो।

बैठक में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, प्रमुख सचिव शैलेश बगोली, अपर पुलिस महानिदेशक ए. पी. अंशुमान, सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन, गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय तथा विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते उपस्थित रहे।

रूद्रप्रयाग जिले के पंचायत चुनाव के नव निर्वाचित पदाधिकारियों ने की सीएम से मुलाकात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कैंप कार्यालय, मुख्यमंत्री आवास में विधायक भरत सिंह चौधरी के नेतृत्व में आए रुद्रप्रयाग जिले के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों ने भेंट की। मुख्यमंत्री ने सभी विजेताओं को नए दायित्व हेतु शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री ने कहा हम सबने मिलकर राज्य की जनता के लिए कार्य करना है। उन्होंने कहा हमारा यह कर्तव्य होना चाहिए कि आगे बढ़कर हम सभी अपनी पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाएं। उन्होंने कहा ग्रामीण क्षेत्रों के विकसित होने से ही राज्य विकसित होगा। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि वे उत्तराखंड राज्य को आगे ले जाने के लिए समर्पित भाव से कार्य करें।

एम्स में भर्ती रूद्रप्रयाग बस हादसे के घायलों का हाल जानने पहुंचे सीएम धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एम्स, ऋषिकेश पहुंचकर जनपद रुद्रप्रयाग में हुई बस दुर्घटना में घायल यात्रियों का हालचाल जाना और चिकित्सकों से उनके स्वास्थ्य की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने चिकित्सकों को निर्देश दिए कि सभी घायलों का समुचित और त्वरित उपचार सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने घायलों एवं उनके परिजनों को राज्य सरकार की ओर से हर संभव मदद का भी भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि इस दुख की घड़ी में राज्य सरकार पीड़ित परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता के साथ खड़ी है। गौरतलब है कि रुद्रप्रयाग बस दुर्घटना में घायलों को मुख्यमंत्री के निर्देश पर एयर एंबुलेंस के माध्यम से एम्स लाया गया था। जहां उनका उपचार किया जा रहा है।

निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव की जारी की अधिसूचना

राज्य निर्वाचन आयोग ने उत्तराखंड में पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी कर दी है। इस बार हरिद्वार जनपद को छोड़कर प्रदेश के अन्य 12 जनपदों में पंचायत चुनाव संपन्न कराए जाएंगे। आयोग ने पूरी चुनावी प्रक्रिया की रूपरेखा तय कर दी है।

चुनाव की शुरुआत नामांकन प्रक्रिया से होगी, जो 25 जून से 28 जून तक चलेगी। नामांकन पत्र प्रतिदिन सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक दाखिल किए जा सकेंगे। इसके बाद नामांकन पत्रों की जांच 29 जून से 1 जुलाई तक की जाएगी, जबकि नाम वापसी की अंतिम तिथि 2 जुलाई निर्धारित की गई है।

निर्वाचन दो चरणों में संपन्न होगा। पहले चरण के लिए चुनाव चिन्ह 3 जुलाई को वितरित किए जाएंगे और मतदान 10 जुलाई को सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक होगा। वहीं, दूसरे चरण में चिन्हों का वितरण 8 जुलाई को होगा और मतदान 15 जुलाई को कराया जाएगा।

चुनाव परिणामों की मतगणना 19 जुलाई को की जाएगी। जिलों में संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी स्थानीय स्तर पर विस्तृत सूचना जारी करेंगे।

उत्तराखंड टूरिस्ट विलेज सारी, ग्रामीण पर्यटन का अद्भुत उदाहरण

रुद्रप्रयाग जिले में तुंगनाथ, चोपता ट्रैक पर मौजूद सारी गांव उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में ग्रामीण पर्यटन और स्वरोजगार की मिसाल कायम कर रहा है। सारी गांव में इस वक्त करीब 50 होम स्टे संचालित हो रहे हैं, जिसमें ढाई सौ से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष -अप्रत्यक्ष रोजगार मिल रहा है।
सारी गांव में होम स्टे की शुरुआत, 1999 में माउंटेन गाडड मुरली सिंह नेगी ने की, तब उन्होंने अपने पुराने घर की मरम्मत करते हुए, इस क्षेत्र में ट्रैकिंग के लिए आने वाले पयर्टकों को ठहरने और खाने की सुविधा प्रदान की। चूंकि यहां वर्ष भर पयर्टकों की आवाजाही रहती है, इस कारण जल्द ही अन्य लोगों ने भी अपने परम्परागत घरों के दरवाजे पयर्टकों के लिए खोल दिए। ग्रामीण शुरुआत से ही, पयर्टकों को पहाड़ी जीवनशैली के अनुरूप आवास और भोजन उपलब्ध कराते थे, जो पर्यटकों को नया अनुभव देता था। अब वर्तमान में यहां होम स्टे की संख्या 50 तक पहुंच गई है, जिसमें से 41 पर्यटन विभाग के पास पंजीकृत हैं, कई लोगों ने प्रदेश सरकार की दीन दयाल उपाध्याय पयर्टक होम स्टे योजना के तहत भी होम स्टे शुरु किए हैं। इसके अलावा 30 लोगों को ट्रेकिंग ट्रक्शन सेंटर होम-स्टे योजनान्तर्गत के तहत अनुदान मिला है।

स्थानीय ग्रामीण जीएस भट्ट बताते हैं कि गत वर्ष गांव में करीब सात हजार पर्यटक ठहरने के लिए आए। स्वरोजगार के चलते गांव में पलायन बहुत कम है, साथ ही अन्य गांवों के विपरीत सारी गांव पूरी तरह जीवंत बना हुआ है।

मुख्यमंत्री धामी ने भी किया रात्रि विश्राम
दिसंबर माह में रुद्रप्रयाग जिले के दौरे पर पहुंचे सीएम पुष्कर सिंह धामी ने भी सारी गांव पहुंच कर होम स्टे में रात्रि विश्राम किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने गांव में पर्यटन और स्वरोजगार के मॉडल की सराहना करते हुए कहा कि इसे अन्य लोगों को भी प्रेरणा मिलेगी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने ग्राम वासियों के साथ ही भोजन भी किया। रुद्रप्रयाग से सारी गांव की दूरी लगभग 60 किलोमीटर है।

ट्रैकिंग रूट
तुंगनाथ ट्रैक सारी से तुंगनाथ ट्रैक की दूरी लगभग 30 किलोमीटर है। यह ट्रैक आपको तुंगनाथ मंदिर तक ले जाता है, जो भगवान शिव को समर्पित है।

चोपता ट्रैक सारी गांव से चोपता ट्रैक की दूरी लगभग 25 किलोमीटर है। यह ट्रैक आपको चोपता घाटी तक ले जाता है, जो इन दिनों लाल बुरांश से सजा हुआ है।

देवरिया ताल ट्रैक- सारी गांव से ही देवरिया ताल ट्रैक भी शुरू होता है, जिसकी दूरी करीब तीन किमी है।

सफलता के आंकड़े
191 परिवार वर्तमान में निवासरत हैं सारी गांव में
1200 करीब की आबादी है गांव की
50 से अधिक होम स्टे संचालित हो रहे हैं गांव में
250 करीब लोगों को मिला हुआ है स्वरोजगार

सरकार होमस्टे को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चल रही है। अच्छी बात यह है कि उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में अब होमस्टे का कारोबार खूब फल फूल रहा है, जो ग्रामीणों की आर्थिक की का भी बड़ा जरिया बन रहा है।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड।

त्रिजुगीनारायण में शादी के लिए दुनिया भर से आ रहे हैं जोड़े, फेरे लेकर सात जन्मों का ले रहे संकल्प

रुद्रप्रयाग जनपद में स्थित, शिव- पार्वती का विवाह स्थल त्रिजुगीनारायण वैश्विक वेडिंग डेस्टिनेशन के तौर पर उभर रहा है। जहां देश विदेश से लोग सनातन परम्पराओं के अनुसार विवाह करने के लिए पहुंच रहे हैं। शादियों के सीजन में अब यहां हर महीने 100 से अधिक शादियां हो रही हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कई मौकों पर डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए उत्तराखंड की ब्रांडिंग कर चुके हैं। इसका असर, त्रिजुगीनारायण मंदिर में साफ तौर पर नजर आ रहा है। जहां लोग देश विदेश से डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए पहुंच रहे हें। इससे यहां होटल कारोबारियों से लेकर पंडे पुजारियों, वेडिंग प्लानर, मांगल टीमों और ढोल दमौ वादकों सहित कई अन्य लोगों को काम मिल रहा है।

2025 में हुई पांच सौ शादियां

क्षेत्र की वेडिंग प्लानर रंजना रावत के मुताबिक, 07 से 09 मई के बीच सिंगापुर में कार्यरत भारतीय मूल की डॉक्टर प्राची, यहां शादी करने के लिए पहुंच रही है। इसके लिए उन्होंने जीएमवीएन टीआरएच बुक किया हुआ है। उन्होंने बताया कि इस साल अप्रैल माह तक ही यहां करीब पांच सौ शादियां हो चुकी है, जबकि 2024 में कुल छह सौ शादियां ही हुई थी। उन्होंने बताया कि अब तक यहां इसरो के एक वैज्ञानिक, अभिनेत्री चित्रा शुक्ला, कविता कौशिक, निकिता शर्मा, गायक हंसराज रघुवंशी, यूट्यूबर आदर्श सुयाल, गढ़वाली लोकगायक सौरभ मैठाणी के साथ ही कई, जानी मानी हस्तियां सात फेरे ले चुके हैं।

रजिस्ट्रेशन होना अनिवार्य

मंदिर के पुजारी सच्चिदानंद पंचपुरी ने बताया कि यहां सनातन मतावलंबियों का विवाह वैदिक परंपराओं के अनुसार सम्पन्न होता है, इसके लिए पहले से रजिस्ट्रेशन होना अनिवार्य है। साथ ही माता-पिता या अभिभावकों की मौजूदगी में ही विवाह संपन्न होता है। उन्होने बताया कि सात फेरों के लिए मंदिर परिसर में ही वेदी बनाई गई है, इसके बाद अखंड ज्योति के साथ पग फेरा लिया जाता है। इसके अलावा अन्य सभी आयोजन, नजदीकी होटल और रिजॉर्ट में सम्पन्न किए जाते हैं। सीतापुर तक के होटल में अन्य विवाह समारोह भी स्थानीय पुजारियों द्वारा सम्पन्न कराए जाते हैं, इसके लिए दक्षिणा की दरें तय की गई हैं।

त्रिजुगीनारायण मंदिर का महत्व

त्रिजुगीनारायण मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है। मान्यता है कि यहां भगवान शिव और देवी पार्वती का विवाह संपन्न हुआ था। स्वयं भगवान विष्णु ने इस विवाह में देवी पार्वती के भाई (कन्यादान कर्ता) का कर्तव्य निभाया था। मंदिर प्रांगण में एक पवित्र अखंड अग्नि है, मान्यता है कि शिव पार्वती ने इसी अग्नि के सात फेरे लिए थे। मंदिर की बनावट केदारनाथ मंदिर से मिलती-जुलती है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद, उत्तराखंड में देश विदेश के लोग डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए पहुंच रहे हैं। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिल रहा है। सरकार उत्तराखंड में डेस्टिनेशन वेडिंग को बढ़ावा देने के लिए हर संभव सहायता दे रही है। देवभूमि उत्तराखंड आपका स्वागत करने के लिए तैयार है।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड

उत्तराखंडः मंत्र उच्चारण के बीच विधि-विधान से खुले ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग श्री केदारनाथ धाम के कपाट

रुद्रप्रयाग स्थित विश्वप्रसिद्ध ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग श्री केदारनाथ धाम के कपाट शुक्रवार को विधि-विधान से खुल गए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी कपाट खुलने के साक्षी बने। मुख्यमंत्री ने कपाट खुलने पर केदारनाथ धाम में पूजा अर्चना कर प्रदेश में सुख, समृद्धि और शांति की कामना की। केदारनाथ धाम में सबसे पहली पूजा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम सम्पन्न हुई। मंत्र उच्चारण, हर हर महादेव के उदघोष एवं सेना के ग्रेनेडियर रेजीमेंट के बैंड की भक्तिमय धुनों के बीच बाबा केदार के कपाट सुबह 7 बजे खुले।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कपाट खुलने पर सभी देशवासियों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा राज्य के साथ ही संपूर्ण देश को इस पल की प्रतीक्षा रहती है। केदारनाथ धाम सनातन धर्मावलंबियों की धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र होने के साथ ही भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का भी प्रतीक है। हमारे राज्य के लिए यह उत्सव का समय है। मुख्यमंत्री ने बाबा केदार से सभी यात्रियों के मंगलमयी यात्रा की प्रार्थना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा केदार के धाम में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या हर साल बढ़ती जा रही है। बाबा केदार के आशीर्वाद से इस वर्ष भी चारधाम यात्रा नया कीर्तिमान बनायेगी। उन्होंने कहा राज्य सरकार ने चार धाम यात्रा के सुव्यस्थित और सफल संचालन के लिए सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं। चार धाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा सुरक्षा और सुगमता के लिए सरकार ने सभी आवश्यक प्रबंध किए हैं। उन्होंने कहा हम सभी उत्तराखंडवासियों का कर्तव्य है कि हम देश और दुनिया से आने वाले अतिथियों का स्वागत आत्मीयता और सेवा भाव से करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बाबा केदारनाथ के अनन्य भक्त हैं। 2013 आपदा के बाद प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केदार नगरी के पुनर्निर्माण का कार्य शुरू हुआ। उन्हीं के मार्गदर्शन में आज केदारनाथ परिसर का दिव्य और भव्य निर्माण कार्य हुआ है। प्रधानमंत्री ने केदारनाथ की इसी भूमि से 21वी सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक बताया था। उनके शब्दों को सच करने के लिए राज्य सरकार निरंतर विकास के नए आयाम स्थापित कर रही है।

108 क्विंटल से ज्यादा फूलों से सजाया गया बाबा केदार का धाम।
कपाट उद्घाटन के लिए केदारनाथ मंदिर की भव्य सजावट की गई। मंदिर को 108 क्विंटल से अधिक फूलों से सजाया गया है। भव्य सजावट के बीच कपाट खुलते ही हेली से पुष्प वर्षा भी की गई, जिसे देख श्रद्धालु अभिभूत नज़र आए।

धार्मिक परम्परा अनुसार कपाट खुलते ही हुई विशेष पूजा अर्चना।
भगवान केदारनाथ की पंचमुखी उत्सव डोली शीतकाल गद्दी स्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर, उखीमठ से होते हुए गुप्तकाशी, फाटा, गौरीकुंड जैसे विभिन्न पड़ावों से श्री केदारनाथ धाम पहुंची। कपाट खुलने की प्रक्रिया सुबह पांच बजे से शुरू हुई यद्यपि। 6 बजे श्री केदारनाथ धाम के रावल भीमाशंकर लिंग, पुजारी बागेश लिंग, विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल, जिलाधिकारी सौरभ गहरवार, बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल, तीर्थ पुरोहित श्रीनिवास पोस्ती, धर्माचार्यों वेदपाठीगणों भैरव नाथ के अरविंद शुक्ला ने पूरब द्वार से मंदिर में प्रवेश किया तथा मंदिर के गर्भगृह के द्वार की पूजा-अर्चना में शामिल हुए। देवी देवताओं का आव्हान कर जन कल्याण की कामना तथा संकल्प के साथ ही ठीक प्रातः सात बजे श्री केदारनाथ मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए दर्शनार्थ खोल दिये गये। इसी समय मंदिर का मुख्य दक्षिण द्वार भी खुल गया।

कपाट खुलने के अवसर पर गीता धामी, जिला पंचायत अध्यक्ष अमरदेई शाह, मुख्य कार्याधिकारी बीकेटीसी विजय प्रसाद थपलियाल, पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रह्लाद कोंडे, मंदिर समिति प्रभारी अधिकारी/सहायक अभियंता गिरीश देवली, केदारसभा अध्यक्ष राजकुमार तिवारी धर्माधिकारी औंकार शुक्ला वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी यदुवीर पुष्पवान, पुजारी बागेश लिंग,वेदपाठी स्वयंबर सेमवाल, यशोधर मैठाणी, विश्व मोहन जमलोकी, देवानंद गैरोला, विपिन तिवारी कुलदीप धर्म्वाण, प्रकाश पुरोहित,उमेश शुक्ला सहित बड़ी संख्या में तीर्थ पुरोहितगण, हकहकूकधारी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

केदारनाथ पहुंचे विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालुओं से मुख्यमंत्री ने की मुलाकात

विश्व प्रसिद्ध ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग श्री केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के अवसर पर केदारनाथ में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केदारनाथ परिसर में आयोजित मुख्य सेवक भंडारा में श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया। इस दौरान उन्होंने केदारनाथ की स्वच्छता में लगे पर्यावरण मित्रों, पुनर्निर्माण कार्य में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित भी किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सपत्नी मुख्य सेवक भंडारा के तहत श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया और भोजन परोसा। अपने बीच मुख्यमंत्री को पाकर श्रद्धालु बेहद खुश नजर आए। इस दौरान हजारों की संख्या में लोगों ने मुख्य सेवक भंडारा का प्रसाद ग्रहण किया। मुख्यमंत्री ने केदारनाथ आए श्रद्धालुओं से मुलाकात की एवं उनसे यात्रा को लेकर की गई व्यवस्थाओं का फीडबैक भी लिया। यात्रा के लिए राज्य सरकार द्वारा की गई विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने बाबा केदारनाथ के कपाट खुलने पर सभी देशवासियों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा 4 मई को बद्रीनाथ जी के कपाट खुलेंगे। राज्य सरकार देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं के स्वागत एवं उनकी यात्रा को सुगम बनाने के लिए पूर्ण रूप से तैयार है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गत वर्ष केदारनाथ क्षेत्र में आपदा आई थी, जिससे करीब 35 दिन यात्रा बाधित रही। सरकार और प्रशासन ने स्थानीय लोगों के सहयोग से यात्रा को पुनः शुरू किया, जिससे फलस्वरूप रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु चार धाम आए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हर स्तर पर यात्रा की लगातार मॉनिटरिंग करती है। यात्रा मार्गाे में भी विभिन्न मूलभूत सुविधाएं स्थापित की गई हैं। उन्होंने कहा चार धाम यात्रा राज्य की लाइफ लाइन भी है। यह यात्रा लाखों लोगों की आजीविका का साधन भी है। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार का संकल्प है कि चार धाम यात्रा साल भर चले, जिसके लिए राज्य में शीतकालीन यात्रा को भी प्रारंभ किया गया है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य में शीतकालीन यात्रा को बढ़ावा देने के लिए मुखवा, उत्तरकाशी में मां गंगा के दर्शन किए थे।

मुख्यमंत्री ने समस्त प्रदेशवासियों की ओर से प्रधानमंत्री का आभार किया। उन्होंने कहा केदारनाथ का पुनर्निर्माण कार्य प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हो रहा है। प्रधानमंत्री केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्य की नियमित समीक्षा करते हैं। 2000 करोड़ की लागत से केदारनाथ का भव्य निर्माण कार्य जारी है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने गौरीकुंड से केदारनाथ तक रोपवे निर्माण कार्य को स्वीकृति प्रदान की है।

इस अवसर गीता पुष्कर धामी, विधायक आशा नौटियाल, डॉ. मधु भट्ट, कर्नल अजय कोठियाल, तीर्थ पुरोहित श्रीनिवास पोस्ती, अंकित सेमवाल, उमेश पोस्ती, हिमांशु चमोली एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

राज्य सरकार छह माह की यात्रा को वर्ष भर चलाने पर कर रही कार्यः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद रुद्रप्रयाग के सारी गांव में ग्राम वासियों एवं स्थानीय निवासियों द्वारा आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में प्रतिभाग किया। ग्रामवासियों एवं स्थानीय निवासियों से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास से संबंधित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का फीडबैक लिया। मुख्यमंत्री ने सारी गांव में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का भी अवलोकन किया। उन्होंने महिलाओं संग झुमैला नृत्य भी किया। मुख्यमंत्री ने सारी ग्रामवासियों के साथ रात्रि भोजन भी किया।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर महिला मंगल दल हेतु एक लाख रुपए देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि निश्चित ही देवरिया ताल में लगने वाले मेले को संस्कृति विभाग, राजकीय मेले के रूप में मान्यता देगा।

मुख्यमंत्री ने सारी में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज सभी के बीच में आकर बेहद खुशी महसूस हो रही है। उन्होंने कहा सारी गांव में जो कार्यक्रम शुरू हुआ है, अब ये कार्यक्रम पूरे प्रदेश में चलेगा। मुख्यमंत्री ने आशा नौटियाल को विजय बनाने पर सभी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा अब सरकार की बारी है कि जो वादे उन्होंने चुनाव से पहले किए हैं अब उन्हें पूरा किया जाए। इस क्षेत्र के सभी प्रस्ताव, घोषणाओं, एवं जनहित के कार्यों को धरातल में उतारा जाएगा। उन्होंने कहा जनता के सुझावों पर प्राथमिकता से कार्य किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी का उत्तराखंड एवं विशेषकर बाबा केदारनाथ जी की भूमि से गहरा लगाव है। प्रधानमंत्री के ह्रदय में उत्तराखंड बसता है। प्रधानमंत्री ने अनेकों योजनाओं को इस क्षेत्र में आगे बढ़ाया है। 2013 की आपदा के बाद भगवान केदारनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का कार्य प्रधानमंत्री मोदी ने अपने हाथों में लिया। आज भगवान केदारनाथ धाम भव्य और दिव्य बन रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा उन्होंने उपचुनाव से पहले स्वयं केदारनाथ क्षेत्र की जिम्मेदारी संभाली वो आगे भी क्षेत्र के विकास हेतु संकल्पित हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केदारघाटी में इस वर्ष जुलाई में आई आपदा के दौरान वे अधिकारियों के साथ स्वयं जनता के बीच में मौजूद रहे। आपदा के बाद दूसरे चरण की यात्रा को भी जल्द शुरू किया गया था। अब राज्य सरकार छह माह की यात्रा को वर्ष भर चलाने पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा सारी गांव एक आदर्श गांव है जहां 40 से भी ज्यादा होम स्टे हैं। होम स्टे को भी राज्य सरकार निरंतर बढ़ा रही है। होमस्टे राज्य की आर्थिक का साधन बन रहे हैं। देवरिया ताल, बाबा तुंगनाथ एवं अन्य देवी देवताओं में भी विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा हमने अपने गांव का बचाने का भी संकल्प लेना है।

मुख्यमंत्री ने कहा विदेश में भी महिलाएं अपने पारंपरिक परिधानों को पहनती है। ये दिखाता है कि हमारे लोग हमारी पारंपरिक संस्कृति को भी बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी बोली भाषा, संस्कृति, घरों को संरक्षित करने का आग्रह किया है। हमारी सनातन संस्कृति पहले भी थी, अब भी है, और आगे भी रहेगी। उन्होंने कहा महिलाएं, राज्य के विकास में अपनी अहम भूमिका निभा रहीं है। महिलाएं अपने साथ अन्य लोगो को भी रोज़गार दे रहीं है। उन्होंने कहा युवाओं को कौशल विकास से जोड़ा जा रहा है। रुद्रप्रयाग में साइंस सिटी का निर्माण कार्य भी किया जाएगा।

इस अवसर पर विधायक आशा नौटियाल, विधायक भरत चौधरी, केदारनाथ मंदिर समिति अध्यक्ष अजेन्द्र अजेय, चंडी प्रसाद भट्ट, भाजपा जिलाध्यक्ष महावीर पंवार एवं अन्य लोग मौजूद रहे।