सीएम ने विभिन्न विभागों के पोर्टल और एप लांच की, कहा-लोगों को मिलेगी सुविधा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को गढ़ीकैंट स्थित गोरखा मिलिट्री इंटर कॉलेज में राज्य स्थापना की 22वीं वर्षगांठ के अवसर पर सूचना एवं लोक सम्पर्क विभाग द्वारा प्रकाशित विकास पुस्तिका ‘‘संकल्प नये उत्तराखण्ड का’’ का विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नियोजन विभाग की पुस्तिका अग्रगामी उत्तराखण्ड का भी विमोचन किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सूचना प्रौद्योगिकी विकास एजेंसी आईटीडीए द्वारा विकसित नागरिक केंद्रित परियोजना अपणि सरकार पोर्टल, सीएम हेल्पलाइन मोबाइल एप्प डार्क लेक, सीएम हेल्पलाइन मोबाईल एप, आई टीडीसी-केलक, स्वान, परिवहन विभाग की स्टेज कैरेज वाहनों का ऑनलाइन टैक्स, ई चालान, सॉफ्टवेयर, आनलाइन, अस्थाई परमिट, रूट परमिट आवेदन निर्गत किये जाने, व्यावसायिक वाहनों का पंजीकरण ट्रेड सर्टिफिकेट, ऑनलाइन आटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन फीस भुगतान, फ्लीट मैनेजमेंट सिस्टम, हमसफर एप्प के साथ ही पंचायती राज विभाग की न्याय पंचायत स्तर पर भारत मनी स्टोर, पंचायत फेसिलिटेशन सेंटर तथा पंचायती राज्य निदेशालय में ई ऑफिस प्रणाली का लोकार्पण किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि विभागों द्वारा जनहित को ध्यान में रखते हुए जो भी ऑनलाइन व्यवस्थायें, पोर्टल एप्प आदि तैयार किये गये हैं वे मात्र औपचारिक बन कर न रहे बल्कि इनका व्यापक लाभ आम जनता को सुलभता से उपलब्ध हो। यह सुनिश्चित किया जाना जरूरी है। सभी विभाग इस पर विशेष ध्यान दें।
मुख्यमंत्री ने मीडिया को लोकतंत्र का मजबूत स्तंभ बताते हुए कहा कि मीडिया जहा एक ओर सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, कार्यक्रमों और नीतियों को जनता के मध्य ले जाने का कार्य करती है, वहीं दूसरी ओर जनहित के मुद्दों और आम लोगों की समस्याओं की ओर भी सरकार का ध्यान आकर्षित करती है। मीडिया द्वारा प्रदेश के विकास में अपनी रचनात्मक भूमिका निभाये जाने की भी उन्होंने सराहना की। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की 22 वर्षों की यात्रा के बाद उत्तराखण्ड राज्य ने कई उपलब्धियां हासिल की है, लेकिन अभी हमारे समक्ष बहुत सी चुनौतियां हैं जिनका सफलतापूर्वक सामना करते हुए हमें देवभूमि को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाना है। हमें अपनी चुनौतियां का पता है, तथा अपनी शक्तियों पर भी हमें पूरा विश्वास है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के विकास के संकल्प को सिद्धि तक पहुंचाने के लिये मंथन एवं चिंतन शिविरों का भी आयोजन किया जा रहा है। इसमें आने वाले विचार एवं सुझाव राज्य की ग्रोथ रेट राजस्व वृद्धि आदि के साथ राज्य हित में हम क्या बेहतर कर सकते हैं, इसकी राह प्रशस्त भी होगी तथा हमारी बेस्ट प्रेक्टिस हमें देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने में सहायक होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के विकास में सधे एवं सीधे रास्ते पर चलकर विकास की मंजिल तक पहुंचने का हमारा निरंतर प्रयास रहेगा। उन्होंने कहा कि पलायन, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार तथा राज्य के दुर्गम व सीमान्त क्षेत्रों का सतुंलित विकास जहां हमारी चुनौतियां हैं वहीं हमारी मेहनती मातृ शक्ति, युवा शक्ति, प्राकृतिक सौन्दर्य, वन सम्पदा, समृद्ध सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत हमारी सबसे बड़ी शक्ति है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने राज्य के समग्र विकास की चुनौतियों को स्वीकार करते हुए देवभूमि को देश का अग्रणी राज्य बनाने का दृढ़ संकल्प लिया है और हमें पूर्ण विश्वास है कि राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष 2025 तक हम इस संकल्प को पूर्ण करने में अवश्य सफल होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश व दुनिया में भारत का मान व सम्मान बढ़ा है। पिछले आठ सालों में देश व प्रदेश में विकास के नये आयाम स्थापित हुए। हम उत्तराखण्ड के विकास में नये संकल्पों के साथ प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहे हैं। राज्य हित में सभी विभागों द्वारा रोडमेप तैयार किया गया है। नई कार्य संस्कृति के साथ हम आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से अपेक्षा की कि राज्य हित में 10 से 5 तक कार्य करने की मानसिकता का परित्याग करना होगा, तभी हम राज्य के विकास में सहयोगी बन पायेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 7 हजार पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से लोक सेवा आयोग को स्थानांतरित की गई है। आयोग द्वारा भी इन पदों पर भर्ती प्रक्रिया आरम्भ कर दी गई है। हमारे युवाओं को रोजगार तथा स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध हों इस दिशा में हमारे प्रयास निरंतर जारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ आम जनता को त्वरित रूप से मिले इसके लिये जिन योजनाओं का हम शिलान्यास करेंगे उनके लोकार्पण की भी व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।
कार्यक्रम में विशेष प्रमुख सचिव सूचना अभिनव कुमार ने विभाग द्वारा किये जा रहे कार्यकलापों की जानकारी दी तथा महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी ने सभी महानुभावों का आभार व्यक्त किया तथा पंचायती राज विभाग की योजनाओं की जानकारी दी, जबकि सचिव परिवहन अरविंद सिंह ह्यांकी एवं निदेशक आईटीडीए अमित सिन्हा द्वारा अपने विभागों से संबंधित लोकार्पित की गई योजनाओं की जानकारी दी।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल, सुबोध उनियाल, रेखा आर्या, चंदन रामदास, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, सांसद कल्पना सैनी, मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक सविता कपूर, राम सिंह कैड़ा, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, नियोजन सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली के साथ ही अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

नई ओटी और इमरजेंसी बिल्डिंग का सीएम ने किया लोकार्पण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को दून चिकित्सालय देहरादून के अंतर्गत ओ.टी. एवं इमरजेंसी के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों का हालचाल भी जाना। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘‘आशा संगिनी’’ पोर्टल का भी शुभारंभ किया एवं आशा कार्यकत्रियों की हस्त पुस्तिका का विमोचन भी किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनपदों में कार्यरत आशा कार्यकत्रियों से वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से वार्ता भी की। आशा संगिनी के माध्यम से राज्य की समस्त 12018 आशा कार्यकत्री प्रोत्साहित होंगी। आशा कार्यकत्रियों को नियत समय पर भुगतान दिलवाने तथा उनके द्वारा सम्पादित किए गए कार्यों के मूल्यांकन व अनुश्रवण हेतु “आशा संगिनी“ पोर्टल को सभी जनपदों में संचालित कर दिया गया है। राज्य में कार्यरत सभी आशा कार्यकत्रियों को प्रति माह उनके द्वारा किये गये कार्यों के सापेक्ष निर्धारित देय प्रोत्साहन धनराशि का भुगतान “आशा संगिनी“ के माध्यम से ऑनलाईन सीधे उनके बैंक खाते में विकासखण्ड स्तर से सत्यापन पश्चात् जनपद स्तर से किया जाएगा। सॉफ्टवेयर में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में कार्यरत समस्त आशा कार्यकत्रियों को ऑनलाईन भुगतान की सुविधा उपलब्ध है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आशा संगिनी सेवा के माध्यम से हमारी आशा कार्यकत्रियों को स्वास्थ्य विभाग की सेवाएं सरलता और प्रभावी रूप में प्राप्त होंगी। इसके माध्यम से राज्य की 12 हजार से अधिक आशा बहनों को समय पर भुगतान दिलाने तथा उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों का प्रभावी मूल्यांकन सरलता के साथ हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाला राज्य है, आशा कार्यकत्रियां राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ है। हमारी आशा बहनें राज्य के दुर्गम क्षेत्रों में प्रतिकूल परिस्थितियों में जिस प्रकार से अपनी सेवाएं जरूरतमंदों तक पहुंचा रही है, वह अत्यन्त सराहनीय है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है कि उत्तराखण्ड के दूरस्थ पर्वतीय इलाकों तक सभी लोगों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं आसानी से प्राप्त हो सकें, इसके लिए ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य सरकार उत्तराखण्ड को 2025 तक सभी क्षेत्रों में अग्रणी राज्य बनाने के साथ ही स्वास्थ्य क्षेत्र में भी उत्तराखण्ड को देश का प्रथम राज्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए हम सभी को एकजुट होकर कार्य करना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी का बेहतर तरीके से इस्तेमाल हो इस पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विशेष जोर दिया। इसके परिणामस्वरूप ज्ञान, विज्ञान के क्षेत्र में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आशा संगिनी सेवा के माध्यम से हमारी आशा कार्यकत्रियों को स्वास्थ्य विभाग की सेवाएं सरलता और प्रभावी रूप में प्राप्त होंगी। इसके माध्यम से राज्य की 12 हजार से अधिक आशा बहनों को समय पर भुगतान दिलाने तथा उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों का प्रभावी मूल्यांकन सरलता के साथ हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आशा कार्यकत्रियां राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ है। हमारी आशा बहनें राज्य के दुर्गम क्षेत्रों में प्रतिकूल परिस्थितियों में जिस प्रकार से अपनी सेवाएं जरूरतमंदों तक पहुंचा रही है, वह अत्यन्त सराहनीय है।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि आशा कार्यकत्रियों की सुविधा के लिए आशा संगिनी पोर्टल का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि 6 हजार आशा कार्यकत्रियों को कार्य को सुविधाजनक बनाने के लिए टैब दिये, शेष 6 हजार आशा कार्यकत्रियों को भी जल्द ही टैब दिये जायेंगे। उन्होंने कहा कि हर ब्लॉक पर आशा संवाद के नाम से कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा। 2024 तक उत्तराखण्ड को क्षय रोग मुक्त करना है। 2025 तक स्वास्थ्य के क्षेत्र में 10 महत्वपूर्ण टारगेट रखे गये हैं। दून अस्पताल में अब प्रतिदिन 3 हजार लोग इलाज करा सकते हैं।
इस अवसर पर मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक खजान दास, दिलीप सिंह रावत, सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर. राजेश कुमार, प्रधानाचार्य दून मेडिकल कॉलेज डॉ. आशुतोष सयाना, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं आशा कार्यकत्रियां मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने पद्म भूषण डॉ. अनिल जोशी को किया उत्तराखण्ड गौरव से सम्मानित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमारी ईकोलॉली, पर्यावरण, वन संपदा हमारी सबसे बड़ी सम्पति है। ऐसे में पर्यावरण संरक्षण के लिए हमारी जिम्मेदारी भी सबसे बड़ी है। हमें लोगों को विशेषकर युवाओं को पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, वृक्षारोपण के लिए जागरूक करना होगा। इसके साथ ही स्कूली बच्चों को वृक्षारोपण के लिए प्रोत्साहित करने के प्रयास पर भी उन्होंने बल दिया। मुख्यमंत्री ने राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर सर्वे चौक स्थित आई.आर.डी.टी सभागार में आयोजित कार्यक्रम में पद्म भूषण डॉ. अनिल जोशी को उत्तराखण्ड गौरव सम्मान से सम्मानित करते हुए कहा कि यह पर्यावरण संरक्षण के प्रति उनके द्वारा किये जाने वाले प्रयासों का भी सम्मान है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे राज्य में गौरा देवी, सुन्दरलाल बहुगुणा, जैसे महान पर्यावरणविद् हुए है। जो हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। पद्म भूषण डॉ अनिल प्रकाश जोशी पर्यावरण के प्रहरी तो हैं ही साथ ही हमारे लिए विशेष गौरव की बात है कि वह समय समय पर हमारा मार्गदर्शन भी करते रहे हैं कि किस तरह हम प्रगति और प्रकृति के बीच सामंजस्य बैठाते हुए विकास की परिभाषा गढ़ें जो सिर्फ उत्तराखंड या हिमालयी राज्यों के लिए ही नहीं बल्कि विश्व के अन्य देशों के लिए भी एक मिसाल बन सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पद्म भूषण डॉ. अनिल जोशी के नेतृत्व में 7 राज्यों से गुजरी 40 दिवसीय प्रगति से प्रकृति पथ यात्रा पूरे उत्तराखंड के लिए भी एक उपलब्धि है जिसके माध्यम से उन्होंने यात्रा मार्ग में अपने संवाद से हजारों लोगों के मन में पर्यावरण के प्रति चेतना जगाई और हमारे प्रदेश का मान बढ़ाया है। इस यात्रा के दौरान हुए अविस्मरणीय अनुभव निश्चित रूप से उत्तराखंड के विकास में उत्प्रेरक का काम करेंगे और इकोनॉमी तथा इकोलॉजी में संतुलन बनाते हुए विकास के नए आयाम गढ़ने में सहायक होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का उत्तराखण्ड के प्रति विशेष लगाव सर्वविदित है। उन्होंने उत्तराखण्ड को स्वर्ग की संज्ञा दी है। प्रधानमंत्री जी ने माणा में अपने संबोधन में सभी लोगों से अपनी यात्रा व्यय का 5 प्रतिशत धनराशि वहां के स्थानीय उत्पादों के क्रय पर व्यय करने की बात कही है इससे स्थानीय उत्पादों के उत्पादन एवं विपणन में लाभ मिलेगा तथा हमारी स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी मातृशक्ति का भी सम्मान और आर्थिकी मजबूत होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2025 तक उत्तराखण्ड देश के श्रेष्ठ राज्यों में अपनी पहचान बनाये इस दिशा में हमें मिल जुलकर प्रयास करने होंगे। उन्होंने कहा कि राज्य के समग्र विकास की दिशा निर्धारण के लिए बोधिसत्व विचार श्रृंखला का आयोजन किया जा रहा है। अब तक 7 से ज्यादा विचार श्रृंखलाएं आयोजित की जा चुकी हैं जिसमें पद्म भूषण डॉ. अनिल जोशी के साथ ही नीति आयोग एवं विभिन्न क्षेत्रों के विषय विशेषज्ञों के विचार राज्य के समग्र विकास का मॉडल तैयार करने में निश्चित रूप से सहायक होंगे।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, फिल्म अभिनेत्री दिया मिर्जा, सचिव विनोद सुमन भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन यू-कॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत ने किया।

शहीदों के अनुरुप राज्य बनाने के लिए सरकार संकल्पबद्ध

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर शहीद स्थल कचहरी में उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलनकारी शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलनकारियों के संघर्ष के परिणामस्वरूप ही हमें नया राज्य मिला। शहीद राज्य आन्दोलनकारियों के सपने के अनुरूप राज्य के विकास के लिए राज्य सरकार प्रयासरत है। 2025 तक उत्तराखण्ड को हर क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए प्रयास किये जा रहे हैं। इसके लिए सभी को एकजुट होकर कार्य करना है, जिससे कि राज्य आन्दोलन के शहीदों के सपनों के अनुरूप प्रदेश का समग्र विकास किया जा सके।

शहीदों के अनुरुप राज्य बनाने का लिया संकल्प

राज्य स्थापना दिवस पर क्षेत्रीय विधायक व कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने आंदोलनकारियों और शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
बुधवार को रेलवे रोड स्थित भाजपा कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में मंत्री डॉ अग्रवाल ने कहा कि आंदोलनकारियों और शहीदों के अथक प्रयासों से 9 नवंबर सन 2000 को उत्तराखंड राज्य का उदय हुआ। 23वें वर्ष में प्रवेश करने पर मंत्री डॉ अग्रवाल ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड को भ्रष्टाचार मुक्त व 2025 तक देश के अग्रणी राज्यों में उत्तराखंड को शामिल करने का है।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि जन भावनाओं के अनुरूप राज्य के विकास की दिशा का निर्धारण पर ध्यान दिया जा रहा है। हमारा प्रयास आगामी 5 सालों में प्रदेश के ग्रोथ रेट को दोगुना करने का है। प्रदेश के विकास की हमारी अकेले की नहीं बल्कि 1.25 करोड़ प्रदेशवासियों की सामूहिक यात्रा है।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि डबल इंजन की सरकार का उत्तराखंड में लाभ मिल रहा है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार उत्तराखंड के चहुंमुखी विकास के लिए समर्पित भाव से जुड़ी है लोगों को योजनाओं का लाभ मिले और उनकी समस्याओं का समाधान हो इसके लिए सरलीकरण, समाधान, निस्तारण और संतुष्टि पर खासतौर पर फोकस किया गया है।
जिलाध्यक्ष रविन्द्र राणा ने कहा कि हमारी सरकार ने राज्य आंदोलनकारियों व शहीदों के अनुरूप आदर्श उत्तराखंड 2025 को अपना मंत्र बनाकर त्वरित गति से कार्य शुरू कर दिए हैं। आजादी के अमृत काल के लिए आगामी 25 सालों की योजना तैयार की जा रही है। एसडीसी के लक्ष्यों को प्राप्त करने में हमारा उत्तराखंड अग्रणी राज्य रहा है।
इस मौके पर मेयर अनिता ममगाई, मंडल अध्यक्ष दिनेश सती, महामंत्री सुमित पवार, जयंत शर्मा, बृजेश शर्मा, जितेंद्र अग्रवाल, पार्षद रीना शर्मा, अहिव कुमार गौतम, राजेश दिवाकर, वीरेंद्र रमोला, विजेंद्र मोघा, राकेश पारछा, प्रदीप कोहली, राजू नरसिम्हा, महिला मोर्चा मण्डल अध्यक्ष उषा जोशी, रूपेश गुप्ता, संजीव सिलस्वाल, युवा मोर्चा मण्डल अध्यक्ष नितिन सकसेना, सतीश सिंह, स्वाति शर्मा, माधवी गुप्ता, मोनिका गर्ग, मनोज ध्यानी, अशोक पासवान, मानवेन्द्र कंडारी आदि उपस्थित रहे।

गढ़ सेवा संस्थान ने पर्वतीय सांस्कृतिक जन कल्याण समिति के सहयोग से आयोजित किया कार्यक्रम

”आवा! हम सब्बि मिलके इगास मनोला, नई पीढ़ी ते अपणी लोक संस्कृति से जुड़ोला। लोकपर्व इगास हमारु लोक संस्कृति कु प्रतीक च। हमारि नई पीढ़ी भी हमारा पारंपरिक त्यौहारों से जुणि रौ, यु हमारु उद्देश्य च।” इन्हीं शब्दों के साथ क्षेत्रीय विधायक व कैबिनेट मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने मालवीय नगर में आयोजित इगास लोकपर्व पर अपनी शुभकामनाएं दीं।
शुक्रवार को गढ़ सेवा संस्थान ऋषिकेश की ओर से पर्वतीय सांस्कृतिक जन कल्याण समिति की ओर से मालवीय नगर दुर्गा मंदिर के प्रांगण में लोकपर्व इगाम पर कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने दीप प्रज्जवलित कर किया।
मंत्री डा. अग्रवाल ने कहा कि इगास लोकपर्व हमारी समृद्ध संस्कृति की पहचान है। दीपावली के बाद 11वें दिन राज्य में इगास और बूढ़ी दीपावली मनानी की प्रथा सदियों पुरानी है। गढ़वाल में इगास को बग्वाल के रूप में जबकि कुमायूं में बूढ़ी दीपावली कहा जाता है।
मंत्री डा. अग्रवाल ने कहा कि इगास को पूरे प्रदेश में धूमधाम से मना सकें, इसके लिए हमारी सरकार ने अवकाश की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि लोकपर्व हमारे राज्य की पहचान है, हमें इसकी महत्वता को समझना होगा। कहा कि जनसहभागिता से ही हमारे लोकपर्व का महत्व बढ़ेगा।
मंत्री डा. अग्रवाल ने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि अपने राज्य की संस्कृति, मेले, लोकपर्वों का महत्व जानें और इसमें सहभाग करते हुए धूमधाम से मनाएं। इस दौरान स्थानीय कलाकारों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई। साथ ही पहाड़ी व्यंजन कंडाली का काफल, भात, कोदे की रोटी, अरसे, स्वाल, भड्डू दाल का स्वाद लोगों ने चखा। इसके अलावा मंत्री डा. अग्रवाल ने भेलो भी खेला।
इस अवसर पर गढ़ सेवा संस्थान के अध्यक्ष देवेंद्र नेगी, सचिव रविंद्र राणा, उपाध्यक्ष ताजेंद्र नेगी, कोषाध्यक्ष गोपाल सती, पर्वतीय सांस्कृतिक जनकल्याण समिति आईडीपीएल के अध्यक्ष भरत सिंह नेगी, बीपी जोशी, अरूण बडोनी, दिनेश पयाल, मनोज ध्यानी, भगवती रतूड़ी, राजवीर रावत, सुमित पंवार, प्रधान सागर गिरी, ममता नेगी, प्रमिला त्रिवेदी, महावीर चमोली, पुनीता भंडारी, निर्मला उनियाल, पार्षद वीरेंद्र रमोला, जेएस राणा, सुरेंद्र सिंह सहित सैकड़ों की संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

छात्र-छात्राओं ने गंगा स्वच्छता की शपथ ली

श्रीदेव सुमन विवि परिसर ऋषिकेश के नमामि गंगे प्रकोष्ठ ने गंगा उत्सव मनाया। छात्र-छात्राओं ने गंगा स्वच्छता की शपथ के साथ ही गंगा आरती की।
शुक्रवार को त्रिवेणीघाट पर श्रीदेव सुमन विवि परिसर ऋषिकेश के नमामि गंगे प्रकोष्ठ द्वारा गंगा उत्सव आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि पार्षद चेतन चौहान ने किया। उन्होंने छात्र-छात्राओं को मेरा संकल्प के अंतर्गत गंगा स्वच्छता की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि हमें अपने क्षेत्र के गंगा तटों को साफ सुथरा रखना चाहिए। किसी भी प्रकार से सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग नहीं करना चाहिए। नमामि गंगे के नोडल अधिकारी डॉ. अशोक कुमार मेंदोला ने विचार रखे। इस दौरान छात्राओं द्वारा महागंगा आरती, दीपोत्सव, दीपदान, सांस्कृतिक कार्यक्रम, नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति दी। छात्रों ने गंगा आरती कर 251 दीपों की श्रृंखला त्रिवेणी घाट पर बनाई।
इस दौरान हिमांशु कुमार, अमित रतूड़ी, अमित चौहान, तुषार, सुधांशु, तन्मय, रितेश, सलोनी बिष्ट, रितिका, सृष्टि आर्य, प्रीति, मनीषा, माधुरी, शालू, सलोनी, अंबालिका, प्रियंका, अक्षिता, दीक्षा, अभिलाषा, रिया, वर्षा, प्राची, अंकिता, मितिक्षा, सुहानी, साक्षी, ज्योति, खुशी, वैष्णवी, दीक्षा सिंह, किरन, कशिश, शालिनी, मानसी आदि उपस्थित रहे प्

सामूहिक नृत्य में झूमे मंत्री अग्रवाल, इगास की दी बधाई

छिद्दरवाला में युवक मंगल दल और महिला मंगल दल की ओर से इगास महोत्सव धूमधाम से आयोजित किया गया। इस मौके पर क्षेत्रीय विधायक व कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने पारंपरिक वेशभूषा पहाड़ी टोपी पहनकर शिरकत करते हुए भेलो खेला और सांस्कृतिक कार्यक्रम में झूमकर सामूहिक नृत्य किया। मंत्री डॉ अग्रवाल ने आयोजक समिति को 11 हज़ार रूपए भी दान स्वरूप भेंट किये।
जोगीवाला माफी में आयोजित इगास महोत्सव कार्यक्रम का शुभारंभ मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस मौके पर मंत्री डॉ अग्रवाल ने पहाड़ी व्यंजन अरसे का स्वाद चखा और ग्रामीणों को इगास पर्व की बधाई दी।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा इगास पर्व पर अवकाश की घोषणा से राज्य की लोक संस्कृति को बल मिलेगा। प्रदेश में यह दूसरा मौक़ा है जब उत्तराखण्ड में लोकपर्व ईगास को लेकर अवकाश घोषित किया गया है। कहा कि इगास पर्व पहाड़ी क्षेत्रों तक सीमित न रहकर मैदानी क्षेत्रों में भी पहुंच गया है।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि युवाओं में इसकी लोकप्रियता बढ़ी हैं। इसका लाभ हमारे राज्य की संस्कृति को मिलेगा। कहा कि इस पर्व को देवोत्थान एकादशी के साथ ही गढ़वाल में इगास और कुमायूं में बूढ़ी दीपावली के रूप में मनाया जाता है।
इस मौके पर आंचलिक गीत मेरे बुढ़ा की ब्यो छे, और ऐ गे न बग्वाल के दिन पर मंत्री डॉ अग्रवाल झूमने पर मजबूर हुए। साथ ही पहाड़ी व्यंजन अरसे का आनंद भी लिया। इसके अलावा देवदार, भीमल या हींसर की लकड़ी आदि से बने भैलो को खेला।
इस मौके पर युवक मंगल दल के अध्यक्ष प्रमोद रावत, जगमोहन पंवार, महिला मंगल दल की अध्यक्ष सुशीला नेगी, संगीता असवाल, प्रधान सोबन सिंह कैंतुरा, महिला मोर्चा मण्डल अध्यक्ष समा पंवार, अनिता राणा, विमला नैथानी, रीना नेगी, बैशाख सिंह, क्षेत्र पंचायत सदस्य अमर खत्री, उप प्रधान शैलेन्द्र रांगड़, दीपा सजवाण, राजेंद्र बगियाल, सुरेंद्र रमोला, रोशन कुड़ियाल, अम्बर गुरुंग, धर्म सिंह, रतन नेगी आदि उपस्थित रहे।

पशुलोक विस्थापित की भूमि राजस्व अभिलेखों में दर्ज करने के निर्देश

विस्थापित क्षेत्र पशुलोक को भूमिधरी अधिकार मिलने की मांग को लेकर आज स्थानीय लोग कैबिनेट मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल से मिले। इस मौके पर मंत्री डा. अग्रवाल ने जिलाधिकारी देहरादून और सचिव राजस्व के साथ बैठक कर आवश्यक निर्देश दिए।
गुरूवार को ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र से विस्थापित पशुलोक निवासी लोगों का प्रतिनिधिमंडल कैबिनेट मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल से मिला। इस पर मंत्री डा. अग्रवाल ने मौके पर मौजूद जिलाधिकारी देहरादून सोनिका और सचिव राजस्व सचिन कुर्वे के साथ बैठक की। मंत्री डा. अग्रवाल ने बताया कि वर्ष 2000 में जनपद टिहरी के भागीरथी गांव के परिवारों को ऋषिकेश विधानसभा के पशुलोक में विस्थापित किया गया था।
मंत्री डा. अग्रवाल ने कहा कि लंबे समय से इन परिवारों द्वारा पशुलोक विस्थापित को राजस्व ग्राम की मांग उठाई गई। जिसे उनके अथक प्रयासों से वर्ष 2020 में राजस्व ग्राम घोषित किया गया। मंत्री डा. अग्रवाल ने बताया कि भूमिधरी का अधिकार इन्हें न मिलने के चले समस्याएं पैदा हो रही है।
मंत्री डा. अग्रवाल ने सचिव राजस्व सचिन कुर्वें को बैठक के दौरान निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि जल्द ही पशुलोक विस्थापित के लोगों को भूमिधरी का अधिकार दिया जाए। जिससे राजस्व अभिलेखों में सभी की भूमि दर्ज हो सके।
इस मौके पर पशुलोक विस्थापित के लोगों द्वारा मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल का आभार व्यक्त किया गया। इस दौरान जगदंबा सेमवाल, प्रताप सिंह राणा, बलवीर रावत, दिनेश बहुगुणा, रघुनाथ चौहान, विजय बिष्ट, मीना सजवाण आदि उपस्थित रहे।

बेडू ग्रुप ने सूचना महानिदेशक को भेंट की स्थानीय उत्पादों की ‘समूण‘’

उत्तराखंड के पौड़ी जिले की यमकेश्वर विधानसभा क्षेत्र के बिजनी छोटी में हर्बल उत्पादों का निर्माण कर रहे बेडू ग्रुप ने इस बार इगास पर स्थानीय उत्पादों की ‘समूण भेंट‘ करने की मुहिम शुरू की हुई है। राज्य सरकार ने जहां इगास पर अवकाश घोषित किया हुआ है वहीं बेडू ग्रुप का प्रयास है लोकपर्व इगास को सभी लोग अपने पारंपरिक रीति रिवाजों के साथ मनाने के अलावा एक-दूसरे को स्थानीय उत्पादों की समूण भेंट करें। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी बेडू ग्रुप की पहल की सराहना करते हुए लोगों से अपील भी कि है कि इगास पर्व की सार्थकता तभी है जब हम इस पर्व को अपनी संस्कृति, प्रकृति और उत्पादकता से जोड़ें।
इसी कड़ी में बेडू ग्रुप के सदस्यों दयाशंकर पांडेय, अमित अमोली और अवधेश नौटियाल ने सूचना महानिदेशक/एमडी जीएमवीएन बंशीधर तिवारी से मुलाकात कर उन्हें बेडू के बने हर्बल उत्पादों के साथ ही स्थानीय उत्पादों की समूण भेंट की। इस समूण में पारंपरिक व्यजन रोट, अरसे, बाल मिठाई, सिंगोरी सहित बेडू ग्रुप के द्वारा तैयार की गई हर्बल उत्पादों की किट है।
बंशीधर तिवारी ने इस पहल की सराहना करते हुए आम जनमानस से इस मुहिम में जुड़ने का आहवान किया ताकि संस्कृति व उत्पादकता के संबर्धन के साथ ही स्थानीय उत्पादों से जुड़े लोगों के चेहरों पर भी इगास में खुशियां देखने को मिले। उन्होंने कहा बेडू ग्रुप के अलावा राज्य की जो सक्षम संस्थाएं अपनी माटी और थाती के लिए समर्पित हैं, उन्हें भी इस तरह का समूण अभियान चलाना चाहिए। इससे स्थानीय लोग अपने घरों में ही अरसा, रोट व अन्य स्थानीय उत्पादों का निर्माण करेंगे तो यह हमारी संस्कृति को बचाने व आर्थिकी को मजबूत करने के लिए सकारात्मक प्रयास होगा।
बेडू द मिशन प्राइवेट लिमिटेड के ट्रेडिंग एंड प्रोडक्शन डायरेक्टर अमित अमोली ने बंशीधर तिवारी जी को अवगत कराया कि हमने लोकपर्व इगास पर समाज के विभिन्न वर्गों के प्रमुख लोगों को बेडू के शुद्ध हर्बल उत्पादों के साथ ही रोट, अरसे और सिंगोरी, बाल मिठाई की कंडी बनाकर समूण के तौर पर देने का अभियान चलाया है। हमारे पास अभी सीमित संसाधन हैं, ऐसे में कम ही लोगों तक पहुंच बन रही है, लेकिन भविष्य में इस अभियान को और विस्तृत किया जायेगा ताकि त्यौहारों पर उत्तराखंडी उत्पादों की भी धूम देखने को मिले।
अमित अमोली ने बेडू ग्रुप द्वारा तैयार किये जा रहे हर्बल प्रोडक्ट के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि हमने यह सब प्रोडक्ट आमजनमानस के स्वास्थ्य औऱ पर्यावरण को ध्यान में रखकर बनाये है, साथ ही जन सामान्य के लिये किफायती दरों में उपलब्ध कराए है। हमारी हर्बल उत्पादों की टीम में स्थानीय 100 से अधिक लोगों की मेहनत जुड़ी हुई है यह सभी पूंजी लगाने के साथ बेडू को ब्रांड बनाने में योगदान दे रहे हैं। बेडू के जो प्रोडक्ट लांच हुए है उनमें सेनेटाइजर, हैंड वाश, बॉडी लोशन, हेयर ऑयल, हैंड मेड गोट मिल्क कोकोनट एंड वनीला साबुन, हैंड मेड चारकोल एंड वनीला साबुन, कंडेशनिंग हेयर क्लीनर, मॉश्चराइजिंग बॉडी वाश, हैड वाश, मॉश्चराइजिंग एंड बॉडी लोशन, फेस वॉश, सनस्क्रीन लोशन, प्यूरिफाइंग उबटन, हिमालयन पिंक साल्ट स्क्रब एंड बॉडी पॉलिशर, वालनट फेस स्क्रब आदि लॉन्च हो गए हैं जो बाजार में उपलब्ध हैं।
बेडु के उत्पादों की अगर बात की जाय तो इसने शैम्पू, साबुन, तेल इत्यादि के उत्पाद में यहां पर्याप्त मात्रा में होने वाले भेमल के पेड़ के पत्ते, रेशे, बीज इत्यादि का भरपूर मात्रा में इस्तेमाल करते हुए इन उत्पादों को निर्मित किया है जो यकीनन बेहतरीन माने जा रहे हैं। बेडू द मिशन निकट भविष्य में भेमल, षण, भांग इत्यादि के रेशों से वस्त्र उत्पाद भी करेगी जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में खूब डिमांड है। उन्होंने कहा हमारा मकसद सिर्फ पलायन रोकना नहीं बल्कि रिवर्स माइग्रेशन करवाना भी है ताकि हमारे लोग अपनी जड़ों की ओर वापस लौटे।